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NNnilesh nagarFollow16 Apr 2025, 03:35 pm

Ujjain - महाकाल मंदिर में नौकरी अब केवल वेरिफिकेशन के बाद मिलेगी

Ujjain, Madhya Pradesh:

उज्जैन, एसपी प्रदीप शर्मा का कहना है कि मंदिर में होने वाली नियुक्ति चाहे नई हो या पुरानी अब सभी को वेरिफिकेशन के बाद ही नोकरी पर रखा जाएगा। याद रहे कि  महाकाल मंदिर में बीते दिनों अवैध वसूली कर दर्शन और भस्म आरती के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ ठगी करने के मामले में 14 लोगो के खिलाफ प्रकरण दर्ज की किया गया था। जिसमें मंदिर के कर्मचारी के साथ ही आउटसोर्स कम्पनी के कर्मचारी के नाम भी सामने आए थे। एसपी प्रदीप शर्मा ने स्पष्ट कहा कि नियुक्ति नई हो या पुरानी अब मंदिर समिति को किसी भी नई नियुक्ति से पहले उसका पुलिस वेरिफिकेशन करवाना जरूरी होगा।

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अटरू पंचायत में 34 ग्राम पंचायतों के सरपंच आरक्षण घोषित

RMRam MehtaJust now
Baran, Rajasthan:अटरू पंचायत समिति की 34 पंचायतों में सरपंच पदों का आरक्षण जारी बारां पंचायत आम चुनाव 2026 को लेकर पंचायत समिति अटरू की 34 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों का आरक्षण जारी कर दिया गया है। उपखंड अधिकारी अंजना सहरावत, अटरू द्वारा 24 सितंबर 2026 को जारी सूची में एससी, एसटी, ओबीसी एवं महिला वर्ग के लिए आरक्षण तय किया गया है। जारी सूची के अनुसार मुंडला बिसौती, अन्ताना, जीरोद और गन्दोलिया एससी, चरड़ाना, कनोटीया, कटावर एससी महिला के लिए आरक्षित है। मेरमाचाह, बरला, खुरी और बमोरी एसटी, जबकि खरखड़ा रामलोथान, रीछन्दा और ढोटी एसटी महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई है。 दड़ा और सकतपुर ओबीसी, मुसई गुजरान ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। वहीं बड़ौरा, पटना, दीलौदहाथी, ननावता, केरवालिया, गोरधनपुरा, कुंजेड अनारक्षित रखे गए हैं, जबकि मोठपुर, शेरगढ़, कुंडी, कवाई, किशनपुरा, सहरोद, अरडाण्द, भैंसड़ा, आटोन और बिछालस अनारक्षित महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
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53 साल की भवानीगंज रामलीला: ताड़का का डर और बाल राम-Laxman की आस्था

