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RKRAJESH KATARIAFollow30 Jul 2024, 03:34 am
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बारिश से गजरौला में निर्माणाधीन भवन गिरा, वीडियो वायरल

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा जनपद के गजरौला में लगातार बारिश ने ढहाई निर्माणाधीन बिल्डिंग,भरभराकर गिरे भवन का LIVE वीडियो हुआ वायरल अमरोहा जनपद के गजरौला में लगातार हो रही बारिश के बीच एक निर्माणाधीन भवन की अचानक भरभराकर गिर गई। निर्माणाधीन भवन के गिरने की पूरी घटना स्थानीय लोगों के मोबाइल कैमरे में कैद हो गई, जिसका लाइव वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में निर्माणाधीन भवन अचानक गिरती हुई दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह भवन किसी फैक्ट्री के लिए तैयार कराया जा रहा था। लगातार बारिश के कारण निर्माणाधीन भवन की नींव और ढांचे पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इमारत गिरने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। फिलहाल हादसे में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
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बेमेतरा: खेत विवाद में हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार

Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा जिले के साजा थाना क्षेत्र के बोरतरा गांव से हत्या का मामला सामने आया है। 6 अगस्त की सुबह ओमप्रकाश प्रजापति अपनी पत्नी के साथ खेत जा रहे थे। इसी दौरान लावारिश कुत्ते को भगाने की बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। पुलिस के मुताबिक, विवाद के बीच पुरानी रंजिश भी सामने आई। आरोप है कि शिवकुमार श्रीवास, रोशन श्रीवास, दीपक श्रीवास और सोमनाथ उर्फ छोटू श्रीवास ने ओमप्रकाश पर डंडे और पत्थरों से हमला किया। हमले में ओमप्रakash गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले साजा CHC और फिर जिला अस्पताल बेमेतरा ले जाया गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने ओमप्रकाश की मौत की पुष्टि की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर डंडा, पत्थर और अन्य साक्ष्य जब्त किए। चारों आरोपियों को 7 अगस्त को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
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काशीराम चौक के ओला सेंटर में 280 बैटरियों का असुरक्षित भंडारण, सीलिंग प्रक्रिया

Darogapara, Chhattisgarh:काशीराम चौक स्थित ओला इलेक्ट्रिक सर्विस सेंटर में करीब 280 इलेक्ट्रिक वाहन और हाई-वोल्टेज लिथियम-आयन बैटरियों का असुरक्षित भंडारण पाए जाने पर जिला प्रशासन ने सेंटर को तत्काल सील कर दिया। कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार शिव कुमार डनसेना और नायब तहसीलदार प्रतीक देवांगन की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में बिना पर्याप्त वेंटिलेशन वाले टिन शेड में वाहन-बैटरियां रखी मिलीं। वहीं आग बुझाने के जरूरी उपकरण और प्रभावी फायर सेफ्टी व्यवस्था भी नहीं मिली। जन-सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पंचनामा तैयार कर पूरे कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई और सेंटर को सील कर दिया। प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
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स्वतंत्रता के बाद पहली बार जलपाइगुड़ के धूपगुड़ी में बिजली पहुंची, लोग खुश

Jalpaiguri, West Bengal:স্বাধীনতার পর এই প্রথম বিদ্যুৎ এল। ফলে উচ্ছ্বাসিত জলপাইগুড়ির ধূপগুড়ির মাগুরমারি ১ নম্বর পঞ্চায়েতের প্রধানপাড়া গ্রামের বেশ কিছু পরিবার। অভিযোগ, তৃণমূলের কিছু নেতার বাধায় এতদিন ওইসব দিনমজুর পরিবারে বিদ্যুৎ পৌঁছায়নি। সম্প্রতি যখন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী জল্পেশে পুজো দিতে এসেছিলেন, এনিয়ে তাঁর কাছে চিঠি দেওয়া হয় ওই পরিবারগুলির তরফে। তার পরই মাগুরমারি প্রধানপাড়া এলাকার ওইসব পরিবারে বিদ্যুৎ পৌঁছে দিতে উদ্যোগ নেওয়া হয় বলে জানান বিজেপির পশ্চিম মণ্ডলের সাধারণ সম্পাদক শিবু রায়। বাড়িতে প্রথম বিদ্যুৎ আসায় খুশিতে মাতেন মানুষজন।
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अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी पर राजनीति गरमाई: धर्मांतरण मामले में अजय चंद्राकर का तीखा हमला

