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DSDigvijay SinghFollow28 Nov 2024, 09:50 am

अंबेडकर नगर -खुद को ज़िंदा साबित करने के लिए जिला कोषागार पहुँच रहे बुजुर्ग

Akbarpur, Uttar Pradesh:जनपद अंबेडकर नगर के जिला कोषागार में इन दिनों अपने आप को जिंदा साबित करने के लिए बुजुर्गों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है वहीं प्रशासन द्वारा बैंकों को जिम्मेदारी भी दी गई है कि वह अपने अपने निकट के बैंक जिसमें उनका पेंशन जाता है वहां से अपना फार्म जमा कर सकते हैं जीवित प्रमाण पत्र दे सकते हैं लेकिन बैंकों द्वारा समय से नहीं भेजा जाता है जीवित प्रमाण पत्र लोगों को जलालपुर आलापुर सहित विभिन्न स्थानों से सैकड़ो किलोमीटर की दूरी तय कर आना पड़ता है जनपद में 10400 पेंशनर है जिसमें अभी तक 7000 लोगों ने जमा किया है
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Gen Z को समझाने में संस्कृत की प्रासंगिकता: उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति

Haridwar, Uttarakhand:संस्कृत सप्ताह महोत्सव के दौरान उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पांडे ने Gen Z के प्रदर्शनों और युवा पीढ़ी की बदलती सोच पर अपनी बात रखी। दिल्ली में हालिया Gen Z प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन भारतीय संस्कारों के अनुरूप भाषा और व्यवहार में संयम बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।कुलपति ने कहा कि संस्कृत में विरोध और अपनी बात रखने की परंपरा कोई नई नहीं है। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में भी संस्कृत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और आज भी समाज में इसकी प्रासंगिकता बनी हुई है। उनके मुताबिक युवाओं को आधुनिक सोच के साथ अपनी संस्कृति और मूल्यों की जानकारी भी होनी चाहिए।Gen Z को लेकर उन्होंने कहा कि आज की युवा पिढी को भारतीय संस्कारों और संस्कृति से परिचित कराना जरूरी है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा से जोड़ने का उद्देश्य भी यही है कि युवा यह समझ सकें कि उनकी जड़ें और विरासत क्या हैं।उन्होंने कहा कि आधुनिकता अपनाने में कोई बुराई नहीं, लेकिन आधुनिक बनने की दौड़ में परिवार, संस्कार और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दूरी नहीं बननी चाहिए। उनके मुताबिक संस्कृत को केवल धार्मिक कर्मकांड से जोड़कर देखना भी सही नहीं है। संस्कृत एक भाषा है, जिसमें भारत की विशाल ज्ञान परंपरा और अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना हुई है।प्रो. पांडे ने कहा कि संस्कृत को किसी एक धर्म तक सीमित करना उचित नहीं है। जिस तरह हिंदी और अंग्रेजी भाषाएं हैं, उसी तरह प्राचीन भारत में संस्कृत ज्ञान और संवाद की महत्वपूर्ण भाषा रही है。
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खटीमा में बाढ़ का पानी घुसा, 26 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू

Bahara Boj, Uttarakhand:खटीमा में बाढ़ का पानी घुस गया, कई लोग फंसे; 26 लोगों का रेस्क्यू. उत्तराखंड में बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा क्षेत्र के बनगवां गांव में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया, जिससे ग्रामीणों का घर का सारा सामान पानी में जलमग्न हो गया. जिला आपदा कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद प्रशासन तत्काल हरकत में आया. जिले के डीएम नितिन भदौरिया और जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या के साथ SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. SDRF की टीम ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक विद्यालय बनगवां में पहुंचाया. कुल 26 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर विद्यालय में ठहराया गया. प्रभावित ग्रामीणों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश सप्लाई विभाग को दिए गए हैं. प्रशासन की टीम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव कार्य किए जाने की बात कही गई है. बाइट- वीरेंद्र सजवाण, तहसीलदार खटीमा
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रोहतास में सोन नदी का जलस्तर बढ़ा, सोन बराज के सभी गेट खुले

