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Bimal KumarBimal KumarFollow11 Oct 2024, 12:43 pm
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पटना: निगरानी विभाग ने मौलाना यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार के आवास पर छापा

Patna, Bihar:पटना बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार सनाउल खान के ठिकानों पर छापेमारी की है। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति (DA Case) और घूस लेने की शिकायतों के आधार पर की गई है। निगरानी की टीम सुबह से ही पटना के अलीनगर के अनीसाबाद स्थित ‘लेडी इमाम अपार्टमेंट’ पहुंची, जहां असिस्टेंट रजिस्ट्रार सनाउल खान का आवास है। वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में टीम फ्लैट के अंदर मौजूद कागजात, नकदी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, सनाउल खान पर किसी काम के बदले ढाई लाख रुपए घूस मांगने का आरोप लगा था। शिकायत दर्ज होने के बाद निगरानी विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और आज उनके आवास पर छापा मारा गया। निगरानी टीम द्वारा फ्लैट से मिले बैंक पासबुक, जमीन के कागजात, नकद और गहनों को खंगाला जा रहा है। टीम आय और संपत्ति का मिलान भी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी छापेमारी के बाद ही वास्तविक संपत्ति का खुलासा किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन और शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। लंबे समय से शिकायतें मिलने के बाद की गई इस छापेमारी को बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। निगरानी विभाग की टीम अभी भी अपार्टमेंट के भीतर मौजूद है। आगे की जानकारी छापेमारी पूरी होने के बाद जारी की जाएगी।
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181 हेल्पलाइन नियंत्रण रूम में निरीक्षण, शिकायतों का निस्तारण 95% तक पहुंचा

Jaipur, Rajasthan:जेजेएम मिशन निदेशक ने संपर्क हेल्पलाइन 181 कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण लंबित, आमजन की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विभागीय प्रकरणों की समीक्षा की निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए राजन विशाल ने निस्तारण समय को कम करने के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया उन्होंने प्रत्येक 15 दिन में प्रकरणों की समीक्षा करने और समाधान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने देने पर जोर दिया राजन विशाल ने जिला स्तर पर दर्ज शिकायतों की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी स्वयं परिवादियों से संवाद स्थापित करें जिन जिलों में निस्तारण प्रतिशत, समाधान पर संतुष्टि का स्तर और औसत निस्तारण समय राज्य स्तर से कमजोर है, वहां तत्काल सुधार किया जाए उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता और गति दोनों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है साथ ही लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने और शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार पिछले एक वर्ष में पीएचईडी से जुड़े कुल 5 लाख 45 हजार 840 प्रकरण संपर्क पोर्टल पर दर्ज हुए, जिनमें से 5 लाख 20 हजार 469 का निस्तारण किया जा चुका है, जो लगभग 95.93 प्रतिशत है इन मामलों के समाधान में औसतन 15 दिन का समय लगा है जबकि 60 प्रतिशत परिवादियों ने संतुष्टि व्यक्त की है निरीक्षण के दौरान राजन विशाल ने कंट्रोल रूम में उपस्थित रहकर स्वयं परिवादियों से संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए उल्लेेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं इस अवसर पर विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे
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संबलपुर के रेढ़ाखोल मार्ग पर पेड़ काटने से तीन लोगों की मौत; मशीन जल गई

