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Firozpur152002

भारतीय हॉकी टीम की ब्रोंज मेडल जीत से फिरोजपुर हॉकी स्टेडियम में खुशी की लहर

Aug 09, 2024 05:05:52
Firozpur, Punjab

फिरोजपुर में भारतीय हॉकी टीम की स्पेन पर 2-1 की जीत और ब्रोंज मेडल जीतने की खबर से हॉकी स्टेडियम में बच्चों में जबरदस्त खुशी का माहौल रहा। खिलाड़ियों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सेमीफाइनल में हार का अब कोई मलाल नहीं है क्योंकि भारतीय हॉकी टीम ने ब्रोंज मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया है।

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Jan 29, 2026 16:17:42
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RIRamawatar Isran
Jan 29, 2026 16:16:36
Jaipur, Rajasthan:दूदू (जयपुर) बंदे के बालाजी की ख्याति आधे राजस्थान सहित दूसरे राज्यों तक फैली हुई है, बंजारे परिवार ने 500 वर्ष पहले मूर्ति की स्थापना, रोट और चूरमा का भोग लगता है। राजधानी जयपुर से 45 किलोमीटर दूर जयपुर ग्रामीण के बेराज गांव के पास 500 साल पुराना भगवान हनुमान जी महाराज (बंदे का बालाजी) का एक चमत्कारी और भव्य मंदिर मौजूद है। मंदिर को लेकर क्षेत्र में एक अनोखी मान्यता है कि नवरात्रि के समय मन्नत मांगने पर उसकी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। इसी मान्यता के चलते नवरात्रा के दौरान मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ रहती है। पुजारी रामदयाल शर्मा ने बताया कि मंदिर 500 साल पुराना है। यहाँ मंगलवार और शनिवार को मेला लगता है। बालाजी के रोट और चूरमा का भोग लगाया जाता है, भक्तों द्वारा सवामणी कर श्रद्धालुओं को पंगत प्रसादी खिलाई जाती है। सुबह 6 बजे आरती के साथ भक्त आना शुरू कर देते हैं। बंजारे परिवार ने 500 साल पहले मूर्ति स्थापित की। कहा गया कि एक बंजारे युवक ने अंधी माँ की आँखों की रोशनी लौटाने के लिए मन्नत माँगी और घर लौटने पर माँ की दृष्टि लौट आई, फिर मूर्ति के पास बाजारों को एकत्रित कर मूर्ति की स्थापना की गई। पहाड़ों से घिरे गांव और बांध के किनारे होने के कारण इस मंदिर को बंदे का बालाजी कहा गया। मंदिर के पास ही बालाजी और शंकर की विशाल मूर्ति होने से यह प्रमुख आकर्षण है। आधे राजस्थान सहित यूपी, मध्य प्रदेश, हरियाणा आदि जगहों से भक्त आते हैं। यूपी से आए शंकरलाल ने कहा कि वे दर्शन कर ही मन्नत पूरी होने पर हर माह परिवार के साथ लौटेंगे। भक्त मनफर देवी ने कहा कि वे 15 वर्ष से पति के साथ बालाजी के दर्शन करते आ रहे हैं। किसान भी बालाजी के दर्शन के बाद खेतों में काम शुरू करते हैं। भक्त विनोद ने कहा कि दर्शन करने से संकट दूर हो जाते हैं, और बालाजी की भभूत घर में बिखेरने से दुख दूर हो जाता है।
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ATALOK TRIPATHI
Jan 29, 2026 16:15:55
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर UGC Regulations 2026 एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक सुप्रीम कोर्ट की रोक से गाजीपुर में सवर्ण समाज में खुशी की लहर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के नेतृत्व में मनाया गया जश्न सरजू पाण्डेय पार्क में जमकर हुई आतिशबाजी। एक-दूसरे का मुंह मीठा कर बांटी गई खुशियां सवर्ण एकता और सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद के लगे नारे जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने UGC एक्ट को बताया काला कानून कहा– सरकार ने नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने जनता की आवाज सुनी 9 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई संभव सवर्ण समाज को फैसले से बड़ी राहत, आगे सकारात्मक निर्णय की उम्मीद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी UGC Regulations 2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद गाजीपुर में सवर्ण समाज के लोगों ने खुशी जताई है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के नेतृत्व में सरजू पाण्डेय पार्क में आतिशबाजी की गई, एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया गया और सवर्ण एकता व सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद के नारे लगाए गए। सुप्रीम कोर्ट की रोक को सवर्ण समाज ने अपनी जीत बताया है। संगठन का कहना है कि UGC Regulations 2026 एक काला कानून है, जिसके विरोध में देशभर में आवाज उठाई जा रही थी। गाजीपुर में इसी कड़ी में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह के नेतृत्व में सरजू पाण्डेय पार्क में देर शाम खुशी का इजहार किया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की