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Sanjay Kumar SharmaSanjay Kumar SharmaFollow28 Sept 2024, 03:38 am
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खूँटी में चक्रवाती तूफान अर्णब का असर: कच्चे मकानों में पानी घुसा

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी । स्लग - लगातार बारिश से परेशानी बढ़ी , धँसने लगा घर, बिजली गुल । एंकर - खूँटी जिले में चक्रवाती तूफान अर्णब का असर परिणाम दिखाई देने लगा है। लगातार हो रही बारिश के कारण कच्चे मकान का घर में पानी चूने लगा है। कहीं-कहीं घर के दीवार ढहने लगे हैं। खूँटी प्रखंड के हातुदामी गाँव में एक किसान संतोष संगा का घर धँस गया। घर धँस जाने से परेशानी बढ़ गयी है और पीड़ित किसान मदद की गुहार लगाई है। वहीं इसके अलावे खूँटी जिले में अनेक लोग कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं। कई गाँवों में बिजली गुल हो चुकी है और बिजली बाधित होने पर परेशानी भी बढ़ गयी है। उपायुक्त जावेद हुसैन ने कहा कि तूफान का असर खूँटी में दिखाई दे रहा है। जिसके कारण नदियों और पर्यटन स्थल पर नहीं जाएँ पानी की गहराई का पता नहीं चल पाता है। इसलिए उन्होंने लोगों को खतरनाक जगहों पर जाने से मना किया है। उन्होंने कहा कि एक दो जगहों में घरों पर भी असर पड़ा है। वहीं पदाधिकारियों को इसपर मॉनिटरिंग करने के लिए कहा है। बाईट - संतोष संगा की पत्नी , पीड़िता। बाईट - ज़ावेद हुसैन, उपायुक्त, खूँटी।
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बिहार में भारी बारिश के पूर्वानुमान पर अलर्ट, जिलों में सुरक्षा कड़ाई से लागू

Patna, Bihar:आपदा प्रबंधन विभाग26 सितंबर 2026 भारी बारिश के पूर्वानुमान के मद्देनजर बिहार में अलर्ट, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी वर्षा के मद्देनज़र बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संभावित परिस्थितियों के म‌द्देनजर सीमावर्ती व गंडक, बागमती तथा कोसी नदी तंत्र से जुड़े संवेदनशील जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने तथा सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा वर्तमान स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग में मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग श्री संतोष कुमार मल्ल, सचिव, जल संसाधन विभाग, डॉ. चंद्रशेखर सिंह सहित सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया तथा बेगूसराय जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। उक्त अवसर पर अपर सचिव, श्री मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी, संयुक्त सचिव श्री अविनाश कुमार, उप सचिव श्री अमन प्रीत सिंह भी बैठक में रहे। इन जिलों में विशेष सतर्कता बारिश की स्थिति को देखते हुए सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया तथा बेगूसराय सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को नदी के जलस्तर एवं प्रवाह, निचले इलाकों, तटबंधों, नदी किनारे बसे गांवों, पुल-पुलियों तथा संपर्क मार्गों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद, कोसी नदी के आसपास स्थित जिलों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। NDRF/SDRF को सतर्क रहने के निर्देश संभावित परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटنے के लिए NDRF/SDRF को सतर्क रहने के निर्देश दिया गया है। साथ ही, सभी संबंधित जिलों में नाव, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू उपकरण तथा अन्य आवश्यक संसाधनों को पर्याप्त संख्या में तैयार एवं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। समय पर सूचना एवं निकासी पर जोर संभावित प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग के माध्यम से अग्रिम चेतावनी (Early Warning) का व्यापक प्रसार करने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों में समन्वय जिला प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच निरंतर समन्वय एवं संचार बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी उपलब्ध संसाधनों को स्टैंडबाय/एक्टिव मोड में रखा जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बचाव एवं राहत कार्य तत्काल प्रारंभ किया जा सके। राज्य सरकार द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है。 आम जनता से अपील - घबराने की आवश्यकता नहीं मुख्य सचिव द्वारा बैठक में उपस्थित सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जनप्रतिनिधियों व आमजन को जागरूक करते रहें तथा स्पष्ट करें कि वर्तमान स्थिति को लेकर किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आवश्यक बचाव एवं राहत संसाधनों को पहले से ही संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है। किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के टोल फ्री नंबर 1070 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
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बदरीनाथ धाम में तेज डीजे-संगीत पर ज्योतिर्मठ ने लगाई रोक, सरकार से हस्तक्षेप मांग

