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KHKHALID HUSSAIN2 Sept 2025, 04:46 pm

हिमालय में घातक GLOF संकट: क्या हम बाढ़ से बच सकते हैं?

Chaka, ( TVU 9 ) EXCLUSIVE REPORT हिमालय में अब बहु-घटकीय आपदाएँ विकसित हो रही हैं। हर गुजरते दिन के साथ खतरा बढ़ता जा रहा है। जलवायु वैज्ञानिकों ने दिए संकेत जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के क्षेत्रों ने चरम मौसम की घटनाओं के कारण रिकॉर्ड स्तर पर सबसे घातक अगस्त का अनुभव रहा है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विनाशकारी बादल फटने और भूस्खलन की एक श्रृंखला ने 130 से अधिक लोगों की जान ले ली। अब एक हालिया जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई है, जो इस क्षेत्र में जलवायु संबंधी आपदाओं के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता को उजागर करती है। मौसम वैज्ञानिकों का सुझाव है कि हम बाढ़, भारी वर्षा, भूस्खलन और बादल फटने के मिश्रण वाली बहु-घटकीय आपदाओं का सामना कर रहे हैं। टिकटैक डॉ. रियाज़ अहमद मीर (जलवायु वैज्ञानिक और शोधकर्ता) ने कहा, "हम बहुत बारिश और बादल फटने की घटनाएँ देख रहे हैं। सबसे पहले इसने रामबन को प्रभावित किया, फिर उत्तराखंड में हमने हिमाचल में नुकसान देखा, फिर जम्मू कश्मीर में हमने जम्मू में भारी वर्षा देखी और बहुत नुकसान हुआ। यह सब जलवायु परिवर्तन के कारण है। बादल फटने की आवृत्ति भी बढ़ गई है और अगर हालात ऐसे ही रहे तो यह और भी ज़्यादा होगा।" उन्होंने कहा, "मैं कहना चाहता हूँ कि पूरे हिमालय में ग्लेशियरों में बर्फ है और हम उस पर निर्भर हैं, लेकिन ग्लोबल वार्मिंग के कारण ये ग्लेशियर पिघल रहे हैं और इनसे बनने वाला पानी हिमालय में जमा हो जाता है जहाँ उन्हें जगह मिलती है और ग्लेशियरों की झीलें बढ़ रही हैं और पहले से मौजूद झीलें का पानी बढ़ने पर वो फैल रही हैं। इन झीलों के सिरे जो इसे असंगठित करते हैं, टूट जाते हैं और अचानक बाढ़ आ जाती है, कभी-कभी बादल फटते हैं, भूस्खलन इसे ट्रिगर करते हैं और ये सभी चीजें जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ रही हैं। जम्मू कश्मीर में हमारी कई झीलें जलवायु परिवर्तन के कारण भी असुरक्षित हो गई हैं और जब पानी नीचे आता है तो यह मनुष्यों को प्रभावित करता है। अभी जो कुछ भी हो रहा है, चाहे वह भारी बारिश हो। बादल फटना, भूस्खलन, बाढ़, ये सब अब एक मिश्रित रूप में घटित हो रहे हैं। हम कह सकते हैं कि हिमालय में अब कई घटकों वाली आपदाएँ विकसित हो रही हैं। खतरा बढ़ रहा है, जैसा कि आप ने दराली में देखा हैं, हमने पैडर में भी देखा। रिपोर्ट इस बात पर ज़ोर देती है कि बढ़ते वैश्विक तापमान के कारण ग्लेशियरों के तेज़ी से पिघलने से केंद्र शासित प्रदेश में ग्लेशियल झीलों की संख्या और आकार दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार की निगरानी समिति ने जम्मू-कश्मीर और ऊपरी सिंधु क्षेत्र में 197 ग्लेशियल झीलों की पहचान उच्च जोखिम वाली के रूप में की है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा काफ़ी बढ़ गया है। TICTAC के साथ कश्मीर विश्वविद्यालय के पृथ्वी विज्ञान विभागाध्यक्ष, प्रोफ़ेसर गुलाम जिलानी ने कहा, "यह सब जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के कारण हो रहा है, और आपने सही कहा कि बादल फटने की आवृत्ति बढ़ गई है। बादल फटना पहले भी होता था और एक और चीज़ है ग्लोफ़, लेकिन