Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
भदरवाह में तीन दिन की बर्फबारी के बाद सामान्य जीवन बहाल करने की जंग
RRRAJA REHBER JAMAL
Jan 25, 2026 05:34:09
Forest Block,
Exclusive Ground Zero Report on After 3 Days of Snow Fury, Bhaderwah Struggles to Return to Normalcy, Vehicles Buried, Power & Water Supply Disrupted Normal life in Bhaderwah and its adjoining areas has come to a standstill after record-breaking heavy snowfall hit the region after a gap of a decade. Most roads continue to remain closed, while essential services like electricity and water supply have been disrupted for the last three days, causing severe inconvenience to the local population. The unprecedented snowfall has resulted in heavy accumulation of snow, burying vehicles and restricting movement across the town and nearby areas. After the first bright sunshine following three days of harsh and hostile weather, residents were seen clearing snow from rooftops and lanes, trying to restore normalcy to their daily life. With water supply badly affected, locals are collecting snow in buckets and using it to meet their daily needs. Meanwhile, the district administration has pressed men and machinery into service and started restoration and clearance operations on a war footing to ease the problems being faced by the public. Efforts are on to restore essential services, while authorities have advised people to remain cautious and avoid unnecessary travel in snow-bound areas.
0
comment0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
MMMAYANK MAYANK
Mar 11, 2026 23:16:26
Balotra, Rajasthan:जिला बालोतरा लोकगीतों की धुन पर झूमे मंत्री: बालोतरा के गैर महोत्सव में केके विश्नोई और विधायक अरुण चौधरी ने लगाए ठुमके बालोतरा में डेजर्ट ट्रेडिशनल आर्ट एंड यूथ सेंटर माली-सैनी समाज द्वारा हर साल की भांति इस वर्ष भी भव्य गैर महोत्सव एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजित समापन समारोह में लोक संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। पिछले 22 वर्षों से आयोजित हो रहे लोक विरासत होली फाग महोत्सव के माध्यम से मारवाड़ की लोक कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इस आयोजन के जरिए समाज की नई प्रतिभाओं को लोककला और परंपराओं से जोड़ा जाता है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम अब धीरे-धीरे बड़े स्तर पर आयोजित होने लगा है और इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं。 लोकगीतों की धुन पर मंत्री ने लगाए ठुमके समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री केके विश्नोई पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान जब गैर नृत्य और लोकगीतों की धुन गूंजने लगी तो मंत्री विश्नोई खुद को रोक नहीं पाए और कलाकारों के साथ मंच के सामने ठुमके लगाने लगे। इस दौरान एक नन्हे बच्चे के साथ भी उन्होंने जमकर डांस किया, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। वहीं पचपदरा विधायक डॉ. अरुण चौधरी ने भी कलाकारों के साथ जमकर नृत्य किया। विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन गैर महोत्सव के दौरान आंगी गैर, तलवार गैर, छतरी गैर, मटकी नृत्य और कालबेलिया नृत्य जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं राजस्थान के सुप्रसिद्ध भजन गायक प्रकाश माली सहित लोक कलाकार जबराराम माली, राजेश माली, भंवर गायणा, खुशाल माली और नरेश माली ने पारंपरिक लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय और सांस्कृतिक रंग में रंग दिया。 बाईट:-केके विश्नोई राज्य मंत्री बाईट:-डॉ अरूण चौधरी पचपदरा विधायक बाईट:-डूंगरराम माली अध्यक्ष
0
comment0
Report
NCNITIN CHAWRE
Mar 11, 2026 23:15:57