आवाज को सुना और इस कानून पर रोक लगाई है। संगठन का मानना है कि यह कानून सभी वर्गों के हित में नहीं है और उम्मीद जताई कि आगामी सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट जनहित को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाएगा। इस मौके पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा कि यूजीसी के इस काले कानून के खिलाफ सवर्ण समाज सड़कों पर उतर चुका था। सरकार ने हमारी नहीं सुनी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की आवाज को सुना और इस कानून पर रोक लगाई। हमें खुशी है कि न्यायपालिका ने सज्ञान लिया। हमें उम्मीद है कि आगे भी फैसला सभी के हित में आएगा। वहीं मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बटेंगे तो कटेंगे’ वाले बयान पर भी सवाल उठाए गए। संगठन का कहना है कि यह कानून सरकार ने नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बनी UGC कमेटी ने लागू किया था। साथ ही UGC कमेटी में शामिल सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। इस पूरे मुद्दे पर सवर्ण समाज ने भी अपनी बात रखी कहा लोग कुर्सी की लालच में इस कानून का विरोध नहीं कर पाए, उन्होंने समाज के साथ विश्वासघात किया है। ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। सवर्ण समाज अब और चुप नहीं बैठेगा। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद गाजीपुर में सवर्ण समाज में उत्साह का माहौल है। अब सभी की निगाहें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस कानून के भविष्य को लेकर अहम फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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KLKANHAIYA LAL SHARMA
Jan 29, 2026 16:15:26
Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा--विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के गर्भगृह की चौखट और देहरी से चांदी गायब होने की खबरों ने श्रद्धालुओं के बीच हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर चांदी चोरी होने के दावे वाले वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर प्रबंधन को सामने आना पड़ा। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि चांदी चोरी नहीं हुई है, बल्कि भक्तों द्वारा चढ़ाए जाने वाले केमिकल युक्त इत्र की वजह से चांदी गलकर नष्ट हो रही है। इत्र की 'सेवा' पड़ रही भारी मंदिर के गर्भगृह की चौखट पर एक श्रद्धालु के सहयोग से करीब साढ़े दस किलो चांदी की परत चढ़ाई गई थी। श्रद्धालु बड़ी आस्था के साथ ठाकुरजी की चौखट और देहरी पर इत्र अर्पण करते हैं। जांच में सामने आया है कि बाजार में मिलने वाले मिलावटी और केमिकल युक्त इत्रों के सीधे संपर्क में आने से चांदी की रासायनिक प्रतिक्रिया हो रही है। इसकी वजह से कई जगहों से चांदी पूरी तरह कट गई है और नीचे की लकड़ी साफ दिखाई देने लगी है। अफवाहों का बाजार गर्म बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे थे, जिनमें चांदी गायब होने को चोरी से जोड़कर दिखाया जा रहा है। चूंकि वर्तमान में चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं, इसलिए इन दावों ने तूल पकड़ लिया। हालांकि, मंदिर की हाई पावर्ड प्रबंध कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि यह शुद्ध रूप से रसायनों के प्रभाव का मामला है। अब CCTV की नजर में रहेगी देहरी ताकि चांदी को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाया जा सके और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जा सके: निगरानी के लिए गर्भगृह की दीवारों और चौखट के पास जल्द ही हाई-टेक CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। जागरूकता के लिए भक्तों से अपील की जा रही है कि वे चौखट पर सीधे इत्र लगाने से बचें।मेंटेनेंस पर नष्ट हुई चांदी की मरम्मत की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। क्या कहना है बाँके बिहारी कमेटी का ठाकुरजी की सेवा में इस्तेमाल होने वाले केमिकल युक्त इत्र के कारण चांदी को नुकसान पहुँचा है। चोरी की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। सुरक्षा के लिहाज से अब गर्भगृह के आसपास सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे।— दिनेश गोस्वामी, सदस्य, हाई पावर्ड प्रबंध कमेटी
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Jan 29, 2026 16:13:09
