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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow26 Jan 2025, 12:13 pm

Amroha: गणतंत्र दिवस पर खेड़का में भव्य रैली, युवाओं ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

Amroha, Uttar Pradesh:

अमरोहा के गांव खेड़का में गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को एक भव्य रैली निकाली गई। यह रैली ग्राम खेड़का से शुरू होकर यूसुफपुर स्थित शहीद अरविंद यादव की प्रतिमा तक गई। करीब 2,000 युवाओं ने देशभक्ति से भरी इस रैली में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में नबील चौधरी सहित कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और नेता शामिल रहे। रैली के दौरान युवाओं ने देशभक्ति के नारे लगाए और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। शहीद अरविंद यादव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर नबील चौधरी ने कहा कि शहीदों का बलिदान हमें प्रेरित करता है और हमें उनकी कुर्बानी को हमेशा याद रखना चाहिए।

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ललितपुर के लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर से बिजली बिल भारी, चार गुना बढ़ोतरी

ASAMIT SONIJust now
Lalitpur, Uttar Pradesh:स्मार्ट मीटर को लेकर ललितपुर जिले में भी आम जनता काफी परेशान है ,लगातार पीड़ित लोग सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं लेकिन इसके वावजूद उन्हें कोई राहत मिलती हुई नजर नही आ रही है । स्मार्ट मीटर लगने के बाद से मध्यमवर्ग और मजदूर वर्ग के परिवारों की कमर तोड़कर रख दी है , पीड़ित जनता का आरोप है कि जबसे उनके घरों पर स्मार्ट मीटर लगाये गये हैं । तभी से उनके मीटर से बिजली का बिल पहले से चार चार गुना आ रहा है , वहीं इन्हें प्रीपेड भी कर दिया गया । जो और भी अधिक समस्या का कारण बन गये हैं , इस भीषण गर्मी में हर 10-15 दिनों में बिजली का बिल भरना पड़ता है प्रीपेड करने के बाद जैसे ही पैसे खत्म हो जाते हैं तो ये अपने आप बिजली बंद कर देता है । जिससे रात रातभर बिजली गुल रहती है ,जिसे फिर से जुड़वाने के लिये कई कई घँटे लाइनों में लगना पड़ रहा है । ऐसे ही कई पीड़ित परिवारों से हमारे संवाददाता ने वार्ता की , जिनमे से ललितपुर के घुसयाना मोहल्ले में रहने वाली लीलादेवी ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनवाया था । जिसमें बिजली कनेक्शन भी दिया गया ,जिससे उनके घर पर स्मार्ट मीटर लगाया गया । उन्होने पुराने मीटर का बिल दिखाया जो 1400 रुपये था लीला देवी का कहना है कि जब उनके घर पर पुराना काला मीटर लगा था तब उनके यहां मात्र 200 रुपए और 300 रुपये bill आता था । जिसके बाद मीटर बदला तो गर्मियों में बिल करीब 1400 तक दो माह का बिजली बिल आता था लेकिन अब हर महीने हजारों रुपये का बिल आ रहा है । ऐसे में अपने परिवार का पेट पालने के लिये कमाये या बिजली विभाग का बिल भरने के लिये अब हर 10 दिन में बिजली का हजारों रुपये का बिल भरना पड़ रहा है । ऐसे ही घुसयाना मोहल्ला निवासी मुरारीलाल ग्वाला और रमेश खटीक भी स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बढ़े हुये बिजली के बिलों से काफी परेशान हैं । वहीं तालाबपुरा निवासी आशीष तिवारी का कहना है कि उनके घर पर जबसे स्मार्ट मीटर लगा है तब से उनका घर का बिजली बिल दोगुना आने लगा है इन स्मार्ट मीटरों को हटाया जाना चाहिये ।
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रीको द्वारा राजस्थान वित्त निगम को 50 करोड़ सहयोग: MSMEs को ऋण सुदृढ़, रोजगार बढ़ेंगे

Jaipur, Rajasthan:रीको द्वारा राजस्थान वित्त निगम को 50 करोड़ रुपये का अंश राशि सहयोग दिए जाने की स्वीकृति मिली है ताकि राज्य के MSMEs को ऋण उपलब्ध कराकर आर्थिक विकास को गति दी जा सके। 2024-25 की संशोधित बजट घोषणा के अनुसार राज्य सरकार और रीको ने 50-50 करोड़ रुपये के सहयोग की घोषणा की थी, जिसके तहत रीको के निदेशक मंडल की स्वीकृति के बाद शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट किया गया और चरणबद्ध राशि जारी की जा रही है। अभी तक 20 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। रीको द्वारा जारी अंश राशि सहयोग की एवज में राजस्थान वित्त निगम को समतुल्य मूल्य के इक्विटी अंश आवंटित किया जाएगा। इस सहयोग से राजस्थान वित्त निगम MSMEs को ऋण स्वीकृत कर सकेगा, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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एनएच-52 पर पिकअप पलटने से 10 घायल, हादसे की वजह जांच में

