icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

राजस्थान हाईकोर्ट: खनन लीज निरस्तीकरण, 30 दिन का नोटिस अनिवार्य, लीज बहाली का आदेश

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने खनन लीज निरस्तीकरण के एक अहम मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना लीज रद्द करना पूरी तरह अवैध है। न्यायाधीश संजीत पुरोहित की एकलपीठ ने बिना 30 दिन का अनिवार्य नोटिस दिए लीज समाप्त करने की कार्रवाई को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता की लीज बहाल करने के आदेश दिए। याचिकाकर्ता तखत सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास बालिया ने बताया कि याचिकाकर्ता को वर्ष 2020 में खनिज क्वार्ट्ज और फेल्डस्पार के खनन के लिए 50 वर्षों की लीज प्रदान की गई थी। बाद में खनन विभाग ने कथित उल्लंघनों का आरोप लगाते हुए पहले नोटिस जारी किया और फिर करीब 1.53 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाकर 19 अक्टूबर 2022 को लीज रद्द कर दी। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उन्होंने सभी आरोपों का जवाब दिया था और सरकार की एमनेस्टी योजना के तहत पूरी बकाया राशि जमा कर नो ड्यूज सर्टिफिकेट भी प्राप्त कर लिया था। इसके बावजूद विभाग ने लीज बहाल नहीं की, जो अनुचित है। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पाया कि खनन नियम, 2017 के तहत लीज समाप्त करने से पहले 30 दिन का स्पष्ट और अलग नोटिस देना अनिवार्य है। केवल प्रारंभिक नोटिस में संभावित कार्रवाई का उल्लेख करना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। इस अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने से पूरी कार्रवाई अवैধ हो जाती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि लीज समाप्त करना अंतिम विकल्प होना चाहिए और पहले कम कठोर विकल्प जैसे जुर्माना लगाने पर विचार करना जरूरी है। बिना विचार किए सीधे लीज रद्द करना न्यायसंगत नहीं है। साथ ही कोर्ट ने यह भी माना कि विभाग द्वारा पारित जुर्माना आदेश तर्कसंगत नहीं था और उसमें याचिकाकर्ता के जवाब पर विचार नहीं किया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने 18 अप्रैल 2022 और 19 अक्टूबर 2022 के आदेशों को निरस्त करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता की खनन लीज तुरंत बहाल की जाए。
0
0
Report

राजस्थान हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में 12 सप्ताह समय दिया; अधिकारी व्यक्तिगत हाजिर होंगे

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने से जुड़े अवमानना प्रकरण में राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए अंतिम मौका दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि अगली सुनवाई तक आदेशों की पूर्ण पालना नहीं हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जस्टिस रेखा बोराणा की एकलपीठ के समक्ष सूरज प्रकाश दवे के उत्तराधिकारियों की ओर से अधिवक्ता विनीत आर दवे ने अवमानना याचिका पेश की। याचिका में पूर्व में दिए गए न्यायालय के आदेशों की पालना नहीं होने का मुद्दा उठाया गया था। न्यायालय ने 18 मार्च 2026 को सुनवाई के दौरान स्थानीय स्वशासन विभाग और नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के प्रमुख सचिवों को अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी कहा गया था कि यदि आदेशों की पालना नहीं होती है तो संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा। सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से समय बढ़ाने का अनुरोध किया गया। सरकार ने अदालत को बताया कि इस मामले में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी बैठक 10 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई। समिति के निर्णय के अनुसार कुल 194 अतिक्रमणकारियों को सार्वजनिक नोटिस जारी किए गए हैं और प्रत्येक को व्यक्तिगत नोटिस भी दिया गया है। इन नोटिसों के माध्यम से अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। सरकार ने यह भी दलील दी कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पहले प्रभावित पक्षों को पर्याप्त अवसर देना जरूरी था, इसलिए यह प्रक्रिया अपनाई गई है। आश्वासन दिया गया कि निर्धारित समयावधि के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी और उसकी अनुपालना रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी। अदालत ने सरकार की इस दलील को स्वीकार करते हुए 12 सप्ताह का अतिरिक्त समय प्रदान किया, लेकिन इसके साथ ही सख्त रुख भी अपनाया। न्यायालय ने साफ कहा कि यदि अगली तारीख तक आदेशों की वास्तविक और पूर्ण पालना नहीं होती है तो किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। उस स्थिति में स्थानीय स्वशासन विभाग के प्रमुख सचिव, नगरीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, जोधपुर नगर निगम के आयुक्त और जोधपुर विकास प्राधिकरण के सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई 2026 को होगी, जहां अनुपालना रिपोर्ट पेश की जाएगी。
0
0
Report

