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चार श्रम संहिताओं के विरोध में रोडवेज कर्मियों ने काली पट्टी बांधी

Alwar, Rajasthan:चार श्रम संहिताओं के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधी अलवर। श्रमिक विरोधी बताए जा रहे चार श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग को लेकर मंगलवार को केंद्रीय बस स्टैंड पर अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस से जुड़े रोडवेज कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जाहिर की। एटक के प्रदेश सचिव हरिओम चुग ने बताया कि केंद्र सरकार ने श्रमिक हितों से जुड़े 44 कानूनों को समाप्त कर चार नए कोड लागू किए हैं, जो मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि इन नए कानूनों से श्रमिक वर्ग के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। वहीं एटक के महासचिव तेजपाल सैनी ने कहा कि इन श्रम संहिताओं के विरोध में देशभर में आंदोलन चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इन कोड को वापस लेकर पुराने श्रमिक हितैषी कानून लागू नहीं किए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा
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65 IAS अधिकारियों के तबादलों से राजस्थान की सत्ता-प्रशासनिक रणनीति साफ

Jaipur, Rajasthan:65 IAS अफसरों के तबादले ने सत्ता और सिस्टम के समीकरण साफ कर दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में बड़ा फेरबदल करते हुए 7 आईएएस अफसरों को सचिव, विशिष्ट सचिव, संयुक्त सचिव से लेकर ओएसडी तक अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वहीं 25 जिलों के कलेक्टर बदलकर फील्ड प्रशासन की पूरी तस्वीर ही बदल दी गई है। इस तबादला सूची का सबसे बड़ा मैसेज साफ है। जनप्रतिनिधियों से टकराव की कीमत भी चुकानी पड़ी है…और परफॉर्मेंस दिखाने वालों को प्रमोशन पोस्टिंग मिली है। सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा, जिनकी वन मंत्री से तनातनी चर्चा में रही अब मुख्यमंत्री के विशिष्ट सचिव बनाए गए हैं…वहीं जयपुर कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को सीएम सचिव की कुर्सी मिली है। वही संदेश नायक को जयपुर कलेक्टर की कमान सौंपी है।
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राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के चार विधायक अनुपस्थित, भाजपा निशाने पर

SRShivam RAjJust now
Patna, Bihar:राज्यसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन के चार विधायक वोट देने नहीं पहुंचे थे जिसको लेकर पार्टी आला कमान उन पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं तो वहीं कांग्रेस के वाल्मीकि नगर से विधायक सुरेंद्र कुशवाहा बीते दिन जदयू कोटे से मंत्री अशोक चौधरी की आवास पर मुलाकात पर करने पहुंचे थे और अब उन चारों विधायकों को लेकर भाजपा के प्रवक्ता नीरज कुमार ने बड़ा बयान दे दिया है उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन के चार विधायक उपस्थित नहीं हुए थे, यह उन दोनों दलों के आपसी टकराव को दिख रहा है , और डूबते नाव की सवारी कोई विधायक नहीं करना चाहता और दोनों ही दलों आरजेडी और कांग्रेस के विधायक हमारे संपर्क में है । कांग्रेस और आरजेडी आज की तारीख में बिहार के डूबते नाव है और NDA मैं विकास और शांति है तो निश्चित रूप से इसी नाव में सवारी करना चाहते हैं इसलिए अब उनके विधायकों को भी अपनी पार्टी पर भरोसा नहीं रहा और बिहार को भी । महाठगठन में चुनाव के वक्त ही दरार आ गया था पुराने वाले समय में यह लोग आपकी महत्वाकांक्षा में समाप्त होने वाले हैं ।
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बागपत मिल के गन्ना अधिकारी रिश्वतखोरी में गिरफ्तार

Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत सहकारी चीनी मिल में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला उजागर हुआ है। मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी राजपदीप बालियान को एंटी करप्शन टीम ने 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मेरठ एंटी करप्शन यूनिट की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। शिकायतकर्ता के अनुसार, चीनी मिल में क्रय केंद्र पर तैनाती के लिए लॉटरी डाली जाती है, और उसी में नाम शामिल कराने के लिए मुख्य गन्ना अधिकारी द्वारा 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। आरोप है कि अधिकारी ने साफ कहा था कि अगर रिश्वत नहीं दी गई, तो लॉटरी में नाम नहीं डाला जाएगा। दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने रिश्वत दी, लेकिन पहले ही एंटी करप्शन टीम को इसकी सूचना दे दी थी। जैसे ही रिश्वत की रकम दी गई, टीम ने मौके पर पहुंचकर अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है。
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खाकी पर हमला: जब कानून के रक्षकों को ही बना लिया गया निशाना

