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Sanjay Kumar SharmaSanjay Kumar SharmaFollow28 Sept 2024, 05:32 am

एग्री स्टैक सर्वे के तहत उपजिलाधिकारी इगलास ने गांव -गांव जाकर फसलों की उपज का निरीक्षण किया

Aligarh, Uttar Pradesh:

उपजिलाधिकारी इगलास, शाश्वत त्रिपुरारी, ने एग्री स्टैक सर्वे के तहत विभिन्न गांवों में फसलों का निरीक्षण किया। इस पहल का उद्देश्य फसलों की उपज का सटीक अनुमान लगाना है। पहले, लेखपालों द्वारा बिना निरीक्षण के किसानों को खसरा दिया जाता था, लेकिन अब ऑनलाइन खसरा देखा जा सकेगा। उपजिलाधिकारी ने कोढ़ा, जगदेव नगरिया, नगला वीरा और गहलऊ जैसे गांवों में जाकर फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि एग्री स्टैक परियोजना के तहत फसलों के रियल टाइम सर्वेक्षण के लिए डिजिटल क्राप सर्वे किया जा रहा है।

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अंकिता महाजन का सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों के शेल्टर आदेश पर विरोध

Noida, Uttar Pradesh:अंकिता महाजन (Animal Activist) ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को शेल्टर में भेजने के आदेश को वापस लेने से इनकार करने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस आदेश पर गहरी नाराज़गी ज़ाहिर की है। उन्हें डर है कि शेल्टर में सुविधाओं की कमी के कारण कुत्तों के साथ क्रूरता बढ़ सकती है, जिसमें उन्हें ज़हर देना और मार डालना भी शामिल है। उन्होंने सही शेल्टर और पशु चिकित्सा सुविधाओं की कमी को उजागर किया है, और उन्हें इस बात की भी चिंता है कि कुत्तों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने से उनके काटने की घटनाएँ बढ़ सकती हैं। कार्यकर्ताओं ने सरकार से अपील की है कि वह सबसे पहले ज़रूरी सुविधाओं वाले सही शेल्टर बनाए, और कुत्तों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए इस प्रक्रिया में पशु प्रेमियों और कार्यकर्ताओं को भी शामिल करे। उन्हें अधिकारियों की इस आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने की क्षमता पर भरोसा नहीं है, और वे सड़कों पर रहने वाले उन कुत्तों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, जिनके बारे में उनका मानना ​​है कि वे उनके समुदायों में एक रक्षक की भूमिका निभाते हैं.
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फर्रुखाबाद में अस्पताल से पत्नी प्रेमी के साथ फरार, इलाके में हड़कंप

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद पति पर्चा बनवाता रहा… उधर अस्पताल से प्रेमी संग फरार हो गई पत्नी! फर्रुखाबाद के कमालगंज क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक अपनी पत्नी को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचा। युवक पर्चा बनवाने में व्यस्त था, तभी उसकी पत्नी अचानक गायब हो गई। कुछ ही देर में मामला तब और चौंकाने वाला हो गया, जब पता चला कि महिला अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई है। पीड़ित युवक के अनुसार, उसकी पत्नी का पहले से ही प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसकी जानकारी उसने अपने सास-ससुर को भी दी थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। युवक का कहना है कि पत्नी ने जाते-जाती फोन पर कहा — “तुम परेशान मत होना, मैं जा रही हूं।” घटना के बाद युवक साइकिल से थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराने की बात कही। फिलहाल मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. क्या रिश्तों में भरोसा इतना कमजोर हो गया है?
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पटना में पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर, 30 दिन में शिकायतों के समाधान का दावा

Danapur, Bihar:पटना- बिहार सरकार आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए पंचायत स्तर पर नई पहल करने जा रही है। पटना जिला प्रशासन की ओर से दानापुर प्रखंड में मंगलवार से ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत की जा रही है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी दीप जलाकर शिविर का उद्घाटन किया मौका पर जिलाधिकारी पटना समेत कई लोग रहे मौजूद दानापुर प्रखंड की सरारी पंचायत स्थित दरियापुर गांव में शिविर में राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, मनरेगा, बिजली, जलापूर्ति, सड़क, आपूर्ति और पंचायत विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे। ग्रामीण अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं से जुड़े आवेदन सीधे अधिकारियों को सौंप सकेंगे। प्रशासन का लक्ष्य 30 दिनों के भीतर शिकायतों का निष्पादन करना है, जबकि कई मामलों का मौके पर ही समाधान करने की तैयारी है। साथ ही लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।हालांकि शिविर को लेकर चर्चा इस बात की भी है कि वहीं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए वो कोई और सरकार नहीं करेगा
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बूंदी में मानसून तैयारी: कलेक्टर-एसपी ने शहर का दौरा कर समस्याओं का आकलन