राजस्थान हाईकोर्ट ने 20% जमा शर्त पर अंतरिम रोक लगाई

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस बलजिंदरसिंह संधू की एकलपीठ ने परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 143ए के तहत 20 प्रतिशत राशि जमा कराने की शर्त को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम राहत देते हुए उक्त शर्त के प्रभाव पर रोक लगा दी है। मामला उदयपुर निवासी विनोद द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें अधीनस्थ न्यायालय के 9 मार्च 2026 के आदेश को चुनौती दी गई थी। अधिवक्ता हर्षित भूरानी ने तर्क दिया कि धारा 143ए एवं 148 को परक्राम्य लिखत (संशोधन) अधिनियम, 2018 के जरिए जोड़ा गया था, लेकिन बाद में रिपीलिंग एंड अमेंडिंग एक्ट, 2025 द्वारा इस संशोधन अधिनियम को निरस्त कर दिया गया। यह निरसन 20 दिसंबर 2025 से प्रभावी होकर 1 जनवरी 2026 को अधिसूचित हुआ। ऐसे में इन धाराओं का कानूनी अस्तित्व समाप्त हो चुका है। हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया इन तर्कों को स्वीकार करते हुए माना कि जिस आधार पर 20 प्रतिशत राशि जमा करने की शर्त लगाई गई, वह प्रावधान अब प्रभावी नहीं हैं। चूंकि अधीनस्थ न्यायालय का आदेश निरसन के बाद पारित हुआ, इसलिए इस शर्त को लागू करना उचित नहीं माना गया। न्यायालय ने आदेश के उस हिस्से पर रोक लगा दी है, जिसमें 20 प्रतिशत राशि जमा करने की बाध्यता तय की गई थी। इस अंतरिम राहत से याचिकाकर्ता को बड़ी राहत मिली है, जबकि मामले की अंतिम सुनवाई अभी शेष है।
0
0
Report
Advertisement

शानदार प्रदर्शन: एस बी टी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने फिर लहराया सफलता का परचम

ASAmit SinghFollow13m ago
Gauri Bazar, Uttar Pradesh:सीबीएसई 10वीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।गौरीबाजार क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में स्थित शिक्षण संस्थान एस बी टी पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। विद्यालय के होनहार छात्र अथर्व मिश्र ने 97% अंक प्राप्त कर स्कूल का नाम रोशन किया। इसके अलावा कई अन्य विद्यार्थियों ने भी शानदार अंक हासिल किए हैं, जिससे जनपद की संभावित टॉप-टेन सूची में विद्यालय की मजबूत दावेदारी बनती नजर आ रही है। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा अभी आधिकारिक टॉपर सूची जारी नहीं की गई है, लेकिन विद्यार्थियों के उत्कृष्ट परिणाम यह संकेत दे रहे हैं कि एस बी टी पब्लिक स्कूल जिले के श्रेष्ठ विद्यालयों में अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहा है। विद्यालय प्रबंधन ने इस सफलता का श्रेय छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण को दिया है। विद्यालय के चेयरमैन एम एन त्रिपाठी ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि मेहनत और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि मेधावी छात्रों के सम्मान में जल्द ही एक भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।इस शानदार परिणाम ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
0
0
Report
Advertisement

अविमुक्तेश्वरानंद के इंटरव्यू विवाद पर पत्रकार को नोटिस, ब्राह्मण क्षत्रिय मंच का आरोप

Noida, Uttar Pradesh:योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध अविमुक्तेश्वरानन्द के इंटरव्यू का विवादित हिस्सा वायरल करने पर पत्रकार को नोटिस ब्राह्मण क्षत्रिय एकता मंच ने एडवोकेट रीना एन सिंह के माध्यम से भेजा नोटिस नई दिल्ली। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के द्वारा योगी आदित्यनाथ के बारे में एक जाति के लोगों का एनकाउंटर करने और अन्य विवादित वक्तव्य देने और उस वीडियो में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोटो और नाम लिखकर वायरल करने पर पत्रकार ब्रजभूषण दूबे को ब्राह्मण क्षत्रिय एकता मंच के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार शुक्ला, सहसंयोजक व जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता क्रांतिगुरु गणेश वल्लभ द्विवेदी और सौरभ सोमवंशी ने सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह के माध्यम से लीगल नोटिस भेजा है और विवादित कंटेंट हटाने, माफी मांगने और भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी देते हुए आपराधिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। पिछले दिनों 16 फरवरी को ब्रजभूषण दूबे ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का एक इंटरव्यू वायरल किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि ब्राह्मणों पर तरह-तरह की समस्या योगी सरकार में हो रही है। ब्राह्मण योगी आदित्यनाथ के टारगेट पर है ब्राह्मणों के एनकाउंटर हो रहे हैं और एक के बाद एक हजारों मंदिर तोड़े जा रहे हैं नोटिस में इस बात को दो समुदायों के बीच शांति भंग करने, भाईचारा समाप्त करने और गोरखनाथ पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध बताया गया है। यह बयान दो जातियों के बीच नफरत, दुश्मनी फैलाने के लिए नकारात्मक नॉरेटिव बताते हुए माफ़ी ना मांगने पर ब्रजभूषण दूबे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 196 ,197, 299, 351, 352, 353 और 356 के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत कार्यवाही करने की बात कही गई है।
0
0
Report
Advertisement

