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उमरिया के महारोई में वृद्ध की ली गई जान, शव नहर में मिला
Umaria, Madhya Pradesh:उमरिया के ग्राम महारोई की सिंचाई नहर में एक 60 वर्षीय व्यक्ति का शव मिला। मृतक की पहचान हो चुकी है, निवासी ग्राम ददरी के निवासी थे।स्थानीय लोगों का मानना है कि उनकी जान ले कर शव को नहर में फेंका गया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। कोतवाली प्रभारी बालेंद्र शर्मा ने बताया कि इस संदिग्ध मामले की गहन जांच की जा रही है।
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मौलाना चांद मियां के बयान पर मुसलमानों को नीचा दिखाने वालों का इलाज जरूरी
Noida, Uttar Pradesh:मौलाना चांद मियां- सस्ती लोकप्रिय के लिए इस तरह के बयान दिए जाते हैं. तुम्हारे बाप की औकात नहीं है कि इस तरह के बयान देकर तुम मुसलमानों को नीचा दिखाओ. तुम बच्चों के बीच में खाई खोदना चाहते हो. इनका इलाज कराने की जरूरत है.0
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मुज़फ्फरनगर मुठभेड़: सतपाल की मौत, पुलिसकर्मी घायल; इनामी बदमाश ढेर
Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुज़फ्फरनगर ब्रेकिंग मुज़फ्फरनगर पुलिस और बदमाशो के बीच मुठभेड़ मामला, मुठभेड़ में घायल हुए पंजाब के बदमाश सतपाल की मौत, इवान अस्पताल में उपचार के दौरान इनामी बदमाश की मौत, दोनों पैरों में गोली लगने से लंगड़ा घायल हुआ था सतपाल, मुठभेड़ में 2 पुलिसकर्मी भी गोली लगने से हुए थे घायल, सब इंस्पेक्टर अजय गॉड व सिपाही अंकित चौधरी घायल, सतपाल सत्तू ने 4 दिन पूर्व लड़की का किया था अपहरण, पंजाब के चंडीगढ़ का निवासी था बदमाश सतपाल, मुजफ्फरनगर से 25 हजार का इनामी था वांछित सतपाल, घायल पर लूट हत्या रंगदारी डकैती रेप के 2 दर्जन केस, 4 राज्यों हरियाणा पंजाब यूपी व उत्तराखंड की पुलिस क़ो थी तलाश, फरवरी मे पंजाब की जेल से फरार हुआ था बदमाश सतपाल, यूपी में नाबालिग लड़कियों क़ो बनाता था हवस का शिकार, बदमाश सतपाल से एक पिस्टल तमँचा कारतूस व कार मिली, थाना सिविल लाइन क्षेत्र के बामनहेड़ी गांव मे हुई थी मुठभेड़।0
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ताश खेलते समय गिट्टी-बालू कारोबारी की गोली मारकर हत्या, ग्रामीणों ने सड़क जाम
Samastipur, Bihar:ताश खेलने के दौरान गिट्टी बालू कारोबार से जुड़े युवक को गोली मारकर हत्या हुई। विरोध में तीन घंटे आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम किया। अपराधी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े ग्रामीण। समस्तीपुर में सोमवार को अपराधियों ने गिट्टी बालू कारोबार से जुड़े एक युवक को गोली मारकर जख्मी कर दिया था, जहां देर रात युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान समस्तीपुर जिले के कर्पूरी ग्राम निवासी स्वर्गीय धीरेंद्र सिंह के 30 वर्षीय पुत्र सोनू सिंह के रूप में की गई बताय जाता है कि स्थानीय लोगों ने कल उसे आनन फानन में इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया था जहां डॉक्टर ने स्थिति नाजुक देख उसे रेफर कर दिया, जहां देर रात इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। हत्या के विरोध में मंगलवार को आक्रोशित लोगों ने ताजपुर समस्तीपुर के बीच सड़क पर शव रखकर जाम कर दिया। इस दौरान लोगों ने सड़क पर आगजनी भी की, जिससे दोनों लेन में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही कर्पूरीग्राम, ताजपुर और मुफ्फसिल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंची पुलिस को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित लोग हर तरह की कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद आक्रोशित लोग शांत