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WMWaqar Manzoor8 Jan 2026, 06:21 am

Hatbura में डेयरी सुरक्षा उद्यमिता के लिए नवाचार प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

A Pathway to Dairy Safety Entrepreneurship" was inaugurated at Hatbura, Ganderbal to promote skill development and entrepreneurship in the dairy sector. The event was organized by Division of Veterinary Public Health & Epidemiology, Faculty of Veterinary Science and Animal Husbandry, SKUAST-K. The programme was attended by the scientists from the Division of VPHE( Dr.Akram Hussain Dr. Mudasir All, Dr.Najimaana, Dr. Shabu, Dr lyman, Veterinarians, Para Veterinarians from Govt. of Jammu and Kashmir, Livestock attendants, Progressive farmers besides Post graduate students. Dr. Najimaana Wani, Assistant professor and the Training coordinator, gave a brief about the various entrepreurship opportunities to unemployed and underemployed youth in dairy sector. The programme focused on imparting hands-on training in milk quality testing, adulteration detection, laboratory practices, and regulatory standards, with the objective of enabling participants to establish milk testing laboratories as sustainable MSME ventures. Experts from dairy science and food safety disciplines guided participants through various technical sessions. The initiative aims to strengthen dairy safety, quality assurance, and self-employment opportunities, particularly for aspiring entrepreneurs and professionals associated with the dairy value chain.
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पंजाब बदलेगा: पायलट ने ड्रग्स-अराजकता पर केंद्र-राज्य सरकार को निशाने पर लिया

Jalandhar, Punjab:*पंजाब में बदलाव चाहते हैं लोग, आम आदमी पार्टी और बीजेपी दोनों पर बरसे कांग्रेस नेता सचिन पायलट पंजाब में कानून व्यवस्था और सियासी हलचल को लेकर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मीडिया से बातचीत के दौरान सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि पिछले पौने पांच सालों में राज्य में ड्रग्स, चिट्ठा, फिरौती, माफिया और एक्सटॉर्शन का बोलबाला रहा है, जिससे आम जनता और युवा बेहद परेशान हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब बदलाव के लिए तैयार है। पिछले पौने पांच सालों में जो नंगा नाच यहां हुआ है—ड्रग्स का, चिट्टे का, शूटआउट्स का, फिरौती का, माफिया और एक्सटॉर्शन का—उससे लोग परेशान हैं। नौजवान खासतौर पर बदलाव चाहते हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपना पूरा भरोसा लोगों से खो दिया है। इतने साल बीत जाने के बाद भी सरकार की स्टेज पर सिर्फ चुटकुले और मजाक चल रहा है। उन्होंने कहा कि संगरूर के गुलजार सिंह ने आत्महत्या की औ वित्त मंत्री का नाम लिया, लेकिन मुख्यमंत्री कहते हैं कि विपक्ष को लाशों की बू आती है तो वे वहां राजनीति करने आ जाते हैं। किसी निर्दोष की जान चली जाए, तो न्याय मांगने का अधिकार हम सबको है और हम मांगते रहेंगे। आगे पायलट ने कहा कि मानसा में ड्रग्स के खिलाफ मुहिम चला रहे एक व्यक्ति की हत्या हो जाती है। यह जो माहौल पूरे पंजाब में बनाया है, लोग इसे पसंद नहीं कर रहे हैं। हम एक वैकल्पिक व्यवस्था देना चाहते हैं, जिसके लिए पूरी पार्टी और कांग्रेस तैयार है। हमें पूरा विश्वास है कि आने वाले चुनाव में हम बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से सवाल करते हुए कहा कि पिछले 12 साल से भाजपा की सरकार है। पाकिस्तान बॉर्डर से तमाम ड्रोन्स के माध्यम से ड्रग्स और पूरा असला यहां पर आता है, उसे रोकने के लिए क्या किया? सिर्फ 50 किलोमीटर की बाउंड्री बढ़ाकर अपने पास ले ली है। दिन-दहाड़े एनकाउंटर हो रहे हैं, जेलों से ड्रग्स का बिजनेस हो रहा है—यह सब केंद्र सरकार की भी जिम्मेदारी है। बाइट : सचिन पायलट
