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सीधी में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, निचले इलाकों में पानी भरने से आवागमन बाधित
Sidhi, Madhya Pradesh:सीधी जिले में पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से नदी-नालों में उफान देखा जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार जिले के पांचों ब्लॉकों में अब तक 1170 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी लेकिन लगातार हो रही बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। शहर के निचले इलाकों में पानी भरने से आवागमन में भारी समस्या हो रही है।
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नदी से जुड़ी ताजा खबर अभी उपलब्ध नहीं
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राइनो सुरक्षा के लिए नई पहल, संरक्षण अभियान तेज
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बंदर पर बिना स्पष्ट खबर हट गई: ऑनलाइन चर्चा शुरू
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मुरैना में तेज बस ने बाइक सवार 19 वर्षीय युवक को कुचला, दर्दनाक मौत
Morena, Madhya Pradesh:मुरैना - मुरैना में रफ्तार का कहर, तेज रफ्तार बस ने बाइक में मारी टक्कर, घटना में बाइक सवार 19 वर्षीय युवक की हुई बस से कुचलकर हुई दर्दनाक मौत, सबलगढ़ से मुरैना की तरफ आ रही थी यात्री बस, कैलारस के नेपरी गांव के पास नेशनल हाईवे 552 पर हुई पूरी घटना, घटना के बाद बस ड्राइवर बस से कूदकर भागा, घटना स्थल पर पहुंची डायल 112 के द्वारा मृतक युवक को कैलारस अस्पताल पहुंचाया गया, पुलिस ने बस को किया जब्त, कैलारस थाना क्षेत्र का पूरा मामला0
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कानपुर: केडीए ने 16 इमारतें सील, मंज़ूर नक्शे और परमिशन के बिना कार्रवाई
Noida, Uttar Pradesh:Kanpur (Uttar Pradesh): Kanpur Development Authority (KDA) Seals 16 Buildings Overnight/ Action Taken Over Absence Of Approved Map And Permissions/ Crackdown Intensified After Lucknow Coaching Fire Incident/ Visuals0
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ओवरलोड कोयला ट्रक पलटा, अनूपपुर मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
Anuppur, Madhya Pradesh:अनूपपुर जिले के बिजुरी थाना अंतर्गत बिजुरी मनेन्द्रगढ़ मुख्य मार्ग पर दलदल तिराहे के पास ओवरलोड कोयला से भरा हुआ ट्रक पलटा। ट्रक रामपुर से कोयला लेकर बिजुरी कपिलधारा कोल साइडिंग की तरफ आ रहा था, तभी अनियंत्रित होकर बीच मार्ग में पलट गया। हलाकि यह चालू मार्ग है और आबादी वाला क्षेत्र भी है, लेकिन ट्रक पलटने की घटना सुबह तड़के में हुई जिसकी वजह से किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई। उस समय लोग अपने घरों में सो रहे थे। कोयलांचल क्षेत्र होने के कारण इस मार्ग पर भारी भरकम वाहनों का आवागमन होता रहता है और हमेशा यह वाहन ओवरलोड होकर चलते हैं जिसकी वजह से अक्सर इस तरह की दुर्घटना होती रहती है जिससे कुछ लोग काल के ग्रास में जा चुके हैं; प्रशासन लगातार इसकी अनदेखी करता है। ओवरलोड वाहनों पर किसी प्रकार की कार्यवाही ना होना अपने आप में एक बड़ा प्रशासन के खिलाफ सवालिया निशान खड़ा करता है।0
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लखनऊ अग्निकांड के बाद वाराणसी के कोचिंग संस्थान सुरक्षा कारणों से 3 दिन बंद
Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी में एक कोचिंग संस्थान ने लखनऊ अग्निकांड के बाद कार्रवाई के डर से 3 दिन तक कोचिंग किया बंद. वाराणसी के दुर्गाकुंड में महिंद्रा कोचिंग हुआ बंद. 2010 से बिना फायर सेफ्टी के चल रहा था कोचिंग. सुरक्षा के उपकरण न होने के चलते कोचिंग हुआ बंद. 500 से अधिक छात्र करते हैं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी. रियल्टी चेक में दिखी खामियां. मैनेजर ने कहा अभी कर रहे हैं सभी तैयारीयाँ. सुरक्षा कारणों से बंद किया कोचिंग. कोचिंग के अंदर जाकर मैनेजर से बात करते हुए एवं खामियां दिखाते हुए.0
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लखनऊ: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बाइकिनुथ धाम पहुँचे; अलीगंज आग हादसे के पीड़ितों के संस्कार
Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बाइकिनुथ धाम पहुँचे; अलीगंज आग हादसे के पीड़ितों के संस्कार0
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पुलिस टीम चोरी की घटना की जांच तेज प्रताप यादव के घर पहुंची
