icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
452001
Lalit SharmaLalit SharmaFollow3 Oct 2024, 11:39 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

BSF की चार महिलाएं माउंट एवरेस्ट पर वंदे मातरम् के साथ इतिहास रचती हैं

Noida, Uttar Pradesh:अमित शाह एक्स पोस्ट नारी शक्ति ने बीएसएफ की अदम्य शक्ति का प्रमाण दिया。 बीएसएफ की महिला पर्वतारोहण टीम को हार्दिक बधाई, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त करके स्वर्णिम इतिहास रचा। बल की हीरक जयंती मनाते हुए, उन्होंने विश्व की सर्वोच्च चोटी पर विजय प्राप्त की और आकाश में वंदे मातरम का गीत गाकर साहस, देशभक्ति और समर्पण का एक दुर्लभ उदाहरण प्रस्तुत किया。 टीम के सभी सदस्यों को मेरा सलाम。 दुनिया की सबसे ऊँची छोटी पर गूंजा वंदे मातरम… और इस नामुमकिन काम को मुमकिन कर दिखाया है BSF की चार वीरांगनाओं ने। BSF के डायमंड जुबली वर्ष और भारत के राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस अभियान को कई दिनों के मुश्किल और दुर्गम परिस्थितियों में पूरा किया गया। सबसे खास बात ये है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब BSF की महिला जवान माउंट एवरेस्ट की चोटी से “वंदे मातरम्” का गायन किया। जहाँ सांस लेने के लिए भी ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद लेनी होती है वहाँ तेज़ सर्द हवाओं के थपेड़ों के बीच इन वीरांगनाओं ने बिना ऑक्सीजन मास्क के, जमा देने वाली ठंड के बीच बैठकर बिना मास्क के वंदे मातरम् का गायन किया मुख्य बिंदु 1. सीमा सुरक्षा बल (BSF) की चार महिला कार्मिक “मिशन वंदे मातरम्” के तहत विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर ऐतिहासिक चढ़ाई की 2. BSF की यह पूर्णतः महिला एवरेस्ट टीम भारत की “एकता में विविधता” की सच्ची भावना को दर्शाती है। टीम में लद्दाख की एम/सीटी कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की एम/सीटी मुनमुन घोष, उत्तराखंड की एम/सीटी राबेका सिंह तथा लद्दाख/कारगिल की एम/सीटी त्सेरिंग चोरोल शामिल हैं। साधारण पृष्ठभूमि और देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली ये चारों पर्वतारोही साहस, दृढ़ संकल्प, महिला सशक्तिकरण तथा रोमांच और उत्कृष्टता के माध्यम से राष्ट्र सेवा की भावना का प्रतीक हैं。 3. यह मिशन महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय गौरव, साहसिक भावना तथा भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का प्रतीक है।
0
0
Report

अपर पुलिस अधीक्षक ने ओवरलोडेड ट्रक सीज किया, ओवरलोडिंग करने वालों में हड़कंप

Ramprakash RathourRamprakash RathourFollowJust now
Shahabad, Uttar Pradesh:अपर पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारायण द्वारा डग्गामार और ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को दोपहर 2:00 बजे अल्लाहपुर तिराहा पर एक खोई लदे ओवरलोडेड ट्रक को पकड़कर सीज कर दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारायण पिछले कई दिनों से ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ एक अभियान चला रहे हैं और ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी कर रहे हैं। शुक्रवार को अल्लाहपुर तिराहा पर उन्होंन खोई लादकर लोनी चीनी मिल से आ रहे एक ओवर लोडेड ट्रक को पकडा और उसके बाद उसको सीज कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई से ओवरलोडेड वाहनों के माध्यम से कमाई करने वाहन स्वामियों में खौफ व्याप्त हो गया है।
0
0
Report
Advertisement