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जोधपुर हाईकोर्ट: गवाह के बयान डर-धमकाने से मुक्त, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ दर्ज

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में उदयपुर के 2 करोड रूपए के बहुचर्चित कथित रिश्वत प्रकरण में गवाह नरेन्द्र कुमार टेलर ने धारा 528 बीएनएसएस के तहत याचिका दायर कर अनुसंधान अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। याचिका में कहा गया कि एसीबी टीम द्वारा उसे झूठे बयान देने के लिए लगातार डराया और धमकाया जा रहा है, जबकि वह अपनी इच्छा से सच्चाई बयां करना चाहता है। जस्टिस आशुतोष कुमार की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए बिना किसी दबाव के गवाह के बयान दर्ज करने के आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उदयपुर के 2 करोड़ रुपये के बहुचर्चित कथित रिश्वत प्रकरण में आरपीएस मुकेश कुमार सोनी, सज्जन सिंह जैन और परिवादी निरंजन कुमार मोगरा से जुड़े मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच अब उस व्यक्ति तक पहुंच गई है जिसने आरोपी को फोर्ड एंडेवर कार उपलब्ध कराई थी। गवाह के अधिवक्ता कार्तिकेय जौहरी, जयंत महेचा और वरिष्ठ अधिवक्ता माधव मित्रा (वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए) ने कोर्ट में तर्क दिया कि बीएनएसएस की धारा 180 और 182 स्पष्ट रूप से यह प्रावधान करती हैं कि पुलिस किसी भी गवाह पर दबाव नहीं डाल सकती तथा गवाह अपनी मर्जी से स्वतंत्र रूप से बयान देने का अधिकार रखता है। कोर्ट ने एसीबी को निर्देश दिए हैं कि यदि गवाह के बयान दर्ज करने की आवश्यकता होती है, तो वे बिना किसी डर, दबाव या प्रलोभन के, और कानून के प्रावधानों का पालन करते हुए पूरी तरह से ऑडियो-वीडियोग्राफी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से लेखबद्ध किए जाएं।
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RSS स्थापना दिवस: शस्त्र पूजन से युवाओं में अनुशासन, राष्ट्र प्रेम का संदेश

Ghatshila, Jharkhand:मुसाबनी के विश्वनाथन मंदिर परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस एवं विजयादशमी के अवसर पर उत्सव सह शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शस्त्र पूजन के जरिए भारतीय परंपरा और शक्ति उपासना का संदेश दिया गया। वहीं स्वयंसेवकों, दुर्गा वाहिनी और अन्य कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने समाज में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर संघ के कोल्हान विभाग शारीरिक प्रमुख, भवेश चन्द्र पातर ने कहा कि शास्त्र के साथ शस्त्र की पूजा हमारी प्राचीन परंपरा रही है। शास्त्र हमें ज्ञान और संस्कार देते हैं, जबकि शस्त्र शक्ति, साहस और आत्मरक्षा का प्रतीक हैं। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर योग और व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को विकृति से संस्कृति की ओर ले जाना, उनमें अनुशासन, चरित्र निर्माण और राष्ट्रभावना जागृत करना समय की आवश्यकता है। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष सत्या तिवारी ने कहा कि संघ में युवाओं की बढ़ती भागीदारी समाज को एक बेहतरीन संदेश दे रही है। युवाओं के साथ दुर्गा वाहिनी और अन्य कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करती है। कार्यक्रम में योग-व्यायाम प्रदर्शन, गीत, सुभाषित, अमृत वचन और बौद्धिक सत्र के माध्यम से शारीरिक सुदृढ़ता, सांस्कृतिक चेतना तथा सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। इस दौरान पुरुषोत्तम अग्रवाल, हरिओम जायसवाल, अजय पांडा, भरत शर्मा सहित संघ के स्वयंसेवक, दुर्गा वाहिनी की सदस्याएं और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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दिल्ली के रामलीला मंच पर अरुण बख्शी निभाएंगे रावण, पेशेवर कलाकारों की भरमार

