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भारत बंद को लेकर अलग-अलग संगठनों ने किया प्रदर्शन
Gauriganj, Raj Garh, Uttar Pradesh:आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा क्रीमी लेयर लागू किए जाने के आदेश के खिलाफ भारत बंद का आह्वान किया गया। अमेठी में इस बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। बसपा समेत कई संगठनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने बंद के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की मांग की। भारत बंद के मद्देनजर अमेठी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी।
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जयपुर से डिग्घीपुरी: आस्था के विशाल लक्खी पदयात्रा की शुरुआत
Jaipur, Rajasthan:जयपुर से डिग्गीपुरी तक आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है...कल्याणधणी के जयकारों से छोटी काशी गूंज रही है... कोई नंगे पैर चल रहा है तो कोई कनक दंडवत करते हुए 24 कोस की दूरी तय कर रहा है...61 साल पहले महज 30-35 श्रद्धालुओं से शुरू हुई डिग्गी कल्याणजी की पदयात्रा आज लक्खी पदयात्रा बन चुकी है...भगवा और पंचरंगे ध्वज, भजन-कीर्तन, सजीव झांकियां और जगह-जगह सेवा शिविर... देखिए आस्था के इस विराट कारवां पर हमारी ये खास रिपोर्ट... जयपुर से डिग्गीपुरी तक आस्था का कारवां बढ़ते चला...चौड़ा रास्ता स्थित ताडकेश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुई यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए... हाथों में भगवा और पंचरंगे ध्वज...जूबां पर कल्याणधणी का नाम... और आंखों में डिग्गीपुरी पहुंचकर ठाकुरजी के दर्शन की ललक...कोई नंगे पैर, कोई कनक दंडवत...ये सिर्फ पैदल चलने की यात्रा नहीं... ये आस्था और संकल्प की यात्रा है...कोई नंगे पैर डिग्गी की ओर बढ़ रहा है...तो कोई जमीन पर दंडवत करते हुए अपनी मनोकामना पूरी होने का संकल्प निभा रहा है...बच्चे हों या बुजुर्ग...महिलाएं हों या युवा... हर उम्र के श्रद्धालु कल्याणधणी की भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं....डिग्गी पदयात्रा का इतिहास करीब छह दशक पुराना है...1965 में चौड़ा रास्ता निवासी रामेश्वरलाल शर्मा ने करीब 30-35 श्रद्धालुओं के साथ इस यात्रा की शुरुआत की थी....कल्याणजी महाराज से पुत्र प्राप्ति की मन्नत पूरी होने के बाद शुरू हुई ये यात्रा... आज लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुकी है...24 कोस की इस यात्रा में अब हर साल आस्था का कारवां बढ़ता जा रहा है...डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, सांसद मंजू शर्मा, विधायक बालमुकुन्दाचार्य, विधायक अमीन कागजी ने भी ध्वज की पूजा अर्चना की पठन-शोभाव: श्रद्धालु यात्रा में बैंड-बाजे, भजन मंडलियां, और धार्मिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां खास आकर्षण बनीं...शिव-पार्वती से लेकर राधा-कृष्ण तक... झांकियों में भक्ति के अलग-अलग रंग देखने को मिले...जयपुर से डिग्गीपुरी तक श्रद्धालु पांच दिन में करीब 24 कोس का सफर तय करेंगे... आज इस यात्रा का ठहराव मदरामपुरा में होगा...फिर 19 अगस्त हरसूलिया, 20 अगस्त फागी, 21 अगस्त चौसला, और 22 अगस्त को श्रद्धालु पहुंचेंगे डिग्गीपुरी...डिग्गी पहुंचकर कल्याणजी महाराज के दर्शन होंगे... साथ ही गंगोत्री से लाए गए गंगाजल से ठाकुरजी का अभिषेक भी किया जाएगा....पदयात्रियों की सेवा के लिए जयपुर से डिग्गी तक पूरा मार्ग सेवा शिविरों से सजा है...कहीं भोजन... कहीं पानी... कहीं चाय... तो कहीं फल और अन्य जरूरी सुविधाएं...कई जगह 50 से 100 मीटर के अंतराल पर भंडारे नजर आ रहे हैं...खास बात ये कि सेवा में स्थानीय लोग और श्रद्धालु खुद आगे बढ़कर जुटे हैं...डिग्गी पदयात्रा के इतिहास में 1981 की बाढ़ का प्रसंग आज भी श्रद्धालुओं के जेहन में है...मासी और बांडी नदियों में तेज बहाव के बावजूद श्रद्धालु डिग्गी की ओर बढ़ते रहे...उस दौरान आठ श्रद्धालुओं के बहने की घटना भी सामने आई...लेकिन मुश्किलें भी आस्था को डिगा नहीं सकीं...समय के साथ कल्याणजी महाराज के प्रति लोगों की आस्था और मजबूत होती गई... कुल लक्ष्य: 22 अगस्त को डिग्गी पहुंचकर श्रद्धालु कल्याणजी महाराज के दर्शन करेंगे... दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर0
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360 परिवारों को आवासीय पट्टे, नया सवेरा से कंजर समुदाय बदला तस्वीर
