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Navneet AgarwalNavneet AgarwalFollow29 Oct 2024, 06:27 am
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ओबीसी शिष्यवृत्ति के लिए निधि कमी, भंडारा में बड़ा प्रदर्शन; मांग तेज़

Bhandara, Maharashtra:ओबीसी विद्यार्थ्यांच्या शिष्यवृत्तीसाठी महाराष्ट्र शासनाकडे पुरेसा निधी उपलब्ध नसल्याची बाब समोर आल्यानंतर ओबीसी समाजात तीव्र संताप व्यक्त होत आहे. या पार्श्वभूमीवर ओबीसी बांधवांच्या वतीने भंडाऱ्यातील त्रिमूर्ती चौकातून भव्य मोर्चा काढण्यात आला. या मोर्चात मोठ्या संख्येने समाजबांधव सहभागी झाले होते. आंदोलकांनी राज्य सरकारविरोधात जोरदार घोषणाबाजी करत शिष्यवृत्तीचा निधी तातडीने उपलब्ध करून विद्यार्थ्यांना न्याय द्यावा, अशी मागणी केली. शासनाने ओबीसी विद्यार्थ्यांच्या शैक्षणिक हक्कांशी तडजोड़ करू नये, अन्यथा आंदोलन अधिक तीव्र करण्याचा इशाराही यावेळी देण्यात आला.
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झारखंड: बैंक की देरी से इलाज न मिलाने पर आदिवासी रतन लकड़ा की मौत, धरना प्रदर्शन

Narayanpur, Jharkhand:झारखण्ड के गढ़वा जिले में बैंक ने समय पर रुपया नहीं दिया, इलाज के अभाव में आदिवासी रतन लकड़ा की मौत हो गई; आक्रोषित परिजनों ने शव के साथ बैंक में धरना दिया, कहा बैंक की लापरवाही से मौत हुई। कहने को झारखण्ड आदिवासी बहुल इलाका है पर यहां इलाज के अभाव में लोग दम तोड़ रहे हैं क्योंकि सिस्टम की लापरवाही है: बैंक में रुपया पड़ा हुआ है लेकिन ई-केवाईसी नहीं होने के कारण पैसा नहीं निकला गया; जब तक ई-केवाईसी पूरा होता मृतक के परिजनों को पैसा नहीं मिला और इलाज रुक गया। समय पर पैसा नहीं मिलने के कारण आज आक्रोषित परिजनों एवं ग्रामीणों ने झारखण्ड ग्रामीण बैंक के सामने धरना दिया। परिजनों ने कहा कि बैंक मैनेजर ई-केवाईसी के लिए तीन माह दौड़ाए, फिर रीजनल मैनेजर के कहने पर पिता के बीमार हालत के बावज़ूद मरणासन पर(bank) बैंक लाए तो ई-केवाईसी हुआ, लेकिन इसके बाद भी पैसा निकालने के लिए उन्हें बार-बार दौड़ना पड़ा और आज मौत हो गई। मृतक को सरकार से मिलने वाली पेंशन की राशि से इलाज होना था, जो अब नहीं हो पाया; शव लेने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। इस संबंध में बैंक के अधिकारी बोले कि ई-केवाईसी हो गया था लेकिन परिवारजन पैसा निकालने नहीं आए थे, जिसकी वजह से पैसा नहीं निकला।
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पोलादपूर के नाणेघोळ में पर्वत दरारें, ग्रामस्थ सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर

Chendhare, Maharashtra:पोलादपूर तालुक्यातील देवळे ग्रुप ग्रामपंचायत हद्दीतील नाणेघोळ गावाजवळ अतिवृष्टीमुळे डोंगर परिसरात सुमारे अर्धा किलोमीटर अंतरावर जमिनीला अर्धा ते एक फूट रुंदीच्या भेगा पडल्या आहेत. प्रशासनाच्या पाहणीत अर्धवर्तुळाकार स्वरूपात भूभागाला तडे गेल्याचं आढळून आले आहे. ग्रामस्थांमध्ये भीतीचं वातावरण आहे. संभाव्य भूस्खलनाचा धोका लक्षात घेऊन ग्रामस्थांचे तातडीने सुरक्षित स्थळी स्थलांतर करण्यात आले. गावाच्या कायमस्वरूपी पुनर्वसनासाठी आणि घरकुलांचा प्रस्ताव शासनाकडे पाठवण्यात येणार असल्याची माहिती तहसीलदार कपिल घोरपडे यांनी दिली.
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डहमा पंचायत में जलजमाव: स्थाई समाधान अभी तक नहीं, ग्रामीण गंदे पानी से जूझ रहे