Raipur, Chhattisgarh:भगवान शिव को लेकर सोशल मीडिया पर अश्लील कमेंट करने पर छत्तीसगढ़ क्रिश्चन फोरम के प्रमुख अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी का मामला. मामले में वरिष्ठ भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का बड़ा बयान, कहा- गिरफ्तारी तो एक घटना मात्र हैं, वो किंगपिन है. छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के बढ़े रैकेट के सरगना है अरुण पन्नालाल. पन्नालाल की पूरी हिस्ट्री जांचनी चाहिए. ख़ुद कब धर्मांतरित हुए, कितने संस्थाओं से पैसा मिला? इसका उपयोग कहां हुआ, आजीविका कैसे चल रही सारे विषय में प्रशासन को जांच करना चाहिए. विदेशी फंडिंग के यहां के सरगना हैं पन्नालाल कांग्रेस जिला अध्यक्षों की रैंकिंग को लेकर वरिष्ठ भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का तंज, कहा- कौन देगा रैंकिंग? राहुल गांधी के पास समय नहीं है. वो गाड़ियों के पेट्रोल टंकी का ढक्कन खोल रहे हैं, उनके पास समय नहीं है. कांग्रेस के पास कुछ काम नहीं है. अपने लोगों को बिजी रखना है इसलिए वो इसतरह के उठक- बैठक कराते रहते हैं बाईट- अजय चंद्राकर, वरिष्ठ विधायक, भाजपा.....
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फाजिल्का में पुलिस और BSF ने 30 किलो हेरोइन के साथ बाइक सवार गिरफ्तारी

Fazilka, Punjab:फाजिल्का में काउंटर इंटेलीजेंस और बीएसएफ की 55 बटालियन ने संयुक्त तौर पर कार्यवाही करते हुए शतीरवाला रोड पर बाइक सवार दो लोगों को गिरफ्तार किया है । जिनके कब्जे से करीब 30 किलो हैरोइन बरामद हुई है । बताया जा रहा है कि दोनों युवक बाइक पर सवार होकर तिरपाल के गट्टो में भरकर करीब 53 पैकेट हैरोइन के लेकर जा रहे थे । जिन्हें फाजिल्का के काउंटर इंटेलीजेंस और बीएसएफ ने संयुक्त तौर पर कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार किया है । हालांकि इस मामले पर फाजिल्का के स्टेटस स्पेशल आपरेशन सेल थाने में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है । और आगे की कार्यवाही की जा रही है ।
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तिघरा डैम में डूबे युवक की मौत की आशंका, SDRF रेस्क्यू जारी

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर तिघरा डैम में नहाने के दौरान 18 वर्षीय युवक गहरे पानी में डूबा युवक अपने साथी के साथ डैम के कच्ची पार इलाके में पहुंचा था,नहाने के लिए उसने पानी में छलांग लगाई,कुछ ही देर में युवक पानी में डूब गया साथी ने उसे बचाने की कोशिश की और शोर मचाकर आसपास मौजूद लोगों को मदद के लिए बुलाया, लेकिन युवक को डूबने से नहीं बच पाया सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और युवक की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने देर रात तक डैम में सर्चिंग की, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला पुरानी छावनी निवासी शरद हुसैन अपने साथी दिलशाद खान के साथ नमाज पढ़ने के बाद पहुंचे थे तिघरा डैम
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नागपुर से पचमढ़ी जाते बुजुर्ग पुलिसकर्मी की कंटेनर टक्कर से मौत