Noida, Uttar Pradesh:चोरी की घटना की जांच के लिए पुलिस की एक टीम JJD अध्यक्ष तेज प्रताप यादव के घर पहुंची0
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मुरैना के कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा जोखिम, निकासी रास्ते असुरक्षित
Morena, Madhya Pradesh:लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक हादसे ने देशभर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी के बाद जी मीडिया की टीम ने मुरैना के कोचिंग संस्थानों का रियलिटी टेस्ट किया। पड़ताल में जो तस्वीर सामने आई, उसने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। ज्यादातर कोचिंग सेंटरों में एक ही एंट्री और एक ही एग्जिट है, जबकि कई इमारतों में एक साथ कई कोचिंग संचालित हो रहे हैं, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में अगर कोई हादसा हो जाए, तो आखिर बच्चों की सुरक्षित निकासी कैसे होगी? देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट लखनऊ हादसे के बाद जी मीडिया की टीम मुरैना के कोचिंग संस्थानों की जमीनी हकीकत जानने निकली। शहर के अलग-अलग इलाकों में संचालित कोचिंग सेंटरों का रियलिटी टेस्ट किया गया तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ज्यादातर कोचिंग संस्थान बहुमंजिला इमारतों में संचालित हो रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर व्यवस्थाएं नाकाफी दिखाई दीं। कई इमारतों में एक ही रास्ते से छात्रों की आवाजाही हो रही है। वहीं एक ही बिल्डिंग में कई कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जहां रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राएं पहुंचते हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर आग लगने, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य आपात स्थिति में भगदड़ मच जाए, तो बच्चों को बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता कहां मिलेगा? कई जगहों पर न तो इमरजेंसी एग्जिट दिखाई दिए और न ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम। लखनऊ हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे शहर के कोचिंग संस्थान किसी आपदा से निपटने के लिए तैयार हैं? और अगर नहीं, तो आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे? पीटीसी करतार सिंह मुरैना में सैकड़ों छात्र हर दिन इन कोचिंग संस्थानों में अपना भविष्य संवारने पहुंचते हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या इन संस्थानों में उनकी सुरक्षा की भी उतनी ही चिंता की जा रही है? फिलहाल जरूरत इस बात की है कि किसी बड़े हादसे के इंतजार से पहले सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बरती जाए।0
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बैतूल के कोचिंग सेंटर में आग, 15 छात्रों की मौत, सुरक्षा नियम सवाल बने
Betul, Madhya Pradesh:एंकर - लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया,लेकिन सवाल ये है कि क्या इस हादसे और इससे पहले हुए हादसों से सबक लिया गया। जब जी मीडिया ने बैतूल के कोचिंग संस्थानों की जमीनी हकीकत जानी तो जो सामने आया वो चौंकाने वाला और डराने वाला है। बैतूल में चल रहे कई कोचिंग सेंटरों में छात्रों की सुरक्षा भगवान भरोसे नजर आ रही है। फायर सेफ्टी के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है। कई संस्थानों में 2018 में एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्र आज भी दीवारों पर टंगे हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में बेकार साबित होंगे। इतना ही नहीं ज्यादातर कोचिंग सेंटर बहुमंजिला इमारतों की दूसरी और तीसरी मंजिल पर संचालित हो रहे हैं। जहां आने-जाने के लिए सिर्फ एक संकरी सीढ़ी ही मौजूद है। कहीं फायर सेफ्टी सिस्टम है ही नहीं तो कहीं सैकड़ों छात्रों के बीच सिर्फ एक अग्निशमन यंत्र और वो भी एक्सपायर आपातकालीन निकासी का कोई इंतजाम नहीं यानि अगर हादसा हुआ तो बचने का रास्ता लगभग नामुमकिन,जी मीडिया की टीम जब बैतूल के दो बड़े कोचिंग संस्थानों में पहुंची,तो वहां साफ नजर आया कि सेफ्टी नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। न तो संस्थान संचालक गंभीर हैं और न ही नगर पालिका की तरफ से कोई सख्ती दिखाई दे रही है। बड़ा सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। क्या बैतूल में भी लखनऊ जैसी त्रासदी के बाद ही कार्रवाई होगी। कोचिंग संचालकों की लापरवाही और प्रशासन की चुप्पी कहीं बैतूल के छात्रों के लिए जानलेवा साबित न हो जाए। जरूरत है,समय रहते सख्त कदम उठाने की ताकि लखनऊ जैसी घटना बैतूल में दोहराई न जाए।0
