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Dheeraj Kumar BalothiyaDheeraj Kumar BalothiyaFollow24 Sept 2024, 11:53 am
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कोटा पहुंचे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पर्यावरण के लिए पौधारोपण अभियान शुरू किया

Kota, Rajasthan:लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कोटा पहुंचे। छावनी क्षेत्र स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर में उन्होंने भगवान शिव के दर्शन कर शिवलिंग पर जल अर्पित किया और पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। पूजा-अर्चना के बाद ओम बिरला मंदिर परिसर में आयोजित एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। ओम बिरला ने कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की जिम्मेदारी भी हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम में आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व उप महापौर सुनीता व्यास समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।
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रक्षाबंधन पर 51 महिलाओं को 1000 रुपए पेंशन, 30 सिलाई मशीनें वितरित

Kota, Rajasthan:रक्षाबंधन पर 51 जरूरतमंद महिलाओं को 1000 रुपए पेंशन, 30 को सिलाई मशीनें एंकर कोटा के उद्योग नगर क्षेत्र में श्री राजपूत सभा कोटा की ओर से समाज की जरूरतमंद विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता की पहल जारी है। कंसुआ चौराहा स्थित चौहान भवन में 51 महिलाओं और एक बुजुर्ग दंपति को पेंशन की दसवीं किस्त वितरित की गई। सामान्य तौर पर प्रत्येक महिला को 800 रुपए मासिक पेंशन दी जाती है, लेकिन रक्षाबंधन के अवसर पर 200 रुपए अतिरिक्त देकर इस माह 1000 रुपए की पेंशन दी गई। समाज सारथी रविन्द्र सिंह हाड़ा ने बताया कि योजना की शुरुआत नवंबर 2025 में 15 महिलाओं से हुई थी, जो अब बढ़कर 51 महिलाओं तक पहुंच गई है। सभा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार से भी जोड़ रही है। अक्टूबर 2025 से अब तक जरूरतमंद महिलाओं को 30 सिलाई मशीनें वितरित की जा चुकी हैं। कार्यक्रम में महिलाओं ने समाज सारथियों को रक्षा सूत्र बांधकर आभार जताया। इस दौरान लोकेंद्र सिंह राजावत सहित समाज के कई लोग मौजूद रहे।
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पीपाड़ में परिवार के तीन बच्चों की पानी की डिग्गी में डूबकर मौत

Jodhpur, Rajasthan:पीपाड़ सिटी (जोधपुर) पीपाड़ शहर के चौकड़ी गांव से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। एक ऐसा परिवार, जो तीन दिन पहले ही अपने घर की महिला की आकस्मिक मौत का सदमा झेल रहा था, उस परिवार पर अब दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पानी की डिग्गी में डूबने से एक ही संयुक्त परिवार के तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 15 वर्षीय सुमन, 11 वर्षीय रेखा और 8 वर्षीय प्रवीण शामिल हैं। बताया जा रहा है कि तीनों बच्चे घर के पास बनी पानी की डिग्गी के पास खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से तीनों डिग्गी में जा गिरे। बच्चों के डूबने की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशकत के बाद तीनों को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद तीनों को तत्काल पीपाड़ शहर के जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। मृतक मासूम प्रवीण की मां का महज तीन दिन पहले ही आकस्मिक निधन हुआ था। परिवार पहले से ही मां के निधन के शोक में डूबा हुआ था। लेकिन कुदरत को शायद कुछ और ही मंजूर था। तीन दिन के भीतर परिवार पर एक के बाद एक ऐसा दुख टूटा कि हर कोई स्तब्ध है। एक ही संयुक्त परिवार के तीन भाइयों के घरों से एक-एक मासूम, यानी तीन बच्चों की एक साथ मौत हो गई। देखते ही देखते परिवार के तीन चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।एक तरफ मां के निधन का गम, दूसरी तरफ तीन मासूम बच्चों की मौत... चौकड़ी गांव का यह परिवार दुखों के ऐसे भंवर में फंस गया है, जिससे बाहर निकलना बेहद मुश्किल है। हादसे के बाद पूरे गांव और चौकीदार समाज में शोक की लहर है। घटना की सूचना मिलते ही बोरुंदा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस के अनुसार, परिजनों और ग्रामीणों की मांग पर तीनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। जिस घर में तीन दिन पहले मां के बिछड़ने का मातम था, वहां अब तीन मासूमों की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। चौकड़ी गांव की इस दर्दनाक घटना ने हर आंख नम कर दी है।।
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पंचायत चुनाव और परिसीमन पर मंत्री दीपक प्रकाश का बड़ा बयान