Sikar, Rajasthan:सीकर जिले के रींगस इलाके में एनएच-52 पर एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें सवार करीब 10 लोग घायल हो गए। हादसा लाखनी मोड़ के समीप उस समय हुआ जब सभी लोग मालासी दर्शन कर लौट रहे थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल रींगस के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार पिकअप चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ने से यह दुर्घटना हुई। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई,हालांकि कुछ घायलों को गंभीर चोटें आई हैं। एएसआई अमरसिंह ने बताया कि सभी घायलों का इलाज चल रहा है और मामले की जांच की जा रही है।
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रतलाम में अक्षय तृतीया पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह: 167 दुल्हनों को गृहस्थी मिली

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम अक्षय तृतीया हिंदू संस्कृति में बेहद शुभ और पवित्र तिथि मानी जाती है। इस दिन धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और विशेष रूप से विवाह के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए इसे अबूझ सावा भी कहा जाता है। यही कारण है कि इस दिन बड़ी संख्या में विवाह संपन्न होते हैं। इसी कड़ी में रतलाम जिले के कुंडाल गांव स्थित प्राचीन कोटेश्वर महादेव क्षेत्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में रतलाम ग्रामीण और सैलाना विधानसभा क्षेत्र के कुल 167 जोड़ों का विवाह विधि-विधान से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शासन की ओर से प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 49 हजार रुपये की सहायता राशि के चेक भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर भी शामिल हुए। उन्होंने अपनी ओर से प्रत्येक दुल्हन को गृहस्थी का सामान भेंट किया। वही दंपत्ति को एक एक पौधा वितरित किया, विधायक मथुरालाल डामर ने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे पावन अवसर पर यह सेवा करना सौभाग्य की बात है और सरकार की योजना से कई परिवारों को नई शुरुआत मिली है।
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माचकोट जंगल में अवैध अतिक्रमण: 14 आरोपी गिरफ्तार, रिमांड पर जेल

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर जिले के माचकोट इलाके में वन भूमि में अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है, जानकारी के अनुसार सुकमा जिले से आए कुल 14 व्यक्तियों के द्वारा माचकोट रेंज में दो अलग अलग जगह पर जंगल को नुकसान पंहुचा कर वन भूमि में कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था, सूचना मिलते ही वन विभाग के दस्ते ने मौके पर पहुंच 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 एवं लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के प्रावधानों के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है, कोर्ट के आदेश पर 14 आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है。
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हरियाणा में जे-फॉर्म से पेमेंट की मांग, 20 अप्रैल को मार्केट कमेटी के गेट बंद

