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झालावाड़ में नवजात को संरक्षण, 60 दिन बाद गोद दिलाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू

Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ झालावाड़ जिले के मनोहरथाना कस्बे के टनटोकरी बालाजी मार्ग पर पांच दिन पहले लावारिस अवस्था में मिले नवजात बालक को आखिरकार सुरक्षित आश्रय मिल गया। आज जिला अस्पताल पहुंची बाल कल्याण समिति ने नवजात को अपने संरक्षण में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। ऐसे में अब बालक को विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी के माध्यम से नियमानुसार 60 दिनों बाद गोद दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शिवराज सिंह हाड़ा, सदस्य गजेंद्र सेन तथा समिति की टीम जनाना अस्पताल पहुंची। यहां उप अधीक्षक डॉ. राधेश्याम बैरवा की मौजूदगी में अस्पताल प्रशासन ने नवजात को समिति के सुपुर्द किया। इसके बाद बालक को राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी में प्रवेश दिलाया गया। मामले में जानकारी देते हुए समिति अध्यक्ष शिवराज सिंह हाड़ा ने बताया कि मनोहरथाना टनटोकरी बालाजी मार्ग पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा नवजात को छोड़ दिया गया था। पुलिस को सूचना मिलने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार और देखभाल की जा रही थी। उन्होंने बताया कि 60 दिनों बाद निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तथा बालक को “लीगली फ्री फॉर अडॉप्शन” घोषित किए जाने के बाद केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण के नियमों के अनुसार उसे योग्य दंपती को गोद दिया जाएगा। बाल कल्याण समिति के सदस्य गजेंद्र सेन ने बताया कि नवजात पूरी तरह स्वस्थ है। उसकी नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी तथा एजेंसी में उसके पोषण, देखभाल और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस दौरान शिशु गृह के कोऑर्डिनेटर दीपक गौतम, मेल नर्स शारिक बेग, एनआईसीयू प्रभारी परमेश्वर गुप्ता, ड्यूटी डॉक्टर सहित अस्पताल का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। अस्पताल प्रशासन और बाल कल्याण समिति ने नवजात के सुरक्षित भविष्य के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। गौरतलब है कि पांच दिन पहले मनोहरथाना टनटोकरी बालाजी मार्ग पर नवजात के मिलने की घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। समय रहते उसे सुरक्षित अस्पताल पहुंचा दिया गया, जिससे उसकी जान बच सकी। अब कानूनी संरक्षण मिलने के बाद उसके बेहतर भविष्य की राह भी प्रशस्त हो गई है। बाल कल्याण समिति का सदस्य गजेंद्र सेन बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत अज्ञात बालक का जल्द ही नामकरण किया जाएगा。
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दो साल पहले मरम्मत के बाद स्कूल भवन खतरे में, छत से मलबा गिर रहा

Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा नगरपालिका के इंदिरा गांधी वार्ड क्रमांक 07 स्थित नवीन प्राथमिक शाला से एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। महज़ दो साल पहले 'स्कूल जतन योजना' के तहत जिस भवन की मरम्मत कराई गई थी, उसकी छत अब जगह-जगह से टूटकर गिरने लगी है। लगातार गिरते प्लास्टर और कंक्रीट से बच्चों की जान पर खतरा मंडराने लगा, जिसके चलते स्कूल प्रबंधन ने एहतियातन सभी बच्चों की छुट्टी कर दी। शिक्षिका के अनुसार पहले कक्षाओं की छत से प्लास्टर गिरा, तो बच्चों को हॉल में बैठाया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद हॉल की छत से भी मलबा गिरने लगा। इससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्कूल प्रबंधन ने इस गंभीर स्थिति की लिखित जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी और नगरपालिका को भेज दी है। अधिकारियों ने जल्द आवश्यक व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस भवन की मरम्मत पर सरकारी राशि खर्च हुई, वह सिर्फ दो साल में ही जर्जर कैसे हो गया ...विकास के दावों के बीच यह मामला निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। बाइट 1 सजनी यादव वार्ड क्रमांक 7 पार्षद।
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राजस्थान स्कॉलरशिप घोटाला: 30 संस्थानों ने फर्जी दस्तावेज़ से करोड़ों चुरा लिए