Sasaram, Bihar:खबर रोहतास जिला से है। सोन नदी में बढ़े जलस्तर के बाद नदी का विकराल रूप सामने आया है। जहां इंद्रपुरी में स्थित सोन बराज का सभी 69 गेट को खोल दिया गया है। बताया जाता है की बारी-बारी से धीरे-धीरे सभी फाटक को खोला जा रहा है। इसके बाद सोन नदी में 5 लाख 12 हजार क्यूसेक पानी को सीधे डिस्चार्ज कर दिया गया है। सोन बराज से इतने भारी मात्रा में पानी का डिस्चार्ज करने से सोन नदी का आगे जाकर जलस्तर काफी बढ़ गया है। ऐसे में जहां डेहरी एवं नासरीगंज में पूरी तरह से अलर्ट जारी की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश एवं झारखंड के पलामू में हुए बारिश के अलावा वाण सागर से पानी जो डिस्चार्ज किया गया है। उसे कारण सोन का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन इसकी निगरानी कर रही है। रोहतास के डीएम दीपक कुमार मिश्रा का कहना है कि तमाम तरह की सतर्कता बढ़ती जा रही है। बराज के गेट खोले जा रहे हैं। बता दे की सोन में बढ़े जलस्तर से नौहट्टा, रोहतास प्रखंड क्षेत्र, तिलौथू, डेहरी, नासरीगंज के इलाके में सतर्कता बरतने की अपील की गई है। आम लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने के लिए कहा गया है。
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अजय राय ने मुख्यमंत्री पर दुष्प्रचार का आरोप, माफी और मानहानि मुकदमा की मांग

Noida, Uttar Pradesh:0209ZUP_LKO_AJAY_BT_R लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा, "उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एक बहुत ही जिम्मेदार पद पर बैठे हैं और उन्होंने जिस तरीके का दुष्प्रचार मेरे लिए किया, जिस तरह की भ्रांति फैलाई कि मैं वहां मछली भोज कर रहा था...निश्चित तौर से उन्हें हमारे बारे में जानकारी नहीं है। हम काशी के रहने वाले हैं, शुद्ध शाकाहारी हैं और बाबा विश्वनाथ के भक्त हैं। हम उस कार्यक्रम में जरूर शामिल हुए थे और वो निषाद समाज की परंपरा है, वो हमें बुलाएंगे तो हम जरूर जाएंगे...हम वहां उनके कार्यक्रम में शामिल हुए थे लेकिन उन्होंने दुष्प्रचार कर दिया कि हमने मछली भोज किया। मुख्यमंत्री ने मेरी प्रतिष्ठा को गिराया है...हम बहुत दुखी है...हमारे कार्यकर्ताओं ने हमसे कहा कि उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाना चाहिए। हमने सभी सबूत और प्रमाण सौंप दिए हैं कि उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए...उन्हें राज्य की जनता और पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए और यह स्वीकार करना चाहिए कि उन्होंने झूठ बोला है...."
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शेखावाटी विश्वविद्यालय: छात्रसंघ अध्यक्ष का 2 साल का निष्कासन, SFI का कैंपस धरना जारी