Hansi, Haryana:हरियाणा में गेहूं लिफ्टिंग पर नहीं बल्कि पंजाब की तर्ज पर जे-फार्म आधारित किसान पेमेंट प्रक्रिया शुरू होने की उठी मांग, आढ़ती बोले ठेके पर दिया पोर्टल, उठान धीमा, किसानों की पेमेंट अटकी, 20 अप्रैल को हरियाणा की सभी मार्केट कमेटी के दफ्तरों पर लगेगा ताला पंजाब की तर्ज पर हरियाणा में भी जे-फार्म के आधार पर किसानों को पेमेंट होने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठी है। फिलहाल हरियाणा में गेहूं की लिफ्टिंग होने व गोदाम में अनाज पहुंचने के 72 घंटे के बाद किसान को पेमेंट होने का रूल है। इस लिफ्टिंग आधार पर पेमेंट प्रक्रिया को बदलकर जे-फार्म आधारित प्रक्रिया शुरू करने के लिए किसान व अनाज मंडी आढ़तियों ने मांग की है। हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन व भारतीय किसान मजदूर यूनियन का कहना है कि सरकार ने अनाज मंडी के खरीद पोर्टल को प्राइवेट एजेंसी को ठेके पर दे रखा है। पोर्टल ठीक ढंग से नहीं चल रहा है। जिसके कारण किसान व आढ़ती काफी परेशान हैं। उठान न होने से किसानों की पेमेंट अटकी हुई है। गेहूं खरीद के इन नए नियमों के विरोध में किसान नेताओं और आढ़तियों ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। हांसी में बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 20 अप्रैल को मार्केट कमेटी के गेट पर तालाबंदी कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। भारतीय किसान मजदूर यूनियन प्रधान सुरेश कोथ ने कहा कि 20 अप्रैल को होने वाले प्रदर्शन में किसानों की भारी भीड़ एकत्रित होगी। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूरे हरियाणा में मार्केट कमेटी के दफ्तरों को सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक ताला बंदी की जाएगी। किसानों और अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामअवतार तायल ने कहा कि नए नियमों से न केवल खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बल्कि किसानों को अपनी फसल बेचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में कमी है और इससे किसानों के हितों को नुकसान पहुंच रहा है। अनाज मंडियों में लाखों क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है लेकिन उठान समय पर नहीं हो रहा है। उठान न होने से किसानों के बैंक खाते में गेहूं की पेमेंट भी नहीं हो रही है। जिसके कारण अनाज मंडी आढ़ती व किसान दोनों ही परेशान हैं। उन्होंने कहा कि गेहूं बेचने आए किसानों का बार-बार अंगूठा लगाना, आंखें स्कैन करना व्यवहारिक नहीं है। प्रधान रामअवतार तायल ने कहा कि किसानों व आढ़तियों के प्रदर्शन के बाद सरकार ने मैनुअल गेट पास काटने के आदेश जारी किए। लेकिन ऑनलाइन गेट पास के बगैर किसानों के खातों में पेमेंट नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपना पोर्टल सिस्टम दुरुस्त रखे। किसान नेता सुरेश कौथ व व्यापारी नेता डॉ. राम अवतार तायल ने कहा कि हरियाणा सरकार पंजाब सरकार की तर्ज पर किसानों की पेमेंट जारी करे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में उठान के बाद 72 घंटे में पेमेंट होने का नियम है। लेकिन यहां उठान बहुत ही धीमी गति से हो रहा है। उनकी मांग है कि जे- फार्म के आधार पर किसानों को सरकारी खजाने से पेमेंट हो जानी चाहिए। किसान नेता धर्मपाल बडाला ने कहा कि हरियाणा में उठान की कछुआ चाल के कारण किसानों को गेहूं बेचने के कई दिन तक पेमेंट का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने विशेष रूप से जे-फॉर्म के आधार पर खरीद प्रणाली लागू करने की माँग की, ताकि किसानों को भुगतान और रिकॉर्ड में किसी प्रकार की परेशानी न हो। किसान नेताओं और आढ़तियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल की तालाबंदी सिर्फ शुरुआत है और जरूरत पड़ी तो आगे बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। किसानों और आढ़तियों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की अपील की है, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके और किसी को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
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खंडवा में जंगल कब्जे के विरोध में महिलाओं ने जेसीबी के सामने डटीं

Khandwa, Madhya Pradesh:खंडवा में फॉरेस्ट की जमीन से कब्जा हटाने के दौरान वन विभाग की टीम और कब्जाधारियों के बीच जमकर हंगामा हुआ। हंगामा के दौरान महिलाएं जेसीबी के सामने खड़ी हो गईं। बोलीं - कई पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं, घर और खेत नहीं उजाड़ने देंगे। इस दौरान वन विभाग के रेंजर का विवादित बयान भी वायरल हो गया जिसमें वह कब्जाधारियों की कब्र खोदने की बात कह रहे हैं। मामला मांधाता विधानसभा क्षेत्र के नारलाय गांव का है। यहां लगभग 30 एकड़ जमीन पर कब्जा हटाने के लिए डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व में राजस्व और वन विभाग की टीम कब्जा हटाने पहुंची थी। यह जमीन ओंकारेश्वर पर्वत पर बना रहे अद्वैत्य लोक के बदले वन विभाग को उपलब्ध कराई गई थी। लेकिन यहाँ लोगों का वर्षों से कब्जा है यह लोग यहाँ रहते हुए खेती कर रहे हैं। कब्जा हटाने के दौरान वन विभाग की टीम और आदिवासियों के बीच जमकर बहस हुई। वन विभाग के खंडवा रेंजर शंकर सिंह चौहान ने कहा - ज्यादा फालतू बात करना मत, यहीं कब्र बना दूंगा, तुम्हारे गांव वाले देखते रह जाएंगे। जेसीबी से करीब एक दर्जन झोपड़ियां तोड़ी गईं, और पौधारोपण के लिए कंटूर ट्रेंच भी खोदे गए। लोगों का कहना है कि इस जमीन को लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है, फिर भी कार्रवाई की गई। वन विभाग का कहना है कि कोर्ट का जो भी निर्णय होगा उसका पालन किया जाएगा। फिलहाल जंगल की जो जमीन मुक्त है उस पर पौधारोपण करने की तैयारी की जा रही है। रेंजर ने अपनी सफाई में कहा कि कुछ लोग कब्जा हटाने की कार्रवाई में शामिल महिला डिप्टी कलेक्टर अधिकारी और कर्मचारियों पर पत्थर से हमला करने की कोशिश कर रहे थे, इसी दौरान आवेश में इस तरह की बात कह दी उनकी ऐसी कोई मंशा नहीं थी।
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