अब ये विनाशकारी क्यों हो गए? यह एक बड़ा सवाल है? मैं आपको बताता हूँ कि बादल फटना या ग्लोफ़ आपदा क्यों बन गया है। जब पहाड़ों में बारिश होती है, तो वह पहाड़ों के जलग्रहण क्षेत्र में एक साथ बह जाती है। प्रकृति ने पहाड़ों में रास्ते बनाए हैं, जहाँ से पानी बहता है। हज़ारों सालों से पहाड़ों से बहता यह पानी अपने साथ तलछट लेकर आया है और एक ऐसा क्षेत्र बनाया है जिसे भूवैज्ञानिक भाषा में हम फैन क्षेत्र कहते हैं। हमने क्या किया, हमने इस समतल क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया और घर बना लिए, अगर यह राजमार्ग पर है तो हमने होटल बना लिए और अब जब अब पहाड़ों में हल्की बारिश होती है, तो यह इस समतल क्षेत्र तक पहुँच जाती है जहाँ निर्माण कार्य हुआ है, यह पूरे निर्माण क्षेत्र को बहा ले जाती है जो एक आपदा में बदल जाता है। एक और ख़तरा: ग्लोफ़, हमारे पास ग्लेशियर झील है, वास्तव में ग्लेशियर झील क्या है, वे ऊँचाई पर स्थित झीलें जो ग्लेशियरों से ढकी हुई होती थी, अब जब ग्लेशियर पिघल रहे हैं तो पानी वहाँ गड्ढा बना रहा है। जो क्षेत्र ग्लेशियर को अवरुद्ध करता है वो मज़बूत नहीं होता। जब यह टूटता है तो यह तो सारा पानी एक साथ नीचे आ जाता है। चिनाब क्षेत्र में कुछ झील अस्थिर है। ज़ांस्कर की तरफ कुछ झीलें असुरक्षित हैं, वहाँ भी खतरा है। इसका कारण यह है कि हमने नदियों और जलाशयों के किनारों पर अतिक्रमण कर लिया है। अगर हमें इस आपदा से खुद को बचाना है, तो हमें किसी भी शहरीकरण से पहले विशेषज्ञों से सलाह लेनी होगी। रिपोर्ट में किश्तवाड़ जिले को सबसे संवेदनशील क्षेत्र के रूप में पहचाना गया है, जहाँ जम्मू और कश्मीर में सबसे अधिक ग्लेशियल झीलें हैं। किश्तवाड़ में, चार झीलें—मुंडिकसर, हंगू, पाटला पानी और एक अनाम झील—को असुरक्षित के रूप में वर्गीकृत किया गया है। राजौरी, गंदेरबल और अनंतनाग जैसे अन्य जिलों में भी कई उच्च-जोखिम वाली ग्लेशियल झीलें हैं। अधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले में चसोटी बादल फटना और उत्तराखंड में उत्तरकाशी बादल फटना मुख्य रूप से तीव्र स्थानीय वर्षा के कारण ग्लेशियल झीलों के फटने से विस्फोट बाढ़ (GLOF) के कारण हुआ था। चल रही जाँच से पता चलता है कि इन क्षेत्रों में उच्च जोखिम वाली ग्लेशियल झीलें, जो तेज़ी से पिघल रहे है के कारण और भी खतरा बढ़ गया हैं, और यह GLOF में योगदान कर सकती हैं। जम्मू-कश्मीर सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में GLOF जोखिमों से निपटने के लिए एक तकनीकी रूप से उन्नत दृष्टिकोण अपनाया है। 2024-25 के लिए GLOF प्रबंधन योजना में कई शमन रणनीतियों की रूपरेखा दी गई है। ग्र्फ़्स इन 1. Continuous Monitoring: High-risk lakes will be monitored using satellite imagery and ground expeditions. 2. Early Warning Systems: Deployment of systems to alert downstream communities of potential floods. 3. Engineering Interventions: Reinforcement of unstable moraine dams and construction of drainage channels to manage excess water. 4. Risk Mapping: Comprehensive mapping to identify vulnerable areas susceptible to flooding. 5. Community Preparedness Programs: Training locals in emergency response to enhance community resilience. ग्र्फ़्स आउट क्षेत्र भर में योजना के सफल क्रियान्वयन और उसकी सुरक्षा के लिए स्थानीय अधिकारियों, आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों और समुदाय के सदस्यों के बीच सहयोग आवश्यक है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के लिए कदम नहीं उठाए गए तो यह आने वाले भविष्य में और भी घातक होगा और इसके विनाशकारी परिणाम सामने आएंगे, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में, जो एक साथ हजारों लोगों की जान ले सकते हैं। खालिद हुसैन ज़ी मीडिया कश्मीर