Noida, Uttar Pradesh:मानसून तैयारियों को लेकर कलेक्टर-एसपी का शहर दौरा, प्रमुख समस्याओं का लिया जायजा बूंदी के आगामी मानसून को देखते हुए जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव एवं पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा ने शहर का दौरा कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने मीरा गेट सहित शहर के प्रमुख इलाकों का निरीक्षण करते हुए संभावित समस्याओं को चिन्हित किया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अतिक्रमण, गंदगी, जल निकासी व्यवस्था तथा अन्य नागरिक समस्याओं का मौके पर आकलन किया गया। अधिकारियों ने नवलसागर झील में नालियों से गंदा पानी आने के मामले की भी जानकारी लेकर समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। आगामी बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया गया। दौरे में नगर परिषद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने को लेकर चर्चा की गयी।
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सरकार की सोलर पैनल योजना: शुरुआती खर्च और देरी से आम जनता विभाजित

Singrauli, Madhya Pradesh:सोलर योजना को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि उन्हें सोलर पैनल योजना की सामान्य जानकारी है। वे जानते हैं कि घर की छत पर सोलर पैनल लगाने से बिजली का उत्पादन होता है और बिजली बिल लगभग शून्य हो सकता है, जिससे हर महीने बिजली बिल भरने की परेशानी खत्म हो जाती है। हालांकि, लोगों का कहना है कि सोलर पैनल लगवाने में शुरुआती खर्च काफी अधिक आता है, जिसे हर परिवार वहन नहीं कर पाता। उनका कहना है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी की राशि बाद में खाते में आती है, जबकि पैनल लगवाने के समय पूरी रकम पहले जमा करनी पड़ती है। लोगों का मानना है कि यदि सब्सिडी की राशि पहले ही समायोजित कर दी जाए तो कम खर्च में अधिक लोग सोलर पैनल लगवा सकते हैं। लोगों ने यह भी कहा कि गांव और शहरों में सोलर योजना को लेकर पर्याप्त प्रचार-प्रसार और जागरूकता नहीं है। न ही कोई अधिकारी विस्तार से जानकारी देने पहुंचता है। इसी कारण कई लोग योजना के लाभ, प्रक्रिया और सब्सिडी संबंधी नियमों से अनजान हैं, जिसके चलते उनके घरों में अब तक सोलर पैनल नहीं लग पाए हैं。
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रणथंभौर में दो बाघिन लापता, वन विभाग खोज तेज करने लगा

