
उमरिया में नाबालिग से गैंगरेप का मुख्य आरोपी भोपाल से गिरफ्तार
उमरिया जिले में 13 वर्षीय लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। तीन आरोपियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी थी। अब मुख्य आरोपी को भोपाल के अशोका गार्डन से गिरफ्तार किया गया है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
उमरिया में पुलिस ने नशीली दवाओं के साथ तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
उमरिया कोतवाली पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर खेरवाखुर्द और मझगवा के बीच घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 88 नग कोरेक्स शीरफ और 870 नग नाईट्रबेट टेबलेट जब्त किए। साथ ही, परिवहन में इस्तेमाल की जा रही कार और बाइक भी जब्त की गईं। यह कार्रवाई कोतवाली पुलिस और सिविल लाइन चौकी पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से की गई। इस अभियान से क्षेत्र में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
बांधवगढ़ में विधायक का धरना समाप्त, पार्क प्रबंधन से समझौता
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिनों से चल रहा भाजपा विधायक मीना सिंह का धरना गुरुवार शाम को समाप्त हो गया। पार्क प्रबंधन ने विधायक की मांगों को एक माह में पूरा करने का आश्वासन दिया। मुख्य मांगों में स्थानीय रोजगार, नई जिप्सियों को पर्यटन रोस्टर में शामिल करना, वन्य जीवों के हमले से घायलों का त्वरित उपचार और मुआवजा शामिल थे। समझौते के बाद विधायक ने धरना समाप्त कर दिया।
उमरिया में डॉक्टर रिश्वत लेते पकड़ा गया, जानें पूरा मामला!
उमरिया जिले के मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजेंद्र मांझी को लोकायुक्त रीवा की टीम ने 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त टीम के अनुसार, डॉ. मांझी ने आवेदक वीरेंद्र यादव से उसके मृत भतीजे बाली यादव की पीएम रिपोर्ट बनवाने के लिए 10 हजार रुपए की मांग की थी। वीरेंद्र ने पहली किश्त के रूप में तीन हजार रुपए दिए, लेकिन डॉ. मांझी द्वारा बार-बार दबाव बनाने पर आज फिर तीन हजार रुपए लिए गए, जिसे लोकायुक्त ने ट्रैप कर लिया।
उमरिया में विधायक मीना सिंह का धरना: रोजगार की मांग में जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता!
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में विधायक मानपुर, सुश्री मीना सिंह, ने गुरुवार को अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पार्क ऑफिस के बाहर धरना दिया। वे स्थानीय लोगों को रोजगार और पर्यटन के लिए जिप्सियों के रोस्टर में बदलाव की मांग कर रहे हैं। पार्क प्रबंधन का कहना है कि जिप्सी रोस्टर में बदलाव एक भंग कमेटी के माध्यम से होता है, इसलिए इसे नहीं बदला जा सकता। हालांकि, विधायक और उनके कार्यकर्ता अपनी मांगों को तुरंत मनवाने पर अड़े हैं।