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चानपटिया की बंद चीनी मिल खुलेगी, एथेनॉल-बायो सीएनजी-సौर ऊर्जा से रोजगार के अवसर

Bettiah, Bihar:बेतिया से अच्छी खबर है चनपटिया में दशकों से बंद चीनी मिल खुलने का रास्ता खुल गया है चनपटिया में बंद चीनी मिल की जगह पर नई चीनी मिल खुलेगी एक ऐसा चीनी मिल जिसमें एथेनॉल प्लांट होगा बायो सीएनजी प्लांट होगा इलेक्ट्रिसिटी के लिए सौर ऊर्जा का भी प्लांट होगा जी हां ये हम नहीं कह रहे है दिल्ली से आई निरीक्षण करने केंद्रीय टीम के तीन सदस्यीय टीम ने चनपटिया में नई चीनी खोलने की बात कही है। गन्ना उद्योग बिहार सरकार के निर्देश पर राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना संघ नई दिल्ली के वरीय पदाधिकारियों ने बंद चीनी मिल का निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान एनएफसीएफ के चीफ एडवाइजर डॉ.आर. बी.डॉले निरीक्षण के दौरान रिपोर्ट तैयार की है निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि किसी भी बड़े चीनी उद्योग के लिए कम से कम एक सौ एकड़ जमीन का होना अनिवार्य है बंद चीनी मिल के पास 60 से 80 एकड़ जमीन उपलब्ध है जिससे यह चीनी मिल चलाया जा सकता है। केंद्रीय टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि बंद चीनी मिल काफी पुराना है जिसका रिपेयर कर चलाना काफी मुश्किल है इसलिए इस जगह पर नई चीनी मिल खोला जाएगा जो आधुनिक होगा जिसमें एक साथ एथेनॉल प्लांट बायो सीएनजी और इलेक्ट्रिसिटी के सौर ऊर्जा प्लांट एक साथ खोला जाएगा भविष्य को देखते हुए 40 साल आगे के लिए यह प्लांट खोला जाएगा जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों की संख्या में रोजगार का सृजन होगा लाखों किसान नए प्लांट पर निर्भर रहेंगे जिससे क्षेत्र के विकास में काफी गति मिलेगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि चनपटिया चीनी मिल की रिपोर्ट बिहार सरकार और दिल्ली सरकार को जल्द सौंप दी जाएगी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में 25 चीनी मिल खोलने का रोड मैप तैयार किए है 25 चीनी मिले जिसमें कुछ बंद है और कुछ नए मिलाकर 25 चीनी मिल बिहार में खोलना है।दिल्ली की टीम ने बताया की चनपटिया की बंद पड़ी चीनी मिल के जगह सरकार नई चीनी मिल खोलेगी जिसमें अन्य और प्लांट होंगे और वह आधुनिक होगा। बता दे की समृद्धि यात्रा के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रमना के मैदान में चनपटिया के बंद चीनी मिल खोलने का मंच से ऐलान किए थे आज पश्चिम चंपारण के चनपटिया के किसानों में खुशी की लहर है मुख्यमंत्री का किया हुआ वादा धरातल पर उतरते दिखाई दे रहा है लाखों किसानों के हित और हजारों रोजगार प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने लगा है आमलोग में आज उम्मीद की नई किरण दिखने लगी है। बता दे समृद्धि यात्रा के दौरान 16 जनवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस खस्ताहाल चीनी मिल खोलने का बेतिया के रमना मैदान में ऐलान किए थे तभी से यह उम्मीद जग गई थी कि चनपटिया के आंगन में चीनी मिल किसानों के लिए खुशी लेकर आएगा 1998 से बंद पड़ा यह चीनी मिल का अब खुलने की आस बढ़ गई है खुशी इस बात की है बंद चीनी मिल की जगह पर नई चीनी मिल खुलेगा जिसमें एक साथ एथेनॉल बायो सीएनजी सौर ऊर्जा के भी प्लांट होंगे जिससे किसानों तरक्की रोजगार के अवसर अभी से दिखने लगे है क्षेत्र का चहुओर विकास होगा इसके भी आसार दिखने लगे है लेकिन ये कब तक होगा ये देखने वाली बात होगी。
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चानपटिया में बंद चीनी मिल खुलने से रोजगार के साथ क्षेत्रीय विकास की लहर

