icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
476337
Dheeraj Kumar BalothiyaDheeraj Kumar BalothiyaFollow2 Nov 2024, 03:48 pm

श्योपुर जिले में सीएम मोहन यादव ने की गोवर्धन पूजा और जनसभा को किया संबोधित

Salapura, Madhya Pradesh:

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार दोपहर हेलीकॉप्टर से श्योपुर जिले के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र के गौरस गांव पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले गौ पालकों के साथ भगवान गोवर्धन की पूजा की। इसके बाद विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। सभा में सीएम ने रामनिवास रावत के लिए वोट की अपील की और कहा कि सरकार विकास के किसी भी मुद्दे पर कोई कमी नहीं छोड़ रही है, चाहे वन ग्रामों को राजस्व गांव बनाने का मामला हो या अन्य विकास कार्य।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

जगतसिंहपुर में बीजेपी महिला मोर्चा विरोध प्रदर्शन से हलचल

Paradeep, Odisha:ଜଗତସିଂହପୁର ଜିଲ୍ଲା ବିଜେପି ମହିଳା ମୋର୍ଚ୍ଚା ପକ୍ଷରୁ ମହିଳା ଜନ ଆକ୍ରୋଶ ସମାବେଶ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି ।ଏହିଅବସରରେ ମହିଳା ମୋର୍ଚ୍ଚା ରାଜ୍ୟ କାର୍ଯ୍ୟକାରିଣୀ ସଦସ୍ୟ କ୍ରିଷ୍ଣା ମହାନ୍ତିଙ୍କ ନେତୃତ୍ୱରେ ମହିଳା ମୋର୍ଚ୍ଚାର କର୍ମୀମାନେ ଜିଲ୍ଲାପାଳଙ୍କ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟ ସମ୍ମୁଖରୁ ଏକ ଶୋଭାଯାତ୍ରାରେ ବାହାରି ସହର ପରିକ୍ରମା କରିଥିଲେ ।ପରେ ଥାନା ଛକ ଠାରେ ଆୟୋଜିତ ପ୍ରତିବାଦ ସଭାରେ ସାଂସଦ ବିଭୁ ପ୍ରସାଦ ତରାଇ,ଜିଲ୍ଲା ବିଜେପି ସଭାପତି ପ୍ରତାପ ମିଶ୍ର ଓ ମହିଳା ମୋର୍ଚ୍ଚାର ସମସ୍ତ ମଣ୍ଡଳର କର୍ମକର୍ତ୍ତା ମାନେ ଯୋଗ ଦେଇ କଂଗ୍ରେସର ଏହି ମହିଳା ବିରୋଧୀ କାର୍ଯ୍ୟକୁ ନିନ୍ଦା କରିବା ସହିତ ରାହୁଲ ଗାନ୍ଧୀ ଓ ନବୀନ ପଟ୍ଟନାୟକଙ୍କ କୁଶ ପୁତ୍ତଳିକା ଦାହ କରିଥିଲେ ।
0
0
Report

गजेंद्र सिंह शेखावत ने गहलोत के बयान पर सचिन पायलट को मोहरा कहा

Noida, Uttar Pradesh:केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत के सचिन पायलट को लेकर दिए गए बयान पर सियासी निशाना साधा है। शेखावत ने कहा- मानेसर में जो कुछ घटना हुई थी... अशोक गहलोत अपने नेतृत्व और कांग्रेस पार्टी को यह कभी भूलने नहीं देना चाहते हैं । गजेंद्र सिंह ने कहा - लेकिन मैंने उसे घटना के समय भी कहा था और आज फिर कहता हूं कि उस घटना के रचनाकार, उस कहानी के रचियता... उस पूरे ड्रामा के डायरेक्टर और उस ड्रामा का पटाक्षेप करने वाले सब गहलोत खुद थे। सचिन पायलट तो मात्र वहां एक मोहरा थे । अभी भी उस मोहरे को किस तरीके से अपने राजनीतिक वनवास को समाप्त करने के लिए उपयोग किया जाए... इसीलिए अशोक गहलोत इस तरह की बयानबाजी करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे。
0
0
Report
Advertisement

