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Vipin AwasthiVipin AwasthiFollow8 Jan 2025, 06:18 pm

सीतापुरः अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को मारपीटकर घर से निकाला, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

Laharpur, Uttar Pradesh:

लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भवासी मजरा नगई मल्लापुर की लक्ष्मी ने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर मामला दर्ज कराया है। शिकायत पत्र में पीड़ित ने बताया है कि मेरी शादी लगभग डेढ़ वर्ष पहले जयकरन से हुई थी। मेरे पारिवारिकजनों ने अपनी हैसियत के मुताबिक दान दहेज दिया था। अब मेरे पति जयकरन, ससुर नरेंद्र, सास नगीना, जेठ छंगा, जेठानी पम्मी दहेज में बुलेट गाड़ी और सोने की चेन अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि अतिरिक्त दहेज की मांग के चलते इसे मारपीट कर घर से निकाल दिया।

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बाढ़ में फंसी 2000 भेड़ें और पालक, ड्रोन से लोकेशन चिन्हित कर रेस्क्यू

Gazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर गाजीपुर में बाढ़ के बीच फंसी 2000 भेड़ें, डायल 112 पर मिली सूचना; SP ने ड्रोन से तलाशा लोकेशन, 6 घंटे चला रेस्क्यू। गाजीपुर में बाढ़ के पानी में करीब 2000 भेड़ें और उनके पालक फंसे, डायल 112 पर मदद की गुहार लगाई। एसपी डॉ. ईरज राजा ने ड्रोन से भेड़ों की लोकेशन तलाशकर चिन्हित कराई, इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। NDRF-SDRF समेत चार टीमों ने संभाला मोर्चा, नाविकों और गोताखोरों को भी रेस्क्यू में लगाया गया। रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक करीब 6 घंटे चला अभियान, सभी भेड़ों और पालकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। एंकर : गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच जमानियां क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके में करीब 2000 भेड़ें और उनके पालक फंस गए। रात में परेशान भेड़ पालकों ने डायल 112 पर पुलिस से मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। एसपी गाजीपुर डॉ. ईरज राजा के नेतृत्व में सदर एसडीएम, सीओ सिटी, सदर कोतवाल समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा। बाढ़ का पानी करीब ढाई से तीन किलोमीटर क्षेत्र में फैला होने के कारण भेड़ों की सटीक लोकेशन तलाशना चुनौती बनी हुई थी। इसके बाद एसपी ने ड्रोन के जरिए इलाके की निगरानी कर भेड़ों की लोकेशन चिन्हित कराई। लोकेशन मिलने के बाद NDRF, SDRF, नाविक और गोताखोरों की चार टीमों को रेस्क्यू अभियान में लगाया गया। पुलिस के अनुसार, रात करीब 12 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन सुबह 6 बजे तक चला। लगभग छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद करीब 2000 भेड़ों और उनके पालकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एसपी डॉ. ईरज राजा ने रेस्क्यू की पुष्टि करते हुए बताया कि बाढ़ के पानी में फंसी लगभग 2000 भेड़ों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से जिले में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। बाढ़ चौकियों और आश्रय स्थलों के साथ प्रभावित लोगों के लिए भोजन-पानी तथा पशुओं के चारे की व्यवस्था भी की जा रही है। रेस्क्यू विजुअल्स बाइट : डॉ. ईरज राजा, एसपी गाजीपुर
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जालंधर किसान धरना: सरकार से फिर मीटिंग की मांग

