icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
458895
MANISH KUMAR PUROHITMANISH KUMAR PUROHITFollow9 Sept 2024, 05:37 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

सीकर में द्वितीय चरण के नगर निकाय चुनाव के लिए कल मतदान

Sikar, Rajasthan:सीकर में नगर निकाय चुनाव के द्वितीय चरण के लिए मतदान कल 11 सितंबर को चार नगर निकायों में होगा। सीकर नगर परिषद, रामगढ़ शेखावाटी नगरपालिका, धोद नगरपालिका और लोसल नगरपालिका क्षेत्र में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा। कुल 64 वार्डों में 194 मतदान केंद्र हैं। जिला निर्वाचन विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और मतदान दलों को अंतिम प्रशिक्षण देकर निर्वाचन सामग्री के साथ केंद्रों के लिए रवाना किया गया है। सीकर नगर परिषद के मतदान दल कल्याण राजकीय महाविद्यालय से, रामगढ़ शेखावाटी के मतदान दल आरएन रुइया पीजी कॉलेज से, धोद के मतदान दल महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय से और लोसल के मतदान दल श्री डेडराज खेतान राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए। जिलाधिकारी आशीष मोदी ने कहा कि चारों नगर निकायों में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी आवश्यक तैयारी पूरी है; मतदान कर्मी निष्पक्षता और ईमानदारी से दायित्व निभाएंगे। उन्होंने कहा कि 9 सितंबर को जिले की 10 नगर निकायों में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान हुआ था और 11 सितंबर को होने वाला मतदान भी शांतिपूर्ण रहेगा। मतदाताओं से स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक होकर मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की गई। मतदान केंद्रों पर तैनात कर्मियों को आवश्यक सहयोग और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही सीकर नगरपालिका क्षेत्र में 65 वार्ड council थे, जिनमें से एक वार्ड निर्विरोध था; अब 64 वार्डों के लिए कल मतदान कराया जाएगा और 194 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं।
0
0
Report