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इटियाथोक उपडाकघर से बैग में रखी 50 हजार का नगदी भी बरामद किया है

Itia Thok, Uttar Pradesh:इटियाथोक। उपडाकघर से गुरुवार दोपहर को डाक विभाग के एक अभिकर्ता का बैग में रखा पचास हजार रुपया चोरी हो गया। चोरी की वारदात के बाद उप डाकघर कार्यालय में घंटों अफरातफरी का माहौल रहा।सूचना पर पहुंची डायल 112 व कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।पीड़ित ने अज्ञात के खिलाफ स्थानीय थाने में तहरीर दी है। *घटना का विवरण* इटियाथोक थाना क्षेत्र के अयाह गांव निवासी संत प्यारे तिवारी ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि वह गुरुवार सुबह करीब दस बजे इटियाथोक उपडाकघर के कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने अपने बैग में पचास हजार रुपये डाकखाने में जमा करने के लिए रखे थे। *चोरी की प्रक्रिया* आरोप है, कि वह अपना बैग टेबल पर रखकर सामने काउंटर पर चले गए।थोडी ही देर बाद लौटने पर बैग में रखा सारा रुपया गायब मिला। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं हो सकी। *सीसीटीवी फुटेज और पुलिस कार्रवाई* इटियाथोक उप डाकघर में उप पोस्टमास्टर पद पर कार्यरत कमलेश कुमारी वर्मा ने बताया कि यहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है, उच्चाधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से कई बार सीसीटीवी कैमरा लगवाने के लिए अवगत कराया जा चुका है । मौके पर मौजूद कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि यहां सीसीटीवी कैमरा न होने से लोगों के बीच चोर उचक्कों का भय बना रहता है। लोगों का कहना है कि यहां किसी गार्ड की भी तैनाती नहीं है। इस घटना के बाद से उपभोक्ताओं में आक्रोश देखा जा रहा है।
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हाथरस में भीषण अग्निकांड: MTC शोरूम की रेडीमेड कपड़ा फैक्ट्री में लगी आग, मची अफरा-तफरी

GOVIND CHAUHANGOVIND CHAUHANFollow7m ago
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस सदर कोतवाली क्षेत्र के गौशाला रोड पर स्थित MTC कपड़े वालों के शोरूम और उसकी ऊपरी मंजिल पर बनी रेडीमेड कपड़ा फैक्ट्री में आज अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। इस अचानक हुए हादसे से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते इसने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, फैक्ट्री में रखे महंगे रेडीमेड कपड़ों और मशीनरी के जलने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को तुरंत अवगत कराया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मी और स्थानीय पुलिस आग पर काबू पाने के लिए लगातार मशक्कत कर रहे हैं। सकरे रास्ते और आग की भीषण लपटों के कारण दमकल कर्मियों को आग बुझाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घटनास्थल के आसपास घनी आबादी होने के कारण लोगों में भारी दहशत फैल गई। दमकल कर्मियों द्वारा आग पर पूरी तरह काबू पाने के प्रयास लगातार जारी हैं। गनीमत यह रही कि इस घटना में अभी तक किसी भी प्रकार की जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आग लगने के असली कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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कृष्णनगर-करिमपुर बस में अचानक आग, यात्रियों में भगदड़; दमकल ने नियंत्रण पाया

ADAnup Das55m ago
Krishnanagar, West Bengal:কৃষ্ণনগর-করিমপুর রুটের চলন্ত বাসে আচমকা আগুন! আতঙ্কে যাত্রীরা, ঘটনাস্থলে দমকল। কৃষ্ণনগর থেকে করিমপুর যাওয়ার পথে যাত্রীবোঝাই বেসরকারি বাসে আচমকা আগুন! আচমকা বাস থেকে আগুনের ফুলকি বেরোতে দেখেই আতঙ্ক ছড়িয়ে পড়ে যাত্রীদের মধ্যে। মুহূর্তের মধ্যে বাস থামিয়ে যাত্রীদের নিরাপদে নামিয়ে দেওয়া হয় বলে স্থানীয় সূত্রে জানা গিয়েছে। ঘটনাটি ঘটেছে কৃষ্ণনগর-করিমপুর রাজ্য সড়কের ঘূর্ণি হালদারপাড়া এলাকায়। স্থানীয় সূত্রের খবর, কৃষ্ণনগরের দিক থেকে করিমপুরের দিকে যাচ্ছিল ওই বেসরকারি যাত্রীবাহী বাসটি। হঠাৎই বাসের কোনও একটি অংশ থেকে আগুনের ফুলকি দেখা যায়। বিষয়টি নজরে আসতেই বাসের ভিতরে থাকা যাত্রীদের মধ্যে আতঙ্ক তৈরি হয়। এরপর দ্রুত খবর দেওয়া হয় দমকল বিভাগে। খবর পেয়ে ঘটনাস্থলে পৌঁছয় দমকলের একটি ইঞ্জিন। তৎপরতার সঙ্গে আগুন নিয়ন্ত্রণে আনে দমকলকর্মীরা। প্রাথমিকভাবে জানা যাচ্ছে, ঘটনায় বড়সড় কোনো ক্ষয়ক্ষতি হয়নি এবং যাত্রীরাও নিরাপদে রয়েছেন। তবে ঠিক কী কারণে চলন্ত বাসে আগুনের সূত্রপাত হল, তা এখনও স্পষ্ট নয়। যান্ত্রিকত্রুটি, বৈদ্যুতিক গোলযোগ নাকি অন্য কোনও কারণে আগুন—তা খতিয়ে দেখা হচ্ছে। গোটা ঘটনার তদন্ত শুরু করেছে দমকল বিভাগ ও পুলিশ। চলন্ত যাত্রীবাহী বাসে আচমকা আগুনের ঘটনায় স্বাভাবিকভাবেই প্রশ্ন উঠছে বাসটির রক্ষণাবেক্ষণ এবং নিরাপত্তা ব্যবস্থা নিয়ে। ঘটনার পর এলাকায় কিছুক্ষণ যানবাহন চলাচল বন্ধ হয়ে ছিল।
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बारुईपुर में शराब पीने से दो की मौत, एक अस्पताल में भर्ती

Jainagar, Bihar:মদ খাওয়ার পর দু’জনের মৃত্যু, অসুস্থ আরও একজন—বারুইপুরে চাঞ্চল্য দক্ষিণ ২৪ পরগনার বারুইপুরে মদ খাওয়ার পর দু’জনের মৃত্যুর ঘটনায় চাঞ্চল্য ছড়িয়েছে। অসুস্থ অবস্থায় আরও একজন বারুইপুর মহকুমা হাসপাতালে চিকিৎসাধীন。 ঘটনাটি ঘটেছে বহড়ুর শানপুকুর এলাকায়। অভিযোগ, বৃহস্পতিবার দুপুর থেকে বুবাই হালদারের পোল্টোry ফার্মে মদের আসর বসেছিল। সেখানে বুবাই হালদার, সাকাত শেখ ও নাসির শেখ মদ খাচ্ছিলেন। পরিবারের দাবি, মদের বোতলের পাশে রাখা একটি বোতলকে জল ভেবে তাঁরা সেখান থেকে কিছু খেয়ে ফেলেন। এরপরই তিনজন অসুস্থ হয়ে পড়েন。 তিনজনকে হাসপাতলে নিয়ে যাওয়া হয়। পদ্মেরহাট গ্রামীণ হাসপাতালে মৃত্যু হয় ৩২ বছর বয়সি বুবাই হালদারের। পরে বারুইপুর মহকুমা হাসপাতালে মৃত্যু হয় ৫২ বছর বয়সি সাকাত শেখের।另দিকে, নাসির শেখ বর্তমান বারুইপুর মহকুমা হাসপাতালে চিকিৎসাধীন。 পরিবারের সদস্যদের অভিযোগ, ওই বোতলের মধ্যে কোনও রাসায়নিক বা অন্য কোনও পদার্থ মেশানো ছিল। তা খাওয়ার পরই বিষক্রিয়া হয়ে দু’জনের মৃত্যু হয়েছে বলে তাঁদের দাবি। পাশাপাশি, পদ্মেরহাট গ্রামীণ হাসপাতালে সঠিক সময়ে উপযুক্ত চিকিৎসা হলে বুবাই হালদারকে বাঁচানো সম্ভব হত বলেও অভিযোগ পরিবারের。
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कोटा में मतदान से पहले वायरल वीडियो पर सवाल, प्रचार सामग्री की आशंका

