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SSHUBHAMBARANWALFollow14 Mar 2025, 09:16 am
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अंबेडकर भवन में अंतर्जातीय शादी, बाबा साहब और संविधान को साक्षी मानकर जीवनसाथी चुना

Banka, Bihar:Anchor-संविधान और बाबा साहब को साक्षी मानकर हुई अनोखी अंतर्जातीय शादी, । बांका के अमरपुर प्रखंड क्षेत्र के खेमीचक स्थित अंबेडकर भवन में शुक्रवार अहले सुबह करीब 3:30 बजे एक अनोखी अंतर्जातीय विवाह संपन्न कराया गया। इस विवाह की खास बात यह रही कि दूल्हा-दुल्हन ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और भारतीय संविधान को साक्षी मानकर एक-दूसरे का जीवनसाथी बनने की शपथ ली।जानकारी के अनुसार, छोटी सीढ़ी गांव निवासी पिंटू दास के पुत्र एमपी राज और संदूर गांव निवासी चंदन मंडल की पुत्री सोनी कुमारी पिछले करीब दो वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों परिवारों की सहमति और रजामंदी के बाद अंबेडकर भवन में सामाजिक रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ विवाह संपन्न कराया गया।इस अनोखे विवाह के दौरान उपस्थित लोगों ने नवदंपति को शुभकामनाएं दीं और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। संविधान और सामाजिक समानता के संदेश के साथ संपन्न हुआ यह विवाह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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गाजियाबाद में डिजिटल अरेस्ट: 12 दिनों में दंपति के खाते से 2 करोड़ ट्रांसफर

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद में एक बार फिर डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है। इस बार कौशांबी थाना क्षेत्र के राम प्रस्था में रहने वाले बैंक के रिटायर्ड प्रबंधक को निशाना बनाया गया। उनको और उनकी पत्नी को लगभग 12 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा गया। इतना ही नहीं उनसे लगभग 2 करोड रुपए अकाउंट में ट्रांसफर करवाए गए। वहीं इस मामले में थाना साइबर पर मुकदमा दर्ज कराया गया है और पुलिस ठगों की तलाश में लगी हुई है। पूरा मामला राम प्रस्था का है, जहां पर बैंक से रिटायर्ड राम प्रकाश हरिया अपनी पत्नी और बेटे नितिन के साथ रहते हैं। उन्हें बीती व्हाट्सएप के माध्यम से कॉल आई। ठग ने उन्हें खुद को अधिकारी बताया और बोला की उन्होंने एक गबन किया था और उसी के संबंध में उनसे पूछताछ की जाएगी। उसने लगभग 12 दिनों तक रोजाना पति-पत्नी से कई कई घंटे पूछताछ की और अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाएं।
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बलिया के हिंदू परिवार ने ताजिया को कर्बला तक पहुँचाकर भाईचारे की मिसाल बना दी

Ballia, Uttar Pradesh:बलिया में पीढ़ियों से हिंदू परिवार रखता है ताजिया, मुस्लिम भाइयों के साथ कर्बला तक ले जाते हैं ताजिया मोहर्रम का त्यौहार मुसलमान समुदाय के लिए शोक, इबादत ,समर्पण और शहादत का प्रतीक माना जाता है। वही बलिया शहर के जगदीशपुर में एक हिंदू परिवार कई पीढ़ियाँ से ताजिया रखता आ रहा है। परिवार के मुखिया शिवकुमार गुप्ता बताते हैं की तकरीबन 10 से 12 पीढ़ियों से लगातार 100 - डेढ़ सौ साल से उनका परिवार मोहर्रम में अपने घर ताजिया रखता है। मुस्लिम समुदाय के लोग उनके घर आते हैं और हिंदू भाइयों के साथ मिलकर ताजिया को कर्बला तक पहुंचाया जाता है। वही शिवकुमार ने बताया कि एक बार विवाद होने की वजह से हाई कोर्ट से उन्हें ताजिया सबसे आगे रखने की अनुमति भी मिली है लिहाजा मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ उनका ताजिया एक साथ आगे बढ़ता है। शिवकुमार कहते हैं की उनका पूरा परिवार हिंदू रीति रिवाज के साथ जीवन व्यतीत करता है लेकिन मन्नत से शुरू हुई यह परंपरा हमारे परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ रही है और कहीं ना कहीं आपसी भाईचारे का संदेश दे रही है。
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फरीदाबाद में गर्भवती पत्नी की हत्या, पति ने बाल्टी में डुबोकर मार डाला

