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Dheeraj Kumar BalothiyaDheeraj Kumar BalothiyaFollow16 Oct 2024, 06:52 am
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वाल्मीकि समाज की संविदा सफाई भर्ती रद्द कर 100% स्थायी भर्ती की मांग

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं संविदा सफाई कर्मचारी भर्ती रद्द करने की मांग वाल्मीकि समाज ने 100% स्थायी भर्ती की उठाई मांग मुख्यमंत्री व स्वायत्त शासन मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन 7,410 रुपये मानदेय का किया विरोध, भर्ती रद्द करने की मांग मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी धरना, भूख हड़ताल और 'झाड़ू डाउन' आंदोलन की दी चेतावनी झुंझुनूं स्वायत्त शासन विभाग जारी 24,752 संविदा सफाई कर्मचारी भर्ती के विरोध में वाल्मीकि समाज ने मुख्यमंत्री और स्वायत्त शासन मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर भर्ती प्रक्रिया रद्द करने तथा 100 प्रतिशत स्थायी भर्ती करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि 27 जुलाई 2026 को जारी भर्ती विज्ञापन में पिछले 10 से 20 वर्षों से नगर निकायों में कार्यरत अस्थायी और ठेका सफाई कर्मचारियों के साथ अन्याय किया गया है। समाज का आरोप है कि यह सरकारी स्थायी भर्ती न होकर केवल 5 वर्ष की संविदा भर्ती है, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे। वाल्मीकि समाज ने संविदा कर्मचारियों के लिए निर्धारित 7,410 रुपये मासिक वेतन को बेहद कम बताते हुए कहा कि इतनी राशि में परिवार का भरण-पोषण संभव नहीं है। इसलिए भर्ती को तत्काल निरस्त कर नियमित पदों पर भर्ती की जाए। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि भर्ती प्रक्रिया में स्पेशल सर्विस कैडर का प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे परंपरागत रूप से सफाई कार्य से जुड़े वाल्मीकि समाज के लोगों के हित प्रभावित होंगे। वाल्मीकि समाज ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संविदा भर्ती रद्द कर स्थायी भर्ती की घोषणा नहीं की गई तो अखिल भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन के तहत सांकेतिक धरना, भूख हड़ताल, आमरण अनशन और 'झाड़ू डाउन' जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी。
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नागपूर में कांग्रेस-राष्ट्रवादी के बीच तनातनी, सपकाळ के खिलाफ विरोध दर्जा

AKAMAR KANEJust now
Nagpur, Maharashtra:नागपूर - कॅाग्रेसने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार यांना गुंगी गुडीया म्हटल्याने राष्ट्रवादीचे कार्यकर्ते संतप्त - “कॅाग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ यांना काळं फासा, जोड्याने मारा आणि एक लाख रुपयांचं बक्षिस मिळवा” - प्रवक्ते प्रशांत पवार यांचं राज्यभरातील राष्ट्रवादीच्या कार्यकर्त्यांना आवाहन, बक्षिस जाहिर - “हर्षवर्धन सपकाळ कुठल्याही कार्यक्रमात दिसो त्यांना काळं फासण्याचं आणि जोडे मारण्याचं आवाहन” - गुंगी गुडीया आरोपामुळे राष्ट्रवादी आणि कॅाग्रेसमधला वाद टोकाला - “हर्षवर्धन सपकाळ यांना आम्ही नागपूरात पाय ठेऊ देणार नाही” - “सुनेत्रा पवार यांचा अपमान म्हणजे राज्यातील लाडक्या बहिणींचा अपमान” - आज नागपूरसह विदर्भात ठिकठिकाणी राष्ट्रवादीकडून निषेध आंदोलन - प्रशांत पवार, प्रवक्ते, राष्ट्रवादी अजित पवार
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2 घंटे इंतजार के बावजूद सरपंचों की 6 मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिला

Muju, Jeonbuk State:मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में सरपंचों ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर संतन जांगड़े से मुलाकात की, लेकिन बातचीत के बाद भी उनकी नाराजगी दूर नहीं हुई। सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष लालसाय मरावी के नेतृत्व में पहुंचे सरपंचों ने कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर ने सरपंचों को अपने चैंबर में बैठाकर उनकी समस्याएं सुनीं, लेकिन बैठक के बाद बाहर निकलकर सरपंचों ने भारी असंतोष व्यक्त किया। सरपंचों की नाराजगी का मुख्य कारण यह था कि उन्हें कलेक्टर से मिलने के लिए लगभग 2 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान या आश्वासन नहीं मिल पाया। कलेक्टर ने पहले इन्हें अपर कलेक्टर को ज्ञापन देने की सूचना दी थी, लेकिन सरपँच कलेक्टर से मिलना चाह रहे थे। काफी इंतजार के बाद कलेक्टर ने उन्हें अपने चैंबर में बुलाया। मुलाकात से पहले सरपंच संघ ने बैठक कर अपनी 6 सूत्रीय मांगों का प्रस्ताव तैयार किया। मांगों में ग्राम पंचायतों में लंबित निर्माण कार्यों की स्वीकृति, मनरेगा मजदूरी एवं डीएमएफ मद के बकाया भुगतान, सरपंच और पंचों का चार माह से लंबित मानदेय, मनोनीत सरपंचों की नियुक्ति तथा वर्ष में तीन बार कलेक्टर के साथ नियमित बैठक आयोजित करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। बैठक के बाद बाहर निकलकर सरपंचों ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि लंबा इंतजार कराने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय या स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला। वहीं कलेक्टर संतन जांगड़े ने कहा कि सरपंचों की सभी मांगों को गंभीरता से सुना गया है और जो भी विषय शासन के अधिकार क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें नियमानुसार आगे भेजा जाएगा, जबकि जिला स्तर के मामलों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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बBilaspur में 11 केवी लाइन से करंट लगने पर दो राजमिस्त्री मौतें

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित रिंग रोड नंबर-2 के स्वर्ण जयंती नगर में एक दर्दनाक हादसे में करंट लगने से दो राजमिस्त्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। निर्माणाधीन मकान में काम के सिलसिले में पहुंचे दोनों मजदूर 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए। प्रारंभिक जांच के अनुसार पहले एक राजमिस्त्री करंट की चपेट में आया और उसे बचाने के प्रयास में दूसरा साथी भी बिजली की चपेट में आ गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर जांच टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। दोनों मृतकों की पहचान रवि बंजारे और भूपेंद्र साहू के रूप में हुई है, जो डीएलएस कॉलेज के पास स्थित अटल आवास के निवासी थे।जानकारी के अनुसार स्वर्ण जयंती नगर स्थित निर्माणाधीन मकान में दोनों राजमिस्त्री ठेकेदार से मिलने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ देर तक नीचे बातचीत करने के बाद दोनों भवन की ऊपरी मंजिल पर गए, जहां भवन के बेहद करीब से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना तेज था कि दोनों को संभलने या बचाने का मौका तक नहीं मिला। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल बन गया।इस हादसे ने निर्माणाधीन भवनों में सुरक्षा व्यवस्था और हाईटेंशन बिजली लाइनों के बीच हो रहे निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आपको बता दे की कॉलोनी के कई मकानों के बेहद करीब से बिजली की लाइनें गुजर रही हैं, जिससे always दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ऐसे में निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों का पालन, बिजली लाइनों से सुरक्षित दूरी और आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और हादसे के कारणों के साथ-साथ सुरक्षा में हुई संभावित लापरवाही की भी पड़ताल की जा रही है।
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पुंछ में भारी बारिश से सेरी ख्वाजा–हाड़ी बुढ़ा सड़क भूस्खलन, संपर्क प्रभावित