Chhindwara, Madhya Pradesh:नागद्वारी दर्शन पर जा रहे बुजुर्ग रिटायर्ड पुलिसकर्मी की कंटेनर की चपेट में आने से मौत जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने नागपुर से पचमढ़ी जा रहे श्रद्धालुओं की यात्रा को मातम में बदल दिया. पचमढ़ी में नागद्वारी दर्शन के लिए निकले एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी की तेज रफ्तार कंटेनर की टक्कर से मौके पर ही मौत हो गई. हादसा उस समय हुआ जब वे सड़क किनारे प्रसाधन के लिए गए थे. मृतक की पहचान नागपुर के हिंगना निवासी कैलाश काचौरे के रूप में हुई है. वे पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त थे और वर्तमान में ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वे अपने साथियों के साथ नागपुर से पचमढ़ी जा रहे थे. रास्ते में सिमरिया हनुमान मंदिर के पास सभी दर्शन के लिए रुके. इसी दौरान कैलास काचौरे सड़क किनारे प्रसाधन के लिए गए. काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर साथियों ने उन्हें मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ इसके बाद आसपास मौजूद लोगों से जानकारी लेने पर पता चला कि कुछ देर पहले एक व्यक्ति को तेज रफ्तार कंटेनर ने टक्कर मार दी है .जब साथी मौके पर पहुंचे तो देखा कि हादसे का शिकार कैलाश काचौरे ही थे. टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और कंटेनर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और ट्रक को जब्त कर लिया गया है पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.
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6 साल बाद भी शहीद छत्रपाल सिंह के नाम पर स्कूल नामकरण की मांग तेज

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं 22 की उम्र में जिस शहीद ने देश पर की जान कुर्बान! 6 साल में सरकार एक स्कूल का नाम भी नहीं दे पाई 6 साल बाद भी शहीद छत्रपाल के नाम का इंतजार 22 साल में देश पर कुर्बान हुआ छावसरी का लाल 12 अगस्त को जयंती, लेकिन अब तक स्कूल नामकरण अधूरा पूर्व विधायक के पास पहुंचे माता—पिता पूर्व विधायक ने कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग के सामने रखी बात देश के लिए महज 22 वर्ष की उम्र में सर्वोच्च बलिदान देने वाले झुंझुनूं जिले के छावसरी गांव के अमर शहीद छत्रपाल सिंह की जयंती 12 अगस्त को है। जयंती से महज चार दिन पहले एक बार फिर शहीद को सम्मान देने से जुड़ा मुद्दा सामने आया है। शहादत के करीब छह साल बाद भी शहीद छत्रपाल सिंह के नाम पर स्कूल का नामकरण नहीं हो पाया है। शहीद के पिता सुरेश पाल सिंह और माता शशि कला देवी ने पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी से इस मामले को लेकर मुलाकात की। जिसके बाद पूर्व विधायक चौधरी ने शहीद के माता-पिता के साथ कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग के पास पहुंचकर स्कूल का नाम अमर शहीद छत्रपाल सिंह के नाम पर किए जाने की मांग रखी। पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी ने कहा कि शहीद छत्रपाल सिंह के माता-पिता अक्सर उनसे मिलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल का नामकरण शहीद के नाम पर अब तक हो जाना चाहिए था। छत्रपाल सिंह केवल अपने माता-पिता के बेटे नहीं, बल्कि पूरे गांव, क्षेत्र और मां भारती के बेटे थे। उन्होंने युद्ध के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। शुभकरण चौधरी ने कहा कि वह शहीद के माता-पिता को साथ लेकर जिला कलेक्टर से मिले हैं। नामकरण में क्या दिक्कत आ रही है। इसकी जानकारी दी गई है। जरूरत पड़ने पर सरकार और मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द से जल्द स्कूल का नाम अमर शहीद छत्रपाल सिंह के नाम पर करवाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं जिला कलेक्टर ने भी शहीद के माता-पिता और प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि स्कूल के नामकरण में आ रही समस्या को जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा और नियमानुसार नामकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। शहीद छत्रपाल सिंह की शहादत को करीब छह साल बीत चुके हैं। सरकारें शहीदों के सम्मान और उनके नाम को हमेशा जीवित रखने के बड़े-बड़े दावे करती हैं। लेकिन छावसरी के इस शहीद के मामले में छह साल बाद भी स्कूल का नामकरण नहीं हो पाना कई सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि जिस जवान ने महज 22 साल की उम्र में देश की रक्षा करते हुए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। उसके नाम पर एक स्कूल का नामकरण करने में आखिर छह साल क्यों लग गए? क्या शहीदों के सम्मान के सरकारी दावे सिर्फ घोषणाओं तक सीमित हैं? अब शहीद के माता-पिता को कलेक्टर के आश्वासन के बाद उम्मीद जगी है कि उनके बेटे को उसके गांव में यह सम्मान जल्द मिल सकेगा। गौरतलब है कि छत्रपाल सिंह झुंझुनूं जिले के छावसरी गांव के रहने वाले थे। करीब 22 वर्षीय छत्रपाल सिंह भारतीय सेना में पैरा ट्रूपर के रूप में तैनात थे। 5 अप्रैल 2020 को जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश के दौरान सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। करीब 15 घंटे चली इस मुठभेड़ में छत्रपाल सिंह शहीद हो गए। छत्रपाल सिंह करीब पांच साल पहले सेना में भर्ती हुए थे और महज 18 वर्ष की उम्र में देश सेवा के लिए सेना में चले गए थे। शहादत से पहले वे 29 दिन की छुट्टी काटकर 9 मार्च 2020 को ही ड्यूटी पर लौटे थे। उनका विवाह भी नहीं हुआ था। 12 अगस्त 1997 को जन्मे छत्रपाल सिंह की जयंती चार दिन बाद है। जयंती के अवसर पर एक बार फिर उनके शौर्य और बलिदान को याद किया जाएगा, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि शहीद को सम्मान देने के लिए उनके नाम पर स्कूल का नामकरण कब होगा?
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श्रीनगर में उर्स: संत दरगाह पर श्रद्धालुओं का उमड़ा उत्साह