हुए। करीब 3 घंटे बाद सड़क से जाम हटाया गया। मृतक की माँ ने बताया कि सोनू कुमार को कल घर से बुलाकर ताश खेलने के लिए गाड़ी से बिठा कर ले गया, फिर उन लोगों ने ही गोली मार दी है। स्टेशन के समीप गोली मारकर हत्या कर दिया है। घटना के संबंध में पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि कल से ही पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी हुई है। परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस इस आधार पर काम कर रही है। पुलिस सभी संभावित बिंदुओं पर जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि घटना के पीछे पुरानी रंजिश, व्यावसायिक विवाद या कोई अन्य कारण है। गोलीबारी में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।0
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बेगसर में पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण अतिक्रमण से बाधित, ग्रामीणों ने हटाने की मांग
Noida, Uttar Pradesh:डीडवाना - बेगसर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही सड़क के निर्माण कार्य में अतिक्रमण बाधा बन गया है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटवाने और सड़क निर्माण सुचारु करने की मांग की है। बेगसर ग्राम पंचायत की सरपंच दीपा कंवर और समस्त ग्रामवासियों ने डीडवाना-कुचामन जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। राजश्व रिकॉर्ड में दर्ज कटाणी रास्ते की सरकारी नाप करवाई जाए। कटाणी नाप के अनुसार जो भी अवैध कब्जा या अतिक्रमण रास्ते में आ रहा है, उसे तुरंत हटवाकर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।0
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कृष्ण पंवार के निर्देश: जिला कष्ट निवारण में 6 परिवादों का तत्काल निपटारा
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र:-कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार जिला कष्ट निवारण की बैठक में पहुँचे गयारह में से छह परिवादों का किया निपटारा, मंत्री महोदय ने कष्ट निवारण समिति बैठक में विभाग प्रमुख की जगह अधीनस्थ को भेजने वाले अधिकारियों को फटकार के साथ साथ खुली चेतावनी कि प्रॉक्सी नही चलेगी व बैठक में नहीं पहुंचने वाले फिशरी डिपार्टमेंट के अधिकारी को दिया कारण बताओ नोटिस, मंत्री पंवार बोले चनोत-हांसी के प्रदर्शकारियों के साथ नाइंसाफी नही होगी कुरुक्षेत्र:-कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार जिला कष्ट निवारण की बैठक में पहुँचे जहां उन्होंने गयारह में से छह परिवादों का निपटारा करने की बात कही व कहा कि लंबे अरसे से लंबित पांच शिकायतों का भी जल्द निपटारा कर दिया जाएगा मंत्री महोदय ने कष्ट निवारण समिति बैठक में विभाग प्रमुख की जगह अधीनस्थ को भेजने वाले अधिकारियों को फटकार के साथ साथ खुली चेतावनी कि प्रॉक्सी नही चलेगी व बैठक में नहीं पहुंचने वाले फिशरी डिपार्टमेंट के अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा मंत्री कृष्ण पंवार ने कहा कि अंसल सुशांत सिटी में लोगो के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रबन्धन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाने,लाडवा में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के दो निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तारी, एक सहकारी समिति प्रबंधक को जांच पूरी होने तक निलंबित करने के आदेश दिए गए है वही मंत्री महोदय बोले चनोत-हांसी के प्रदर्शकारियों के साथ नाइंसाफी नही होगी क्योंकि प्रजातंत्र में सबको अपनी बात कहने का हक है उनके साथ थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, शाहाबाद विधायक राम करन काला सहित जिला के प्रशासनिक अधिकारी भी मौजद रहे बाईट: कृष्ण पंवार मंत्री हरियाणा0