RJD-JDU के इलेक्टोरल बॉन्ड विवाद से बिहार में सियासी हंगामा

Patna, Bihar:RJD और JDU में इधर लगातार इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर बयान बाजी हो रही है RJD ने पहले X पोस्ट किया फिर अब RJD नेता जेडयू से सवाल करने लगे है RJD ने X पोस्ट कर लिखा JDU इस देश की एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसे इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए भूत-प्रेत और भटकती आत्मा ने सैंकड़ों करोड़ का चंदा दिया। हादसा यह है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद कोर्ट के निर्देशानुसार चुनाव आयोग द्वारा यह पूछने पर कि आपको यह चंदा किसने दिया तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने चुनाव आयोग को बताया कि उन्हें नहीं पता कि यह चंदा किसने दिया? उनका तर्क था कि कोई अज्ञात व्यक्ति या संस्था sैंकड़ों करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड का सीलबंद लिफाफ़ा उनके पार्टी कार्यालय पटना में फेंक गया, उन्होंने उस लिफ़ाफ़े को खोला और सैंकड़ों करोड़ के बॉन्ड को अपने खाते में कैश करा लिया। है ना कितने ईमानदार लोग? भारतीय राजनीति के इतिहास में चंदा प्राप्त करने का यह दिलचस्प, गोपनीय, अद्भुत, अलौकिक और रहस्यमयी नीतीश मॉडल है। नीतीश मॉडल ऐसा फूलप्रूफ है कि इनके खासमखास भ्रष्ट अधिकारी जेडीयू प्रत्याशियों को लड़ने के लिए लिफाफा देते है और इन बेचारों को पता ही नहीं चलता। जेडीयू ऐसी पार्टी है जो राज्यसभा सांसद बनाने के एवज में शुरुआत में एकमुश्त चढ़ावा लेने के बाद; उस सांसद से उनके छः साल के कार्यकाल तक हर महीने एक करोड़ चंदा लेते है। कई सांसद इसके उदाहरण रहे है। सार यह है कि JDU थैली वालों की नहीं बल्कि नोटों का बोरा देने वालों की पार्टी है। इनके नेता सही कह रहे है कि जेडीयू में सब Commercial deal होता है। वही RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा की जनता दल यू एक थैली से हिल गई है। सच यह है कि थैली से इतनी फड़फड़ाहट क्यों? जब आपने शपथ पत्र में कहा कि हमारे कार्यालय में थैला में इलेक्टोरल बॉन्ड लोग धर के चले गए... अदृश्य शक्ति, भूत था कि प्रेत था, कि पिशाच था, कि निशाचर था? वो धर के चले गए और आप ही डिफीट कर दिया आपने। और πλήर इलेक्टोरल बॉन्ड भजा लिया और भजा करके बक्सों में भर के लेकर चले गए। नैतिक पतन है जनता दल यू का। स्वीकारें, करोड़ों रुपये के आवासन जो गिफ्ट हुए हैं, वह भी स्वीकारें। हालांकि आवास-प्रवास पर हमारी कोई प्रतिक्रिया नहीं होती, लेकिन सवाल सीधा है, अब तो सूटकेस भी सामने है। कौन-कौन कॉन्ट्रैक्टर था जिसने दिया था इलेक्टोरल बॉन्ड आपको? कौन लोग हैं जो करोड़ों रुपया महीना आपके खाते में डाल रहा था? और शिष्टाचारी बन रहे हैं। शिष्टाचारी मत बनो, भ्रष्टाचार की दलदल में फंसी हुई जनता दल यू शिष्टाचार की भाषा बोलने से परहेज करे। ये स्वीकारें कि भ्रष्टाचार की दलदल में जनता दल यू है। ये बातें तो आनंद मोहन ने पूरी पुख्ता सबूत के साथ सामने रखा पब्लिक डोमेन में। घर से आवाज निकली है, आप नकारोगे? नकार नहीं सकते
0
0
Report

लापता युवक का पांच दिन बाद भी सुराग नहीं, मंझिला पुलिस कर रही लापरवाही

Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow1m ago
Shahabad, Uttar Pradesh:मंझिला थाना क्षेत्र के जमालपुर गांव का रहने वाला एक युवक पिछले पांच दिनों से लापता है लेकिन मंझिला पुलिस इस युवक की अब तक तलाश नहीं कर पाई है। रविवार को जमालपुर का रहने वाला दीपक पुत्र अशोक कुमार सुबह 10:30 बजे घर से निकला था उसके बाद घर नहीं पहुंचा। पीड़ित पिता अशोक कुमार ने शुक्रवार को दोपहर 2:30 बजे बताया उसने मंझिला थाना में अपने बेटे की गुमशुदगी भी दर्ज कराई लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक कोई सुराग नहीं लगा सकी। पीड़ित पिता के अनुसार उसका बेटा मानसिक रूप से विक्षिप्त है और उसका इलाज भी चल रहा है।
0
0
Report
Advertisement