खड़े हनुमान मंदिर विवाद: साधु-संत बोले, पांचवां प्रयास नहीं, मंदिर वही बने

Ujjain, Madhya Pradesh:खड़े हनुमान मंदिर विवाद में बोलीं हर्षानंद गिरी- ‘7 फीट के गड्ढे कोई कुत्ते ने पंजों से तो नहीं खोदे, मशीनों का इस्तेमाल हुआ है’ चार प्रयास हो चुके, अब पांचवां प्रयास नहीं होना चाहिए; मंदिर तोड़कर उसी जगह भव्य मंदिर बनाने की मांग मठों और गद्दियों में बैठे साधु-संत बाहर निकलें, हनुमैन जी के लिए साथ खड़े नहीं हुए तो कल कुछ नहीं बचेगा उज्जैन में हनुमान जी का अयोध्या के रामलला जैसा हाल नहीं देखना चाहते उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब साधु-संतों की मौजूदगी और बयान सामने आने लगे हैं। आज हर्षानंद गिरी भी खड़े हनुमान मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने बटुकों और अन्य साधु-संतों के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर को लेकर अपनी बात रखी और साधु-संत समाज से सामने आने की अपील की。 मशीनरी के इस्तेमाल को लेकर पूछे गए सवाल पर हर्षानंद गिरी ने कहा कि पहले उन्हें भी इस बारे में जानकारी नहीं थी और किसी ऐसी बात पर, जिसकी जानकारी न हो, सही या गलत बोलना उचित नहीं है। लेकिन जब वह हनुमान जी के दर्शन करने पहुंचीं तो प्रतिमा के दोनों तरफ करीब सात फीट के gड्ढे खुदे हुए थे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ये गड्ढे कोई कुत्ता अपने आगे के पंजों से तो नहीं खोद सकता। उनके मुताबिक वहां मशीनों और उपकरणों का इस्तेमाल हुआ है और प्रतिमा को स्थानांतरित करने की कोशिश की गई है。 हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने प्रतिमा को किसी तरह की क्षति न पहुंचे और उसे सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किया सके, इसके लिए पूरी कोशिश की है और वह इस कोशिश का सम्मान करती हैं। लेकिन उनका कहना है कि सरकार चार प्रयास कर चुकी है और अब पांचवां प्रयास नहीं होना चाहिए。 उन्होंने कहा कि जहां हनुमान जी का मंदिर तोड़ा गया है, अब वहीं दोबारा मंदिर का निर्माण किया जाए। मंदिर को और भव्य बनाने की भी मांग उन्होंने रखी। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करने की बात हर्षानंद गिरी ने कहा कि अलग-अलग राज्यों और शहरों से श्रद्धालु खड़े हनुमान मंदिर पहुंच रहे हैं। लोग यहां झाड़ा लगवा रहे हैं और ताबीज पहन रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की जिस तरह की आस्था इस स्थान से जुड़ी है, उसका सम्मान किया जाना चाहिए। खड़े हनुमान मंदिर को लोग ‘छोटा AIIMS’ मानते हैं और यहां हनुमान जी को वैद्य के रूप में देखते हैं—इस बात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर लोगों को यहां से किसी तरह का लाभ या चमत्कार महसूस नहीं होता, तो वे किसी की तारीफ क्यों करेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों की आस्था में कुछ चमत्कार हुए होंगे, इसलिए वे भगवान की तारीफ करते हैं। इसी आस्था और भगवान के स्वरूप का सम्मान किया जाना चाहिए। उज्जैन मंदिरों की नगरी, धार्मिक स्थलों को हटाने का प्रयास बंद हो उन्होंने कहा कि उज्जैन महाकाल की नगरी है। यहां भैरव बाबा और मां हरसिद्धि जैसे धार्मिक स्थलों के प्रति भी लोगों की आस्था है। ऐसे में धार्मिक स्थलों को हटाने का प्रयास बंद होना चाहिए और खड़े हनुमान मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने अयोध्या के रामलला temple का उदाहरण देते हुए कहा कि वह उज्जैन में हनुमान जी के साथ वैसा हाल नहीं देखना चाहतीं। उनका कहना था कि उज्जैन मंदिरों की भूमि है और मंदिरों को इस तरह क्षतिग्रस्त करना ठीक नहीं है。 साधु-संतों से सवाल- मठों और गद्दियों से बाहर निकलकर साथ खड़े हों साधु-संतों की भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि जो लोग हिंदुओं को एक करने की बात करते हैं, उन्हें हिंदुओं के किसी धर्मस्थल को हटाए जाने पर सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि उज्जैन में कई महामंडलेश्वर हैं। इनमें से कुछ यहां दर्शन करने आए, लेकिन बाकी लोगों की ओर से कोई बात सामने नहीं आई。 उन्होंने कहा कि शुरुआत में बोलना उचित नहीं था, क्योंकि वे सरकार के साथ हैं और सरकार के खिलाफ नहीं हैं। सरकार के हर काम में उसका साथ देना चाहिए। लेकिन अगर किसी जगह ईश्वर ने खुद यह जता दिया है कि वह वहां से नहीं हटना चाहते, तो धर्म से जुड़े लोगों और साधु-संतों की जिम्मेदारी है कि वे ईश्वर की इच्छा का सम्मान करते हुए उनके साथ खड़े हों। उन्होंने संत समाज से अपील करते हुए कहा कि अगर आज मठों, अखाड़ों और आश्रमों से निकलकर साधु-संत हनुमान जी के साथ खड़े नहीं होंगे, तो आने वाले समय में कुछ नहीं bचेगा। उन्होंने इसे संत समाज के लिए शर्म की बात भी बताया कि हनुमान जी के दर्शन टेंट में करने की स्थिति बन गई है。 फिलहाल मांग यही—मंदिर वहीं बने हर्षानंद गिरी ने साफ कहा कि सरकार के विकास कार्यों का विरोध उनका उद्देश्य नहीं है, लेकिन खड़े हनुमान मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं की भावनाओं और धार्मिक आस्था का सम्मान होना चाहिए। उनका कहना है कि अब प्रतिमा को हटाने की कोशिश बंद कर उसी स्थान पर मंदिर का निर्माण किया जाए。
0
0
Report
Advertisement