Ramanagara, Karnataka:ताड़का का खौफ, बाल राम की आस्था और बॉलीवुड का कनेक्शन… 53 साल पुरानी भवानीगंज रामलीला में दिखा परंपरा का अनोखा संगम.. रामनगर इन दिनों आदर्श रामलीला समिति भवानीगंज, रामनगर, जिला नैनीताल में रामलीला का मंचन चल रहा है. 53वें वर्ष में पहुंच चुकी इस रामलीला में जहां भगवान राम के जन्म से लेकर विभिन्न प्रसंगों का मंचन दर्शकों को आकर्षित कर रहा है. वहीं इस बार ताड़का का भयावह रूप भी चर्चा का विषय बना हुआ है. ताड़का के किरदार को कुछ इस अंदाज में तैयार किया गया कि मंच पर आते ही दर्शक सहम गए, खास बात यह भी है कि यहां कलाकार भगवान की सेवा के भाव से बिना किसी पारिश्रमिक के रामलीला में अभिनय करते हैं, वहीं बाल कलाकारों के लिए रामलीला सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि संस्कार और आस्था का माध्यम बन गई है. रामनगर के भवानीगंज में इन दिनों रामलीला का मंच सजा हुआ है. 53 साल पुरानी इस रामलीला में परंपरा और आधुनिक मंचन का खूबसूरत मेल देखने को मिल रहा है, राम जन्म की लीला के साथ ताड़का वध, सुबाहु वध और मारीच प्रसंगों का मंचन किया गया, मंच पर जब ताड़का का प्रवेश हुआ तो उसके भयावह रूप को देखकर दर्शक भी हैरान रह गए, लेकिन इसी मंच पर बाल राम और बाल लक्ष्मण का किरदार निभा रहे बच्चों की मासूमियत और आस्था भी लोगों का दिल जीत रही है. आदर्श रामलीला समिति भवानीगंज रामनगर जिला नैनीताल में इन दिनों रामलीला का मंचन चल रहा है, इस वर्ष समिति अपनी रामलीला के 53वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है. मंच पर कलाकारों ने अपने अभिनय से धार्मिक प्रसंगों को जीवंत कर दिया. सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहा ताड़का का किरदार। ताड़का के रूप को भयावह तरीके से तैयार किया गया था, विशालकाय और डरावने हावभाव के साथ जब ताड़का मंच पर पहुंची तो बच्चों से लेकर बड़े तक उसे देखते रह गए, मंच पर ताड़का का यह रूप रामलीला के दृश्य को और प्रभावशाली बना रहा था. रामलीला में ताड़का का किरदार निभा रहे तरुण कुमार लंबे समय से इस भूमिका से जुड़े हुए हैं, उनके लिए रामलीला केवल अभिनय नहीं, बल्कि समाज को संदेश देने का माध्यम भी है. उनका कहना है कि भगवान श्रीराम के आचरण और उनके आदर्शों को हर व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए, जबकि असुर प्रवृत्तियों का त्याग जरूरी है. रामलीला मनोरंजन के साथ समाज को संस्कार, मर्यादा और सदाचार का संदेश देने का भी माध्यम है. लेकिन इस रामलीला की सबसे खूबसूरत तस्वीर मंच पर नजर आने वाले बाल कलाकार हैं, कक्षा पांच में पढ़ने वाले शिवांश शर्मा लगातार पांच वर्षों से बाल राम की भूमिका निभा रहे हैं, छोटी सी उम्र में भगवान राम का किरदार निभाते हुए शिवांश न सिर्फ संवाद बोलते हैं, बल्कि भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की बात भी कहते हैं. वह कहते है मेरा नाम शिवांश शर्मा है, शिवांश शर्मा कहते हैं कि मेरा नाम शिवांश शर्मा है और मैं बाल राम जी का ही भूमिका में हूँ और मेरे को बाल राम जी का भूमिका बहुत प्यारी लगती है और मैं इस पाँच सालों से ये करता रहा हूँ और इस वर्ष हमारे यहाँ को 53वाँ गरस है और मैं इसको अपनी असली जिंदगी में भी उतारना चाहता हूँ. शिवांश की तरह ही कक्षा पांच के छात्र आदि नेनवाल भी रामलीला में बाल लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे हैं, मंच पर लक्ष्मण के किरदार में नजर आने वाले आदि इस भूमिका को लेकर खासे उत्साहित हैं, रामलीला के दौरान उन्होंने लक्ष्मण का संवाद और चौपाई भी प्रस्तुत की. आदि का कहना है कि उन्हें बाल लक्ष्मण की भूमिका निभाना बहुत अच्छा लगता है, वहीं भविष्य में वह संगीत के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं. रामलीला की खासियत सिर्फ मंच पर नजर आने वाले बाल कलाकार नहीं हैं, इस आयोजन से जुड़े कलाकार वर्षों से अपनी कला को भगवान की सेवा के रूप में देखते आए हैं. समिति के सचिव और इस बार दशरथ की भूमिका निभा रहे राजीव अग्रवाल इससे पहले कई वर्षों तक भगवान राम का किरदार भी निभा चुके हैं, पिछले कुछ वर्षों से वह दशरथ और कैवट जैसे महत्वपूर्ण पात्रों का अभिनय कर रहे हैं. उनके मुताबिक भवानीगंज की रामलीला 53वें वर्ष में पहुंच चुकी है और यहां महिला पात्रों की भूमिका भी महिला कलाकार ही निभाती हैं, सबसे खास बात यह है कि समिति से जुड़े कलाकार RAMलीला में अभिनय के लिए किसी तरह का पारिश्रमिक नहीं लेते, सभी कलाकार भगवान की सेवा के भाव से मंचन करते हैं. भवानीगंज की रामलीला की एक और खास परंपरा है,यहां वर्षों से श्रादों के दौरान रामलीला का आयोजन होता आ रहा है, समिति से जुड़े लोगों के मुताबिक इसके पीछे पूर्वजों और रामलीला की स्थापना से जुड़ी परंपरा है. मान्यता यह है कि जिस तरह श्रादों में लोग अपने पितरों का स्मरण करते है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, उसी तरह रामलीला के माध्यम से भी पूर्वजों को याद किया जाता है और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की भावना रहती है. यानी यहां रामलीला सिर्फ धार्मिक मंचन नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा और पूर्वजों की विरासत से भी जुड़ी हुई है. भवानीगंज की रामलीला की पहचान रामनगर तक सीमित नहीं है, समिति के कलाकार उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों के साथ ही उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर भी रामलीला मंचन कर चुके हैं. समिति के संस्थापक और निर्देशक आर.पी. किशोर का भी बॉलीवुड से जुड़ाव रहा है. वहीं दिवंगत कलाकार हरिश मंदोरिया की आवाज और अभिनय को आज भी रामलीला से जुड़े लोग याद करते हैं. रामलीला शुरू होने से पहले समिति दिवंगत कलाकारों को श्रद्धांजलि देती है, इस तरह मंच से जुड़े उन कलाकारों को भी याद किया जाता है, जिन्होंने वर्षों तक अपनी कला और अभिनय से रामलीला की परंपरा को आगे बढ़ाया. रामनगर के भवानीगंज में चल रही ये रामलीला 53 साल की उस परंपरा की गवाह है, जिसमें कलाकार बदलते रहे, किरदार बदलते रहे, लेकिन भगवान राम की लीला के प्रति आस्था आज भी कायम है, एक तरफ ताड़का का भयावह रूप दर्शकों को रोमांचित कर रहा है, तो दूसरी तरफ बाल राम और बाल लक्ष्मण का किरदार निभा रहे बच्चे इस परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहे हैं, खास बात ये है कि यहां कलाकार किसी पारिश्रमिक के लिए नहीं, बल्कि भगवान की सेवा और अपनी आस्था के लिए मंच पर उतरते हैं. भवानीगंज की आदर्श रामलीला समिति की कहानी सिर्फ एक मंच, कुछ किरदारों और संवादों की कहानी नहीं है, यह कहानी है उन कलाकारों की जो अपनी कला को भगवान के चरणों में समर्पित करते हैं, यह कहानी है उन बच्चों की, जो छोटी उम्र में राम और लक्ष्मण का किरदार निभाकर मर्यादा और संस्कार को समझने की कोशिश कर रहे हैं. यह कहानी उस परंपरा की भी है. जो 53 वर्षों से श्रादों के दौरान रामलीला के रूप में आगे बढ़ रही है. मंच पर ताड़का का भयावह रूप हो या बाल राम की मासूम मुस्कान… हर दृश्य के पीछे एक ही भाव नजर आता है—आस्था, परंपरा और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प. रामनगर के भवानीगंज में रामलीला का मंचन जारी है और इसके साथ ही 53 साल पुरानी यह विरासत एक बार फिर नई पीढ़ी के कलाकारों के जरिए आगे बढ़ रही है. Byte.1-तरुण कुमार,ताड़का Byte.2- शिवांश शर्मा, बाल राम Byte.3-आदि नेनवाल, बाल लक्ष्मण Byte.4-राजीव अग्रवाल, सचिव/दशरथ की भूमिका
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मुज़फ्फरनगर में ग्राम प्रधान के बेटे की हत्या से सनसनी