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पटना: तेज प्रताप यादव के पूर्व सहायक पर 20 लाख चोरी मामला, FIR दर्ज
Noida, Uttar Pradesh:पटना, बिहार: JJD के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने अपने पूर्व निजी सहायक मोतीलाल राय पर 20 लाख रुपये नकद, आभूषण और महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी करने का आरोप लगाते हुए पटना के सचिवालय थाने में FIR दर्ज कराई है। मोतीलाल राय की पत्नी प्रीति भारती ने कहा, "पिछले दो दिनों से उनका फोन बंद आ रहा था। हमने तेज प्रताप के नंबर पर कॉल किया और पूछा, 'भैया, ये (मोतीलाल राय) कहां हैं? इनका फोन बंद आ रहा है। हमें बहुत घबराहट हो रही है। कुछ हुआ है क्या?' उन्होंने कहा, 'नहीं, चिंता की कोई बात नहीं है। तुम आराम से रहो। मेरे साथ मोतीलाल हैं। कोई समस्या नहीं होगी।' हम फिर निश्चिंत हो गए... उसके बाद कल 5 लोग चार बाउंसर और एक महिला बाउंसर आए। उस समय मेरे घर पर न तो मेरी माताजी थीं और न मेरे पिताजी घर पर थे... वो अजीब तरह का बर्ताव करने लगे, 'पेपर निकालिए, पेपर निकालिए'... फिर हमने तेज प्रताप यादव को फोन किया और बताया कि ये लोग आए हैं, आपका कौन-सा पेपर देना है..."0
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चूरू के 248 करोड़ की परियोजना पूरी, ग्रिड सबस्टेशन से शेखावाटी में निर्बाध बिजली
Jaipur, Rajasthan:चूरू में 220 KV ग्रिड सब-स्टेशन चैनपुरा छोटा चालू शेखावाटी को बड़ी सौगात ,लाखों उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली तारानगर-भादरा-चिड़ावा को फायदा राजस्थान प्रसारण निगम की 248 करोड़ की परियोजना पूरी, शेखावाटी में बिजली क्रांति, वोल्टेज-छीजत में सुधार प्रसारण निगम के प्रबंध निदेशक श्री सिद्धार्थ सिहाग ने बताया कि- इन क्षेत्रों में विद्युत छीजत में कमी आएगी, वोल्टेज में सुधार होगा , उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी।0
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दिल्ली की मुख्य सड़कों पर कूड़ा घर: हादसों का खतरा बढ़ गया
Delhi, Delhi:राजधानी दिल्ली में मुख्य सड़कों पर बनाए गए छोटे कूड़ा घर अब लोगों के लिए परेशानी का सबक बन गए हैं मुख सड़कों पर बनाए गए यह कुडगर अब हादसों को दावत देने लगे हैं\n\n दरअसल कुछ साल पहले जब दिल्ली नगर निगम घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना लाई थी उसके बाद छोटे ई रिक्शा दिल्ली नगर निगम में कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए थे ताकि छोटी और संकरी गलियों से भी पूरा उठाया जा सके इसके बाद मुख्य सड़कों पर यह दलव घर बनाए गए थे ताकि जो छोटे ई रिक्शा कूड़े के लिए लगाए गए थे वह कूड़ा सड़क पर इकट्ठा करें इसके बाद यहां से कूड़े को गाजीपुर डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाया जाए लेकिन यह कूड़ा घर सुविधा के बजाय परेशानी का सबक बन गए हैं दर्शन पूरी दिल्ली में यह कूड़ा घर मुख्य सड़कों पर बनाए गए थे अब इन कूड़ा घर में आवारा पशुओं ने अपना घर बना लिया है और कभी भी किसी भी समय पर आवारा पशु बीच सड़क आ जाते हैं जिससे हाथों की आशंका बनी रहती है दिल्ली नगर निगम को इन कूड़ा घर को लेकर कोई ना कोई ठोस कदम उठाने की जरूरत है यदि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो कोई भी बड़ा हादसा सड़कों पर हो सकता है0
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चूरू के घांघू गांव में 55 वर्षीय की हत्या; गला दबाकर मौत की आशंका