हरियाणा में 36वें दिन भी सफाईकर्मियों की हड़ताल जारी, कचरे से बीमारी का खतरा

Hisar, Haryana:हरियाणा में आज 36वें दिन भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। हिसार में कचरे के ढेर लगने से बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है और प्रशासन को जेसीबी लगाकर कचरा उठवाना पड़ रहा है। हड़ताल के चलते अब तक 700 कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के डिप्टी कोषाध्यक्ष और राज्य उपप्रधान राजेश बागड़ी ने ज़ी मीडिया को बताया कि 17 मांगों पर सहमति बनने बाद भी सरकार मुकर गई है और बिना आधिकारिक लिखित पत्र के यह आंदोलन खत्म नहीं होगा। कर्मचारियों ने अब आंदोलन तेज करते हुए 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में 'महा न्याय पंचायत' करने का ऐलान कर दिया है।
0
0
Report

काजीगुंड लिंक रोड खुलवाने के लिए व्यापारियों का विरोध, MLA लारमी ने भरोसा दिलाया

Noida, Uttar Pradesh:काजीगुंड में व्यापारियों ने लिंक रोड बंद होने का विरोध किया, MLA मजीद लारमी ने समर्थन का भरोसा दिया काजीगुंड: गुरुवार को काजीगुंड के अपर बाजार के व्यापारियों ने नेशनल हाईवे को काजीगुंड से जोड़ने वाली लिंक रोड के लगातार बंद रहने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि इस पाबंदी से उनके कारोबार और रोजी-रोटी पर बुरा असर पड़ा है। विरोध कर रहे व्यापारियों ने बताया कि श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा इंतजामों के तहत यह सड़क बंद की गई थी। हालांकि, उन्होंने चिंता जताई कि यात्रा खत्म हो चुके होने के बावजूद सड़क अभी तक नहीं खोली गई है। व्यापारियों के मुताबिक, सड़क के लगातार बंद रहने से ग्राहकों की आवाजाही और कारोबार में भारी कमी आई है, जिससे इस पर निर्भर कई व्यापारियों को आर्थिक मुश्किलों और बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों ने कहा, "हम समझते हैं कि सुरक्षा कारणों से यात्रा के दौरान सड़क बंद की गई थी, लेकिन अब जब यात्रा खत्म हो चुकी है, तो इसे बंद रखने का कोई औचित्य नहीं है।" उन्होंने अधिकारियों से जल्द से जल्द आवाजाही बहाल करने की अपील की। इस बीच, अनंतनाग वेस्ट के विधायक (MLA) अब्दुल मजीद लारमी मौके पर पहुंचे और विरोध कर रहे व्यापारियों से बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी चिंताओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और समस्या को हल करने की कोशिश की जाएगी। लारमी ने व्यापारियों की मांग को सही और जायज बताया। उन्होंने कहा कि अगर संबंधित अधिकारियों के सामने मामला उठाने के बावजूद इसका समाधान नहीं हुआ, तो वह व्यापारियों के साथ खड़े होंगे और उनके विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। व्यापारियों ने प्रशासन से इस अहम लिंक रोड को जल्द से जल्द खोलने की अपील की है। उनका कहना है कि सामान्य कारोबार को फिर से शुरू करने और स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी बचाने के लिए इस रास्ते को बहाल करना बहुत जरूरी है।
0
0
Report
Advertisement