Kota, Rajasthan:कोटा। कल सुबह नगर निगम चुनाव के लिए मतदान होना है और उससे ठीक कुछ घंटे पहले रात को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक युवक हाथ में थैला लिए दिखाई दे रहा है और उसके साथ एक बॉक्स भी नजर आ रहा है। युवक घर-घर जाकर लोगों को कुछ सामान बांटता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में पीछे से एक आवाज भी सुनाई देती है- “गिफ्ट बांट रहे हो या रिश्वत बांट रहे हो?” वीडियो को कोटा का बताया जा रहा है, लेकिन फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है कि यह वीडियो वास्तव में कोटा का ही है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि अगर वीडियो कोटा का है तो यह किस वार्ड का है और वीडियो में दिखाई दे रहा युवक कौन है। चुनाव से ठीक पहले वायरल हुए इस वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर घर-घर क्या बांटा जा रहा था? क्या यह चुनावी प्रचार सामग्री या कोई उपहार था, अथवा वोटरों को प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर कोई अन्य सामग्री बांटी जा रही थी? फिलहाल वीडियो की सत्यता और स्थान की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।
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सहारनपुर में अवैध खनन पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई, 12 वाहन सीज

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में अवैध खनन और खनन सामग्री के अवैध परिवहन के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना मिर्जापुर पुलिस ने बिना रॉयल्टी और वैध प्रपत्रों के खनन सामग्री का परिवहन करते हुए 11 डम्फर और 1 जेसीबी समेत कुल 12 वाहनों को सीज किया है। पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के निर्देशन में जिले में अवैध खनन और खनन सामग्री के अवैध परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी बेहट के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी मिर्जापुर विनोद कुमार के नेतृत्व में 09/10 सितंबर की रात गन्देवड़–हथनीकुण्ड और गन्देवड़–बादशाहीबाग मार्ग पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने खनन सामग्री से भरे कई वाहनों को रोककर जांच की। प्रारंभिक जांच में वाहनों में बिना रॉयल्टी, अवैध प्रपत्र, ओवरलोडिंग और कुछ वाहनों पर बिना नंबर प्लेट जैसी अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद पुलिस ने सभी 12 वाहनों को सीज कर थाना परिसर में खड़ा करा दिया। सीज किए गए वाहनों में UP11CT8186, UP11AT8930, UP11CT8160, UP11CT2330, HR58E3022, HR58E6063, UP11DT1411 समेत कई डम्फर शामिल हैं। वहीं HR58E9326, HR58E8268, HR58C1032 और HR58E1717 डम्फर बिना नंबर प्लेट के पाए गए। इसके अलावा UP11DT7278 नंबर की एक जेसीबी भी सीज की गई है। पुलिस ने बताया कि मामले में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजी जा रही है। कार्रवाई करने वाली टीम में थाना प्रभारी विनोद कुमार, उपनिरीक्षक मुकेश सोलंकी, उपनिरीक्षक नरेश कुमार समेत थाना मिर्जापुर पुलिस के अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
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सीहौर में क्लोरीन गैस रिसाव: ग्रामीणों में दहशत, अस्पतालों में भर्ती मरीज