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद के पल्ला थाना क्षेत्र स्थित पंचशील कॉलोनी पार्ट-2 में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक पर अपनी 6 महीने की गर्भवती पत्नी की बेरहमी से हत्या करने का आरोप लगा है। आरोप है कि पति ने पहले पत्नी के साथ मारपीट की और फिर पानी से भरी बाल्टी में उसका सिर बार-बार डुबोकर मौत के घाट उतार दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस, क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी। मृतका की पहचान नेहा कुमारी के रूप में हुई है, जबकि आरोपी उसका पति अमित गुप्ता बताया गया है। जानकारी के अनुसार दोनों की शादी 30 अप्रैल 2025 को हुई थी। शादी के बाद दोनों पंचशील कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहे थे। करीब एक महीने पहले ही उन्होंने इस मकान में गृह प्रवेश किया था। बताया जा रहा है कि नेहा छह महीने की गर्भवती थी और अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली थी। नेहा बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की रहने वाली थी, जबकि अमित उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का निवासी है और एक निजी कंपनी में काम करता था। परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि नेहा अपने पति को नियमित रूप से काम पर जाने के लिए कह रही थी, लेकिन अमित काम पर नहीं जा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अमित ने गुस्से में आकर नेहा के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उसने पहले चुन्नी से नेहा का गला दबाने का प्रयास किया और बाद में पानी से भरी बाल्टी में उसका सिर कई बार डुबोया, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने के बाद अमित ने बदरपुर बॉर्डर के पास अलीपुर गांव में रहने वाले अपने चाचा को फोन किया। फोन पर उसने कहा कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है और अब आगे जो करना है, वह देख लें। इसके बाद आरोपी घर से फरार हो गया। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है और फिलहाल उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मृतका के जीजा ने बताया कि सुबह से नेहा को कई बार फोन किया गया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। कुछ समय बाद उन्हें हत्या की सूचना मिली। जब वे घर पहुंचे तो नेहा मृत अवस्था में मिली। उन्होंने बताया कि अमित अक्सर छोटी-छोटी बातों को लेकर नेहा से झगड़ा करता था। परिवार के लोगों का कहना है कि नेहा गर्भवती थी और आने वाले बच्चे को लेकर काफी खुश थी, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना की सूचना मिलते ही पल्ला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। मौके पर क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। एसीपी सराय भी मौके पर पहुंचे और जांच का जायजा लिया.
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विनोद कुमार सिन्हा की बिलौटी एनकाउंटर मामले में परिवार से मुलाकात, न्याय का भरोसा

Mumbai, Maharashtra:भोजपुर जिले के बिलौटी में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच में पहुंचे राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष और रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा बिलौटी पहुंच कर उनके परिवार से मिले और सारी बातों से अवगत हुए ।उन्होंने इस दौरान भरत भूषण तिवारी के परिवार को भरोसा दिलाया कि जांच के दौरान जो भी सामने आएगा उस पर न्याय किया जाएगा।परिवार ने लगातार भरत तिवारी के एनकाउंटर को गलत करार दिया और इस एनकाउंटर में शामिल सभी कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।बातचीत के दौरान मौके पर उपस्थित पुलिस अध्यक्षक भोजपुर के मोबाइल की जांच की मांग जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा से उनके भाई चंदन तिवारी ने की जिसपर जस्टिस ने कहा कि सारी बिंदुओं पर जांच की जाएगी आप लिखित मांग कीजिए।भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले पर अब तक भोजपुर पुलिस की लगातार किरकिरी होती आ रही है।हालांकि एनकाउंटर के बाद से राजनैतिक गलियारों में भी हलचल देखने को मिली है।फिलहाल सबकी निगाहें जांच टीम पर अटकी हुई है।जांच करने पहुंचे जस्टिस ने मीडिया से मुखातिब होने से मना कर दिया।
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अयोध्या में केजरीवाल विरोध के बाद सनातन रक्षक संघ ने पुतला फूंका: सुरक्षा घेराबंदी के साथ प्रदर्शन

