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SDShwetal DubeyFollow1 Oct 2024, 06:42 am
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रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के पुलिस अफसरों को राष्ट्रपति पुलिस पदक, 15 अगस्त सम्मान

Begun, Rajasthan:रायपुर छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक 15 अगस्त को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे पदक से सम्मानित कुल 19 अफसर और जवानों को किया जाएगा सम्मानित.. सराहनीय सेवा के लिए 11 पुलिस अफसरों को राष्ट्रपति पदक रामगोपाल गर्ग - आईजी, बिलासपुर रेंज शशिमोहन सिंह - एसएसपी, रायगढ़ श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा - एसपी, रायपुर ग्रामीण राजश्री मिश्रा - एसपी, एटीएस विशा - पुलिस मुख्यालय, रायपुर निवेदिता पाल - सेनानी, 6वीं वाहिनी छसबल, रायगढ़ मनीषा ठाकुर रावटे - सेनानी, 20वीं वाहिनी छसबल, महासमुंद तारकेश्वर पटेल - सेंट्रेल जोन डीसीपी उनैजा खातून अंसारी - अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस मुख्यालय रायपुर जयलाल मरकाम - सहायक सेनानी, प्रथम वाहिनी छसबल, भिलाई हजारी लाल साहू - प्लाटून कमांडर, 20वीं वाहिनी छसबल, महासमुंद गृहरक्षक और नागरिक सुरक्षा सेवा पदक - जागेश्वर कुमार धीवर, एसडीआरएफ रायपुर उत्तम कुमार साहू, नगर सैनिक विशिष्ट सेवा के लिए रामावतार सिंह राजपूत को राष्ट्रपति पदक रामावतार सिंह राजपूत - सहायक उप निरीक्षक, रक्षित केंद्र धमतरी 15 अगस्त को रायपुर में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. विष्णुदेव साय करेंगे सम्मानित
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रतलाम के प्राचीन महाकाल मंदिर में रहस्यमय भूतल दर्शन और महाशिवरात्रि मेले

Ratlam, Madhya Pradesh:चंद्रशेखर SOLANKI/रतलाम सावन के पावन महीने में शिव भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए ऐसे-ऐसे शिव धामों का रुख करते हैं, जहाँ आस्था के साथ अद्भुत और चमत्कारिक दर्शन भी देखने को मिलते हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक प्राचीन शिव मंदिर के दर्शन करवाते हैं। महाकाल मंदिर… ज़ी हा सही सूना आपने, लेकिन यह उज्जैन का महाकाल मंदिर नहीं, बल्कि रतलाम जिले के धराड़ गांव में स्थित प्राचीन महाकाल मंदिर है। यही सर बोचल मे महाँकाल मंदिर नाही है बल्कि यहाँ प्रशासन का अधिकृत बोर्ड लगा है जिस पर लिखा है महाँकाल मंदिर,रतलाम शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर यह मंदिर अपनी ऐतिहासिक संरचना और अनोखे शिव स्वरूप के लिए खास पहचान रखता है। बताया जाता है कि करीब 12वीं सदी, यानी परमार काल में बने इस तीन मंजिला मंदिर को पहले ‘फूटला मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता था। मंदिर के गर्भगृह में पंचमुखी महादेव के दर्शन होते हैं, जबकि यहां भगवान नागचंद्रेश्वर की प्रतिमा के साथ माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और हनुमान जी की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं। मंदिर की प्राचीन कलाकृतियां इसकी