Chikri Ban, पुंछ जिले में भारी बारिश के बाद मंडी तहसील के सेरी ख्वाजा से हाड़ी बुढ़ा जाने वाली सड़क पर कई जगह भूस्खलन होने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। सड़क बंद होने से चार पंचायतों का संपर्क प्रभावित हुआ है, जबकि दो रिहायशी मकान भी भूस्खलन की जद में आ गए हैं। पुंछ जिले में लगातार हुई तेज बारिश के कारण सेरी ख्वाजा–हाड़ी बुढ़ा सड़क पर कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिर गए। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों, मरीजों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। गांववालों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सड़क पर उचित जल निकासी और सुरक्षा दीवारों का निर्माण नहीं कराया, जिसकी वजह से बार-बार भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। उनका कहना है कि इस बार भूस्खलन से दो रिहायशी मकानों और उनके शौचालयों को भी नुकसान पहुंचा है। लोगों को डर है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो मकानों को और अधिक नुकसान हो सकता है। गांववालों के अनुसार इस सड़क पर चार पंचायतों की आबादी निर्भर है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क को जल्द से जल्द बहाल किया जाए और भविष्य में भूस्खलन रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं।
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असनसोल की सड़कों की हालत वर्षों से खराब, लोग दुर्गा पूजा से पहले मरम्मत चाहते

Asansol, West Bengal:রাস্তা আর রাস্তা নেই হয়ে গিয়েছে পুকুর। আসানসোল শহরের বেশিরভাগ রাস্তারই এই অবস্থা। কোন কোন পাড়ার রাস্তা দেখে তো মনে হচ্ছে যে ছোট ছোট হয়তো গ্রামের জোড় (নদী)। স্থানীয় বাসিন্দাদের সঙ্গে কথা বলে জানা গেল রাস্তা গুলি কোনটা ছয় মাস কোনটা আট মাস কোনোটা এক বছর কোনটা দেড় বছর আগে ছিলাম। তৃণমূল কংগ্রেসের নেতা-মন্ত্রীরা উদ্ভোদন তো করেছেন কিন্তু কোথাও রাস্তা কিছুটা বানিয়েছে আর কোথাও কিছুই করেনি ঠিকাদারেরা। ফলে স্থানীয় বাসিন্দারা চরম সমস্যায় পড়েছে। ছোট-বড় দুর্ঘটনা প্রায়ই এই সমস্ত খারাপ রাস্তা তে হয়। আসানসোলের বাসিন্দারা চাইছেন যে সরকার দুর্গা পুজোর আগে যেন এই সমস্ত রাস্তাগুলি ভালোভাবে় মেরামতি করে দেয়।
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जगद्दाल विधानसभा क्षेत्र में सट्टा-जूआ-लॉटरी पर रोक, पुकुर भरे जाने पर कड़ा निर्देश

Barrackpore, West Bengal:জগদ্দল বিধানসভা এলাকায় কোন সাট্টা-জুয়া এবং লোটো চলবে না!! বন্ধ পুকুর ভরাট ও!! চার থানার ওসি কে নির্দেশ এবং দলের কর্মি থেকে মন্ডল সভাপতিদের সতর্ক করলেন প্রাক্তন ডিজি এবং জগদ্দলের বিধায়ক ড: রাজেশ কুমার এলাকায় সাট্টা-জুয়া,লোটো এবং পুকুর ভরাট চলবে না!! কড়া হুশিয়ারি জগদ্দলের বিধায়ক ড: রাজেশ কুমারের।তিনি সতর্ক করলেন দলের কর্মি থেকে মন্ডল সভাপতিদের ও।জগদ্দল বিধান সভার অন্তর্ভুক্ত ভাটপাড়া, জগদল,বাসুদেবপুর এবং শিবদাস থানার ওসি দের ও নজরদারি রাখার নির্দেশ দিলেন রাজ্যের প্রাক্তন ডিজি IPS ড: রাজেশ কুমার।তার সাফ জবাব মুখ্যমন্ত্রীর নির্দেশ অনুযায়ী তার জগদ্দল বিধান সভা এলাকায় কোন অসামাজিক কাজ চলবে না।
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देवभूमि द्वारका में बारिश कम, किसानों पर आर्थिक संकट गहराने लगा