Jalandhar, Punjab:जालंधर में किसानों ने लगाया धरना डीसी को सौंपा मांग पत्र बातचीत दौरान किसान नेता ने बताया कि जब किसान शंभू बॉर्डर पर धरने पर बैठे थे तब पंजाब सरकार द्वारा उन्हें धरने से उठने के लिए उनके ऊपर ताशा दर्द किया गया और जब किसान तब भी ना उठे तो उन्होंने पंजाब पुलिस के साथ मिलकर किसानों के ट्रैक्टर ट्राली एसी फ्रिज और अन्य सामानों को चुरा कर लेकर चली गई जिसे लेकर उन्होंने सरकार से कई मीटिंग है कि पर मीटिंग में किसी भी तारिक का कोई सट्टा नहीं निकला और अब मजबूरन उन्हें धरने पर उतरना पड़ा है उन्होंने कहा कि अगर आज के धरने के बाद सरकार दोबारा हमें मीटिंग का समय नहीं देती तो आने वाले समय में सभी किसान जैसे बंदियां पहले पंजाब के सभी मंत्रियों के खिलाफ उनके घर के बाहर धरना देगी और उसके बाद सभी किसान जट्टीबंधी द्वारा रेलवे भी रोकी जाएगी उन्होंने यह भी बताया कि अगर सरकार इसी तरीके से अपना रवैया रखेगी तो आने वाला समय में किसानों द्वारा उनका पंजाब में होने वाले चुनाव में परचोर तरीके से विरोध किया जाएगा
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अमृतसर के फतिहगढ़ चूड़ियों में गोलीबारी, कांग्रेस नेता घायल

Batala, Punjab:ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਚੂੜੀਆਂ ਚ ਚੱਲੀ ਗੋਲੀ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦੇ ਮੋਢੇ ਚ ਲੱਗੀ ਗੋਲੀ ਗੰਭੀਰ ਰੂਪ ਚ ਹੋਇਆ ਜ਼ਖਮੀ ਜ਼ਖਮੀ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਕੀਤਾ ਰੈਫਰ ਡੀਐਸਪੀ ਲਲਤ ਕੁਮਾਰ ਪੁਲਿਸ ਪਾਰਟੀ ਨਾਲ ਮੌਕੇ ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਸ਼ੁਰੂ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਚੂੜੀਆਂ ਚ ਉਸ ਵੇਲੇ ਦਹਿਸ਼ਤ ਮਾਹੌਲ ਹੋ ਗਿਆ ਜਦੋਂ ਵਾਰਡ ਨੰਬਰ ਪੰਜ ਦੇ ਕਾਂਗਰਸੀ ਕੌਂਸਲਰ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗਿਓ ਦੇ ਚਾਚਾ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦਿਓ ਨੂੰ ਦੋ ਅਣਪਛਾਤੇ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਸਵਾਰਾਂ ਵਲੋਂ ਗੋਲੀਆਂ ਮਾਰ ਕੇ ਜ਼ਖਮੀ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਜਿਸ ਨੂੰ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਚੂੜੀਆਂ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲ ਇਲਾਜ ਲਈ ਲਿਆਂਦਾ ਗਿਆ ਜਿੱਥੇ ਡਾਕਟਰਾਂ ਨੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਲਈ ਰੈਫਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਮੌਕੇ ਤੇ ਫਤਹਿਗੜ੍ਹ ਚੂੜੀਆਂ ਦੇ ਡੀਐਸਪੀ ਲਲਤ ਕੁਮਾਰ ਅਤੇ ਐਸਐਚ ਓ ਗੁਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋੰ ਪਹੁੰਚਿਆ ਤੇ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਜਾਂਚ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਜਖਮੀ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਤੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਲਾਲੀ ਅਤੇ ਜਖਮੀ ਦੇ ਭਤੀਜੇ ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਸਟੇਸ਼ਨ ਰੋਡ ਤੋਂ ਅਜਨਾਲਾ ਰੋਡ ਨੂੰ ਜਾ ਰਹੇ ਸਨ ਤਾ ਰਸਤੇ ਵਿੱਚ ਦੋ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਸਵਾਰਾਂ ਨੇ ਰੋਕ ਕੇ ਉਹਨਾਂ ਉੱਪਰ ਗੋਲੀਆਂ ਚਲਾ ਦਿੱਤੀਆਂ ਅਤੇ ਗੋਲੀ ਉਹਨਾਂ ਤੇ ਮੋਢੇ ਤੇ ਲੱਗੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਜ਼ਖਮੀ ਹੋ ਗਏ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਚੂੜੀਆਂ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲ ਲਿਆਂਦਾ ਗਿਆ ਜਿੱਥੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਰੈਫਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਤੇ ਮੌਕੇ ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਜਾਂਚ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਹੈ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਡੀਐਸਪੀ ਲਲਤ ਕੁਮਾਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਲਦੀ ਹੀ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਦੀ ਪਹਿਚਾਣ ਕਰ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕਰ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ
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के-पश्चिम मनपा कार्यालय के सामने मनसे का अनोखा आंदोलन, मैदान बचाने की मांग