ANAJAY NATHJust now
Sambalpur, Odisha:ଗଛ କାଟିଲେ ମୃତ୍ୟୁ ସୁନିଶ୍ଚିତ |ଗଛ କଟିବାରୁ ଗଲା ତିନି ଜଣଙ୍କର ଜୀବନ |ଗଛ କଟା ମେସିନ ମଧ୍ୟ ଜଳିଗଲା | ସମ୍ବଲପୁର ରେଢ଼ାଖୋଲ ଶ୍ରେଷ୍ଠ ରାସ୍ତା ମଝିରେ ଥିବା ଏହି ଗଛରେ ମା ପନ୍ଥେଇ ଦୁର୍ଗା କାହିଁ କେଉଁ କାଳ ରୁ ବାସ କରୁଛନ୍ତି | କିଛି ବର୍ଷ ପୂରୁବରୁ ରାସ୍ତା ସମ୍ପ୍ରସାରଣ ଚାରି ଥାକିଆ ରାସ୍ତା ନିର୍ମାଣ ପାଇଁ କାର୍ଯ୍ୟ ଆରମ୍ଭ ହେଲା | ରାସ୍ତା କୁ ସିଧା କରିବା ପାଇଁ ଆବଶ୍ୟକ ପଡିଲା ଯେ ମଝି ରାସ୍ତା ରେ ଥିବା ଗଛ ଟିକୁ କଟାଗଲେ ରାସ୍ତା ଠିକ ହେବ ବଙ୍କା ହେବ ନାହଁ | କିନ୍ତୁ ଯେମିତି ଗଛ କଟା ଆରମ୍ଭ ହେଲା କାଟୁଥିବା ଲୋକ ଙ୍କ ର ମୃତ୍ୟୁ ହୋଇ ଥିଲା | ଏହା ଦ୍ୱାରା ଗଛ କାଟିବାରୁ କ୍ଷାନ୍ତ ହୋଇଥିଲେ ଲୋକେ | ତା ପରେ ଗଛ କଟା କୁ ବାଦ ଦେଇ ରାସ୍ତା କାର୍ଯ୍ୟ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଥିଲା | କାହିଁ କେଉଁ କାଳରୁ ମା ପନ୍ଥେଇ ଦୁର୍ଗା ସେହିଠାରେ ବାସ କରିଛନ୍ତି କେହି ଜାଣି ନାହାନ୍ତି | କିନ୍ତୁ ମାଙ୍କର ଠାରେ ଭକ୍ତି ଓ ଶ୍ରଦ୍ଧା ରେ ଯାହା ଜାଚନା କରାଯାଏ ତାହା ପୂରଣ ହୁଏ |ଆଖ ପାଖ ର ଅନେକ ଭକ୍ତ ଓ ଶ୍ରଦ୍ଧାଳୁ ଆସି ମାଙ୍କର ଦର୍ଶନ ଲାଭ କରି ଆଶୀର୍ବାଦ ଲାଭ କରିଥାନ୍ତି |
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लग्न समारोह में गैस रिसाव से भीषण आग, चार महिलाएं झुलसीं

Amroha, Uttar Pradesh:खेलिया खालसा गांव में लग्न समारोह के बीच गैस रिसाव से भीषण आग, चार जिंदगियां झुलसीं अमरोहा जनपद के रहरा थाना क्षेत्र के खेलिया खालसा गांव में लग्न की खुशियां पलभर में चीख-पुकार में बदल गईं। सोमवार को संपन्न हुआ मांगलिक कार्यक्रम मंगलवार दोपहर हादसे में तब्दील हो गया, जब रसोई में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर का पाइप निकलने से आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और वहां मौजूद उर्मिला, भुवनेश देवी, राजवती और मासूम तनु इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने तत्काल घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रहरा पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए सभी को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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झारखंड आपदा प्रबंधन समीक्षा बैठक में बड़े निर्णय: ODMP विस्तार और अनुग्रह अनुदान में बदलाव

Ranchi, Jharkhand:रांची मुख्यमंन्त्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर सहमति दी गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कई मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय किस प्रकार हैं : अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम (ODMP) योजना अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अधीन कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी की सेवा अवधि विस्तार को संपुष्टि प्रदान की गई एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु सेवा अवधि का विस्तार किए जाने की स्वीकृति दी गई। विभिन्न प्रकार के चिन्हित विशिष्ट स्थानीय आपदा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को प्रदान किए जाने वाले अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु सहमति दी गई, इस अनुमोदन में मृतक के आश्रितों को उनके गृह जिला के उपायुक्त द्वारा घटना का सत्यापन प्राप्त कर अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। अनुग्रह अनुदान की राशि के दोहरे भुगतान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सत्यापन कार्य अनिवार्य किए जाने पर सहमति दी गई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार अथवा भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत बीमित व्यक्ति या तो आपदा प्रबंधन अंतर्गत अनुग्रह अनुदಾನ की राशि अथवा भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा आच्छादित बीमा की राशि में से एक प्राप्त कर सकेंगे। सड़क दुर्घटना के अनुग्रह राशि बढ़ाने के संबंध में निर्णय : - विशिष्ट स्थानीय आपदा अंतर्गत चिन्हित अन्य आपदा अंतर्गत मृत व्यक्ति के आश्रितों के समरूप सड़क दुर्घटना में मृतक व्यक्ति के आश्रित को भी 4 लाख रुपए दिए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में यह राशि मात्र एक लाख रुपए थी। युवा आपदा मित्र स्कीम जो दुमका गोड्डा, पाकुड़ एवं साहिबगंज जिले में कार्यान्वित किया जा रहा है। इस स्कीम से जुड़े स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार करने और उसे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) से सम्बध करने का निर्णय लिया गया जिससे की आवश्यकता के समय आसानी से युवा आपदा मित्रों की सेवा ली जा सकेगी। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने SOP बनाने एवं कार्य लेने के दौरान उन्हें कुछ भत्ता प्रदान करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। राज्य में पानी में डूबने से होने वाली मृत्यु की संख्या को ध्यान में रखकर संप्रति-48, गोताखोरों को चिन्हित कर प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने गोताखोरों की संख्या को बढ़ाने पर बल देते हुए पुलिस जवान/गृहरक्षकों को सम्मिलित किए जाने के साथ-साथ महिलाओं को भी शामिल किए जाने को लेकर कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया।
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जमुई में अवैध शराब विनष्टीकरण: 70 लाख मूल्य की शराब नष्ट