Ayodhya, Uttar Pradesh:*अयोध्या पहुंचे अरविंद केजरीवाल का सनातन रक्षक संघ ने किया विरोध, फूंका पुतला* आवास से गेट नंबर-11 के लिए निकले प्रदर्शनकारियों को प्रशासन ने रास्ते में रोका अयोध्या। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अयोध्या आगमन के दौरान सनातन रक्षक संघ और पंडा-पुरोहित समाज ने उनका विरोध किया। सनातन रक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनके आवास से राम मंदिर के गेट नंबर-11 की ओर काली झंडी दिखाने के लिए निकले हालांकि, प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को उनके आवास के पास ही रोक दिया और आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं अरविंद केजरीवाल का पुतला फूंका, हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया तथा अरविंद केजरीवाल वापस जाओ सहित विविध नारे लगाए। प्रदर्श्न में पंडा -पुरोहित समाज के अध्यक्ष राजेश महाराज समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे मीडिया से बातचीत में सनातन रक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने कहा कि जिन लोगों ने पहले भगवान श्रीराम और राम मंदिर को लेकर विवादित बयान दिए तथा राम मंदिर के स्थान पर अस्पताल और विद्यालय बनाने की बात कही थी, ऐसे लोगों का अयोध्या में विरोध किया जाएगा वहीं पांडा-पुरोहित समाज के अध्यक्ष राजेश महाराज ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें आवास से आगे बढ़कर गेट नंबर-11 तक जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया और मौके पर ही अरविंद केजरीवाल का पुतला फूंककर अपना आक्रोश व्यक्त किया。 प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा।
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शाहजहांपुर में दवा लेने गई युवती शारदा नहर में गिरी, तलाश जारी

Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:शाहजहांपुर में मां के साथ दवा लेने जा रही 18 साल की सीमा ने शारदा नहर में छलांग लगा दी। लापता युवती की तलाश में गोताखोर जुटे हुए हैं। युवती बीमार चल रही थी और ई-रिक्शा पर बैठकर दवा लेने जा रही थी। घटना थाना बंडा क्षेत्र के मकसूदापुर शारदा नहर के पुल की है। पड़ोसी जिले पीलीभीत के बिलसंडा निवासी सीमा अपनी मां गुड्डी देवी के साथ ई-रिक्शा पर बैठकर दवा लेने जा रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार पुल पर पहुंचते ही उसने ई-रिक्शा रुकवा दिया और पानी में पूजा का सिक्का डालने के बहाने नीचे उतर गई। इसके बाद युवती ने नहर में छलांग लगा दी। लोगों की चीख पुकार सुनकर मौके पर पुलिस पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवती की तलाश शुरू की गई लेकिन पानी के बहाव के तेज होने के कारण उसका कुछ पता नहीं चल पाया। फिलहाल नहर में कूदी युवती का पता लगाने के लिए पुलिस डटे हैं।
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गया जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट सस्पेंड: अपराधियों से सांठगांठ के आरोप सामने

Gaya, Bihar:गया सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट सस्पेंड; अपराधियों से सांठगांठ, ड्यूटी में लापरवाही के लगे आरोप बिहार के गया जेल से एक अहम खबर सामने आ रही है. गया सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया गया है. गृह विभाग की ओर से उनके निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी किया गया है. मिली जानकारी अनुसार गया सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट सुदर्शन प्रसाद सिंह को अपराधियों से सांठगांठ और ड्यूटी में भारी लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. गृह विभाग (कारा) ने उनके निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. सुदर्शन पर जेल में गांजा मिलने के बावजूद एफआईआर न कराने, बिना इंट्री बाहरी लोगों की कैदियों से मुलाकात कराने और स्टाफ से बदसलूकी करने जैसे गंभीर आरोप हैं. निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय खुदीराम बोस सेंट्रल जेल, मुजफ्फरपुर तय किया गया है. गृह विभाग अब उनके खिलाफ इन सभी आरोपों की विस्तृत विभागीय जांच करेगा. जांच में आरोप सही साबित होने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त भी किया जा सकता है. दरअसल पूरे मामले की जड़ 16 जुलाई की एक घटना है. इस दिन जेल के एक वार्ड की तलाशी ली जा रही थी. चेकिंग के दौरान बंदी रमेश यादव उर्फ सुमन यादव के पास से गांजा बरामद हुआ. जेल सुपरिटेंडेंट ने तुरंत सुदर्शन प्रसाद सिंह को निर्देश दिया कि वे इस मामले में आरोपित कैदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं, लेकिन सुदर्शन ने वरिष्ठ अधिकारी का आदेश दरकिनार करते हुए एफआईआर दर्ज कराने से साफ इनकार कर दिया, उनकी इस हरकत से साफ हो गया कि उनकी सहानुभूति अपराधियों के साथ है. गृह विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, सुदर्शन सिंह जेल के सुरक्षा नियमों की भी सरेआम धज्जियां उड़ा रहे थे. वे कैदियों के परिजनों और बाहरी लोगों को अपना दोस्त बताकर सीधे अपने ऑफिस में बुलाते थे और बिना किसी रोक-टोक के कैदियों से उनकी मुलाकात कराते थे. इसके लिए जेल के गेट रजिस्टर में कोई इंट्री भी नहीं की जाती थी. सुपरिटेंडेंट ने उन्हें ऐसा करने से कई बार मौखिक रूप से मना किया था, लेकिन उन पर कोई असर नहीं हुआ. सुदर्शन के इस रवैये से जेल के कक्षपाल (गार्ड्स) और अन्य अधिकारी भी भारी दहशत में थे. अगर कोई जेल कर्मी नियमों का पालन करते हुए बिना चेकिंग के किसी को अंदर जाने से रोकता, तो सुदर्शन उसी कर्मी पर भड़क जाते थे और गाली-गलौज पर उतर आते थे. इतना ही नहीं, उन पर बिना किसी कारण के कैदियों के साथ मारपीट करने का भी आरोप है.
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राजस्थान जल जीवन मिशन को 1578 करोड मंजूर, 15000 करोड के प्रोजेक्ट फिर शुरू