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लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग, मंत्री अंसारी
Ballia, Uttar Pradesh:लखनऊ में कोचिंग अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत को लेकर यूपी सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और मृतकों के परिवार के साथ सरकार की शोक संवेदना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्थल और अस्पताल दोनों जगह गए. मॉनिटरिंग करते हुए आवश्यक कदम उठाए गए. जांच टीम गठित कर दी गई है ताकि दोषी की जिम्मेदारी तय हो और सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए. प्रदेश के संस्थानों के मानक हर हाल में पूरे करने होंगे. संबंधित विभाग समीक्षा करे कि सब कुछ नियमों के मुताबिक हो. जनता के हित में जो भी आवश्यक कदम होंगे वे उठाए जाएँगे. वन टू वन-अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी से खास बातचीत0
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विशेष शिविर में 25 श्रमिकों का पंजीयन, योजनाओं की दी गई जानकारी
Deoria, Uttar Pradesh:श्रमिकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने और उन्हें विभिन्न सुविधाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा देवरिया सदर विकास खंड के भजुमाव गांव स्थित पंचायत सभागार में विशेष पंजीयन एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जीरो पावर्टी परिवारों, मनरेगा जॉब कार्ड धारक श्रमिकों तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों को जागरूक करते हुए उनका पंजीयन कराया गया। सहायक श्रमायुक्त स्कंद कुमार मिश्र के निर्देशन में आयोजित शिविर में श्रम विभाग के कर्मचारी सुधाकर पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने श्रमिकों को पंजीयन कराने के साथ ही समय-समय पर उसका नवीनीकरण कराने के लिए प्रेरित किया, जिससे वे विभाग की योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें। शिविर के दौरान कुल 25 श्रमिकों का पंजीयन किया गया। सुधाकर पाण्डेय ने बताया कि श्रमिक पंजीयन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड तथा नियोजन प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक अभिलेखों के साथ निकटतम जनसेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा ऐसे जागरूकता एवं पंजीयन शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनके आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा सके।0
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जबलपुर के कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा खामियाँ, लखनऊ हादसे के बाद भी खतरे कायम
Jabalpur, Madhya Pradesh:लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के बाद जबलपुर में भी कोचिंग सेंटर में हालात सही नहीं है। जबलपुर के अनेक कोचिंग संस्थानों में यदि कोई हादसा होता है तो छात्र-छात्राओं को निकालने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जबलपुर का यादव कॉलोनी इलाका कोचिंग संस्थान का गढ़ माना जाता है। ऐसे ही इलाके में चार मंजिला बिल्डिंग के ऊपर कोचिंग संस्थानों लाइब्रेरी चल रही है। कोचिंग संचालक सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहे हैं लेकिन हालात ठीक नहीं है। कोचिंग के एंट्रेंस में ही बड़ी संख्या में बिजली के मीटर लगा दिए गए हैं, साथ ही दूसरे दरवाजे पर गाड़ियां रख दी गई हैं, जिसके चलते हुआ गेट बंद हो गया है। यही नहीं तीसरी मंजिल पर पुलिस चौकी भी संचालित होती है। ऐसे में यदि यहां कभी हादसा होता है तो हालत बिगाड़ सकते हैं, ऐसा स्थानीय लोगों का भी कहना है। जबलपुर में यह केवल एक कोचिंग सेंटर की कहानी नहीं है, बल्कि यहाँ पर अनेक कोचिंग संस्थान ऐसे हैं जहां छात्र-छात्राओं को जान जोखिम में डालकर उनके भविष्य को संवारने का दावा किया जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि लखनऊ में जो हादसा हुआ उसके बाद यहाँ पर प्रशासन ने अब तक किसी प्रकार का अलर्ट जारी नहीं किया है और ना ही किसी प्रकार के फायर नॉर्म्स को लेकर कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है।0
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