Sikar, Rajasthan:सीकर शेखावाटी विश्वविद्यालय ने छात्रसंघ अध्यक्ष राजू बिजारणिया को किया 2 साल के लिए विश्वविद्यालय से निष्कासित SFI ने नोटिस वापस लेने व विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय कैंपस में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया शेखावाटी विश्वविद्यालय ने छात्रसंघ अध्यक्ष राजू बिजारणिया को किया 2 साल के लिए विश्वविद्यालय से निष्कासित करने के विरोध में SFI ने नोटिस वापस लेने व विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय कैंपस में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया. आदेश को वापस लेने की मांग को लेकर छात्रसंगठन SFI ने शेखावाटी विश्वविद्यालय में कैंपस में लगातार पांच घंटे तक आक्रामक विरोध प्रदर्शन किया प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के तमाम प्रशासनिक अधिकारी बंद कमरे में बैठे थे। अधिकारी बाहर नहीं आने पर SFI ने पूरे कैंपस के हर कार्यालय के बाहर सैकड़ों विद्यार्थियों के साथ पूरे कैंपस के अंदर विरोध मार्च निकाला लगातार 5 घंटे बाद पुलिस प्रशासन पहुंच और विश्वविद्यालय के अधिकारी और SFI के नेता प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र ढाका, जिला अध्यक्ष महिपाल सिंह गुर्जर, साइंस कॉलेज अध्यक्ष संदीप नेहरा, अभिषेक महला, अमित व सुशीला से वार्ता करवाई वार्ता असफल हुई इसके बाद जल्द से जल्द उग्र आंदोलन करने और अनिश्चितकालीन करने की घोषणा की गई।
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मनेर में गंगा जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ से गांव प्रभावित

Danapur, Bihar:मनेर में गंगा का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान से बह रहा ऊपर, कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी; नाव के सहारे आवागमन, लोगों कल परेशानी दानापुर के मनेर इलाके से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से मनेर के गंगा से सटे दियारा क्षेत्र में बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। बताया जा रहा है कि मनेर में गंगा खतरे के निशान से करीब 53 सेमी ऊपर बह रही है। इसके कारण कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बाढ़ का पानी गांवों में फैलने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए छोटी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। मनेर के इस्लामगंज गांव की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जहां चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। गांव से बाहर निकलने और वापस लौटने के लिए ग्रामीण नाव का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के पानी की वजह से रोजमर्रा की जिंदगी काफी मुश्किल हो गई है। सड़क और रास्ते पानी में डूब जाने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। गांव की रहने वाली उर्मिला देवी और झालो देवी ने बताया कि बाढ़ के पानी से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। उन्होंने कहा कि अपनी नाव होने की वजह से वे लोग किसी तरह गांव से शहर की ओर आ-जा पा रहे हैं। अगर नाव नहीं होती तो उनकी मुश्किलें और बढ़ जातीं। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ की स्थिति के बावजूद सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक पर्याप्त मदद नहीं मिल पाई है। लोगों ने प्रशासन से नाव, राहत सामग्री और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। बाईट उर्मिला देवी और झालो देवी, ग्रामीण
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कोटपूतली के जयसिंहपुरा में डीपी तारों से भारी लापरवाही, तीन झुलसे

Jaipur, Rajasthan:कोटपूतली के जयसिंहपुरा गांव में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण बड़ा हादसा हो गया। पोल पर लगी विद्युत डीपी के अर्थ वायर में अचानक करंट प्रवाहित होने से खेत में तार बाउंड्री कर रहे तीन लोग उसकी चपेट में आ गए। करंट की चपेट में आने से تینों लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तीनों घायलों को अचेत अवस्था में राजकीय बीडीएम (BDM) जिला अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद से ही ग्रामीणों में विद्युत निगम की लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि जर्जर तारों और डीपी की देखरेख न होने के कारण आए दिन ऐसे हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और घायलों को उचित मुआवजा देने की मांग की है。
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बोकारो थर्मल में सड़क धंसने से चूना पत्थर लदा ट्रक फंसा STP चैम्बर पर सवाल