खूबसूरती को और बढ़ाती हैं। मंदिर के शिखर से लेकर निचे तक आकर्षक सुन्दर कलकृतिया है मंदिर मे भी कई स्तम्भ है, जो इसे प्राचीन काल से आज तक अपने ऊपर मंदिर क़ो सहारा देकर रखे हुए है। लेकिन सबसे खास है मंदिर का भूतल, जहां पंचमुखी महादेव के दर्शन होते हैं। यहाँ मंदिर के नीचे जमीन मे बने इस मंदिर की ऊंचाई इतनी कम है कि श्रद्धालु सीधे खड़े नहीं हो सकते। इस भूतल मंदिर मे जाने का रास्ता भी किसी खुफिया रास्ते से कम नही है, जिसमे बहुत कम लोग ही अंदर जाते है। इसी भूतल मन्दिर से एक गुफा का द्वार भी बताया जाता है, जिसके बारे में मान्यता है कि यह मार्ग उज्जैन के महाकाल तक जाता है। सुरक्षा कारणों से फिलहाल यह द्वार बंद है और यहां भगवान भोलेनाथ की तस्वीर लगाई गई है। इस मन्दिर मे मान्यता है कि यहाँ मन्नत केने से संतान प्राप्ति होती है औऱ मन्नत पूरी होने पर तराजू मे बच्चों के बराबर मिठाई याबफल तोलकर प्रसाद मे वितरित करते हैं। महाशिवरात्रि पर यहां विशेष मेला और महारुद्र यज्ञ का आयोजन भी होता है। आस्था, इतिहास और रहस्य से जुड़ा यह मंदिर सावन में श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। बाइट — भरत जोशी ( ग्रामीण श्रद्धालू) बाइट - पंडित कैलाश भट्ट ( मंदिर पुजारी) बाइट - सुरेश प्रजापत (मन्नत पूरी बच्चे को मिठाई से तोला) रुके हुए वॉटेड क्लिप्स के कारण
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मराठी अनिवार्यता कानून: टैक्सी-ऑटो ड्राइवरों के लिए 17 अगस्त से लागू

AZAmzad ZeeJust now
Mumbai, Maharashtra:टैक्सी-ऑटो ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य, 17 अगस्त से कानून लागू - ड्राइवरों का विरोध महाराष्ट्र सरकार ने मराठी अनिवार्य करने के लिए बिल पेश किया था. इसके तहत टैक्सी ड्राइवर और ऑटो रिक्शा ड्राइवरों को मराठी बोलना और सीखना अनिवार्य किया गया है. 17 अगस्त से लागू होगा कानून सरकार के इस फैसले के मुताबिक 17 अगस्त 2026 से ये कानून पूरे महाराष्ट्र में लागू हो जाएगा. टैक्सी ड्रायवरों का विरोध: इस कानून को लेकर टैक्सी ड्रायवरों में नाराजगी है. उनका कहना है: 1. सिर्फ हमारे लिए क्यों?: ये कानून सिर्फ टैक्सी ड्राइवरों के लिए क्यों बनाया जा रहा है? यह कानून हर ड्राइवर पर लागू होना चाहिए। चाहे वो बॉलीवुड के ड्राइवर हों, ट्रक ड्राइवर हों या ऑटो-टेम्पो ड्राइवर हों, सब पर लागू करो. 2. 3 महीने में कैसे सीखें?: सरकार को सोचना चाहिए कि टैक्सी ड्राइवर 3 महीने में मराठी कैसे सीखगा। ज्यादातर ड्राइवर उत्तर भारतीय हैं, वो जल्द मराठी नहीं सीख सकते। हमारे ऊपर ये ज्यादती है. 3. दोहरे मापदंड: डायमंड मार्केट में हीरा व्यापारी हैं, वहां मराठी नहीं है। तमाम बिजनेस हब में मराठी नहीं है। तो सिर्फ कानून टैक्सी ड्राइवरों के लिए क्यों? सरकार का तर्क: सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र में काम करने वाले लोगों को स्थानीय भाषा आनी चाहिए ताकि यात्रियों से संवाद आसान हो. अब आगे क्या? ड्राइवर यूनियनें इस कानून के खिलाफ बैठक कर रही हैं. उनका कहना है कि अगर सरकार ने सभी पर ये नियम लागू नहीं किया तो वो आंदोलन करेंगे.