Bettiah, Bihar:बेतिया से अच्छी खबर है चनपटिया में दशकों से बंद चीनी मिल खुलने का रास्ता खुल गया है चनपटिया में बंद चीनी मिल की जगह पर नई चीनी मिल खुलेगी एक ऐसा चीनी मिल जिसमें एथेनॉल प्लांट होगा बायो सीएनजी प्लांट होगा इलेक्ट्रिसिटी के लिए सौर ऊर्जा का भी प्लांट होगा जी हां ये हम नहीं कह रहे है दिल्ली से आई निरीक्षण करने केंद्रीय टीम के तीन सदस्यीय टीम ने चनपटिया में नई चीनी खोलने की बात कही है। गन्ना उद्योग बिहार सरकार के निर्देश पर राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना संघ नई दिल्ली के वरीय पदाधिकारियों ने बंद चीनी मिल का निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान एनएफसीएफ के चीफ एडवाइजर डॉ.आर. बी.डॉले निरीक्षक के दौरान रिपोर्ट तैयार की है निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि किसी भी बड़े चीनी उद्योग के लिए कम से कम एक सौ एकड़ जमीन का होना अनिवार्य है बंद चीनी मिल के पास 60 से 80 एकड़ जमीन उपलब्ध है जिससे यह चीनी मिल चलाया जा सकता है। केंद्रीय टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि बंद चीनी मिल काफी पुराना है जिसका रिपेयर कर चलाना काफी मुश्किल है इसलिए इस जगह पर नई चीनी मिल खोला जाएगा जो आधुनिक होगा जिसमें एक साथ एथेनॉल प्लांट बायो सीएनजी और इलेक्ट्रिसिटी के सौर ऊर्जा प्लांट एक साथ खोला जाएगा भविष्य को देखते हुए 40 साल आगे के लिए यह प्लांट खोला जाएगा जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों की संख्या में रोजगार का सृजन होगा लाखों किसान नए प्लांट पर निर्भर रहेंगे जिससे क्षेत्र के विकास में काफी गति मिलेगी निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि चनपटिया चीनी मिल की रिपोर्ट बिहार सरकार और दिल्ली सरकार को जल्द सौंप दी जाएगी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में 25 चीनी मिल खोलने का रोड मैप तैयार किए है 25 चीनी मिले जिसमें कुछ बंद है और कुछ नए मिलाकर 25 चीनी मिल बिहार में खोलना है।दिल्ली की टीम ने बताया की चनपटिया की बंद पड़ी चीनी मिल के जगह सरकार नई चीनी मिल खोलेगी जिसमें अन्य और प्लांट होंगे और वह आधुनिक होगा बतादे की समृद्धि यात्रा के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रमना के मैदान में चनपटिया के बंद चीनी मिल खोलने का मंच से ऐलान किए थे आज पश्चिम चंपारण के चनपटिया के किसानों में खुशी की लहर है मुख्यमंत्री का किया हुआ वादा धरातल पर उतरते दिखाई दे रहा है लाखों किसानों के हित और हजारों रोजगार प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने लगा है आमलोग में आज उम्मीद की नई किरण दिखने लगी है। बतादे समृद्धि यात्रा के दौरान 16 जनवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस खस्ताहाल चीनी मिल खोलने का बेतिया के रमना मैदान में ऐलान किए थे तभी से यह उम्मीद जग गई थी कि चनपटिया के आंगन में चीनी मिल किसानों के लिए खुशियां लेकर आएगा 1998 से बंद पड़ा यह चीनी मिल का अब खुलने की आस बढ़ गई है खुशी इस बात की है बंद चीनी मिल की जगह पर नई चीनी मिल खुलेगा जिसमें एक साथ एथेनॉल बायो सीएनजी सौर ऊर्जा के भी प्लांट होंगे जिससे किसानों तरक्की रोजगार के अवसर अभी से दिखने लगे है क्षेत्र का चहुओर विकास होगा इसके भी आसार दिखने लगे है लेकिन ये कब तक होगा ये देखने वाली बात होगी
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गोंडा में पशु तस्कर गैंग के 2 सदस्य गिरफ्तार, नगद 1.27 लाख और हथियार बरामद

