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मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की ने मीडिया से चर्चा की, राहुल गांधी पर कसा तंच
Indore, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक साल के अंदर नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प लिया है। उन्होंने हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी की संभावित जीत को लेकर भी विश्वास जताया है। राहुल गांधी के "जलेबी की फैक्ट्री" वाले बयान पर तंज कसते हुए विजयवर्गीय ने कहा, "राहुल बाबा पता नहीं कहां से अनुसंधान करते हैं। पहले वह आलू से सोना निकालने की बात करते थे और अब जलेबी की फैक्ट्री लगाने की।"
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जोधपुर में मानसून ने दस्तक दी, शहर-ग्रामीण इलाकों में बारिश से राहत
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। पश्चिमी राजस्थान में मानसून की दस्तक के साथ ही शुक्रवार शाम जोधपुर में मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर उमस और गर्मी के बाद शाम को काले बादलों ने आसमान पर डेरा जमा लिया और करीब 20 मिनट तक झमाझम बारिश हुई। बारिश से शहर का मौसम सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से बड़ी राहत मिली। शहर के कई इलाकों में तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया और वाहन चालकों को कुछ देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बारिश शुरू होते ही लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोग घरों से बाहर निकलकर सुहाने मौसम का आनंद लेते नजर आए। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। लंबे समय से मानसून का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी और कृषि कार्यों की शुरुआत आसान होगी। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी जोधपुर सहित पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।0
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कासगंज में असलहाबंद बदमाशों ने घर में घुसकर मारपीट; पुलिस ने घेरा
Kasganj, Uttar Pradesh:असलाहों से लैस होकर तीन बदमाश मकान में घुसे, मकान मालिक के साथ की मारपीट, पुलिस ने मकान को चारों तरफ से घेर लिया है। कासगंज यूपी के कासगंज में दिनदहाड़े असलाहो से लैस होकर तीन बदमाश मकान के अंदर घुसते हैं और मकान मालिक के साथ मारपीट करते हैं मकान के बाहर निकल कर मकान को लॉक कर देते हैं सूचना पुलिस को देते हैं तुरंत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच जाती है। दरअसल मामला जनपद कासगंज के कस्बा पटियाली का है आज शाम को करीब 4:30 बजे राहुल पुत्र राघवेंद्र के मकान के अंदर असलाहो से लैस होकर तीन बदमाश मकान के अंदर घुसते हैं और राहुल के साथ मारपीट करते हैं राहुल उसकी पत्नी व बच्चे मकान के बाहर आ जाते हैं और मकान को लॉक कर देते हैं सूचना पुलिस को देते हैं तत्काल पुलिस मौके पर पहुंचती है पुलिस ने मकान को चारों तरफ से घेर लिया है एक बदमाश छत से कूदा है पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है और अभी भी दो बदमाश मकान के अंदर बताय जा रहे हैं0
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गिरामाल जलप्रपात में भारी उफान: डांग में बारिश के बाद पर्यटकों की भीड़, सुरक्षा निर्देश जारी
Noida, Uttar Pradesh:गुजरात के डांग में लगातार बारिश से उफान पर गिरामाल जलप्रपात, पर्यटकों की उमड़ी भीड़ डांग, गुजरात: पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद डांग जिले का प्रसिद्ध गिरामाल जलप्रपात (Girmal Waterfall) पूरी तरह उफान पर आ गया है। पानी के तेज बहाव ने इस पूरे इलाके की प्राकृतिक खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं। इस मनमोहक और अद्भुत नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहाँ पहुँच रहे हैं। वहीं, लगातार हो रही बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे जलप्रपात के आसपास के खतरनाक स्थानों के पास जाने से बचें। प्रशासन ने सैलानियों से सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी तरह का गैर-जरूरी जोखिम न उठाने का आग्रह किया है0
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मुंबई महापौर ऋतु तावडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई
Noida, Uttar Pradesh:MUMBAI (MH): RITU TAWDE (MUMBAI MAYOR) HOLDS PRESS CONFERENCE0
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सूरत में भारी बारिश: अंबिका नदी उफान, मदर इंडिया डैम पहली बार ओवरफ्लो
Noida, Uttar Pradesh:सूरत में भारी बारिश: अंबिका नदी उफान पर, 'मदर इंडिया डैम' इस सीजन में पहली बार ओवरफ्लो0
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कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने अमित शाह से मुलाकात, राजस्थान विकास पर चर्चा