Mumbai, Maharashtra:अंधेरीतील के-पश्चिम मनपा कार्यालयासमोर मनसेचे अनोखे आंदोलन मुंबईतील अंधेरी परिसरात के-पश्चिम मनपा कार्यालयासमोर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनेच्या वतीने अनोख्या पद्धतीने आंदोलन करण्यात आले आहे. के-पश्चिम मनपा हद्दीतील खेळाचे मैदान आणि क्रीडा संकुलाची जागा वाचवण्याच्या मागणीसाठी मनसेने थेट मैदानावर क्रिकेट आणि फुटबॉलचे सामने आयोजित केले. मनसेचा आरोप आहे की, सत्ताधाऱ्यांकडून अनधिकृत आरक्षण लादून तसेच काही मनपा अधिकाऱ्यांना हाताशी धरून खेळाच्या मैदानांची जागा हडप करण्याचा प्रयत्न सुरू आहे. या जागा मोठ्या विकासकांच्या घशात घालण्याचे षडयंत्र रचले जात असल्याचा गंभीर आरोप मनसेकडून करण्यात आला आहे. मनसे विभाग अध्यक्ष मनिष धुरी यांच्या मार्गदर्शनाखाली स्थानिक नागरिक आणि खेळाडूंनी या आंदोलनात सहभाग घेतला. मैदानावर क्रिकेट आणि फुटबॉलचे सामने खेळत मनसे कार्यकर्त्यांनी प्रशासनाचे लक्ष वेधून घेतले. खेळाची मैदाने ही केवळ खेळाडूंसाठीच नाही, तर परिसरातील मुलांच्या शारीरिक आणि मानसिक विकासासाठीही महत्त्वाची आहेत. त्यामुळे कोणत्याही परिस्थितीत मैदानाची जागा विकासाच्या नावाखाठ बळकावू देणार नाही, असा इशारा मनसेकडून देण्यात आला आहे. या अनोख्या आंदोलनातून खेळाचे मैदान आणि क्रीडा संकुलाची जागा सुरक्षित ठेवावी, अशी मागणी मनसे तसेच स्थानिक नागरिकांकडून करण्यात आली आहे.
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उमंग सिंघार के बयान से भाजपा पर सवाल: संकल्प पत्र और रोजगार