Gonda, Uttar Pradesh:खबर गोंडा से है। जहां नवाबगंज पुलिस और SOG टीम को बड़ी सफलता मिली है पुलिस मुठभेड़ में अंतर्जनपदीय पशु तस्कर गैंग के 2 सदस्य गिरफ्तार किए गए है। नवाबगंज पुलिस और SOG टीम के साथ हुई मुठभेड़ में बदमाश दद्दन के दाहिने पैर में गोली है और गोली लगने से घायल बदमाश को इलाज के लिए गोंडा मेडिकल अस्पताल ले जाया गया है। दद्दन के साथ उसका साथी फारूख भी पुलिस के हत्थे चढ़ा है घायल बदमाश दद्दन का इलाज चल रहा है। ये दोनों बदमाश शातिर किस्म में है और अयोध्या के रौनाही क्षेत्र के रहने वाले है। जहां ये लोग गोंडा और बस्ती जनपदों में पशु तस्करी का काम करते थे। भैंस चोरी के मामले में इनके ऊपर कई मुकदमे दर्ज है और देर रात नवाबगंज पुलिस को इसके बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद police टीमें लगी जहां पिकअप लेकर के जा रहे हैं इन बदमाशों को रोका गया। तो पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दिया जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस देने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से भैंस चोरी करके बेच कर अर्जित किया गया 1.27 लाख नकद रुपए,1-1 तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस, 1 चार पहिया वाहन बरामद हुआ है। दद्दन खां पर गोंडा और बस्ती जनपदों में 8 और फारूख पर पशु तस्करी के 4 मुकदमे दर्ज है जिनमें पुलिस को इनकी तलाश थी। ये लोग बीती रात नवाबगंज थाना क्षेत्र में भैंस चोरी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे जहां पुलिस और SOG टीम की संयुक्त कार्रवाई में इनको गिरफ्तार किया हैं। पुलिस दोनों बदमाशों से पूछताछ कर इनके द्वारा किए गए तस्करी के और कारनामों को खंगालने में जुटी है।
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थाना आशियाना क्षेत्र में नाबालिग के साथ दुष्कर्म का केस दर्ज, गिरफ्तारी की तैयारी

Noida, Uttar Pradesh:थाना आशियाना दिनांक- 07.04.2026 विषय- थाना आशियाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना के संबंध में। । विवरण- आज दिनांक 07.04.2026 को थाना आशियाना क्षेत्रांतर्गत नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म किए जाने के संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना आशियाना पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है। उक्त प्रकरण में नामजद अभियुक्त को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है तथा पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस उपायुक्त मध्य, अपर पुलिस उपायुक्त मध्य, सहायक पुलिस आयुक्त कैंट के द्वारा मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया व फॉरेंसिंक टीम के द्वारा घटनास्थल पर साक्ष्य संकलन किया गया है। अन्य आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। थाना आशियाना प्रकरण में डीसीपी मध्य, श्री विक्रांत वीर द्वारा दी गई बाइट
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चंदौली में DM ने गौशालाओं में बायोगैस प्लांट से गैस सस्ती, किसान खुश

Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग : चंदौली... - डीएम चंद्र मोहन गर्ग एकौनी गांव पहुंचे, बायोगैस प्लांट का किया निरीक्षण - चंद्र प्रकाश सिंह से प्लांट की कार्यप्रणाली की ली पूरी जानकारी - जनपद की सभी गौशालाओं में बायोगैस व्यवस्था लागू करने के निर्देश - सस्ती गैस उपलब्ध कराकर एलपीजी समस्या से राहत दिलाने की पहल - गौशालाओं के गोबर का उपयोग कर फर्टिलाइजर व अन्य उत्पाद विकसित करने का निर्देश - सीडीओ जगत प्रकाश को सभी गौशालाओं की कार्ययोजना बनाने के आदेश - एकौनी गांव में 125 घरों को सस्ती गैस मिल रही, मॉडल बना उदाहरण - मिडिल ईस्ट तनाव के बीच वैकल्पिक गैस व्यवस्था पर जोर - डीएम ने कि चंद्र प्रकाश के इस प्रयास की सराहना दिया, हर संभव मदद का भरोसा
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दिन-दहाड़े दहशत: लाठियों की गूंज से कांपा गांव, खून से लथपथ पीड़ितों को देख दहल जाएगा दिल!

