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राजस्थान में बाघों की संख्या 149 पहुंची, नई चुनौतियाँ सामने

Jaipur, Rajasthan:जयपुर- कभी राजस्थान में बाघों का अस्तित्व संकट में था… लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर खुशखबरी ये है कि प्रदेश में बाघों की संख्या बढ़कर 149 हो गई है. रणथम्भौर, सरिस्का, रामगढ़ विषधारी, मुकुंदरा हिल्स और धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस साल प्रदेश की 54 बाघिनों ने 53 शावकों को जन्म दिया है. सबसे ज्यादा 28 शावकों का जन्म सरिस्का में हुआ. वहीं रणथम्भौर अब भी प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर होम बना हुआ है। राजस्थान बना ‘बाघस्थान’ कुल बाघ – 149 पिछला साल – 135 एक साल में बढ़े – 14 बाघ वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बाघों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि जंगल स्वस्थ हो रहे हैं. रणथम्भौर देश के सबसे सफल टाइगर रिजर्व में गिना जाता है, जहां बाघों का सर्वाइवल रेट करीब 80 प्रतिशत है. लेकिन इस सफलता के साथ नई चुनौती भी सामने है. रणथम्भौर में अब बाघों की संख्या उसकी प्राकृतिक क्षमता से ज्यादा हो चुकी है. युवा बाघ नए इलाकों की तलाश में मुकुंदरा, रामगढ़ विषधारी और मध्यप्रदेश तक पहुंच रहे हैं। कहां कितने बाघ? रणथम्भौर – 72 सरिस्का – 56 इस साल जन्मे शावक – 53 सबसे ज्यादा शावक – सरिस्का (28) गांवों का पुनर्वास जरूरी- रणथम्भौर की सबसे चर्चित बाघिन ‘मछली’ की विरासत आज भी जिंदा है. उसके वंशजों ने सरिस्का, मुकुंदरा और रामगढ़ विषधारी में बाघों की नई आबादी बसाने में अहम भूमिका निभाई. मछली’ की विरासत ये है इसने 18 शावकों को जन्म दिया. 2013 में डाक टिकट जारी हुआ. जोगी महल में स्मारक बना. इसके बाद “मछली पुरस्कार” की शुरुआत हुई।
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राजस्थान में बाघों की संख्या 149 पहुंची, बाघस्थान बन गया

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान बना बाघस्थान, कभी 18 से 20 बाघों तक सिमटे राजस्थान में अब आंकड़ा 149 तक पहुंचा। जयपुर- कभी राजस्थान में बाघों का अस्तित्व संकट में था… लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर खुशखबरी ये है कि प्रदेश में बाघों की संख्या बढ़कर 149 हो गई है. हालांकि इस सफलता के साथ अब नई चुनौतियां भी सामने हैं। देखिए खास रिपोर्ट… बाघों की दहाड़ से गूंजा राजस्थान- कभी राजस्थान में बाघों का अस्तित्व 18-20 तक सिमटा था… आज 149 बाघों की दहाड़ से गूंज रहा है। रणथम्भौर, सरिस्का, रामगढ़ विषधारी, मुकुंदरा हिल्स और धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस साल प्रदेश की 54 बाघिनों ने 53 शावकों को जन्म दिया है। सबसे ज्यादा 28 शावकों का जन्म सरिस्का में हुआ। वहीं रणथम्भौर अब भी प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर होम बना हुआ है।
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मैनपुरी- लापता युवक का शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

Manoj Kumar ShakyaManoj Kumar ShakyaFollow6m ago
Mainpuri, Uttar Pradesh:मैनपुरी- लापता युवक का शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र में दो दिन से लापता एक मजदूर का शव खेत किनारे नाले में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना कुरावली थाना क्षेत्र के खेतुपुरा के पास की है। मृतक की पहचान 28 वर्षीय लोकेंद्र निवासी ग्राम नौरंगपुर के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक लोकेंद्र 27 जुलाई की शाम घर से खेतों की ओर गया था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह खेत किनारे नाले में एक युवक का शव पड़े होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान लोकेंद्र के रूप में की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
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सिकंद्राराऊ साइबर क्राइम टीम ने वापस कराए 10 हजार रुपये, पीड़ित ने जताया आभार

