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धौलपुर के पूर्व विधायक खिलाड़ी लाल बेरवा ने भाजपा से इस्तीफा दिया, अशोक गहलोत पर लगाए गंभीर आरोप
Dholpur, Rajasthan:धौलपुर के बसेड़ी के पूर्व विधायक खिलाड़ी लाल बेरवा ने सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर को पत्र लिखकर भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पत्र में बेरवा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि भाजपा से इस्तीफा देने का कारण विचारधारा की असंगति है। उन्होंने अशोक गहलोत को भी कठघरे में खड़ा किया है।
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चारंजीत सिंह चन्नी के समर्थक नारे लगाते राजा वारिंग का पुराना वीडियो सामने
Mansa, Punjab:OLD VIDEO OF GUY WITH RAJA WARRING WHO WAS CAUGHT RAISING SLOGANS IN FAVOR OF CHARANJIT SINGH CHANNI0
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बानसूर नगरपालिका में कांग्रेस का सांकेतिक धरना: जलभराव और सफाई व्यवस्था पर आक्रोश
Jaipur, Rajasthan:बानसूर(कोटपूतली-बहरोड़).....बानसूर नगरपालिका के सामने आज कांग्रेस ने सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कस्बे में बिगड़ी सफाई व्यवस्था, जगह-जगह जलभराव और आमजन को हो रही परेशानियों को लेकर किया गया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। धरना प्रदर्शन में पूर्व मंत्री शकुंतला रावत, पीसीसी प्रभारी एडवोकेट रामप्रसाद तिवाड़ी और डीसीसी प्रभारी मेहर सिंह धनकड़ सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने बताया कि बारिश के बाद बानसूर कस्बे के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने कहा कि बानसूर में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी जमा हो गया है, जिससे आमजन, दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन पर समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम न उठाने का आरोप लगाया। रावत ने यह भी बताया कि कस्बे में नियमित सफाई न होने के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था बदहाल हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने नगरपालिका क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की आवश्यकता पर जोर दिया।0
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नाशिक की सड़कों पर गहरे गड्ढे, प्रशासन पर सवाल उठे
Nashik, Maharashtra:अँकर : नाशिक शहरातील रस्त्यांच्या दुरवस्थेचा प्रश्न पुन्हा एकदा ऐरणीवर आला आहे. शहरभर खड्ड्यांमुळे नागरिक त्रस्त असतानाच आता थेट नाशिक महानगरपालिकेच्या समोरच रस्ता चार ते पाच फूट खचल्याची घटना घडली आहे....पाहूया यावरचा झी 24 तास चा स्पेशल रिपोर्ट... Vio/01 नाशिक शहरातील रस्त्यांची दुरवस्था दिवसेंदिवस गंभीर होत चालली आहे. शहरभर खड्ड्यांमुळे नागरिकांचे हाल होत असतानाच आता थेट नाशिक महानगरपालिकेच्या प्रवेशद्वारासमोरील पंडित कॉलनी परिसरात रस्ता चार ते पाच फूट खचल्याची घटना घडली आहे. त्यामुळे महापालिकेच्या कामकाजावर आणि रस्ते बांधकामांच्या गुणवत्तेवर गंभीर प्रश्न उपस्थित होत आहेत.विशेष म्हणजे काही महिन्यांपूर्वीच या ठिकाणी ड्रेनेजचे काम करण्यात आले होते. मात्र अल्पावधीतच रस्ता खचल्याने कामाचा दर्जा निकृष्ट असल्याची चर्चा सुरू झाली आहे. दरम्यान, शहरातील खड्ड्यांमुळे पाच नागरिकांचा बळी गेल्याचा आरोप करत वंचित बहुजन आघाडीने महापालिकेसमोर तिरडी आंदोलन केले. यावेळी आंदोलनकर्त्यांनी महापालिका प्रशासन, आयुक्त आणि कुंभमेळा मंत्री गिरीश महाजन यांच्या विरोधात जोरदार घोषणाबाजी करत दोषींवर कारवाईची मागणी केली. Vio/02 या घटनेनंतर उपमहापौर विलास शिंदे यांनीही तीव्र नाराजी व्यक्त केली. संबंधित ठिकाणी ड्रेनेजचे काम काही महिन्यांपूर्वीच पूर्ण झाले होते. मात्र त्यानंतर रस्ता खचल्याने कामाच्या गुणवत्तेबाबत गंभीर शंका निर्माण झाल्याचे त्यांनी सांगितले. संबंधित ठेकेदार आणि जबाबदार अधिकाऱ्यांना नोटीस बजावून चौकशी केली जाणार असून दोषी आढळल्यास कठोर कारवाई करण्यात येईल, असेही त्यांनी स्पष्ट केले. बाईट : विलास शिंदे, उपमहापौर, नाशिक मनपा Vio/03 महापालिकेच्या दारातच रस्ता खचणे आणि त्याचवेळी खड्ड्यांच्या विरोधात तिरडी आंदोलन होणे, या दोन्ही घटनांमुळे नाशिकमधील रस्त्यांच्या प्रश्नाने पुन्हा एकदा गंभीर वळण घेतले आहे. आता प्रशासन केवळ चौकशीची घोषणा करते की प्रत्यक्षात दोषींवर कारवाई करून नाशिककरांना खड्डेमुक्त रस्ते देते, हे पाहणे महत्त्वाचे ठरणार आहे.0