Dwarka, Gujarat:દેવભૂમિ દ્વારકા જિલ્લામાં આ વર્ષે મેઘરાજાની કૃપા ઓછી રહી છે, જેના કારણે અડધું ચોમાસું પૂર્ણ થઈ ગયું હોવા છતાં વરસાદની ભારે ઘટ જોવા મળી રહી છે. જિલ્લામાં અનેક વિસ્તારોમાં સામાન્ય કરતાં ખૂબ ઓછો વરસાદ નોંધાયો છે, જેમાં દ્વારકા પંથકમાં તો માત્ર આશરે ચાર ટકા જેટલો જ વરસાદ નોંધાતા ખેડૂતો અને પશુપાલકોમાં મોટી ચિંતાનું મોજું ફરી વળ્યું છે. ચોમાસાની શરૂઆતમાં પૂરતો વરસાદ ન હોવા છતાં, સિઝન મોડી ન થાય તે માટે ખંભાળિયા તાલુકા સહિતના ગ્રામ્ય વિસ્તારોના ખેડૂતોએ જોખમ લઈને મગફળી, મગ, અડદ, તલ તેમજ ઘાસચારા જેવા ટૂંકા ગાળાના પાકોનું વાવેતર કર્યું હતું. પરંતુ, પ્રથમ વરસાદ બાદ બીજા રાઉન્ડમાં મેઘરાજા રૂઠતાં અનેક ખેતરોમાં બિયારણનો ઉગાવો પણ થયો નથી. એક સ્થાનિક ખેડૂતે દુઃખ વ્યક્ત કરતા જણાવ્યું હતું કે, હજુ વાવણીલાયક વરસાદ થયો નથી,cuts? છતાં સિઝન મોડી ન થાય એટલે જોખમ લઈને વાવણી શરૂ કરી હતી. હવે ભગવાન ભરોસે છીએ. ખેડૂતોના જણાવ્યા મુજબ, એક વીઘા દીઠ અંદાજે પાંચ હજાર રૂપિયાના બિયારણનો ખર્ચ થયો છે. આ ઉપરાંત ખાતર, ટ્રેક્ટર, વાવણી અને મજૂરી પાછળનો ખર્ચ પણ માથે પડ્યો છે. જો હવે તાત્કાલિક વરસાદ નહીં પડે તો આ સમગ્ર આર્થિક રોકાણ પાણીમાં ડૂબી જવાની દહેશત છે. હાલ નદી-નાળા, ચેકડેમ, મોટા ડેમ, કૂવા અને બોરવેલમાં પણ પૂરતું পানি ન હોવાથી સિંચાઈની કોઈ જ શક્યતા નથી. વરસાદની અછતની સીધી અને ગંભીર અસર પશુપાલન વ્યવસાય પર પણ પડી છે. ગયા વર્ષે કમોસમી વરસાદને કારણે ઘાસચારો પલળી જતાં મોટું નુકસાન થયું હતું, જ્યારે આ વર્ષે વરસાદ જ ન પડવાથી ખેતરોમાં લીલો ઘાસચારો ઉપલબ્ધ નથી. પરિણામે, બજારમાં લીલા ઘાસચારાનો ભાવ વધીને આશરે ૨૦૦ રૂપિયા પ્રતિ મણ અને સૂકા ઘાસચારાના ભાવ ૪૦૦ રૂપિયા આસપાસ પહોંચી ગયા છે. આકાશ આંબતા ભાવને કારણે પશુપાલકો માટે પોતાના મૂગા પશુઓનું પોષણ કરવું અત્યંત મુશ્કેલ બન્યું છે. જિલ્લામાં પાણી અને ઘાસચારાની વિકટ પરિસ્થિતિ સર્જાતા ખેડૂતો અને પશુપાલકો હવે સરકાર પાસે તાત્કાલિક સહાય અને રાહત પેકેજ જાહેર કરવાની માંગ કરી રહ્યા છે. હાલ તો સૌની નજર આકાશ તરફ છે અને જો ટૂંક સમયમાં સારો અને સાર્વત્રિક વરસાદ નહીં વરસે, તો દેવભૂમિ દ્વારકા જિલ્લામાં કૃષિ અને પશુપાલન ક્ષેત્રે મોટો આર્થિક ફટકો પડવાની પૂરી સંભાવના છે.
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खिंवाड़ा बालाजी के लिए 201 किलो रोट-चुरमे भोग से भक्तिपूर्ण वर्षा की उम्मीद