Mohammad RajaMohammad RajaFollow6m ago
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:सिकंद्राराऊ- थाना सिकंद्राराऊ की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए यूपीआई के माध्यम से गलत खाते में ट्रांसफर हुए 10 हजार रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराए हैं। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने हाथरस पुलिस एवं साइबर टीम का आभार व्यक्त किया। जानकारी के अनुसार मोहल्ला गड्ढा, पुरदिलनगर निवासी समीर पुत्र नसीर ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से गलती से 10,000 रुपये किसी अन्य खाते में चले गए थे। पुलिस अधीक्षक हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी सिकंद्राराऊ के नेतृत्व में थाना सिकंद्राराऊ की साइबर क्राइम टीम ने मामले को गंभीरता से लिया। शिकायत प्राप्त होते ही टीम ने धनराशि के ट्रांजेक्शन का विवरण जुटाया और लाभार्थी के बैंक खाते को डेबिट फ्रीज कराकर रकम को सुरक्षित कराया। साइबर टीम के लगातार प्रयासों और त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप 29 जुलाई 2026 को पीड़ित की पूरी 10 हजार रुपये की धनराशि उसके बैंक खाते में वापस करा दी गई। रुपये वापस मिलने पर समीर ने थाना सिकंद्राराऊ पहुंचकर पुलिस का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा साइबर क्राइम टीम की सराहना की। इस संबंध में पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें तथा अपना बैंक खाता नंबर, एटीएम पिन, ओटीपी, सीवीवी और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी या धोखाधड़ी का शिकार हों तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक शिव कुमार शर्मा एवं थाना सिकंद्राराऊ साइबर क्राइम पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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अलीगढ़ के गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ 2026 में भारत को रजत पदक दिलाया

Aligarh, Uttar Pradesh:अलीगढ़ की धरती ने एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है अतरौली तहसील के सिरसा गांव के होनहार धावक गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रचते हुए पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीत लिया है खास बात यह है कि इस स्पर्धा में भारत का यह पहला कॉमनवेल्थ पदक है बारिश और फिसलन भरे ट्रैक के बीच गुलवीर ने शानदार प्रदर्शन कर पूरी दुनिया में भारत का तिरंगा लहराया। गांव में खुशी का माहौल है और हर कोई अपने लाल की इस उपलब्धि पर गर्व कर रहा है कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अलीगढ़ के सिरसा गांव निवासी गुलवीर सिंह ने 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकालते हुए पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक अपने नाम किया यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि इस स्पर्धा में भारत को पहली बार पदक मिला है पदक मिलने के बाद गुलवीर के परिजनों में खुशी की लहर है भारतीय सेना की ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में जेसीओ के रूप में सेवा दे रहे गुलवीर ने खेल और देशसेवा दोनों में मिसाल कायम की है। उनकी इस सफलता से पूरे अलीगढ़ और देश में खुशी लहर है
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धमाकेदार घटना: घिरोर में अधेड़ पर Car से कुचला गया, CCTV में पूरी तस्वीर

Mainpuri, Uttar Pradesh:घर के बाहर सो रहे एक अधेड़ व्यक्ति को कार से कुचलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि कार चालक ने जानबूझकर अधेड़ के ऊपर से कार निकाल दी। पूरी घटना घर के बाहर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना के बाद घायल अधेड़ के परिजनों ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। मामला घिरोर थाना क्षेत्र के नई बस्ती मोहल्ला फर्रास का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता शबाना पत्नी समीर के मुताबिक, 27 जुलाई की रात उनके पिता रइसुद्दीन घर के बाहर लेटे हुए थे। इसी दौरान डॉ. यामीन के बेटे सोनू पर आरोप है कि उसने चार पहिया वाहन रइसुद्दीन के ऊपर से गाड़ी निकाल दी। घटना में रइसुद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी के मौके से फरार हो गया है।
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कुशीनगर के मेडिकल कॉलेज में जलभराव से मरीज परेशान; प्रशासन दावा करता है समाधान

Kushinagar, Uttar Pradesh:कुशीनगर के स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के संयुक्त जिला अस्पताल के एल-2 विंग में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से परिसर में गंदा पानी जमा हो गया है. मरीजों और उनके तीमारदारों को बदबूदार पानी से गुजरना पड़ रहा है. 100 बेड वाला अस्पताल मे प्रसूता और गंभीर रूप से बीमार महिलाएं भर्ती हैं. बरसात में हालत और बदतर हो जाते हैं. मेडिकल कॉलेज प्रशासन जल्द समाधान का दावा कर रहा है, लेकिन समयसीमा स्पष्ट नहीं है. अस्पताल परिसर में गंदा पानी कई दिनों से जमा है. जलनिकासी न होने से पानी पूरे परिसर में फैल गया है. बरसात के समय घुटनों तक पानी भर जाता है. संक्रमण का खतरा भी चिंता का विषय है. प्रशासन ने जल्द समाधान का भरोसा दिया है.
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खाद-यूरिया किल्लत पर किसानों ने भोपाल में मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देने की चेतावनी दी