Katni, Madhya Pradesh:कटनी के रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र के बारगवां इलाके में चाकूबाजी की घटना को अंजाम देने वाले 6 आरोपियों में से 3 आरोपियों को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है जिसमें से दो आरोपी नाबालिक हैं। रंगनाथ नगर थाना प्रभारी अरुण पाल सिंह ने बताया कि 6 युवक, जिनमें से दो नाबालिक, इलाके में युवतियों से छेड़छाड़ कर रहे थे; उनका विरोध करने पर बदमाशों ने इलाके के चार युवकों पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में चार युवक घायल हुए थे; घायलों ने बताया कि बारगवां इलाके में कुछ युवक युवतियों से छेड़छाड़ कर रहे थे। जिसका विरोध वहां मौजूद युवकों करण, सोनू, कुडिप विश्वकर्मा, गुलाम मुईन और हेमंत ने किया। नाराज होकर 6 बदमाशों ने चाकू से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चार युवक घायल हो गए। घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां हेमंत की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जबलपुर रेफर कर दिया है; अन्य घायलों का उपचार कटनी में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही रंगनाथ नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। इस घटना के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है जिनमें से 2 नाबालिक हैं और अन्य 3 आरोपियों की तलाश जारी है; उन्हें भी जल्दी अरेस्ट किया जाएगा।
0
comment0
Report
MGMohd Gufran
Mar 11, 2026 23:15:33
Prayagraj, Uttar Pradesh:स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी के खिलाफ खोला मोर्चा, धंधेबाज और ब्लैकमेलर कहे जाने पर नाराज आशुतोष ब्रह्मचारी ने महंत रवींद्र पुरी को दी चेतावनी, कहा मेरा मुंह खुल गया तो सबको पता चल जाएगा महंत नरेंद्र गिरी की कैसे मौत हुई, निर्देश युवा संत आनंद गिरी को कैसे जेल भेजवाया गया और किसे अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष बनना था, इतना ही नहीं आशुतोष ब्रह्मचारी ने महंत रवींद्र पुरी के तीन आश्रमों की गतिविधियों को लेकर भी गम्भीर आरोप लगाए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर नाबालिग बटुकों का यौन शोषण करने का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी को लेकर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी द्वारा दिए गए बयान के बाद विवाद गहरा गया है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने महंत रवींद्र पुरी को चेतावनी दी है कि वह हमारा मुंह न खुलवाए। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा है कि महंत नरेंद्र गिरी की कैसे मौत हुई और किसने कराई, एक युवा निर्दोष संत आनंद गिरी को किसने जेल भेजवाया है, किसको अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष बनना था, यह हमको अच्छी तरह से पता है। इतना ही नहीं आशुतोष ब्रह्मचारी ने महंत रवींद्र पुरी को लेकर कहा है कि उनके आश्रम में क्या कुछ होता है, उन्हें अच्छे से सब पता है, मेरा मुंह खुल गया तो सबको पता चल जाएगा। आशुतोष ब्रह्मचारी ने महंत रवींद्र पुरी को चेतावनी देते हुए कहा कि मेरा मुंह मत खुलवाएं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नाबालिगों से दुष्कर्म किया है, सारे साक्ष्य हैं। रवींद्र पुरी को लेकर आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि आप ज्यादा नेतागिरी मत कीजिए, वरना बरेली, हरिद्वार और कनखल आश्रम में क्या होता है एक एक पोल खोल दूंगा। महिलाओं का कैसे उत्पीड़न किया जाता है और फिर पैसे के दम पर उन्हें शांत करा दिया जाता है। दरअसल उज्जैन में मीडिया से बातचीत करते हुए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने आशुतोष ब्रह्मचारी पर ही बच्चों के उत्पीड़न का आरोप लगा दिया। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि वह निर्दोष हैं, मेडिकल जांच में कोई भी पुष्टि नहीं हुई है वह नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हैं। इतना ही नहीं महंत रवींद्र पुरी ने आशुतोष ब्रह्मचारी को धंधेबाज और ब्लैकमेलर करार दिया। जिसके बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने महंत रवींद्र पुरी को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कई गंभीर आरोप भी महंत रवींद्र पुरी पर लगाए हैं।