New Delhi, Delhi:राजधानी दिल्ली में जगह-जगह रामलीला का मंचन हो रहा है नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में अयोध्या की रामलीला मैं बड़े-बड़े कलाकार मंचन करते हुए आपको नजर आएंगे कई हिंदी फिल्मों में काम करने वाले अरुण बख्शी इस बार रावण का अभिनय करते हुए आपके मंच पर दिखाई देंगे अरुण बख्शी ने जी मीडिया से खास बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि रावण का अभिनय करना एक बड़ी चुनौती है और इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है रावण महा ज्ञानी महा तपस्वी भी थे उनके किरदार को निभाना कोई आसान काम नहीं है कई दिन मेहनत करनी पड़ती है बॉलीवुड कलाकार अरुण बख्शी का कहना है कि आज के माहौल में जिस तरह से कुछ लोग बहुत सी ताकतें है जो देश का माहौल बिगाड़ना चाहती हैं इशारों इशारों में विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि ये जो हारी हुई ताकते है वो उनको हटाना चाहती है जिन्होंने कश्मीर में धारा 370 हटाई , कोविड में वो ढाल बनकर खड़े रहे कई बुराइयों को खत्म किया जिसमें तीन तलाक भी शामिल है अरुण बख्शी ने साफ कहा कि आजकल जिस तरह से रिज्यूम चेंज को लेकर बातें चल रही है तो उन्होंने अपने अंदाज में साफ कर दिया कि हम राम को जाने नहीं देंगे और रावण को आने नहीं
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सिकंदराराऊ में पिंक समाधान तहसील दिवस का आयोजन, तीन जरूरतमंदों को मिले अंत्योदय कार्ड

Mohammad RajaMohammad RajaFollow2m ago
Sikandra Rao Dehat, Uttar Pradesh:सिकंदराराऊ, हाथरस- तहसील सभागार सिकंदराराऊ में शनिवार को महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से पिंक समाधान तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान उप जिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने पात्रता की जांच के बाद तीन जरूरतमंद लाभार्थियों को अंत्योदय कार्ड वितरित किए। इनमें दो लाभार्थी कैंसर से पीड़ित हैं। अंत्योदय कार्ड मिलने से इन जरूरतमंद परिवारों को सरकार की पात्र जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उप जिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि पात्र और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। विशेष रूप से गंभीर बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है, ताकि उन्हें नियमानुसार मिलने वाली सुविधाओं का लाभ मिल सके। पिंक समाधान तहसील दिवस का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। प्रशासन की ओर से अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि फरियादियों की शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इस आयोजन के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ जरूरतमंद और पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
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भजन-पूजन से गूंजा सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, कन्या पूजन के साथ संस्कृति संरक्षण का संदेश

Jhanjher, Uttar Pradesh:बिसवां, सीतापुर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में दुर्गाष्टमी एवं विजयदशमी के अवसर पर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और कन्या पूजन किया गया। इस दौरान शिक्षिकाओं और छात्राओं ने मां दुर्गा की आराधना में भजन प्रस्तुत किए। छात्राओं ने भाषण के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रतिभा बाल्यान, संरक्षिका रजनी गुप्ता, अध्यक्षा किरण सिंघल और प्रबंधक विमलेश ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रधानाचार्या प्रतिभा श्रीवास्तव ने मां दुर्गा को शक्ति और साहस का प्रतीक बताते हुए छात्राओं को नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कन्या पूजन के बाद छात्राओं को उपहार भेंट किए गए और प्रसाद वितरित किया गया। अतिथियों ने कन्याओं के सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा पर जोर दिया। इस अवसर पर श्वेता अरोरा, किरण गुप्ता, प्रीति वैश्य, विकल्प, ओम, मिथिलेश तिवारी, गुरमीत कौर और शशि मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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मंड क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर जोसन ने बड़ा राजनीतिक हमला, सख्त जवाब मांगें