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स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर दमोह पुलिस रातभर सर्चिंग, शहर में सुरक्षा कड़ी

Damoh, Madhya Pradesh:स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर पुलिस अलर्ट मोड पर है। दमोह के पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी है और हर स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बीती रात से शहर में सर्चिंग की गई; रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, न्यायालय परिसर, कलेक्ट्रेट समेत विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर डॉग स्क्वॉयड के साथ चेकिंग की गई। संदिग्ध लोगों की गहन जांच पड़ताल की गई एवं उनसे पूंछताछ भी की गई। डीएसपी/सीएसपी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए यह विशेष जांच अभियान चल रहा है और शहर भर में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई है ताकि लोग उत्साह से राष्ट्रीय त्यौहार मनाएं। सार्वजनिक स्थानों के साथ होटल, धर्मशालाओं और कायमगाहों को भी चेक किया गया और ठहरे मुसाफिरों से पूंछताछ जारी रहेगी।
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राम मंदिर चयन के लिए तीन नामों का पैनल अब ट्रस्ट को भेजा जाएगा

Noida, Uttar Pradesh:वाक थ्रू श्रीराम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पूरा हो गया है। सीईओ चयन के लिए गठित सर्च कमेटी ने 11 और 12 अगस्त को राम जन्मभूमि परिसर में अंतिम चरण के साक्षात्कार संपन्न कर लिए हैं। अब समिति तीन सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद ट्रस्ट अंतिम नाम पर मुहर लगाएगा। सर्च कमेटी ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह बहु-स्तरीय, पारदर्शी और योग्यता आधारित रही। अंतिम चरण के लिए देशभर से केवल 16 उम्मीदवारों का चयन किया गया, जो कुल आवेदनों का 0.3 प्रतिशत से भी कम हैं। इन उम्मीदवारों में सेना के पूर्व अधिकारी, सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारी तथा विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्रों के अनुभवी पेशेवर शामिल रहे। सभी उम्मीदवारों की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच है। समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. चतुर्वेदी (पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम) और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं। रक्षा, न्यायपालिका और प्रशासन के क्षेत्रों के अनुभवी सदस्यों ने उम्मीदवारों की नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक दक्षता और संस्थागत दृष्टिकोण का गहन मूल्यांकन किया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चयन प्रक्रिया के पहले चरण में कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3,877 उम्मीदवारों ने विस्तृत बायोडाटा प्रस्तुत किया। इसके बाद 1,580 आवेदनों का विस्तार से मूल्यांकन किया गया। दूसरे चरण में करीब 111 उम्मीदवारों का ऑनलाइन साक्षात्कार लिया गया, जिसमें उनकी संवाद क्षमता, नेतृत्व कौशल, पेशेवर अनुभव, व्यक्तित्व और तकनीकी समझ का आकलन किया गया। ऑनलाइन मूल्यांकन के बाद तीसरे और अंतिम चरण के लिए 16 उम्मीदवारों को अयोध्या बुलाया गया। आमने-सामने हुए साक्षात्कार में उम्मीदवारों की प्रबंधन क्षमता, रणनीतिक सोच, तकनीकी दक्षता, व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता की विस्तृत परीक्षा ली गई। सर्च कमेटी का कहना है कि अंतिम चरण में पहुंचे सभी उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां रखने वाले पेशेवर हैं। समिति अब इनका अंतिम मूल्यांकन कर üç नामों का पैनल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेजेगी। अंतिम निर्णय ट्रस्ट की ओर से लिया जाएगा। पहले चरण में 5,585 आवेदन प्राप्त हुए, 3,877 उम्मीदवारों