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-राजस्थान में স্কॉलरशिप के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. गलत दस्तावेज़ों के जरिए करोड़ों की छात्रवृत्ति ली. उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के नाम से सालों तक छात्रवृत्ति लेने का खेल चला. आखिरकार कैसे पात्र छात्रों के नाम से खुली लूट मची, देखें संवाददाता आशीष चौहान की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में। स्कॉलरशिप के नाम से करोड़ों की लूट - पात्र छात्रों का हक़ पर छात्रवृत्ति की डाका.... फर्जी दस्तावेजों के जरिए खुला खेल... राजस्थान में फर्जी स्कॉलरशिप के नाम से शिक्षण संस्थानों ने सरकार को करोड़ों का चूना लगाया. फर्जी दस्तावेजों के जरिए कुटरचित तरीके से छात्रवृत्ति का खुलासा हुआ. यानी बिना छात्रों के ही शिक्षण संस्थान करोड़ों की छात्रवृत्ति लेते रहे. चौकाने वाली बात ये है कि यह फर्जीवाड़ा एक नहीं दो नहीं बल्कि 30 शिक्षण संस्थानों ने खुला खेल किया. सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग की उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के जरिए स्कॉलरशिप का लाभ मिलता है. लेकिन शिक्षण संस्थान ने झूठे दस्तावेजों के जरिए छात्रवृत्ति योजना के नाम से करोड़ों की लूट मचाई. अब राज्य सरकार ने इन 30 शिक्षण संस्थानों को 3 से 5 साल तक के लिए ब्लैक लिस्टेड किया है. उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना क्या है? उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग द्वारा चलाई जाने वाली एक ऐसी योजना है जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के स्टूडेंट्स को 10वीं कक्षा के बाद की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है. मुख्य पात्रता - आवेदक को संबंधित राज्य का मूल निवासी होना चाहिए. छात्र अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), या आर्थिक पिछड़ा वर्ग (EBC,General) से संबंधित होना चाहिए. विद्यार्थी किसी मान्यता प्राप्त राजकीय या निजी शिक्षण संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत होना चाहिए. परिवार की वार्षिक आय सीमा संबंधित वर्ग और राज्य के नियमों के अनुसार निर्धारित होती है. ये शिक्षण संस्थान, जिन्होंने मचाई लूट- रावत कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइनस अलवर, एन प्राइवेट इंड्रस्टियल इंस्टिट्यूट , आयुष्मान इंडस्टियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, बालाजी, बीआर डिग्री कॉलेज, चंदेल इंस्टिट्यूट, गुरुकृपा महाविघायाल, गुरुकुल पोलोटेक्टिनक कॉलेज चौमूं, गुरुकुल आईटीआई, IGMS BSTC स्कूल, ज्योतिबा ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, किसान प्राइवेट इंस्टिट्यूट, मेरीगोल्ड बीएड कॉलेज, नारायण मेडिकल कॉलेज, नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जयपुर, आरएस प्राइवेट ट्रेनिंग इंस्टट्यूट, राज टीगोर इंडस्ट्रीअल इंस्टिट्यूट, रविंद्रनाथ टैगोर लॉ कॉलेज, सरस्वती प्राइवेट इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्ट्सटूट, श्रीश्याम प्राइवेट इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, SLBS, स्वाभीमान, विवेकानंद प्राइवेट आईटीआई मोलासर नागौर. डिबार हुए, अब एफआईआर दर्ज होगी- लूट मचाने वाले शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ 3 साल तक के लिए या संस्थान को होल्ड किए जाने की तारीख से 5 साल की अवधि के लिए जो भी बाद में हो उसे डिबार किया गया है. इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों के लंबित सभी आवेदन पत्रों को निरस्त किया गया है. अब सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग धाराएं 420,177,197,198,199,200 के तहत एफआईआर दर्ज करवाएगा. नोट-इस खबर की फीड OFC से स्लग से भेजी गई है।
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राजस्थान में 30 संस्थानों के तहत फर्जी स्कॉलरशिप घोटाला; करोड़ों की लूट

