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Rajendra MalviyaRajendra MalviyaFollow22 Aug 2024, 09:53 am

नर्मदापुरम में नगर पालिका सीएमओ ने किया अतिक्रमण का निरीक्षण, व्यापारियों को दी सख्त हिदायत

Narmadapuram, Madhya Pradesh:

नर्मदापुरम शहर में आज शाम नगर पालिका सीएमओ ने सतरास्ते से लेकर इंदिरा चौक तक सड़कों पर व्यापारियों द्वारा किए गए अतिक्रमण का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यापारियों को फटकार लगाते हुए तुरंत सड़क किनारे रखे अपने सामान को हटाने के निर्देश दिए। राखी के त्योहार के चलते व्यापारियों ने सड़क पर सामान फैलाकर अतिक्रमण कर रखा था, जिससे आम जनता को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सीएमओ ने सतरास्ते से लेकर इतवारा बाजार तक निरीक्षण कर सभी व्यापारियों को सख्त निर्देश दिए।

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छठ गीतों की पारंपरिक प्रस्तुति ने योगियां के आरएन हाईस्कूल में संस्कृति जश्न मनाया

Chapra, Bihar:ANCHOR: पारंपरिक वेशभूषा में छात्राओं ने छठ गीतों की दी मनमोहक प्रस्तुति एकमा प्रखंड के आरएन हाईस्कूल, योगियां में प्रधानाध्यापक लाल बाबू यादव के निर्देशन में छठ पूजा के पारंपरिक गीतों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में छठ गीतों का सस्वर गायन कर लोक संस्कृति और छठ महापर्व की पारंपरिक छटा बिखेरी। इस दौरान छात्राओं ने छठ के पारंपरिक गीतों की मनमोहक प्रस्तुति से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। विद्यालय परिसर में लोकगीतों की गूंज से भक्तिमय माहौल बन गया। कार्यशाला का उद्देश्य नई पीढ़ी को छठ महापर्व की समृद्ध लोक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक गीत-संगीत से जोड़ना रहा। प्रधानाध्यापक लाल बाबू यादव ने इस तरह के आयोजनों को विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना विकसित करने और लोक परंपराओं को संरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
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MP फंड से छठ घाट: गांव-गांव में जल संरक्षण और परंपरा की नई पहल

Chapra, Bihar:लोक आस्था के महापर्व छठ पर श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ जल संरक्षण और ग्रामीण संस्कृति को सहेजने की पहलए,लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारियों के बीच गांव-गांव में छठ घाटों की रौनक बढ़ने लगी है। कहीं घाटों की साफ-सफाई हो रही है तो कहीं नवनिर्मित घाट श्रद्धालुओं के लिए तैयार हैं। इसी बीच महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल की पहल पर उनके संसदीय क्षेत्र में सांसद निधि से छठ घाटों का निर्माण कराया जा रहा है। सांसद के अनुसार, अब तक सैकड़ों छठ घाटों का निर्माण कराया जा चुका है, जबकि इस वर्ष भी बनियापुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में नवनिर्मित छठ घाटों का लगातार उद्घाटन हो रहा है। सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा कि छठ महापर्व केवल एक पूजा नहीं, बल्कि हमारी लोक आस्था, परंपरा, संस्कृति और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। इस महापर्व में व्रती महिलाएं और पुरुष नदी, तालाब एवं अन्य जलस्रोतों में खड़े होकर अस्ताचलगामी और उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करते हैं। ऐसे में सुरक्षित और व्यवस्थित घाटों का होना बेहद जरूरी है। घाटों के अभाव में व्रतियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि छठ घाटों का निर्माण केवल पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जल संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है। इन घाटों का उपयोग छठ पूजा के अलावा सालभर ग्रामीणों द्वारा स्नान, दैनिक जरूरतों और अन्य कार्यों के लिए किया जा सकता है। इससे गांवों के पारंपरिक जलस्रोतों का महत्व भी बना रहता है। सांसद ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि लोक आस्था के इस महापर्व को श्रद्धालु पूरे पारंपरिक रीति-रिवाज और श्रद्धा के साथ संपन्न कर सकें। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिले। इसी सोच के तहत सांसद निधि से संसदीय क्षेत्र में लगातार छठ घाटों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी घाटों की आवश्यकता होगी और इसकी जानकारी मिलेगी, वहां जनहित में निर्माण कराने का प्रयास किया जाएगा। छठ घाटों का यह निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों में आस्था के केंद्र विकसित करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए जलस्रोतों को उपयोगी बनाए रखने की दिशा में भी एक पहल है।
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प्रशासन की पहली इकाई ने 22 दिनों से रोका काम,,जमीनी कर्मचारियों को अब तक नहीं मिला राहत,,