Jaipur, Rajasthan:बजेट में 3 साल बाद सूखा खत्म,15000 करोड के प्रोजेक्ट्स एक बार फिर पकडेंगे रफ्तार,1578 करोड के बजट की मंजूरी आशीष चौहान, जयपुर-जल जीवन मिशन में भजनलाल सरकार ने राजस्थान को बड़ी राहत दी है. राज्य सरकार ने हर घर नल योजना के लिए 1578 करोड की मंजूरी दी है. राज्य सरकार और ठेकेदारों के बीच हुए समझौते के बाद बजट की स्वीकृति दी है. आखिरकार कितने प्रोजेक्ट एक बार फिर से रनिंग में आएंगे..देखे इस खास रिपोर्ट में! जल जीवन मिशन को रफ्तार मिलेगी- घोटालों और गढ़बड़ियों के बाद एक बार से राजस्थान के जल जीवन मिशन को रफ्तार मिलेगी. क्योंकि 3 साल से बजट के सूखे पर अब लगाम लग गई. जल जीवन मिशन में राज्य सरकार ने बजट की मंजूरी दे दी. जिसके बाद राजस्थान में लगभग 15000 करोड के प्रोजेक्ट्स एक बार फिर से शुरू हो गए. जेेजेएम में शुरुआती तौर पर सरकार ने 1578 करोड के बजट की स्वीकृति दी है. जिसमें मेजर प्रोजेक्ट मल्टी विलेज स्कीम के लिए 1,000 करोड और OTMP के क्वालिटी, क्वांटिटी प्रभावित योजनाओं के लंबित काम के लिए 578 करोड स्वीकृत किए है. OTMP में राज्य और केंद्र सरकार की 50,50 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी है. जबकि मेजर प्रोजेक्ट्स के लिए राज्य सरकार ने बजट की मंजूरी दी है. जल्द ही जलदाय विभाग बजट आवंटित करेगा. सरकार जुलाई में 1 हजार करोड और जारी करेगी. राजस्थान में जेजेएम का हाल- राजस्थान में हर घर नल योजना के जरिए 1,07,66,907 कनेक्शन होने है,लेकिन अब तक सिर्फ 63,56,761 यानि 59 फीसदी ही कनेक्शन हो गए.बाकी 41 फीसदी कनेक्शन मार्च 2028 तक पूरे करने होंगे.जलदाय विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा. जेजेएम में किस साल कितने कनेक्शन- साल कनेक्शन 1. 2019-20 1,02,169 2. 2020-21 6,80,883 3. 2021-22 5,38,030 4. 2022-23 13,88,472 5. 2023-24 12,17,862 6. 2024-25 9,44,618 7 2025-26 2,71,691 8. 2026-27 38,905 क्या अब होगा सपना पूरा? साथ ही रेट्रोफिटिंग योजनाएं, जिन्हें राष्ट्रीय जल जीवन मिशन द्वारा जल जीवन मिशन JJM से बाहर कर दिया गया था,उनके शेष कार्यों को भी राज्य निधि से पूरा करने की अनुमति दी गई है.इन फैसलों से राजस्थान में पेयजल परियोजनाओं को नई गति मिलेगी और लाखों ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा.अब राजस्थान में ‘हर घर जल’ का सपना साकार होने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ रहे हैं.
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राजस्थान में ट्रैक्टर-ट्रॉली से व्यावसायिक माल परिवहन पर सख्त नियम, पंजीयन अनिवार