Jaipur, Rajasthan:कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने की मुलाकात। नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में गए डॉ किरोड़ीलाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से की मुलाकात। डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने बताया, इस अवसर पर राजस्थान के जनहित, विकास, सुशासन एवं समसामयिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। राष्ट्रहित के प्रति उनका दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन है प्रेरणादायी。0
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हेबेई के झुआलु काउंटी में भीषण तूफान, हवाएं 35 मीटर प्रति सेकंड
Noida, Uttar Pradesh:चीन: हेबेई प्रांत के झुआलु काउंटी में भीषण तूफान, हवाओं की गति 35 मीटर प्रति सेकंड0
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बेंगलुरु: विपक्षी नेता आर. अशोक सर पर बयान दे रहे हैं
Noida, Uttar Pradesh:BENGALURU: R. ASHOKA (LEADER OF THE OPPOSITION) ON SIR0
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जयपुर में सड़क धंसी: मंत्री ने कंपनी को रोककर जांच और मरम्मत की तैयारी कही
Jaipur, Rajasthan:बिग जयपुर जयपुर में सड़क धँसने का मामला UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने लिया एक्शन टोरेंटो कंपनी को तत्काल काम रोकने के निर्देश ज़ी मीडिया से बातचीत में झाबर सिंह खर्रा ने कहा सभी कार्य स्वीकृतियां जेडीए ने की स्थगित सभी पाइप लाइनों की जब तक ठीक से नहीं होगी मरम्मत तब तक कंपनी नहीं कर पायेगी नया काम शुरू मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा पाइपलाइन डालते वक़्त ठीक से नहीं हुआ मिट्टी का भराव इसलिए बीचों बीच धँस गई सड़क इस जगह पहले से ही है सीवरेज लाइन विद्युत और पेयजल लाइन भी है अंडरग्राउंड सड़क गैस पाइप लाइन डालते वक्त कंपनी ने बरती लापरवाही कंपनी को सभी पाइप लाइनों की करनी होगी जांच सभी लाइनों को करना होगा दुरुस्त इसके बाद ही कंपनी को मिलेगी कार्य की अनुमति0
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दक्षिणी इटली के रेजियो कैलाब्रिया में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, जनजीवन हिल गया
Noida, Uttar Pradesh:इटली: दक्षिणी इटली के रेजियो कैलाब्रिया (Reggio Calabria) में भारी बारिश कहर बरपा रही है, जिसके कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यहाँ 30 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, और यह मूसलाधार बारिश का दौर अब सिला (Scilla) तथा पियाना कैलाब्रिया (Piana Calabria) तक फैल गया है0
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फरीदाबाद जिला कोर्ट के पास वकीलों की चैंबर में आग, जनहानि नहीं, लाखों का नुकसान
Faridabad, Haryana:फरीदाबाद: जिला कोर्ट के पास वकीलों की बिल्डिंग में लगी आग, कोई जनहानि नहीं, लाखों का सामान जलकर खाक। एंकर- फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित जिला कोर्ट के पास बनी वकीलों की चैम्बर बिल्डिंग के पांचवें फ्लोर पर स्थित चेंबर नंबर 552 में शुक्रवार दोपहर बाद अचानक आग लग गई, जानकारी के अनुसार बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट होने से कागजी फाइलों में आग लगी, जो देखते ही देखते पूरे चेंबर में फैल गई। आग की लपटें स्प्लिट एसी तक पहुंच गईं, जिससे एसी में धमाका होने के बाद आग और भड़क गई। घना धुआं पूरी मंजिल पर फैल गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई वकीलों ने पहले फायर सिलेंडर से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। सेक्टर-15 फायर स्टेशन से पहुंची दमकल की तीन गाड़ियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। बार एसोसिएशन के प्रधान राजेश बैसला ने बताया कि आग चेंबर नंबर 552 में लगी, जहां अधिवक्ता चंद्र कौशिक बैठते हैं। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन चेंबर में रखा फर्नीचर, फाइलें, किताबें और अन्य बिजली का सामान जलकर नष्ट हो गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।0
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गजरौला में पालिका ने निकाली पॉलिथीन मुक्त बनाने को जागरूकता रैली
Gajraula, Uttar Pradesh:शुक्रवार को पूर्व विधायक/नगर स्वच्छता प्रेरक हरपाल सिंह ने बस्ती स्थित पालिका दफ्तर के सामने हरी झंडी दिखाकर रैली का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए एक धीमा जहर है।सेनेटरी इंस्पेक्टर नैपाल सिंह चौधरी ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग प्रकृति के चक्र को पूरी तरह से नष्ट कर रहा है। इसके घातक प्रभाव न केवल जमीन को बंजर बना रहे हैं बल्कि जीव-जंतुओं के जीवन पर भी भारी संकट खड़े कर रहे हैं।0
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दिल्ली बिजली उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सीएजी ऑडिट पर जोर
New Delhi, Delhi:सीएजी ऑडिट मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश पर दिल्ली के ऊर्जा मंत्री श्री आशीष सूद की प्रतिक्रिया "माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आज पारित अंतरिम आदेश एक प्रक्रियात्मक (Procedural) आदेश है, जिसका उद्देश्य मामले के कानूनी पहलुओं पर विस्तृत विचार होने तक यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखना है। यह न तो मामले के गुण-दोष (Merits) पर अंतिम निर्णय है और न ही निजी बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) को किसी प्रकार की क्लीन चिट। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई 2026 को निर्धारित की है, जिसमें ऑडिट की कानूनी व्यवस्था और उसके अधिकार क्षेत्र पर विस्तार से विचार किया जाएगा। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्वीकार किया है कि दिल्ली के बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्नों पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है。 महत्वपूर्ण बात यह है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने रेगुलेटरी एसेट्स (Regulatory Assets) के परिसमापन (Liquidation) पर लगी रोक को भी अगले आदेश तक जारी रखा है। यह दिल्ली की जनता के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि इससे ऐसी प्रक्रिया पर तत्काल रोक बनी हुई है, जिसके परिणामस्वरूप बिजली उपभोक्ताओं पर भारी वित्तीय बोझ पड़ सकता था। हम जनहित में दिए गए इस संरक्षण का स्वागत करते हैं。 सीएजी ऑडिट पर लगी अंतरिम रोक को डिस्कॉम्स की जीत नहीं माना जा सकता। यह आदेश केवल प्रस्तावित सीएजी ऑडिट तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति—दोनों प्रक्रियाओं को अंतिम निर्णय तक अस्थायी रूप से स्थगित करता है। न्यायालय ने कहीं भी यह नहीं कहा है कि सीएजी ऑडिट अवैध है। न्यायालय ने डिस्कॉम्स के तर्कों को स्वीकार भी नहीं किया है। न्यायालय ने केवल कानूनी प्रश्नों पर विचार होने तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है。 दिल्ली सरकार ने इस पूरे मामले में पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और कानून के अनुरूप कार्य किया है। हम 15 जुलाई को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष पूरी तैयारी के साथ अपना पक्ष रखेंगे और यह स्थापित करेंगे कि दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं एवं करदाताओं के हितों की रक्षा के लिए एक स्वतंत्र एवं कठोर सीएजी ऑडिट क्यों आवश्यक है। हमारा उद्देश्य स्पष्ट है—वित्तीय पारदर्शिता, सार्वजनिक जवाबदेही और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा。 हम दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। दिल्ली सरकार लगभग ₹38,500 करोड़ का संभावित बोझ बिना कठोर एवं स्वतंत्र वित्तीय जांच के बिजली दरों और अधिभार (Surcharges) के माध्यम से जनता पर नहीं पड़ने देगी। उपभोक्ताओं से वसूले गए प्रत्येक रुपये का पूरा हिसाब होना चाहिए। हमारी जिम्मेदारी ईमानदार करदाताओं और बिजली उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है, न कि निजी कॉरपोरेट हितों की。 सीएजी ऑडिट का विरोध कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। जिस प्रकार निजी डिस्कॉम्स किसी भी कीमत पर इस ऑडिट को रोकने का प्रयास कर रहे हैं, वह अपने आप में अनेक सवाल पैदा करता है। यदि छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो संविधान सम्मत एक स्वतंत्र सार्वजनिक ऑडिट से डरने का कोई कारण नहीं होना चाहिए। इस ऑडिट का लगातार विरोध केवल इस बात को और मजबूत करता है कि व्यापक पारदर्शिता की आवश्यकता है。 पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी सरकार ने भी निजी डिस्कॉम्स के कार्यकलापों में अधिक पारदर्शिता का लगातार विरोध किया। स्वतंत्र ऑडिट को रोकने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयास इस आशंका को और बल देते हैं कि पिछली सरकार और निजी बिजली कंपनियों के बीच संबंधों से जुड़े कई असहज तथ्य जनता के सामने आ सकते हैं。 दिल्ली की जनता सच्चाई जानने की हकदार है। दिल्ली सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के अपने संकल्प पर पूरी तरह कायम है। सख्त और व्यापक सीएजी ऑडिट की हमारी मांग सुशासन, पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही के सिद्धांतों पर आधारित है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं को प्रभावित करने वाला प्रत्येक वित्तीय निर्णय स्वतंत्र जांच के दायरे में आए。 आज का अंतरिम आदेश एक प्रक्रियात्मक कदम है।0
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MMU ने धार्मिक नेताओं पर रोकें हटाने की मांग उठाई; Ansari-Moosavi के साथ अन्याय