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल सरकार के संकल्प पत्र के 70 फीसदी वादे पूरे होने के दावे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बयान। बीजेपी झूठ बोलने की मशीन हो गई है। अगर 70 फीसदी वादे पूरे हुए तो क्या धान और गेहूं की फसल को एमएसपी मिल रही है? डेढ़ लाख नौकरी देने का वादा किया था, अगर आपने बात वादा निभाया तो युवा सड़क पर क्यों है? आप पिछड़ा वर्ग की बात करते हैं लेकिन 13 प्रतिशत पद ओल्ड क्यों किया? ऐसे तमाम बातें हैं जिन पर भाजपा फेल रही है। लाडली बहनों को 1750 रुपए दे रहे हैं, 3000 देने की बात कही थी, क्या चुनाव आएंगे तब 3000 करेंगे? पूरी लाडली बहनों को सरकार पैसा नहीं दे रही है। राहुल गांधी पर हुई एफआईआर पर कहा—एक तरफ बीजेपी समानता की बात करती है और दूसरी तरफ हमारे नेता राहुल गांधी पर केस दर्ज करती है। यही बीजेपी की कथनी और करनी में अन्तर है। बीजेपी नहीं चाहती है कि विवाद के बिना देश चले। वह चाहते हैं कि सांप्रदायिक विवाद होता रहे और वह सत्ता में राज करते रहें। मोहन भागवत के बयान पर कहा कि मोहन भागवत जी अमेरिका में जाकर भारत सबका होने का बयान क्यों दे रहे हैं कि उनको लग रहा है देश में बीजेपी की उल्टी गिनती शुरू हो गई। युवाओं के आंदोलन से घबराए हुए हैं वह बार-बार भारत में हिंदू मुस्लिम विवाद होता है। जबकि विश्व में जाकर आप बताते हैं कि सब एक है, लेकिन दूसरे देश के लोग जब भारत में देखते हैं तो पता चलता है किस तरीके सांप्रदायिकता का फैली हुई है। जो बात उन्होंने विदेश में कही है क्या वह बात आप भारत में आकर किसी मंच से कहेंगे? UCC पर बोले—जब मोहन भागवत कह रहे हैं कि हिंदू मुस्लिम सब एक है तो फिर UCC की जरूरत क्यों है, हमारी सरकार आएगी तो हम UCC को खत्म कर देंगे। बाइट नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
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बक्सर में गंगा बाढ़: ग्रामीण इलाकों तक बढ़ा खतरा, पानी घरों तक पहुंचने लगा

Buxar, Bihar:बक्सर में गंगा नदी में आई बाढ़ کا असर अब जिले के ग्रामीण इलाकों में भी साफ दिखाई देने लगा है। गंगा का पानी लगातार बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई गांवों में पानी पहुंचने के बाद ग्रामीण अपने परिवार और सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी में जुट गए हैं। केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर 1 बजे तक गंगा नदी का जलस्तर 59.75 मीटर पहुंच गया है। जबकि खतरे का निशान 60.32 मीटर बताया गया है। ऐसे में गंगा का पानी खतरे के निशान से करीब 57 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर सहायक नदियों पर भी पड़ रहा है। कर्मनाशा नदी का पानी चौसा के बनारपुर गांव में प्रवेश कर गया है। वहीं सिकरौल गांव के मुख्य पथ पर तीन फीट से अधिक पानी बहने की सूचना है। इससे ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश करने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी अभी तक उनका हाल जानने नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में ग्रामीण खुद ही सुरक्षित स्थान की तलाश कर रहे हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों में दहशत का माहौल है।
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डुमना एयरपोर्ट नई टर्मिनल में पानी टपका, मेन गेट बंद, यात्रियों को वैकल्पिक गेट

Jabalpur, Madhya Pradesh:डुमना एयरपोर्ट के बुरे हाल डुमना एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग से पानी टपक रहा है. इसके कारण गेट के पास का फर्श गीला और फिसलन भरा हो गया. एयरपोर्ट प्रबंधन ने मेन गेट बंद कर दिया. दूसरी गेट से आवाजाही कराई गई. यात्रियों को फिसलन से बचाने के लिए फर्श पर पानी होने की चेतावनी बोर्ड लगाया गया. बारिश के दौरान टर्मिनल में आने-जाने में परेशानी हुई. डुमना एयरपोर्ट प्रभारी डायरेक्टर नीरज कुमार ने बताया कि बारिश के कारण कैनोपी में पानी भर गया था और कैनोपी की रिपेयरिंग चल रही है. यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए डी1 गेट बंद कर डी2 गेट से आवाजाही कराई जा रही है.
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हिमाचल के कॉरपोरेट रिटायर्ड कर्मचारियों ने पेंशन की मांग दोहराई