Kota, Rajasthan:झालावाड़ झालावाड़ पुलिस की 'नया सवेरा' पहल से बदली कंजर डेरों की तस्वीर, 360 परिवारों को मिले आवासीय पट्टे आईजी हरेंद्र महावर के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ पुनर्वास कार्यक्रम रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा से अपराध दर में आई ऐतिहासिक कमी। झालावाड़। जिला पुलिस द्वारा कंजर समुदाय को अपराध विमुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए संचालित विशेष अभियान "नया सवेरा" के अंतर्गत एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कोटा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) हरेंद्र कुमार महावर के मुख्य आतिथ्य, जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार तथा आरटीएम अध्यक्ष रोहित अरोड़ा की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में 360 भूमिहीन लाभार्थियों को आवासीय पट्टे आवंटित किए गए (283 वितरित एवं 77 प्रक्रियाधीन), जिससे अब इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा。0
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छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण विभाग की प्रेस कॉन्फ्रेंस आज
Raipur, Chhattisgarh:प्रेस कॉन्फ्रेंस : नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग छत्तीसगढ़ शासन0
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कुलदीप कुमार के गिरफ्तारी के बाद दिल्ली के डीसीपी कार्यालय के बाहर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का धरना
Noida, Uttar Pradesh:पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में हुई सफाई कर्मी अनिल की हत्या के बाद से ही आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार लगातार परिजनों के साथ मिलकर सरकार से एक करोड़ मुआवजा राशि और परिवार के सदस्य को स्थाई सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं आज भी कुलदीप कुमार ने लोगों से अपील की थी कि अनिल की हत्या के लिए न्याय और मांग पूरी करने के लिए सभी लोग लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में इकट्ठा हो लेकिन आज सुबह ही कुलदीप कुमार को उनके घर से उठा लिया गया आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि शादी वर्दी में पहुंचे लोगों ने कुलदीप कुमार को सुबह लगभग चार से पांच बजे के बीच घर से उठाया और अज्ञात जगह ले गई अब ना तो पुलिस बता रही है कि विधायक कहां है और किसने उसे गिरफ्तार किया है या उठाया है कोई जानकारी पुलिस की तरफ से नहीं दी जा रही है जिसके बाद से पिछले 4 घंटे से लगातार आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता पूर्वी दिल्ली के डीसी पी ऑफिस के बाहर लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और कुलदीप कुमार को छोड़ने की मांग कर रहे हैं कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक कुलदीप कुमार को छोड़ नहीं जाता वह डीसीपी ऑफिस से नहीं हटने वाले कार्यकर्ता डीसीपी ऑफिस के में गेट पर बैठे कर लगातार पुलिस और दिल्ली सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं कार्यकर्ताओं में काफी संख्या में महिलाएं भी मौजूद है0
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क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग सच में सेहत बनाती है? जानिए विशेषज्ञों के जवाब
Morena, Madhya Pradesh:इंटरमिटेंट फास्टिंग के बारे में आप क्या जानते हैं क्या आपने कभी इसे ट्राय किया है, अगर आपने कभी उपवास का ये तरीका अपनाया है, तो आपका अनुभव कैसा रहा? क्या आपको लगता है कि इस तरह की जीवनशैली हर किसी के लिए सही है, या इससे सेहत को नुकसान हो सकता है? इंटेर्नमेंट फास्टिंग को लेकर कोई सवाल, जो आप पूछना चाहते हों ?0
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पंढरपुर से मुक्ताईनगर: संत मुक्ताई पालखी का भव्य स्वागत, 1300 किमी यात्रा पूरी