ने बायोडाटा जमा किए। - 1,580 आवेदनों का गहन मूल्यांकन कर करीब 111 उम्मीदवारों का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया। - अंतिम चरण में 16 उम्मीदवारों को अयोध्या बुलाकर आमने-सामने साक्षात्कार किया गया। - अब सर्च कमेटी तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद सीईओ के नाम की घोषणा होगी। राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक सीईओ के चयन के लिए हुए साक्षात्कार में उम्मीदवारों की परीक्षा केवल उनके प्रशासनिक अनुभव और शैक्षणिक योग्यता तक सीमित नहीं रही। उनसे मंदिर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ प्रबंधन, धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत जीवनशैली से जुड़े सवाल भी पूछे गए। चयन समिति ने यह जानने की कोशिश की कि उम्मीदवार राम मंदिर जैसे धार्मिक और संवेदनशील संस्थान की जिम्मेदारी संभालने के लिए किस तरह की सोच रखते हैं। सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों से पूछा गया कि यदि एक दिन में पांच लाख श्रद्धालु राम मंदिर पहुंच जाएं तो भीड़ को कैसे नियंत्रित करेंगे? श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था किस तरह बेहतर बनाई जा सकती है और इतनी बड़ी भीड़ के बीच सुरक्षा एवं सुविधा का संतुलन कैसे कायम रखा जाएगा, इस पर भी उनकी राय जानी गई। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यवहार कैसा होना चाहिए, इसे लेकर भी सवाल किए गए। इंटरव्यू में उम्मीदवारों की धार्मिक आस्था को भी परखा गया। उनसे पूछा गया कि आप कट्टर हिंदू हैं या सामान्य आस्थावान?, मांसाहारी तो नहीं हैं?, शिखा रखते हैं और जनेऊ धारण करते हैं या नहीं? धार्मिक और सामाजिक संगठनों से उनके जुड़ाव के बारे में भी जानकारी ली गई। इसके साथ ही उम्मीदवारों से राम मंदिर के बारे में उनकी जानकारी, मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं, भविष्य की चुनौतियों और विकास को लेकर उनकी सोच पर सवाल किए गए। राम मंदिर के लिए उनका विजन, कार्ययोजना और महत्वपूर्ण सुझाव भी जाने गए। किसी विशेष या असाधारण उपलब्धि के बारे में भी जानकारी मांगी गई। साक्षात्कार में यह भी परखा गया कि आपात स्थिति में उम्मीदवार कितनी तेजी से निर्णय ले सकते हैं और विभिन्न सरकारी एजेंसियों, सुरक्षा बलों तथा मंदिर प्रशासन के बीच किस तरह समन्वय स्थापित कर सकते हैं। यानी सीईओ पद के लिए हुई इस परीक्षा में आस्था से लेकर प्रशासन, नेतृत्व से लेकर भीड़ प्रबंधन और व्यक्तित्व से लेकर भविष्य की कार्ययोजना तक, हर पहलू को परखने की कोशिश की गई।
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उज्जैन: नागपंचमी पर महाकाल-नागचंद्रेश्वर दर्शन के लिए अलग-अलग मार्ग

Ujjain, Madhya Pradesh:नागपंचमी पर महाकाल-नागचंद्रेश्वर दर्शन के लिए अलग-अलग रास्ते तय एक ही दिन नागपंचमी, तीसरा सोमवार और बाबा महाकाल की तीसरी सवारी, भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बनाई विशेष व्यवस्था उज्जैन। इस बार 17 August का दिन उज्जैन के लिए बेहद खास होने वाला है। नागपंचमी, श्रावण का तीसरा सोमवार और बाबा महाकाल की तृतीय सवारी एक ही दिन होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए महाकाल मंदिर प्रशासन ने नागचंद्रेश्वर और महाकालेश्वर के दर्शन के लिए अलग-अलग मार्ग तय किए हैं। नागचंद्रेश्वर के सामान्य दर्शन कर्कराज पार्किंग से शुरू होंगे। यहां से श्रद्धालु भील समाज धर्मशाला, गोंड मोहल्ला, चारधाम, हरसिद्धि चौराहा और बड़ा गणेश होते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार नंबर 4 से प्रवेश करेंगे। इसके बाद विश्रामधाम से नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन होंगे। दर्शन के बाद प्रीपेड बूथ से निकलकर श्रद्धालु 24 खंबा मार्ग से वापस जाएंगे। वहीं शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए हरसिद्धि पाल की ओर से प्रवेश रहेगा। श्रद्धालु बड़ा गणेश मार्ग से प्रवेश द्वार नंबर 5 होते हुए नागचंद्रेश्वर मंदिर पहुंचेंगे और दर्शन के बाद 24 खंबा मार्ग से बाहर निकलेंगे। महाकालेश्वर मंदिर के सामान्य दर्शन के लिए केवल त्रिवेणी द्वार से प्रवेश रहेगा। श्रद्धालु त्रिवेणी द्वार से प्रवेश कर निर्धारित दर्शन मार्ग से बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे। शीघ्र दर्शन के लिए नीलकंठ द्वार से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बतायā कि नागपंचमी को लेकर अधिकारियों के साथ पूरे दर्शन मार्ग का निरीक्षण किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त को बाबा महाकाल की तीसरी सवारी की व्यवस्थाएं यथावत रहेंगी। बाइट - महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक
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सलूम्बर में खाद्य सुरक्षा अधिकारी 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Vishnu LoharVishnu LoharFollow3m ago
Awarda, Rajasthan:सलूम्बर में खाद्य सुरक्षा अधिकारी 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार सलूम्बर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की उदयपुर इकाई ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सलूम्बर में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत है। एसीबी के अनुसार परिवादी ने 10 जुलाई 2026 को शिकायत दी थी कि आरोपी अधिकारी द्वारा उसकी ग्राम डगार स्थित किराणा दुकान और सलूम्बर स्थित कोका-कोला एजेंसी पर निरीक्षण एवं सैंपल लेने के नाम पर दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि जुर्माना लगाने, प्रकरण दर्ज करने और जेल भेजने की धमकी देकर साल में दो बार रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत के सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के पर्यवेक्षण तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनन्त कुमार के निर्देशन में कार्रवाई की गई। पुलिस निरीक्षक रामसुमेर मीणा के नेतृत्व में एसीबी ट्रैप टीम ने आरोपी को उसके कार्यालय परिसर में परिवादी से 10 हजार रुपये नकद रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एसीबी के मुताबिक आरोपी ने डगार स्थित दुकान के लिए 10 हजार रुपये प्राप्त किए थे, जबकि सलूम्बर स्थित एजेंसी के लिए 10 हजार रुपये बाद में लेने की बात तय हुई थी। कार्रवाई के बाद एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमला के पर्यवेक्षण में आरोपी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान किया जाएगा। एसीबी ने आमजन से भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 और व्हाट्सऐप हेल्पलाइन 94135-02834 पर देने की अपील की है।
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उज्बेकिस्तान से लाकर सेक्स रैकेट चलाने वाला गैंग: लोला क्यूमोवा जेल में

Noida, Uttar Pradesh:पुलिस ने उज्बेकिस्तानी महिलाओं को भारत लाकर उनकी प्लास्टिक सर्जरी कराने के बाद अवैध रूप से उन्हें स्पा में काम कराने के मामले में फरार चल रही लोला क्यूमोवा को जेल भेज दिया लेकिन इस मामले में अब कई खुलासे हुए है।लोला क्यूमोवा के मोबाइल फोन से पुलिस को कई फोटो और लखनऊ समेत देश के कई शहरों में देह व्यापार करने के साक्ष्य मिले हैं। फरारी के दौरान लोला ने देश भर में करीब दर्जन भर ठिकाने बदले थे।लोला को जेल भेजकर यह पता लगाया जा रहा है कि फरारी के दिनों में वह किसकी मदद से और कहां रही है। मोबाइल फोन की सीडीआर निकलवाई जा रही है। इसकी मदद से गैंग से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।उzbेकिस्तान से इंडिया आकर हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट चलाने वाली लोला ने विदेशी युवतियों के लिए कई सेक्स रैकेट पैकेज बना रखे थे। आठ साल से पांच राज्यों में वह रैकेट चला रही थी।पूछताछ में पता चला कि सेक्स रैकेट के लिए युवतियों को उजबेकिस्तान से टूरिस्ट या मेडिकल वीजा पर बुलाती थी। उनकी प्लास्टिक सर्जरी कराकर भारतीय रंग रूप देती। व्हाट्सऐप ग्रुप और दलालों की मदद से अमीरों की मांग पर रिजार्ट, होटल और रेव पार्टी में युवतियों को भेजकर उनसे देह व्यापार कराती थी। लोला की व्हाट्सऐप चैट में कई गिरोह के बारे में जानकारियां मिली हैं。