Sawai Madhopur, Rajasthan:एंकर-सवाई माधोपुर स्थित रणथम्भौर टाईगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। रणथम्भौर में बाघ-बाघिनों की बढ़ती संख्या के चलते जहाँ टेरेटरी को लेकर बाघों के बीच आपसी संघर्ष देखने को मिल रहा है। वही ताकतवर बाघ बाघिन के डर से कमजोर बाघ बाघिन अपना इलाका छोड़ने को मजबूर है । यही वजह है कि अब रणथम्भौर से एक साथ दो बाघिनें लापता है । वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बाघिन टी 124 रिद्धि की बेटी आरबीटी 2504 माही व आरबीटी 2510 कई दिनों से लापता है ,जिन्हें वन विभाग की टीम ढूंढने का प्रयास कर रही है । बाघिन रिद्धि टी 124 की बेटी आरबीटी 2504 का अपनी मां रिद्धि की ही सल्तनत पर कब्जा करने को लेकर लिए कई बार अपनी मां रिद्धि से भिड़ंत हो चुकी है । क्यों कि बाघिन आरबीटी 2504 युवा हो चुकी है और लगतार अपनी खुद की टेरेटरी बनाने का प्रयास कर रही है । बाघिन आरबीटी 2504 का रणथंभौर के जोन नम्बर 2 , 3 व 4 के लेक एरिया में मूवमेंट बना रहता है। लेकिन पिछले करीब एक माह से बाघिन कहीं नजर नही आ रही है । वही बाघिन टी 107 सुल्ताना की बेटी आरबीटी 2510 भी वन विभाग की आंखों से ओझल है , बाघिन आरबीटी 2510 का मूवमेंट रणथंभौर के झूमर बावड़ी एंव फतेह कैफे के आसपास बना रहता है। लेकिन अब बाघिन 2510 भी विगत कई दिनों से नजर नही आ रही है । जिसकी तलाश को लेकर वन विभाग द्वारा रणथंभौर में ना सिर्फ सर्च अभियान चलाया जा रहा है अपितू फ़ोटो ट्रेप कैमरों के माध्यम से भी बाघिन को ढूंढा जा रहा है । रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह के निर्देशन में वन विभाग की टीम द्वारा लगातार दोनों बाघिनों की तलाश में जुटी हुई है। डीएफओ मानस सिंह का कहना है की बाघिन आरबीटी 2504 व 2510 पिछले कुछ दिनों से नजर नही आ रही है । जिनकी तलाश की जा रही है । डीएफओ ने बताया कि 2504 को आखरी बार एक ओर दो मई को देखा गया था और तीन मई को बाघिन 2504 की अपनी माँ टी 124 से टेरोटेरियल फाइट हुई थी , जिसके बाद से ही बाघिन 2504 नजर नही आ रही है । डीएफओ का कहना है कि टेरेटरी को लेकर पहले भी 2504 की अपनी माँ से कई बार टेरोटरियल फाइट हो चुकी है , जिसमें वह बुरी तरह घायल भी हो गई थी , डीएफओ का कहना है कि बाघिन की तलाश के लिये फ़ोटो ट्रैप कैमरा भी बड़ा दिए गये है और पेट्रोलिंग भी बड़ा दी है लेकिन जब वो नही मिली तो पांच टीमों का गठन किया गया है , जो रणथम्भौर के जंगल क्षेत्र में सर्च अभियान चला कर आन फुट पेट्रोलिंग कर रही है , ताकि बाघिन के पद मिल सके ,बाघिन की तलाश की लेकर वनकर्मियों की टीमें लगातार जुटी हुई है। वही डीएफओ ने बताया कि इसी तरह लापता बाघिन आरबीटी 2510 की भी तलाश की जा रही है ,बाघिन 2510 रणथम्भौर की फेरेफरी पर रहने वाली बाघिन है। जो झूमर बावड़ी, फतेह कैफे, आमा घाटी ओर फलोदी क्षेत्र में विचरण करती थी और बाघ 2407 के साथ हमेशा देखी जाती है। लेकिन विगत कई दिनों से यह बाघिन भी रणथम्भौर में कहीं नजर नही आ रही है । ऐसे में बाघिन की तलाश को लेकर करीब 100 कैमरा ट्रेप बढ़ाये गये है , ताकि बाघिन की जानकारी मिल सके। डीएफओ का कहना है कि दोनों बाघिनों की तलाश को लेकर वनकर्मियों की टीमें जुटी हुई है और उम्मीद है कि जल्द ही दोनों लापता बाघिनों को ढूंढ लिया जायेगा । डीएफओ का कहना है कि रणथम्भौर देश का सबसे सघन आबादी वाला टाईगर रिजर्व है । यहाँ टाईगर की केरिंग कैपेसिटी और डेंसिटी सबसे अधिक है , ऐसे में बाघों के बीच संघर्ष होना नेचुरल प्रोसेस है ,संख्या बढ़ेगी तो आपसी संघर्ष भी बढ़ेगा ,यह वाइल्डलाइफ का हिस्सा है , लेकिन बड़ी बात यह है कि 45 से 55 बाघों की क्षमता वाले रणथम्भौर में वर्तमान में 77 से भी अधिक बाघ बाघिन ओर शावक है ,ऐसे में टेरेटरी को लेकर बाघों के बीच आपसी टकराव बढ़ रहा है ,जिसके चलते ताकतवर के सामने कमजोर बाघ बाघिनों को अपना इलाका छोड़ना पड़ता है , संभावना है कि बाघिन आरबीटी 2504 ओर 2510 भी इसी वजह से अपना इलाका छोड़ गई , जिनको वन विभाग द्वारा लगातार तलाश किया जा रहा है ।
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BTM मिल से दूषित पानी, नदी में मछलियों की मौत; ग्रामीण बोले प्रदूषण रोकें

Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा एंकर - बांसवाड़ा शहर के दाहोद मार्ग पर स्थित BTM मिल से प्राकृतिक नाले में छोड़े जा रहे कथित दूषित पानी के कारण दाहोद मार्ग पर स्थित नदी ( प्राकृतिक नाले )में सैकड़ों मछलियों की मौत का मामला सामने आया है। जी हा यह हम नहीं स्थानीय ग्रामीणों ने यह आरोप लगाया है, ग्रामीणों ने बताया की इस गंदे पानी के कारण नदी किनारे बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां दिखाई देने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिल से निकलने वाला प्रदूषित पानी सीधे नाले के माध्यम से नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे जल प्रदूषण बढ़ा और मछलियां मरने लगीं। घटना की सूचना ग्रामीणों ने मत्स्य पालन विभाग को दी। वहीं कई लोग मरी हुई मछलियों को कट्टों में भरकर ले जाते नजर आए। मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और लोगों ने BTM मिल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रदूषण पर रोक नहीं लगी तो नदी का जल और जलीय जीव पूरी तरह प्रभावित हो सकते हैं। वीओ - मछली मरी हुई बाइट - कृष्णपाल सिसोदिया - स्थानीय निवासी
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जालौन के राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की गुंडागर्दी, मरीज के साथ व तीमारदारों से मारपीट

AdityaAdityaFollow12m ago
Orai, Uttar Pradesh:स्लग: राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की गुंडागर्दी, मरीज के साथ व तीमारदारों से मारपीट एंकर: जालौन के राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कथित गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। इलाज कराने पहुंचे मरीज और उसके परिजनों के साथ मामूली कहासुनी पर डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ द्वारा जमकर मारपीट किए जाने का आरोप लगा है। पूरी घटना कैमरे में कैद बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बीजेपी सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा द्वारा त्वरित उपचार के लिए किए गए फोन कॉल के बाद मेडिकल कॉलेज का स्टाफ भड़क गया। आरोप है कि विधायक से बात करवाने को लेकर विवाद हुआ और तीमारदार का फोन डॉक्टरों ने फेंक दिया मौके पर मौजूद मरीज के तीमारदारों के साथ पुलिस के सामने ही मारपीट की गई। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला डाल दिया गया, जिससे देर रात तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। जांच के लिए पहुंची पुलिस के सामने जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी गेट पर भी ताला जड़ दिया। साथ ही इस घटनाक्रम का वीडियो बना रहे स्थनीय पत्रकार से भी जूनियर डॉक्टरों ने बदसलूकी की और उसका मोबाइल छीनने की भी कोशिश की। मारपीट में घायल तीमारदार को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित परिजनों ने पुलिस को पूरे मामले की लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। यह पूरा मामला उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज का बताया जा रहा है और फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बाइट: बृजकिशोर गुप्ता, पीड़ित के पिता
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धन सिंह रावत के निर्देश: कुमाऊं के सभी जिलों में शिक्षा सुधार तेज

Almora, Uttarakhand:कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कुमाऊं मंडल के सभी जनपदों के अधिकारियों के साथ सहकारिता, उच्च शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए। बैठक में मंत्री ने प्रत्येक विकासखंड में एक आवासीय विद्यालय स्थापित करने की दिशा में तेजी से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यह योजना महत्वपूर्ण होगी। साथ ही सभी स्कूलों में प्रतिवर्ष प्रवेशोत्सव आयोजित करने और जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को एक-एक विद्यालय गोद देने की बात भी कही, ताकि विद्यालयों के प्रदर्शन में सुधार हो सके। सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने प्रत्येक विकासखंड में एक आदर्श सहकारिता गांव विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांव स्तर तक बैंकिंग सेवाओं को मजबूत किया जाए और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से लोगों तक अधिक सुविधाएं पहुंचाई जाएं। उन्होंने सहकारिता समितियों को सक्रिय बनाने और किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि विभाग को शत प्रतिशत कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा और किसानों को समृद्धि कार्ड दिए जाएंगे। शिक्षा विभाग की समीक्षा में जर्जर और मरम्मत योग्य विद्यालय भवनों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में जरूरी संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और बच्चों को बेहतर शिक्षा का माहौल दिया जाए।
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गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान पर विवाद: पंजाब सरकार का बिल समुदाय में विरोध