Jalgaon, Maharashtra:आदिशक्ती संत मुक्ताई पालखीचे मुक्ताईनगर मध्ये भव्य स्वागत Anch - पंढरपूर येथील आषाढी वारीसाठी गेलेली संत मुक्ताई पालखी आज मुक्ताईनगर येथील नवीन मंदिरात दाखल झाली असून पालखीचे मुक्ताईनगर शहरात भव्य स्वागत करण्यात आले. यावेळी पुष्पवृष्टी करत विठू नामाचा गजर करून शहरातून भव्य मिरवणूक काढण्यात आली. नवीन मंदिरापासून कोथळी येथील - समाधी मंदिरापर्यंत भव्य शोभायात्रा काढण्यात आली असून या शोभायात्रेत संत ज्ञानेश्वर, मुक्ताबाई यांच्यासह त्यांच्या भावंडांचा जिवंत देखावा देखील सादर करण्यात आला. या परतवारीच्या आगमनानिमित्त वारकरी दिंडी स्पर्धेचे देखील आयोजन करण्यात आले आहे. आदिशक्ती मुक्ताई च्या जुन्या मंदिरात पालखीचे आगमन झाल्यानंतर सोहळ्याचे प्रमुख रविद्र महाराज हरणे यांच्या काल्याच्या कीर्तनाने पालखी सोहळ्याची सांगता करण्यात आली आदिशक्ती मुक्ताई च्या पालखीच्या स्वागतासाठी हजारो भाविक आज मुक्ताईनगर मध्ये दाखल झालेले आहे. तापी तीर ते भीमा तीर जाणारा मुक्ताई पालखी सोहळा 24 जूनला मुक्ताईनगर येथून रवाना झाला होता. 22 जुलैला पांडुरंगांचे दर्शन घेऊन पालखी सोहळ्याने 28 जुलै पुन्हा मुक्ताईनगरकडे परतीचा प्रवास सुरू केला होता... एकंदरीत मुक्ताई मंदिर पंढरपूर पुन्हा मुक्ताई मंदिर असा एकूण प्रवास तेराशे किलोमीटर पायी चालून आज मूळ समाधी स्थानी आगमन होणार आहे.. या संपूर्ण परिस्थितीचा आढावा घेतला आमचे प्रतिनिधी वाल्मीक जोशी यांनी. बाईट रवींद्र हरणे महाराज पालखी प्रमुख अध्यक्ष..0
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बारामती सड़क हालत सुधार और वित्तीय संकट पर सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग
Rui, Maharashtra:बारामती सुप्रिया सुळे बाईट *ऑन_शक्तीपीठ महामार्ग* शक्तीपीठ महामार्गाला प्रचंड विरोध आहे स्थानिक लोकांना सोबत घेऊन चर्चा केली पाहिजे.. शक्ती पिठावर प्रचंड खर्च होत आहे महाराष्ट्राची आर्थिक परिस्थिती अतिशय गंभीर आहे. सर्व गोष्टींचा विचार करून सरकारने निर्णय घ्यावा. शक्तिपीठ करत असताना महाराष्ट्रातील सर्व रस्त्यांची काय परिस्थिती आहे हे मी सांगायला नको. राज्यातील लहान मुलांचे मी मनःपूर्वक आभार मानते ज्या पद्धतीने ती मुलं तंत्रज्ञानाचा उपयोग करून रस्त्यांचे व्हिडिओ पाठवत आहेत आजच मला एक मेसेज आला की खड्ड्यामुळे मुलीचा अपघात झाला. नाशिक मध्ये दररोज आंदोलने सुरू आहेत. या सर्व भागात नव्हे तर राज्यात खड्ड्यात रस्ता की रस्त्यात खड्डा ही परिस्थिती आहे. आहे ते दुरुस्त करा पुढे कशाला नवीन नवीन रस्ते बांधता. राज्याची आर्थिक परिस्थिती नाजूक आहे. महाराष्ट्र सरकारने पूर्वी आहेत ते रस्ते नीट करावेत आणि त्यानंतर एवढा मोठा घाट घालावा. *ऑन_ठेकेदारांचं मुंबईतील आंदोलन* हा विषय अतिशय गंभीर आहे एकीकडे शक्तीपीठला हजारो करोडोंचा खर्च करत आहात आणि ज्यांनी कामे पूर्ण केले आहेत ते मेरिट वर आहेत त्यांना निधी देत नाही. त्यांच्यासाठी या सरकारकडे निधी नाही. *मला समजत नाही की महाराष्ट्रात सरकारचं आर्थिक धोरण नक्की कोणत्या दिशेने चालल आहे. अतिशय चिंताजनक आहे.* *ऑन_अभिजीत दिपके यांच्या आंदोलनानंतर राज्य सरकारचा जीआर शाळांमध्ये शूटिंग करण्यास मज्जाव* ही लोकशाही आहे दडपशाही नाही या निर्णयाचा मी जाहीर निषेध करतो. आपल्याला मनमोकळे श्वास घेण्याचा बोलण्याचा अधिकार डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर यांनी त्यांच्या संविधानाच्या माध्यमातून दिला आहे. अशी चोरी लपवण्याचा हा अतिशय दुर्दैवी प्रयत्न सुरू आहेत त्याचा मी निषेध करते प्रत्येकाने व्हिडिओ काढावेत आणि तक्रार द्यावी हे सरकारचे चुकीचे धोरण आहे हा अन्याय आहे. तेही नवीन पिढीच्या शिक्षणाबद्दल आमच्या मुलांनी जर वास्तव समोर आणलं आणि तो जर गुन्हा असेल तर मी स्वतः तो गुन्हा करेल आणि मग आम्हाला या सरकारने जेलमध्ये टाकावे. *ऑन_एस आय आर YADI मुदत संपली* पहिल्यांदा एक्सटेन्शन केलं होतं आता एक्सटेन्शन झाला आहे. ज्यांची नावे राहिलेली आहेत त्यांना दोन महिन्याचा कालावधी दिला आहे. तुम्ही सांगू शकता मला नाव घालायचा आहे किंवा चूक झाली आहे तर ते दुरुस्ती करू शकता. सर्वांनी मिळून पुढचे दोन महिने प्रयत्न केले पाहिजेत. माझ्या बारामती लोकसभा मतदारसंघाचा मी अनुभव सांगते, अनेक लोकांची नावे दोन ठिकाणी आलेले आहेत, काही ठिकाणी प्रश्नचिन्ह झाले आहेत. पुढचे दोन महिने राष्ट्रवादी काँग्रेस पक्ष शरद पवार आमचे सर्व पदाधिकारी कार्यकर्ते या कामासाठी काम करतील. *ऑन_16 ऑक्टोंबर पंतप्रधान नरेंद्र मोदी बारामती निमंत्रण राष्ट्रवादी काँग्रेस शरदचंद्र पवार पक्ष एनडीए सोबत जाणार चर्चा* आमची चर्चा बारा वर्षे चालते त्यामुळे बारा वर्षे आम्ही जाणार असे तुमचे सर्व चॅनल वाले दाखवतात. त्यामुळे बारा वर्षे ही चर्चा चालू आहे आणखी तीन वर्षे चालू दे काही हरकत नाही. आणखीन तीन वर्षे चालू दे तुम्हालाही तुमचा चैनल चालवायचा आहे. *माझ्या माहितीनुसार आमचा पक्ष हा आज विरोधी पक्षात आहे. गेले बारा वर्षे आम्ही विरोधी पक्षात आहोत, मायबाप जनतेचे प्रश्न सोडवण्यासाठी आम्ही पूर्ण निष्ठेने काम करत आहोत. *ऑन_16 ऑक्टोबर मोदी बारामती* मोदीजींना पत्र लिहिलं आहे प्रोग्राम कसा असेल तीच तारीख का एखादा दिवस पुढे मागे होईल त्या सर्वांचा फॉलो आम्ही घेत आहोत त्या कन्फर्मेशनच पत्र आल्यावर कळवू.0