Sehore, Madhya Pradesh:सीहौर ब्रेकिंग सीहौर में एक बार फिर क्लोरीन गैस लीक होने से हड़कंप सीहौर जिले के ग्राम लसुड़िया खास स्थित पानी फिल्टर प्लांट में आज एक बार फिर क्लोरीन गैस के रिसाव की सूचना से अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि तालाब के पानी को साफ करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले क्लोरीन गैस के कुछ सिलेंडर कई दिनों से फिल्टर प्लांट परिसर में पड़े हुए थे। आज ग्रासिम केमिकल्स की टीम द्वारा तीनों फिल्टर प्लांट में रखे अनुपयोगी क्लोरीन सिलेंडरों का सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा था। जांच के दौरान दो टैंक खाली पाए गए, जबकि एक टैंक को लेकर मौके पर ही डिस्पोज करने की कोशिश किए जाने की बात सामने आ रही है। इसी दौरान एक बार फिर गैस का रिसाव हो गया। गैस के रिसाव के बाद आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों के मुताबिक गैस के संपर्क में आने से कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी, उल्टी और दस्त जैसी शिकायतें हुईं। इसके बाद एक दर्जन से अधिक लोगों को उपचार के लिए जिला अस्पताल सीहोर पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। वहीं दो मरीज गंभीर बताए जा रहे हैं जिनको अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। घटना के बाद एक बार फिर ग्रामीणों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर अनुपयोगी क्लोरीन सिलेंडरों को लेकर इतनी बड़ी लापरवाही क्यों हुई और पहले की घटना के बाद भी दोबारा गैस का रिसाव कैसे हो गया। फिलहाल प्रशासन और संबंधित टीमों द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों में घटना को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है। बाइट — घायल ग्रामीण बाइट — डॉक्टर हरिओम गुप्ता, जिला अस्पताल सीहोर
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Damodar दुर्गापुर बैरेज के गेट मरम्मत से 11–15 सितम्बर की रात 11 बजे से 4 बजे तक सड़क बंद

Durgapur, West Bengal:আগামীকাল অর্থাৎ ১১ থেকে ১৫ সেপ্টেম্বর পর্যন্ত Damodar-দুর্গাপুর ব্যারেজে গেটের কাজ চলবে। সেই কারণে আগামীকাল রাত এগারোটা থেকে ভোর চারটে পর্যন্ত পাঁচ দিন ব্যারেজ রাস্তা বন্ধ থাকবে—এটাই জানালেন মুচিপাড়া ট্রাফিক ওসি এবং দেখা গেল ড্রাইভারদের নির্দেশ দিলেন এই সময় যেন তারা মুচিপাড়া থেকে জে পি এভিনিউ হয়ে বাঁকুড়া যাওয়ার এই রাস্তাটা এড়িয়ে চলে। দামোদরের দুর্গাপুর ব্যারেজ এর ২৭ টি গেটের মধ্যে কোনোটি মেরামতি, আবার কোনোটি পাল্টানোর কাজ চলছে। তাই এই রাস্তা বন্ধ রাখা হবে সেতুর উপর থেকেও হাইড্রা দিয়ে বিভিন্ন যন্ত্রপাতি এবং লোহা তৈরি গেট নামানো-উঠানো হবে। তবে এই রাস্তা বন্ধ থাকলে দক্ষিণ ভারত থেকে মেদিনীপুর বাঁকুড়া হয়ে পশ্চিম বর্ধমান জেলা দিয়ে উত্তরবঙ্গ যাওয়ার অন্যতম রাস্তা—ইটি বন্ধ থাকলে মেজিয়া রাণীগঞ্জ হয়ে প্রায় ৩৫ কিলোমিটার ঘুরে আসতে হবে গাড়িগুলিকে।
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बारां में कूनो के चीते की एंट्री: गदरेटा के पीछे दहशत, ट्रेंकुलाइजेशन की तैयारी