Ajeet MishraAjeet MishraFollow21m ago
Basti, Uttar Pradesh:अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती: कानून का इकबाल खत्म! पैकोलिया में दबंगों का 'नंगा नाच', खून से सनी चांदा खुर्द की गलियां दिन-दहाड़े दहशत: लाठियों की गूंज से कांपा गांव, खून से लथपथ पीड़ितों को देख दहल जाएगा दिल! लाइव वीडियो सबूत फिर भी खाकी मौन! पैकोलिया पुलिस की सुस्ती या दबंगों को संरक्षण? बस्ती पुलिस को चुनौती: सरेआम हुआ जानलेवा हमला, घंटों बाद भी FIR दर्ज न होना शर्मनाक! कहाँ है कानून का खौफ? चांदा खुर्द में दबंगों ने घर फूंका या इंसानियत? पुलिस की कार्रवाई पर सवाल! ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश 08 अप्रैल, 2026 बस्ती। जनपद के पैकोलिया थाना क्षेत्र के चांदा खुर्द गांव में आज मानवता शर्मसार हो गई और कानून की धज्जियां उड़ती नजर आईं। कंबाइन मशीन ले जाने जैसे मामूली विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि गांव देखते ही देखते कुरुक्षेत्र के मैदान में तब्दील हो गया। मनबढ़ दबंगों ने घर में घुसकर महिलाओं और पुरुषों पर लाठियों की बरसात कर दी, जिससे कई लोग लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। दहशत का वो मंजर: घंटों चटकी लाठियां प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हमलावर इस कदर बेखौफ थे कि उन्हें न तो पुलिस का डर था और न ही समाज का। दिन-दहाड़े हुए इस खूनी संघर्ष में दबंगों ने पीड़ित रामकृष्ण दुबे के घर पर चढ़कर तांडव मचाया। चीख-पुकार और अफरातफरी के बीच लाठियां घंटों तक चटकती रहीं। इस हमले में कई महिला-पुरुष गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने दबंगों की मनमानी का विरोध किया। घायलों की हालत नाजुक, जिला अस्पताल रेफर घटना की सूचना पर पहुंची पीआरबी 112 ने आनन-फानन में घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गौर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। घायलों के शरीर पर मौजूद गहरे जख्म दबंगों की हैवानियत की गवाही खुद दे रहे हैं। पुलिस की सुस्ती या दबंगों को शह? हैरानी की बात यह है कि पीड़ित रामकृष्ण दुबे के पास इस पूरी बर्बरता का 'लाइव वीडियो' सबूत के तौर पर मौजूद है। वीडियो में हमलावर साफ तौर पर तांडव मचाते दिख रहे हैं। इसके बावजूद, घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी पैकोलिया पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। बड़ा सवाल: क्या बस्ती पुलिस किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है? आखिर वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद पुलिस की कलम क्यों कांप रही है? न्याय की गुहार, आक्रोश में ग्रामीण पीड़ित पक्ष ने थाने में लिखित तहरीर देकर आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। गांव में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। कंबाइन विवाद, खूनी संघर्ष: बस्ती के पैकोलिया में जमकर बरसी लाठियां, कई घायल! बस्ती ब्रेकिंग: दबंगों ने घर पर बोला धावा, रामकृष्ण दुबे के परिवार पर टूटा कहर! खौफनाक: चांदा खुर्द में कंबाइन मशीन को लेकर भिड़े दो पक्ष, रणक्षेत्र बना गांव! अब देखना यह है कि बस्ती पुलिस इन 'सफेदपोश' गुंडों पर नकेल कसती है या फिर कागजी कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है।
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मोहन नगर के घर में भीषण आग, लाखों का नुकसान, परिवार बचाने में कामयाब