Churu, Rajasthan:55 वर्षीय व्यक्ति का संदिग्ध अवस्था में मिला शव चूरू। सदर थाना क्षेत्र के गांव घांघू में मंगलवार सुबह 55 वर्षीय व्यक्ति का संदिग्ध शव मिला। शव के गले में एक कपड़ा मिला हैं। गले पर निशान भी बने हुआ हैं, जिसको देखकर पुलिस प्रथम दृष्टया इसे हत्या का मामला मान रही हैं। सूचना के बाद सदर थानाधिकारी मोटाराम व एएसआई सुरेन्द्र रेडू मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटना स्थल का मौका मुआयना किया हैं। घटना स्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने के लिए मौके पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया हैं। पुलिस ने एंबूलेंस की सहायता से शव को डीबी अस्पताल पहुंचाया। जहां शव को मोर्चरी में रखवाया हैं। घटना की सूचना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गयी। मृतक के बेटे ने शव की शिनाख्त अपने पिता 55 वर्षीय श्रीचंद भाखर के रूप में की हैं। सदर थानाधिकारी मोटाराम ने बताया कि मंगलवार सुबह सूचना मिली कि गांव घांघू में लाखाउ-घांघू रोड पर जीण माता मंदिर के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा हैं। तुरन्त पुलिस जाप्ता के साथ मौके पर पहुंचे तो देखा कि 55 वर्षीय श्रीचंद का शव पड़ा था। जिसके गले में एक कपड़ा मिला हैं। जिसको देखकर लग रहा है कि गला दबाकर हत्या की गयी हैं। मौके से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया हैं। जिसने आसपास के क्षेत्र से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाये हैं। मृतक के भतीजे विक्रम ने बताया कि सुबह जल्दी दूध लेने जा रहा था। तभी गांव के किसी युवक ने इसकी सूचना दी। तब मौके पर जाकर देखा तो शव श्रीचंद भाखर का होना बताया। रात नौ बजे घर से निकले, मृतक श्रीचंद के परिजनों ने बताया कि सोमवार रात करीब नौ बजे घर से खाना खाकर निकले थे। देर रात तक घर नहीं लौटे। मंगलवार सुबह गांव के लोगों से शव मिलने की सूचना मिली हैं। मृतक श्रीचंद खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता हैं। जिसके दो बेटे है और एक बेटी हैं。 बाइट __मोटाराम, सदर थानाधिकारी चूरू। नवरतन प्रजापत जी मीडिया चूरू0
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8 साल से बंद डीटीसी बस: दिल्ली के ग्रामीण अब पैदल यात्रा पर मजबूर
Delhi, Delhi:वर्षो से बंद बस सेवा, ग्रामीण बेहाल पैदल सफर तय करना मुश्किल। दिल्ली राजधानी को विश्वस्तरीय सुविधाओं वाली राजधानी बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन दिल्ली के ही कई गांव आज भी बुनियादी परिवहन सुविधा के लिए तरस रहे हैं। उत्तरी दिल्ली के नंगली पूना से इब्राहिमपुर गांव तक कभी दौड़ने वाली डीटीसी बस सेवा पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी है। नतीजा यह है कि हजारों ग्रामीण रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हैं। दिल्ली के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। नंगली पूना से कादीपुर, अमन कॉलोनी, कुशक नंबर-1, सुशांत विहार होते हुए इब्राहिमपुर गांव तक चलने वाला डीटीसी बस रूट नंबर 134 कभी हजारों लोगों की जीवनरेखा हुआ करता था। यह बस आजादपुर बस अड्डे से चलकर इन गांवों को राजधानी से जोड़ती थी, लेकिन करीब 8 साल पहले यह सेवा अचानक बंद कर दी गई। ग्रामीणों का दावा है कि नंगली गांव और कादीपुर के बीच नाले पर पुल निर्माण के दौरान बस सेवा रोकी गई थी। लोगों के विरोध के बाद कुछ समय के लिए बसें फिर चलीं, लेकिन बाद में सेवा दोबारा बंद कर दी गई। तब से लेकर आज तक कादीपुर, अमन कॉलोनी, कुशक नंबर-1, सुशांत विहार और इब्राहिमपुर गांव के लोग बस सुविधा से वंचित हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि नौकरीपेशा, छात्र, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। बस न होने के कारण लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है, जहां से उन्हें दूसरी बसें या अन्य साधन मिलते हैं।