कर्णप्रयाग बीडीसी बैठक: ग्रामीण समस्याओं के निदान के लिए सख्त निर्देश

Karnaprayag, Uttarakhand:ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के निस्तारण के लिए आयोजित होने वाली बीडीसी बैठक आज कर्णप्रयाग के ब्लाक सभागार में आयोजित की गयी. बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्यों और ग्राम प्रधानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, रसोई गैस, खाद्यान सहित कई अन्य समस्याओं को लेकर अधिकारियों के सामने रखा. जिला परियोजना निदेशक ने सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को जल्द समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए. बीओ 1 / वर्ष में हर तीन महीने बाद आयोजित होने वाली बीडीसी बैठक में आज कर्णप्रयाग ब्लाक सभागार में ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा. क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति दयनीय है लेकिन अधिकारियों को कई बार कहने के बाद भी स्थिति जस की तस है. बैठक में घरेलू गैस की सप्लाई को लेकर भी क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने समस्या उठाई, जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ग्राम प्रधानों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किये गए कई कार्य ऐसे हैं जिनका कई महीनों बाद भी भुगतान नहीं हो पाया है, जिससे ग्राम प्रधानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. खाद्यान और बिजली की समस्याओं को लेकर बैठक में परियोजना अधिकारी ने सम्बंधित विभाग को जरूरी निर्देश दिए. ग्राम पंचायतों के स्वच्छता को लेकर ग्राम प्रधानों को निर्देश दे दिये गये कि ग्रामीण स्तर पर स्वच्छता बनाए रखने के लिये जागरुकता अभियान चलाये. गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग रखकर 센्टर तक पहुँचायें. ब्लॉक प्रमुख दीपिका मैखुरी ने कहा कि बैठक के माध्यम से उठी समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दे दिये हैं कि वे अपने विभागों से सम्बंधित समस्याओं का निराकरण करें.
0
0
Report

बिहार पुलिस: जनवरी 2026 तक 676 आरोपियों पर कार्रवाई, दो को फांसी

Patna, Bihar:पुलिस मुख्यालय, पटना, बिहार पुलिस मुख्यालय के अपर पुलिस महानिदेशक विधि व्यवस्था सुधांशु कुमार द्वारा प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए बताया गया जनवरी 2026 से लेकर अभी तक के आपराधिक मामलों की जानकारी 676 व्यक्तियों के खिलाफ सीसीए के धारा के तहत काम की गई जिसमें से 252 व्यक्तियों के खिलाफ आदेश पारित कर दिया गया। बिहार में गंभीर आपराधिक मामलों में 33000 से अधिक अपराधी गतिविधि वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी की गई है। न्यायालय के द्वारा आपराधिक मामलों की सुनवाई करते हुए दो लोगों को फांसी की सजा दी है। सांप्रदायिक मामले, हॉर्स फायरिंग और पुलिस पर हमले में 1100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री आवास के पीछे शराब की बोतल मिलने के मामले पर कहा पुलिस इस मामले पर कड़ी कार्रवाई करेगी जो जानकारी मिली है उसे पर पुलिस कार्रवाई में लग चुकी है। बिहार में पुलिस विशेष जाति पर एनकाउंटर कर रही है एडीजी लायन आर्डर ने कहा पुलिस की कोई जाति नहीं होती है ना ही पुलिस जाति देखकर कार्रवाई करती है पुलिस आत्मरक्षा के लिए कार्रवाई करेगी और जो कार्रवाई पुलिस को करनी होगी उसके लिए वह स्वतंत्र है। बाइट - एडीजी लायन आर्डर सुधांशु कुमार
0
0
Report