Ajeet MishraAjeet MishraFollow2m ago
Basti, Uttar Pradesh:अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश में पुलिस पर हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला अम्बेडकर जिले के थाना अकबरपुर क्षेत्र के रतनपुर गांव का है, जहां जमीन विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर ही ग्रामीणों ने धावा बोल दिया। यह हमला न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को चुनौती देता है, बल्कि समाज में कानून के प्रति घटते खौफ को भी उजागर करता है। घटना का विवरण: जानकारी के अनुसार, रतनपुर गांव में जमीन के विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने निष्पक्ष जांच के लिए एक पक्ष को फोन कर बुलाया। लेकिन, वह पक्ष शांति से बात करने के बजाय अपने साथ महिलाओं की एक टोली लेकर आया। जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, महिलाओं ने उग्र रूप धारण कर लिया और पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ीं। मर्यादा की सारी हदें पार: हैरानी की बात यह है कि महिलाओं ने पुलिस की वर्दी का सम्मान तक नहीं किया। सरेराह पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई, उनकी वर्दी फाड़ दी गई और सरकारी काम में जमकर बाधा डाली गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह कानून के रखवालों को बेबस करने की कोशिश की जा रही है। यह 'महिला कार्ड' खेलकर कानून से बचने की एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। पुलिस की कार्रवाई: इस अराजकता के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। हमले और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। खोजी दृष्टिकोण (अजीत मिश्रा): क्या अब पुलिस का अपनी सुरक्षा करना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गया है? जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा? महिलाओं को ढाल बनाकर पुलिस पर हमला करना एक खतरनाक चलन बनता जा रहा है। ऐसे तत्वों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो एक मिसाल बने, ताकि भविष्य में कोई भी वर्दी पर हाथ डालने की जुर्रत न कर सके। रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट, उत्तर प्रदेश।
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यूपी में Lock Museum से ताला उद्योग को वैश्विक पहचान

Aligarh, Uttar Pradesh:38 करोड़ के लागत से बनेगा लॉक म्यूजियम, 10000 करोड़ रुपए का होगा ताला और हार्डवेयर कारोबार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट के तहत होगा निर्माण। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह पहल अलीगढ़ के ताला उद्योग को पारंपरिक पहचान से आगे बढ़ाकर आधुनिक और वैश्विक स्वरूप प्रदान करेगी। यह न केवल एक ऐतिहासिक उद्योग को संरक्षित करेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक छवि को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त बनाएगी। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के अनुसार लॉक म्यूज़ियम के विकसित होने से जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास होने की वजह से देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा, जिससे स्थानीय व्यापार और सेवाओं को मजबूती मिलेगी साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे युवाओं को नई संभावनाएं मिलेंगी मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर म्यूजियम को एक स्थायी ज्ञान केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जहां प्रशिक्षण, शोध और तकनीकी विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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नवजात बच्चा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, सरगना अभी फरार

Jhajjar, Haryana:नवजात बच्चा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश। एक महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार। गिरोह का सरगना फरार, 5 सदस्यों का है गिरोह। तस्करों के कब्जे से तीन दिन का नवजात हुआ बरामद। आरोपियों की दो गाड़ियां और कागजात हुए बरामद। पंजाब के फरीदकोट से लेकर आये थे नवजात बच्चा। दिल्ली में निसंतान दम्पति को था बेचना। सवा दो लाख में खरीदकर 9 लाख 25 हजार में किया था सौदा। फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज के जरिये निसंतान दंपतियों को करते थे टारगेट। गिरफ्तारे आरोपी सलीम और अखिल गाजियाबाद के रहने वाले। आरोपी महिला बेअंत कौर पंजाब के मुक्तसर की रहने वाली। यह पांच सदस्यों का गिरोह है और इसका सरगना अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। आरोपियों के कब्जे से तीन दिन का नवजात बच्चा बरामद किया गया है, जिसे ये लोग पंजाब के फरीदकोट से लेकर आये थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी इस बच्चे को दिल्ली में एक निसंतान दंपति को बेचने वाले थे। आरोपियों ने नवजात को करीब सवा दो लाख रुपये में खरीदा था और इसका सौदा 9 लाख 25 हजार रुपये में किया गया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए निसंतान दंपतियों को टारगेट करते थे। आरोपी सलीम किरयाना स्टोर चलाता है, जबकि अखिल सीएससी सेंटर संचालक है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा है। गिरोह के सरगना की पत्नी और गिरफ्तार महिला आरोपी की बेटी नर्स हैं, जिनकी मदद से बच्चों की तस्करी की जाती थी। यह गिरोह पंजाब से लेकर महाराष्ट्र तक बच्चों की तस्करी कर चुका है और अब तक पांच वारदातों का खुलासा हो चुका है। बहादुरगढ़ पुलिस ने आरोपियों के पास से दो गाड़ियां और कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए हैं। डीसीपी मयंक मिश्रा ने बताया कि गैरकानूनी तरीके से बच्चों को गोद दिलाना अपराध है और नवजात बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी और इस मामले में बच्चों को खरीदने और बेचने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस फरार सरगना की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क को खंगालने का काम जारी है। हम आपको बता दें कि पुलिस द्वारा बरामद किया गया नवजात बच्चा फिलहाल पूरी तरह से स्वस्थ है। उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
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जोधपुर में जुए के दौरान हमला; हेड कांस्टेबल की कलाई काटी गई

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर शहर की शांत रात अचानक हंगामे में बदल गई, जब जुआ खेल रहे आरोपियों ने पुलिस को देखकर सरेंडर करने के बजाय हमला बोल दिया। मामला इतना बढ़ गया कि एक आरोपी ने हेड कांस्टेबल का हाथ ही काट लिया。 दरअसल, 30 मार्च की देर रात करीब 1 बजे एयरपोर्ट थाना पुलिस को सूचना मिली कि कन्हैया नगर शिकारगढ़ इलाके में एसबीआई बैंक के पास एक बंद दुकान के अंदर जुआ खेला जा रहा है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जैसे ही शटर उठाया, अंदर का नजारा चौंकाने वाला था—पांच लोग जुए में डूबे हुए थे。 पुलिस को देखते ही तीन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, लेकिन दो पुलिस के हत्थे चढ़ गए। यहीं से शुरू हुआ असली ड्रामा… कार्रवाई के दौरान आरोपी सुभाष विश्नोई अचानक आक्रामक हो गया और उसने हेड कांस्टेबल रामखिलाड़ी की कलाई पर काट लिया। इस अप्रत्याशित हमले से पुलिसकर्मी घायल हो गया, वहीं अन्य पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की कोशिश की गई। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए दोनों आरोपियों को काबू में किया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी शराब के नशे में थे。 गिरफ्तार आरोपियों में सुभाष विश्नोई (28) सोहनलाल सांसी (42) दोनों के खिलाफ राजकार्य में बाधा, हमला और मारपीट का केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस फरार तीन आरोपियों की तलाश में जुटी है。
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आशा सहयोगिनी व साथिनों ने बजट-मानदेय की मांग पर डूंगरपुर में प्रदर्शन किया

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले में आशा सहयोगिनी एवं साथिन यूनियन (सीटू) ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर के समक्ष प्रदर्शन किया। राजस्थान आशा सहयोगिनी एवं साथिन यूनियन के आव्हान पर डूंगरपुर जिले में भी आशा सहयोगिनी एवं साथिनों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। आशा सहयोगिनियों ने राजस्थान सरकार के इस वर्ष के बजट पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने उन पर काम का भारी बोझ डाल दिया है, लेकिन पीसीटीएस का पैसा और मानदेय समय पर नहीं मिलता। महंगाई के इस दौर में उन्हें 3-4 महीनों तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऑनलाइन काम की अनिवार्यता कर दी गई है, लेकिन विभाग द्वारा एंड्रॉइड मोबाइल उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिससे उन्हें काम करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार से सभी आशाओं को स्थायी कर राज्य कर्मचारी घोषित करने और जब तक स्थायीकरण नहीं होता, तब तक न्यूनतम वेतन 26000 रुपये प्रति माह दिए जाने की मांग है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनके ज्ञापन पर जल्द ध्यान नहीं दिया, तो राजस्थान की समस्त आशाएं उग्र आंदोलन और संघर्ष का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगी.
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