Chapra, Bihar:मोहन नगर में भीषण आग, लाखों की संपत्ति जलकर राख शहर के मोहन नगर इलाके में बीती रात एक घर में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की इस घटना में लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आनंद मिश्रा अपने परिवार के साथ रात में घर में सोने चले गए थे। इसी दौरान अचानक घर के मुख्य दरवाजे से लेकर निचले मंजिल तक आग लग गई। आग तेजी से फैलने के कारण घर में मौजूद कई सदस्य अंदर ही फंस गए। हालांकि, परिवार के लोगों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के मोहल्लेवासी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। वहीं, सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस हादसे में घर में रखा सामान पूरी तरह जल गया है। प्रारम्भिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपये की क्षति हुई है। आग लगने के कारणों का अब तक स्पष्ट पता नहीं चल सका
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गोबर गैस से एकौनी गांव बना ऊर्जा आत्मनिर्भर, 125 घरों में पाइपलाइन सप्लाई

Chandauli, Uttar Pradesh:देश प्रदेश में चल रही एलपीजी संकट के बीच मिसाल बना एकौनी गांव, गोबर गैस घर-घर में हो रही है सप्लाई. यूपी के जनपद चंदौली के एक गांव ऊर्जा आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गया है। एलपीजी की बढ़ती किल्लत के बीच ग्रामीणों ने गोबर गैस को अपनाकर नई राह दिखाई है. लगभग 125 घरों में पाइपलाइन के जरिए बायोगैस पहुंच रही है, जिससे गांव अब खुद अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी कर रहा है। यह संभव हुआ है एक युवा सोच के कारण, जिसने NIT भोपाल से बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद अपने गांव का रुख किया और अपने पिता के गौशाला को आज इस मुकाम पर पहुंचा दिया। तस्वीरें नेशनल हाईवे 19 किनारे स्थित एकौनी गांव की हैं, जहाँ गोबर गैस अब लोगों के घर-घर तक पाइपलाइन के जरिए पहुंच रही है। लगभग 125 घरों में सुबह-शाम निर्धारित समय पर गैस की सप्लाई की जाती है, जिससे लोगों को खाना बनाने में कोई दिक्कत नहीं होती। एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग, कीमत और किल्लत की समस्या से ग्रामीणों को राहत मिल गई है। एक एलपीजी सिलेंडर के खर्च के आधी कीमत पर गैस मिल रही है। इस गैस पर बने खाने का स्वाद भी अच्छा है और सबसे बड़ा फायदा महिलाओं को हो रहा है, जिन्हें अब समय मिल रहा है ताकि वे अपने अन्य कामों पर ध्यान दे पाएं। इस पहल की शुरुआत गांव के युवा उद्यमी चंद्रप्रकाश सिंह ने की. साल 2021 में उन्होंने अपने गौशाला को बड़े स्तर पर विकसित कर गोबर गैस प्लांट लगाया। शुरुआत में लोगों को समझाने में दिक्कतें आईं, लेकिन फायदे समझ आने पर कनेक्शन लेने वालों की संख्या बढ़ती गई। आज प्लांट पूरे गांव के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत बन चुका है। चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि शुरुआत में काफी दिक्कतों का सामना किया गया, लेकिन हार नहीं मानी गई और इसका परिणाम यह हुआ कि पूरे देश में एलपीजी गैस किल्लत और परेशानी के बीच एकौनी गांव की चर्चा हो रही है। गांव की महिलाओं के लिए यह व्यवस्था बेहद फायदेमंद साबित हो रही है; महिलाएं कहती हैं गोबर गैस सस्ती, सुरक्षित और धुआं रहित है, जिससे रसोई का वातावरण बेहतर हुआ है और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ा है। अब गैस की चिंता नहीं रहती और उनके पास अपने लिए समय भी मिल रहा है, खाने के स्वाद में भी सुधार की बात ग्रामीण बता रहे हैं। इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह स्थानीय संसाधनों पर आधारित है; गोबर से तैयार हो रही गैस न सिर्फ ऊर्जा जरूरत पूरी कर रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान दे रही है। अब यह पहल दूसरे गांवों के लिए प्रेरणा बनती जा रही है।
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