जुंगीनपुरा के पास आग की भयानक लपटें: पहाड़ियों पर भगदड़, दमकलों ने पाया काबू

Karauli, Rajasthan:जुंगीनपुरा के समीपवर्ती गांव आगर्री की पहाड़ियों में मंगलवार को भीषण गर्मी के बीच अचानक आग लग गई। लगभग 40 डिग्री से अधिक तापमान और तेज गर्म हवाओं के कारण आग तेजी से फैलने लगी, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आग की सूचना और फायर प्रभारी के निर्देश पर अग्निशमन वाहन को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। टीम में ड्राइवर नीरज सिंह गुर्जर के साथ फायरमैन अक्षय शर्मा, शीशराम गुर्जर, पुष्पेंद्र शर्मा और धर्मेंद्र सिंह शामिल रहे। आपको बता दें कि पहाड़ी और दुर्गम रास्तों के चलते वाहन को सीधे घटनास्थल तक पहुंचना संभव नहीं था। ऐसे में फायर टीम ने पैदल ही कठिन रास्तों को पार करते हुए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने पेड़ों की पत्तेदार टहनियों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की और काफी मशक्कत के बाद आग को फैलने से रोक लिया। समय रहते आग पर नियंत्रण पाने से बड़ा नुकसान टल गया। हालांकि, गर्मी के इस मौसम में जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है, जिससे सतर्क रहने की जरूरत है।
0
0
Report

हत्थूदेवी हत्याकांड के पीछे साजिश की आशंका, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

Jaisalmer, Rajasthan:जैसलमेर जिले में हत्थूदेवी हत्याकांड को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। उम्मेदाराम बेनीवाल ने पुलिस की अब तक की जांच पर सवाल उठाते हुए इसे महज लूट के लिए की गई हत्या मानने से इनकार किया है और पूरे मामले को सुनियोजित साजिश बताया है। मंगलवार को सांसद बेनीवाल, हरीश चौधरी ने मृतका के परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे जमीन विवाद सहित कई एंगल हो सकते हैं और इतनी बड़ी वारदात को अकेले अंजाम देना संभव नहीं लगता। आरोप लगाया कि पुलिस की शुरुआती थ्योरी संदेह के घेरे में है और मामले की गहराई से जांच जरूरी है। गौरतलब है कि 21 अप्रैल की रात तेजमालता गांव में किसान परिवार की महिला हत्थूदेवी की उनके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने 25 अप्रैल को एक आरोपी को गिरफ्तार कर लूट को हत्या की वजह बताया था। मृतका के परिजनों ने पुलिस के इस दावे को खारिज करते हुए जमीन विवाद को हत्या की मुख्य वजह बताया है। उनका कहना है कि कीमती जमीन पर कब्जे की नीयत से इस वारदात को अंजाम दिया गया और इस मामले में अन्य संदिग्ध अब भी फरार हैं। सांसद बेनीवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आरोपी के पीड़ित परिवार से बेहद नजदीकी संबंध थे और परिवार का उस पर पूरा विश्वास था। घटना के दिन घर की चाबियां तक उसी को सौंपी गई थीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पहले विश्वास जीतकर वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने आशंका जताई कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिसमें एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मामले से जुड़े जमीन विवाद के प्रकरण अजमेर के राजस्व न्यायालय में लंबित हैं, जिन्हें जांच के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। सांसद ने मांग की कि मुख्य आरोपी के साथ-साथ साजिशकर्ताओं, हथियार सप्लायर और अन्य सहयोगियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। साथ ही उन्होंने पुलिस पर राजनीतिक दबाव की आशंका जताते हुए जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। वहीं, मृतका के परिजन भैराराम चौधरी ने बताया कि उनका परिवार पिछले 30 वर्षों से इसी खेत पर निवास कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी उन्हें इसे हटाने के लिए डराया और धमकाया गया था। उन्होंने बताया कि हत्या से पहले मृतका के पति अमराराम द्वारा आरोपी हेमसिंह के परिवार को शादी समारोह में जाने की जानकारी दी गई थी, जिसके बाद इस वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने इस मामले में अन्य नामजद लोगों की मिलीभगत की आशंका भी जताई। भैराराम ने यह भी कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं द्वारा मामले में अपेक्षित संज्ञान नहीं लिया जाना निराशाजनक है。
0
0
Report
Advertisement

जळगाव: बांभोरी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी पर महिला कर्मचारी के साथ दुराचार का मामला