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुज़फ्फरनगर ब्रेकिंग प्रधान के बेटे की निर्मम हत्या से सनसनी खेत मे पड़ा मिला ग्राम प्रधान के बेटे का शव शाम क़ो दोस्त की बर्थडे पार्टी मे गया था शामिल होने मृतक ने पिता से बात कर दोस्त के घर ही रुकने की दी थी जानकारी किसान खेतो मे पहुँचे तो शव होने की पुलिस क़ो दी जानकारी ग्रामीणों समेत प्रधान खेत मे पहुंचा तो बेटे का शव देख उड़ गए होश एसपी सिटी अमृत जैन भारी फ़ोर्स के साथ मौक़े पर मौजूद हत्या के खुलासे के लिए 3 टीम का किया गया गठन मृतक युवक रोहन ग्राम हरेटी के प्रधान विवेक का है बेटा थाना पुरकाजी क्षेत्र के हरेटी गांव जंगलो मे मिला शव
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Noida, Uttar Pradesh:
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एडीबी परियोजना से टिहरी झील के आस-पास पर्यटन सर्किट में नई सुविधाओं का विकास

New Tehri, Uttarakhand:टिहरी झील के आसपास के क्षेत्र में पर्यटन सर्किट के प्लानिंग के तहत विकसित किया जाएगा। एडीबी परियोजना के तहत कोटी बोटिंग प्वाइंट और आसपास के क्षेत्र में नई पर्यटन गतिविधियाँ बढ़ाने के साथ स्मार्ट कॉम्पोनेंट को लेकर डीएम द्वारा एडीबी और पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। डीएम का कहना है कि एडीबी परियोजना के तहत पर्यटन रोड, स्मार्ट बस शेल्टर, लाइटिंग व्यवस्था, सीसीटीवी, व्यू प्वाइंट, ई-बस सेवा समेत नई टिहरी शहर डेवलपमेंट के लिए कई सुविधाएं प्रस्तावित हैं जिनके लिए प्लानिंग के तहत काम किया जा रहा है ताकि दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के साथ इससे जोड़ा जा सके।
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मऊ में मुठभेड़: 25 हजार इनामी बदमाश घायल, तमंचा-बाइक बरामद