Kullu, Himachal Pradesh:जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर में हिमाचल प्रदेश रिटायर्ड कॉरपोरेट सेक्टर यूनियन की बैठक प्रदर्शनी मैदान ढालपुर में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला कुल्लू यूनियन के अध्यक्ष प्रकाश वशिष्ठ ने की। वही, इस बैठक में महासचिव हेम राज शर्मा सहित अन्य रिटायर्ड कर्मचारी भी उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष प्रकाश वशिष्ठ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने सभी को पेंशन देने की बात कही है। लेकिन कॉरपोरेट सेक्टर से रिटायर्ड कर्मचारियों की है मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई है। हालाँकि दोनों ही दल ने चुनावी घोषणा पत्र ने इसका जिक्र किया था। लेकिन आज तक कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि साल 1999 में जब पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की सरकार बनी थी तो उस दौरान कॉरपोरेट सेक्टर में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए पेंशन देने का प्रावधान रखा गया था और साल 2004 तक जो भी कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए, उन्हें आज तक पेंशन मिल रही है। उसके बाद यह प्रावधान बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कॉरपोरेट सेक्टर में 6750 कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं इसमें से कुछ लोगों की मृत्यु हो गई है और 5500 लोग हो बचे हैं जिन्हें अभी तक पेंशन नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि इस अवस्था में अब हम लोग इन तो मजदूरी कर सकते हैं और न ही कोई दूसरा कार्य। आज हमारे लोगों को 1500 तो किसी को 2000 रुपये पेंशन मिल रही है। इसलिए सरकार से निवेदन है कि कॉरपोरेट सेक्टर के लोगों को भी पेंशन प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि एक बार फिर से सभी सेवानिवृत कर्मचारी प्रदेश सरकार से मांग रखते हैं ताकि उन्हें भी पुरानी पेंशन का लाभ मिल सके。
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कैथल पटवारियों की हड़ताल: पोर्टल खामियों से जनता परेशान

