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नर्मदा नहर 21 दिन के लिए क्लोजर: गुजरात-राजस्थान के बीच पानी आपूर्ति बंद

Jalore, Rajasthan:एंकर से गुजर रही नर्मदा नहर परियोजना में आज से 21 मई तक क्लोज़र लिया गया है जहाँ गुजरात राज्य से नर्मदा परियोजना में पानी की आपूर्ति बंद करने के साथ ही क्लोजर प्रभावी हो गया। गुजरात और राजस्थान के बीच सहमति के बाद 1 से 21 मई तक यह क्लोजर प्रभावी रहेगा। इस अवधि में नर्मदा मुख्य केनाल में पानी की आपूर्ति बंद रहेगी और मरम्मत व रख-रखाव कार्य किया जाएगा। इस 21 दिन में संभावित जल संकट के हालात से निपटने के लिए पेयजल के लिए पर्याप्त पानी के स्टॉक के निर्देश प्रोजेक्ट अधिकारियों को पहले ही जारी किए गए थे। 1.एफआर प्रोजेक्ट: जालोर शहर समेत 300 गांव कस्बों में नर्मदा परियोजना के शुद्ध पानी की आपूर्ति के लिए FR प्रोजेक्ट तैतरोल में स्थापित है। यहाँ स्टॉक टैंक में 6.75 मीटर गेज के साथ 2100 एमएल पानी का स्टॉक किया गया है। यह पानी 100 एलपीसीडी के अनुसार 21 दिन तक पर्याप्त सप्लाई का दावा है। 2- डीआर प्रोजेक्ट: नर्मदा परियोजना का DR प्रोजेक्ट सांचौर समेत 160 गांव कस्बों से जुड़ा है। इस प्रोजेक्ट का स्टॉक टैंक सांचौर शहर से 3 किलोमीटर दूर पहाड़पुरा में बना हुआ है। यह स्टॉक टैंक अन्य स्टॉक टैंक से आधा यानि 1045 एमएल का है। लेकिन गांव कस्बों की संख्या कम होने से इनमें भी 21 दिन तक पानी का स्टोर रहेगा। 3- ईआर प्रोजेक्ट: नर्मदा परियोजना का ER प्रोजेक्ट भीनमाल शहर समेत 306 गांव कस्बों से जुड़ा है। लेकिन प्रोजेक्ट में काम बाकी है। इस प्रोजेक्ट में फिलहाल भीनमाल शहर समेत 19 गांव कस्बे ही जुड़े है। यहाँ स्टॉक टैंक 6 मीटर लेवल तक भरा गया। कुल 2130 एमएल पानी स्टॉक किया गया है। नर्मदा विभाग के SE बाबूलाल गहलोत ने कहा कि नर्मदा परियोजना में 21 दिन का क्लोजर आज से प्रभावी होगा। पेयजल स्कीम्स के लिए पानी के स्टॉक के बारे में पहले ही अवगत करवाया जा चुका था। क्लोजर अवधि में मरम्मत और रखरखाव कार्य किया जाएगा।
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नीमकाथाना जिला और सीकर संभाग बहाल की मांग पर अधिवक्ता संघ का धरना जारी

Sikar, Rajasthan:जिला सीकर नीमकाथाना अभिभाषक संघ ने उपखंड कार्यालय के बाहर धरना दिया। नीमकाथाना जिला और सीकर संभाग बहाल करने की मांग को लेकर दिया धरना। बार संघ के अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी के नेतृत्व में दिया गया धरना। नीमकाथाना जिला और सीकर संभाग बहाल करने की मांग को लेकर अभिभाषक संघ ने आज उपखंड कार्यालय पर धरना देकर विरोध जताया। बार संघ के अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी ने कहा कि राजनीतिक द्वेषता के चलते नीमकाथाना जिला और सीकर संभाग को हटाया गया है। उन्होंने कहा है कि जिला और संभाग बहाली की मांग को लेकर जल्द मुख्यमंत्री से मिलेंगे और उनसे जिला और संभाग बहाली की मांग करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक जिला और संभाग बहाल नहीं किया जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अधिवक्ताओं बताया कि जब से नीमकाथाना जिला और सीकर संभाग को हटाया गया तब अभिभाषक संघ का आंदोलन लगातार जारी है। 4 महीने तक अभिभाषक संघ ने उपखंड कार्यालय के बाहर कार्य का बहिष्कार कर धरना दिया उसके बाद हर महीने की 1 और 16 तारीख को कार्य से विमुक्त होकर उपखंड कार्यालय के बाहर धरना देकर विरोध कर रहा है। इसके दौरान अनेक अधिवक्ता मौजूद रहें
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जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर में जल-विहार उत्सव ने भक्तों को ठंडी राहत दी