Baran, Rajasthan:कूनो का चीता पहुंचा बारां के गदरेटा गांव, सोनालिका शोरूम के पीछे मक्का के खेत में डेरा, तीन गांवों में दहशत बारां मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता अब राजस्थान के बारां जिले में पहुंच गया है। चीते की लोकेशन बारां के गदरेटा गांव में सोनालिका शोरूम के पीछे बताई जा रही है。 जानकारी के अनुसार चीता फिलहाल शोरूम के पीछे स्थित मक्का के खेतों में मौजूद है। चीते के गांव के नजदीक आने की खबर से गदरेटा, फरेदुआ और समरानियां गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। मौके पर कूनो पालपुर वन विभाग की टीम पहुंच गई है और चीते की निगरानी कर रही है। बताया जा रहा है कि टीम चीते को ट्रेंकुलाइज कर वापस कूनो ले जाने की तैयारी में है। वहीं वन विभाग की टीम का एक अजीब रवैया भी सामने आया है। जब जी मीडिया की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोकेशन के बारे में जानकारी लेनी चाही तो कूनो वन विभाग की टीम कैमरा देखकर बचती नजर आई और लोकेशन बताने से कतराती रही। फिलहाल वन विभाग चीते पर नजर बनाए हुए है।
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राजस्थान सरकार स्वीकृत योजनाओं को धरातल पर तेजी से उतारेगी

Jaipur, Rajasthan:प्रदेश में योजनाओं और बजट घोषणाओं की रफ्तार बढ़ाने के लिए सरकार ने अब उन कामों पर फोकस किया है, जिन्हें स्वीकृति मिलने के बावजूद शुरू नहीं किया गया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कमेटी ऑफ सेक्रेटरीज की बैठक में सरकार के बजट खर्च से लेकर बजट घोषणाओं, भर्तियों, जन-अभियोग, निवेश और पौधरोपण तक का रिपोर्ट कार्ड देखा। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि कम खर्च वाली योजनाओं की बाधाएं तत्काल दूर की जाएं और ऐसी स्थिति नहीं बनने दी जाए कि आवंटित बजट लैप्स हो जाए। सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों के आंकड़े देखें तो अगस्त तक 92,316.14 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। यह पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 24.51% ज्यादा है। मुख्य सचिव ने जिन योजनाओं में खर्च की रफ्तार कम है, उनकी पहचान कर काम तेज करने को कहा है। 2891 बजट घोषणाएं या तो पूरी या काम जारी वर्ष 2024-25 से 2026-27 तक की बजट घोषणाओं में 1,373 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 1,518 पर काम चल रहा है। यानी इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर 2,891 बजट घोषणाएं हैं। मुख्य सचिव ने खास तौर पर उन कार्यों पर सवाल किया, जिन्हें स्वीकृति तो मिल चुकी है, लेकिन धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ। ऐसे काम प्राथमिकता से शुरू करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सरकारी भर्तियों का भी हिसाब लिया गया। 9 सितंबर तक 2 लाख 99 हजार 925 पदों से संबंधित भर्ती प्रक्रियाओं में 1 लाख 86 हजार 803 नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। मुख्य सचिव ने लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को मेरिट को सर्वोपरि रखते हुए समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। राजस्थान सम्पर्क पर अब तक 60 लाख 5 हजार 840 प्रकरण दर्ज हुए हैं। इनमें 59 लाख 17 हजार 908 का निस्तारण हो चुका है। आंकड़ों के हिसाब से 87,932 प्रकरण निस्तारण से बाकी हैं। मुख्य सचिव ने केवल संख्या बढ़ाने के बजाय लंबित शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया। मिशन हरियालो राजस्थान में वर्ष 2026-27 के लिए 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था। सरकार के मुताबिक अब तक 9 करोड़ 68 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। यानी लक्ष्य का कम से कम 96.8% पूरा हो चुका है। मुख्य सचिव ने अब पौधे लगाने के आंकड़ों के साथ उनके सत्यापन और नियमित