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव,धरणगाव जळगावच्या बांभोरी येथील ॲस्टोमो कंपनीत वरिष्ठ अधिकाऱ्याकडून शरीर सुखाची मागणी करत कर्मचारी महिलेचा विनयभंग पीडित महिलेने दिलेल्या तक्रारीवरून जनार्दन नामक कंपनीच्या वरिष्ठ अधिकाऱ्यावर धरणगाव पोलिस ठाण्यात गुन्हा दाखल झाला आहे. पीडिती महिलेने तिच्या आजारी मुलीसाठी सुट्टी मागितली असता अधिकाऱ्याची महिलेकडे शरिरसुखाची मागणी करत जबरदस्ती करण्याचा प्रयत्न केल्याची घटना या घटनेत पोलिसांनी वरिष्ठ अधिकाऱ्याचा मोबाईलजप्त केला असून तपासणीसाठी फॉरेन्सिक विभागाकडे पाठवला जाणार आहे. वरिष्ठ अधिकाऱ्याने त्याच्या मोबाईलममधील पीडित महिलेचा आक्षेपार्य व्हिडिओ डिलीट केल्याचा पोलिसांना संशय आहे या घटनेच्या पार्श्वभूमीवर पोलिसांकडून कंपनीतील इतर कर्मचाऱ्यांचे जाबजबाब नोंदविण्याचा काम सुरू असल्याची माहिती पोलीस उपअधीक्षकांनी दिली आहे..
0
0
Report

DNA किट घोटाला: CM की मंजूरी के बाद FSL अधिकारियों पर भ्रष्टाचार केस कार्रवाई

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान विधि विज्ञान प्रयोगशाला के चर्चित करोड़ों के 'DNA किट घोटाले' के मामले में एफएसएल डायरेक्टर अजय शर्मा सहित चार वैज्ञानिक अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई है। अब उनके खिलाफ पद के दुरूपयोग और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले की जांच होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चारों वैज्ञानिकों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 17(ए) के तहत कार्रवाई को मंजूरी दे दी है। इसके बाद इनकी गिरफ्तारी और विभागीय जांच की राह साफ हो गई है। इधर चारों वैज्ञानिक अधिकारी फिलहाल गृह विभाग में हाजिरी लगा रहे हैं। जानकारी के अनुसार करीब 2 साल पहले 22 मई 2024 को एक ई-फाइल के जरिए राज्य सरकार की नजर में DNA किट में गड़बड़ी का मामला सामने आया। तत्कालीन स्टोर प्रभारी डॉ. रमेश चौधरी ने अप्रैल-मई, 2023-24 के स्टोर रिकॉर्ड में पाया कि राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में एक जैसे DNA जांच किट अन्य राज्यों की तुलना में बहुत ज्यादा कीमत में खरीदे गए हैं। डॉ रमेश चौधरी ने इस वित्तीय गड़बड़ी की जानकारी FSL डायरेक्टर अजय शर्मा को लिखित में बार-बार दी, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने ई फाइल के जरिए मुख्य सचिव को इस बाबत शिकायत भेजी। इसके बाद सरकार के स्तर पर इस मामले की जांच करवाई गई तो प्रारंभिक स्तर पर शिकायत सही पाई गई। शिकायत में बताया ये महंगी और केमिकली सेंसिटिव किट दुष्कर्म, हत्या जैसे गंभीर मामलों में मौके से लिए जाने वाले DNA सैंपल के साथ परीक्षण में काम आती है। आरोप है कि अन्य राज्यों की तुलना में FSL राजस्थान ने इन किटों को 11 गुना अधिक दामों में खरीदा। कंपनी भी वही, प्रोडक्ट भी वही, फिर भी शिकायतें मिलने पर खरीद नहीं रोकी गई। ये घोटाला करीब 8.71 करोड़ रुपए का बताया जा रहा है और इसमें FSL डायरेक्टर डॉ. अजय शर्मा, FSL के सिरोलॉजी DNA विभाग के सहायक निदेशक डॉ. आनंद कुमार, सहायक निदेशक डॉ. भावना पूनिया और सिरोलॉजी सेक्शन के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. रामकिशन कुमावत के संलिप्त होने के आरोप लगे। इस शिकायत के बाद 13 अप्रैल को डॉ. अजय शर्मा, डॉ. आनंद कुमार, डॉ. भावना पूनिया और डॉ. रामकिशन कुमावत पद से हटाकर एपीओ कर दिया गया था। इन चारों को पदस्थापन की प्रतिक्षा में गृह विभाग में उपस्थिति देने के लिए कहा गया। वहीं मामले में आगे की कार्रवाई के लिए फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय तक भेजी गई और इन अधिकारियों के खिलाफ 17(ए) के तहत कार्रवाई की मंजूरी मांगी गई। बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेन्स की नीति के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चारों के खिलाफ 17(ए) के तहत कार्रवाई की अप्रूवल दे दी। इसके बाद फाइल गृह विभाग से कार्मिक विभाग भेजी गई। एसीबी जांच और गिरफ्तारी का रास्ता साफ .... राज्य सरकार की ओर से इस मामले की जांच के लिए एसीबी को कहा गया है। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 17 (ए) के तहत कार्रवाई की मंजूरी मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और पद के दुरूपयोग का केस चलने के साथ गिरफ्तारी का भी रास्ता हो गया है। एसीबी इस बात की जांच कर सकेगी कि इस मामले में और कौन कौन लिप्त हैं और क्या कुछ निजी कंपनियां भी साझीदार थीं। यह धारा 17 (ए) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम संशोधन 2018 की धारा 17 ए के तहत अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए एसीबी को उनके विभागाध्यक्षों की स्वीकृति लेनी होती है। इसके लिए कार्मिक विभाग (DOP) या संबंधित प्रशासनिक सचिव इस तरह की जांच के लिए पूर्व अनुमति प्रदान करते हैं। यदि कोई कर्मचारी सरकारी कार्य में भ्रष्टाचार का आरोपी है तो मामला पहले सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाता है, और जब तक 17A के तहत अनुमति नहीं मिलती,tab तक पूछताछ नहीं की जा सकती। इस मामले में कार्मिक और गृह विभाग दोनों ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पास है। इसलिए केस चलाने के लिए इनके खिलाफ 17 (ए) सीएम भजनलाल शर्मा से मंजूरी ली गई है।
0
0
Report