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शिवसेना नेता मोहसीन शेख के निधन पर शहर में शोक, 4.1 लाख सहायता
Akola, Maharashtra:अकोल्यातील शिवसेना अल्पसंख्यांक विभागाचे जिल्हाप्रमुख मोहसीन शेख यांच्या अपघातानंतर उपचारादरम्यान झालेल्या निधनाने संपूर्ण शहर हळहळले आहे. या दुःखद प्रसंगात शोकाकुल शेख कुटुंबाच्या पाठीशी शिवसेना ठामपणे उभी राहिली आहे. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांच्या सूचनेनुसार आज मोहसीन शेख यांच्या कुटुंबीयांना ४ लाख १ रुपयांच्या आर्थिक मदतीचा धनादेश सुपूर्द करण्यात आला. या कठीण प्रसंगी शेख कुटुंबाला धीर देण्यासाठी आणि त्यांच्या पाठीशी खंबीरपणे उभे राहण्याचा संदेश देत उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांच्या सूचनेनुसार पश्चिम विदर्भाचे सहयोगात्मक संपर्कप्रमुख किरण पांडव यांच्या हस्ते मोहसीन शेख यांच्या कुटुंबीयांना ४ लाख १ रुपयांचा धनादेश सुपूर्द करण्यात आला. या व्यतिरिक्त मोसिन शेख यांच्या दोन्ही मुलींच्या शिक्षणाची जबाबदारी सुद्धा एकनाथ शिंदे यांनी उचलली आहे.0
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उप निबंधक कार्यालय ,लाखों का राजस्व, शौचालय तक नहीं दुरुस्त; झाड़ियों की आड़ में जाने को मजबूर लोग
Deoria, Uttar Pradesh:जिस उप निबंधक कार्यालय से प्रतिदिन लाखों रुपये का राजस्व सरकारी खजाने में पहुंचता है, वहीं आने वाले लोगों को शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा के लिए तरसना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि परिसर में बना शौचालय शोपीस बनकर रह गया है और दो अन्य शौचालय अधूरे पड़े हैं। चारों तरफ गंदगी और झाड़ियों के कारण लोग मजबूरन दीवार और झाड़ियों की आड़ का सहारा ले रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकार ने घर-घर शौचालय बनवाने के लिए प्रोत्साहन राशि देने के साथ सार्वजनिक स्थानों पर भी शौचालय निर्माण पर भारी-भरकम धन खर्च किया। मकसद लोगों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाना और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता सुनिश्चित करना था। लेकिन देवरिया के उप निबंधक कार्यालय की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। कार्यालय परिसर में एक शौचालय बना हुआ है, लेकिन उसकी स्थिति ऐसी है कि वह प्रयोग के लायक नहीं है। वहीं दो अन्य शौचालय अर्धनिर्मित अवस्था में पड़े हैं। आसपास झाड़ियां और गंदगी का अंबार लगा है, जिससे चाहकर भी लोग इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यहां प्रतिदिन करीब 60 से 70 रजिस्ट्रियां होती हैं और लगभग 400 से 500 लोगों का आवागमन रहता है। जमीन-मकान की रजिस्ट्री से विभाग को लाखों रुपये का राजस्व मिलता है, इसके बावजूद आम लोगों के लिए एक अदद साफ और उपयोग योग्य शौचालय की व्यवस्था नहीं होना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।रजिस्ट्री के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यालय पहुंचती हैं। प्रक्रिया पूरी होने में कई बार घंटों लग जाते हैं। ऐसे में शौचालय की समुचित व्यवस्था न होने से महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी और असहजता का सामना करना पड़ता है। सरकारी कार्यालय में स्वच्छता की यह बदहाल तस्वीर तब है, जब सरकार खुले में शौच रोकने और सार्वजनिक स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चला रही है। सवाल यह है कि जब सरकारी कार्यालय में ही शौचालय शोपीस और अधूरे पड़े हों तो स्वच्छता का संदेश आम जनता तक कैसे पहुंचेगा? प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की परेशानी के बावजूद जिम्मेदारों की नजर आखिर इस बदहाली पर कब पड़ेगी?0