Avinash Babu PatelAvinash Babu PatelFollowJust now
Dabhara, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ में PV ऐप की तकनीकी और व्यवहारिक समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर राजस्व पटवारी संघ का आंदोलन लगातार जारी है। 13 अक्टूबर 2026 से पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे राजस्व विभाग का कामकाज प्रभावित हो रहा है। सक्ती जिले में पटवारियों ने काले कपड़े पहनकर बाइक रैली और पैदल मार्च निकाला तथा मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। पटवारी संघ का कहना है कि PV ऐप के जरिए फसल सत्यापन में कई तकनीकी और व्यवहारिक दिक्कतें आ रही हैं, जिनसे विभाग को पहले भी अवगत कराया गया, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है।संघ के मुताबिक, पटवारी पहले से ही डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक, किसान पंजीयन, जनगणना और विभिन्न प्रमाण पत्रों सहित कई महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं।वहीं, PV ऐप के बहिष्कार को लेकर बलौदाबाजार में स्थानांतरण और कारण बताओ नोटिस, जबकि महासमुंद में पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई से नाराजगी बढ़ गई है।सक्ती जिला पटवारी संघ अध्यक्ष संजय गवेल ने इन कार्रवाइयों को द्वेषपूर्ण और दमनात्मक बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की है।संघ ने PV ऐप की समस्याओं का व्यवहारिक समाधान, लंबित मांगों का निराकरण और पटवारियों पर की गई कार्रवाई वापस लेने की मांग की है। अब सवाल यह है कि शासन पटवारी संघ की मांगों पर क्या कदम उठाता है, और प्रदेश में राजस्व कार्यों पर पड़ रहा असर कब तक जारी रहता है।
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हैवेल्स में दिवाली बोनस के लिए धरना, उत्पादन ठप; समाधान सिर्फ वार्ता से

Alwar, Rajasthan:हैवेल्स कंपनी में दिवाली बोनस को लेकर दूसरे दिन भी श्रमिकों का धरना, उत्पादन ठप; मांगें पूरी होने तक काम पर नहीं लौटने की चेतावनी अलवर। उद्योग नगर थाना क्षेत्र स्थित हैवेल्स कंपनी में दिवाली बोनस और अन्य मांगों को लेकर श्रमिकों का धरना-प्रदर्शन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष श्रमिक कंपनी के मुख्य द्वार पर एकत्रित हुए और अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। श्रमिकों और कंपनी प्रबंधन के बीच मांगों को लेकर गतिरोध बना हुआ है। प्रबंधन की ओर से श्रमिकों को हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने के लिए समझाइश दी जा रही है, लेकिन श्रमिक अपनी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक दिवाली बोनस सहित अन्य मांगें स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक काम पर वापसी नहीं होगी। श्रमिकों के आंदोलन का असर कंपनी के कामकाज पर भी पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से बड़ी संख्या में कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण फैक्ट्री में उत्पादन पूरी तरह प्रभावित है और कामकाज ठप पड़ा है। स्थिति को देखते हुए कंपनी परिसर के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। मंगलवार से ही श्रमिकों और प्रबंधन के बीच समझाइश तथा वार्ता के कई दौर हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। बुधवार सुबह से ही श्रमिक कंपनी के मुख्य गेट पर डटे हुए हैं और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल सभी की निगाहें प्रबंधन और श्रमिकों के बीच होने वाली आगामी वार्ता पर टिकी हैं। बड़ा सवाल यह है कि दिवाली बोनस और अन्य मांगों को लेकर जारी यह गतिरोध कब समाप्त होगा और कंपनी में उत्पादन दोबारा कब शुरू हो पाएगा。 बाइट : महिला कर्मचारी
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ग्रेटर नोएडा सूरजपुर के मिग्सन विलासा सोसाइटी बेसमेंट में कचरे की आग, नुकसान नहीं