Mount Abu में अवैध निर्माण पर राजस्थान हाईकोर्ट ने स्टे हटाकर अंतिम निस्तारण किया

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने माउंट आबू क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पूर्व में लगाए गए निर्माण पर स्थगन आदेश को समाप्त कर दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने मामले में अंतरिम रोक हटाते हुए याचिका का अंतिम निस्तारण कर दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा। याचिकाकर्ता नितिन जैन व अन्य की ओर से दायर पीआईएल में माउंट आबू के झील क्षेत्र, शांतिवन, आनंद सरोवर और आसपास के गांवों में बड़े पैमाने पर अवैध व बहुमंजिला निर्माण होने का आरोप लगाया गया था। साथ ही आरक्षित वन भूमि पर अतिक्रमण और पर्यावरणीय क्षति की आशंका जताई गई थी, जबकि यह क्षेत्र वन्यजीव अभयारण्य घोषित है और यहां निर्माण गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध लागू हैं। गौरतलब है कि 26 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिना अनुमति किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा दी थी और जिला प्रशासन के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए थे। अब स्टे हटने के बाद निर्माण गतिविधियों को लेकर स्थिति विस्तृत आदेश के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
0
0
Report

सीबीएसई रिजल्ट

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर एंकर== Central Board of Secondary Education (CBSE) के हाईस्कूल परिणाम को घोषणा देर शाम की गई। जिसके बाद छात्र छात्राओं का हुजूम परिणाम जानने के लिए उत्सुक दिखा। ऐसे में मैनावती मार्ग स्थित डीपीएस आजादनगर स्कूल की छात्रा अविका अग्रवाल ने 99.8% अंक हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। सोशल मीडिया से दूर रह कर अविका ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। अविका ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई पर पूरा फोकस रखा और मोबाइल का सीमित उपयोग किया। जिससे उन्हें बेहतर परिणाम मिला। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और स्कूल में खुशी का माहौल है। अविका की सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। वही दिव्यांग कूल्हे भारद्वाज ने भी 81.8% अंक हासिल कर दिव्यांग छात्रों के लिए मिसाल बना। बाइट== अविका अग्रवाल, टॉपर बाइट== कौले भारद्वाज पांडेय, दिव्यांग टॉपर बाइट== आलोक मिश्रा, प्रबन्धक, डीपीएस स्कूल
0
0
Report
Advertisement

आंबेडकर जयंती जुलूस में मारपीट, गोविंद दास के खिलाफ मामला दर्ज

Ujjain, Madhya Pradesh:आंबेडकर जयंती पर निकल रहे जुलूस में हुई मारपीट घटना का वीडियो वायरल पुलिस ने जुलूस में खलल डालने वाले व्यक्ति पर दर्ज किया प्रकरण मारपीट करने वालों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मारपीट किए जाने की घटना सामने आई । बताया जा रहा है कि मंगलवार को महिदपुर रोड कस्बे में अंबेडकर जयंती पर जुलूस निकल रहा था । इस दौरान एक युवक गोविंद दास जुलूस में शारब पीकर पहुंच गया और यात्रा में खलल डालने का प्रयास किया । इस बात से नाराज जुलूस में शामिल लोगों ने गोविंद की जमकर पिटाई कर दी । जिसका वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ । इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने उस युवक पर प्रकरण दर्ज किया जिसकी पिटाई हुई है । पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर उन लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जिन्होंने मारपीट की। साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी । दरअसल मंगलवार को महिदपुर रोड कस्बे में भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जा रही थी । बाबा साहब के अनुयायी जन्मजयंती पर जुलूस निकाल रहे थे । इसी बीच वहीं का एक रहवासी गोविंद दास जुलूस में पहुंचा । पुलिस के अनुसार गोविंद शराब के नशे में था । दोनों पक्षों के बीच कुछ वाद विवाद हुआ और नौबत मारपीट तक पहुंच गई । अंबेडकर जयंती के जुलूस में शामिल तमाम लोग शराबी युवक पर टूट पड़े और उसकी जमकर धुनाई कर दी, जिसका वीडियो बुधवार को वायरल हुआ । मौके पर मौजूद पुलिस के जवानों ने युवक को छुड़ाया और थाने ले आई । मामले में पुलिस ने गोविंद को ही आरोपी बनाया और उस पर जुलूस में उपद्रव मचाने और आबकारी अधिनियम में प्रकरण दर्ज कर लिया । पुलिस अधिकारी ने बताया कि मारपीट का जो वीडियो सामने आया है, उसमें जांच की जा रही है । जांच के बाद जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी ।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top