icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
224137
CHANDAN MAURYACHANDAN MAURYAFollow24 Jan 2025, 02:13 pm

Ambedkar Nagar: बसखारी ब्लॉक में मानक विहीन सीसी रोड निर्माण

Tenuai Kala, Uttar Pradesh:

बसखारी ब्लॉक परिसर में क्षेत्र पंचायत निधि से बन रहे सीसी रोड में मानकों की अनदेखी की जा रही है। शिकायत है कि निर्माण में सफेद बालू का गलत तरीके से उपयोग किया जा रहा है। रोड के दोनों साइड पर पटरी बनाई जा रही है और बीच में ईंट की टुकड़ी डालकर मोटी परत सफेद बालू डाली जा रही है। इसके ऊपर पन्नी डालकर गिट्टी, सीमेंट और मोरंग की ढलाई की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए अधिकारी पहुंचते हैं लेकिन ब्लॉक परिसर में हो रहे इस मानक विहीन कार्य पर अधिकारियों की नजर नहीं पड़ रही है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर कब तक भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बारिश में पुल पर बच्चों के लिए खतरा: ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से जवाब मांगा

Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-नरसिंहपुर जिले के मुदई-बेलखेड़ी मार्ग से सामने आए दो डरावने वीडियो ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो दिन पुराने इन वीडियो में लगातार बारिश के दौरान स्कूली बच्चे और बच्चियां पानी से लबालब पुल को पार करते नजर आ रहे हैं। हालात ऐसे कि छोटे बच्चों को उनके परिजन गोद में उठाकर पुल पार कराने को मजबूर हैं, तो स्कूली छात्राएं भी जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से निकल रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल की ऊंचाई कम होने के कारण थोड़ी बारिश में ही इसके ऊपर पानी बहने लगता है। यह पुल कई गांवों को जोड़ता है और बारिश के मौसम में ग्रामीणों के लिए बड़ा खतरा बन जाता है। अब वायरल वीडियो के बाद सवाल है—आखिर जिम्मेदारों की नजर इस खतरे पर कब पड़ेगी?
0
0
Report

सिकंदराराऊ में कांवड़ियों ने की प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सराहना

Mohammad RajaMohammad RajaFollowJust now
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:सिकंदराराऊ- सावन माह के अंतिम चरण में कांवड़ यात्रा के दौरान सिकंदराराऊ क्षेत्र से होकर गुजरने वाले कांवड़ियों ने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना की। गंगाघाट से जल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे शिवभक्तों ने कहा कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और अन्य सुविधाओं के बेहतर इंतजाम किए गए, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। सिकंदराराऊ प्रशासन द्वारा कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती, यातायात नियंत्रण, साफ-सफाई की व्यवस्था तथा पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई थी। प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए थे। कांवड़ियों ने बताया कि प्रशासन की सतर्कता और जिम्मेदारीपूर्ण कार्यशैली के कारण यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है, जिसका लाभ उन्हें यात्रा के दौरान स्पष्ट रूप से मिला। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोषों के बीच कांवड़िये अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। श्रद्धालुओं ने सिकंदराराऊ प्रशासन के सहयोग, सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की व्यवस्थाएं धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रशासन की सक्रियता और समर्पण के चलते क्षेत्र में कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न होती दिखाई दी।
0
0
Report