Jaipur, Rajasthan:जल की केली, करन मन ठानी…इन पदों की मधुर धुन के साथ जयपुर में भक्ति का एक ऐसा दृश्य सजा, जिसने भीषण गर्मी के बीच ठंडक का एहसास करा दिया। वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर गोविंद देवजी मंदिर में जल-विहार उत्सव की शुरुआत हुई, जहां ठाकुरजी ने राधारानी के साथ शीतल फुहारों में ‘जुगल शृंगार’ किया। दोपहर की तपिश के बीच, ठीक 11:15 से 11:45 बजे तक सिर्फ 30 मिनट का यह जल-विहार, लेकिन आस्था के लिए यह आधा घंटा किसी उत्सव से कम नहीं था। ठाकुरजी को रियासतकालीन कमलनुमा चांदी की हौदी में विराजमान कराया गया, जिसमें केवड़े और गुलाबजल से मिश्रित जल भरा गया था। हौदी में लगे 10 चांदी के फव्वारे और नीचे तांबे-पीतल के 12 फव्वारों से उठती फुहारें ऐसा दृश्य बना रही थीं, मानो भक्ति और सौंदर्य एक साथ बह रहे हों। सबसे खास पल तब आया, जब ठाकुरजी और राधारानी के हाथों में सोने की पिचकारी सजाई गई। दोनों के बीच जल क्रीड़ा के ये अद्भुत दर्शन श्रद्धालुओं के लिए किसी जीवंत लीला से कम नहीं थे। 30 मिनट तक दोनों शीतल जल की फुहारों में भीगते रहे और मंदिर परिसर “राधे-राधे” के जयकारों से गूंजता रहा। जल-विहार के बाद ठाकुरजी को चंदन का लेपन किया गया। गर्मी से राहत देने की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। श्वेत फूलों का मुकुट, हल्के वस्त्र और सुगंधित अलंकरण ने पूरे दृश्य को और भी दिव्य बना दिया। भोग में पांच प्रकार के फल और ‘सिकरन’ अर्पित किया गया, जो गर्मी के मौसम का पारंपरिक शीतल प्रसाद माना जाता है। इस खास दर्शन को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़े। किसी ने मोबाइल में कैद किया, तो किसी ने इसे अपनी आंखों में ही संजो लिया।
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आदिवासियों के गौतमेश्वर मेले में जनसैलाब, सुरक्षा व्यवस्थाओं पर नजर

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के प्रसिद्ध गौतमेश्वर महादेव मंदिर में वैशाखी पूर्णिमा के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन हुआ, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। आदिवासी समाज के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले गौतमेश्वर में दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और भगवान महादेव के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं, वहीं पूरे मेला क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। इस दौरान जिला कलेक्टर शुभम चौधरी और पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य भी गौतमेश्वर पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मेला कमेटी एवं संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और साफ-सफाई को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विशेष रूप से पवित्र मंदाकिनी कुंड की साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर दिया गया गया। गौतमेश्वर स्थित मंदाकिनी कुंड में स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था देखने को मिली। मान्यता है कि इस पवित्र कुंड में डुबकी लगाने से पापों से मुक्ति मिलती है, जिसके बाद श्रद्धालुओं को ‘पाप मुक्ति प्रमाण पत्र’ भी प्रदान किया जाता है, जिसकी आदिवासी समाज में विशेष मान्यता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गौतमेश्वर महादेव स्थल गौतम ऋषि की तपोस्थली रहा है और इसी स्थान पर उन्हें गौ हत्या के पाप से मुक्ति प्राप्त हुई थी। यही कारण है कि यह स्थल आदिवासी समाज के लिए ‘हरिद्वार’ के समान आस्था का केंद्र माना जाता है। मेले के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, वहीं पुलिस बल तैनात कर भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया गया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने स्वयं मंदिर में पहुंचकर भगवान महादेव के दर्शन किए और क्षेत्र में शांति व सुव्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए。
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2027 जनगणना: स्व-गणना विकल्प के साथ ऑनलाइन जानकारी भरें