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में स्कॉलरशिप के नाम से करोड़ों की लूट, गलत दस्तावेजों के जरिए 30 शिक्षण संस्थानों ने उठा ली छात्रवृत्ति जयपुर-राजस्थान में स्कॉलरशिप के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. गलत दस्तावेजो के जरिए करोड़ों की छात्रवृत्ति ली. उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के नाम से सालो तक छात्रवृत्ति लेने का खेल चला. स्कॉलरशिप के नाम से करोडो की लूट- स्कॉलरशिप के नाम पर करोडो की लूट....पात्र छात्रों का हकों पर छात्रवृत्ति की डाका....फर्जी दस्तावेजों के जरिए हुआ खुला खेल...! राजस्थान में फर्जी स्कॉलरशिप के नाम से शिक्षण संस्थानों ने सरकार को करोडों का चूना लगाया.फर्जी दस्तावेजों के जरिए कूटरचित तरीके से छात्रवृत्ति का खुलासा हुआ.यानि बिना छात्रों के ही शिक्षण संस्थान करोड़ों की छात्रवृत्ति लेते रहे.चौकाने वाली बात ये है कि ये फर्जीवाड़ा एक नहीं दो नहीं बल्कि 30 शिक्षण संस्थानों ने खुला खेल किया. सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग की उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में जरिए स्कॉलरशिप का लाभ मिलता है.लेकिन शिक्षण संस्थाओं ने झूठे दस्तावेजों के जरिए छात्रवृत्ति योजना के नाम से करोड़ों की लूट मचाई.अब राज्य सरकार ने इन 30 शिक्षण संस्थानों को 3 से 5 साल तक के लिए ब्लैक लिस्टेड किया है. उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना क्या है? उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग द्वारा चलाई जाने वाली एक ऐसी योजना है. जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के स्टूडेंट्स को 10वीं कक्षा के बाद की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है. मुख्य पात्रता - आवेदक को संबंधित राज्य का मूल निवासी होना चाहिए. छात्र अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), या आर्थिक पिछड़ा वर्ग (EBC,General) से संबंधित होना चाहिए. विद्यार्थी किसी मान्यता प्राप्त राजकीय या निजी शिक्षण संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत होना चाहिए.परिवार की वार्षिक आय सीमा संबंधित वर्ग और राज्य के नियमों के अनुसार निर्धारित होती है. ये शिक्षण संस्थान,जिन्होंने मचाई लूट- रावत कॉलेज आॅफ वेटरनरी एंड एनीमल सांइस अलवर,एन प्राइवेट इंड्रस्ट्रीयल इंस्टट्यूट,आयुष्मान इंड्रस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट,बालाजी,बीआर डिग्री कॉलेज,चंदेल इंस्टट्यूट,गुरूकृपा महाविघायल,गुरूकुल पोलोटेक्टिनक कॉलेज चौमूं,गुरूकुल आईटीआई,आईजीएम बीएसटीसी स्कूल,ज्योतिबा ट्रेनिंग इंस्ट्यूट,किसान प्राइवेट इंस्ट्यूट,मेरीगोल्ड बीएड कॉलेज,नारायण मेडिकल कॉलेज,नेताजी सुभाष चंद बोस मेडिकल कॉलेज जयपुर,आरेस प्राइवेट ट्रेनिंग इंस्टट्यूट,राज टीगोर इंडस्क्ट्रीयल इंस्टट्यूट,रविंद्र नाथ टेगोर लॉ कॉलेज,सरस्वती प्राइवेट इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्स्टूट,श्रीश्याम प्राइवेट इंडस्ट्रीअल ट्रेनिंग इंस्टूट,एसएलबीएस,स्वाभीमन,विवेकानंद प्राइवेट आईटीआई मोलासर नागौर. डिबार हुए,अब एफआईआर दर्ज होगी- लूट मचाने वाले शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ 3 साल तक के लिए या संस्थान को होल्ड किए जाने की तारीख से 5 साल की अवधि के लिए जो भी बाद में हो उसे डिबार किया गया है.इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों के लंबित सभी आवेदन पत्रों को निरस्त किया गया है.अब सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग धाराएं 420,177,197,198,199,200 के तहत एफआईआर दर्ज करवाएगा.
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धौलपुर के चार छप्परपोश मकानों में भीषण आग, लाखों का नुकसान