700 रुपये चोरी के संदेह पर दोस्त ने दोस्त की हत्या; कुत्ता सहायता से खुलासा

Kalyan, Maharashtra:खडवली नदी जवळ आढळलेल्या मृतदेहाचे गूढउकलले 700 रुपये चोरल्याच्या संशयातून दगडाने ठेचून मित्राने केली मित्राची हत्या पोलीस श्वानामुळे उघडकीस आले हत्या तीन दिवसांपूर्वी घडवली नदी परिसरात आढळलेल्या मृतदेहाचे गुढ उकलण्यात टिटवाळा पोलिसांना यश आले आहे. विशेष म्हणजे पोलीस श्वानाच्या मदतीमुळेच आरोपी पोलिसांच्या हाती लागला . सातशे रुपये चोरल्याच्या संशयातून मित्रानेच मित्राची हत्या केल्याचे तपासात उघड झाले आहे .राजेश प्रभुळकर असे मयत इसमाचे नाव असून त्याचा मित्र योगेश कदम यांनी सातशे रुपये चोरी केल्याच्या संशयातून राज्याचे दगडाने ठेचून हत्या केली . टिटवाळा पोलिसांनी योगेश कदम याला बेड्या ठोकल्या आहेत कल्याण टिटवाळा जवळील खडवली नदी परिसरात तीन दिवसांपूर्वी एका व्यक्तीचा मृतदेह आढळून आला होता. सुरुवातीला मृताची ओळख पटत नव्हती. याप्रकरणी टिटवाळा पोलीस ठाण्यात गुन्हा दाखल करून तपास सुरू करण्यात आला होता.टिटवाळा पोलीस ठाण्याचे वरिष्ठ पोलीस निरीक्षक मुकेश ढगे, पोलीस अधिकारी तसेच ठाणे एलसीबीचे अधिकारी यांच्या पथकाने तपास हाती घेतला.तपासादरम्यान श्वान पथकाला घटनास्थळी फिरवण्यात आले. श्वानाने पोलिसांना थेट खडवली रेल्वे स्थानकापर्यंत मार्ग दाखवला. खडवली रेल्वे स्थानकातील सीसीटीव्हीसह त्यानंतर पोलिसांनी खडवली ते मुंबई पर्यंत सुमारे 300 सीसीटीव्ही फुटेज तपासले असताना पोलिसांना आरोपीच्या संपर्कातील एक व्यक्ती सापडली. त्याच्याकडून मिळालेल्या माहितीनुसार मृताची ओळख राजेश प्रभुळकर अशी पटली, तर आरोपी योगेश कदम असल्याचे समोर आले. दोघेही एकमेकांचे मित्र असून एकत्र केटरर्स काम करत होते.पोलिस तपासात ,आरोपी योगेश कदम आणि राजेश प्रभुळकर हे खडवली नदी परिसरात पोहण्यासाठी गेले होते. त्यावेळी त्यांनी पार्टीही केली होती. दरम्यान, योगेशला संशय आला की त्याच्या पैशांपैकी सुमारे 700 रुपये राजेशने चोरले. यावरून दोघांमध्ये वाद झाला.वादाच्या भरात योगेश कदम याने दगडाने ठेचून राजेश प्रभुळकर याची हत्या केली आणि घटनास्थळावरून फरार झाला.दरम्यान, आरोपी योगेश कदम हा राजेश प्रभुळकर याची हत्या करून मुंबईतील एन. एम. जोशी मार्ग पोलीस ठाण्याच्या हद्दीत मोबाईल चोरीच्या प्रकरणातही वाँटेड होता. योगेश कदम यांच्यावर आणखी एक हत्येचा गुन्हा दाखल असल्याची माहिती समोर आली आहे .टिटवाला पोलिसांनी त्याला अटक करून पुढील तपास सुरू केला आहे.
0
0
Report
Advertisement