Damoh, Madhya Pradesh:खाद की परेशानी से नाराज किसानों की दो टूक, भोपाल में मुख्यमंत्री के आवास पर देंगे धरना, किसानों को भटका रही सरकार, ई टोकन सिस्टम में गड़बड़ी से किसान हो रहे परेशान... एंकर/ एमपी में अलग अलग जगहों से आ रही किसानों की नाराजगी की खबरों के बीच जहां बड़ी संख्या में किसान भोपाल पहुंचे तो अब सूबे के दमोह जिले से भी किसान भोपाल पहुंचकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दे रहे है। किसानों की इस नाराजगी की वजह फिर एक बार खाद और यूरिया की कमी है और किसान एक एक बोरी खाद यूरिया के लिए भटक रहा है। कागजी आंकड़ों और दस्तावेजों में खाद यूरिया की भरपूर उपलब्धता की दलील देने वाले प्रशासन की दलील जमीनी तौर पर खोखली साबित हो रही है। एक बार फिर किसान सड़को पर आने की तैयारी ने है। दरअसल政府 ने खाद वितरण में पारदर्शिता लाने के लाने के लिए ई टोकन सिस्टम बनाया है और इस सिस्टम के तहत किसान आनलाइन टोकन प्राप्त कर रहा है और सरकारी खाद वितरण केन्द्रों के अलावा निजी विक्रेताओं से भी किसान उसी निर्धारित कीमत पर खाद खरीद सकता है और इस सिस्टम के तहत जहां वितरण केन्द्रों पर लंबी कतारें लगी है वहीं निजी विक्रेताओं के यहां स्टॉक ही नहीं है। खास बात ये है कि किसानों को बाकायदा टोकन जारी हो रहे है और आनलाइन सिस्टम के दुकानदारों के यहां स्टॉक भी शो कर रहा है और जब किसान अपने तय समय पर इन दुकानों में खाद लेने जाता है तो दुकानदार खाद यूरिया न होने की बात कहके उन्हें वापस लौटा रहे हैं। इस समस्या को लेकर किसान अब उन अधिकारियों के पास पहुंच रहे है जिन्होंने बार बार किसानों को समझाइश दी और कहा कि उन्हें भरपूर खाद मिलेगी। किसानों की माने तो ई टोकन मिलने के बाद वो निर्धारित तारीख और समय पर दुकानों पर पहुंच रहे हे कई कई घंटे इंतजार कर रहे हे लेकिन आखिरी में उन्हें बेरंग लौटा दिया जाता है। आक्रोशित किसान आत्महत्या जैसी धमकी के साथ भोपाल कूच करने की बात भी कर रहे हैं। इस मामले में विवादों में आ रहे दुकानदार कह रहे है कि उन्हें मिलने वाले स्टॉक से ज्यादा ई टोकन जारी करने वाले पोर्टल पर स्टॉक बताया जा रहा है और उनकी दुकान के नाम से टोकन भी जारी हो रहे है स्वाभाविक है किसान उनके पास तक आयेगा लेकिन जब उनके पास स्टॉक ही नहीं है तो वो कहां से किसानों को खाद यूरिया दे दें। उनके मुताबिक वो इस सम्बन्ध में तमाम जिम्मेदार अधिकारियों को बता चुके है लिखित में पत्र दे चुके है लेकिन महीने भर बाद भी सुधार नहीं हुआ और वो हर दिन परेशानियों से गुजर रहे है कई बार किसान इस कदर गुस्से में आ जाते है कि मारने तक कर आमादा हो जाते है और स्थिति खराब है। स्थानीय स्तर पर जिन अधिकारियों को इस सब का सामना करना है वो भी खासे परेशान है, अधिकारी की माने तो इन्हें टेक्निकल फाल्ट बताया जा रहा है और वो इसे लेकर बड़े ऑफिस तक बता चुके है और सारी कार्यवाही वहीं से होनी है। इस स्थिति में हालात बता रहे है कि आंकड़ों में दिखाने के लिए बाकायदा टोकन जारी हो रहे है स्टॉक है नहीं और किसान खाली हांथ है। अब सवाल यही है कि क्या वाकई टेक्निकल मिस्टेक है? यदि है तो जैसे दुकानदार बता रहे है कि वो 24 जून से इस बारे में बता रहे है तो महीने भर से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी ये टेक्निकल प्रॉबल्म खत्म क्यों नहीं हो पाई? क्या दावों को सच साबित करने के लिए ये आंकड़ों का खेल खेला जा रहा है ? कही ऐसा तो नहीं कि टेक्निकल इश्यू बताकर कोई बड़ा खाद घोटाला प्रदेश में तैयार हो रहा हो? बाइट/ प्रताप नारायण यादव ( कलेक्टर दमोह) बाइट/ किसान बंधु गण बाइट/ शैलेंद्र बड़कुल ( खाद विक्रेता तेंदूखेड़ा दमोह) बाइट/ विवेक व्यास ( तहसीलदार तेंदूखेड़ा दमोह)
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पटवारी एक दिवसीय हड़ताल: 3 अगस्त को पूरे छत्तीसगढ़ में अवकाश