जबलपुर-अमरकंटक हाईवे पर बरगांव के पुल की जर्जर हालत, भारी खतरे की चेतावनी

Dindori, Madhya Pradesh:डिंडोरी में भारी बारिश के बाद जर्जर पुलों की हालत ने जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर ग्राम बरगांव में सिलगी नदी के ऊपर बना अंग्रेजों के जमाने का पुल अब जर्जर हो गया है... पुल का एक पिलर टूट चुका है, वहीं जगह-जगह दरारें साफ दिखाई दे रही हैं... इसके बावजूद इसी पुल से रोजाना हजारों वाहन गुजर रहे हैं...ग्रामीणों का कहना है की पिलर टूट जाने से अगर कोई भारी वाहन यहां से गुजरा तो पुल टूट सकता है और जबलपुर अमरकंटक को जोड़ने वाली एक मात्र सड़क में आवाजाही बंद हो सकती है....जानकारी क़े मुताबित लोक निर्माण विभाग के रिकॉर्ड में मध्य प्रदेश के करीब 253 पुल जर्जर श्रेणी में चिन्हित हैं, जिनमें 46 पुलों की स्थिति बेहद खतरनाक बताई गई है... नियमों के मुताबिक 15 जून तक पुलों का सुरक्षा ऑडिट होना था, लेकिन कई जगहों पर सर्वे तक पूरा नहीं हो सका... ऐसे में सवाल अब सवाल है की क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? आखिर कब तक इन जर्जर पुलों पर लोगों की जान जोखिम में डालकर आवागमन जारी रहेगा?
0
0
Report

बाढ़ का खतरा बढ़ा: निस्ता तटबंध के रिसाव से 2,000 लोगों को खतरा

Lakhisarai, Bihar:लखीसराय सूर्यगढ़ा प्रखंड के निस्ता गांव में हरुहर और गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे सुरक्षा तटबंध पर पानी का भारी दबाव बना हुआ है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। निस्ता से मेदनी चौकी रसलपुर तक बने इस तटबंध में निस्ता के पास कई जगहों पर रिसाव शुरू हो गया है। इससे करीब 2 हजार की आबादी पर बाढ़ का सीधा खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय बताते हैं कि हरुहर, गंगा और किऊल नदी यहां मोड़ लेती है, जिससे तेज धारा सीधे बांध से टकराती है। जलस्तर और बढ़ने पर पानी बांध के ऊपर से बह सकता है। हालांकि प्रशासन ने रिसाव रोकने के लिए जियो बैग और मिट्टी से बांध को मजबूत किया है।
0
0
Report
Advertisement

सोनभद्र में खनन घोटाले के आरोपी इस्तियाक अहमद खान मुंबई से गिरफ्तार

Obra, Uttar Pradesh:SONBHADRA में खनन पट्टे के दस्तावेज और चेक में कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने पूर्व सपा नेता खनन कारोबारी इस्तियाक अहमद खान को मुंबई से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे सोनभद्र लेकर पहुंची और सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी कोर्ट में पेश किया। पुलिस की ओर से कोर्ट में रिमांड की मांग की गई है, जिस पर आज दोपहर आदेश आने की बात कही जा रही है। मामला रिंकी श्रीवास्तव के खनन पट्टे राधिका इंटरप्राइजेज से जुड़े दस्तावेज और चेक में कथित धोखाधड़ी का है। रिंकी श्रीवास्तव की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 3 सितंबर को इस्तियाक अहमद खान के घर पर छापा मारा था। इस्तियाक अहमद खान ओबरा नगर पंचायत के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने 3 सितंबर को ओबरा स्थित उनके आवास पर रेड की थी। पुलिस के मुताबिक छापेमारी के दौरान इस्तियाक अहमद खान घर पर नहीं मिला और इसके बाद वह ओबरा से फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे मुंबई से गिरफ्तार किया और आज कोर्ट में पेश किया। पुलिस की ओर से इस्तियाक अहम खान को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया है। मामले में आज दोपहर रिमांड को लेकर कोर्ट का फैसला आने की बात कही जा रही है। इस्तियाक अहम खान की पेशी को देखते हुए सोनभद्र जिला न्यायालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मामले की जानकारी देते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता बबलू दीक्षित ने बताया कि अभियुक्त पक्ष का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई किसी को लाभ पहुंचाने की नीयत से की जा रही है। अधिवक्ता के मुताबिक जब मामला न्यायालय में आया था, उस समय चेक पर किसी अन्य व्यक्ति के हस्ताक्षर होने की बात सामने नहीं आई थी। उनका आरोप है कि अचानक मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तारी, निजी होटल में रखने और सुबह ही कोर्ट में पेश किए जाने की पूरी कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है। बचाव पक्ष का कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई के पीछे किसी को लाभ पहुंचाने की नीयत हो सकती है。
0
0
Report