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नवी मुंबई में भाजपा करेगी शिंदे की नीतियों पर ब्रेक; क्लस्टर योजना पर पुनर्विचार
Navi Mumbai, Maharashtra:उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नगरविकास खाते की नीतियों के खिलाफ नवी मुंबई मनपा की सत्ता में बनी भाजपा ब्रेक लगाने की तैयारी में है. शहर के हर विभाग के प्रभाव आकलन कर शहर की देखभाल क्षमता जाँचने की योजना बनाई जाएगी. इसके साथ शहर में लागू क्लस्टर योजना पर पुनर्विचार के लिए राज्य सरकार से पत्र व्यवहार करने का प्रस्ताव नगरपालिका के सामान्य सभागृह में रखा गया है.0
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सुपौल में कोसी पूनर्वासित परिवारों का धरना: होल्डिंग टैक्स से मुक्त करें
Bihar:सुपौल में कोसी पीड़ित पूनर्वासित परिवारों का विशाल धरना, होल्डिंग टैक्स से मुक्त करने, पूनर्वास की जमीन का मालिकाना हक़ देने और आवास योजना का लाभ देने की उठाई मांग. सुपौल में आज हजारों कोसी पूनरवास के लोगों ने धरना देकर अपने हक़ की आवाज उठाई है. दरअसल सुपौल नगर परिषद क्षेत्र में कोसी से पूनर्वासित हजारों परिवारों के लोगों ने आज सुपौल जिला मुख्यालय के डिग्री कॉलेज के समीप धरना देकर सरकार से अपने हक की मांग की है. धरना में शामिल लोगों ने होल्डिंग टैक्स से मुक्त करने, पूनर्वास की जमीन का मालिकाना हक़ देने और उन्हें आवास योजना का लाभ देने सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग की है. इस धरना प्रदर्शन की अगुवाई स्थानीय समाजसेवी लव यादव ने की है . इस दौरान कोसी पूनर्वासित परिवार के लोगों ने सरकार के उपेक्षा पुर्ण रवैया के विरोध में धरना देकर अपनी मांगों को लेकर सरकार से पहल करने की गुहार लगाई है. इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ प्रकृति की मार और कोसी की विभीषिका से सैकड़ों लोग कोसी से अपनी जमीन घर वार छोड़कर पूनर्वासित किए गए हैं, लेकिन आज छे दशक बीत जाने के बाद भी पूनर्वास में बसे लोगों को पूनर्वास में दिये गए उक्त जमीन का मालिकाना हक़ नहीं दिया गया है. जिसके चलते अब तक सैकड़ों परिवार को आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. ऊपर से वर्ष 2013 से ही नगर परिषद सुपौल द्वारा होल्डिंग टैक्स जोड़कर जमा करने का फरमान जारी किया जा रहा है. जिससे तमाम कोसी पूनर्वास के लोग भारी आक्रोश में है. धरना में शामिल कोसी पूनरवास के लोगों ने नगर परिषद द्वारा लिए जा रहे होल्डिंग टैक्स का पुरजोर विरोध किया है और कहा है कि पूनर्वास के लोगों को होल्डिंग टैक्स से मुक्त किया जाय, लोगों ने कहा है कि पूनर्वास में बसे लोग आज भी मुलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं. बाबजूद सरकार द्वारा इस दिशा में समुचित पहल नहीं की जा रही है. जिससे लोगों में भारी आक्रोश है. आक्रोशित लोग सरकार से माँग किया है कि पहले पूनर्वास के जमीन का उन्हें मालिकाना हक़ दिया जाय फिर उन्हें आवास योजना का लाभ दिया जाय. धरना में शामिल लोगों ने कहा कि फिलहाल होल्डिंग से मुक्त करते हुए इस दिशा में समुचित पहल किया जाय नहीं तो आगे इससे भी बड़ा आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे. धरना में पूनर्वासित परिवार के सैकड़ों लोग शामिल हुए. बताया गया कि धरना के बाद अपनी मांगो का ज्ञापन महामहिम राज्य पाल महोदय के नाम जिलाधिकारी को सौंपा गया है. इस बाबत सुपौल DM सावन कुमार ने कहा की पीड़ित लोगों की मांग को उचित तरीके से सरकार तक पहुंचाई जाएगी.0
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हांसी में तेज बारिश से जलभराव, विधायक के दावे हुए फेल