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खूँटी में पुलिया नहीं, नाले के पार बच्चों की स्कूल राह मुश्किल
Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी। स्लग - पुलिया के अभाव में नाले से होकर ग्रामीण व विद्यार्थी गुजरने को मजबूर। ग्रामीण बताते हैं कि नाले में पुलिया बन जाने से आवागमन में काफी सुविधा होगी। डड़गामा गाँव से तिरला सिम्बुकेल जानेवाली कच्ची सड़क और नाले में पुल नहीं रहने के कारण जैसे तैसे पानी से होकर आवागमन करते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि नाले में अगर पुलिया बन जाती तो आवागमन में काफी सुविधा होगी। जनप्रतिनिधि केवल वोट मांगते हैं लेकिन विकास की सच्चाई है कि पानी से गुजरना पड़ रहा है। इसी लिए बाँस का पुल बनाकर उससे चढ़कर बच्चे विद्यालय आवागमन करते हैं। यही मात्र नहीं अगर पुल बन जाए तो खूँटी जिला व प्रखंड मुख्यालय भी आवागमन में दूरी कम हो जाती है।0
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शादी के नाम पर ठगी: लुटेरी दुल्हन ने विनोद के घर लाखों लूटे
Hapur, Uttar Pradesh:शादी के नाम पर ठगी और 'लुटेरी दुल्हन' का सनसनीखेज मामला सामने आया है. हापुड़ जिले के सिंभावली थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम लिसड़ी (भगवतीपुर) निवासी विनोद कुमार के घर शहनाइयों की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि नई नवेली दुल्हन पूरे घर को लाखों की चपत लगाकर रात के अंधेरे में रफूचक्कर हो गई. पीड़ित विनोद कुमार के अनुसार, करीब तीन महीने पहले उसकी मुलाकात हल्द्वानी निवासी पंडित राकेश शास्त्री से हुई थी. पंडित ने एक गरीब परिवार की लड़की से शादी का झांसा दिया और 14 अगस्त को रामपुर के एक शिव मंदिर में सीमा नाम की महिला से शादी करवा दी. शादी के नाम पर पंडित के कहने पर लड़की की मां को एक लाख रुपए नकद दिलवाए गए. इसके अलावा विनोद ने अपनी नई नवेली पत्नी को सोने का मंगलसूत्र, चांदी का हार, पाजेब और सैम्पिल जैसे कीमती आभूषण भी दिए. शादी के बाद दुल्हन को लेकर विनोद अपने घर आ गया. लेकिन यह खुशी महज एक दिन की ही थी. शादी की दूसरी ही रात (15-16 अगस्त की दरमियानी रात करीब 2 बजे) जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, दुल्हन सीमा घर का ताला खोलकर सारे जेवरात और नकदी समेटकर फरार हो गई. गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में महिला काले सूट-सलवार और लाल चुनरी ओढ़े चुपचाप अंधेरे में भागती हुई साफ नजर आ रही है. बताया जा रहा है कि सुबह जब परिजनों की आंख खुली तो घर से दुल्हन और कीमती सामान दोनों गायब थे. काफी खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं लगा, तो पीड़ित विनोद कुमार ने सिंभावली थाने पहुंचकर नामजद तहरीर दी और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई. इस घटना के बाद से घर में नई बहू के आने की खुशियां मना रहा परिवार अब खुद को पूरी तरह ठगा और बेबस महसूस कर रहा है. पाई-पाई जोड़कर शादी के लिए जुटाए गए पैसे और जीवनभर की जमा-पूंजी एक ही झटके में लुट जाने से पीड़ित परिवार लाचार खड़ा है. सिंभावली थाना पुलिस ने मामले में गुमशुदगी व ठगी की तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है. पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ शादी कराने वाले कथित बिचौलिए और दुल्हन के नेटवर्क की तलाश में जुट गई है. ऐसे मे यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है. किसी अनजान बिचौलिए के मीठे झांसे में आकर जल्दबाजी में शादी का फैसला न लें. बाइट - विनोद, पीड़ित पति0
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प्रतापगढ़ जिला प्रमुख की कुर्सी: परिवारों की दबदबा और लॉटरी-आरक्षण का असर
Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिला प्रमुख की कुर्सी सिर्फ जिला परिषद की राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रतापगढ़ की ग्रामीण राजनीति में ताकत, संगठन और राजनीतिक प्रभाव का बड़ा केंद्र मानी जाती है। इस बार आरक्षण की लॉटरी में प्रतापगढ़ जिला प्रमुख का पद एसटी महिला के लिए आरक्षित होने के बाद सबसे ज्यादा दिलचस्पी इस बात को लेकर है कि दोनों प्रमुख राजनीतिक दल आखिर किस चेहरे पर दांव लगाएंगे। आरक्षण ने संभावित दावेदारों का दायरा जरूर सीमित किया है, लेकिन प्रतापगढ़ की अब तक की राजनीतिक परंपरा को देखें तो इस बार भी दावेदारी सामान्य राजनीतिक कार्यकर्ता के बजाय किसी मजबूत राजनीतिक परिवार से सामने आने की संभावना ज्यादा दिखाई दे रही है। प्रतापगढ़ की जिला प्रमुख की राजनीति का पिछला इतिहास भी इसी ओर इशारा करता है। जिले के गठन के बाद से जिला प्रमुख की कुर्सी पर पहुंचने वाले प्रमुख चेहरों में राजनीतिक परिवारों का प्रभाव साफ दिखाई देता है। प्रतापगढ़ जिले प्रमुख के लिए रिकॉर्ड के आधार पर बद्रीलाल पाटीदार एक ऐसा अलग चेहरा रहे, जो किसी प्रमुख विधायक या मंत्री की पत्नी के रूप में इस राजनीतिक समीकरण में फिट नहीं बैठते। 2014 के रिकॉर्ड में वे प्रतापगढ़ के जिला प्रमुख के रूप में दर्ज हैं। इसके बाद जिला प्रमुख की राजनीति फिर से दो बड़े मीणा राजनीतिक परिवारों के बीच दिखाई लगाने लगी। एक तरफ भाजपा की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले पूर्व मंत्री, सात बार विधायक और एक बार सांसद रहे नंदलाल मीणा का परिवार, तो दूसरी तरफ कांग्रेस से जुड़े पूर्व विधायक रामलाल मीणा का परिवार। नंदलाल मीणा की पत्नी सुमित्रा मीणा चित्तौड़गढ़ की जिला प्रमुख रह चुकी थीं और बाद में उनकी पुत्रवधू सारिका मीणा प्रतापगढ़ की जिला प्रमुख बनीं। यानी जिला बनने से पहले चित्तौड़गढ़ की जिला प्रमुख की कुर्सी से शुरू हुआ राजनीतिक परिवार का यह प्रभाव, प्रतापगढ़ जिला बनने के बाद भी खत्म नहीं हुआ। प्रतापगढ़ 26 जनवरी 2008 को राजस्थान का 33वां जिला बना और इसके लिए चित्तौड़गढ़, उदयपुर और बांसवाड़ा के हिस्सों को मिलाया गया था। प्रतापगढ़ की जिला प्रमुख की सियासत में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मंत्री नंदलाल मीणा और रामलाल मीणा परिवारों की होती रही है। नंदलाल मीणा लंबे समय तक भाजपा की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे। उनके राजनीतिक जीवन में सात बार विधायक, एक बार सांसद और मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिकाएं रही हैं। उनकी पत्नी सुमित्रा मीणा चित्तौड़गढ़ की जिला प्रमुख रहीं और बाद में परिवार की अगली पीढ़ी की बहू सारिका मीणा प्रतापगढ़ की जिला प्रमुख बनीं। सारिका मीणा 2015 के जिला प्रमुख चुनाव में भाजपा की ओर से प्रतापगढ़ जिला प्रमुख चुनी गई थीं। उस समय जारी चुनाव परिणामों में प्रतापगढ़ के लिए सारिका मीणा का नाम भाजपा की जिला प्रमुख के रूप में दर्ज है। दूसरी तरफ कांग्रेस की राजनीति में रामलाल मीणा का परिवार जिला प्रमुख की कुर्सी तक पहुंचा। 2020 के चुनाव के बाद इंदिरा देवी मीणा जिला प्रमुख बनीं और कई वर्षों तक इस पद पर रहीं। बाद के वर्षों के समाचारों में भी उन्हें प्रतापगढ़ जिला प्रमुख के रूप में दर्ज किया गया है। यही वजह है कि प्रतापगढ़ में जिला प्रमुख की राजनीति को केवल जिला परिषद के सदस्यों की संख्या और पार्टी के बहुमत के गणित से नहीं देखा जाता। यहां उम्मीदवार के पीछे खड़ा राजनीतिक परिवार, विधानसभा चुनाव की ताकत, संगठन में पकड़ और जिला परिषद सदस्यों के साथ संबंध भी बड़ा फैक्टर बनता है। पिछले जिला प्रमुख चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि मुकाबला भी एक तरह से दो राजनीतिक परिवारों के बीच दिखाई दिया। कांग्रेस की ओर से इंदिरा देवी मीणा और भाजपा खेमे से सारिका मीणा का नाम सामने आया। इंदिरा देवी, पूर्व विधायक रामलाल मीणा की पत्नी हैं, जबकि सारिका मीणा भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे नंदलाल मीणा की पुत्रवधू और वर्तमान राजस्व मंत्री हेमंत मीणा की पत्नी हैं। हेमंत मीणा 2023 में भाजपा के प्रत्याशी रहे और उनके चुनावी हलफनामे में सारिका मीणा और संगीता मीणा दोनों का पत्नी के रूप में उल्लेख दर्ज है। इंदिरा देवी मीणा के पक्ष में जिला परिषद के कुल 17 सदनों में से 10 वोट पड़े थे, जबकि कांग्रेस के पास आठ सदस्य होने के बावजूद उन्हें अतिरिक्त समर्थन मिला। यही वह चुनाव था, जिसने प्रतापगढ़ की जिला प्रमुख की राजनीति में क्रॉस वोटिंग और व्यक्तिगत राजनीतिक प्रभाव को भी बड़ा मुद्दा बना दिया। अब 2026 की लॉटरी ने इस राजनीतिक कहानी को फिर से रोचक मोड़ दे दिया है। प्रतापगढ़ जिला प्रमुख का पद एसटी महिला के लिए आरक्षित होने के बाद पुरुष नेताओं के बजाय उनके परिवार की महिला सदस्यों की ओर राजनीतिक नजरें जाना स्वाभाविक है। इससे उन परिवारों को फायदा हो सकता है जिनके पास पहले से संगठन, पंचायत स्तर की राजनीति और जिला परिषद के सदस्यों के साथ मजबूत राजनीतिक संपर्क हैं। वहीं कांग्रेस खेमे में पूर्व विधायक रामलाल मीणा की पत्नी