Alampur, Uttar Pradesh:लालगंज (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में बृहस्पतिवार की शाम शौच के लिए गई बुजुर्ग महिला के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। अज्ञात व्यक्ति ने महिला के साथ मारपीट भी की। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बताया गया कि घटना चक पंचम गांव के निकट क्षतिग्रस्त रेलवे ओवरब्रिज के पास हुई। वहां इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है। शाम करीब साढ़े सात बजे लगभग 60 वर्षीय महिला शौच के लिए गई थी। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति सामने से आकर उसे गिरा दिया। आरोपी ने कपड़े से उसका मुंह बांध दिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की। उसके कपड़े फाड़ डाले। महिला के परिजनों के अनुसार घटना में उसे गंभीर चोटें आई हैं। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। वहां उसका उपचार चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल इस संबंध में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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Jan 29, 2026 16:10:01
Partawal, Uttar Pradesh:परतावल (महराजगंज)। श्री श्री शतचंडी महायज्ञ के पावन अवसर पर निकाले गए भव्य जुलूस में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जुलूस में सहभागिता कर लोगों ने धार्मिक आस्था एवं सनातन संस्कृति के प्रति अपनी गहरी निष्ठा का परिचय दिया। यह विशाल एवं आकर्षक रैली ग्राम सभा बसहिया खुर्द से प्रारंभ होकर बसहिया बुजुर्ग, पांच देवी होते हुए पुनः बसहिया खुर्द पहुंची, जहां पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया। जुलूस के दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज, जयकारों और धार्मिक नारों से इलाका गुंजायमान रहा। देवी-देवताओं की मनमोहक झांकियों और श्रद्धालुओं की अपार भीड़ ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर वक्ताओं ने देवी-देवताओं और धर्म को जीवन का सर्वोच्च आधार बताते हुए कहा कि धर्म और आस्था ही समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं की कृपा से ही मानव जीवन संचालित होता है। उनके विचारों को उपस्थित श्रद्धालुओं ने तालियों के साथ समर्थन दिया। महायज्ञ के इस पावन अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य काशीनाथ सिंह, अखिलेश यादव, संजय जायसवाल, सोहन चौधरी, रमेश मोदनवाल, अर्जुन सिंह, सच्चिदानंद पटेल, जुगनू पांडे सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को सामाजिक समरसता और धार्मिक एकता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने महायज्ञ की सफलता के लिए सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। श्री श्री सतचंडी महायज्ञ के इस भव्य आयोजन ने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का संचार किया।
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Jan 29, 2026 16:09:56
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MKManitosh Kumar
Jan 29, 2026 16:07:06
Muzaffarpur, Bihar:अपराधियों के खिलाफ मुजफ्फरपुर पुलिस का एक्शन, कही गिरफ्तारारी के लिए छापेमारी तो कही अपराधियों को आत्मसमर्पण करने के लिए घर पर इश्ताहर चस्पा रही है, पुलिस के ताबड़तोड़ एक्शन के बाद दो आरोपी ने किया पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण. मुजफ्फरपुर की पुलिस अपराधियों के खिलाफ़ ताबड़तोड़ कार्रवाई में जुटी हुई हैं, कही गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है तो कहीं गिरफ्तारारी के डर से फरार आरोपी के घर पर बैंड बाजा के साथ इश्तेहार चस्पा रही है. वही पुलिस के इस ताबड़तोड़ कारवाई से अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है और इसी बीच पुलिस की करवाई देख कर फरार चल रहे दो आरोपियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है. दरअसल जज़ुआर थाना पुलिस ने अलग अलग मामलों में फरार चल रहे आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है और गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहे आरोपियों के घर पर पुलिस बैंड बाजा के साथ पहुंच इस्ते़हार चस्पा रही और पुलिस की ओर से साफ तौर पर चेतावनी भी दी जा रही है कि या तो कोर्ट नहीं तो फिर थाने में आत्मसमर्पण कर दे, अगर आत्म समर्पण नहीं किया तो उसकी संपत्ति का कुर्की जप्ती किया जायेगा. जिले के जज़ुआर थाना प्रभारी रोशन मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहे अलग अलग मामले के 6 आरोपियों के घर पर बैंड बाजा के साथ पहुंच इश्तेहार चस्पा किया है. जिसके बाद कुर्की जप्ती के डर से दो आरोपियों ने जज़ुआर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है. अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या मुजफ्फरपुर पुलिस एक बार फिर अलग अलग मामलों में फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है.