Srinagar, Uttarakhand:श्रीनगर में धार्मिक उत्साह के साथ शेख सुल्तान-उल-आरिफीन का उर्स मनाया जा रहा है श्रीनगर, 8 अगस्त: शेख सुल्तान-उल-आरिफीन, जिन्हें मखदूम साहिब के नाम से जाना जाता है, का सालाना उर्स आज श्रीनगर में संत की पवित्र दरगाह पर धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है सैकड़ों श्रद्धालु दरगाह पर मत्था टेकने और दुआ मांगने के लिए जमा हो रहे हैं दरगाह पर खास नमाज़ और दुआ मजलिस भी हो रही है, जिसमें श्रद्धालुओं ने शांति, खुशहाली और लोगों की भलाई के लिए दुआ मांग रहे हैं दरगाह पर आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला रहा है क्योंकि कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने धार्मिक रस्मों में हिस्सा ले रहे हैं और दुआएं की जा रही हैं
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रामनगर में युवक की संदिग्ध मौत; परिजनों ने हत्या का शक, करणी सेना हंगामा

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर के टांडा मल्लू क्षेत्र में देर शाम एक 24 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से हड़कंप मच गया. मृतक की पहचान टांडा मल्लू निवासी रवि सैनी के रूप में हुई है. परिजनों ने एक महिला और एक पुरुष पर हत्या का शक जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने परिजनों के साथ पिरूमदारा चौकी पहुंचकर घेराव और हंगामा किया. संगठन ने कहा कि मृतक उनके संगठन से जुड़ा हुआ था और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. बताया जा रहा है कि रवि सैनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना देर शाम परिजनों को मिली. मृतक के भाई जोनी कुमार के अनुसार शाम करीब छह बजे पप्पू नाम का एक व्यक्ति उनके घर पहुंचा और बताया कि रवि उसके घर के पास बेहोशी की हालत में पड़ा है. इसके बाद पिता के फोन पर जोनी मौके के लिए रवाना हुए. जोनी कुमार का कहना है कि वह फैक्ट्री से सीधे मौके पर पहुंचा और पप्पू के साथ रिक्शे से अपने भाई को देखने गया. उसके मुताबिक रवि के होंठ और नाखून नीले पड़े थे, शरीर अकड़ा हुआ था और हाथ पर कट का निशान भी दिखाई दे रहा है. परिजनों ने हाथ पर एक अन्य निशान और खून की हल्की बूंद होने की बात भी कही है. इसके बाद परिजन रवि को रिक्शे से अस्पताल लेकर पहुंचे. डॉक्टरों ने जांच के बाद उसकी मौत होने की जानकारी दी और उसे रामनगर के सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी. परिजनों ने पप्पू और एक महिला पर संदेह जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. देर रात रामनगर कोतवाल सुशील कुमार भी पिरूमदारा चौकी पहुंचे और परिजनों से बातचीत की. उन्होंने बताया कि मामला फिलहाल संदिग्ध है; पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा.