Kaithal, Haryana:कैथल में पटवारियों की हड़ताल का आज 12 दिन है। नए पोर्टल को लेकर पटवारी नाराज हैं और सरकार से पोर्टल की तकनीकी खामियां दूर करवाने की मांग कर रहे हैं। पटवारीयो का कहना है कि अगर पोर्टल की कमियां जल्द दूर नहीं की गईं तो इसका सीधा असर पब्लिक और पटवारियों के बीच कामकाज पर पड़ेगा। उनका कहना है कि कमी पोर्टल की है, लेकिन उसका दोष पटवारियों को दिया जा रहा है। ऐसे में बिना किसी वजह के जनता और पटवारियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। पटवारी का कहना है कि हम सरकार की किसी चेतावनी से डरने वाले नहीं क्योंकि हम हैं यह हड़ताल अपने लिए नहीं आम जनता की भलाई के लिए कर रहे हैं  सरकार से हमारी गुजारिश है कि पोर्टल को जल्द दुरुस्त करवाया जाए, ताकि लोगों को भी परेशानी न हो और पटवारी भी सुचारू रूप से काम कर सकें。 मांग पत्र किस प्रकार है 1- जमाबंदी और इंतकाल के लिए जारी किए गए पोर्टल की सभी तकनीकी कमियों को दूर किया जाए तथा पोर्टल पर होने वाली तकनीकी गलतियों की जिम्मेदारी आईटी डिपार्टमेंट (I.T. Dept.) की तय की जाए। अगर पोर्टल 100% सही है तो इससे मिलने वाले सभी रिकॉर्ड्स जैसे जमाबंदी, इंतकाल आदि पर IT विभाग प्रमुख के हस्ताक्षर होने चाहिए। 25 अगस्त से सभी पटवारियों के यूजर ID भी IT विभाग द्वारा बंद कर दिए गए है और ऑटो म्यूटेशन किए जा रहे है। इन ऑटो म्यूटेशन की जिम्मेदारी IT विभाग की तय की जाए। 2- पोर्टल को कानूनी मान्यता देने के लिए संशोधित 'लैंड रिकॉर्ड मैनुअल' जारी किया जाए। जब तक यह पोर्टल तकनीकी और राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक इसे किसी एक गांव या तहसील में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाकर इसकी कमियों को दुरुस्त किया जाए。 3- डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य अन्य राज्यों की तर्ज पर प्राइवेट एजेंसियों से करवाया जाए。 4- नवनियुक्त पटवारियों से सम्बंधित फाइल कैबिनेट से पास हो चुकी है। इसका नोटिफिकेशन एवं 1 जनवरी 2025 से बकाया वेतन का एरियर जल्द जारी किया जाए。 5- रोवर मशीन से पैमाइश के लिए सभी कानूनगो को पूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए तथा कानूनगो को एक तकनीकी रूप से सक्षम ऑपरेटर उपलब्ध करवाया जाए। रोवर मशीन का इंश्योरेंस और रोवर को लाने व ले जाने के लिए सरकारी गाड़ी मुहैया करवाई जाए。 6- बीते कई वर्षों से लंबित एलटीसी (LTC) एवं गिरदावरी सहायक मानदेय का एकमुश्त भुगतान तुरंत जारी किया जाए。 7- पटवारियों की तर्ज पर कानूनगो को मिलने वाली इंक्रीमेंट की फाइल जो लगभग तीन वर्षों से लंबित है, उसे अविलंब मंजूरी देकर जारी किया जाए。 8- सभी ऑनलाइन कार्यों को सुचारू रूप से करने के लिए तहसीलों में कंप्यूटर, प्रिंटर व स्कैनर उपलब्ध कराए जाएं तथा फील्ड में कार्य हेतु पटवारियों को टैबलेट (Tab) प्रदान किए जाएं。 Wt रिपोर्टर विपिन शर्मा के साथ पटवारियों की बातचीत
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मैदान बचाओ, भविष्य बचाओ: मनसे ने मुंबई में खेल मैदानों की सुरक्षा हेतु आंदोलन

Mumbai, Maharashtra:मुंबईच्या चांदिवली एल वॉर्ड परिसरात मैदानाच्या मुद्द्यावरून महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनेच्या वतीने आंदोलन करण्यात आलं. मनसेचे महेंद्र भानुशाली यांच्या नेतृत्वाखाली झालेल्या या आंदोलनात सरकार आणि पालिकेच्या भूमिकेवर तीव्र नाराजी व्यक्त करण्यात आली. “सरकार आणि पालिकेची कसली घाई? मैदान गिळंकृत करण्याची घाई नाही!” असा सवाल मनसेकडून उपस्थित करण्यात आला. विकासाच्या नावाखाखा शहरातील मैदानं बळकावण्याऐवजी ती मुलांच्या खेळासाठी आणि नागरिकांच्या वापरासाठी जपली पाहिजे, अशी भूमिका मनसेने मांडली. मैदानं ही केवळ मोकळी जागा नसून, मुलांच्या शारीरिक आणि मानसिक विकासासाठी आवश्यक असलेली ठिकाणं आहेत. त्यामुळे मैदानांचं संरक्षण करणं ही प्रशासनाची जबाबदारी असल्याचं मनसे कार्यकर्त्यांनी सांगितलं. मैदान वाचवण्यासाठी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ठामपणे मैदानात उतरली असून, “मैदान वाचवा, भविष्य वाचवा” असा संदेश आंदोलनाच्या माध्यमातून देण्यात आला. दरम्यान, या आंदोलनामुळे परिसरात काही काळ राजकीय वातावरण तापलं असून, प्रशासन आता याबाबत काय भूमिका घेतं, याकडे सर्वांचं लक्ष लागलं आहे.
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