Pali, Rajasthan:वर्षा की कामना को लेकर खिंवाड़ा बालाजी को 201 किलों का रोट - चुरमें का भोग चढ़ाया, दर्शनलाभ के लिए समूचा कस्बा उमड़ा, खिंवाड़ा कस्बें सहित गोडवाड एवं कांटा क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने व क्षेत्र में अमन-चैन की कामना को लेकर मंगलवार सांय कस्बें में खिंवाङा बालाजी के लिए खिंवाङा व्यापार संघ व कस्बा वासियों के संयुक्त तत्वावधान में 201 किलो का रोट- चुरमें का भोग ढोल-नगाड़ों के संग सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में चढ़ाया गया। इससे पूर्व कस्बें के बालाजी महाप्रसादी स्थल से बेलगाङी,नासिक ढोल,डिजे की धमचक के संग एक भव्य वरघौड़ा शुरू हुआ।जो केशव नगर,मुख्य बस स्टैण्ड,मेन बाजार,मुख्य बाजार,श्रीराम चौक,बालाजी मार्ग,रावला चौक होते हुए बालाजी मन्दिर प्रांगण जाकर सम्पन्न हुआ।जहां पर बालाजी मंदिर पूजारी प्रकाश रावल ने पूजा-अर्चना कर खिंवाङा बालाजी को रोट व चुरमे का भोग चढ़ाया गया।वरघौड़े में महिलाए भजन-कीर्तन करती हुई एवं युवक बालाजी के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।
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बासा गांव की टूटी सड़क: ग्रामीणों ने खुद मरम्मत का बीड़ा उठाया

Bilaspur, Chhattisgarh:Bilaspur district के Swaraghat sub-division के KotaKhas panchayat के Basa गाँव की टूटी सड़क की मरम्मत का कार्य स्थानीय ग्रामीणों ने स्वयं किया है. लम्बे समय से सड़क के निर्माण न हो पाने और खराब स्थिति को देखते हुए गाँव के बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएँ मिलकर मोर्चा संभालते हुए सड़क सुधारने का काम शुरू किया है. ग्रामीणों के अनुसार अब तक पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासन और नेताओं द्वारा केवल आश्वासन मिला है, जबकि बरसात के मौसम में बड़े गड्ढे बच्चों के स्कूल आना-जाना और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी बढ़ाते हैं. कई बार मांग के बावजूद सड़क बनने का आश्वासन ही मिला है, इसलिए अब गाँव वालों ने खुद यह बीड़ा उठाया है. बुजुर्ग, महिलाएँ, बच्चे और युवा मिलकर श्रमदान में लगे हैं और सरकार तथा प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि ग्रामीणों की समस्या का समाधान हो सके.
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मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय शहीद स्मारक घोषित न करने पर आदिवासी क्षेत्र में बड़ा आंदोलन