ग्रामीणों का दावा है कि जिस सड़क पर पहले बसें चलती थीं, वह अब जगह-जगह से टूटी हुई है। कई स्थानों पर दिल्ली जल बोर्ड और अन्य विभागों के विकास कार्य अधूरे पड़े हैं, जिसके कारण सड़क की हालत बदतर हो चुकी है। अब ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि यदि बड़ी डीटीसी बसें इस मार्ग पर नहीं चल सकतीं तो दिल्ली सरकार की "देवी बस" सेवा को गांवों तक शुरू किया जाए, ताकि हजारों लोगों को राहत मिल सके। आखिर दिल्ली के इन गांवों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा कब मिलेगी? और क्या सरकार ग्रामीणों की इस मांग पर कोई ठोस कदम उठाएगी? फिलहाल हजारों लोग बस सेवा बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।0
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रीवा गैंगवार: पुराने विवाद से दहशत, देर रात गोलियों से शहर दहल गया
Rewa, Madhya Pradesh:रीवा शहर में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बड़ी वारदात सामने आई है। एक तरफ पूरी रात पुलिस शहर में कांबिंग गश्त कर अपराधियों की तलाश में जुटी रही, वहीं दूसरी तरफ देर रात शहर की सड़कों पर गैंगवार ने दहशत का माहौल पैदा कर दिया। दरअसल शहर में पुराने विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भय का माहौल बन गया। जानकारी के मुताबिक देर रात करीब 1 बजे अमहिया, समान और बिछिया थाना क्षेत्र से जुड़े इलाके में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। विवाद के दौरान दोनों पक्षों के लोगों ने जमकर हंगामा किया, गाड़ियों में तोड़फोड़ की और फायरिंग भी की। गोलियों की आवाज से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। फायरिंग के दौरान दो गोलियाँ एक कार में जा लगीं, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही अमहिया, समान और बिछिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गैंगवार की वजह दोनों पक्षों के बीच चला आ रहा पुराना विवाद है। मामले में चार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। बिछिया थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना से जुड़ी तीन कारों को जब्त कर लिया है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा。0
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जोन्नागिरि गोल्ड प्रोजेक्ट से आंध्र में रोजगार और निवेश बढ़ेंगे
Noida, Uttar Pradesh:जोन्नागिरि गोल्ड माइन: रायलसीमा में सुनहरे भविष्य की नई शुरुआत आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले के तुग्गली मंडल में स्थित जोन्नागिरि आज देश की सबसे महत्वपूर्ण स्वर्ण खनन परियोजनाओं में से एक बनकर उभर रहा है। दशकों तक चले भूवैज्ञानिक सर्वेक्षणों और अन्वेषण के बाद यह क्षेत्र अपने विशाल स्वर्ण भंडार के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है। जोन्नागिरि का इतिहास जोन्नागिरि में सोने की मौजूदगी कोई नई खोज नहीं है। इतिहासकारों का मानना है कि विजयनगर साम्राज्य के समय यहां सीमित स्तर पर सोने का उत्खनन किया जाता था। आज भी इस क्षेत्र में पुराने गड्ढों और खुदाई के अवशेष देखे जा सकते हैं। ब्रिटिश शासन के दौरान भी यहां प्रारंभिक अध्ययन किए गए थे, लेकिन तकनीकी सीमाओं के कारण बड़े पैमाने पर खनन कार्य शुरू नहीं सका। आधुनिक खोज की शुरुआत कैसे हुई? वर्ष 2003-04 के आसपास भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने इस क्षेत्र में व्यापक अध्ययन किया। इसके बाद निजी खनन कंपनियों ने विस्तृत अन्वेषण और ड्रिलिंग कार्यक्रम शुरू किए। हजारों मीटर की ड्रिलिंग और प्रयोगशाला परीक्षणों के बाद यह पुष्टि हुई कि यहां आर्थिक रूप से लाभदायक मात्रा में स्वर्ण