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DKDeepesh Kumar
Jan 29, 2026 16:06:37
Noida, Uttar Pradesh:अयोध्या में राम भक्तों का अभिनंदन करेगा भरत द्वार -अयोध्या- सुल्तानपुर मार्ग पर (मैनुदीनपुर प्रयागराज मार्ग) में चल रहा निर्माण -2024.90 लाख से बन रहे भरत द्वार का 90 फ़ीसदी कार्य पूरा -पर्यटन विभाग की परियोजना पर यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड कर रहा निर्माण -अगले माह निर्माण कार्यों को पूरा करने का है लक्ष्य, फरवरी में हो सकता है उद्घाटन -योगी सरकार के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में से एक है भरत द्वार, 4.410 हेक्टेयर में हो रहा है निर्माण अयोध्या, 29 जनवरी। अयोध्या आने वाले राम भक्तों का हार्दिक अभिनंदन करने के लिए भरत द्वार का निर्माण तेजी से चल रहा है। योगी सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना में से एक यह भव्य प्रवेश द्वार अयोध्या- सुल्तानपुर मार्ग पर (मैनुदीनपुर प्रयागराज मार्ग) गेट कॉम्प्लेक्स (टी०एफ०सी०) क्षेत्र में बनाया जा रहा है। पर्यटन विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत यू.पी. प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड की निर्माण इकाई द्वारा कार्य संपन्न किया जा रहा है। भरत द्वार का निर्माण 4.410 हेक्टेयर क्षेत्र में हो रहा है, जिसकी कुल लागत लगभग 2024.90 लाख रुपये है। वर्तमान में इस परियोजना का करीब 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि अगले माह यानी फरवरी 2026 तक सभी निर्माण कार्यों को अंतिम रूप देने का लक्ष्य है, और इसी माह के आस पास ही इसका लोकार्पण संभव है। यह द्वार अयोध्या नगरी में प्रवेश करने वाले राम भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए प्रथम स्वागत स्थल के रूप में कार्य करेगा, जहां भगवान राम के छोटे भाई भरत की भक्ति और मर्यादा का प्रतीकात्मक स्वागत होगा। छह मार्गों पर रामायण से प्रेरित बन रहे द्वार योगी सरकार ने राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या को विश्व स्तर का पर्यटन केंद्र बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें अयोध्या से जुड़ने वाले प्रमुख छह मार्गों पर रामायण से प्रेरित भव्य प्रवेश द्वारों का निर्माण शामिल है। इनमें राम द्वार, लक्ष्मण द्वार, शत्रुघ्न द्वार, भरत द्वार, सीता द्वार और हनुमान द्वार जैसे नाम शामिल हैं। अयोध्या- सुल्तानपुर मार्ग पर स्थित भरत द्वार इसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह द्वार न केवल सौंदर्य की दृष्टि से आकर्षक होगा, बल्कि इसमें रामायण काल की थीम पर आधारित मूर्तियां, नक्काशी, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाएं भी होंगी, जो आने वाले तीर्थयात्रियों को त्रेता युग की याद दिलाएंगी। मंदिर निर्माण के बाद बड़ी संख्या में पहुंच रहे भक्त अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। लाखों-करोड़ों राम भक्त प्रतिदिन दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में शहर के प्रवेश द्वारों को भव्य बनाने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। भरत द्वार का निर्माण इसी दिशा में एक मजबूत कदम है। भरत जी की राम भक्ति की मिसाल को जीवंत करते हुए यह द्वार राम भक्तों का भावनात्मक रूप से अभिनंदन करेगा। आस पास बुनियादी सुविधाएं भी की जा रहीं विकसित पर्यटन विभाग की इस परियोजना में स्थानीय कारीगरों, वास्तुकारों और इंजीनियरों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, ताकि परंपरागत भारतीय शिल्पकला और आधुनिक तकनीक का सुंदर संगम हो सके। (मैनुदीनपुर प्रयागराज मार्ग) क्षेत्र में चल रहे इस कार्य से आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। निर्माणाधीन द्वार के आसपास हरित क्षेत्र, पार्किंग, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा मिलेगी。 जानिए, क्या कार्य हुआ क्या बाकी दो गेट, रोड, सीवर, ड्रेनेज व सिंचाई लाइन रेनवाटर हार्वेस्टिंग, बाउण्ड्रीवाल, फायर फाइटिंग, ईएसएस का कार्य पूरा हो गया है। वहीं एसटीपी का 85 प्रतिशत, यूजीटी का 90 प्रतिशत, पार्किंग का 80 प्रतिशत, आन्तरिक विद्युतीकरण का 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है。