रेवाड़ी नागरिक अस्पताल में डायरेक्टर के अचानक निरीक्षण से खामियां उजागर

Rewari, Haryana:रेवाड़ी में स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर का औचक निरीक्षण.... अस्पताल में मची खलबली, खामियां मिलने पर अधिकारियों को लगी लताड़..... खामियों को दूर करने के सख्त निर्देश.... मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के दिशा-निर्देशों के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और दुरुस्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर रविंद्र कुमार ने आज नागरिक अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। डायरेक्टर के अचानक पहुंचने से अस्पताल परिसर में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान डायरेक्टर को अस्पताल की व्यवस्थाओं में अनगिनत खामियां देखने को मिलीं, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई तरह की लापरवाही सामने आईं। डायरेक्टर रविंद्र कुमार ने मौके पर ही मौजूद सीएमओ और एसएमओ को सभी व्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने साफ-सफाई की लचर व्यवस्था पर भी नाराजगी जाहिर की और कहा अस्पताल की मौजूदा कार्यप्रणाली सिर्फ संतोषजनक कही जा सकते हैं, लेकिन जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिहाज से यह बेहद नाकाफी है। लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ जल्द ही सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। डायरेक्टर के इस दौरे का एक मुख्य उद्देश्य अस्पताल की नई बिल्डिंग का जायजा लेना भी था। उन्होंने बताया कि अस्पताल की नई बिल्डिंग में जच्चा-बच्चा विभाग समेत अन्य जरूरी सेवाओं को जल्द से जल्द स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि मरीजों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। अस्पताल से ट्रामा सेंटर के बीच बने फुटओवर ब्रिज और लिफ्ट के लंबे समय से बंद होने के मुद्दे पर भी डायरेक्टर ने बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी विभाग के साथ अगले महीने एक उच्च स्तरीय बैठक की जाएगी। इस बैठक के बाद फुटओवर ब्रिज और लिफ्ट को आम जनता के लिए जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में भारी राहत मिलेगी। डायरेक्टर रविंद्र कुमार के इस कड़े रुख के बाद अब स्थानीय स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप का माहौल है और आनन-फानन में व्यवस्थाओं को सुधारने की कवायद शुरू कर दी गई है।
0
0
Report
Advertisement

शकूरबस्ती में विधायक ने अवैध मदरसा रोकने हेतु हथौड़ा चला दिया

Delhi, Delhi:लोकेशन – शकूरबस्ती विधानसभा दिल्ली के शकूरबस्ती विधानसभा क्षेत्र में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब क्षेत्रीय विधायक करनैल सिंह हजारों समर्थकों के साथ DDA के पार्क पहुंचे. आरोप है कि पार्क की जमीन पर अवैध तरीके से मदरसा बनाए जाने की कोशिश की जा रही थी. इसी मुद्दे को लेकर विधायक करनैल सिंह और उनके समर्थकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान विधायक करनैल सिंह ने कहा कि इलाके में किसी भी तरह के अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्क की जमीन पर अवैध कब्जा कर मदरसा बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे थे. इस मौके पर स्वयं विधायक ने अवैध रूप से बन रहे ढांचे पर हथौड़ा चलाया, और अपने समर्थकों के साथ अवैध हिस्से को गिरा दिया. इस दौरान विधायक ने कहा कि “हम अवैध मदरसा नहीं बनने देंगे और ना ही सड़क पर नमाज पढ़ने देंगे.” साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो प्रशासन कार्रवाई करे, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा. मौके पर बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौजूद रहे, जिसके चलते इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई. स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई. फिलहाल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है.
0
0
Report

12 वर्षीय बालक का अपहरण, 70 लाख की फिरौती के केस में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Sirsa, Haryana:12 वर्षीय बच्चे को किडनेप कर 70 लाख फिरोती मांगने का मामला। पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। तीन अन्य आरोपियों की पहचान की गई है। आरोपियों ने पांच घंटे तक बच्चे को किडनेपक रखा था। परिवार से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने नाकेबंदी की। आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित की गईं। शहर की नाकेबंदी के बाद आरोपी बच्चा व उसके पिता की दुकान में काम करने वाले युवक को रामनगरिया गांव के पास छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्चे को बरामद किया। सीसीटीवी जांच में किडनेपिंग गिरोह के एक सदस्य को पकड़ लिया गया। डीएसपी राजेश कुमार ने मीडिया को दी जानकारी। बच्चे के पिता की किताबों की दुकान पर काम करने वाला युवक भी किडनेपिंग मामले में शामिल था। दो-तीन साल से दुकान पर काम कर रहा था। बच्चा सी ब्लॉक में ट्यूशन छोड़ने जाता था; नौकर उसे छोड़कर आता था। आरोपी की पहचान सौरभ के रूप में हुई। साथी के साथ मिलकर सौरभ ने बच्चे को किडनैप कराया। सौरभ के तीन साथियों की पहचान हो चुकी है; गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जा रही हैं। पिछले दस दिनों से अपहरण की योजना बन रही थी।
0
0
Report
Advertisement