Jaipur, Rajasthan:हैडर- - व्यावसायिक कराएं ट्रैक्टर-ट्रॉली, नहीं तो होंगे जब्त! - ट्रैक्टर-ट्रॉली वाले किसानों से परिवहन विभाग की अपील - व्यावसायिक माल परिवहन करने पर होगी सख्ती - परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने जारी किए आदेश - अफसरों को निर्देश, कृषि कार्य वालों को परेशान न करें - लेकिन खनिज, निर्माण सामग्री परिवहन पर करें सख्ती एंकर राजस्थान में अब ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए व्यावसायिक माल सामग्री का परिवहन नहीं किया जा सकेगा। व्यावसायिक माल परिवहन करने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालकों से परिवहन विभाग ने ट्रॉली का व्यावसायिक पंजीयन करवाने की अपील की है। ऐसा नहीं करने पर आगामी दिनों में ऐसे ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया जाएगा। क्यों जरूरी है ट्रैक्टर-ट्रॉली का व्यावसायिक पंजीयन, यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालना में परिवहन विभाग ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों चलाने वाले किसानों से अपील की है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का व्यावसायिक उपयोग करने की स्थिति में परिवहन विभाग ने अपील की है कि ऐसे ट्रैक्टर-ट्रॉली का कृषकों को व्यावसायिक पंजीयन करवाना होगा। दरअसल राज्य में बड़ी संख्या में कृषि प्रयोजन की ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग हो रहा है। लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग ईंट, बजरी, पत्थर, रेत, खनिज, निर्माण सामग्री, औद्योगिक उत्पादन और अन्य व्यावसायिक माल परिवहन के रूप में भी किया जा रहा है। मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 2 में ऐसे वाहन गुड्स कैरिज की श्रेणी में आते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी एक फैसले में स्पष्ट उल्लेख किया था कि वाहन का वर्गीकरण उसके वास्तविक उपयाेग के आधार पर किया जाएगा। चम्बल घड़ियाल सेंचुरी से जुड़ी सुओ मोटो रिट पिटीशन में भी सुप्रीम कोर्ट ने अवैध खनन और अवैध परिवहन के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसे देखते हुए ट्रैक्टर ट्रॉलियों के सम्बंध में अब कड़ाई से पालना कराई जाएगी। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने यह भी निर्देश दिए हैं कि वास्तविक कृषि कार्य करने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिक किसानों को परेशान नहीं किया जाए Gfx In ट्रैक्टर-ट्रॉली को लेकर नए नियम - ट्रैक्टर-ट्रॉली का व्यावसायिक पंजीयन नहीं होगा, एग्रीकल्चर श्रेणी में ही रहेगा - वाहन मालिक यदि ट्रॉली का करवाना चाहता है व्यावसायिक पंजीयन - तो ट्रॉली का प्रारूप 27 में श्रेणी परिवर्तन का आवेदन लिया जाएगा - ऐसी ट्रॉलियों का EV, EW, EX, EY, EZ सीरीज में पंजीयन किया जाएगा - हालांकि कृषि ट्रॉली का पंजीयन पूवर्वत सीरीज के तहत होगा - ट्रॉली पर चूंकि चैसिस नम्बर नहीं होते, ऐसे में अधिकारी खुद क्रिएट करेंगे - इसमें ट्रॉली के साथ लगने वाले ट्रैक्टर का नम्बर के साथ TT लिखा जाएगा - इसे ट्रॉली के चैसिस फ्रेम पर पेंट से मौके पर ही लिखवाया जाएगा - ट्रॉली पर ट्रैक्टर का पंजीयन क्रमांक भी दर्ज किया जाएगा - ट्रॉली का GVW वजन 3.5 टन से अधिक होने पर प्रोटोटाइप प्रमाण पत्र लगेगा Gfx Out वीओ- 2 व्यावसायिक पंजीयन करवाने वाली ट्रॉली के लिए परिवहन विभाग ने परमिट, फिटनेस, बीमा और टैक्स से जुड़े नियम भी जारी किए हैं। ऐसे ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालकों को परमिट नहीं लेना होगा। लेकिन व्यावसायिक ट्रॉली को फिटनेस प्रमाण पत्र लेना जरूरी होगा। एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस धारक चालक ऐसे ट्रैक्टर-ट्रॉली का संचालन कर सकेंगे। ट्रैक्टर-ट्रॉली का बीमा नहीं लगेगा। व्यासायिक उपयोग की ट्रैक्टर-ट्रॉली पर एमवी टैक्स और ग्रीन टैक्स भी लगेगा。 परिवहन अधिकारियों को निर्देश - परिवहन आयुक्त ने चम्बल घड़ियाल सेंचुरी क्षेत्र में सख्ती के दिए निर्देश - धौलपुर, करौली, कोटा, सवाईमाधोपुर, बूंदी में प्रवर्तन अभियान चलाएं - परिवहन अधिकारी डीलर, व्यापार संघ, मंडी सचिव, खान विभाग से वार्ता करें - समझाइश बैठकें कर ट्रॉली के व्सावसायिक पंजीकरण के प्रति जागरूक करें - परामर्श अवधि समाप्त होने के बाद 15 दिन का अभियान चलाने के निर्देश - बिना HSRP, पंजीयन, अस्पष्ट नम्बर लिखे वाहनों पर कार्रवाई की जाए - व्यावसायिक ट्रैक्टर-ट्रॉली की फिटनेस, बीमा, पीयूसी की sख्ती से जांच हो क्लोजिंग पीटीसी- काशीराम चौधरी
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राजस्थान जल जीवन मिशन को 1578 करोड़ की मंजूरी, 15000 करोड़ प्रोजेक्ट फिर तेज