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MKMUKESH KUMAR
Jan 29, 2026 16:06:09
Darbhanga, Bihar:दरभंगा में ट्रैफिक डीएसपी के नेतृत्व में यातायात नियमों के पालन को लेकर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जब बिना हेलमेट स्कूटी चला रही एक महिला को रोका गया। जांच के दौरान जब महिला से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वह स्वयं पुलिसकर्मी हैं और ट्रैफिक थाने में तैनात हैं। यह सुनते ही मौके पर मौजूद ट्रैफिक डीएसपी भी हक्का-बक्का रह गए। डीएसपी ने सख्त लहजे में कहा कि जब ट्रैफिक में तैनात पुलिसकर्मी ही नियमों का पालन नहीं करेंगी तो आम लोगों को कैसे जागरूक किया जा सकता है। इसके बाद महिला पुलिसकर्मी का नियम उल्लंघन में चालान काटा गया। वहीं साथ में भीमराव अंबेडकर संस्थान की ओर से उन्हें हेलमेट भी भेंट किया गया और भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। अभियान के दौरान शहर में बिना हेलमेट और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी जमकर कार्रवाई की गई और दर्जनों चालान काटे गए। साथ ही संस्था के तरफ से हेलमेट आम लोगो को जागरूक करते हुए बांटा गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह आम नागरिक हो या वर्दीधारी।
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GSGajendra Sinha
Jan 29, 2026 16:05:39
Koderma, Jharkhand:कोडरमा जिले के चंदवारा थाना क्षेत्र के पिपराडीह से पिछले 72 दिनों से लापता दर्शील बर्णवाल उर्फ सोनू का शव घर से महज़ 100 मीटर की दूरी पर स्थित सुखदेव बर्णवाल के घर से सटे एक कुएं से संदिग्ध अवस्था में बरामद किया गया है। बताते चलें कि दर्शील पिछले 19 नवंबर से लापता था और परिजन व पुलिस के द्वारा लगातर उसकी खोजबीन की जा रही थी। ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला गया। शव के बाहर आते ही आसपास के सैकड़ों लोगों की भीड़ वहाँ इकट्ठा हो गई। दर्शील बर्णवाल उर्फ सोनू के परिजन भी मौके पर पहुंचे और शव के कपड़े को देखते ही उन्हें आशंका हुई की कुएं से बरामद शव दर्शील का ही है। हालांकि कुएं से बरामद शव के पैंट के pockets से मिले मोबाइल से दर्शील के शव की पहचान की गई। इधर पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु सदर अस्पताल कोडरमा भेज दिया गया। जहां उसके पैकेट से बरामद मोबाइल फोन को देखते ही परिजनों ने यह पुष्टि कर दी कि उक्त शव दर्शील का ही है। बताते चलें कि शव की स्थिति देखकर यह साफ प्रतीत होता है कि यह शव उक्त कुएं में तकरीबन 2 महीने पहले से ही गिरा हुआ था। क्योंकि शव पूरी तरह से सड़ गला चुका है। मृतक के मामा अशोक बर्णवाल का कहना है कि शव को देखकर यह साफ प्रतीत होता है कि उसकी हत्या कर उसे कुएं में फेंक दिया गया है। उन्होंने पुलिस से गुजारिश की है कि इस मामले को आत्महत्या का रूप न दिया जाए और उचित जांच करते हुए जो भी दोषी हो उसपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाय। 19 नवंबर को अपने शादी से ठीक 10 दिन पहले अचानक दर्शील अपने घर से लापता हो गया था। उसके मोबाइल की आखिरी लोकेशन भी उसके घर के आसपास ही मिला था। दर्शील की खोजबीन के लिए लगातार उसके स्वजन और स्थानीय लोग आंदोलित रहे हैं और उसे ढूंढने की police से गुहार भी लगा रहे थे, लेकिन गुरुवार की शाम घर से महज कुछ कदम की दूरी पर ही स्थित सुखदेव मोदी के कुएं से शव बरामद किया गया है जो कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।
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RZRajnish zee
Jan 29, 2026 16:05:01