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो के बेरमो के डीवीसी बोकारो थर्मल पावर प्लांट में एफजीडी (FGD) प्लांट के लिए मध्य प्रदेश के सतना से चूना पत्थर लेकर आ रहा एक भारी ट्रक मंगलवार की रात सड़क धंसने के कारण फंस गया. घटना रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है. ट्रक का नंबर UP 63 BT 0256 है. ट्रक चालक बोकारो थर्मल पावर प्लांट की ओर जाने के दौरान रास्ता भटक गया. इसके बाद वह रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क पर पहुंच गया. इसी दौरान सड़क किनारे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का काम कर रही एजेंसी द्वारा बनाए गए चेंबर के पास अचानक जमीन धंस गई. भारी वाहन का वजन पड़ते ही सड़क का एक हिस्सा नीचे बैठ गया और ट्रक के पहिए गहराई तक जमीन में समा गए. घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई. स्थानीय लोगों ने STP कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया है. लोगों का कहना है कि चेंबर बनाने के बाद मिट्टी की सही से भराई नहीं की गई, जिसके कारण सड़क कमजोर हो गई.
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उमरिया: चिल्हारी बस स्टैंड पर हाईवा की चपेट में 12 वर्षीय बालक की मौत

Umaria, Madhya Pradesh:उमरिया जिले के मानपुर–बरही सड़क मार्ग पर ग्राम चिल्हारी के बस स्टैंड में बुधवार सुबह करीब 7 बजे दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हाईवा ट्रक की चपेट में आने से साइकिल सवार 12 वर्षीय बालक मनजीत कोल की मौके पर ही मौत हो गई मिली जानकारी के मुताबिक मनजीत कोल पिता रामलाल कोल, निवासी चिल्हारी, साइकिल से चिल्हारी स्थित अमलहाई हार के खेत की ओर जा रहा था,बताया गया कि वह हरछठ व्रत के लिए दही-दूध लेकर जा रहा था,इसी दौरान मुख्य बस स्टैंड पर हाईवा ट्रक क्रमांक MP 19 HA 7552 की चपेट में आ गया। हादसा इतना भीषण था कि बालक के सिर में गंभीर चोट आने से उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया,घटना की सूचना डायल 112 को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची,और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्यवाही जारी हैं。
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दमोह कोर्ट में दो वकीलों के बीच पार्टी और वादा खिलाफी पर कानूनी नोटिस

Damoh, Madhya Pradesh:दो वकील दोस्तों के बीच पार्टी को लेकर उठी बात कानूनी नोटिस तक पहुंची, हर कोई जानकार है हैरान.. एंकर/ अक्सर आपने दोस्तों के बीच पार्टी को लेकर तनातनी बहस बाजी तकरार और यहां तक की तूं तूं में में भी देखी होगी, कई बार इस छोटी सी बात पर कई कई दिनों तक दोस्तों में आपस में बातचीत भी बंद देखी होगी और बेहद सामान्य सी बातें है और कोई किसी को ये सब सुनाये तो सुनने वाला भी बहुत सामान्य सा लेगा। लेकिन एमपी के दमोह में जो हुआ वो जानकर आप हैरान रह जायेगे और शायद इससे पहले आपने ऐसा मामला न ही सुना हो, जी हां दमोह में बड़ा अजीबो गरीब मामला सामने आया है जिसे जानकर सब हैरान है और लोग कुछ कह भी नहीं पा रहे क्योंकि मामला न्यायालय की चौखठ पर जाने की तैयारी में है और उस पर दो वकीलों के बीच है लिहाजा कानूनी दाव पेचों से भरा पूरा मामला है। दरअसल मामला कुछ इस तरह से है कि दमोह जिला न्यायालय में दो जाने माने युवा अधिवक्ता गोविंद तिवारी और विशाल राजपूत है। बीते दिनों एडवोकेट गोविंद तिवारी का जन्मदिन था, जिला अधिवक्ता संघ की परम्परा के मुताबिक बार रूम में उनका जन्मदिन मनाया गया, तमाम अधिवक्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दी और फिर तिवारी ने अपने कुछ अजीज एडवोकेट मित्रों को पार्टी देने की बात कही। इस फेहरिस्त में उनके साथी एडवोकेट विशाल राजपूत भी थे और सबने उनकी इस सहृदयता के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया लेकिन विशाल के मुताबिक पार्टी का केवल आश्वासन भर मिला पार्टी नहीं जिसके बाद एक बार फिर गोविंद तिवारी पर पार्टी को लेकर मित्रों ने दबाब बनाया तो विशाल बताते हैं कि इस बार लिखित आश्वासन मिला और सबको यही उम्मीद थी कि तय तारीख में पार्टी मिलेगी। जिस दिन का वादा किया गया था उस दिन पूरे दिन उनके मित्र बेहद खुश थे जो खुशी दोस्तों के बीच होती है और इस खुशी में उन्होंने शायद जमकर काम भी किया लेकिन विशाल बताते है कि शाम से पार्टी के लिये फोन काल का इंतजार करने के बाद भी उनके मित्र गोविंद तिवारी का फोन नहीं आया और आखिरकार लेट नाइट उन्होंने खाना खाया और इस वजह से उनकी तबियत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल जाना पड़ा और इलाज में बड़ी रकम लग गई। मामला सिर्फ शिकवा शिकायत तक नहीं रहा बल्कि ये घटना अब कानूनी बन गई। दोस्तो के बीच का मामला लीगल नोटिस तक पहुंच गया। एडवोकेट विशाल ने एक अपने साथी अधिवक्ता गोविंद तिवारी को एक लीगल नोटिस भेजा है जिसमें सारी घटना का उल्लेख करते हुए वादा खिलाफि का आरोप लगाया है और भारतीय कानून में उल्लेखित धाराओं का हवाला दिया गया है क्षतिपूर्ति के रूप में 41 हजार 250 रुपए अदा करने की बात कही गई है। अब इस राशि पर उनका कहना है कि पार्टी न मिलने पर उन्हें रेस्टोरेंट में एक हजार 750 रुपए का खाना खाना पड़ा और वो इस सब से मानसिक परेशान होकर बीमार पड़े और उन्हें अस्पताल में इलाज कराना पड़ा जिस पर 39 हजार 500 रुपए खर्च हुए है। नोटिस मिलने के बाद शायद अधिवक्ता तिवारी हैरान भी हुए हों क्योंकि दोस्तों के बीच होता तो बहुत कुछ है लेकिन बात इतनी बढ़ेगी कि लीगल नोटिस मिलेगा और बात न्यायालय तक जाएगी ये सोचा नहीं होगा। चूंकि मामला अब संवेदनशील हो गया लिहाजा उन्होंने भी कानूनी तरह से मामले को हैंडल करने का मन बनाया है। एडवोकेट तिवारी ने अपने सीनियर और दमोह के प्रसिद्ध एडवोकेट मनीष नगाइच के जरिये अपनी बात रखने का निर्णय लिया है। उनके वकील मनीष नगाइच के मुताबिक कानून में वादा खिलाफी को लेकर कार्यवाही का उल्लेख है और नियंगत तरीके से मामला कोर्ट में जा सकता है लेकिन दोनों हो अधिवक्ता होने के साथ साथ अच्छे मित्र है लिहाजा वो चाहेंगे कि समन्वय स्थापित हो और कोई रास्ता निकल आए ये उनकी कोशिश रहेगी और यदि रास्ता नहीं निकलता तो फिर विधिवत मुकदमा भी लड़ा जाएगा। अपने जूनियर और क्लाइंट गोविंद तिवारी की तरफ से जानकारी देते हुए सीनियर एडवोकेट मनीष नगाइच ने बताया कि नोटिस में जो लिखा गया है उस में बहुत सारी चीजें सही नहीं है। जिस दिन पार्टी का वादा किया गया था उस दिन पार्टी हुई थी और उसके बिल भी उनके पास है। फिलहाल आपसी तौर पर दो दोस्तों में सुलह कराने की कोशिश की जा रही है।
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