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दौसा में पिंकी मीणा की एसीएम पोस्टिंग चर्चा का विषय

Dausa, Rajasthan:जिला दौसा RAS पिंकी मीणा की दौसा में पोस्टिंग बनी चर्चा का विषय पिंकी को जिला मुख्यालय पर लगाया गया सहायक कलेक्टर 2021 में पिंकी को एसीबी ने गिरफ्तार उस दौरान बांदीकुई एसडीएम के पद थी स्थापित दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे निर्माण कंपनी से की थी दस लाख रिश्वत की मांग जिस जिले से पिंकी गिरफ्तार होकर जेल गई अब सरकार ने फिर से उसी जिले किया पद स्थापित सवाई माधोपुर से तबादला होकर दौसा आई है पिंकी मीणा आरएएस अधिकारी पिंकी मीणा की दौसा में पोस्टिंग लोगों में बनी चर्चा का विषय सरकार ने हाल ही में 183 RAS अधिकारियों की जारी की है तबादला सूची जिसमें पिंकी मीणा को दौसा जिला मुख्यालय पर सहायक कलेक्टर के पद पर पोस्टिंग दी है दरअसल एसीबी ने 2021 में रिश्वत प्रकरण में दौसा जिले के बांदीकुई से गिरफ्तार किया था उस दौरान पिंकी बांदीकुई एसडीएम थी और दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे निर्माण कंपनी से दस लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी जिसकी शिकायत एसीबी को मिली थी और एसीबी में जाल बिछाकर पिंकी को ट्रेप कर जेल भेजा था जिसके चलते पिंकी मीणा करीब 5 साल तक निलंबित रही मई माह में पिंकी को राजस्थान हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद बहाल किया गया था और बहाली के चलते पिंकी को सवाई माधोपुर में निदेशक लोक सेवाएं के पद पर पोस्टिंग दी गई और अब उसके बाद सवाई माधोपुर से तबादला कर दौसा जिला मुख्यालय पर एसीएम लगा दिया गया लोगों में इस बात की चर्चा जोरों पर है जिस जिले से पिंकी गिरफ्तार होकर जेल गई अब फिर से उसी जिले में पद स्थापित कर दिया गया ट्रैप के बाद पिंकी मीणा ने लंबा समय जेल में बिताया था पिंकी मीणा की दौसा में पोस्टिंग की चर्चा सोशल मीडिया पर भी खूब हो रही है पिंकी मीणा 2017 बैच की आरएएस अधिकारी है और उन्हें पहली पोस्टिंग दौसा जिले के बांदीकुई में एसडीएम के रूप में दी गई थी जहां 10 लाख रूपये के रिश्वत प्रकरण में फंसी थी उस दौरान दौसा जिला मुख्यालय पर पद स्थापित एसडीएम पुष्कर मित्तल को भी एसीबी ने पांच लाख की रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार किया था दोनो RAS अधिकारियों के खिलाफ एसीबी ने एक साथ ट्रैप की कार्रवाई की थी और पिंकी मीणा को बांदीकुई से गिरफ्तार कर दौसा एसडीएम पुष्कर मित्तल के सिविल लाइन स्थित सरकारी आवास लाया गया था जहां दोनों से आमने-सामने बिठाकर एसीबी ने पूछताछ की थी उस दौरान एसीबी के एडीजी एम एन दिनेश भी दौसा आए थे
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वाराणसी मंडुआडीह शोरूम से KTM Adventure 390 सहित लाखों की चोरी

JPJai Pal13m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी के मंडुआडीह में अनोखी चोरी प्रीमियम बाइक एजेंसी में घुसा शातिर चोर, उड़ाया लाखों का माल। शोरूम मैनेजर की ब्रांड न्यू KTM Adventure 390 S लेकर चोर हुआ रफूचक्कर। साढ़े 4 घंटे तक चोर ने की मस्ती रात 11:30 बजे घुसा और तड़के 4:00 बजे तक बेखौफ होकर शोरूम में काटा गदर। हाथ में देवी मां की फोटो लेकर आया चोर बारिश से बचने के लिए बैनर ओढ़ा और साथ लाया था कटर। 36 मिनट में काटा शीशे का दरवाजा कटर से कांच का दरवाजा काटकर रात 12:06 बजे एजेंसी के अंदर घुसा。 