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नाभा में माता नैना देवी सावन चालन पर 47वीं पदयात्रा, भक्तों की भीड़

Nabha, Punjab:ਮਾਤਾ ਸ੍ਰੀ ਨੈਣਾ ਦੇਵੀ ਜੀ ਦੇ ਸਾਉਣ ਦੇ ਚਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਰੱਖਦਿਆਂ ਦੁਰਗਾ ਸੇਵਾ ਮੰਡਲ ਨਾਭਾ ਵੱਲੋਂ ਹਰ ਸਾਲ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਇਸ ਵਾਰ ਵੀ 47ਵੀਂ ਪੈਦल ਯਾਤਰਾ ਸ਼ਰਧਾ ਅਤੇ ਉਤਸ਼ਾਹ ਨਾਲ ਰਵਾਨਾ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਪੈਦਲ ਯਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਨਾਭਾ ਸਮੇਤ ਆਸ-ਪਾਸ ਦੇ ਇਲਾਕਿਆਂ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਨੇ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ਕੀਤੀ। ਪੈਦਲ ਯਾਤਰਾ ਨੂੰ ਸਾਬਕਾ ਮੰਤਰੀ ਸਾਧੂ ਸਿੰਘ ਧਰਮਸੋਤ ਵੱਲੋਂ ਝੰਡੀ ਵਿਖਾ ਕੇ ਰਵਾਨਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਸਮੂਹ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਨੂੰ ਮਾਤਾ ਨੈਣਾ ਦੇਵੀ ਜੀ ਦੇ ਸਾਉਣ ਦੇ ਚਾਲਿਆਂ ਦੀ ਵਧਾਈ ਦਿੰਦਿਆਂ ਯਾਤਰਾ ਦੀ ਸਫਲਤਾ ਅਤੇ ਸੰਗਤ ਦੀ ਸੁਖ-ਸ਼ਾਂਤੀ ਲਈ ਕਾਮਨਾ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਦੁਰਗਾ ਸੇਵਾ ਮੰਡਲ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧਕਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮਾਤਾ ਨੈਣਾ ਦੇਵੀ ਜੀ ਪ੍ਰਤੀ ਸ਼ਰਧਾ ਅਤੇ ਆਸਥਾ ਦੇ ਚੱਲਦਿਆਂ ਹਰ ਸਾਲ ਸਾਉਣ ਦੇ ਚਾਲਿਆਂ ਦੌਰਾਨ ਨਾਭਾ ਤੋਂ ਪੈਦਲ ਯਾਤਰਾ ਕੱਢੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਯਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਹਰ ਸਾਲ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਦੀ ਤਾਦਾਦ ਵਿੱਚ ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਸ਼ਾਮਲ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਪੈਦਲ ਚੱਲ ਕੇ ਮਾਤਾ ਦੇ ਦਰਬਾਰ ਵਿੱਚ ਨਤਮਸਤਕ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਯਾਤਰਾ ਦੌਰਾਨ ਸੰਗਤ ਵੱਲੋਂ ‘ਜੈ ਮਾਤਾ ਦੀ’ ਦੇ ਜੈਕਾਰੇ ਲਗਾਏ ਗਏ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਪੂਰਾ ਮਾਹੌਲ ਭਗਤੀਮਈ ਹੋ ਗਿਆ। ਪ੍ਰਬੰਧਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਲਈ ਰਸਤੇ ਵਿੱਚ ਲੰਗਰ, ਪਾਣੀ ਅਤੇ ਹੋਰ ਲੋੜੀਂਦੀਆਂ ਸੇਵਾਵਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਵੀ ਕੀਤਾ ਗਿਆ。
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भागलपुर के अजगैबीनाथ गंगा धाम से 105 किमी कांवर यात्रा पर भक्तों का आस्था सैलाब