गणेशोत्सव के दौरान CBSE स्कूलों में छुट्टी, परीक्षा नहीं लेने का निर्णय

Mumbai, Maharashtra:गणेशोत्सवादरम्यान परीक्षा नाही - मुलांना आणि पालकांना गणेशोत्सवाचा आनंद घेता यावा यासाठी CBSE शाळांची सुट्टी , मनसेच्या आंदोलनाला यश... मनसेच्या आंदोलनाच्या इशाऱ्यानंतर बोरिवली-चारकोप विधानसभेतील सर्व CBSE शाळांना सुट्टी जाहीर करण्यात आली आहे. गणेशोत्सव काळात परीक्षा न घेता मुलांना आणि पालकांना सणाचा आनंद sाजरा करता यावा, यासाठी चारकोप विधानसभेतील सर्व CBSE शाळांनी सुट्टी जाहीर केली आहे. मनसेच्या आंदोलनाला मोठं यश मिळालं आहे. बाइट: दिनेश साळवी - विभाग अध्यक्ष मनसे बाइट: विश्वास मोरे - विभाग अध्यक्ष बोरीवली
0
0
Report

बस्तर लौटते प्रवासित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रशासन ने तेज़ी पकड़ी

Jagdalpur, Chhattisgarh:सलवा जुडूम के दौरान माओवादी हिंसा से बचने के लिए बस्तर छोड़ने वाले परिवारों को पुनः बस्तर में बसाने का काम प्रशासनिक स्तर पर तेज कर दिया गया है, माओवादी हिंसा के बीच दक्षिण बस्तर के सुकमा दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के हजारों परिवारों ने पलायन किया था, बस्तर से माओवाद की समाप्ति के बाद अब प्रवासित परिवारों को पुनः बस्तर में उनके गांवों में बसाने की पहल की जा रही है, इसको लेकर बस्तर कमिश्न्नर डोमन सिंह ने दक्षिण बस्तर के तीनों जिलों के कलेक्टर की वर्चुअल बैठक लेकर जरूरी निर्देश दिए, एक अनुमान के अनुसार माओवादी हिंसा से बचने के लिए दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिलों के हजारों आदिवासी परिवारों ने आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में शरण ले ली थी, इन प्रवासित परिवारो ने अपनी जान तो जरूर बचा ली लेकिन लंबे समय तक इन परिवारों को मूलभूत जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ा, बदले माहौल के बीच माओवाद मुक्त बस्तर में अपने गांव वापस लौट रहे परिवारों के पुनर्वास को संवेदनशीलता एवं सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने का काम अब प्रशासन की प्राथमिकता है, कमिश्नर ने तीनों जिलों के संबंधित अधिकारियों को शासन की 31 व्यक्ति मूलक एवं 14 सामुदायिक योजनाओं से पात्र परिवारों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए है, बता दें कि हाल ही में सुकमा जिले में 100 परिवारों की वापसी हुई थी वहीं तकरीबन 32 हजार लोग अब भी अपने घर लौटने का इंतजार कर रहे है, जगदलपुर दौरे में पहुंचे उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने भी प्रवासित परिवारों के पुनर्वास के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के कि बात कही, बहरहाल बस्तर कमिश्नर ने वर्चुअल बैठक में उन्होंने संबंधित जिलों की ग्राम पंचायतों में नियमित शिविर आयोजित करने तथा वापस आने वाले परिवारों का सर्वे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।
0
0
Report
Advertisement

गोपालगंज में बस दुर्घटना: दंपति की मौत, स्कूल फीस जमा करने जा रहे थे

Gopalganj, Bihar:गोपालगंज में सड़क हादसे में एक दम्पत्ति की मौत हो गई दोनो बाइक से अपने बच्चे के स्कूल फीस जमा करने जा रहे थे घटना आज गुरूवार मांझागढ़ थाना क्षेत्र के भरकुइया गांव के समीप की है जहाँ तेज रफ्तार अनियंत्रित बस की चपेट में आने से बाइक सवार पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान बरौली थाना क्षेत्र के सरेया विशुनपुरा गांव निवासी इशू मियां के 40 वर्षीय बेटे सेराजुल मियां और उनकी 36 वर्षीय पत्नी शकीला खातून के रूप में हुई है। बताया जाता है कि सेराजुल मियां अपनी पत्नी शकीला खातून के साथ बाइक से गोपालगंज शहर जा रहे थे। दोनों अपने बच्चों की स्कूल फीस जमा करने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान भरकुइया गांव के पास तेज रफ्तार बस ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही मांझागढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों के परिजनों को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
0
0
Report