Dholpur, Rajasthan:अज्ञात कारणों से चार छप्परपोश मकानों में लगी भीषण आग, धौलपुर। जिले के सैपऊ थाना क्षेत्र के गांव मठ पिपरीपुरा में देर रात अज्ञात कारणों से चार छप्परपोश मकानों में भीषण आग लग गई। करीब आधे घंटे तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे चार परिवारों के आशियाने जलकर राख हो गए। आग की इस घटना में लाखों रुपये की नकदी, अनाज, आभूषण, वाहन सहित गृहस्थी का पूरा सामान जलकर नष्ट हो गया। पीड़ित परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं。 पीड़िता आशा देवी ने बताया कि उनके पति की करीब पांच वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। वह बच्चों के सहारे परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। मंगलवार रात करीब तीन बजे परिवार के सभी सदस्य गहरी नींद में थे, तभी अचानक छप्परपोश मकान में आग लग गई। देखते ही देखकर आग ने पास के अन्य छप्परपोश मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। सबसे पहले बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घर में रखे तीन गैस सिलेंडरों को भी समय रहते खेत में फेंक दिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग में करीब एक लाख रुपये की नकदी, एक बाइक, एक साइकिल, 50 क्विंटल गेहूं, 10 क्विंटल सरसों, सोने-चांदी के आभूषण, कपड़े, बर्तन और पशुओं का भूसा सहित पूरा घरेलू सामान जलकर राख हो गया। फीस के लिए रखे एक लाख रुपये भी जले आग की इस घटना में आशा देवी के देवर कल्ला का भी भारी नुकसान हुआ। कल्ला अपने पुत्र शिवम को नीट की तैयारी के लिए कोटा भेजने की तैयारी कर रहे थे। उसकी फीस जमा कराने के लिए संदूक में रखे एक लाख रुपये भी आग में जलकर राख हो गए। इसके अलावा आशा देवी के अलग रह रहे पुत्र संदीप तथा कल्ला के पुत्र सौरभ का भी पूरा आशियाना आग की भेंट चढ़ गया। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आग ने वर्षों की मेहनत से जुटाई गई पूरी गृहस्थी पलभर में छीन ली। ग्राम सरपंच वेदप्रकाश कुशवाह ने बताया कि घटना की सूचना प्रशासन को दे दी गई है। पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग से करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। थाना प्रभारी प्रवेन्द्र कुमार रावत ने बताया आग हादसे का निरीक्षण किया है। चार परिवारों का घरेलू सामान और नगदी जलकर राख हुई है। पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दिलाई जाएगी।
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राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर ईमानदारी का दबाव; अखिलेश के बयानों पर कानूनी कार्रवाई चेतावनी

Noida, Uttar Pradesh:Lucknow (Uttar Pradesh): Keshav Prasad Maurya (Deputy Chief Minister, BJP) on Ram Temple Donation Row/ Champat Rai's Resignation/ Awadhesh Prasad's Remarks/ Prime Minister Narendra Modi's Indonesia Visit/ Akhilesh Yadav's 2027 Uttar Pradesh Claim श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े लोगों और संस्थाओं की ईमानदारी पर ज़ोर दिया गया है और कहा गया है कि उनकी ईमानदारी पर कोई सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए। इसमें राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण का विरोध करने वालों की नासमझी को उजागर किया गया है और अखिलेश यादव जैसे कुछ नेताओं के बयानों की आलोचना की गई है। इसमें निशिकांत दुबे के एक ट्वीट और उस पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया का ज़िक्र है, साथ ही अयोध्या और मंदिर की छवि खराब करने वालों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया है। लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान मिलने का भी ज़िक्र है और बताया गया है कि वे दुनिया के एकमात्र ऐसे नेता हैं जिन्हें 35 देशों से सर्वोच्च सम्मान मिला है। आख़िर में, 2027 तक सरकार बनाने के अखिलेश यादव के दावे को खारिज करते हुए कहा गया है कि जब तक भारत और उत्तर प्रदेश में उल्लेखनीय विकास नहीं हो जाता, तब तक न तो कांग्रेस और न ही समाजवादी पार्टी सत्ता में आएगी。
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चांडिल-कांड्रा मार्ग के पुल से हाइवा गिरा: चालक घायल, सुरक्षा इंतजाम की मांग तेज