Sri Ganganagar, Rajasthan:रायसिंहनगर । 1 मई 2026 से जनगणना- 2027 के अंतर्गत स्वगणना चरण प्रारंभ हुआ। नागरिक स्वयं भी ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी अभिषेक गहलोत ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार जनगणना 2027 के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य 1 मई से 15 जून, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस बार जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल पहल के रूप में “स्व-गणना का विकल्प भी शामिल किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं ऑनलाइन अपनी जनगणना विवरणी भर सकेंगे। उन्होंने बताया कि स्व-गणना हेतु निर्धारित वेब पोर्टल 1 मई से 15 मई, 2026 तक आमजन के लिए उपलब्ध रहेगा। जिला प्रशासन द्वारा इस डिजिटल सुविधा के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया गया है।
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रायदसिंहनगर के शहीद भगत सिंह महाविद्यालय आर्थिक घाटे से जूझा, सरकारीकरण अटका

Sri Ganganagar, Rajasthan:रेयसिंहनगर सीमावर्ती क्षेत्र का पहला शहीद भगत सिंह महाविद्यालय इन दिनों गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। सरकारीकरण की प्रक्रिया वर्षों से अधर में लठकी है और फंड के अभाव में संस्थान की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। हालात यह है कि पिछले आठ माह से कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल पाया है, जिससे कामकाज प्रभावित हुआ है। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार प्रतिमाह कर्मचारियों के वेतन, बिजली बिल, रखरखाव और स्टेशनरी सहित करीब चार से पांच लाख रुपए का खर्च आता है, जबकि विद्यार्थियों से नाममात्र फीस मिलने के कारण खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है। वर्तमान में करीब दो दर्जन कर्मचारियों का वेतन बकाया है। महाविद्यालय का सरकारीकरण लंबे समय से उलझनों में घिरा हुआ है। वर्ष 1978 में स्थापित यह संस्थान 1991 से 2011 तक अनुदानित रूप में संचालित हुआ, जिसमें 60 प्रतिशत खर्च सरकार और 40 प्रतिशत फीस से पूरा होता था। बाद में प्रबंधन विवाद के चलते सरकार ने समिति भंग कर एसडीएम को प्रशासक नियुक्त किया। 2013 में सरकारीकरण की घोषणा हुई, लेकिन 2014 में सत्ता परिवर्तन के बाद इसे निरस्त कर दिया गया। 2019-20 में पुनः बजट में घोषणा कर नाम के आगे राजकीय जोड़ा गया और 2023 संपत्ति हस्तांतरण की शर्त पर स्वीकृति दी गई, पर 2024 में फिर से मामला समीक्षा में चला गया। प्रशासक एवं उपखंड अधिकारी सुभाष चन्द्र चौधरी ने बताया कि सरकारीकरण प्रक्रिया अभी विचाराधीन हैं और अंतिम निर्णय राज्य सरकार स्तर पर होना है। वहीं प्राचार्य अंकित गोदारा के अनुसार सीमित आय और बढ़ते खर्च के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक है।
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1 मई मजदूर दिवस पर सीपीआई ने मजदूरों के हक की लड़ाई दोहराई

Ranchi, Jharkhand:आज 1 मई, अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस है। पूरे देश में मजदूरों के हक और शहीद मजदूरों को याद किया जा रहा है। झारखंड की राजधानी रांची में सीपीआई कार्यालय में शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि दी गई और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया गया। अल्बर्ट एक्का चौक स्थित सीपीआई राज्य कार्यालय में आज मजदूर दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। पार्टी कार्यकर्ताओं और ट्रेड यूनियन नेताओं ने शिकागो के शहीद मजदूरों के साथ-साथ झारखंड आंदोलन और खदान हादसों में जान गंवाने वाले मजदूरों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज भी मजदूर न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और काम के घंटे को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। नए श्रम कानूनों को मजदूर विरोधी बताते हुए वापस लेने की मांग उठाई गई। “1 मई 1886 को शिकागो में मजदूरों ने 8 घंटे काम की मांग पर शहादत दी थी। आज भी पूंजीवादी ताकतें मजदूरों का शोषण कर रही हैं। झारखंड में भी असंगठित क्षेत्र के मजदूर, मनरेगा मजदूर, खदान मजदूर बदहाल हैं। सीपीआई उनके हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी। इस मौके पर CPI के नेताओं ने कहा कि राज्य में मजदूरों का पलायन, ठेकाPratha और SIR के नाम पर वोटर लिस्ट से नाम काटने की साजिश के खिलाफ मजदूरों को एकजुट होना होगा। कार्यक्रम के अंत में ‘दुनिया के मजदूरों एक हो’ और ‘शहीद मजदूर अमर रहें’ के नारे लगाए गए। शहर के अन्य संगठनों ने भी अलग-अलग जगहों पर सभा कर मजदूर दिवस मनाया।
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कैमूर में बिजली गिरने से मजदूर की मौत, मुआवजे की मांग तेज