चिनाब बेसिन पर भारत का बड़ा जलविद्युत दांव, क्या बदलेगी स्थिति?

Jammu, Water Strike Continues: चिनाब पर भारत का सबसे बड़ा दांव सिंधु जल संधि ठंडे बस्ते में, केंद्र ने तेज की हाइड्रो परियोजनाएं भारत ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच चिनाब नदी से जुड़ी बड़ी जलविद्युत और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार ने करीब 2600 करोड़ रुपये की दो अहम परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है, जिनका उद्देश्य जल प्रबंधन और बिजली उत्पादन क्षमता को मजबूत करना है। इन परियोजनाओं में हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र में 2352 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली “चिनाब-ब्यास लिंक टनल” शामिल है। यह करीब 8.7 किलोमीटर लंबी टनल होगी। इस टनल का मुख्य उद्देश्य चिनाब बेसिन के अतिरिक्त पानी को मोड़कर ब्यास नदी प्रणाली में पहुंचाना है। यह प्रोजेक्ट एक बड़े इंटर-बेसिन रिवर लिंकिंग अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। पहले फेज में लाहौल घाटी में नदी पर 19 मीटर ऊंचा बराज (Barrage) बनाने का भी प्रस्ताव है। इसके जरिए चिनाब की सहायक चंद्रा नदी के पानी को हाइड्रोलिक स्ट्रक्चर और टनल की मदद से ब्यास बेसिन की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे हिमाचल और उत्तर भारत के कई इलाकों में जल प्रबंधन और बिजली उत्पादन क्षमता को नई मजबूती मिलेगी। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के सलाल डैम में 268 करोड़ रुपये की लागत से “सेडिमेंट बायपास टनल” बनाई जा रही है, जिससे बांध में जमा होने वाली गाद को नियंत्रित किया जा सकेगा। सूत्रों के मुताबिक सलाल और बगलिहार डैम में दशकों बाद बड़े स्तर पर डी-सिल्टिंग और रिजर्वायर फ्लशिंग का काम भी शुरू किया गया है। इससे बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ने और जल भंडारण व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार भारत ने चिनाब बेसिन में कई बड़े हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स की रफ्तार भी बढ़ा दी है। इनमें 1000 मेगावाट का पाकल दुल, 624 मेगावाट का किरू, 540 मेगावाट का क्वार और 850 मेगावाट का रैटल प्रोजेक्ट शामिल हैं। वहीं 1856 मेगावाट का सावलकॉट प्रोजेक्ट भी केंद्र की प्राथमिकता में है, जिसे जम्मू-कश्मीर का सबसे बड़ा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट माना जा रहा है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जम्मू-कश्मीर बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है। इन प्रोजेक्ट्स से हजारों मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन होगा, जिससे न केवल स्थानीय जरूरतें पूरी होंगी बल्कि दूसरे राज्यों को भी बिजली सप्लाई की सकेगी। भारत द्वारा चिनाब बेसिन में परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाए जाने के बाद पाकिस्तान ने भी आपत्ति जताई है। पाकिस्तान का आरोप है कि भारत पश्चिमी नदियों पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है, जबकि भारत का कहना है कि सभी परियोजनाएं सिंधु जल संधि के दायरे में “रन ऑफ द रिवर” मॉडल के तहत बनाई जा रही हैं और यह उसका वैध अधिकार है। हाल ही में पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि को लेकर हेग स्थित Court of Arbitration (CoA) में मामला उठाया था। इस पर भारत ने कड़ा जवाब देते हुए कहा कि Court of Arbitration की ओर से दिया गया कोई भी फैसला “null and void” यानी शून्य और अमान्य है। भारत के विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि Court of Arbitration की ओर से दिया गया कोई भी फैसला “null and void” यानी शून्य और अमान्य है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने संधि में तय “Neutral Expert” प्रक्रिया को दरकिनार कर समानांतर कानूनी प्रक्रिया शुरू की, जो संधि की मूल भावना के खिलाफ है। भारत ने यह भी दोहराया कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को “abeyance” यानी स्थगित रखने का फैसला अब भी लागू है और तब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक भारत अपने रणनीतिक और जल अधिकारों को लेकर सख्त रुख जारी रखेगा। सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मौजूदगी में हुई थी। इसके तहत रावी, ब्यास और सतलुज नदियों का अधिकार भारत को जबकि सिंधु, झेलम और चिनाब का उपयोग पाकिस्तान को दिया गया था। हालांकि भारत को इन पश्चिमी नदियों पर सीमित जलविद्युत परियोजनाएं विकसित करने की अनुमति थी।
0
0
Report