रिसेप्शन चेयर पर गोल-गोल घूमा अंदर घुसते ही कंप्यूटर ऑन किया और रिवॉल्विंग चेयर पर बैठकर मजे लिये। शातिर चोर ने मिनी फ्रिज से ठंडा पानी पिया और फिर मशीन से कॉफी बनाकर चुस्कियां लीं। चोरी से बेफिक्र होकर वॉशरूम में घुसा और तसल्ली से स्नान किया。 नहाने के बाद अपने गीले कपड़े सुखाने के लिए एजेंसी में खड़ी बाइक पर टांग दिए। नई बाइक का कवर फाड़कर लुंगी की तरह लपेटा。 कंप्यूटर पर गाने बजाकर किया लुंगी डांस शोरूम में गाने चलाकर हाथ हवा में उठाकर जमकर थिर्का चोर。 जाने से पहले शोरूम से नए कपड़े और कैप पहनकर खुद को री-स्टाइल किया। सुबह 4 बजे मैनेजर की कीमती KTM बाइक स्टार्ट कर हवा में गायब हो गया। CCTV फुटेज और फिंगरप्रिंट्स के आधार पर मंडुआडीह पुलिस कर रही है तलाश。
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सोलापूर में बैंकों में सप्ताह में 5 दिन कामकाज की मांग पर प्रदर्शन

Solapur, Maharashtra:सोलापूर ब्रेकिंग - आठवड्यात 5 दिवस कामकाजाच्या मागणीसाठी बँक कर्मचाऱ्यांची सोलापुरात निदर्शने आठवड्यात 5 दिवस कामकाज लागू करावे, या मागणीसाठी युनायटेड फोरम ऑफ बँक युनियन्सच्या वतीने सोलापुरात आंदोलन करण्यात आले. सोलापूरातील एसबीआयच्या बाळीवेस शाखेसमोर जिल्ह्यातील विविध बँकांमधील कर्मचारी आणि पदाधिकारीांनी निदर्शने केली. पाच दिवसांचा आठवडा ही मागणी मागील पंचवार्षिक करारामध्ये मान्य करण्यात आली आहे. मात्र, अद्याप या निर्णयाची अंमलबजावणी झालेली नाही. रिझर्व्ह बँकेसह अनेक शासकीय कार्यालयांमध्ये आठवड्यातून 5 दिवस कामकाज सुरू आहे. त्यामुळे बँकिंग क्षेत्रातही पाच दिवसांचा आठवडा तातडीने लागू करावा, अशी मागणी यावेळी करण्यात आली. एसबीआय स्टाफ यूनियनचे उपमहासचिव हारून सय्यद यांनी आंदोलनाला पाठिंबा देत मागणीची तातडीने अंमलबजावणी करण्याची मागणी केली. या आंदोलनात सोलापूर जिल्ह्यातील विविध बँकांमधील पदाधिकारी आणि कर्मचारी मोठ्या संख्येने सहभागी झाले होते.
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दरभंगा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल से उत्तर बिहार में तेजी से बढ़ेगी हवाई कनेक्टिविटी

Darbhanga, Bihar:슬ग-मिथलांचल सहित उतर बिहार को जल्द मिलेगी सौगात,हवाई यात्रा करने वाले यात्री नये दो मंजिल टर्मिनल भवन से करेंगे यात्रा, 642.43 करोड़ रुपये की लागत से करीब 62,800 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बन रहे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का लगभग 70 से 71.1% निर्माण कार्य पूरा, रनवे हेतु 70 एकड़ जमीन की अधिग्रहण का कार्य अंतिम चरण में, लोजेस्टिक पार्क हेतु 50 एकड़ जमीन के अधिग्रहण हेतु प्रकिया शुरू,अंतर्राष्टीय हवाई अड्डा हेतु रनवे की लंबाई कम से कम 4 किलोमीटर,अभी रनवे है 3 किलोमीटर में ,70 एकड़ जमीन पर रनवे बनते ही अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के मानक की पटल पर आ जायेगा दरभंगा हवाई अड्डा, 5 ऐरोब्रिज अत्याधुनिक ग्रीन टर्मिनल 30 लाख यात्रियों हर साल कर पायेंगे यात्रा, आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया टर्मिनल, और उत्तर बिहार के विकास को गति देगा. दरभंगा DM कौशल कुमार ने निरीक्षण के बाद दी जानकारी. दरभंगा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है. एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अनुसार नए टर्मिनल भवन का 71.1 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. करीब 642.43 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस अत्याधुनिक टर्मिनल के शुरू होने के बाद एयरपोर्ट की यात्री क्षमता और सुविधाओं में बड़ा विस्तार होगा. नए टर्मिनल भवन का निर्माण करीब 62,800 वर्गमीटर क्षेत्रफल में किया जा रहा है. इसे आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में यात्रियों की बढ़ती संख्या को बेहतर तरीके से संभाला जा सके. नए सिविल