अयस्क मौजूद है। परियोजना का क्षेत्र जोन्नागिरि गोल्ड प्रोजेक्ट 600 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। यह परियोजना जोन्नागिरि, एर्रागुडी, पगादिरायी और चापिरेवुला गांवों तक विस्तारित है। कितना सोना मौजूद है? भूवैज्ञानिक आकलनों के अनुसार— • परियोजना क्षेत्र में लाखों टन स्वर्ण युक्त अयस्क मौजूद है। • औसत स्वर्ण ग्रेड 1.2 से 1.8 ग्राम प्रति टन (g/t) के बीच है। • कुछ क्षेत्रों में 3 ग्राम प्रति टन से अधिक ग्रेड भी दर्ज किया गया है। • खदान के पूरे संचालन काल में कई टन सोने का उत्पादन होने की संभावना है।खनन कैसे किया जाएगा? यह परियोजना मुख्य रूप से ओपन-पिट (ओपन-कास्ट) खनन पद्धति पर आधारित है। खनन प्रक्रिया में शामिल होंगे— • सतह की मिट्टी और चट्टानों को हटाना। • स्वर्ण Yुक्त अयस्क का उत्खनन। • अयस्क को क्रशिंग और प्रोसेसिंग इकाइयों तक पहुंचाना। • आधुनिक धातुकर्म तकनीकों के माध्यम से सोने की रिकवरी करना। परियोजना में निवेश जोन्नागिरि गोल्ड प्रोजेक्ट में सैकड़ों करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। मुख्य निवेश क्षेत्रों में शामिल हैं— • खनन अवसंरचना • अयस्क प्रसंस्करण संयंत्र • विद्युत आपूर्ति प्रणाली • जल प्रबंधन सुविधाएं • सड़क और परिवहन नेटवर्क का विकास स्थानीय लोगों को होने वाले लाभ रोजगार के अवसर • सैकड़ों प्रत्यक्ष रोजगार। • हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर। बुनियादी ढांचे का विकास • बेहतर सड़क संपर्क। • बिजली सुविधाओं का विस्तार। • जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार। • स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को बढ़ावा। आर्थिक विकास • स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन। • परिवहन सेवाओं की मांग में वृद्धि। • होटल, रेस्तरां और सहायक उद्योगों के लिए नए अवसर। किसानों और स्थानीय लोगों की चिंताएं आर्थिक लाभों के बावजूद स्थानीय लोगों ने कुछ महत्वपूर्ण चिंताएं भी जताई हैं— • भूमि अधिग्रहण • भूजल स्तर में कमी • धूल प्रदूषण • कृषि पर प्रभाव • खनन अपशिष्ट का प्रबंधन इन मुद्दों को लेकर पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया के दौरान सार्वजनिक सुनवाई भी आयोजित की गई थी। पर्यावरणीय मंजूरियां परियोजना को शुरू करने से पहले कई नियामक स्वीकृतियां प्राप्त करना आवश्यक है— • पर्यावरण मंत्रालय से पर्यावरणीय मंजूरी • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्वीकृति • आवश्यक होने पर वन विभाग की मंजूरी • खनन सुरक्षा और संचालन संबंधी परमिट भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना? भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता देशों में से एक है, लेकिन अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। जोन्नागिरि जैसी परियोजनाएं तथा हुत्ती गोल्ड माइन्स और कोलार गोल्ड फील्ड्स जैसी ऐतिहासिक खदानें देश में स्वर्ण उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। रोचक तथ्य • जोन्नागिरि आंध्र प्रदेश की पहली प्रमुख वाणिज्यिक स्वर्ण खनन परियोजनाओं में से एक है। • रायलसीमा क्षेत्र अब तक लौह अयस्क और चूना पत्थर खनन के लिए प्रसिद्ध रहा है, जबकि स्वर्ण खनन यहां एक नया अध्याय है। • भूवैज्ञानिक इस क्षेत्र को "जोन्नागिरि ग्रीनस्टोन बेल्ट" का हिस्सा मानते हैं, जो स्वर्ण खनिजीकरण के लिए अनुकूल भूगर्भीय संरचना है। • विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में आसपास के क्षेत्रों में भी नए स्वर्ण भंडार खोजे जा सकते हैं। निष्कर्ष जोन्नागिरि गोल्ड प्रोजेक्ट आंध्र प्रदेश और भारत दोनों के लिए एक बड़ी आर्थिक संभावना बनकर उभर रहा है। यदि परियोजना अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंचती है, तो यह रायलसीमा के आर्थिक परिदृश्य को बदल सकती है, रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती है, निवेश आकर्षित कर सकती है और देश के स्वर्ण उत्पादन को नई दिशा दे सकती है। "सूखे और कठिन परिस्थितियों के लिए पहचानी जाने वाली रायलसीमा की धरती आने वाले वर्षों में स्वर्ण समृद्धि और आर्थिक विकास की नई पहचान बन सकती है।"0