यमुनानगर की गढ़वाली मंदिर रोड निर्माण पर भारी विरोध, पारदर्शिता मांगा गया

Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर के वार्ड नंबर-9 में गढ़वाली मंदिर रोड को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। आरोप है कि पहले से ठीक-ठाक बनी सड़क को तोड़कर "विकास" के नाम पर गड़बड़ी की जा रही है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम प्रशासन और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जांच और मुआवज़े की मांग उठाई है। वार्ड-9 स्थित गढ़वाली मंदिर वाली सड़क इन दिनों विवादों में है। मंगलवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हुए और जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि जिस सड़क की हालत पहले से अच्छी थी, उसे बिना किसी स्पष्ट कारण के तोड़ दिया गया। पिछले करीब एक महीने से सड़क उखड़ी पड़ी है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता नहीं बरती गई और न ही स्थानीय लोगों से कोई राय ली गई। इसके अलावा सड़क निर्माण के दौरान घरों के बाहर बने फुटरेस्ट, सीवरेज पाइप और पानी की लाइनें भी क्षतिग्रस्त कर दी गई हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि टूटी सड़क के कारण गढ़वाली मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए आवाजाही मुश्किल हो गई है, वहीं कई लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में अधिकारियों, ठेकेदार और संबंधित पार्षद की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। वहीं क्षेत्र की पार्षद भावना बिट्टू का कहना है कि सड़क का निर्माण टेंडर प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है और काम पूरा होने के बाद लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि काम अधूरा छोड़ दिया गया है और समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय निवासी का कहना : "यह विकास नहीं है, यह तो सीधा-सीधा जनता की जेब पर डाका है। हमारी ठीक-ठाक सड़क तोड़ दी गई, ऊपर से हमारे घरों के बाहर की लाइनें भी खराब कर दी गई। हमें आर्थिक नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई प्रशासन को करनी चाहिए। जब तक पारदर्शिता नहीं आती, काम तुरंत रोका जाए।" स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और नुकसान की भरपाई की मांग की है। अब देखना होगा कि नगर निगम यमुनानगर इस बढ़ते विरोध पर क्या कदम उठाता है।
0
0
Report

UCC पर आरिफ मसूद का तीखा विरोध, बीजेपी पर संविधान में छेड़छाड़ का आरोप

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने UCC का किया विरोध आरिफ मसूद बोले UCC का विरोध करूंगा UCC से आपत्ति, मुस्लिम धर्म और अन्य धर्मों के लिये संविधान में प्रावधान रिलिजियस बाउंडेशन तोड़ने की कोशिश करेंगे तो हम विरोध करेंगे संविधान के साथ छेड़छाड़ क्यों करना चाहती है बीजेपी रामेश्वर शर्मा के बम बनाने के आरोपों पर आरिफ मसूद ने तंज कसते हुए कहा- यह सवाल रामेश्वर शर्मा से पूछना होगा जब बम बना रहे होंगे तो रामेश्वर शर्मा साथ ही होंगे, हम दोनों साथ ही बना रहे होंगे संविधान में मुस्लिम, ट्राइबल और अन्य समाजों के लिए प्रावधान है UCC से सिर्फ मुस्लिम, इसाई, ट्राइबल, बुद्धिस्ट इन सबको दिक्कत होगी बाइट - आरिफ मसूद, विधायक कांग्रेस
0
0
Report

विश्व हिन्दू परिषद के आह्वान पर गाय को राष्ट्रीय दर्जा मिलने के लिए भिवंडी में तहसीलदार को ज्ञापन