शिवाड़ के घुश्मेश्वर मंदिर को 12वें ज्योतिर्लिंग मानने की बहस तेज

Sawai Madhopur, Rajasthan:जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव को देश के 12 ज्योतिर्लिंग के रूप में माना जाता है। वर्ष भर देश के कौने-कौने से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और घुश्मेश्वर महादेव मंदिर में अपनी हाजिरी लगाकर अपनी मनौती मांगते हैं। शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव मंदिर आसपास के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है। श्रावण मास में यहाँ श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रहती है। ऐसे में इन दिनों शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। घुश्मेश्वर महादेव मंदिर को लेकर इतिहास भी अपने आप में अद्भुत है। मंदिर का इतिहास देव गिरी पर्वत के पास सुधर्मा नामक ब्राह्मण का है, जिनकी पत्नी सुदेहा नेघुश्मा की शादी अपने पति से करवा दी थी। घुश्मा भगवान शंकर की भक्त थीं और पुत्र रत्न की प्राप्ति के बाद सुदेहा ने अपनी बहन के पुत्र की हत्या कर शव सरोवर में फेंक दिया। भगवान शिव ने घुश्मा को आकाशवाणी से बताया कि उसके पुत्र की हत्या उसकी बहिन ने की है। घुश्मा ने कहा कि आप बस उसकी बुद्धि सही कर दें। भगवान शिव ने उसे वरदान दिया और कहा कि आज से मैं तुम्हारे नाम से इसी स्थान पर बोलूंगा और लोगों की सेवा करूंगा। इस मंदिर का जीर्णोद्धार 18वीं सदी में अहिल्याबाई Holkar ने करवाया था और कहा जाता है कि शिवालय को 12वें ज्योतिर्लिंग के रूप में पहचान दिलाने वाले दावे कई पक्षों द्वारा किए जाते हैं। श्रद्धालु श्रावण महोत्सव के दौरान मंदिर के विविध धार्मिक आयोजन देख पाते हैं। राजस्थान सरकार द्वारा धार्मिक पर्यटन के लिहाज से घुश्मेश्वर महादेव मंदिर को प्रदेश के प्रमुख स्थलों में स्थान मिला है और मन्दिर ट्रस्ट के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्था की गई है। शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव मंदिर आस्था का प्रगाढ़ केंद्र बना हुआ है এবং श्रद्धालु भोलेनाथ से अपनी मुराद पूरी होने की उम्मीद रखते हैं।
0
0
Report
Advertisement

देहरादून के सैन्य धाम पर राजनीतिक घमासान, बजट-टाइमलाइन पर सवाल उठे

Dehradun, Uttarakhand:राजधानी देहरादून के गुनियाल गांव में बन रहे सैन्य धाम को लेकर सियासी संग्राम जारी है। राज्य सरकार इसे पांचवें धाम के रूप में स्थापित कर रही है, लेकिन नाम पर हो रही राजनीति चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष से ज्यादा भाजपा के नेता ही अपनी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम शुरू से चर्चाओं का विषय बना रहा है; जमीन विवाद, स्थानीय समस्याओं और बजट को लेकर भी राजनीतिक बहस चली। निर्माण 2019 में घोषित हुआ था और 15 दिसम्बर 2021 को शिलान्यास किया गया, लेकिन 2026 में भी पूरा न हो पाने की आशंका है। अनुमानित लागत 112 करोड़ बताई जा रही है। मसूरी से विधानसभा चुनाव लड़ने का सपना देख रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा ने सैन्य धाम पर जाकर कई सवाल खड़े किए हैं, जिसकी वजह से भाजापा और सैनिक कल्याण मंत्री की चिंता बढ़ी है। विधायक गणेश जोशी ने गामा पर तंज़ किया, जबकि कांग्रेस के प्रतिमा सिंह ने कहा है कि सैन्य धाम में गड़बड़ियां हैं जिन्हें सरकार उजागर नहीं कर रही है। अंतत: सैन्य धाम कब बनेगा और उद्घाटन कब होगा, इस पर स्पष्ट जवाब नहीं है, पर यह राजनीतिक मुद्दा बनना तय है।
0
0
Report

सावन के आखिरी सोमवार पर कनखल के दक्षेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक

Haridwar, Uttarakhand:आज सावन के आखिरी सोमवार के दिन भगवान शिव की ससुराल कनखल में दक्षेश्वर महादेव मंदिर में भोले बाबा का शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया। सुबह तड़के से शिव भक्त दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने शुरू हो गए थे। पौराणिक मान्यता है कि भगवान शिव सावन के महीने में अपनी ससुराल कनखल में विराजते हैं और दक्षेश्वर महादेव के रूप में अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं श्रावण माह की समाप्ति के बाद भगवान शिव अपने मूल स्थान कैलाश पर्वत की ओर प्रस्थान करते हैं और वहीं पर समाधिस्थत रहते हैं। भगवान शिव को उनके भक्तों ने गंगाजल,दूध, दही, शहद,शक्कर, तिल, जौ, अक्षत, गिलोय के रस, गन्ने के रस बेलपत्र पुष्प और मिष्ठान चढाकर अभिषेक किया।28 अगस्त को रक्षाबंधन श्रावणी पर्व के दिन भगवान शिव अपनी ससुराल कनखल से कैलाश पर्वत की ओर रवाना हो जाएंगे चातुर्मास कल में आजकल भगवान शिव सृष्टि का संचालन कर रहे हैं क्योंकि 4 महीने के लिए भगवान शिव क्षीर सागर में योग निद्रा में लीन हो गए।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement

आसनसोल में पूजा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती, सुरक्षा मजबूत

Asansol, West Bengal:আসানসোলের নামল কেন্দ্রীয় বাহিনী। পুজোর আগে ৫০ কোম্পানি কেন্দ্রীয় বাহিনী আসার কথা বলেছিলেন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী। সেইমতো কেন্দ্রীয় বাহিনী এসে পৌঁছল পশ্চিমবঙ্গে। আসানসোল রেলওয়ে স্টেশনে নামে। এখান থেকে গাড়িতে করে রাজ্যের বিভিন্ন প্রান্তে তাদের নিয়ে যাওয়া হয়। এ বিষয়ে মন্ত্রী অগ্নিমিত্রা পাল বলেন ডবল ইঞ্জিন সরকার রয়েছে সেজন্যই এই সুবিধা পাওয়া গেল। পুজোর সময় দেশ-বিদেশের বহু মানুষ পুজো দেখার জন্য এ রাজ্যে আসেন। সেজন্য সুরক্ষার কথা ভেবে কেন্দ্রীয় বাহিনী রাজ্য নিয়ে আসা হয়েছে। ডবল ইঞ্জিন রয়েছে বলে এই সুবিধা পাচ্ছে রাজ্যবাসী。
0
0
Report
Advertisement

रोहतास में मौसम खराब: गुप्ता धाम में पुष्प वर्षा कार्यक्रम रद्द

Sasaram, Bihar:खबर सासाराम से है। रोहतास जिले के चेनारी के कैमूर पहाड़ी पर स्थित गुप्ता धाम में आज पर्यटन विभाग के द्वारा हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करना था, जिसे फिलहाल रोक दिया गया है। अचानक मौसम खराब हो जाने के कारण पुष्प वर्षा के कार्यक्रम को रोका गया है। आज सुबह गुप्ता धाम शिवालय के ऊपर तथा पनियारी घाट कांवरिया पथ पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जानी थी, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से इसे रोका गया। डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने बताया कि अचानक क्षेत्र में बारिश होने लगी एवं विजिबिलिटी काफी कम है, जिस कारण हेलीकॉप्टर उड़ना संभव नहीं हुआ और पुष्प वर्षा कार्यक्रम को फिलहाल रोक दिया गया। सावन की अंतिम सोमवारी को कांवरिया पथ पर तथा गुप्ता धाम गुफा के ऊपर पुष्प वर्षा की तैयारी थी, जिसकी तमाम तैयारी पूरी कर ली गई थी। सुबह जिलाधिकारी तथा आरक्षी अधीक्षक मिस्टर राज एवं चेनारी विधायक मुरारी प्रसाद गौतम मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से यह संभव नहीं हो पाया, जिससे लोगों को निराशा हुई।
0
0
Report