Barh, Bihar:बाढ़ अनुमंडल में डहमा पंचायत में भुआपुर के लोग कई वर्षों से जलजमाव की समस्या से परेशान हैं। गांव में नाला नहीं बनने से पूरे गांव का गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है। इस मुख्य रास्ते से आस पास के कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीण प्रतिदिन आते जाते हैं। कई बार वाहन चालक भी गंदे पानी में गिरकर घायल हो गए हैं। महिलाओं और बच्चों को भी इसी गंदे पानी से होकर जाना पड़ता है। गांव में नाले के पानी को रोकने के लिए पहले गड्ढे का निर्माण किया गया था, जिसमें बच्चों को डूबने की आशंका से ग्रामीणों ने भर दिया। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से भी इसकी शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ। ग्रामीण विकास विभाग और पंडारक के अंचल अधिकारी ने सड़क के एक तरफ 6 फीट गड्ढा कर जल निकासी का प्रयास किया, लेकिन बारिश आते ही गड्ढे का पानी भी अब सड़क पर बहने लगा है। ग्रामीणों ने बताया ग्रामीण विकास विभाग और सीओ के बीच जेसीबी से गड्ढे की खुदाई का पैसा भुगतान करने को लेकर भी विवाद हो गया। इसके बाद ग्रामीणों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया। ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नाला निर्माण के लिए फंड की कमी होने से इसका स्थाई समाधान नहीं हो सका है। मुखिया प्रतिनिधि ने भी कई बार सरकारी अधिकारियों से मिलकर नाला निर्माण के लिए फंड जुटाने का प्रयास किया, लेकिन अभी तक इसका कोई स्थाई समाधान नहीं निकला है।
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बिदुपुर के जमीन विवाद में हथियारबंदों का भीषण हमला, पांच लोग घायल

Hajipur, Bihar:वैशाली के बिदुपुर में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एक महिला ने आरोप लगाया है कि हथियारबंद लोगों ने घर पर धावा बोलकर जमकर मारपीट की, फायरिंग की और सोने का लॉकेट छीन लिया। घटना में एक ही परिवार के पांच लोग घायल हुए हैं। पीड़िता ने बिदुपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है।मामला बिदुपुर थाना क्षेत्र के कथौलिया गांव का है। पीड़िता टुसा देवी के आवेदन के मुताबिक, तीन जुलाई को कुछ लोग हथियार के साथ उनके घर पहुंचे और एक पुराने केस को वापस लेने का दबाव बनाने लगे। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।आरोप है कि दबँग हथियारों के साथ पहुंचे और जमीन जोतने का विरोध करने पर लोहे की रॉड, लाठी और अन्य हथियारों से हमला बोल दिया। पीड़िता का आरोप है कि हमलावरों ने फायरिंग भी की, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।इस हमले में टुसा देवी, उनके पति दिनेश राय, पुत्र अंकित कुमार, पुत्री मुस्कान कुमारी और ससुर राजदेव राय घायल हो गए। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि मारपीट के दौरान अंकित कुमार के गले से सोने का बजरंगबली लॉकेट छीन लिया गया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल रेफर किया गया।पीड़िता का दावा है कि पूरी घटना का वीडियो उनके पास मौजूद है। उन्होंने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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एसडीएम की मानवता: देर रात घायल को बचाया, अस्पताल पहुंचाया

Damoh, Madhya Pradesh:देर रात सड़क पर घायल पड़ा था युवक, एसडीएम ने दिखाई मानवता..एंकर/ दमोह जिले के तारादेही तेंदूखेड़ा मार्ग पर बीती रात एक व्यक्ति की जान बचाने का काम हुआ है और इस काम को इलाके के एसडीएम ने अंजाम दिया है। दरअसल इस रोड पर एक बाइक सवार सड़क किनारे डला था रास्ते से होकर कई लोग निकल गए लेकिन किसी ने घायल की तरफ देखने की जहमत नहीं उठाई, इस रोड से तारादेही एक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे एसडीएम सी जी गोस्वामी की नजर घायल पर पड़ी तो उन्होंने गाड़ी को.रुकवाया, एसडीएम को देख कर और भी लोग रुक गए और फिर देखा तो घायल की साँसे चल रही थी एसडीएम ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी तो कुछ ही मिनट में एंबुलेंस वहां पहुंची और घायल को तेंदूखेड़ा सिविल अस्पताल लेकर आया गया जहां खुद एसडीएम गोस्वामी ने अपनी मौजूदगी में इलाज कराया, घायल के परिजनों को खबर कर बुलाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने की वजह से उसे जबलपुर रेफर किया गया है वहीं डॉक्टर्स की माने तो घायल व्यक्ति को गंभीर चोटें है और कुछ देर और उसे इलाज नहीं मिलता तो उसकी जिंदगी बचने की उम्मीद कम थी लेकिन एक अफसर की मानवीयता ने फिलहाल जान को महफ़ूज़ किया है और एसडीएम के इस काम की लोग सराहना भी कर रहे हैं। बाइट/ डॉ अशोक बड़ोनिया ( ब्लाक मेडिकल आफिसर तेंदूखेड़ा दमोह) बाइट/ सी जी गोस्वामी ( एडीएम तेंदूखेड़ा दमोह)
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अकोला खदान पुलिस ने प्रतिबंधित गुटखा जप्त, दो लाख रुपये मूल्य का बरामद