मॉनिटरिंग पर फोकस करने को कहा है। राज निवेश पोर्टल पर चालू वित्तीय वर्ष में अगस्त तक 49,442 आवेदन आए हैं और पोर्टल पर वर्तमान में 190 सेवाएं उपलब्ध हैं। मुख्य सचिव ने पोर्टल के प्रदर्शन की सराहना की, लेकिन निवेशकों के आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा में निस्तारित करने के निर्देश दिए। राजकाज और ई-फाइल की समीक्षा में मुख्य सचिव ने फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया को ज्यादा प्रभावी बनाने को कहा। फाइल को अनावश्यक स्तरों से गुजारने के बजाय प्रक्रिया सरल करने पर जोर दिया गया। सभी विभागों को अपने लक्ष्यों की नियमित मॉनिटरिंग और आपसी समन्वय के जरिए योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए。
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सहारनपुर में 53 लाख की स्मैक के साथ शातिर तस्कर गिरफ्तार

Saharanpur, Uttar Pradesh:नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन सवेरा” के तहत चिलकाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 267 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 53 लाख 40 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, आज मुखबिर से सूचना मिलने के बाद चिलकाना पुलिस ने चिलकाना-सहारनपुर मार्ग पर भारत पेट्रोलियम पेट्रोल पंप के बराबर तालाब के पास चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान संदिग्ध अवस्था में मिले फरमान पुत्र अफजाल, निवासी मोहल्ला मजहर हसन, कस्बा एवं थाना चिलकाना को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 267 ग्राम स्मैक बरामद हुई। बरामदगी के आधार पर थाना चिलकाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से जुड़े फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशीला पदार्थ कहां से लाया गया और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार फरमान का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ चिलकाना थाने में मारपीट, बलवा, गैंगस्टर एक्ट और अन्य धाराओं के कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा यमुनानगर के छप्पर थाने में भी एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज बताया गया है।
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कानपुर के ईशन नदी में मदरसा छात्र डूबा, गोताखोरों और SDRF की खोज जारी

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर ईशन नदी में नहाने गया मदरसा छात्र गहरे पानी में डूबा, गोताखोरों से तलाश जारी कानपुर के मकनपुर स्थित दिल्ली निवासी 18 वर्षीय छात्र गुरुवार शाम ईशन नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से छात्र की तलाश कराई जा रही है। वहीं एसडीआरएफ कानपुर विंग को भी सूचना दी गई है। पुलिस के मुताबिक मुस्तफाबाद, दिल्ली निवासी रेहान मकनपुर के मदरसे में रहकर पढ़ाई कर रहा था। गुरुवार शाम करीब पांच बजे वह दरगाह शरीफ मकनपुर में नमाज पढ़ने गया था। नमाज के बाद वह अपने दोस्तों के साथ कर्बला स्थित ईशन नदी के घाट पर नहाने चला गया। बताया गया कि नहाते समय रेहान गहरे पानी में चला गया और डूब गया। साथ मौजूद दोस्तों ने घटना की जानकारी पुलिस और मदरसा प्रबंधन को दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में उसकी तलाश शुरू कराई।घटना की सूचना छात्र के परिजनों को दे दी गई है।
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