झारखंड में BJP-झामुमो के दावों की गरमी, 2029 तक सत्ता के संकेत

Ranchi, Jharkhand:रांची झारखंड में सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर है। बीजेपी का आरोप है कि राज्य सरकार सिर्फ फंड का रोना रोते रहती है। इस बार बीजेपी झारखंड में सभी लोकसभा की 14 सीटें जीतेगी साथ ही सूबे में सरकार बनाने का दावा किया तो झामुमो और कांग्रेस ने जोरदार पलटवार करते हुए कहा सपने देखने की पुरानी आदत है। झारखंड बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता दीन दयाल वर्णवाल ने कांग्रेस और झाम्रमो पर निशाना साधते हुए कहा, झारखंड में छात्र, किसान और व्यवसाई सब परेशान हैं। 2029 में बीजेपी झारखंड में न सिर्फ लोकसभा की सभी 14 सीटें जीतेगी बल्कि राज्य में राज्य सरकार भी बनाएगी। बीजेपी का संगठन काफी मजबूत है, जनता हमारे साथ है जनता से साथ मिलकर मजबूती से जीत हासिल करेंगे। विरोधियों की ख्याली पुलाव बनाने का पुरानी आदत है। कांग्रेस का संगठन आज किस पायदान पर पहुंच गया है ये जनता को भी पता है और उनको भी पता है। केंद्रीय फंड का जिस तरह से ये लोग रोना रोते हैं,अपना संसाधन जुटाते नहीं , राज्य का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने कहा झारखंड में राज्य सरकार के सामने चुनौतियां तो है , चुनौतियां केंद्र सरकार के द्वारा है। जिस तरह से केंद्र की सरकार एमएमडीआर के माध्यम से राज्य का पैसा , झारखंड के राजस्व को हड़पना चाहती है , हमारे जीएसटी का पैसा भी हड़प पर बैठी है। वो झारखंड में विकास के काम को भी बाधित करने का काम कर रही है। पिछले 13 साल के दौरान जब से झारखंड में पिछले 6 साल से गठबन्धन की सरकार आई है केंद्र के रही है। राज्य सरकार चुनौतियों का सामना करते हुए अपने स्तर से फंड जेनरेट कर रहे हैं और झारखंड को विकास के पथ पर आगे ले जाने का पूरा मसौदा हम तैयार कर काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार और बीजेपी हमें जितनी चुनौतियां देगी हम डट कर उन चुनौतियों का मुकाबला करेंगे। इस बार विधानसभा चुनाव में भी हमने बीजेपी को पटखनी दी है, आने वाले विधानसभा चुनाव में भी गठबन्धन बीजेपी पटखनी देंगे और लोकसभा चुनाव में भी इस बार उनकी सीटें घटी और आने वाले लोकसभा चुनाव में भी उनका सूपड़ा साफ हो जाएगा झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने बीजेपी के लोग भी राजनीतिक दल से हैं वो क्या बोलेगें, कोई राजनीतिक दल कहेगा हम सब सीट हार जाएंगे। ये तो तय है , आज जो मिजाज है देश का, यहां के जेन जी का , यहां किसानों और महिलाओं का ,वो तो स्पष्ट दिखता है, कितना सीट जीत पाएंगे।झारखंड में हेमंत फोबिया से ग्रसित हैं। झारखंड में बीजेपी का खाता खुलेगा कि नहीं आम आदमी से पूछिए पता चलेगा ,वो एक भी सीट नहीं जीतेंगे पर बीजेपी वाले क्या बोलेगें। 2019 में भी बोलते थे 65 पास , फिर बोला अबकी बार आर पार, दो दो बार हमने पटखनी दी है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top