Jamshedpur, Jharkhand:चांडिल-कांड्रा मार्ग पर हाइवा पुल से नहर में गिरा, चालक घायल, पुल बना हादसों का कारण सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड में मंगलवार को दो अलग-अलग जगहों पर हाइवा वाहन के अनियंत्रित होकर नहर में गिरने से हड़कंप मच गया। चांडिल-कांड्रा मुख्य मार्ग और कटया ब्लॉक क्षेत्र के पुल पर हुए हादसों में एक चालक घायल हुआ जबकि एक बाल-बाल बच गया। पहली घटना चांडिल-कांड्रा मुख्य मार्ग पर चैनपुर के पास हुई। कोयला लदा हाइवा संख्या JH 05CU0759 अनियंत्रित होकर पुल से नीचे कैनाल में जा गिरा। इस हादसे में चालक घायल हो गया। दूसरी घटना चांडिल प्रखंड के कटया ब्लॉक क्षेत्र में ब्लॉक रोड के नहर के पुल के पास हुई। यहां भी एक हाइवा अनियंत्रित होकर नहर में गिर गया। गनीमत रही कि चालक बाल-बाल बच गया। ये पुल हमेशा से हादसों का कारण बना हुआ है। यहां सुरक्षा रेलिंग और चेतावनी का कोई बोर्ड नहीं है। रात में तो और भी खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल और सड़क की खराब स्थिति तथा सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण इस इलाके में दुर्घटनाओं की आशंका हमेशा बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल के दोनों ओर सुरक्षा रेलिंग, चेतावनी संकेतक और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय जल्द लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। दोनों मामलों में पुलिस मौके पर पहुंची और वाहनों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन से लोगों ने NH और ग्रामीण सड़कों पर सुरक्षा मानकों को तुरंत दुरुस्त करने की मांग की है。
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मूंग खरीदी मात्रा बढ़ाने को लेकर किसान आंदोलन चौथे दिन जारी

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:हरदा जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में किसानों का धरना-प्रदर्शन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। किसान समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की मात्रा बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि वर्तमान में निर्धारित खरीदी की मात्रा पर्याप्त नहीं है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि सीमित खरीदी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। धरना स्थल पर किसानों ने सरकार से मूंग की खरीदी की मात्रा बढ़ाकर किसानों की उपज खरीदे जाने की मांग की। धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने किसानों के लिए भोजन भी बनाया। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा。
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कम वेतन मिलने से नाराज बिजली कर्मचारियों का नौगावां सादात बिजलीघर पर धरना-प्रदर्शन।

JAYDEV SINGHJAYDEV SINGHFollow4m ago
Amroha, Uttar Pradesh:स्लग - कम वेतन मिलने से नाराज बिजली कर्मचारियों का नौगावां सादात बिजलीघर पर धरना, पूरी सैलरी मिलने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान एंकर - जनपद अमरोहा के नौगावां सादात विद्युत उपकेंद्र पर मंगलवार को बिजली कर्मचारियों ने कम वेतन मिलने के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विभाग में भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बीच दिन-रात मेहनत करने के बावजूद उन्हें अपेक्षा से कम वेतन दिया गया है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना था कि वे लगातार बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हैं। तेज गर्मी, बारिश और अन्य विषम परिस्थितियों में भी उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि कम वेतन मिलने से उनके परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी पूरी और निर्धारित सैलरी का भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों से जल्द से जल्द उनकी समस्या का समाधान करने और बकाया अथवा कटे हुए वेतन का भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी बाइट - मरगूब बिजली कर्मचारी बाइट - श्रवण बिजली कर्मचारी
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हाई Court गोवंश जब्ती पर बड़ा सवाल, अंतरिम कस्टडी पर फैसला अभी बाकी