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा सूरजपुर थाना क्षेत्र के ETA 2 सेक्टर स्थित मिग्सन विलासा सोसाइटी के बेसमेंट में देर रात कचरे में आग लग गई। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। बेसमेंट में कचरा खुले में पड़ा था। आग लगने की वजह का पता नहीं चला है। आशंका है कि कोई पटाखा कचरे में गिरा होगा। आग तेजी से फैलने लगी तो सोसाइटी के निवासी, मेंटेनेंस टीम और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मिलकर आग बुझाई। दमकल विभाग को भी सूचना दी गई थी, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पा लिया गया। जिला दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि एक समिति के बेसमेंट में आग लगने की सूचना मिली थी तत्काल प्रभाव से हमारी एक गाड़ी मौके पर रवाना हुई लेकिन उससे पहले ही सोसाइटी की मेंटेनेंस टीम ने आग पर काबू पा लिया इस हादसे में कोई जनानी नहीं हुई है कचरे में आग लगी थी आग लगने के कर्म की अभी तक पता नहीं चल पाई है।
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वाराणसी: काशी के स्वयंभू श्री चिन्तामणि विनायक के भक्तों को भ्रमित करने वालों को खुली चेतावनी

Varanasi, Uttar Pradesh:

मयंक कश्यप/ वाराणसी। काशी में देवस्थानों की दिशा स्वयं महादेव ने निर्धारित की है। इस परम्परा से छेड़छाड़ कर स्वार्थवश किसी व्यक्ति-प्रतिष्ठा को पौराणिक सिद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है, इसको लेकर काशीढुंढे परिवार की ओर से भक्तों को सावधान किया गया है। कहा गया है कि _काशीखण्डोक्त स्वयंभू श्री चिन्तामणि विनायक-गणेश_ के भक्तों को भ्रमित करने वालों, सावधान - सावधान! काशी में देवस्थानों की दिशा स्वयं महादेव ने निर्धारित की है। स्वार्थवश व्यक्ति-प्रतिष्ठा को पौराणिक सिद्ध करने हेतु पुराणों से छेड़छाड़ मत करो। क्या कहते हैं शास्त्र? स्कन्दपुराण के काशीखण्ड एवं अन्य धर्मशास्त्रों के अनुसार, काशी के युवराज श्री ढूँढीराज गणपति के छप्पन विनायक स्वरूपों में श्री चिन्तामणि विनायक का विशिष्ट महात्म्य वर्णित है। भगवान शिव माता पार्वती से कहते हैं कि श्री चिन्तामणि विनायक सिन्दूरवर्ण, त्रिनेत्रधारी तथा पाश, अंकुश, मोदक एवं दन्त धारण करने वाले महागणपति हैं। वे प्रणव (ॐ) स्वरूप, वेदमय तथा पचास मातृका वर्णों के अधिष्ठाता परब्रह्म हैं। हे देवि! ब्रह्मा, विष्णु एवं रुद्र सहित समस्त देवता उनकी आराधना करते हैं। वे काशी के क्षेत्रपाल तथा भक्तों के समस्त विघ्नों और संकटों का निवारण करने वाले देवता हैं। श्लोक में महात्म्य महापातककोट्योऽपि दन्तिकायविशोधिताः। नश्यन्ति तत्क्षणाद्देवि चिन्तामणिविलोकनात्॥५१ यः स्मरेत् सततं देवं स्नाने दाने जपे तथा। स लभेत्परमां सिद्धिं शिवलोके महीयते॥