Amritsar, Punjab:ਬੇਅਦਬੀ ਬਿੱਲ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸਿੱਖ ਪੰਥ ਵਿੱਚ ਵਧੀ ਚਿੰਤਾ : ਗਿਆਨੀ ਗੁਰਬਚਨ ਸਿੰਘ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਵਿਚਾਰ ਕਰਕੇ ਬਿੱਲ ਦੀਆਂ ਤਰੁਟੀਆਂ ਦੂਰ ਕਰਨ ਦੀ ਅਪੀਲ ਧਾਰਮਿਕ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸਰਕਾਰੀ ਦਖਲਅੰਦਾਜ਼ੀ ‘ਤੇ ਸਾਬਕਾ ਜਥੇਦਾਰ ਨੇ ਜਤਾਈ ਨਾਰਾਜ਼ਗੀ ਪੰਥਕ ਏਕਤਾ ਅਤੇ ਸਤਿਕਾਰ ਬਣਾਈ ਰੱਖਣ ਲਈ ਸਾਂਝੇ ਫੈਸਲੇ ਦੀ ਲੋੜ ‘ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਜਥੇਦਾਰ ਗਿਆਨੀ ਗੁਰਬਚਨ ਸਿੰਘ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਲਿਆਂਦੇ ਗਏ ਬੇਅਦਬੀ ਬਿੱਲ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਆਪਣੀ ਪ੍ਰਤੀਕਿਰਿਆ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੇ ਸਿੱਖ ਪੰਥ ਅਤੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ ਵੱਡਾ ਵਿਵਾਦ ਖੜ੍ਹਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਧੰਨ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰੱਥ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੀ ਬੇਅਦਬੀ ਦੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਸਖ਼ਤ ਸਜ਼ਾਵਾਂ ਮਿਲਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਇਸ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਕਈ ਉਪਰਾਲੇ ਕੀਤੇ ਗਏ s, ਪਰ ਉਸ ਸਮੇਂ ਬਿੱਲ ਪਾਸ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕਿਆ ਸੀ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹੁਣ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਾਲੀ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਇਹ ਬਿੱਲ ਪਾਸ ਕੀਤਾ ਹੈ, ਪਰ ਇਸ ਵਿੱਚ ਕੁਝ ਤਰੁਟੀਆਂ ਅਤੇ ਅਸਪਸ਼ਟਤਾਵਾਂ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਕਾਰਨ ਸਿੱਖ ਸੰਗਤਾਂ ਅਤੇ ਪੰਥਕ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ ਰੋਸ ਪਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਗਿਆਨੀ ਗੁਰਬਚਨ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬਿੱਲ ਦਾ ਮਕਸਦ ਚੰਗਾ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਇਸ ‘ਤੇ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਸਿੰਘ ਸਾਹਿਬਾਨ, ਜਥੇਦਾਰਾਂ ਅਤੇ ਪੰਥਕ ਆਗੂਆਂ ਨਾਲ ਬੈਠ ਕੇ ਵਿਚਾਰ-ਵਟਾਂਦਰਾ ਕੀਤਾ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਬਿੱਲ ਵਿੱਚ ਮੌਜੂਦ ਖਾਮੀਆਂ ਨੂੰ ਦੂਰ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸਾਰੇ ਪੱਖ ਇਕੱਠੇ ਬੈਠ ਕੇ ਫੈਸਲਾ ਲੈਣਗੇ ਤਾਂ ਪੂਰੀ ਕੌਮ ਵਿੱਚ ਸਤਿਕਾਰ ਅਤੇ ਏਕਤਾ ਬਣੀ ਰਹੇਗੀ ਅਤੇ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਵਿਚਕਾਰ ਪੈਦਾ ਹੋਈ ਦੂਰੀ ਨੂੰ ਵੀ ਘਟਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਹ ਵੀ ਕਿਹਾ ਕਿ ਧਾਰਮਿਕ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਵੱਧ ਰਹੀ ਦਖਲਅੰਦਾਜ਼ੀ ਚਿੰਤਾ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਕੰਮ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਜਦਕਿ ਧਾਰਮਿਕ ਮਸਲਿਆਂ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਅਤੇ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਵਰਗੀਆਂ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਗਿਆਨੀ ਗੁਰਬਚਨ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇ ਦੋਵੇਂ ਧਿਰਾਂ ਆਪਣੇ-ਆਪਣੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਰਹਿ ਕੇ ਕੰਮ ਕਰਨਗੀਆਂ ਤਾਂ ਸਮਾਜ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖਤਾ ਦੀ ਭਲਾਈ ਵਧੇਰੇ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਹੋ ਸਕੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਜਥੇਦਾਰ ਗਿਆਨੀ ਰਘਬੀਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਬਿਆਨ ਬਾਰੇ ਵੀ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਰ ਵਿਅਕਤੀ ਆਪਣੀ ਸੋਚ ਅਤੇ ਸਮਝ ਅਨੁਸਾਰ ਵਿਚਾਰ ਰੱਖਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ‘ਤੇ ਬਿਨਾਂ ਵਿਵਾਦ ਵਧਾਏ ਸਾਂਝੀ ਸਹਿਮਤੀ ਨਾਲ ਹੱਲ ਕੱਢਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।
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