Jamui, Bihar:जमुई। जिले में शराबबंदी कानून के सख्त पालन को लेकर उत्पाद विभाग ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में जब्त शराब का विनष्टीकरण किया। पुलिस लाइन जमुई में कार्यपालक दंडाधिकारी ब्रजेश कुमार दीपक की मौजूदगी में कुल 8291.160 लीटर शराब को नष्ट किया गया। नष्ट की गई शराब की अनुमानित कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है। यह शराब जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चलाए गए छापेमारी अभियान के दौरान बरामद की गई थी। उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार ने बताया कि अलग-अलग थाना क्षेत्रों से अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद की गई थी। बिहार में लागू शराबबंदी कानून को पूर्ण रूप से प्रभावी बनाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब्त शराब का पुलिस लाइन में विनष्टीकरण किया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध शराब के निर्माण, तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग की यह कार्रवाई शराबबंदी कानून को मजबूती से लागू करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है。
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भिवंडी: आरक्षित भूखंड पर अतिक्रमण तोड़कर 100 से अधिक घर ढहाए गए

Thane, Maharashtra:भिवंडीतील आरक्षित जागेवरील अतिक्रमणावर पालिकेची कारवाई... चाळी केल्या भुईसपाट... अनेकांचे संसार उघड्यावर... अँकर... भिवंडी शहरातील टेमघर परिसरातील महानगरपालिकेने आरक्षित केलेल्या भूखंडावरील अतिक्रमण करून बनवण्यात आलेल्या चाळी पालिका प्रभाग समिती क्रमांक २ चे सहाय्यक आयुक्त विनोद मनोरे यांनी अतिक्रमण पथकाच्या मदतीने जेसीबी चालवून भुईसपाट केल्या आहेत. टेमघर येथील सर्व्हे क्रमांक १९ यामधील गुरुचरण जागा पालिकेच्या विकास आराखड्यात शाळा व शाळेचे मैदान यासाठी आरक्षित करण्यात आली होती.या जागेवर मागील कित्येक वर्षांपासून स्थानिकांनी अतिक्रमण करीत चाळी बांधल्या होत्या.त्या संबंधी नगररचना विभागाकडून आरक्षित जागे बाबत मोजमाप झाल्यानंतर संबंधितांना नोटीस बजावून मंगळवारी ही कारवाई करण्यात आली आहे.या कारवाईत सुमारे १०० घरे तोडण्यात आली असल्याची माहिती प्रभाग समिती क्रमांक २ चे सहाय्यक आयुक्त विनोद मनोरे यांनी दिली आहे.या कारवाई वेळी मोठा पोलिस बंदोबस्त तैनात करण्यात आला होता. नागरिकांनी या कारवाईचा निषेध व्यक्त करीत पालिकेने जाणीवपूर्वक आम्हला उध्वस्त करण्यासाठी ही कारवाई केल्याचा आरोप विल्सन ठाकूर यांनी केला आहे.ही जागा आमच्या कुटुंबाच्या मालकीची आहे.पालिकेने आम्हला नोटीस दिली पण आमची जमीन मोजणी केल्या नंतर कारवाई करायची होती.परंतु पालिकेने जमीन मोजणी करताना आम्हाला कोणतीही कल्पना दिली नाही अशी तक्रार विल्सन ठाकूर यांनी केली आहे.पालिकेने ही कारवाई करताना आम्हला अंधारात ठेवले जमीन मोजणी करताना आम्हाला कोणतीही नोटीस बजावण्यात आली नव्हती.स्थानिक लोकप्रतिनिधी गुरुचरण जागा म्हणून आमची जागा ताब्यात घेण्यासाठी ही जबरदस्तीने कारवाई केल्याचा आरोप केला आहे. आम्ही दहा वर्षांपासून या ठिकाणी आमच्या जागेत राहत होतो.मग पालिकेने आम्हला का नाही थांबवले,आजच अचानक ही जागा गुरुचरण असल्याचे कसे लक्षात आले.स्थानिक लोकप्रतिनिधी गुरुचरण जागा म्हणून आमची जागा ताब्यात घेण्यासाठी ही जबरदस्तीने कारवाई केल्याचा आरोप केला आहे. बाईट- विल्सन ठाकूर - स्थानिक बाईट :- कुंता पाटील - स्थानिक बाईट :- विशाल पाटील आहे
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कोतवाली में जब्त बाइक चोरी: गुमशुदगी नहीं, सीधे चोरी का मामला