Hansi, Haryana:लोगों के साथ वॉक थ्रू बाइट ; हांसी विधायक विनोद भयाना जी मीडिया की ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट त्रिकोणा पार्क एवं एसडी महिला महाविद्यालय रोड पर लाईव तस्वीरें के साथ वॉक थ्रू हांसी में डेढ़ घंटे की बारिश ने खोली प्रशासनिक तैयारियों की पोल, शहर की सड़कें बनीं तालाब चार घंटे के भीतर शहर से पानी निकालने का दावा करने वाले विधायक विनोद भ्याना का वादा फेल लोग बोले दो दिन भी नहीं निकलेगा हांसी। मानसูน की पहली तेज बारिश ने हांसी नगर की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने ला दी। महज डेढ़ घंटे की बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। हांसी बस स्टैंड, डीसी निवास रोड, एसडी महिला महाविद्यालय रोड, अंबेडकर चौक, त्रिकोणा पार्क समेत शहर के कई प्रमुख इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिला। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग लगातार दावा करता रहा कि सीवरेज लाइनों, नालों और डिस्पोजल सिस्टम की सफाई पूरी कर ली गई है तथा इस बार जलभराव नहीं होगा। लेकिन पहली ही बारिश में इन दावों की पोल खुलती नजर आई। शहर के कई इलाकों में पानी भरने से लोगों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सफाई केवल कागजों तक सीमित रही। ग्राउंड जीरो पर लोगों ने बताया कि हर साल बारिश के दौरान यही हालात बनते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। नागरिकों का कहना है कि यदि पहली बारिश में ही शहर की यह स्थिति है तो आगे लगातार होने वाली बारिश में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। हांसी निवासी जिले सिंह ने कहा कि बारिश के बाद सीवरेज जाम होने से सड़कों पर पानी भर जाता है, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने विधायक पर भी ध्यान नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि चार घंटे में पानी निकालने का दावा केवल बयानबाजी साबित हुआ। वहीं तिकोना पार्क निवासी सुभाष चंद ने कहा कि वह कई वर्षों से जलभराव की समस्या झेल रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि चार घंटे में पानी उतरने का दावा वास्तविकता से कोसों दूर है, क्योंकि कई बार दो-दो दिन तक पानी सड़कों पर भरा रहता है। गौरत है कि चार घंटे के भीतर शहर से पानी निकालने का दावा करने वाले विधायक विनोद भ्याना का वादा भी पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया। करीब डेढ़ घंटे की बारिश ने प्रशासनिक तैयारियों की परीक्षा ले ली, जिसमें शहर के कई हिस्सों में जल निकासी व्यवस्था असफल दिखाई दी। अब शहरवासियों की निगाहें प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग पर हैं कि वे जलभराव की इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान कब तक कर पाते हैं। नवीन शर्मा रिपोर्टर भिवानी0
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खबर उपलब्ध नहीं: सामग्री में स्पष्ट जानकारी नहीं है
Noida, Uttar Pradesh:0
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रामगढ़ में सिलेंडर ब्लास्ट से मजदूर का आशियाना राख, परिवार सड़क पर
Alwar, Rajasthan:रामगढ़ में सिलेंडर ब्लास्ट से मजदूर का आशियाना राख, परिवार सड़क पर अलवर जिले के रामगढ़ कस्बे में बहादरपुर रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर के पास बर्डोद मार्ग पर एक दर्दनाक हादसे में गरीब मजदूर का आशियाना आग की भेंट चढ़ गया। खाना बनाने के बाद गैस सिलेंडर में अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी झुग्गी को जलाकर राख कर दिया। इस हादसे में झुग्गी में रखा अनाज, सिलाई मशीन, बच्चों के झूले, चारपाई, बिस्तर, कपड़े और करीब 50 से 60 हजार रुपये की नकदी सहित लगभग एक लाख रुपये का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। घटना के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है। पीड़ित सूरज कुमार, पुत्र नारायण सिंह, निवासी पीलवा चिकानी ने बताया कि वह पिछले पांच वर्षों से पत्नी और चार बच्चों के साथ सड़क किनारे झुग्गी बनाकर रह रहे हैं। दोनों पति-पत्नी सरकारी सड़क निर्माण कार्य में मजदूरी कर परिवार का गुजारा करते हैं। उनके पिता कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। मेहनत से जोड़ी गई जमा-पूंजी भी इस हादसे में जलकर खत्म हो गई। सूरज के अनुसार सोमवार रात करीब 8 बजे उनकी पत्नी ने गैस पर खाना बनाकर सिलेंडर बंद कर दिया था, लेकिन कुछ देर बाद अचानक उसमें आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने तिरपाल को अपनी चपेट में ले लिया और पूरी झुग्गी धू-धू कर जलने लगी। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पानी के टैंकर की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए परिवार को बिस्तर और अस्थायी रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई। वहीं खाटू श्याम मंदिर समिति भी तिरपाल और नया तंबू उपलब्ध कराने में जुटी है। आसपास के लोग भोजन की व्यवस्था भी कर रहे हैं। मंगलवार को पटवारी अलका ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया। रामगढ़ तहसीलदार आशीष शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट मांगी गई है और नियमानुसार पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता दिलाई जाएगी। बाइट: बबीता देवी (पीड़ित परिवार) बाइट: सूरज कुमार (पीड़ित)0
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सरदारशहर में जलभराव से तीन वार्ड प्रभावित, आंदोलन की चेतावनी तेज
Churu, Rajasthan:चूरू विधानसभा- सरदारशहर लोकेशन-सरदारशहर सरदारशहर। सालों से गंदे पानी में डूबा वार्ड, गणेश मंदिर तक पहुंचना हुआ मुश्किल, नगर परिषद के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा, तीन वार्डों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग जलभराव की चपेट में, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का जीवन नारकीय; समाधान नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन की चेतावनी सरदारशहर के वार्ड 9 में गणेश मंदिर के पास नगर परिषद की कथित लापरवाही के कारण स्थानीय लोग वर्षों से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यहां आसपास की गलियों और मुख्य रास्तों पर हर समय गंदा पानी जमा रहने से आमजन का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि वार्ड 9, 11 और 12 को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग भी स्थायी जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे हजारों लोगों को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को समस्या से त्रस्त स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। गणेश मंदिर के पास एकत्रित होकर वार्डवासियों ने नगर परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। लोगों का कहना था कि कई वर्षों से शिकायतें करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिससे उनका धैर्य अब जवाब दे चुका है। स्थानीय निवासी खुशबू ने बताया कि वह प्रतिदिन गणेश मंदिर दर्शन के लिए जाती हैं, लेकिन मंदिर तक पहुंचने के लिए हर बार गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मंदिर पहुंचने से पहले हाथ-पैर धोने पड़ते हैं और वापस लौटकर घर जाकर फिर से हाथ-पैर साफ करने पड़ते हैं। उनका कहना था कि लगातार जमा रहने वाले इस गंदे पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और संक्रामक बीमारियों तथा महामारी फैलने का खतरा बना हुआ है। वार्ड की बुजुर्ग महिला भंवरी देवी ने इस समस्या के लिए पास में बनी गिनाणी के संचालन में लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि गिनाणी को समय पर चालू नहीं किया जाता, जिसके कारण गंदा पानी लगातार जमा रहता है। उनका कहना था कि बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है तथा घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गिनाणी पर लगा जनरेटर कई वर्षों से बंद पड़ा है और संबंधित कर्मचारी नियमित रूप से गिनाणी का संचालन नहीं करता। गणेश मंदिर के पुजारी कानाराम ने बताया कि उन्हें प्रतिदिन सुबह मंदिर में प्रवेश करने और वापस लौटने के लिए इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी असुविधा होती है और धार्मिक स्थल तक पहुंचना भी कठिन हो गया है। स्थानीय निवासी रोहित कुमार पांडे ने बताया कि इस समस्या को लेकर स्थानीय स्तर से लेकर जयपुर तक प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि गिनाणी का संचालन करने वाला ठेकेदार जनरेटर के डीजल और मोटरों तक में गड़बड़ी करता है। उनका कहना था कि नगर परिषद के अधिकारियों को बार-बार शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती, जिससे लोगों में यह धारणा बन गई है कि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के बीच मिलीभगत है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि यह सिर्फ जलभराव की समस्या नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और आवागमन से जुड़ा गंभीर जनहित का मुद्दा है। तीन वार्डों के लोगों को प्रतिदिन गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हैं। लगातार जलभराव से सड़कों की हालत भी खराब हो चुकी है और दुर्गंध के कारण आसपास का वातावरण दूषित रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द से जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो संपूर्ण वार्डवासी एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और नगर परिषद की होगी। इस अवसर पर लक्ष्मी नारायण प्रजापत, रोहित कुमार पांडे, कानदास स्वामी, गोपाल सैन, महेंद्र भाट, किसन सिंह राजपूत, जतन जांगिड़, माणकलाल जांगिड़, रतनलाल प्रजापत, भंवरी देवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे。0
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छितरिया ताल में अज्ञात बुजुर्ग शव: डूबने से मौत की आशंका, पहचान के प्रयास जारी
Dholpur, Rajasthan:धौलपुर: छितरिया ताल में मिला अज्ञात बुजुर्ग का शव, डूबने से मौत की आशंका, 2-3 दिन से था पानी में धौलपुर। धौलपुर शहर के जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज के पीछे स्थित प्रसिद्ध छितरिया ताल में एक अज्ञात बुजुर्ग का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सुबह ताल के पास से गुजर रहे स्थानीय लोगों ने पानी में शव तैरता देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही अस्पताल चौकी प्रभारी मोहनलाल मीणा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ यातायात प्रभारी बलविंदर सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शव को ताल से बाहर निकाला गया। शव काफी फूल चुका था, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यह 2 से 3 दिन पुराना है。 *डूबने से मौत की आशंका* पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बुजुर्ग की मौत पानी में डूबने के कारण हुई हो सकती है। हालांकि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल पाएगा। शव की हालत और कपड़ों से यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि मृतक कौन है और कहां का रहने वाला है। *पहचान के प्रयास जारी* आवश्यक कार्रवाई के बाद पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। मृतक की पहचान के लिए आसपास के सभी थाना क्षेत्रों में सूचना भेजी गई है। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि पिछले कुछ दिनों से उनका कोई परिजन या जानकार लापता है तो वे तुरंत जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी या अस्पताल चौकी से संपर्क करें。 फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बुजुर्ग ताल तक कैसे पहुंचा।0
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मैनपुरी-करहल किशनी रोड पुलिया के पास गड्ढा बना जानलेवा,ई-रिक्शा पलटा और बाइक सवार महिला गिरकर घायल ।