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:एंकर -चमोली। बदरीनाथ धाम में आयोजित संगीत एवं डीजे कार्यक्रमों को लेकर ज्योतिर्मठ, बदरीनाथ के विधायक लखपत बुटोला और स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। ज्योतिर्मठ की ओर से कहा गया है कि बदरीनाथ धाम की धार्मिक एवं सांस्कृतिक मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए तेज ध्वनि वाले आयोजनों पर नियंत्रण जरूरी है। बीओ- ज्योतिर्मठ के प्रभारी स्वामी मुकुन्दानंद गिरि ने कहा कि बदरिकाश्रम सनातन परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ क्षेत्र है। आदि गुरु शंकराचार्य से जुड़ी परंपरा और बदरीनाथ धाम के आध्यात्मिक महत्व को देखते हुए यहां का वातावरण शांत और आध्यात्मिक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि धाम में शंख बजाने तक की परंपरागत मनाही बताई जाती है। ऐसे में तेज ध्वनि वाले डीजे और संगीत कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमालय को देवात्मा स्वरूप माना गया है और बदरीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में धाम की धार्मिक गरिमा के साथ-साथ हिमालयी पर्यावरण की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आयोजनों की प्रकृति और ध्वनि स्तर पर विशेष नियंत्रण आवश्यक है। ज्योतिर्मठ की ओर से बदरीनाथ धाम के आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा गया कि धार्मिक ग्रंथों में बदरिकाश्रम और भगवान नर-नारायण की तपस्या का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि भगवान नर-नारायण ने बदरिकाश्रम में लोक कल्याण के लिए तपस्या की थी। ज्योतिर्मठ का कहना है कि बदरिकाश्रम को ऋषि-मुनियों की तपस्थली माना जाता है और यहां सदियों से शांति, साधना एवं संयम की परंपरा रही है। ऐसे में बड़े स्तर पर होने वाले तेज ध्वनि वाले आयोजनों में धार्मिक भावनाओं और स्थानीय परंपराओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। ज्योतिर्मठ ने हिमालयी क्षेत्र की पर्यावरणीय संवेदनशीलता को लेकर भी चिंता जताई है। कहा गया कि बदरीनाथ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों का स्थानीय पर्यावरण और परिस्थितियों पर प्रभाव पड़ सकता है। उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति में प्रकृति और धार्मिक स्थलों के संरक्षण को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में ध्वनि प्रदूषण समेत अन्य गतिविधियों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। ज्योतिर्मठ की ओर से बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व आयोजित कार्यक्रमों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कहा गया कि धाम की धार्मिक परंपराओं और पूजा व्यवस्था को देखते हुए कपाट बंद रहने की अवधि में होने वाली मानवीय गतिविधियों में भी निर्धारित परंपराओं और नियमों का पालन किया जाना चाहिए। हाल ही में अराइवल प्लाजा के समीप आयोजित फेस्टिवल में डीजे साउंड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर भी ज्योतिर्मठ ने आपत्ति जताई। हालांकि, उत्तराखंड के व्यंजन, पारंपरिक वेशभूषा और सेना के शौर्य से जुड़े कार्यक्रमों को सकारात्मक पहल बताया गया, लेकिन तेज डीजे, अशोभनीय गीतों और अमर्यादित गतिविधियों को बदरीनाथ धाम की धार्मिक गरिमा के अनुरूप नहीं बताया गया। ज्योतिर्मठ की ओर से प्रदेश सरकार से मामले का संज्ञान लेते हुए हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। साथ ही धार्मिक परंपराओं और मर्यादाओं के उल्लंघन के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा बदरीनाथ धाम सहित अन्य प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों में डीजे, तेज ध्वनि, अशोभनीय प्रदर्शन और धार्मिक वातावरण को प्रभावित करने वाले आयोजनों के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाने तथा उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है। बाइट: स्वामी मुकुन्दानन्द गिरि, प्रभारी—ज्योतिर्मठ, बदरिकाश्रम, हिमालय बाइट: वृजेश सती, स्थानीय निवासी
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बलवंत भौर्याल की राज्यसभा दावेदारी: भाजपा में नई चर्चा तेज