Akola, Maharashtra:अकोला शहरातील खदान पोलिसांनी प्रतिबंधित गुटख्याविरोधात मोठी कारवाई करत सिंधी कॅम्प परिसरातून सुमारे अडीच लाख रुपयांचा गुटखा जप्त केला आहे. गुप्त माहितीच्या आधारे पोलिसांनी गुलशन गुलानी यांच्या गोदामावर छापा टाकून ही कारवाई केली. राज्यभरात अन्न व औषध प्रशासनाचे आयुक्त तुकाराम मुंढे यांच्या धडक मोहिमेनंतर गुटखा माफियांमध्ये खळबळ उडाली असली, तरी अकोला शहरातील काही मोठे गुटखा विक्रेते अद्याप कारवाईच्या कक्षेबाहेर असल्याची चर्चा आहे. दरम्यान, या कारवाईमुळे शहरातील अवैध गुटखा विक्रेत्यांमध्ये पुन्हा एकदा भीतीचे वातावरण निर्माण झाले आहे. खदान पोलिसांना सिंधी कॅम्प परिसरातील एका गोदामात मोठ्या प्रमाणात प्रतिबंधित गुटखा साठवून ठेवण्यात आल्याची माहिती मिळाली होती. त्यानुसार पोलिस निरीक्षक मनोज केदारे यांच्या मार्गदर्शनाखाली पथकाने छापा टाकला. या कारवाईत विविध कंपन्यांचा सुमारे अडीच लाख रुपयांचा गुटखा जप्त करण्यात आला. याप्रकरणी संबंधितांविरुद्ध गुन्हा दाखल करण्याची प्रक्रिया सुरू असून गुटख्याचा साठा नेमका कुठून आणण्यात आला आणि त्याचे वितरण कुठे होत होते, याचा तपास पोलीस करत आहेत. या कारवाईनंतर शहरातील अवैध गुटखा विक्रेत्यांचे धाबे दणाणले आहेत.
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मानसून में नैनीताल: गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित प्रसव की तैयारी तेज

Haldwani, Uttarakhand:मानसून के दौरान संभावित आपदाओं, भूस्खलन और सड़क संपर्क बाधित होने की आशंका को देखते हुए नैनीताल जिले में स्वास्थ्य विभाग ने मातृ एवं शिशु सुरक्षा के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। जुलाई से अक्टूबर के बीच प्रसव संभावित 3314 गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनकी नियमित निगरानी और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने की तैयारी की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में जुलाई में 827, अगस्त में 855, सितंबर में 765 और अक्टूबर में 867 महिलाओं की डिलीवरी संभावित है। इन सभी गर्भवती महिलाओं की लगातार स्वास्थ्य निगरानी की जाएगी और समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। डॉ. रश्मि पंत, सीएमओ, नैनीताल मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे गर्भवती महिलाओं के लगातार संपर्क में रहें, उन्हें समय पर स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाएं और किसी भी परिस्थिति में घर पर प्रसव न होने दें। आवश्यकता पड़ने पर बर्थ वेटिंग होम की सुविधा का भी उपयोग किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी ब्लॉकों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और बारिश के दौरान बाधित होने वाले मार्गों की पहचान कर अग्रिम तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील इलाकों में 108 एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। साथ ही बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के लिए भी स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया है。 डॉ. रश्मि पंत, सीएमओ, नैनीताल स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि दूरस्थ और हाई-रिस्क क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को समय रहते बर्थ वेटिंग होम में शिफ्ट किया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सके।
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