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कटार गांव में अग्निवीर रामवीर के लौटने पर भव्य स्वागत, 4 किमी देशभक्ति गूंजे
सवाई माधोपुर जिले के खंडार क्षेत्र में कटार गांव के अग्निवीर रामवीर गुर्जर छह माह का सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर अपने गांव लौटे. गांव के सैकड़ों युवाओं और ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया. सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर फूल-मालाओं से अभिनंदन करने के बाद बहरावंडा खुर्द से कटार गांव तक करीब 4 किलोमीटर लंबा विशाल देशभक्ति जुलूस निकाला गया. जुलूस में डीजे पर देशभक्ति गीत बजते रहे और पूरे रास्ते भारत माता की जय तथा इंडियन आर्मी जिंदाबाद के नारों से माहौल गूंज उठा. रामवीर गुर्जर ने बहरावंडा खुर्द स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सलामी दी. ग्रामीणों ने साफा पहनाकर और फूल-मालाओं से उनका सम्मान किया. कटार, छाण, फरिया, बोदल और आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने रामवीर की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला.0
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Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधान सभा आसपुर अखिलेश शर्मा लोकेशन आसपुर कथन: सोम कमला आंबा बांध के विस्थापित परिवार अभी भी आवासीय पट्टों से महरूम हैं। बांध निर्माण के दौरान उजाड़े गए करीब 50 से 60 परिवार पिछले पांच दशकों से पट्टों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। पट्टे न होने के कारण वे सरकारी योजनाओं کا लाभ नहीं ले पा रहे। ग्रामीण ग्राम सेवा शिविर में न्याय की गुहार लगा रहे हैं। बॉडी: सोम कमला आंबा बांध का निर्माण 1980 के दशक में हुआ था। डूब क्षेत्र के कई गांवों के लोग मुआवजा पाकर विस्थापित भए। लेकिन आधी सदी बाद भी आवासीय पट्टा नहीं मिला है। दफ्तरों के चक्कर: ग्रामीण तहसील, एसडीएम, महंगाई राहत शिविर आदि में बार-बार गुहार लगा चुके हैं। फाइलें आगे नहीं बढ़ पाईं। योजनाएं दिखावा: आवासीय पट्टा न होने से वे योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे। ग्राम सेवा शिविर में आश्वासन मिला कि फाइलें आगे बढ़ेंगी और राहत दी जाएगी। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता बताई और व्यवस्था दिखाने को कहा।0
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Muzaffarpur के बेला एरिया में रस्सी फैक्ट्री में आग, लाखों का नुकसान
Muzaffarpur, Bihar:Muzaffarpur के बेला इंडस्ट्रीज एरिया फेज 2 स्थित श्री कृष्णा प्रोडक्ट नामक प्लास्टिक रस्सी बनाने वाली फैक्ट्री में आज अहले सुबह शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. मजदूर और स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग ने फैक्ट्री को चपेट में ले लिया और पूरी फैक्ट्री जलकर राख हो गई. दो मजदूर मौजूद थे जो बाल-बाल बच गए. एक व्यक्ति झुलस गया है. आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियों ने घंटों मशक्कत की, लेकिन आग के कारण फैक्ट्री के फायर सेफ्टी सिस्टम की कमी सामने आई. मालिक फैक्ट्री बंद कर फरार हो गया. घायल व्यक्ति के बारे में भी जानकारी दी गई.0
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