Jaipur, Rajasthan:बजट का सूखा खत्म,15000 करोड के प्रोजेक्ट्स एक बार फिर पकडेंगे रफ्तार,1578 करोड के बजट की मंजूरी जल जीवन मिशन में राजस्थान को बड़ी राहत दी है. राज्य सरकार ने हर घर नल योजना के लिए 1578 करोड की मंजूरी दी है. राज्य सरकार और ठेकेदारों के बीच हुए समझौते के बाद बजट की स्वीकृति दी गई है. जल जीवन मिशन को रफ्तार मिलेगी- घोटालों और गड़बड़ियों के बाद एक बार राजस्थान के जल जीवन मिशन को रफ्तार मिलेगी. तीन साल से बजट के सूखे पर अब लगाम लग गई. जल जीवन मिशन में राज्य सरकार ने बजट की मंजूरी दी है. इसके बाद राजस्थान में लगभग 15000 करोड के प्रोजेक्ट्स एक बार फिर शुरू हो गए. जेजेएम में शुरुआती तौर पर सरकार ने 1578 करोड के बजट की स्वीकृति दी है, जिसमें मेजर प्रोजेक्ट मल्टी विलेज स्कीम के लिए 1000 करोड और OTMP के गुणवत्ता, मात्रा प्रभावित योजनाओं के लंबित काम के लिए 578 करोड स्वीकृत किए हैं. OTMP में राज्य और केंद्र सरकार की 50-50 हिस्सेदारी है. जबकि मेजर प्रोजेक्ट्स के लिए राज्य सरकार ने बजट की मंजूरी दी है. जल्द ही जलदाय विभाग बजट आवंटित करेगा. सरकार जुलाई में 1000 करोड जारी करेगी. राजस्थान में हर घर नल योजना के जरिए 1,07,66,907 कनेक्शन होने हैं, पर अब तक सिर्फ 63,56,761 यानि 59 फीसदी हो चुके हैं; बाकी 41 फीसदी कनेक्शन मार्च 2028 तक पूरे करने होंगे. जलदाय विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा. जेजेएम में वर्षार्ह कनेक्शन वर्ष—2019-20 से 2026-27 तक के क्रम में दिए गए हैं. क्या अब होगा सपना पूरा? साथ ही रेट्रोफिटिंग योजनाएं, जिनें NJJM द्वारा जल जीवन मिशन से बाहर किया गया था, उनके शेष कार्य राज्य निधि से पूरा करने की अनुमति दी गई है. इन फैसलों से राजस्थान में पेयजल परियोजनाओं को नई गति मिलेगी और लाखों ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा. अब राजस्थान में ‘हर घर जल’ का सपना साकार होने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ रहे हैं.
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