Kirthua, Karhal, Uttar Pradesh:करहल/मैनपुरी मैनपुरी के करहल में किशनी रोड बंबा पुलिया के पास सड़क पर एक बड़ा गड्ढा राहगीरों के लिए जानलेवा बन गया है,PWD की अनदेखी के कारण यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। हादसे में एक ई-रिक्शा गड्ढे में जाकर पलट गया,गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन एक बाइक का पहिया गड्ढे में फंस गया,जिससे बाइक सवार महिला गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई उसे सैफई अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात में गड्ढे में पानी भर जाने से उसकी गहराई का अंदाजा नहीं लगता और दो पहिया चालक गिर जाते हैं। स्कूली बच्चों को भी इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गड्ढे को भरवाकर राहगीरों की जान बचाई जाए।0
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जोरासी में भूख हड़ताल: इंटरमीडिएट के दर्जे के लिए ग्रामीणों का आक्रामक संघर्ष
Pithoragarh, Uttarakhand:पिथौरागढ़ जिले के जोरासी क्षेत्र के ग्रामीण आज जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जोरासी हाई स्कूल को इंटरमीडिएट में उच्चीकृत किए जाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल में बैठे ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में इंटरमीडिएट की पढ़ाई की सुविधा नहीं होने के कारण हाई स्कूल के बाद छात्र-छात्राओं को 10 से 15 किलोमीटर दूर दूसरे विद्यालयों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है। खासकर मानसून के दौरान रास्ते क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और कई स्थानों पर नदी-नालों को पार कर विद्यालय पहुंचना पड़ता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी इस मांग को लेकर उग्र आंदोलन किया गया था। उस समय जिला प्रशासन ने विद्यालय के उच्चीकरण का आश्वासन देकर आंदोलन और अनशन समाप्त कराया था, लेकिन लंबे समय बाद भी मांग पूरी नहीं हो सकी। अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक जोरासी विद्यालय को इंटरमीडिएट का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यालय के उच्चीकरण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और शासन स्तर पर इस पर कार्रवाई चल रही है। विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही विद्यालय के उच्चीकरण पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।0
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धामी ने कांवड़ मेले में कांवड़ियों की सेवा और स्वास्थ्य इंतजामों पर जोर दिया
Haridwar, Uttarakhand:धर्मनगरी हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेला-2026 के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार पहुंचे। यहां प्रशासनिक अधिकारियों और भाजपा पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री अलकनंदा होटल पहुंचे, जहां उन्होंने कांवड़ स्वास्थ्य सेवा शिविर का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने शिवभक्त कांवड़ियों के पैर पखारकर उनका सम्मान किया और अपने हाथों से भोजन परोसकर उनकी सेवा भी की। उन्होंने कांवड़ियों को संबोधित करते हुए सांसद पप्पू यादव और उनके साथियों पर संत समाज के अपमान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। धामी ने कहा कि साधु-संतों के प्रति इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है और उन्होंने भगवान से पप्पू यादव तथा उनके साथियों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। बाइट - पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड Vo 1-मुख्यमंत्री ने कांवड़ मेले को सफल बनाने में जुटे सफाईकर्मियों और पुलिसकर्मियों का भी सम्मान किया। उन्होंने कर्मचारियों को माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर उनकी सेवाओं के लिए उनका उत्साह बढ़ाया। सीएम ने मेले में श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्त हरिद्वार पहुंच रहे हैं और उनकी सुविधा एवं सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। इस दौरान कैबिनेट मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। बाइट - पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड0
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