Naya Chak, Bihar:एंक- सावन का पावन महीना हो और भागलपुर के अजगैबीनाथ गंगा धाम से लेकर बाबा धाम तक आस्था, विश्वास, श्रद्धा और भोलेनाथ के प्रति समर्पण की अद्भुत तस्वीर सामने न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। दूसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ को जलाभिषेक के लिए अजगैबीनाथ गंगा धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। पिछले 24 घंटे में जहां डेढ़ लाख से ज्यादा कांवरिया श्रद्धालु पैदल गंगा धाम से बाबा धाम के लिए रवाना हुए हैं, वहीं ढाई लाख से ज्यादा शिवभक्त वाहनों से देवघर की ओर कूच कर चुके हैं। अगर पूरे नौ दिनों की बात करें तो अब तक 20 लाख से ज्यादा कांवरिया उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर बाबा धाम के लिए रवाना हो चुके हैं। अजगैबीनाथ गंगा धाम के अलग-अलग गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। देश के कोने-कोने और विदेशों से पहुंचे कांवरिया मां गंगा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं, कंधे पर कांवर उठा रहे हैं और उसमें गंगाजल भरकर 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पर बाबा बैद्यनाथ केदरबार की ओर बढ़ रहे हैं। इसी आस्था के बीच एक ऐसे श्रद्धालु भी हैं, जिनकी भक्ति और संकल्प किसी को भी हैरान कर दे। मुजफ्फरपुर के रहने वाले सुशील कुमार पिछले 31 वर्षों से लगातार सावन में बाबा भोलेनाथ को जलाभिषेक कर रहे हैं। लेकिन खास बात यह है कि वह हर सावन में एक-दो नहीं, बल्कि नौ बार सुल्तानगंज से देवघर की 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं। सुशील कुमार सुल्तानगंज पहुंचकर उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरते हैं, 105 किलोमीटर पैदल चलकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं और जलाभिषेक करने के बाद फिर वापस सुल्तानगंज लौटते हैं। इसके बाद दोबारा कांवर उठाकर उसी यात्रा पर निकल पड़ते हैं। 1995 से शुरू हुआ उनका यह संकल्प आज भी अनवरत जारी है। बारिश हो, धूप हो या रास्ते की कठिनाइयां, सुशील कुमार के कदम बाबा की भक्ति में लगातार आगे बढ़ते रहते हैं। उनका कहना है कि बाबा भोलेनाथ पर सच्ची श्रद्धा हो तो वह हर भक्त की मनोकामना पूरी करते हैं। अजगैबीनाथ गंगा धाम से लेकर 105 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ तक हर तरफ हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंज रहे हैं। पूरा इलाका भगवामय हो चुका है और कांवरियों की लंबी कतारें मानो यही संदेश दे रही हैं कि भक्ति में शक्ति है और भोलेनाथ के दरबार तक पहुंचने के लिए आस्था ही सबसे बड़ा सहारा है।
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