0
comment0
Report
GYGAUKARAN YADU
Mar 11, 2026 19:00:36
Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा जिले में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में घर-घर नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का जारी है, जिले के चार ब्लॉकों में बेमेतरा, बेरला ,साजा, नवागढ़ के हर घर में नल कनेक्शन के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। बेमेतरा में 187, बेरला में 131, साजा में 185 और नवागढ़ में 185 गांवों में जल जीवन मिशन के तहत घरों की डेहरी तक पानी पहुंचाने हेतु योजनाएं बनाई गई हैं जिनमें लगभग 75 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल कर लिया गया है। योजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीणों की जिंदगियां खुशहाल होगी इसमें कार्य प्रगति में है लेकिन शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल करना अभी शेष है । बाइट 1 स्थानीय हितग्राही बाइट 2 स्थानीय हितग्राही बाइट 3 स्थानीय हितग्राही bाइट 4 स्थानीय हितग्राही bाइट 5 स्थानीय हितग्राही bाइट 6 प्रतिष्ठा ममगाई कलेक्टर बेमेतरा।
0
comment0
Report
KKKamal Kumar
Mar 11, 2026 19:00:23
Pakhanjur, Chhattisgarh:देश भर में सरकारें “हर घर जल” का दावा कर रही हैं लेकिन छत्तीसगढ़ के पखांजूर जिले से जो तस्वीर सामने आई है, वो इन दावों की परतें उधेड़ देती है। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल आपूर्ति योजना जल जीवन मिशन कोयलीबेड़ा ब्लॉक में दम तोड़ती नजर आ रही है। दावे बड़े हैं लेकिन हकीकत बेहद चौंकाने वाली। देखिए ये खास रिपोर्ट… कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक में जल आपूर्ति योजना की हकीकत सवालों के घेरे में है। बड़गाँव ग्राम पंचायत में बनी पानी टंकी से पंद्रह साल पुरानी पानी टंकी आज भी बेकार खड़ी है। जी हाँ...पंद्रह साल से। न टंकी से पानी आया…n न नलों से जल बहा…इसके बावजूद घर-घर पाइपलाइन बिछाई गई, नल लगाए गए,सीमेंटेड स्ट्रक्चर बनाए गए…लेकिन पानी की एक बूंद तक नहीं पहुँची। यानी पैसा बह गया, पानी नहीं। हैरानी की बात ये है कि बिना ज़मीनी निरीक्षण किए ही करीब 45 लाख रुपये पाइपलाइन विस्तार में खर्च कर दिए गए। सरकारी कागजों में योजना पूरी… लेकिन धरातल पर स्थिति शून्य। सरकारी दावे सूखे पड़े हैं और ग्रामीणों के गले भी। हालात इतने बदतर हो गए कि ग्रामीणों को खुद अपनी जेब ढीली करनी पड़ी। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि योजना सही तरीके से लागू होती तो उन्हें निजी संसाधनों से पानी की व्यवस्था नहीं करनी पड़ती। सरकार का नारा हर घर जल लेकिन कांकेर जिले के पखांजूर में ज़मीनी सच्चाई हर घर छल बनती जा रही है। कोयलीबेड़ा ब्लॉक के कई गांवों में सरकारी जल योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। बड़गाँव हो… पाकुँलकाल हो… या हीदम, हर जगह तस्वीर लगभग एक जैसी है। पानी टंकियां बनीं, पाइपलाइन बिछाई…घर-घर नल लगाए गए…लेकिन नलों से पानी की एक बूंद तक नहीं सरकारी योजना के बोर्ड जरूर लगे हैं पर नलों में पानी नहीं। कोयलीबेड़ा ब्लॉक में जल जीवन मिशन के तहत क्रेड़ा विभाग से 526 सोलर सिस्टम टंकी बनी और phe से 128 टंकी का निर्माण हुआ। अधिकांश गांवों में पानी टंकियां बनाई गईं। घर-घर पाइपलाइन बिछाई गई। नल कनेक्शन भी लगाए गए। लेकिन नलों से पानी नहीं पहुँच रहा। इसका सीधा मतलब — “हर घर नल” की योजना पूरी तरह विफल साबित हो रही है। घर के नल बेकार पड़े हैं। मजबूरन लोग पानी टंकी के पास जाकर बर्तन और बाल्टियों में पानी भरकर ला रहे हैं। यानि सरकार ने सुविधा घर तक देने का दावा किया, लेकिन ग्रामीणों को फिर उसी पुराने तरीके से ढो-ढोकर पानी लाना पड़ रहा है। कई ग्रामीणों का कहना है कि नल तो शोपीस बन गए हैं, पानी आज भी दूर है। एंकर आउट्रो—ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन ईन सवालों का जवाब कब देता है.