दिल्ली हाई कोर्ट ने उमर खालिद को तीन दिन की अंतरिम जमानत दी

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली हाई कोर्ट से उमर खालिद को अंतरिम ज़मानत, माननी होंगी ये शर्तें दिल्ली दंगों से जुड़े व्यापक साजिश के मामले में आरोपी उमर खालिद को दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम ज़मानत मिल गई है। हाई कोर्ट ने उमर खालिद को 1 जून से 3 जून तक के लिए अंतरिम जमानत दी है।खालिद ने अपने दिवगंत अंकल के चेहल्लुम और बीमार मां की देखभाल के लिए 15 दिनों की अंतरिम ज़मानत मांगी थी। 19 मई को निचली अदालत ने उसकी ज़मानत की अर्जी को खारिज कर दिया था। इस आदेश को उमर खालिद ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी कोर्ट में उमर खालिद और पुलिस की दलील उमर खालिद की ओर से वकील त्रिदीप पायस ने कहा कि उसे पहले भी कोर्ट से कई मौके पर अंतरिम ज़मानत मिल चुकी है। उसने कभी भी ज़मानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया। वही दिल्ली पुलिस की ओर से एडिशनल सॉलिसीटर जनरल एसवी राजू ने अंतरिम जमानत की मांग का विरोध किया। राजू ने कहा कि खालिद की मां की बहुत छोटी सर्जरी होनी है। उमर की गैरमौजूदगी में उसकी बहन भी उसकी देखभाल कर सकती है। राजू ने यह भी कहा कि खालिद पुलिस कस्टड़ी में अपनी मां से मिलकर उसी दिन वापस लौट सकता है। उसे इसके लिए अंतरिम जमानत की ज़रुरत नहीं है। इन शर्तों के साथ मिली ज़मानत कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कहा कि हम हम तीन दिन के लिए 1 जून से 3 जून तक के लिए अंतरिम ज़मानत दे रहे है ताकि उमर अपनी माँ के साथ वक़्त बीता सके। हाई कोर्ट ने कहा कि ज़मानत पर रहने के दरम्यान खालिद सिर्फ एक ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल करेगा।वो जांच अधिकारी के संपर्क में रहेगा। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि खालिद दिल्ली के अपने पते पर रहेगा। वो सिर्फ अपनी मां से मिलने के लिए हॉस्पिटल जा सकता है। उसे हॉस्पिटल के अलावा दूसरी जगह जाने की इजाज़त नहीं होगी अभी सिर्फ अंतरिम ज़मानत उमर खालिद को अभी 3 दिन के लिए अंतरिम ज़मानत मिली है। उसे ज़मानत अवधि पूरी होने के बाद सरेंडर करना होगा। अभी उमर खालिद को नियमित ज़मानत नहीं मिल पाई है। इस साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में सह आरोपियों को ज़मानत दे दी थी लेकिन उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत देने से इंकार कर दिया था। पिछले दिनों जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्जল भुईयाँ की बेंच ने इस फैसले पर सवाल खड़े किए थे। उमर खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था। उस पर साज़िश रचने, दंगा करने, गैर-कानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा करने और UAPA जैसे सख्त कानून के तहत केस दर्ज किया गया था।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top