इंदिरा देवी मीणा का नाम एक बार फिर चर्चा में बताया जा रहा है। इंदिरा देवी पहले जिला प्रमुख रह चुकी हैं और जिला परिषद की राजनीति का उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव भी है। उनके कार्यकाल के दौरान भी रामलाल मीणा के साथ उनकी राजनीतिक सक्रियता लगातार दिखाई देती रही। हालांकि इन नामों को फिलहाल चर्चा और संभावित दावेदारी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अंतिम उम्मीदवार का फैसला पार्टी नेतृत्व, जिला परिषद के सदस्यों के समीकरण और चुनाव से पहले बनने वाले राजनीतिक गठजोड़ पर निर्भर करेगा। पूर्व मंत्री नंदलाल मीणा के दौर में भाजपा के उप जिला प्रमुख रहे रामलाल, फिर कांग्रेस से विधायक बने: प्रतापगढ़ की राजनीति में पूर्व विधायक रामलाल मीणा का राजनीतिक सफर भी जिला प्रमुख की मौजूदा राजनीति के समीकरणों को समझने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार रामलाल मीणा 2009 से 2014 तक प्रतापगढ़ जिला परिषद के उप जिला प्रमुख रहे। उस समय वे भाजपा से जुड़े हुए थे और यह दौर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं तत्कालीन प्रभावशाली राजनेता नंदलाल मीणा के राजनीतिक प्रभाव का दौर था। राजस्थानलिंक के राजनीतिक प्रोफाइल में भी रामलाल मीणा का कार्यकाल 2009-2014 उप जिला प्रमुख, जिला परिषद प्रतापगढ़ दर्ज है। यानी जिस राजनीतिक दौर में नंदलाल मीणा भाजपा की प्रतापगढ़ की राजनीति में सबसे मजबूत चेहरों में शामिल थे, उसी दौर में रामलाल मीणा भाजपा के टिकट पर जिला परिषद की राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बाद में राजनीतिक मतभेदों के चलते रामलाल मीणा भाजपा से अलग हुए और किरोड़ी लाल मीणा के साथ जुड़ गए। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजस्थान जन पार्टी (राजपा) के टिकट पर प्रतापगढ़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद जब किरोड़ी लाल मीणा फिर भाजपा में लौटे तो रामलाल मीणा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें प्रतापगढ़ विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में रामलाल मीणा ने भाजपा प्रत्याशी को 16,680 मतों के अंतर से हराकर पहली बार विधायक बनने में सफलता हासिल की। उपलब्ध राजनीतिक रिकॉर्ड के अनुसार 2018-23 के दौरान वे राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे। यही राजनीतिक सफर प्रतापगढ़ की राजनीति में एक दिलचस्प तस्वीर सामने रखता है—जिस व्यक्ति ने नंदलाल मीणा के भाजपा के प्रभाव वाले दौर में भाजपा से जिला परिषद के उप जिला प्रमुख के रूप में राजनीति शुरू की, वही बाद में भाजपा छोड़कर अलग राजनीतिक रास्ते पर गया और अंततः कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा पहुंचा। इसी वजह से आज जब जिला प्रमुख की कुर्सी के लिए फिर से नंदलाल मीणा परिवार और रामलाल मीणा परिवार के नाम राजनीतिक चर्चाओं में हैं, तो दोनों परिवारों के बीच की यह पुरानी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी प्रतापगढ़ की सियासत को और दिलचस्प बना देती है।0
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ओम बिरला कोटा-बूंदी दौरे में जनसुनवाई से जनता की समस्याओं के समाधान के निर्देश
Kota, Rajasthan:लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी के प्रवास पर हैं। बिरला शक्तिनगर स्थित कैंप कार्यालय पर जनसुनवाई कर रहे हैं और क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं। आज कोटा में बिरला विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। शाम 5 बजे छप्पनभोग परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया जाएगा। इस दौरान करीब 700 करोड़ रुपए की लागत वाले विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास प्रस्तावित है। जनसुनवाई के दौरान लोगों ने स्थानीय समस्याएं और विकास से जुड़े मुद्दे बिरला के सामने रखे, जिनके समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं।0
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डुमरियागंज के मदरसे अरबिया जियाउल उलूम ध्वस्त, भारी पुलिस-प्रशासन मौजूद