Aram Pora, Ganderbal, The Mutahida Majlis-e-Ulama Jammu & Kashmir (MMU) has expressed serious concern over restrictions imposed on its members and senior religious leaders, including Maulana Masroor Ansari and Agha Syed Hassan Al-Moosavi Al-Safavi. The MMU said Maulana Masroor Abbas Ansari has reportedly been confined to his residence during the sacred month of Muharram, preventing him from addressing Friday congregation today and is being disallowed to attend other religious gatherings and carrying out his religious and institutional responsibilities. It also expressed regret over reports that Aga Syed Hassan Mosavi was prevented from travelling to Iran to attend the funeral ceremony of Ayatollah Khamenei, and that his passport and travel documents were allegedly confiscated at New Delhi Airport. The MMU said peaceful religious scholars and clerics should not be obstructed from fulfilling their religious, social and community duties. Such actions, it stated, hurt religious sentiments, create unnecessary anxiety, and go against the spirit of religious freedom. The MMU urged the authorities to review these restrictions immediately and allow all religious leaders to discharge their responsibilities without hindrance.0
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EWS आरक्षण मांग से राजस्थान के पंचायत-निकाय चुनाव में राजनीति तेज
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। एक तरफ ओबीसी आरक्षण का मसला अभी तक पूरी तरह सुलझा नहीं है, तो दूसरी तरफ अब आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग यानी EWS को भी राजनीतिक आरक्षण देने की मांग तेज होने लगी है। जयपुर में जल्द ही सवर्ण महापंचायत बुलाने की तैयारी है, जिसमें पंचायत और निकाय चुनावों में EWS वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग प्रमुख मुद्दा होगी। आखिर इस नई मांग का सियासी असर क्या होगा... देखिए ये रिपोर्ट... राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनाव से पहले आरक्षण की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। अभी ओबीसी आरक्षण का विवाद थमा भी नहीं है कि अब EWS वर्ग ने भी राजनीतिक आरक्षण की मांग बुलंद कर दी है। EWS आरक्षण मंच ने ऐलान किया है कि इसी महीने जयपुर में सवर्ण महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें पंचायत और नगर निकाय चुनावों में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग उठाई जाएगी। EWS आरक्षण मंच का कहना है कि ब्राह्मण, राजपूत और वैश्य समाज समेत सामान्य वर्ग की कई जातियों का पंचायत और निकाय राजनीति में प्रतिनिधित्व लगातार घट रहा है। मंच का दावा है कि पिछले कई वर्षों से सरकारों के सामने यह मांग रखी जा रही है, लेकिन अब तक न कांग्रेस ने ध्यान दिया और न ही भाजपा ने। ऐसे में अब महापंचायत के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है。 मंच का आरोप है कि पंचायत चुनावों में सामान्य सीटों पर भी राजनीतिक समीकरणों और जातीय दबाव के चलते दूसरे वर्गों के उम्मीदवारों को टिकट मिल जाते हैं। इससे सामान्य वर्ग के दावेदारों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है। महापंचायत के जरिए इसी मुद्दे पर व्यापक जनसमर्थन जुटाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि इस मांग के सामने कई संवैधानिक और कानूनी सवाल भी खड़े हो सकते हैं। अभी तक पंचायत और निकाय चुनावों में आरक्षण व्यवस्था मुख्य रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए लागू है। EWS आरक्षण शिक्षा और सरकारी नौकरियों में लागू है, लेकिन स्थानीय निकायों में राजनीतिक आरक्षण के रूप में इसे लागू करने का कोई स्पष्ट प्रावधान फिलहाल मौजूद नहीं है। ऐसे में यदि यह मांग आगे बढ़ती है तो कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बहस तेज होना तय माना जा रहा है। उधर पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर पहले से ही ओबीसी आरक्षण का मुद्दा चर्चा में है। ऐसे समय EWS आरक्षण की नई मांग सरकार के सामने एक और चुनौती बन सकती है। चुनावी साल नहीं होने के बावजूद स्थानीय निकायों की राजनीति में आरक्षण का मुद्दा अब सियासी दलों के लिए भी अहम होता जा रहा है। फिलहाल सभी की नजर प्रस्तावित सवर्ण महापंचायत पर है। यदि बड़ी संख्या में समाजों की भागीदारी होती है तो पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले EWS आरक्षण का मुद्दा भी प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है। अब देखना होगा कि सरकार इस मांग पर कोई पहल करती है या यह सिर्फ एक राजनीतिक दबाव की रणनीति बनकर रह जाती है。0
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