Thane, Maharashtra:गायों को राष्ट्रीय दर्जा मिलने के लिए भिवंडी में तहसीलदार को विविध मागنے के निवेदन। गो सन्मान आव्हान अभियान के अंतर्गत गाय को राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग के लिए पूरे देश में केंद्र और राज्य स्तर पर संविधान के दायरे में अहिंसक पद्धति से विश्व हिंदू परिषद के पक्ष से देशभर में आंदोलन किया गया। इसके प्रसंग में भिवंडी में भी विश्व हिंदू परिषद के स्वामी शिवानंद महाराज के साथ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताோ ने गो मातাকে राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त करने हेतु भजन कर तहसीलदार को विभिन्न मागने के निवेदन सादर किया है।
0
0
Report
Advertisement

राधाकृष्ण विखे पाटील के बयानों से राजनीतिक चर्चा मराठी शिक्षा और एसटी शुल्क

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव, चाळीसगाव राधाकृष्ण विखे पाटील ऑन अजित पवारांच्या अपघाताच्या दिवशी vsr कंपनीच्या खात्यात नऊ कोटींची रक्कम जमा करण्यात आल्याचा रोहित पवारांचा आरोप अजित पवारांच्या अपघातानंतर मुख्यमंत्र्यांनी स्वतः स्वतंत्र चौकशी यंत्रणा उभी केली आहे रोहित पवार हे भरकटलेले आहे कोणत्या ना कोणत्या माध्यमातून ते प्रसिद्धीच्या झोतात राहण्याचा प्रयत्न करत आहेत चौकशी यंत्रणा काम करते आहे त्यांना करू दिले पाहिजे. उद्या जर रोहित पवारांचे आरोप कोठे निघाले तर रोहित पवार राजकारणातून संन्यास घेणार का ? राधाकृष्ण विखे पाटील यांनी रोहित पवारांना उपस्थित केला प्रश्न आपण राजकारणात किती मर्यादा उलांडाव्या व दुर्दैवी घटनेत किती राजकारण करावे यासाठी रोहित पवारांनी आपल्या आजोबांचा सल्ला घेतला पाहिजे राधाकृष्ण विखे पाटील ऑन इम्तियाज जलील खरात प्रकरण दाबण्यासाठी टीसीएस प्रकरण काढण्यात आल्याचा आरोप इम्तियाज जलील हे स्वतः पत्रकार राहिलेले आहेत त्यामुळे त्यांच्याकडून अशा विधानाची अपेक्षा नव्हती खरात प्रकरणात एसआयटी स्थापन केलेली आहे 9 ते 10 गुन्हे दाखल झालेले आहेत खरात ची ईडी कडून चौकशी सुरू आहे बँक खाते गोठवलेले आहेत मग आता बँड लावून चौकशी करायची का ? दररोज नवीन एक प्रकरण समोर येत आहे उद्या जर एखादा नवीन प्रकरण समोर आलं तर मग टीसीएस प्रकरण दाबण्यासाठी आम्ही ते प्रकरण आणलं असं म्हणायचं का? राज्यकर्त्यांनी आणि जे पदावर राहिलेले लोक आहेत त्यांनी भान ठेवून वक्तव्य करण्याची गरज आहे.. राधाकृष्ण विखे पाटील ऑन नवी मुंबईतील 80 मराठी शाळा इंग्रजी करणाऱ्याचा निर्णयाचा शिवसेना व मनसे कडून निषेध कोणत्या पार्श्वभूमीवर हा निर्णय झाला याची माहिती नाही. शेवटी मराठी आम्ही सक्ती करायचं म्हणतोय जरी मराठी शाळा या सीबीएससी किंवा इंग्रजी झाल्या असतील तर लोकांचा ओघ हा इंग्रजी माध्यमांकडे आहे याबाबत जे आंदोलन करत आहेत त्या सर्वांची मुलं इंग्रजी माध्यमांमध्ये आहे आपली हीच मोठी अडचण आहे आंदोलन करते आणि सगळे जे मोठे पुढारी आहेत त्यांच्या सर्वांची मुलं मोठ्या शाळेमध्ये इंग्रजी माध्यमांमध्येच आहे मुलांच्या शिक्षणाचा विचार केला तर तो कोणत्या शाळेत शिकतो यापेक्षा त्याला दर्जेदार शिक्षण मिळालं पाहिजे त्याचा आपण पुरस्कार केला पाहिजे इंग्रजी माध्यमांच्या शाळा असल्या तरी त्या ठिकाणी राज्य सरकारने मराठी शिकवल्या गेलं पाहिजे ही सक्ती केलेली आहे नवी मुंबई मध्ये तो निर्णय कोणत्या पार्श्वभूमीवर झाला व त्याची वस्तुस्थिती काय याची कल्पना नाही आपल्या मुलांना चांगला शिक्षण मिळावं ही अपेक्षा असते राधाकृष्ण विखे पाटील ऑन मिरा रोड धर्म विचारून