0
comment0
Report
DKDebojyoti Kahali
Mar 11, 2026 18:49:39
0
comment0
Report
PSPIYUSH SHUKLA
Mar 11, 2026 18:49:26
Panna, Madhya Pradesh:केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसानों का बड़ा प्रदर्शन। रात 11 बजे तक कलेक्ट्रेट में 1500 किसान से अधिक धरने पर बैठे। पुरुष, महिलाएं और बच्चे भी रात में कलेक्ट्रेट परिसर में डटे। पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगांय डैम और रुंझ डैम से प्रभावित किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे बड़ी संख्या में किसान पन्ना कलेक्ट्रेट पहुँचना शुरू हुआ और धरने पर बैठ गए। अभी रात तक लगभग 1500 किसान परिवार कलेक्ट्रेट परिसर में डटे हुए हैं। प्रदर्शन में पुरुषों के साथ महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। किसानों का आरोप है कि उनकी खेती और मकान की जमीन अधिग्रहित कर ली गई है, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा और प्रति वोटर के हिसाब से पैकेज नहीं मिला। किसान पन्ना कलेक्टर से मुलाकात और आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं।
0
comment0
Report
RKRupesh Kumar
Mar 11, 2026 18:48:47
Betul, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से आदिवासी अधिकारों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत मिलने वाले अधिकारों के पालन की मांग को लेकर आदिवासी समाज अब खुलकर सामने आ गया है। समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि पिछले 76 वर्षों में राज्यपाल कार्यालय की ओर से आदिवासियों के हित में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। इसी को लेकर आज बैतूल में आदिवासी संगठनों ने कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। दरअसल आदिवासी संगठनों का कहना है कि प्रदेश के कई वनग्रामों को जनवरी 2008 के बाद भी राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं दिया गया है। जबकि वर्ष 1980-81 में तैयार किए गए पटवारी मानचित्र, खसरा पंजी, निस्तार पत्रक और अतिक्रमण पंजी के आधार पर ग्रामीणों को अधिकार मिलना चाहिए था, लेकिन आज तक उन्हें इन अधिकारों से वंचित रखा गया है। आदिवासी समाज का आरोप है कि वनग्रामों में सीमांकन और सत्यापन करने के बजाय गांव के रकबे को कम करके कार्रवाई की जा रही है। वहीं पटवारी मानचित्र और अधिकार अभिलेखों में दर्ज जंगल, पहाड़, चट्टान और घास मद की जमीनों का नियंत्रण भी अब तक ग्रामसभा और ग्राम पंचायत को नहीं सौंपा गया है। आदिवासी संगठनों का कहना है कि आरक्षित वन क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल, धार्मिक परंपराओं और आजीविका से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थान मौजूद हैं, लेकिन इन पर सामुदायिक वन अधिकार अब तक ग्रामवासियों को नहीं दिए गए हैं। आदिवासी संगठनों की मांग है कि वनग्रामों को जल्द से जल्द राजस्व ग्राम का दर्जा दिया जाए और ग्राम सभाओं को सामुदायिक वन अधिकार सौंपे जाएं। अब देखना होगा कि प्रशासन और राज्यपाल कार्यालय इस मांग पर क्या कदम उठाते हैं।
0
comment0
Report
DKDeepesh Kumar
Mar 11, 2026 18:47:55
0
comment0
Report
Advertisement
Back to top