Mau, Uttar Pradesh:मऊ: जनपद मऊ के थाना चिरैयाकोट क्षेत्र में पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में 25 हजार रुपये का इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़ा गया अभियुक्त 14 सितंबर को हुई अनीश कुमार हत्याकांड में वांछित चल रहा था। उसके पास से एक अवैध तमंचा, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की गई है। चिरैयाकोट पुलिस और स्वाट टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी। 24 सितंबर को पुलिस टीम ने असलपुर पुलिया के पास घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाश ने जान से मारने की नीयत से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस की ओर से की गई जवाबी फायरिंग में बदमाश के बाएं पैर में घुटने के नीचे गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। घायल को तत्काल इलाज के लिए सीएचसी रानीपुर भेजा गया।
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कौशांबी मेडिकल कॉलेज में दो डायमंड अंगूठी चोरी के आरोप पर हंगामा

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:मेडिकल कॉलेज में चोरी के आरोप पर हंगामा कौशांबी के मेडिकल कॉलेज में मरीज की दो डायमंड अंगूठी चोरी होने के आरोप से हड़कंप मच गया। तीमारदारों ने संविदा स्टाफ नर्स कीर्ति कुशवाहा पर चोरी का आरोप लगाया। वहीं आरोपों से आहत नर्स ने तीमारदारों पर मारपीट का आरोप लगाया है। सूचना पर रात में पहुंची पुलिस ने जांच की और CCTV फुटेज खंगाली, लेकिन चोरी की तस्वीर स्पष्ट नहीं हुई। सुबह नर्स के समर्थन में संविदा स्टाफ ने प्रदर्शन किया और CMS के खिलाफ नारेबाजी की। इसके चलते मरीज़ों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
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मीना हत्याकांड: पांच दिन में दूसरा आरोपी गिरफ्तार, पैसे के लेनदेन का खुलासा

Karauli, Rajasthan:मोहन सिंह उर्फ सिद्धू मीना हत्याकांड पांच दिन में एक और आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया। अपहरण के बाद युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुरानी रंजिश और पैसे के लेनदेन को घटना का प्रमुख कारण बताया गया है। महवा, बालाजी मोड़ आदि जगहों पर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए और साक्ष्यों के आधार पर मयंक जाटव और शैलेन्द्र उर्फ कबीर मीना को गिरफ्तार किया गया है। हत्या के पीछे मोहन सिंह से 6 हजार रुपये लिए जाना और 12 हजार रुपये ब्याज सहित वापस मांगना भी बताई गई है। गोपनीय सूचना के आधार पर टोडाभीम थाना और साइबर सेल ने हालिया गिरफ्तारी और अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी रखी है। इस मामले में ग्रामीणों ने गिरफ्तारी की मांग कर रहीं थीं और पुलिस ने अशांति के बीच क्रमबद्ध कार्रवाई की है।
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रुद्रप्रयाग में किसानों की पहचान डिजिटल, फार्मर आईडी से योजनाओं का लाभ

Routhiya, Uttarakhand:रुद्रप्रयाग में किसानों की पहचान अब डिजिटल होने जा रही है। एग्रीस्टैक योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों को फार्मर आईडी दी जा रही है। इसमें किसान की भूमि समेत कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज होगी। कृषि विभाग के अनुसार भविष्य में विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी महत्वपूर्ण आधार बनेगी। एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा रही है। मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट ने बताया कि फार्मर आईडी किसान की एक डिजिटल पहचान होगी, जिसमें उसकी भूमि का रिकॉर्ड दर्ज रहेगा, उन्होंने बताया कि भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि समेत अन्य कृषि एवं उद्यान विभाग की योजनाओं को भी फार्मर आईडी से जोड़ा जा सकता है। योजनाओं के लाभार्थियों के चयन में भी इसका उपयोग किया जाएगा, जिससे किसान की भूमि और पात्रता का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, फार्मर रजिस्ट्री होने से किसानों को सरकारी योजनाओं और कृषि विभाग की सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। भूमि और किसान से जुड़ी जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध रहने के कारण बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत भी कम होगी। कृषि विभाग ने सभी किसानों से अपनी फार्मर रजिस्ट्री जल्द पूरी कराने की अपील की है। किसान अपने नजदीकी सीएससी केंद्र, संबंधित विभागीय कर्मचारी या निर्धारित शिविर के माध्यम से फार्मर आईडी बनवा सकते हैं。
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