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जानिए गुरु हरिकृष्ण पातशाह के जन्म की कहानी और महत्वपूर्ण तिथि
Anandpur Sahib, Punjab
आठवें पातशाह बाला प्रीतम श्री गुरु हरिकृष्ण का जन्म जुलाई 1656 को श्री कीरतपुर साहिब की भूमि पर हुआ, जहां गुरुद्वारा शीश महल साहिब सुशोभित है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हर साल श्री गुरु हरकृष्ण पातशाह जी का प्रकाश पर्व मनाती है, जिस पर 8 अखंड पाठों की श्रृंखला के बाद 29 जुलाई को सुबह 9 बजे भोग डाला जाएगा और इस दौरान महान धार्मिक दीवान सजाया जाएगा, जिसके महानुभाव कथा कीर्तन के माध्यम से पंथ भक्तों को मंत्रमुग्ध करेगा।
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