Taga, Chhattisgarh:ब्रेकिंग जांजगीर-चांपा 3 अगस्त को प्रदेशभर के पटवारी सामूहिक अवकाश लेकर एक दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे विभागीय पदोन्नति, वेतन विसंगति और लंबित मांगों को लेकर राजस्व पटवारी संघ ने किया आंदोलन का ऐलान प्रांतीय आह्वान पर जांजगीर-चांपा सहित छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के पटवारी हड़ताल में शामिल होंगे जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने कहा— सभी पटवारी साथी एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाएं हड़ताल के कारण 03 अगस्त को नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, फौती, राजस्व अभिलेखों से जुड़े कई कार्य प्रभावित होने की संभावना संघ का आरोप है कि लंबे समय से विभागीय पदोन्नति और वेतन विसंगति की मांग लंबे समय से लंबित है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ पटवारी संघ ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आगे और बड़ी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी 3 अगस्त को प्रदेशभर में एक साथ पटवारी सामूहिक अवकाश लेकर शासन के खिलाफ अपनी नाराजगी दर्ज कराएंगे。
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Zee News ने चाप फैक्ट्री का पर्दाफाश, लोनी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापा

Noida, Uttar Pradesh:Zee News exclusive: चाप बनाने वाले फैक्ट्री का पर्दाफाश गयाज़ियाबाद के लोनी इलाके में खाद्य सुरक्षा विभाग ने आज छापा मारा। Zee News की खबरों के असर से फैक्ट्री मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है और सभी चाप फैक्ट्री के मालिक सतर्क हो गए हैं। 조사 के दौरान यह पाया गया कि फर्श पर चाप बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली तैयारी चल रही थी, और नई चौकी लगाकर खाद्य सुरक्षा विभाग की 눈ों से बचने की कोशिश की जा रही थी। विभाग ने चाप बनाने के स्थान से दो चौकी भी खोज निकालीं। फैक्ट्री के मालिक यूनिस का दावा है कि वे हाइजीनिक मानदंडों का पालन करते हैं, पर Zee News के कैमरे पर दिखा कि चाप बनाने की जगह पर गुटखे के पिक के निशान थे। टीम ने जानकारी दी कि वहां अनहाइजीनिक तरीके से चाप बनाए जा रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार चाप का सैंपल खाद्य सुरक्षा विभाग को जाँच के लिए भेजा गया है और फैक्ट्री का लाइसेंस एक महीने पहले समाप्त हो चुका है, जिसे वह जल्द ही रिन्यू कराने की बात कह रहे हैं।
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राजस्थान 2030 तक SDG लक्ष्य पाने के लिए तेज प्रगति, डेटा पर जोर