वरिष्ठ नागरिकों ने अलग मंत्रालय बनाकर पेंशन भत्ते बहाल की मांग की

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर शहर के रामरोटी अन्नक्षेत्र सभागार में वरिष्ठ नागरिक संस्थान की ओर से पत्रकार वार्ता व जिला अधिवेशन का आयोजन किया गया | पत्रकार वार्ता के दौरान संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष भंवर सेठ ने केंद्र और राज्य सरकारों पर वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। वही केंद्र सरकार से वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से मंत्रालय बनाने, रेलवे कंसेशन पुनः बहाल करने और नेशनल पॉलिसी ऑन ओल्डर पर्सन 1999 में आवश्यक परिवर्तन करने की मांग की है। बॉडी- प्रेस को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष भंवर सेठ ने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन समय में देश की जनता की सेवा के लिए वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर अपने हाथ आगे बढ़ाए और हर संभव सहायता प्रदान की। सरकार ने जब पेंशनर्स के तीन महीने के महंगाई भत्ते को रोका, तब भी वरिष्ठ नागरिकों ने सरकार का पूरा सहयोग किया और भोजन वितरण से लेकर मरीजों की सेवा तक में तन-मन से काम किया। परंतु, इसके बावजूद आज दिन तक सरकार ने रोके गए महंगाई भत्ते को बहाल नहीं किया है। रेलवे में पूर्व में मिलने वाले वरिष्ठ नागरिकों के कंसेशन को भी आज तक चालू नहीं किया गया है। स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का अभाव भंवर सेठ ने राजस्थान के अस्पतालों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी वरिष्ठ नागरिकों को वांछित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रदेश के सभी अस्पतालों में जेरिएट्रिक वार्ड नहीं हैं और वरिष्ठ नागरिकों को डे केयर सेंटर चलाने के लिए भवन तक उपलब्ध नहीं हैं। आज हर जिले और ब्लॉक स्तर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए भवन निर्माण की महती आवश्यकता है। इसके अलावा, अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों के लिए मोहल्ला क्लीनिक और बीट व्यवस्था को मजबूत करने हेतु अतिरिक्त व्यक्तियों की नियुक्ति की आज सबसे बड़ी जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार से केंद्र एवं राज्यों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से मंत्रालय बनाया जाए, रेलवे कंसेशन को पुनः बहाल करने, नेशनल पॉलिसी ऑन ओल्डर पर्सन 1999 में आवश्यक परिवर्तन कर पूरे देश में 5000/- रुपये सामाजिक सुरक्षा पेंशन लागू करने, 'मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट 2007' को नए रूप में परिभाषित करने, वरिष्ठ नागरिकों के लिए वर्तमान में चल रही हेल्पलाइन 14567 को 12 घंटे के स्थान पर 24 घंटे के अधिक प्रभावी करने सहित अन्य मांगो को पूरा करने की मांग की है |
0
0
Report

फुलोई थौलू मेले में आस्था का सैलाब: दूधगाड़ू महोत्सव

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:उत्तरकाशी जिले के बाड़ागड्डी क्षेत्र के मुस्टिकसौड़ में देखने को मिला। यहाँ क्षेत्राधिपति श्री हरि महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित ऐतिहासिक दूधगाड़ू 'फुलोई थौलू' मेले में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मेले में भगवान श्री हरि महाराज, हुणेश्वर भगवान, नागराजा देवता एवं माता खंडद्वारी के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पौराणिक मेले का मुख्य आकर्षण भगवान का दिव्य दुग्धाभिषेक और उच्च हिमालयी क्षेत्रों से श्रद्धापूर्वक लाए गए दुर्लभ देव पुष्पों ब्रह्मकमल, फेणकमल आदि से की गई विशेष पूजा-अर्चना रही। ढोल-दमाऊं और रणसिंघों की दिव्य ध्वनि के बीच देव डोलियों ने मेले में प्रवेश किया तो पूरा क्षेत्र 'हरि महाराज' के जयकारों से गूंज उठा। यह अनूठी परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जो देवभूमि की लोक संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। यह मेला आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। ग्रामीणों ने कहा यह मेल वर्षों से क्षेत्र की सुख समृद्धि और मंगल कामना के लिए किया जाता है。
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top