Patna, Bihar:लोकेशन — पटना मंत्री दीपक प्रकाश का बयान पंचायत चुनाव और परिसीमन को लेकर दिया बयान कहा पहले परिसीमन करने का निर्णय हुआ है सरकार द्वारा पहले परिसीमन कराया जाएगा फिर चुनाव कराया जाएगा दोनों ही कार्य निर्वाचन आयोग के द्वारा कराया जाएगा इसलिए टाइमलाइन कमेंट करना विभाग के लिए सही नहीं होगा लेकिन विभाग के द्वारा जो भी सहयोग देना होगा वह सहयोग दिया जाएगा परिसीमन का काम हो आरक्षण का काम हो या चुनाव का काम हो समय पर कराया जाने की कोशिश की जाएगी छात्र संगठन के द्वारा लगातार धरना और प्रदर्शन पर मंत्री ने कहा छात्रों के और युवाओं के जो भी मांग है जो भी बड़ी मांग है संबंधित विभाग इस पर कार्रवाई करेगा पिछले दिनों में भारत सरकार ने मिसाल पेश किया था जो मांग थी युवाओं की छात्रों की परीक्षा व्यवस्था को लेकर किया गया। आगे भी संवेदनशीलता के साथ काम करेंगे चीनी के बढ़ी कीमतों पर मंत्री ने कहा कि महंगाई से जोड़कर देखना नहीं चाहिए इसके पीछे क्या कुछ कारण है कई सारे कारण हो सकते हैं कारणों की समीक्षा की जाने चाहिए सरकार निश्चित तौर पर समुचित कदम उठाएंगे।।
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देपालपुर की बहनों ने सीमा को दिया रक्षा सूत्र, जवानों के लिए स्पेशल रक्षाबंधन

Indore, Madhya Pradesh:देपालपुर की सद्गुरु महिला शक्ति मंडल से जुड़ी बहनों ने रक्षा बंधन के अवसर पर देश की सीमाओं तक रक्षा सूत्र पहुँचाने का संकल्प लिया है। यह बहनें पिछले चार वर्षों से रक्षा सूत्र के साथ कंकू-चावल, मिठाई, ड्राय फ्रूट्स और भावनात्मक पत्र भी भेज रही हैं ताकि सीमा पर तैनात जवानों को घर-परिवार और बहनों की याद के साथ देश के प्रति और मजबूत रहने की प्रेरणा मिले। बहनों की कोशिश रहती है कि करीब 25 से 30 ब्रिगेड, ट्रेनिंग सेंटर और यूनिटों में पोस्ट डाक के माध्यम से राखियाँ भेजी जाएँ। हर पैकेट में सिर्फ राखी नहीं होती, बल्कि एक भावनात्मक पत्र और अन्य सामग्री भी होती है। जवानों की ओर से बहनों को मिलने वाला सम्मान और जवाबी पत्र इस रिश्ते को और भी भावुक बना देता है। इस अभियान की शुरुआत धार्मिक आस्था के साथ भी होती है; बहनें गुरुदेव जय करण दास जी महाराज की चरण पादुकाओं को नमन कर 24 अवतार मंदिर और चंद्रमोलेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करती हैं, इसके बाद ही राखियाँ भेजी जाती हैं। यह पहल संदेश देती है कि रक्षा बंधन सिर्फ एक परिवार का पर्व नहीं बल्कि स्नेह, सम्मान और जिम्मेदारी का पर्व है; एक छोटी सी राखी जब सीमा तक पहुँचती है, तो उसके साथ पूरे समाज का विश्वास और देश की बहनों का प्यार भी पहुँचता है।
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शनिवार की अर्धरात्रि उस समय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। जब लघुशंका के लिए घर से बा

RKRamendr KumarFollow4m ago
Bamhnawa, Uttar Pradesh:थानगांव सीतापुर शनिवार की अर्धरात्रि उस समय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। जब लघुशंका के लिए घर से बाहर निकले एक ग्रामीण को दरवाजे के बाहर बंगले में मगरमच्छ बैठा दिखाई दिया। मगरमच्छ को देखते ही ग्रामीण ने शोर मचाया जिससे देखते ही देखते पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 पुलिस और वन विभाग को मोबाइल फोन के माध्यम से घटना की सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम के साथ डिप्टी रेंजर आदित्य सिंह चौहान मौके पर पहुंचे। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद जानलेवा जलीय जीव को सुरक्षित घाघरा नदी में छोड़ दिया गया। मगरमच्छ के सुरक्षित रेस्क्यू होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बताया जाता है कि मगरमच्छ मिलने की घटना थानगांव थाना क्षेत्र की ग्राम सभा गोलोक कोंडर के मजरे जंगल टपरी निवासी नंदकिशोर पुत्र पुत्तीलाल के घर के बाहर की है। देर रात आबादी के बीच मगरमच्छ पहुंचने की घटना से ग्रामीणों में काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा।
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विदिशा के खेत में दो जिगरी दोस्तों की एक साथ मौत; फंदे पर लटके मिले