मारहाण समाजामध्ये ज्या घटना घडत आहेत त्यात काही वेगळं करून विकृती तयार होत आहे मुख्यमंत्र्यांनी या सर्व प्रकरणांमध्ये कडाक धोरण स्वीकारलेला आहे Ash such घटनांमध्ये संबंधितांना जबाबदार धरण अपेक्षित आहे मात्र अशा काही घटना घडल्या की शासनावर आरोप केली जातात प्रत्येकाने आपलं दायित्व निभवले पाहिजे आज आम्ही सत्य आहोत उद्या अजून कोणी सत्तेत येतील मात्र सामाजिक दायित्व जपले पाहिजे समाज व्यवस्थेमध्ये अशा प्रकारच्या अपप्रवृत्ती शिरतात त्याचा बंदोबस्त समाजाने दायित्व म्हणून केला पाहिजे मीरा रोड परिसरातील घटने सारखे अनेक प्रकार हे ठाण्यामध्ये देखील घडले आहेत छत्रपती संभाजीनगर मध्ये मागील काळात सिमीचे अनेक जण पकडले आहेत जे काही समाजविरोधी व आतंकवादी संघटना आहेत त्याला तरुण पिढी बळी पडत आहे आज माझ्यावर वेळ नाही म्हणून मी शांत बसून घ्यायचं आणि निमुटपणे सर्व पाहत बसायचं समाजकंटकांचा बंदोबस्त करण्यासाठी लोकांनी देखील पुढाकार घेतला पाहिजे ही आमची जबाबداری आहे राधाकृष्ण विखे पाटील ऑन प्रताप सरनाईक मराठी सत्तेची मोहीम सुरूच राहणार संपांच्या धमक्यांना भीक घालणार नहीं मराठी सक्ती मोहिमेबाबत चर्चा सुरू आहे हा प्रश्न पोलिसांनाच विचारायला पाहिजे सरकारने मोठ्या प्रमाणात सर्व लोकांच्या मुस्क्या आवळायला सुरुवात केली आहे खरात देवाचा अवतार मनात होते, म्हणून काही लोकांना असं वाटतं की आपला देव धोक्यात आहे त्यामुळे अशा लोकांनी त्यांना कुठे लपून ठेवले असावे समाजाच्या अज्ञानतेचा किती फायदा घेतला जातो हे उत्तम उदाहरण म्हणजे खरात आहे त्यामुळे त्यांना असंच कुणी मदत करत असावं असं वाटतंय राधाकृष्ण विखे पाटील ऑन एसटी भाड्यात दोन रुपये अतिरिक्त स्वच्छता निधी मात्र बस स्थानके व एसटीची दुर्वस्था एसटी तिकीट दरात दोन रुपये स्वच्छता अधिभार लावण्यात आला हे आपल्याकडूनच माहिती मिळाली मात्र यातून एसटीचा एसटीला सुधारण्याचा प्रयत्न दिसत आहे मी देखील संभाजीनगर मधून एसटी बसने प्रवास केला बसेस चांगल्या होत्या रिपीट मारण्यात येत असलेल्या गाड्या या कालबाह्य होत चालल्या आहेत आपल्याकडे एसटी बसची अतिशय दुरवस्था आहे हे मी मान्य करतो संगमनेर मधील एका अपघाताची घटना सांगत एसटीच्या दुरवस्थेवर राधाकृष्ण विखे पाटील यांनी केले भाष्य एसटीमध्ये सुधारणा करण्याची आवश्यकता आहे हे मी मान्य करतो राधाकृष्ण विखे पाटील ऑन नितेश राणे यांना कोर्टाने दोषी ठरवले नितेश राणे यांना कोणत्या पार्श्वभूमीवर शिक्षा सुनवली हे मला माहिती नाही मात्र आंदोलन केल्यामुळे गुन्हे दाखल होतात गोपीचंद पडळकर यांच्यावर देखील अनेक गुन्हे दाखल आहेत राजकीय गुन्हे दाखल होत राहतात नितेश राणे यांनी अतिशय चांगला कार्यकर्ता म्हणून आपली एक वेगळी ओळख निर्माण केली आहे आम्ही सर्व नितेश राणें सोबत आहोत राधाकृष्ण विखे पाटील ओन संभाजी ब्रिगेड वीरेंद्र शास्त्री विरोधात गुन्हे दाखल करण्याची मागणी त्यांना गुन्हे दाखल करायचे असतील तर पोलीस स्टेशन आहे त्यांनी त्या ठिकाणी जाऊन गुन्हे दाखल करावे मागणी कशाला करावी ज्यांना असं वाटतं ki हे चुकीचं आहे त्यांनी गुन्हे दाखल करावे त्यामध्ये शासनाने हस्तक्षेप का करावा. कुणाला काही विचार पटतात कोणाला पटत नाही पात्र ज्यांना पटत नाही त्यांना मोकळीक आहे कायद्याच्या चौकटीमध्ये घटनेने तुम्हाला अधिकार दिलेला आहे त्यामुळे त्यांनी गुन्हे दाखल करावे संजय गायकवाड यांच्या विरोधात कोणी पुढे गुन्हा दाखल करायला गेला पाहिजे.. दाखल करून घेत नसतील तर हा भाग वेगळा.. बाईट राधाकृष्ण विखे पाटील..
0
0
Report