Bageshwar, Uttarakhand:पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बलवंत सिंह भौर्याल ने राज्यसभा सदस्य के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। भौर्याल ने भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर राज्यसभा के लिए पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने का अनुरोध किया है। पत्र में उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठन में सक्रिय योगदान का उल्लेख किया है। भौर्याल ने विधायक और कैबिनेट मंत्री के रूप में किए गए कार्यों तथा पार्टी के प्रति अपनी सेवाओं को दावेदारी का आधार बताया है। अब उनकी दावेदारी को लेकर भाजपा संगठन और राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
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भिवंडी-वाडा हाईवे पर 5–6 किमी जाम, एक लेन में भारी वाहनों का आवागमन

Thane, Maharashtra:भिवंडी - भिवंडी वाडा महामार्गावर शेलार ते सुपेगाव दरम्यान आज सकाळपासून मोठ्या प्रमाणात वाहतूक कोंडी झाली आहे. पाच ते सहा किलोमीटरपर्यंत वाहनांच्या लांबच लांब रांगा लागल्या असून याचा फटका सर्वसामान्य नागरिकांना बसत आहे. VO: भिवंडी वाडा महामार्गाचे अंबाडी पर्यंत एक लेन काँक्रीटीकरण झाले असून एकाच लेनवरून अवजड वाहनांची ये-जा सुरू आहे. त्यातच काही बेशिस्त वाहन चालकांमुळे सकाळपासूनच वाहतूक कोंडी निर्माण झाली आहे. गेल्या एक ते दीड तासापासून ही कोंडी कायम आहे. या वाहतूक कोंडीमुळे विद्यार्थी, चाकरमानी, भाजीपाला, दूध विक्रेते आणि व्यापाऱ्यांना मोठा मनस्ताप सहन करावा लागत आहे. विशेष म्हणजे वाहतूक कोंडी सोडवण्यासाठी घटनास्थळी एकही वाहतूक पोलीस अधिकारी दिसून आला नाही, असा आरोप नागरिकांनी केला आहे。
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कोंडागांव में तीन दिन बारिश: खेत डूबे, किसान चिंतित, राहत कार्य जारी

Kondagaon, Chhattisgarh:कोंडागांव जिले में तीन दिनों तक हुई लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। खेतों से लेकर नदी-नालों तक पानी का सैलाब नजर आया। इसी दौरान एक किसान की खेत के नाले में बहने से मौत हो गई। वहीं हजारों एकड़ में फसलें पानी में डूबने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। हालांकि अब मौसम साफ होने लगा है और लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन नदी-नालों کا जलस्तर अभी भी चिंता बढ़ा रहा है。 48 घंटे की लगातार मूसलाधार बारिश के बाद अब आसमान साफ होता नजर आ रहा है। बारिश थमने के बाद लोग धीरे-धीरे अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट रहे हैं, लेकिन मुसीबत अभी पूरी तरह टली नहीं है। नदी-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कई इलाकों में नदियों का पानी खेतों तक पहुंच गया है। खेत पूरी तरह जलमग्न हैं और खड़ी फसलें पानी में डूबने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस बारिश के बीच एक किसान की खेत के नाले में बहने से मौत हो गई। हादसे ने इलाके में मातम पसार दिया है。 वहीं निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को घर खाली करवाकर सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाया है。 बाढ़ के हालात को देखते हुए प्रशासन ने राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में शामिल होने जा रहे बच्चों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी। जांजगीर और सरगुजा संभाग से प्रतियोगिता के लिए निकले बच्चों को रास्ते में रोककर कोंडागांव में ही सुरक्षित ठहराया गया, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा सके। बारिश थम चुकी है, लेकिन तस्वीरें बता रही हैं कि मुसीबत अभी खत्म नहीं हुई है। सामने खेतों में भरा पानी किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। नदी-नालों का जलस्तर भी अभी सामान्य नहीं हुआ है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक पानी कम होगा और किसानों की बर्बाद फसलों का आकलन कब शुरू होगा。
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भोजासर के पशु चिकित्सक के खिलाफ ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, कलेक्ट्रेट पहुँची भीड़