Jaipur, Rajasthan:प्रदेश में वर्ष 2030 तक निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने की दिशा में राज्य की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में सतत विकास लक्ष्य की राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक हुई। इसमें विभागों को नीति आयोग और राज्य के निर्धारित संकेतकों के अनुरूप योजनाओं एवं गतिविधियों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान ने पोषण, पेयजल सहित कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अभी और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने आयोजना विभाग को सभी संबंधित विभागों के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर वास्तविक और प्रमाणिक आंकड़े जुटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एसडीजी की प्रगति रिपोर्ट राज्य की वास्तविक स्थिति को प्रतिबिंबित करने वाली होनी चाहिए। इसके लिए आंकड़ों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने वर्ष 2025-26 तक के नवीनतम आंकड़ों को समयबद्ध तरीके से पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। साथ ही आंकड़ों में संगतता बनाए रखने और विभागों द्वारा लक्ष्य निर्धारित करते समय उनकी व्यवहारिकता का विशेष ध्यान रखने को कहा। बैठक में आयोजना विभाग के शासन सचिव रवि कुमार सुरपुर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से एसडीजी के तहत राज्य की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान को वर्ष 2030 तक निर्धारित 17 सतत विकास लक्ष्यों और 248 संकेतकों पर काम करना है। प्रस्तुतीकरण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में राज्य की मौजूदा स्थिति, निर्धारित लक्ष्य की दिशा में हुई प्रगति और उन क्षेत्रों की सूचना दी गई, जहां अतिरिक्त प्रयासों की आवश्यकता है। बैठक में संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, विभागाध्यक्ष एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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हाई Court ने संजय दत्त जन्मदिन निजी आयोजन की शर्तों के साथ अनुमति दी

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। फिल्म अभिनेता संजय दत्त का बर्थडे सेलिब्रेट करने के शौकीन प्रशंसकों के लिए छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट से राहत भरी खबर आई है। हाई कोर्ट ने बिलासपुर शहर से दूर एक निजी परिसर में संजय दत्त का जन्मदिन समारोह आयोजित करने की सशर्त अनुमति दी है। कोर्ट ने सख्त हिदायत दी है कि सार्वजनिक सड़क पर किसी भी तरह का व्यवधान या शोर-शराबा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जस्टिस एके प्रसाद के सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता गुरुदेव अवस्थी की याचिका पर सशर्त आदेश जारी किया है। याचिकाकर्ता गुरुदेव अवस्थी ने 29 जुलाई को अभिनेता संजय दत्त का जन्मदिन मनाने के लिए अनुविभागीय अधिकारी, बिलासपुर के समक्ष आवेदन दिया था। लेकिन एसडीएम ने 21 जुलाई 2026 को आवेदन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता ने पिछले वर्ष मध्य नगरी चौक बिलासपुर की मुख्य सड़क पर जश्न मनाया था, जिससे यातायात ठप हो गया था और कानून-व्यवस्था की स्थिति निर्मित हो गई थी। एसडीएम द्वारा जन्मदिन मनाने संबंधी आदेश ना देने पर गुरुदेव अवस्थी ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई जस्टिस एके प्रसाद के सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता चंद्रभूषण केशरवानी ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि इस बार कार्यक्रम किसी सार्वजनिक सड़क या चौक पर नहीं, बल्कि शहर से लगभग 7 किलोमीटर दूर कोनी स्थित द कंट्री क्लब के निजी और बंद हॉल में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कोर्ट को आश्वस्त किया कि कार्यक्रम से जनता को कोई परेशानी नहीं होगी और ध्वनि प्रदूषण तथा पर्यावरण से जुड़े सभी नियमों का पालन किया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए डिप्टी गर्वनमेंट एडवोकेट शोभित मिश्रा ने कहा चूंकि आयोजन स्थल अब एक निजी हाल है और याचिकाकर्ता शर्तों के पालन का शपथ पत्र दे रहा है, इसलिए प्रशासन को नियमानुसार अनुमति देने पर कोई आपत्ति नहीं है। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 29 जुलाई 2026 को संजय दत्त का जन्मदिन मनाने की सशर्त अनुमति दी है। सार्वजनिक रास्तों या सड़कों पर किसी भी तरह का अवरोध पैदा करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आयोजननों को ध्वनि प्रदूषण, पर्यावरण मानकों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी सभी प्रशासनिक शर्तों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। यदि याचिकाकर्ता द्वारा किसी भी नियम का उल्लंघन किया जाता है, तो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने की पूरी स्वतंत्रता होगी। बतायें, बीते वर्ष शहर के सबसे व्यस्तम इलाके में से एक मध्यनगरी चौक पर प्रशंसकों ने संजय दत्त का बर्थ डे सेलिब्रेट किया था। इसके चलते सड़क जाम की स्थिति बन गई थी। मीडिया में प्रकाशित खबरों को संज्ञान में लेते हुए हाई कोर्ट ने कलेक्टर सहित आला अधिकारियों को तलब कर नाराजगी जताई थी। हाई कोर्ट की नाराजगी के चलते एसडीएम ने इस बार जन्मदिन मनाने की अनुमति नहीं दी थी。
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