Patna, Bihar:पटना\n\nAnchor मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 31 प्रस्तावों को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी। वर्ग 1 से 10 तक सरकारी विद्यालयों स्थाई मान्यता प्राप्त एवं स्थापना प्रस्वीकृत विद्यालयों में अध्यनरत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति दोगुनी की गई है. इससे 27 लाख छात्रों को लाभ होगा. इसके लिए 519.64 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई।\n\nछात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी: मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत छात्रवृत्ति दर भी बढ़ाकर दुगना किया गया. अब एक से चार तक 1200 रुपए, 5 से 6 वर्ग तक 2400 रुपए और 7 से 10 वर्ग तक 3600 रुपए सालाना देने के लिए कैबिनेट ने 1751 करोड़ रुपये की स्वीकृत दी है. मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना अंतर्गत वार्षिक पारिवारिक आय डेढ़ लाख को बढ़ाकर 3 लाख रुपये किए जाने की स्वीकृति मिली है. इसके लिए 117 करोड़ 98 लाख 40000 रुपये की स्वीकृति मिली है।\n\n1 जनवरी से लागू: मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना के तहत 1000 रुपए की राशि को बढ़ाकर 2000 किया गया है। 19 करोड़ 56 लाख रुपए की राशि इसके लिए स्वीकृत की गई है. 1 जनवरी 2026 से भुगतान होगा.\n\nभारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के नाम पर बक्सर जिले के डुमरांव में संगीत महाविद्यालय की स्थापना के लिए 14 करोड़ 52 लाख 15000 रुपए की राशि को बढ़ाकर 87 करोड़ 81 लाख 43400 की स्वीकृति दी गई है. इसके साथ ही नवगठित उच्च शिक्षा विभाग में सात निश्चय 3 के अंतर्गत कार्यों के निष्पादित करने के लिए 161 विभिन्न पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।\n\nवित्तीय वर्ष 2026 -27 में 17000 पदों पर भारतीय सेना के सेवानिवृत सैनिक और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के सेवा निवृत अर्ध सैनिक बलों को SAP बल के रूप में अनुबंध पर रखने की स्वीकृति दी गई है. पटना जू में टॉय ट्रेन के संचालन के लिए 5 करोड़ 81 लाख 73 हजार रुपए की स्वीकृति दी गई है.\n\nउच्च न्याय सेवा संशोधन नियमावली पर मुहर: कैबिनेट ने बिहार उच्च न्याय सेवा संशोधन नियमावली 2026 की स्वीकृति, बिहार असैनिक सेवा भारती संशोधन नियमावली 2026 की_swavikaa, बिहार ज्यूडिशल ऑफीसर्स कंडक्ट रूल्स 2026 की स्वीकृति, निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के निर्माण कार्य में अब तक लंबित विपत्रों के विरुद्ध भुगतान के लिए पांच अरब रुपये की स्वीकृति, बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2016 के अनुरूप उद्यमियों को उनके लंबित दावों के भुगतान के लिए 1700 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति और बिहार निवास नई दिल्ली के पुनर्विकास के लिए 6 करोड़ 1 लाख 48000 की स्वीकृति दी है.\n\nइसके अलावे सात निश्चय- 3 के तृतीय एजेंडा के तहत समृद्ध उद्योग सशक्त बिहार में बिहार सेमी कंडक्टर पॉलिसी 2026 की स्वीकृति, बिहार सरकारी सेवक के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किस तरह से करें कैबिनेट में उसके लिए दिशा निर्देश जारी. सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी राजेंद्र ने कहा इसमें जो कर्मचारी सोशल मीडिया के दिशा निर्देश का उल्लंघन करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.\n\nवहीं, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भूमि सुधार उपसमाहर्ता के 101 पद स्थाई रूप से सृजन की स्वीकृति मिली है. राष्ट्रीय स्तर के सहकारी संस्थान भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड एवं राष्ट्रीय सहकारी जैविक लिमिटेड के लिए बिहार राज्य बीज निगम और बिहार स्टेट सीड एंड ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी को राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी के रूप में नामित किए जाने की भी स्वीकृति मिली है.