Kapurthala, Punjab:ਮੰਡ ਖੇਤਰ ’ਚ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਮਾਈਨਿੰਗ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਇੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੋਸਨ ਦਾ ਵੱਡਾ ਸਿਆਸੀ ਹਮਲਾ, ਪੁੱਛੇ ਤਿੱਖੇ ਸਵਾਲ “10-10 ਫੁੱਟ ਡੂੰਘੇ ਟੋਏ ਖੁਦ ਬਿਆਨ ਕਰ ਰਹੇ ਨੇ ਹਾਲਾਤ, ਕਿਸ ਦੀ ਸਰਪ੍ਰਸਤੀ ਹੇਠ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਸੀ ਰੇਤ ਦੀ ਕਥਿਤ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਨਿਕਾਸੀ ਦਾ ਧੰਦਾ?” — ਜੋਸਨ ਨੇ ਪੂਰੇ ਨੈੱਟਵਰਕ ਦੀ ਜਾਂਚ ਮੰਗੀ ਐਡਵਾਂਸ ਬੰਨ੍ਹ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ’ਤੇ ਮੰਡਰਾਉਣ ਲੱਗਾ ਖਤਰਾ, ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਤੇ ਫ਼ਸਲਾਂ ਨੂੰ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਨੁਕਸਾਨ; ਛੇ ਟਿੱਪਰਾਂ, ਪੋਕਲਾਈਨ ਮਸ਼ੀਨ ਅਤੇ ਟਰੈਕਟਰ ਦੀ ਬਰਾਮਦਗੀ ਮਗਰੋਂ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਨਾਮਜ਼ਦ ਹੋਣ ’ਤੇ ਚੁੱਕੇ ਸਵਾਲ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ। ਮੰਡ ਖੇਤਰ ਦੇ ਪਿੰਡ ਖਿਜਰਪੁਰ ਨੇੜੇ ਦਰਿਆ ਬਿਆਸ ਦੇ ਕੰਢੇ ਐਡਵਾਂਸ ਬੰਨ੍ਹ ਕੋਲ ਕਥਿਥ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਮਾਈਨਿੰਗ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਲਾਕੇ ਦੀ ਸਿਆਸਤਾ ਗਰਮਾ ਗਈ ਹੈ। ਮਾਈਨਿੰਗ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਫਲਾਇਿੰਗ ਸਕੁਐਡ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਕਾਰਵਾਈ ਦੌਰਾਨ ਰੇਤ ਨਾਲ ਭਰੇ ਦੋ ਟਿੱਪਰਾਂ, ਚਾਰ ਖਾਲੀ ਟਿੱਪਰਾਂ, ਇੱਕ ਪੋਕਲਾਈਨ ਮਸ਼ੀਨ ਅਤੇ ਕਰਾਹੇ ਵਾਲੇ ਟਰੈਕਟਰ ਦੀ ਬਰਾਮਦਗੀ ਨੇ ਜਿੱਥੇ ਮਾਈਨਿੰਗ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ’ਤੇ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਕੀਤੇ ਹਨ, ਉੱਥੇ ਹੀ ਹੁਣ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਆਗੂ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਕਬੱਡੀ ਪ੍ਰਮੋਟਰ ਇੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੋਸਨ ਨੇ ਵੀ ਸਬੰਧਤ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੀ ਕਾਰਜਪ੍ਰਣਾਲੀ ’ਤੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੀ ਝੜੀ ਲਗਾ ਦਿੱਤੀ ਹੈ। ਜੋਸਨ ਨੇ ਮੌਕੇ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲੈਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉੱਥੋਂ ਦੇ ਮੌਜੂਦਾ ਹਾਲਾਤ ਅਤੇ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਦਿਖਾਈ ਦੇ ਰਹੇ ਡੂੰਘੇ ਟੋਏ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਜਾਂਚ ਦੀ ਮੰਗ ਕਰਦੇ ਹਨ ਕਿ ਕੀ ਇੱਥੇ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਰੇਤ ਦੀKathਿਤ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਨਿਕਾਸੀ ਹੁੰਦੀ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਰੇਤ ਕੱਢੀ ਜਾਂਦੀ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸਰਕਾਰੀ ਮਾਲੀਏ ਨੂੰ ਕਰੋੜਾਂ ਰੁਪਏ ਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋਣ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਕੁਦਰਤੀ ਵਾਤਾਵਰਣ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਲਈ ਵੀ ਗੰਭੀਰ ਖਤਰਾ ਪੈਦਾ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਵਾਲ ਕੀਤਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਇੰਨੀ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਵਾਹਨ ਅਤੇ ਭਾਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਮੌਜੂਦ ਸੀ ਤਾਂ ਇਸ ਪੂਰੇ ਮਾਮਲੇ ਦੀਆਂ ਪਰਤਾਂ ਖੋਲ੍ਹਣ ਦੀ ਬਜਾਏ ਜਾਂਚ ਨੂੰ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਨਾਮਜ਼ਦ ਵਿਅਕਤੀ ਤੱਕ ਸੀਮਤ ਕਿਉਂ ਰੱਖਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ? ਉਨ੍ਹਾਂ मੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ kathit ਮਾਈਨਿੰਗ ਦੇ ਪਿੱਛੇ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਪੂਰੇ ਨੈੱਟਵਰਕ, ਵਾਹਨਾਂ ਦੇ ਮਾਲਕਾਂ, ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਦੇ ਮਾਲਕਾਂ ਅਤੇ ਇਸ ਕਾਰੋਬਾਰ ਤੋਂ kathît ਤੌਰ ’ਤੇ ਲਾਭ ਲੈਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਪਛਾਣ ਕਰਕੇ ਸੱਚਾਈ ਲੋਕਾਂ ਸਾਹਮਣੇ ਲਿਆਂਦੀ ਜਾਵੇ। ### 10-10 ਫੁੱਟ ਡੂੰਘੇ ਟੋਏ, ਆਖ਼ਰ ਕਿੰਨੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਸੀ ਇਹ ਕੰਮ? ਇੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੋਸਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਦਿੱਖਾਈ ਦੇ ਰਹੇ ਡੂੰਘੇ ਟੋਇਆਂ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਇਹ ਜਾਣਨਾ ਬੇਹੱਦ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਇੱਥੇ ਰੇਤ ਕੱਢਣ ਦੀਆਂ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਕਦੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਈਆਂ ਅਤੇ ਕਿੰਨੇ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਚੱਲਦੀਆਂ ਰਹੀਆਂ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮੁਤਾਬਕ, ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਮੌਜੂਦਾ ਹਾਲਤ ਨੂੰ ਦੇਖਦਿਆਂ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਨਿਰਪੱਖ ਜਾਂਚ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਕਿ ਕਿੰਨੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚੋਂ ਰੇਤ ਕੱਢੀ ਗਈ ਅਤੇ ਇਸ ਨਾਲ ਵਾਤਾਵਰਣ ਤੇ ਦਰਿਆਈ ਖੇਤਰੀ ਭੂਗੋਲਿਕ ਸਥਿਤੀ ’ਤੇ ਕੀ ਅਸਰ ਪਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਤੰਜ ਕੱਸਦਿਆਂ sਵਾਲ ਕੀਤਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਇੱਥੇ ਕଥਿਤ ਤੌਰ ’ਤੇ ਇੰਨੇ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਰੇਤ ਕੱਢੀ ਜਾਂਦੀ ਰਹੀ ਤਾਂ ਕੀ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਇਸ ਦੀ ਭਿਣਕ ਨਹੀਂ ਪਈ? ਕੀ ਭਾਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਅਤੇ ਟਿੱਪਰਾਂ ਦੀ ਆਵਾਜਾਈ ਕਿਸੇ ਦੀ ਨਜ਼ਰ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਆਈ? ਕੀ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਨਿਗਰਾਨੀ ਅਤੇ ਗਸ਼ਤ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਸਿਰਫ਼ ਕਾਗਜ਼ਾਂ ਤੱਕ ਹੀ ਸੀਮਤ ਸਨ? ਜੋਸਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਸਵਾਲ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਦੋਸ਼ੀ ਠਹਿਰਾਉਣ ਲਈ ਨਹੀਂ, sਗੋਂ ਪੂਰੇ ਮਾਮਲੇ ਦੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਕੜੀਆਂ ਸਾਹਮਣੇ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਹਨ। ਜੇਕਰ kathit ਨਾਜਾਇਜ਼ ਮਾਈਨਿੰਗ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਚੱਲ ਰਹੀ ਸੀ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਤੈਅ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਵੀ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਜਾਂ ਮਿਲੀਭੁਗਤ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣ ’ਤੇ ਕਾਨੂੰਨ ਅਨੁਸਾਰ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ### ਐਡਵਾਂਸ ਬੰਨ੍ਹ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ’ਤੇ ਖਤਰੇ ਦਾ ਖਦਸ਼ਾ, ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਦਾ ਕੀ ਬਣੇਗਾ? ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਚਿੰਤਾਜਨਕ ਪਹਿਲੂ ਦਰਿਆ ਬਿਆਸ ਦੇ ਬਿਲਕੁਲ ਨਾਲ ਲੱਗਦੇ ਐਡਵਾਂਸ ਬੰਨ੍ਹ ਅਤੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਦੀਆਂ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਵਾਲੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਹੈ। ਜੋਸਨ ਨੇ ਖਦਸ਼ਾ ਜਤਾਇਆ ਕਿ ਜੇਕਰ ਦਰਿਆ ਦੇ ਕੰਢੇ ਨੇੜੇ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਰੇਤ ਕੱਢੀ ਗਈ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਨਾਲ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਉਚਾਈ ਅਤੇ ਬਣਤਰ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਮੁਤਾਬਕ, ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਜ਼ਮੀਨ ਦਾ ਪੱਧਰ ਦਰਿਆ ਦੇ ਪੱਧਰ ਨਾਲੋਂ ਨੀਵਾਂ ਦਿਖਾਈ ਦੇਣ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨਾਲ ਜਾਂਚਿਆ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਭਵਿੱਖ ਵਿੱਚ ਦਰਿਆ ਬਿਆਸ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਦਾ ਪੱਧਰ ਵਧਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਬੰਨ੍ਹ ਅਤੇ ਨੇੜਲੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ’ਤੇ ਦਬਾਅ ਵਧਣ ਦਾ ਖਤਰਾ ਪੈਦਾ ਹੋ ਸਕਦਾ है। ਅਜਿਹੇ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀਆਂ ਫ਼ਸਲਾਂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚਣ, ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਦਰਿਆ ਦੀ ਮਾਰ ਹੇਠ ਆਉਣ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਆਰਥਿਕ ਨੁਕਸਾਨ ਝੱਲਣ ਦਾ ਖਦਸ਼ਾ ਬਣ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਜੋਸਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਕੁਦਰਤੀ ਆਫ਼ਤਾਂ ਅਤੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਨਾਲ ਜੁੜੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਦੀ ਕਥਿਤ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਕਮਾਈ ਦੀ ਲਾਲਸਾ ਕਾਰਨ ਦਰਿਆਈ ਖੇਤਰ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਨੂੰ ਖਤਰਾ ਪੈਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਨਤੀਜੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਭੁਗਤਣੇ ਪੈ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਸਬੰਧਤ ਤਕਨੀਕੀ ਅਤੇ ਮਾਈਨਿੰਗ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੇ ਮਾਹਿਰਾਂ ਦੀ ਟੀਮ ਮੌਕੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰੇ। zਮੀਨ ਦੀ ਉਚਾਈ, ਰੇਤ ਦੀ ਨਿਕਾਸੀ ਦੀ ਮਾਤਰਾ, ਬੰਨ੍ਹ ਤੋਂ ਦੂਰੀ ਅਤੇ ਸੰਭਾਵੀ ਨੁਕਸਾਨ ਦਾ ਵਿਗਿਆਨਕ ਮੁਲਾਂਕਣ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਜੋ ਕਿਸੇ ਵੀ ਸੰਭਾਵੀ ਖਤਰੇ ਨੂੰ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕੇ। ### ਛੇ ਟਿੱਪਰ, ਪੋਕਲਾਈਨ ਮਸ਼ੀਨ ਤੇ ਟਰੈਕਟਰ ਕਾਬੂ, ਪਰ ਕੇਸ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਨਾਮਜ਼ਦ ਕਿਉਂ? ਮਾਈਨਿੰਗ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਅਨੁਸਾਰ, ਖਿਜਰਪੁਰ ਨੇੜੇ ਕਾਰਵਾਈ ਦੌਰਾਨ ਦੋ ਟਿੱਪਰਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰੀਬ 800-800 ਸਕੇਅਰ ਫੁੱਟ ਰੇਤ ਲੱਦੀ ਹੋਈ ਮਿਲੀ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਇੱਕ ਟਿੱਪਰ ਦਾ ਚਾਲਕ ਮਾਈਕਲ ਪੁੱਤਰ ਸਰੂਪ, ਵਾਸੀ ਲੰਮਾ ਪਿੰਡ, ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਜਲੰਧਰ ਵਜੋਂ ਪਛਾਣਿਆ ਗਿਆ, ਜਦਕਿ ਦੂਜੇ ਟਿੱਪਰ ’ਤੇ ਨੰਬਰ ਪਲੇਟ ਨਹੀਂ ਸੀ ਅਤੇ ਉਸ ਦਾ ਚਾਲਕ ਮੌਕੇ ਤੋਂ ਫਰਾਰ ਹੋ ਗਿਆ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਚਾਰ ਖਾਲੀ ਟਿੱਪਰ, ਇੱਕ ਪੋਕਲਾਈਨ ਮਸ਼ੀਨ ਅਤੇ ਕਰਾਹੇ ਵਾਲਾ ਟਰੈਕਟਰ ਵੀ ਮਿਲਣ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ। ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਥਾਣਾ ਤਲਵੰਡੀ ਚੌਧਰੀਆਂ ਵਿਖੇ ਮੁਕੱਦਮਾ ਨੰਬਰ 76, ਮਿਤੀ 17 ਅਕਤੂਬਰ 2026 ਨੂੰ ਦਰਜ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹੈ। ਮਾਈਨਜ਼ ਐਂਡ ਮਿਨਰਲਜ਼ (ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਐਂਡ ਰੈਗੂਲੇਸ਼ਨ) ਐਕਟ, 1957 ਦੀ ਧਾਰਾ 21(1) ਤਹਿਤ ਦਰਜ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਮਾਈਕਲ ਨੂੰ ਨਾਮਜ਼ਦ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਦਕਿ ਸੱਤ ਹੋਰ ਅਣਪਛਾਤੇ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾਣੀ ਹੈ। ਇਸੇ ਕਾਰਵਾਈ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਜੋਸਨ ਨੇ ਸਵਾਲ ਉੱਠਾਇਆ ਕਿ ਜਦੋਂ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਛੇ ਟਿੱਪਰਾਂ ਸਮੇਤ ਭਾਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਮਿਲੀ ਤਾਂ ਕੀ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਨਾਮਜ਼ਦ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਅਣਪਛਾਤਾ ਦਰਜ ਕਰਨਾ ਪੂਰੇ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੈ? ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਾਂਚ ਦਾ ਮਕਸਦ ਸਿਰਫ਼ ਵਾਹਨ ਜ਼ਬਤ ਕਰਨਾ ਜਾਂ ਇਕ ਵਿਅਕਤੀ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਕੇਸ ਦਰਜ ਕਰਨਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ, ਸਗੋਂ ਇਹ ਪਤਾ ਲਗਾਉਣਾ ਵੀ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਵਾਹਨਾਂ ਦੇ ਅਸਲ ਮਾਲਕ ਕੌਣ ਹਨ, ਰੇਤ ਕਿੱਥੇ ਲਿਜਾਈ ਜਾਂਦੀ ਸੀ ਅਤੇ ਇਸ ਪੂਰੀ ਗਤੀਵਿਧੀ ਨੂੰ ਕੌਣ ਚਲਾ ਰਿਹਾ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਸੰਗਠਿਤ ਨੈੱਟਵਰਕ ਦੀ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਹਰ ਹਿੱਸੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਕਥਿਤ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਮਾਈਨਿੰਗ ਤੋਂ ਕਿਸ ਨੇ ਕਿੰਨਾ ਲਾਭ ਲਿਆ, ਰੇਤ ਦੇ ਖਰੀਦਦਾਰ ਕੌਣ ਸਨ ਅਤੇ ਇਸ ਕੰਮ ਲਈ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਕਿਸ ਨੇ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਈ—ਇਨ੍ਹਾਂ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਜਾਂਚ ਰਾਹੀਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ। “ਚਿੱਟੀ ਰੇਤ ਵਿੱਚੋਂ ਕਾਲੀ ਕਮਾਈ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਅਸਲ ਲੋਕ ਕੌਣ?” ਇੰਦਰਜੀਤ ਸਿਖ जोਸਨ ਨੇ ਤਿੱਖਾ ਸਵਾਲ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਮਾਈਨਿੰਗ ਸਾਬਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਹ ਪਤਾ ਲੱਗਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਚਿੱਟੀ ਰੇਤ ਦੀ ਆੜ ਵਿੱਚ ਕਥਿਤ ਤੌਰ ’ਤੇ ਕਾਲੀ ਕਮਾਈ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਅਸਲ ਲੋਕ ਕੌਣ ਸਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸੇ ਵੀ ਅਜਿਹੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ਼ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਮੌਜੂਦ ਚਾਲਕਾਂ ਤੱਕ ਜਾਂਚ ਸੀਮਤ ਨਹੀਂ ਰਹਿਣੀ ਚਾਹੀਦੀ; ਇਸ ਦੇ ਪਿੱਛੇ ਪੈਸਾ ਲਗਾਉਣ ਵਾਲਿਆਂ, ਵਾਹਨਾਂ ਦੇ ਮਾਲਕਾਂ ਅਤੇ ਕਥਿਤ ਤੌਰ ’ਤੇ ਕਾਰੋਬਾਰ ਚਲਾਉਣ ਵਾਲਿਆਂ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਵੀ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ. ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਇਸ ਪੂਰੇ ਘਟਨਾਕ੍ਰਮ ਪਿੱਛੇ ਸਿਆਸੀ ਸਰਪ੍ਰਸਤੀ ਹੋਣ ਦੇ ਸ਼ੱਕ ਦੀ ਵੀ ਜਾਂਚ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਵਾਲ ਕੀਤਾ ਕਿ ਕੀ ਇਸ ਕਥਿਤ ਗਤੀਵਿਧੀ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਦਾ ਸਿਆਸੀ ਜਾਂ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਕੀ ਸਹਾਰਾ ਹਾਸਲ ਸੀ? ਜੇਕਰ ਅਜਿਹਾ ਕੋਈ ਸਬੂ ਤ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਸਬੰਧਤ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਦੀ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਤੈਅ ਕੀਤੀ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਹਾਲਾਂਕਿ, ਸਿਆਸੀ ਜਾਂ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਕੀ ਸਰਪ੍ਰਸਤੀ ਬਾਰੇ ਲਗਾਏ ਗਏ ਦੋਸ਼ਾਂ ਦੀ ਸੁਤੰਤਰ ਪੁਸ਼ਟੀ ਹੋਣੀ ਅਜੇ ਬਾਕੀ ਹੈ। ਜੋਸਨ ਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਜਾਂਚ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਦਬਾਅ ਜਾਂ ਪ੍ਰਭਾਵ ਤੋਂ ਮੁਕਤ ਰੱਖਦਿਆਂ ਤੱਥਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਪੂਰਾ ਮਾਮਲਾ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ। ### ਬਾਹਰਲੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਦੀ ਟੀਮ ਨੇ ਕੀਤੀ ਕਾਰਵਾਈ, ਸਥਾਨਕ ਨਿਗਰਾਨੀ ਬਾਰੇ ਵੀ ਉੱਠੇ ਸਵਾਲ ਇਸ ਘਟਨਾਕ੍ਰਮ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਹੋਰ ਅਹਿਮ ਪੱਖ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਮਾਈਨਿੰਗ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਫਲਾਇਿੰਗ ਸਕੁਐਡ ਵੱਲੋਂ ਬਾਹਰਲੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦੀ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ਨਾਲ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਥਾਨਕ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਨਿਗਰਾਨੀ ਅਤੇ ਗਸ਼ਤ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਬਾਰੇ ਵੀ ਸਵਾਲ ਉੱਠ ਰਹੇ ਹਨ। ਜੋਸਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਦਰਿਆਈ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਇੰਨੇ ਵਾਹਨ ਅਤੇ ਭਾਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਮੌਜੂਦ ਸਨ ਤਾਂ ਇਹ ਪਤਾ ਲਗਾਇਆ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਸਥਾਨਕ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪਹਿਲਾਂ ਕੋਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸੀ ਜਾਂ ਨਹੀਂ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਅਤੇ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੀ ਪਿਛਲੀ ਗਸ਼ਤ, ਨਿਗਰਾਨੀ ਅਤੇ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਦੇ ਰਿਕਾਰਡ ਦੀ ਵੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਇਹ ਚਰਚਾ ਹੋਣੀ ਕਿ ਕਥਿਤ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਮਾਈਨਿੰਗ ਨੂੰ ਪੁਲਿਸ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਜਾਂ ਸਿਆਸੀ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸਰਪ੍ਰਸਤਤੀ ਹਾਸਲ ਸੀ, ਆਪਣੇ ਆਪ ਵਿੱਚ ਜਾਂਚ ਦੀ ਲੋੜ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦੀ ਹੈ। ਪਰ ਅਜਿਹੀਆਂ ਚਰਚਾਵਾਂ ਨੂੰ ਸੱਚ ਮੰਨਣ ਦੀ ਬਜਾਏ ਸਬੂਤਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਜਾਂਚ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਅਧਿਕਾਰੀ ਜਾਂ ਸਿਆਸੀ ਵਿਅਕਤੀ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਵੀ ਕਾਨੂੰਨ ਅਨੁਸਾਰ ਕਾਰਵਾਈ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ### ਜੋਸਨ ਦੀ ਮੰਗ—ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜੜ੍ਹ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚੋ, ਲੋਕਾਂ ਸਾਹਮਣੇ ਲਿਆਓ ਪੂਰਾ ਸੱਚ ਇੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੋਸਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਸਿਰਫ਼ ਵਾਹਨਾਂ ਦੀ ਬਰਾਮਦਗੀ ਅਤੇ ਮੁਕੱਦਮਾ ਦਰਜ ਕਰਨ ਤੱਕ ਸੀਮਤ ਨਹੀਂ ਰੱਖਿਆ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ kathit ਨਾਜਾਇਜ਼ ਮਾਈਨਿੰਗ ਦੀ ਮਾਤਰਾ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੋਏ ਸੰਭਾਵੀ ਸਰਕਾਰੀ ਮਾਲੀਏ ਦੇ ਨੁਕਸਾਨ, ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਸਥਿਤੀ, ਬੰਨ੍ਹ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਅਤੇ ਇਸ ਕਾਰੋਬਾਰ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹਰ ਵਿਅਕਤੀ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਨਾਲ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿਹੜੇ ਵੀ ਲੋਕ ਇਸ ਪੂਰੇ ਘਟਨਾਕ੍ਰਮ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਮ ਅਤੇ ਭੂਮਿਕਾ ਜਾਂਚ ਦੇ ਨਤੀਜਿਆਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਲੋਕਾਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ। ਨਾਲ ਹੀ, ਜੇਕਰ ਸਰਕਾਰੀ ਨਿਗਰਾਨੀ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਕਮੀ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਵੀ ਤੈਅ ਕੀਤੀ ਜਾਏ। ਮੰਡ ਖੇਤਰ ਦੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੇ ਹੁਣ ਕਈ ਅਹਿਮ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਹਨ—ਕੀ ਕਥਿਤ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਮਾਈਨਿੰਗ ਸਿਰਫ਼ ਕੁਝ ਚਾਲਕਾਂ ਤੱਕ ਸੀਮਤ ਸੀ ਜਾਂ ਇਸ ਪਿੱਛੇ ਕੋਈ ਵੱਡਾ ਨੈੱਟਵਰਕ ਕੰਮ ਕਰ ਰਿਹਾ ਸੀ? ਕੀ ਐਡਵਾਂਸ ਬੰਨ੍ਹ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਨੂੰ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਸੰਭਾਵੀ ਖਤਰੇ ਦਾ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਮੁਲਾਂਕਣ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ? ਕੀ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਸਿਆਸੀ ਸਰਪ੍ਰਸਤੀ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਕੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਦੇ ਦੋਸ਼ਾਂ ਦੀ ਵੀ ਪੜਤਾਲ ਹੋਵੇਗੀ? ਇਨ੍ਹਾਂ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਸਿਰਫ਼ ਜਾਂਚ ਪੂਰੀ ਹੋਣ ਅਤੇ ਤੱਥ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣ ਨਾਲ ਹੀ ਮਿਲ ਸਕਣਗੇ। ਹੁਣ ਦੇਖਣਾ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਸਬੰਧਤ ਏਜੰਸੀਆਂ ਜਾਂਚ ਨੂੰ ਕਿੰਨੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੱਕ ਲੈ ਕੇ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਮੰਡ ਖੇਤਰ ਦੀ ਜ਼ਮੀਨ, ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਹਿੱਤਾਂ ਤੇ ਦਰਿਆਈ ਬੰਨ੍ਹ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਨੂੰ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਕੀ ਕਦਮ ਚੁੱਕੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ।
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पुणे शिक्षक-मतदार क्षेत्र में प्रचार पर उदय सामंत की अप्रत्यक्ष टिप्पणी

Sangli, Maharashtra:पुणे शिक्षक व पदवीधार मतदार संघात,ज्या पद्धतीने प्रचार करत आहेत,ते पाहता दम देण्याचा प्रकार आहे,का ? - मंत्री उदय सामंतांचा भाजपावर अप्रत्यक्ष टीका.. पुणे शिक्षक व पदवीधर मतदार संघात,काही लोक ज्या पद्धतीने प्रचार करत आहेत,ते पाहता दम देण्याचा प्रकार आहे,का ? असं वाटत आहे,अश्या शब्दात शिवसेनेचे उद्योग मंत्री उदय सामंतांनी अप्रत्यक्षरित्या भाजपावर टीका केली आहे,तसेच आजपर्यंत प्रचाराचे चित्र वेगळा होतं,पण आज प्रचाराचे चित्र वेगळा आहे,असही मंत्री सामंत यांनी स्पष्ट केलं आहे.पुणे शिक्षक मतदार संघातील शिवसेना शिंदे पक्षाचे पुरस्कृत उमेदवार सचिन सानप यांच्या प्रचारार्थ आयोजित मेळाव्यात होते.
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