Banswara, Rajasthan: districts जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा एंकर -बांसवाड़ा जिले के मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय शहीद स्मारक घोषित नहीं किए जाने के मुद्दे पर आदिवासी अंचल में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने केंद्र सरकार के रुख पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मानगढ़ धाम पर विरोध प्रदर्शन किया । उन्होंने कहा कि मानगढ़ धाम केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के आदिवासी समाज की आस्था और बलिदान का प्रतीक है। मालवीया ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा मानगढ़ धाम को फिलहाल राष्ट्रीय शहीद स्मारक घोषित नहीं करना गोविंद गुरु और वर्ष 1913 में शहीद हुए करीब 1500 आदिवासियों के बलिदान का अपमान है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आदिवासी समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाने वाला है। प्रदर्शन के माध्यम से केंद्र सरकार से मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय शहीद स्मारक घोषित करने की मांग तेज कर दी है । कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन आदिवासी अस्मिता, इतिहास और शहीदों के सम्मान की लड़ाई है। मालवीया ने स्थानीय आदिवासी भारत आदिवासी पार्टी के सासद राजकुमार रोत पर भी तीखा प्रहार बोलते हुए कहा कि स्थानीय सांसद होने के बाद भी संसद में मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय शहीद स्मारक की बात संसद में नहीं उठाई उन्होंने कहा कि खाली भारत आदिवासी पार्टी के सासद राजकुमार को खाली वोट चाहिए, रोत कि पॉलिसी अब जनता जान चुकी है,आने वाले पंचायती राज चुनाव में उनको जनता जवाब देगी,वही मालवीया ने कहा कि साधु संत और आदिवासी समाज के लोग मिलकर धरना करेंगे जब तक केंद्र सरकार मानगढ़ को राष्ट्रीय शहीद स्मारक घोषित करे
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AIMIM ने बिहार सरकार के भगवाकरण पर हमला, धर्मनिरपेक्षता बचाने की मांग

Kishanganj, Bihar:बिहार सरकार के द्वारा सरकारी स्कूलों को भगवा रंग से रंगे जाने के फैसले पर AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने तीखा विरोध जताया है। उन्होंने इसे देश के सेकुलर चरित्र पर हमला बताया और सम्राट सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ पूरे देश का भगवाकरण किया जा रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि यह देश सेकुलर है और आजादी की लड़ाई में हिंदू-मुस्लिम सहित सभी समुदायों ने मिलकर योगदान दिया था। अख्तरुल ईमान ने बिहार सरकार को सलाह दिया कि अगर सरकारी स्कूलों का रंग बदलना ही था तो उन्हें तिरंगे के रंगों से रंग दिया जाता, ताकि ये आजाद देश के शिक्षण संस्थान लगता। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि देश रंगों और नामों से नहीं, बल्कि नीतियों से चलता है। नीति के मामले में भाजपा फेल हो चुकी है, इसलिए वो अपने मतदाताओं को दिग्भ्रमित कर रही है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकार से सवाल करते हुए आरोप लगाया कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए देश का भगवाकरण किया जा रहा है। अख्तरुल ईमान ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इसमें कुछ पंक्तियों को लेकर विवाद रहा है और कई लोग इसे गाने से इनकार करते हैं। राष्ट्रगीत पर अदालतों के फैसले आ चुके हैं, फिर भी सरकार राष्ट्रगीत को लेकर कानून बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून बनाकर देश के सेकुलरिज्म को सरकार खत्म करने की साजिश रच रही है। अख्तरुल ईमान ने आगे कहा कि सरकार साफ घोषणा कर दे कि यह हिंदू स्टेट है, यहां सिर्फ हिंदू रहेंगे और दूसरे धर्म के लोगों के लिए जगह नहीं है। उन्होंने इसे राजनीति नहीं बल्कि संवैधानिक गुंडागर्दी करार दिया और कहा कि किसी की भी धार्मिक आस्था पर प्रहार कभी स्वीकार नहीं होगा。
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