Khajuria Khurd, Bihar:बिहार के कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के तरेथा गाँव में आसमानी बिजली की चपेट में आने से 30 वर्षीय युवक सुनील राम की असामयिक मृत्यु हो गई। मृतक दुझारपुर बिनटोला स्थित एक डेरा पर टेंट के काम में मजदूरी करता था। रविवार की अहले सुबह करीब 3:00 बजे जब वह शौच के लिए मैदान की ओर गया, तभी मौसम खराब हो गया और बिजली गिर गई। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गया और घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। शव को रेफरल अस्पताल रामगढ़ लाया गया, जहाँ मृत घोषित किया गया। पोस्टमार्टम के लिए शव सदर अस्पताल भभुआ लाया गया। पंचनामा रिपोर्ट के अनुसार शरीर पर बिजली से झुलसने के निशान पाए गए। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही स्थानीय पंचायत समिति सदस्य नितेश कुमार सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि सुनील गरीब परिवार से था और रोजगार का मुख्य सहारा था। उन्होंने बिहार सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को आपदा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत 4 लाख रुपये की मुआवजा राशि अविलंब देने की मांग की है।
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6 सूत्रीय मांगों को लेकर BKU (भानु) ने DM को दिया ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

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Puranpur, Uttar Pradesh:पीलीभीत, भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने गुरुवार को जिलाधिकारी पीलीभीत को 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष भजन लाल क्रोधी ने कहा कि जनपद में भ्रष्टाचार, अवैध खनन और जनसमस्याएं चरम पर हैं। ज्ञापन में पुराने ज्ञापनों पर कार्रवाई न होने, खाद-गैस की किल्लत, अंत्योदय राशन कार्ड चालू न होने और कालाबाजारी का मुद्दा उठाया गया। यूनियन ने आरोप लगाया कि मुड़लिया में एवरेस्ट स्टोन क्रेशर का लाइसेंस खत्म होने पर भी अवैध संचालन जारी है। पूरनपुर व देवा नदी में खुलेआम खनन हो रहा है। स्मार्ट मीटर से गलत बिल आने पर संगठन ने मीटर उखाड़कर जमा करने की चेतावनी दी। DPRO ऑफिस में आवास-शौचालय घोटाले की जांच और निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर रोक लगाने की मांग भी की गई। BKU (भानु) ने कहा कि तत्काल कार्रवाई न हुई तो उग्र आंदोलन होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान बाबूराम वर्मा, ओमप्रकाश राजपूत, रामगोपाल प्रजापति, श्याम सिंह व धर्मेंद्र गंगवार समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
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रांची के मजदूरों के सम्मान पर बीजेपी नेता ने कहा मजदूर देश के निर्माता

Ranchi, Jharkhand:राजधानी रांची के दिगंबर जैन भवन में आज अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक विशेष मजदूर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू शामिल हुए और बड़ी संख्या में मौजूद मजदूरों को सम्मानित किया गया।इस मौके पर आदित्य साहू ने मजदूरों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश के विकास की असली ताकत मजदूर वर्ग है। उन्होंने कहा कि चाहे कारखाने हों, ऊंची इमारतें हों, खेती का क्षेत्र हो या कोई भी निर्माण कार्य मजदूरों के बिना किसी भी विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।उन्होंने मजदूर नेता ललित ओझा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सैकड़ों मजदूरों को सम्मानित करना एक सराहनीय पहल है। साथ ही जिला अध्यक्ष वरुण तिवारी, संजय और अन्य सहयोगियों के योगदान का भी जिक्र किया।आदित्य साहू ने यह भी कहा कि मजदूर केवल श्रमिक नहीं, बल्कि देश के निर्माता हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि चाहे कोई छोटा काम करता हो या बड़ा उद्योगपति हो, हर किसी को मजदूरों का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि उनके बिना किसी भी संस्था या उद्योग का संचालन संभव नहीं है।
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