Barmer, Rajasthan:कोतवाली में जब्त बाइक भी सुरक्षित नहीं, अब ‘गुमशुदगी’ नहीं ‘चोरी’ का मामला! बॉर्डर में पुलिस की कस्टडी में पहुंची चीज़ सबसे सुरक्षित होती है, लेकिन बाड़मेर की कोतवाली ने इस भरोसे को ऐसा झटका दिया है कि अब लोग अपने वाहनों से ज्यादा अपनी किस्मत पर भरोसा करने को मजबूर हो जाएं। यहां पुलिस ने जिस बाइक को नियमों का हवाला देकर जब्त किया, वही बाइक अब थाने से ही “चोरी” हो गई और मामला गुमशुदगी से सीधे चोरी तक पहुंच गया। दिनेश की बाइक 19 अप्रैल की रात एनएच-68 पर रोकी गई। कागजात जांचे गए, लेकिन पीड़ित के अनुसार सब कुछ सही होने के बावजूद बाइक जब्त कर ली गई। कानून का पालन इतना सख्ती से हुआ कि बाइक भी चली गई और मालिक को भी थाने के चक्कर काटने पड़े। दो दिन बाद कोर्ट से 500 रुपये जुर्माना भरकर जब दिनेश बाइक लेने पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि बाइक सदर थाने में है। वहां पहुंचे तो घंटों इंतजार के बाद जवाब मिला“यहां कोई बाइक नहीं है।” यानी बाइक ने सिस्टम से पहले ही “रास्ता बदल” लिया। बार-बार कोतवाली और सदर थाने के चक्कर लगाने के बाद भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। आखिरकार परेशान होकर दिनेश को एसपी कार्यालय का दरवाजा खटख contaminant आना पड़ा। अपनी ही बाइक ढूंढने के लिए पुलिस से गुहार लगानी पड़ी। अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ यह है? कि बाइक के गायब होने को लेकर मामला ‘गुमशुदगी’ नहीं बल्कि चोरी का बन गया है। यानी जिस बाइक को पुलिस ने खुद जब्त किया, वही उनकी कस्टडी से चोरी हो गई। यह सवाल उठना लाजिमी है? कि जब थाने के अंदर से वाहन सुरक्षित नहीं हैं, तो बाहर की सुरक्षा का दावा कितना मजबूत है? पुलिस थाना कोतवाली के ASI ने कोतवाली में ही सदर थाने से जब्त वाहन चोरी होने का मामला अज्ञात चोरों के खिलाफ़ दर्ज़ करवाया है। अधिवक्ता प्रेमसिंह राजपुरोहित के अनुसार उनका क्लाइंट परेशान है लेकिन दो थाने कोई जवाब नहीं दे रहे। इस घटनाक्रम में थाना अधिकारी की चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने इस पूरे मामले में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया मानो जवाब भी उसी बाइक के साथ गायब हो गया हो। बाड़मेर का यह मामला अब सिर्फ एक बाइक का नहीं रहा, बल्कि यह पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सीधा सवाल है। अगर थाने में खड़ी जब्त बाइक भी सुरक्षित नहीं, तो आमजन अपनी संपत्ति और सुरक्षा को लेकर किस पर भरोसा करे। यह सवाल अब और भी गहरा हो गया है。
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181 हेल्पलाइन निरीक्षण: 95.93% शिकायतें 15 दिन में निस्तारण