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Jan 29, 2026 16:04:46
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TSTripurari Sharan
Jan 29, 2026 16:04:35
Sitamarhi, Bihar:त्रिपुरारी शरण बिहार के सीतामढ़ी जिले के एक ऐसे शिक्षक जो शिक्षा सेवा में अपना जीवन समर्पण कर चुके हैं। सरकारी शिक्षक से रिटायर होने के बाद अब भी शिक्षा की ज्योति जला कर रखे हुए हैं। हम बात कर रहे हैं डॉ. नवल यादव... आज कल हर कोई अपने और अपने परिवार तक ही सीमित हैं। बहुत कम लोग है, जो समाज के उन लोगों के लिए भी सोचते है, जिनकी आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं होने की वजह से अपने बच्चों को समुचित शिक्षा नहीं दिला पाते है। ऐसे परिवार के बच्चे भी पढ़े और शिक्षित होकर सफल नागरिक बन सके इसकी चिंता डॉ नवल यादव करते है। डॉ यादव समाज एवं राष्ट्र के लिए निस्वार्थ भाव से समर्पित हैं। सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड के दलकावा गांव निवासी है डॉ नवल यादव जो वर्षों से गरीब बच्चों को निःशुल्क पढ़ाते हैं और शिक्षा की ज्योति जलाकर रखे हुए है। उनका संकल्प है कि जबतक सांस है, वे शिक्षा की ज्योति को बुझने नहीं देंगे। डॉ. यादव का मानना है कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि समाज की दिशा और दशा बदलने का सबसे सशक्त माध्यम है। वे शिक्षक से रिटायर होने के बाद से लगातार गरीब और मेधावी बच्चों के बीच शिक्षा का अलख जगा रहे हैं। वे बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाने के साथ ही अपनी पेंशन की राशि से उन बच्चों के लिए किताबें, कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री की व्यवस्था कराते हैं। उनका मानना है कि पैसे के अभाव में किसी भी बच्चे की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। सरकारी शिक्षक की मूल सेवा से रिटायर होने के बाद कई सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा की सेवा देते रहे। उन्होंने प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय, दलकावा के आलावा रजवाड़ा, इंदरवा और सोहरवा में बच्चों को पढ़ाया। वर्तमान में वे सीतामढ़ी शहर के चकमहिला में एक निजी विद्यालय में निःशुल्क शिक्षण कार्य कर रहे हैं। यादव बताते है कि बतौर शिक्षक उनकी पहली बार पोस्टिंग वर्ष- 1973 में बॉर्डर से सटे बैरगनिया प्रखंड के मिडिल स्कूल, पताही में हुई थी। इनकी विशेषता यह है कि सभी विषयों पर मजबूत पकड़ कर है कहते है कि पताही में स्कूल अवधि में वे गांवों और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब बच्चों तक स्वयं पहुंचकर उन्हें पढ़ाया करते थे। इनकी विशेषता पर आज भी आठवीं कक्षा से लेकर स्नातक स्तर तक के विद्यार्थी मार्गदर्शन के लिए उनके पास पहुंचते हैं। बेटे शशिरंजन की सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु के बाद डॉ. यादव ने उसके नाम पर शशिरंजन शिक्षा केंद्र की स्थापना की। यह केंद्र उनके लिए मात्र एक संस्था नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज को बेहतर बनाने का सशक्त माध्यम बन गया। इसके तहत वे जिला स्तरीय कुशाग्र बुद्धि परीक्षा का आयोजन करते हैं और चयनित विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग प्रदान करते हैं। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को वे नि:शुल्क मार्गदर्शन और सफलता के टिप्स भी देते हैं। उनके मार्गदर्शन में पढ़े कई छात्र आज बैंक, सेना, मेडिकल और डाक विभाग जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं। बहरहाल ऐसी सोच रखने वाले लोगों की कमी आज भी समाज में है लेकिन डॉ नवल यादव ऐसी सोच के साथ समाज के लिए प्रेरणा है और इससे सिख लेने की जरूरत है ताकि समाज की दिशा और दशा बेहतर किया जा सके।
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