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं से इस वक्त की बड़ी खबर भोजासर में कार्यरत पशु चिकित्सक के खिलाफ ग्रामीण लामबंद कलेक्ट्रेट पर पहुंचे सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण, किया प्रदर्शन आरोप लगाया, ड्यूटी पर नहीं आती चिकित्सक, देती है धमकियां दो दिन पहले भी एक ग्रामीण पर दर्ज करवाई एफआईआर प्राइवेट पशु सहायकों के भी वीडियो बनाकर कार्रवाई की धमकी का आरोप ग्रामीण बोले, नहीं हटाया डॉक्टर को, तो करेंगे उग्र आंदोलन कलेक्ट्रेट पर लगाए प्रशासन चोर है, पशु चिकित्सक चोर है जैसे नारे झुंझुनूं जिलाे के भोजासर गांव के राजकीय पशु चिकित्सालय में कार्यरत पशु चिकित्सक डॉ. विनीता कुमारी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। भोजासर से जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट आए सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने सरपंच और पूर्व सरपंच के साथ प्रदर्शन किया। जिला कलेक्टर से मुलाकात कर शिकायत दी। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और पशु चिकित्सक के खिलाफ नारेबाजी भी की। ग्रामीणों ने प्रशासन चोर है, पशु चिकित्सक चोर है जैसे नारे लगाए। ग्रामीणों का आरोप है कि डॉ. विनीता कुमारी पिछले करीब 6-7 वर्षों से भोजासर में कार्यरत हैं और उनके कार्य व्यवहार को लेकर लंबे समय से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर नियमित रूप से समय पर ड्यूटी पर नहीं आतीं और पशुओं को लेकर अस्पताल पहुंचने वाले पशुपालकों के साथ भी कथित तौर पर सही व्यवहार नहीं किया जाता। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब कोई व्यक्ति अपने गाय या भैंस को उपचार के लिए पशु चिकित्सालय लेकर जाता है तो कई बार उसका इलाज नहीं किया जाता। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि विरोध या शिकायत करने पर उन्हें छेड़छाड़ के मामले में एफआईआर दर्ज करवाने की धमकी दी जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी उपखंड अधिकारी और तहसीलदार को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग को भी कई बार मामले से अवगत करवाने का दावा ग्रामीणों ने किया। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की। इसके बाद जिला संयुक्त निदेशक को भी ज्ञापन दिया गया। ग्रामीणों نے मंडावा विधायक कुमारी रीता चौधरी को भी ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि डॉ. विनीता कुमारी का अन्य स्थान पर स्थानांतरण किया जाए और भोजासर पशु चिकित्सालय में नए पशु चिकित्सक की नियुक्ति की जाए, ताकि ग्रामीणों को अपने पशुओं के इलाज के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़े। भोजासर निवासी प्राइवेट पशु वेटरनरी सहायक रवि ने भी कलेक्टर के सामने अपनी शिकायत रखी। उनका आरोप है कि जब वे गांव में किसी पशु का उपचार करने जाते हैं तो डॉ. विनीता द्वारा उनकी वीडियो बनाने और वहां पशुओं को नहीं देखने की बात कही जाती है। रवि के अनुसार, उन्हें कई बार एफआईआर करवाने की चेतावनी भी दी गई।
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लुधियाना में बाबा बागेश्वर की पांच दिवसीय कथा महोत्सव में भक्तों की भारी भीड़

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर-पंजाब के लुधियाना में आज से भक्ति और आस्था का भव्य संगम होने जा रहा है। बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पांच दिवसीय धार्मिक आयोजन के लिए लुधियाना पहुंच चुके हैं। आज से 30 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। बाबा बागेश्वर के लुधियाना पहुंचने पर स्थानीय आयोजकों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, आतिशबाजी और ‘जय श्री राम’ के जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। कथा स्थल पर विशाल पंडाल, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए लंगर सहित तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस पांच दिवसीय आयोजन के दौरान बाबा बागेश्वर श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम और संकटमोचन हनुमान जी की कथा एवं महिमा का रसपान कराएंगे। आयोजन के दौरान एक दिवसीय दिव्य दरबार भी आयोजित होगा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। कथा से एक दिन पूर्व विशाल कलश यात्रा भी निकाली गई थी। बताया जा रहा है कि पंजाब की धरती पर बाबा बागेश्वर की यह दूसरी कथा है। इससे पहले करीब तीन वर्ष पूर्व पठानकोट में आयोजित कथा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। अब एक बार फिर लुधियाना में होने वाले इस आयोजन को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
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बेगूं से 307 किलो 470 ग्राम अफीम समेत 2 गिरफ्तार, ऑपरेशन त्रिनेत्र

Begun, Rajasthan:बेगूं, चित्तौड़गढ़ - चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 307 किलो 470 ग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा बरामद किया है। पुलिस ने डोडाचूरा से भरी बोलेरो पिकअप को जब्त करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई 25 सितंबर की रात बेगूं से राजगढ़ तालाब रोड पर गोपालपुरा क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के नीमच जिले के जाट निवासी 43 वर्षीय मोहम्मद समद और 19 वर्षीय राहुल भाट के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। कार्रवाई ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत की गई। पुलिस अब तस्करी के नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
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