एनक्लेव की वार्षिक यात्री क्षमता करीब 30 लाख होगी. यात्री दरभंगा के नये टर्मिनल भवन के दूसरी मंजिल पर पहुँच चेक-इन काउंटर से बोडिग पास ले ऐरोब्रिज के माध्यम से हवाई जहाज तक पहुँचेंगी और सीट पर बैठ अपनी यात्रा शुरू कर पाएंगे, जबकि हवाई जहाज से आगमन के बाद ग्राउंड फ्लोर से सीधे बाहर निकल जायेगे. टर्मिनल में यात्रियों की सुविधा के लिए पांच एयरोब्रिज और 40 चेक-इन काउंटर की व्यवस्था की जा रही है. इससे विमान में चढ़ने और उतरने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक होगी. वहीं, अधिक चेक-इन काउंटर होने से व्यस्त समय में यात्रियों की भीड़ कम करने में मदद मिलेगी. नए टर्मिनल भवन को पर्यावरण अनुकूल तरीके से विकसित किया जा रहा है. यह पांच सितारा गृहा रेटिंग वाला ग्रीन टर्मिनल होगा. निर्माण में ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के मानकों को ध्यान में रखा जा रहा है. नए टर्मिनल के निर्माण से केवल यात्रियों को सुविधा मिलने तक सीमित लाभ नहीं होगा. बेहतर हवाई संपर्क से दरभंगा और उत्तर बिहार के पर्यटन, कारोबार, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है. दरभंगा नये टर्मिनल भवन का कार्य बहुत तेजी से चल रहा है लगभग 70 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, अगले 2 महीने में संवेदक को कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है इसमें जितने भी मिले थे चाहे वह एयरपोर्ट अथॉरिटी हो या फिर वन विभाग सभी से अनुमति मिल चुका है बाउंड्रीबाल की समस्या थी उन सभी मामले को क्लियर कर लिया गया है ,राज्य सरकार के आदेशा अनुसार रनवे एक्सटेंशन हेतु 90 एकड़ जमीन अधिग्रहण करना था जिसमे 290 करोड़ भुगतान होना है उसमे सेव 2:30 भुगतान हो चुका है बाकी बचे पैसे का ही भुगतान हम लोग जल्द कर दे रहे हैं इसके बाद जमीन हम लोग एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को हस्तांतरित कर देंगे और वह अपना बाउंड्री वॉल करेंगे ,इसके अलावा लॉजिस्टिक पार्क हेतु 50 एकड़ जमीन अधिग्रहण का कैबिनेट से पास हुआ था उसकी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो गई हैअगले सप्ताह अगले भुगतान की प्रक्रिया शुरू करेंगे 15 सितंबर तक प्रयास रहेगा की सभी भुगतान हो जाए 90 एकड़ जो जमीन अधिग्रहण हो रहा है वह रनवे एक्सटेंशन के लिए हो रहा है अभी मेरा 3 किलोमीटर रनवे लेंथ है उसको अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुसार 4 किलोमीटर करना होगा उसी के लिए 90 एकड़ जमीन अधिग्रहण हुआ है उम्मीद है कि जल्द टर्मिनल बन कर तैयार हो जाएगा और यात्रियों को इसकी सुविधा मिलेगी
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राजस्थान के प्रदूषण से मालेगाव के यंत्रमाग उद्योग पर भारी असर

Nashik, Maharashtra:राजस्थान के कापड़ प्रक्रिया केंद्र प्रदूषण के चक्रव्यूह में फंसे हैं। उच्च न्यायालय ने इन केंद्रों पर कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव नाशिक के मालेगाव, भिवंडी और इचलकरंजी के यंत्रमाग उद्योग पर पड़ा है। कोटियों के यंत्रमाग उद्योग ठप्प हो गए हैं क्योंकि प्रक्रिया उद्योग ठप रहने से 20 करोड़ मीटर कापड़ अडक गया, लाखों यंत्रमाग बंद हैं और रोजगार प्रभावित हो रहा है। लाखों लोग रोजगार दे कर चलने वाले मालेगाव शहर के एक लाख से अधिक पॉलिन यंत्रमाग कारखाने आज से 17 अगस्त तक बंद रहने की सूचना है। राजस्थान के कापड़ प्रक्रिया केंद्र प्रदूषण के कारण न्यायालय के निर्देशों के कारण मालेगाव के यंत्रमाग उद्योग पर सीधे असर पड़ा है। जहां सबसे अधिक कापड़ मालेगाव से राजस्थान के पाली, बालोत्रा और जोधपुर के कारखानों तक जाता है, वहां न्यायालय की कार्रवायी के कारण ये केंद्र ठप हो गए हैं और सरकार को इस संकट को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग उठ रही है।
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