Vidisha, Madhya Pradesh:Vidisha के ग्राम आदमपुर के पास Kevat गांव के खेत में दो युवक एक साथ मरे पाए गए। 22 वर्ष के आकाश और 21 वर्ष के शाहजाद रात में अपने-अपने घर से विदिशा घूमने जाने की बात कहकर निकले थे, पर दोपहर तक घर नहीं लौटे। परिवारों ने रात भर उनकी तलाश की, फिर सुबह खबर आई कि खेत में दोनों ने एक ही रस्सी से फांसी लगा ली है। परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो दोनों शव एक ही फंदे पर लटके मिले। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव भेज दिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आकाश और शाहजाद कारण क्या थे, किन तनावों के चलते उन्होंने ऐसा कदम उठाया। पुलिस मोबाईल फोन, कॉल डिटेल और उनके संबंधियों से पूछताछ कर रही है ताकि मौत के असल कारणों का पता चल सके।
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लगातार दूसरे दिन तड़के से बरसे बदरा, जगह-जगह जलभराव से बढ़ी परेशानी

Akchhit AgrawalAkchhit AgrawalFollow5m ago
Siyana, Uttar Pradesh:स्याना। नगर में लगातार दूसरे दिन रविवार को तड़के से बारिश का सिलसिला जारी रहा। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और लगातार हुई बारिश ने मौसम सुहावना कर दिया। बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, लेकिन नगर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल भी खुल गई। जगह-जगह सड़कों और गलियों में पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह के समय बारिश होने के कारण बाजार और प्रमुख मार्गों पर लोगों की आवाजाही प्रभावित रही। नगर के निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। कई स्थानों पर नालियों का पानी सड़कों पर बहता नजर आया। जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हुई। कई लोग पानी से होकर निकलने को मजबूर रहे। नगरवासियों का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या हर बार सामने आती है। कई स्थानों पर नालियों में गंदगी और सिल्ट जमा होने के कारण बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल पाता है। कुछ ही देर की बारिश में नगर की सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। प्रमुख बाजारों में जलभराव होने से दुकानदारों को भी परेशानी उठानी पड़ी। दुकानों के सामने पानी जमा होने के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित रही। व्यापारियों ने बताया कि बारिश के दौरान पानी निकासी की समस्या के चलते कारोबार प्रभावित होता है। कई बार पानी दुकानों के बाहर तक पहुंच जाता है, जिससे सामान खराब होने का खतरा बना रहता है। लगातार दूसरे दिन हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को भीषण उमस से राहत मिली। सुबह बारिश के बाद मौसम काफी सुहावना हो गया। बच्चे और युवा मौसम का आनंद लेते नजर आए। हालांकि, बारिश के साथ जगह-जगह जलभराव और कीचड़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। नगरवासियों ने प्रशासन से जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां स्थायी जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बारिश से पहले नालियों की सफाई और पानी की निकासी के इंतजाम कर दिए जाएं तो हर साल होने वाली परेशानी से काफी हद तक निजात मिल सकती है। नगर पालिका ईओ सेवाराम राजभर ने कहा कि जलभराव होने पर तत्काल सफाईकर्मियों को भेजकर पानी की निकासी कराई गई है।
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चरखी दादरी के सफाई कर्मचारियों का धरना तेज, नाकेबंदी से शहर में कचरे का जमावड़ा

Charkhi Dadri, Haryana:चरखी दादरी। लंबित मांगों को लेकर पिछले 18 दिनों से हड़ताल पर चल रहे नगर परिषद सफाई कर्मचारियों का गुस्सा अब सड़क पर फूट पड़ा है। देर रात पुलिस बल की मौजूदगी में प्राइवेट कर्मचारियों से शहर का कचरा उठवाने के विरोध में सफाई कर्मचारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। विरोध कर रहे कुछ सफाई कर्मचारियों को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने के बाद रविवार को कर्मचारियों का आक्रोश और भड़क गया। रविवार को बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी शहर की सड़कों पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन करते हुए परशुराम चौक तक पहुंचे। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि देर रात प्रशासन के आदेश पर पुलिस फोर्स तैनात कर प्राइवेट लोगों के माध्यम से शहर से कचरा उठवाया जा रहा था। सूचना मिलते ही हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारी मौके पर पहुंचे और कचरा उठाने का विरोध किया। कर्मचारियों के मुताबिक, विरोध करने पर पुलिस ने कुछ सफाई कर्मचारियों को डिटेन कर लिया। इसके बाद रविवार को कर्मचारियों ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को दो टूक संदेश दिया कि हड़ताल तोड़ने के लिए किसी भी तरह का दबाव बनाया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। कर्मचारियों ने यहां तक चेतावनी दी कि यदि प्रशासन कार्रवाई करना चाहता है तो वे गिरफ्तारी देने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन मांगें पूरी हुए बिना हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी। कर्मचारियों ने सरकार और चरखी दादनरी प्रशासन पर अत्याचार और अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। लगातार 18 दिन से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण शहर के कई हिस्सों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी सफाई कर्मचारियों ने आम जनता से भी अपने आंदोलन में सहयोग और समर्थन की अपील की। कर्मचारियों का कहना है कि वे जनता को परेशान करना नहीं चाहते, लेकिन जब तक उनकी जायज मांगों और वेतन संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा。
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