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। हाईकोर्ट ने गोवंश की जब्ती और उनकी अंतरिम कस्टडी को लेकर एक कानूनी सवाल पर सुनवाई शुरू की है। हाईकोर्ट यह तय करने जा रहा है कि क्या गोवंश तस्करी या अवैध परिवहन के मामलों में दर्ज एफआईआर के बाद, ट्रायल आपराधिक अदालतों को जब्त मवेशियों को अंतरिम कस्टडी में सौंपने का अधिकार है, या विशेष कानून के चलते इस पर कोई पाबंदी है।मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने की। कोर्ट ने इस संवेदनशील और जटिल कानूनी विषय पर अदालत की सहायता के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता नौशीना आफरीन अली को न्याय मित्र नियुक्त किया है। साथ ही राज्य के महाधिवक्ता को भी कोर्ट में उपस्थित रहकर इस मामले में विशेष सहयोग देने के लिए कहा है। मामले किअगली सुनवाई15 जुलाई को होगी। हाई कोर्ट ने 18 मार्च 2021 को इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न के उत्तर के लिए मामले को लार्जर बेंच को रेफर किया था। यदि पुलिस गोवंश से जुड़े किसी मामले में मवेशियों को जब्त करती है, तो क्या मजिस्ट्रेट कोर्ट को उन मवेशियों को अंतरिम रूप से किसी को सौंपने का अधिकार है, या छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की विशेष धाराएं अदालत के इस अधिकार को पूरी तरह रोक देती हैं।2 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता मोहम्मद वासिम कुरैशी के अधिवक्ता ऋषिकांत महोबिया ने कोर्ट को बताया, मूल मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ चल रहा मुकदमा ट्रायल कोर्ट में पहले ही पूरा हो चुका है और उसे दोषमुक्त किया जा चुका है। इस लिहाज से व्यक्तिगत तौर पर इस याचिका में अब कुछ शेष नहीं बचा है। डिवीजन बेंच ने कहा, भले ही मुख्य आरोपी बरी हो चुका हो, लेकिन सिंगल जज द्वारा लार्जर बेंच के सामने जो बुनियादी कानूनी सवाल भेजा गया है, उसका जवाब तय होना राज्य के अन्य सभी मामलों के लिए अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य के लिए स्थिति साफ हो सके।राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने डिवीजन बेंच के सामने पक्ष रखते हुए कहा कि यह विषय काफी महत्वपूर्ण कानूनी बारीकियों से जुड़ा है, इसलिए उन्हें इस केस का अध्ययन करने और अपनी तैयारी पूरी करने के लिए कुछ समय की आवश्यकता है। डिवीजन बेंच ने महाधिवक्ता के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है, न्याय मित्र नौशीना आफरीन अली को पूरी याचिका, संलग्न दस्तावेजों और अब तक की सभी ऑर्डर शीट्स का एक पूरा सेट तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
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इंदौर के सियागंज में चोरी CCTV में कैद, बाजार में भय फैला

Indore, Madhya Pradesh:इंदौर के सियागंज थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। देर रात क्षेत्र की तीन दुकानों में चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। सियागंज शहर का प्रमुख इलेक्ट्रिकल होलसेल मार्केट है। व्यापारियों का कहना है कि थाना क्षेत्र के नजदीक होने के बावजूद लगातार चोरी की घटनाएं हो रही हैं, जिससे व्यापारियों में भय और नाराजगी का माहौल है। व्यापारियों के अनुसार पिछले एक महीने में करीब पांच बार दुकानों को निशाना बनाया जा चुका है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से चोरों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। व्यापारियों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
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