Jaipur, Rajasthan:जेजेएम मिशन निदेशक ने संपर्क हेल्पलाइन 181 कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण लंबित, आमजन की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने निर्देश दिए आशीष चौहान, जयपुर- जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक राजन विशाल ने मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विभागीय प्रकरणों की समीक्षा की. निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। राजन विशाल ने निस्तारण समय को कम करने के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक 15 दिन में प्रकरणों की समीक्षा करने और समाधान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने देने पर जोर दिया। राजन विशाल ने जिला स्तर पर दर्ज शिकायतों की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी स्वयं परिवादियों से संवाद स्थापित करें। जिन जिलों में निस्तारण प्रतिशत, समाधान पर संतुष्टि का स्तर और औसत निस्तारण समय राज्य स्तर से कमजोर है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता और गति दोनों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। साथ ही लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने और शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में पीएचईडी से जुड़े कुल 5 लाख 45 हजार 840 प्रकरण संपर्क पोर्टल पर दर्ज हुए, जिनमें से 5 लाख 20 हजार 469 का निस्तारण किया जा चुका है, जो लगभग 95.93 प्रतिशत है। इन मामलों के समाधान में औसतन 15 दिन का समय लगा है जबकि 60 प्रतिशत परिवादियों ने संतुष्टि व्यक्त की है। निरीक्षण के दौरान राजन विशाल ने कंट्रोल रूम में उपस्थित रहकर स्वयं परिवादियों से संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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जालौन: गाजी मियां मजार का जलसा प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने पर निरस्त

Jalaun, Uttar Pradesh:एंकर जालौन जिले के कदौरा थाना क्षेत्र के चतेला गांव स्थित प्रसिद्ध गाजी मियां की मजार पर इस वर्ष भी पारंपरिक जलसा, मेला और कव्वाली कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सकेगा। प्रशासन ने आवश्यक अनुमति प्रक्रिया पूरी न हो पाने का हवाला देते हुए आयोजन पर रोक लगा दी है। इससे आयोजकों और श्रद्धालुओं में निराशा देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि चतेला गांव में स्थित यह मजार सालार गाजी मसूद से जुड़ी आस्था का केंद्र मानी जाती है। यहां वर्षों से हर साल जलसा, मेला और कव्वाली का आयोजन होता रहा है, जिसमें जालौन समेत आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। कार्यक्रम धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से क्षेत्र में विशेष महत्व रखता है। इस वर्ष भी मजार कमेटी की ओर से आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। गांव और आसपास के इलाकों में कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा था। मेला और कव्वाली का आयोजन 26 और 27 अप्रैल को प्रस्तावित था, जिसके लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था तथा अनुमति संबंधी औपचारिकताएं पूरी न होने का हवाला देते हुए कार्यक्रम की स्वीकृति नहीं दी। इसके चलते आयोजकों को कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी विरोध के चलते यह आयोजन निरस्त कर दिया गया था। लगातार दूसरे वर्ष कार्यक्रम रद्द होने से स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों और मेले से जुड़े छोटे कारोबारियों को भी आर्थिक नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा भी है। ऐसे में लगातार दूसरे वर्ष जलसा न होने से लोगों में मायूसी है। वहीं प्रशासन का कहना है कि बिना आवश्यक अनुमति और सभी नियमों का पालन किए किसी भी बड़े आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती। अब श्रद्धालुओं और कमेटी सदस्यों की नजर प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी है कि भविष्य में इस आयोजन को लेकर क्या निर्णय लिया जाएगा।
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उत्तराखंड विधानसभा: 33% महिला आरक्षण पर सत्ता- विपक्ष की तीखी तकरार

Dehradun, Uttarakhand:लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण पर उत्तराखंड विधानसभा का एक दिवसीय विधानसभा सत्र का आयोजन किया गया,जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासत सदन के भीतर भी देखने को मिली, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का कहना है कि वह सरकार से मांग करने की 2027 में उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में ही 70 विधानसभा सीटों में से 33 फ़ीसदी सिम महिलाओं के लिए आरक्षित की जाए,सरकार महिला आरक्षण बिल को लागू नहीं करना चाहती बल्कि केवल एक सिगूफे के रूप में महिला आरक्षण की बात करती है, यशपाल आर्य का कहना है कि कांग्रेस परिसीमन का विरोध कर रही है महिला आरक्षण का विरोध विपक्ष नहीं कर रहा है परिसीमन कराकर सरकार जनता को गुमराह करने का काम कर रही है।
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