Naugarh, Uttar Pradesh:सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव में स्थित अरबिया जियाउल उलूम मदरसे पर मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर भवन को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान सात जेसीबी मशीनों के साथ बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। मदरसा ध्वस्त किए जाने की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और सपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस बल ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। बताया जा रहा है कि अरबिया जियाउल उलूम मदरसे का निर्माण वर्ष 1968 में हुआ था और तभी से यहां मदरसे का संचालन किया जा रहा था। मदरसे में करीब 350 बच्चे उर्दू की तालीम हासिल कर रहे थे। मदरसा प्रबंधन की ओर से इसके वक्फ बोर्ड में पंजीकृत होने की बात कही जा रही है, हालांकि सरकार से मदरसे को मान्यता नहीं मिल सकी थी। वहीं, मदरसे की जमीन को लेकर चकबंदी विभाग में मुकदमा चलने की भी बात सामने आई है। मदरसे की देखरेख कर रहे ग्राम प्रधान एवं मदरसा व्यवस्थापक इरशाद अहमद के मुताबिक, जमीन के अभिलेखों में मदरसा संचालक अब्दुल सलाम का नाम दर्ज है। इरशाद अहमद का कहना है कि मंडलायुक्त बस्ती मंडल की ओर से एसडीएम और चकबंदी विभाग को मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे। उनका आरोप है कि मुकदमा लंबित होने और जांच के निर्देश के बावजूद प्रशासन ने मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे मदरसे को ध्वस्त कर दिया। मदरसा व्यवस्थापक का आरोप है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से पहले प्रशासन की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि मदरसा संचालक अब्दुल सलाम फिलहाल मुंबई में हैं। वहीं, प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सपा नेताओं के मौके पर पहुंचने के बाद माहौल और गरमा गया और प्रशासनिक अधिकारियों तथा सपा नेताओं के बीच कार्रवाई को लेकर तीखी बहस हुई। बाइट-1- इरशाद अहमद, ग्राम प्रधान एवं मदरसा व्यवस्थापक वहीं इस बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर अपर जिला अधिकारी गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव के गाटा संख्या 1028,1029 जो की सरकारी भूमि थी उसे पर मदरसा और मस्जिद का निर्माण अवैध रूप से कराया गया था। इस मामले को लेकर तहसीलदार डुमरियागंज न्यायिक न्यायालय में दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद उक्त भूमि से अवैध कब्जा हटाने को लेकर आदेश पारित हुआ। इस आदेश के विरुद्ध जिलाधिकारी न्यायालय मेंअपील की गई। अपील खारिज होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था के बीच आज कराई गई है। उन्होंने कहा कि दोनों गाटा संख्याओं पर जो भी अवैध निर्माण थे उनको पूरी तरह से व्यस्त कर दिया गया है। बाइट,,2, गौरव श्रीवास्तव,,, अपर जिला अधिकारी0
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कहाँ है विधायक KuldeepKumarAAP? मोदी जी की पुलिस ने आज सुबह उठा लिया
Noida, Uttar Pradesh:कहाँ है विधायक KuldeepKumarAAP ? मोदी जी की पुलिस आज सुबह 4:30 उन्हें उठा कर ले गई, और बताने को तैयार नहीं है कि वो कहाँ है। कमिश्नर और स्पेशल कमिश्नर फ़ोन नहीं उठा रहे। 2 बजे हम दिल्ली हाई कोर्ट में Habeus Corpus लगा रहे हैं। मोदी जी: यह देश आपकी गुंडागर्दी से नहीं, संविधान से चलता है।0
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मौलाना शहाबुद्दीन की चेतावनी: मुसलमानों से विरोध छोड़ो, सकारात्मक सोच से आगे बढ़ें
Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली:- आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने प्रेस को जारी किए गए बयान में कहा कि आज कल मुसलमानो की आदत बन गई है कि जहां बैठते हैं, वहां योगी और मोदी की नकारात्मक चर्चा शुरू कर देते हैं। मैं तमाम मुसलमानो से कहना चाहता हूं कि 2017 से लेकर अब तक भाजपा के विरोध की राजनीति करते रहे हैं, मगर अब विरोध की राजनीति खत्म करके सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। इस 10 साल के लम्बे अरसे में समाजवादी पार्टी और नाम नीहाद सैकूलर पार्टियों के कहने और उकसाने पर मुसलमान भाजपा के लिए लामबंद होता रहा है, जिसका सिधा फायदा समाजवादी पार्टी को मिलता रहा, और वही दूसरी तरफ मुसलमान हाशिए पर चला गया। और सारा नुकसान मुसलमानो को उठाना पड़ रहा है। इसलिए अब मुसलमानो को भी सोचना होगा और अपने नजरिए में बदलाव लाना होगा। मौलाना ने कहा कि नाम निहाद सैकुलर पार्टियां और खास तौर पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भोले भाले और सीधे साधे मुसलमानो को उकसाया और भड़काया। अगर किसी मुसलमान ने अपने बेटे य बेटी की शादी में भाजपा के मंत्री या विधायक को बुला लिया, तो सपा के लोग तूफाने बत्तामीजी खड़ा कर देते हैं, और उसके