भिवंडी टेमघर क्षेत्र में आरक्षित जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ नगरपालिका ने ध्वस्तीकरण कर 100 से अधिक मकान गिराये

Thane, Maharashtra:भिवंडी शहरातील टेमघर परिसरातील महानगरपालिकेने आरक्षित भूखंडावर अतिक्रमण करून बनवण्यात आलेल्या चाळी पालिका प्रभाग समिती क्रमांक २ चे सहाय्यक आयुक्त विनोद मनोरे यांनी अतिक्रमण पथकाच्या मदतीने जेसीबी चालवून भुईसपाट केल्या आहेत. टेमघर येथील सर्व्हे क्रमांक १९ यामधील गुरुचरण जागा पालिकेच्या विकास आराखड्यात शाळा व शाळेचे मैदान यासाठी आरक्षित करण्यात आली होती. या जागेवर मागील कित्येक वर्षांपासून स्थानिकांनी अतिक्रमण करीत चाळी बांधल्या होत्या. त्या संबंधी नगररचना विभागाकडून आरक्षित जागे बाबत मोजमाप झाल्यानंतर संबंधितांना नोटीस बजावून मंगळवारी ही कारवाई करण्यात आली आहे. या कारवाईत सुमारे १०० घरे तोडण्यात आली असल्याची माहिती प्रभाग समिती क्रमांक २ चे सहाय्यक आयुक्त विनोद मनोरे यांनी दिली आहे. या कारवाई वेळी मोठा पोलिस बंदोबस्त तैनात करण्यात आला होता. येथे नागरिकांनी या कारवाईचा निषेध व्यक्त करीत पालिकेने जाणीवपूर्वक आम्हला उध्वस्त करण्यासाठी ही कारवाई केल्याचा आरोप विल्सन ठाकूर यांनी केला आहे. ही जागा आमच्या कुटुंबाच्या मालकीची आहे.पालिकेने आम्हला नोटीस दिली पण आमची जमीन मोजणी केल्या नंतर कारवाई करायची होती. परंतु पालिकेने जमीन मोजणी करताना आम्हाला कोणतीही कल्पना दिली नाही अशी तक्रार विल्सन ठाकूर यांनी केली आहे.पालिकेने ही कारवाई करताना आम्हला अंधारात ठेवले जमीन मोजणी करताना आम्हला कोणतीही नोटीस बजावण्यात आली नव्हती. स्थानिक लोकप्रतिनिधी गुरुचरण जागा म्हणून आमची जागा ताब्यात घेण्यासाठी ही जबरदस्तीने कारवाई केल्याचा आरोप केला आहे. आम्ही दहा वर्षांपासून या ठिकाणी आमच्या जागेत राहत होतो. मग पालिकेने आम्हला का नाही थांबवले, आजच अचानक ही जागा गुरुचरण असल्याचे कसे लक्षात आले. स्थानिक लोकप्रतिनिधी गुरुचरण जागा म्हणून आमची जागा ताब्यात घेण्यासाठी ही जबरदस्तीने कारवाई केल्याचा आरोप केला आहे. आम्ही दहा वर्षांपासून येथे वास्तव्य करणाऱ्या अनेकांचा संसार उघड्यावर आला आहे अशी प्रतिक्रिया दिली आहे.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top