बायकाट तक का ऐलान कर देते हैं। जबकि वहीं दूसरी तरफ मुलायम सिंह यादव ने कल्याण सिंह को मिलाकर सपा की हुकूमत बनाईं, भाजपा पार्टी के आधे लोगों को अपने मंत्री मंडल में शामिल किया, उसी में आजम खां भी मंत्री रहे और उन्होंने इस्तीफा तक नहीं दिया। मुलायम सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कई बार प्रधानमंत्री बनने की दुआं की और खुद अखिलेश यादव रात के अंधेरे में भाजपा के लोगों से मिलकर अपना एजेंडा तय करते हैं। इसलिए मुसलमानो सपा के दो चेहरों को पहचानों। मौलाना ने आगे कहा कि मैं मुसलमानो से गुजारिश करता हूं कि अब जगह जगह भाजपा का विरोध करना बंद कर दें, अपने दिल न दिमाग में सकारात्मक सोच पैदा करें। और अपने व अपने परिवार के भाविष्य के दिनों के लिए अच्छा सोचें, ताकि नई नस्ल के विकास के लिए कुछ बेहतर अंदाज में खाका खींचा जा सकें। इस 10 साल की नकारात्मक राजनीति ने मुसलमानो को बहुत पिछे ढाकेल दिया है। मुसलमानो की सिर्फ विरोध की राजनीति ने मुसलमानो के विकास के पहिए को जाम कर दिया। नाम निहाद सैकुलर पार्टियां और समाजवादी पार्टी ने मुसलमानो को भाजपा के खिलाफ उभ्र प्रदर्शनो के लिए मजबूर किया, मुसलमान सपा के बेहकावे में आ गया जिसके नतीजे में लाठियां मुसलमानो ने खाई , जेल मुसलमान गए। और सपा के सभी नेता आराम से अपनी सियासी रोटियां सेंकते रहें। और फायदे हासिल करते रहे। इसलिए मैं अपने भाईयों से अपील करता हूं कि सियासी लोगों की चालों को समझें और अपने भविष्य पर ध्यान दें।0
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चरखी दादरी के सफाई कर्मचारियों का ताला-जड़ धरना, अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
Charkhi Dadri, Haryana:चरखी दादरी। लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों का गुस्सा अब आर-पार की लड़ाई में बदलता नजर आ रहा है। मांगें पूरी नहीं होने से भड़के कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय पर ताला जड़ दिया और कार्यालय के सामने धरना देकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में तब्दील कर दिया जाएगा। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से उनकी मांगें जल्द पूरी करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन लंबे समय बाद भी धरातल पर कोई समाधान नहीं हुआ। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। ‘समय पर वेतन नहीं तो … धरना पर बैठे कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक परेशानियां बताते हुए कहा कि समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कई कर्मचारियों को उधार लेकर परिवार का गुजारा करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का सवाल है कि जब समय पर वेतन ही नहीं मिलेगा तो वे अपने बच्चों की पढ़ाई, भोजन और अन्य जरूरतों का खर्च कैसे उठाएंगे? सफाई कर्मचार ने ठेकाप्रथा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि ठेके पर लगाए गए सफाई कर्मचारियों का कथित तौर पर शोषण किया जा रहा है और उन्हें समय पर वेतन तक नहीं दिया जाता। कर्मचारियों ने सरकार से ठेकाप्रथा खत्म कर कर्मचारियों के हित में ठोस व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर अब शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं, जिससे दुर्गंध और बीमारी फैलने की आशंका के बीच आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सफाई व्यवस्था बिगड़ने से लोगों में भी नाराजगी बढ़ रही है। हालांकि सफाई कर्मचारियों ने आमजन से अपनी मजबूरी समझने और आंदोलन में समर्थन देने की अपील की है। कर्मचारियों का कहना है कि वे भी शहर को साफ रखना चाहते हैं, लेकिन अपने हक और सम्मान की लड़ाई लड़ना भी उनकी मजबूरी है। सरकार को खुली चेतावनी— सफाई कर्मचारियों ने साफ कर दिया कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका कहना है कि लंबे समय से मांगें लंबित हैं, बार-बार भरोसा दिया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में यदि जल्द उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र होगा तथा अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया जाएगा। अब बड़ा सवाल यह है कि शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश के बीच सरकार और नगर परिषद कब तक खामोश रहती है? कर्मचारियों के ताले और नारों ने प्रशासन के सामने साफ संदेश छोड़ दिया है—मांगें पूरी करो, वरना आंदोलन और बड़ा होगा।0
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