५२ अर्थात् हे देवि! करोड़ों महापापों से युक्त मनुष्य भी जब श्री चिन्तामणि गणेश का दर्शन करता है, तब उनके अनुग्रह से वे समस्त पाप उसी क्षण नष्ट हो जाते हैं। जो मनुष्य स्नान, दान, जप आदि प्रत्येक शुभ कर्म में निरन्तर श्री चिन्तामणि गणेश का स्मरण करता है, वह परम सिद्धि प्राप्त करता है तथा शिवलोक में सम्मानित होता है। चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति भगवान शिव आगे कहते हैं कि श्री चिन्तामणि गणेश का नित्य पूजन एवं ध्यान करने से महाविद्या, दुर्गा, लक्ष्मी और भुवनेश्वरी सहित समस्त देवियाँ प्रसन्न होती हैं। उनकी कृपा से धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष - चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है। उनके माहात्म्य के श्रवण एवं पाठ से समस्त चिन्ताओं का निवारण होता है और भक्त को इच्छित फल की प्राप्ति होती है। अन्ततः काशी में देहावसान होने पर शिव-सायुज्य मोक्ष प्राप्त होता है। काशीक्षेत्रे हि यश्चिन्तां करोति नियतात्मवान्। तस्य चिन्तां हरेद्देवो चिन्तामणिगणेश्वरः॥६३ सिन्दूररञ्जिताङ्गस्य विघ्नराजस्य धीमतः। अनुग्रहात् भवेन्मुक्तिः काश्यामन्ते न संशयः॥६४ अर्थात् जो संयमी मनुष्य काशी में अपनी चिन्ताओं सहित श्री चिन्तामणि गणेश की शरण लेता है, उसकी समस्त चिन्ताओं का निवारण स्वयं भगवान चिन्तामणि गणेश करते हैं। सिन्दूर से विभूषित विघ्नराज श्री गणेश की कृपा से काशी में जीवन का अन्त होने पर मनुष्य को निश्चित रूप से मोक्ष प्राप्त होता है - इसमें तनिक भी संदेह नहीं। चतुर्थी पूजन का विशेष फल महादेव कहते हैं, हे पार्वती! जो मनुष्य चतुर्थी के दिन दूर्वा, शमीपत्र, सिन्दूर एवं मोदक अर्पित कर विधिपूर्वक श्री चिन्तामणि विनायक का पूजन एवं दर्शन करता है, उसे विशेष पुण्यफल की प्राप्ति होती है। श्री चिन्तामणि गणेश की कृपा से तीर्थस्नान के समान पुण्य, स्थिर लक्ष्मी, वंशवृद्धि, ऋणमुक्ति तथा समस्त मनोकामनाओं की सिद्ध हो

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मैनपुरी पहुंचे राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन का बयान

AKAnkit KumarFollow16m ago
Mainpuri, Uttar Pradesh:मैनपुरी ब्रेकिंग मैनपुरी पहुंचे राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन का बयान पार्टी कार्यालय पहुंच कर मीडिया से बात की और बीजेपी पार्टी पर जमकर हमला बोला भाजपा की लोकतन्त्र बचाओ यात्रा पर बोले रामजीलाल सुमन भारतीय जनता पार्टी एक पार्टी है बीजेपी अगर कोई यात्रा निकाल रही है तो उससे हमें क्या लेना देना हमारा हिंसा में कोई विश्वास नहीं है गांधी जी, लोहिया जयप्रकाश जी को अपना आदर्श मानते है। इस तरह की बात बीजेपी की लोग कर रहे हैं जिसका कोई औचित नहीं है इनके दिमाग में हिंदू, मुसलमान के अलावा कुछ रहता ही नहीं है मुसलमानों के कितने वोट कटे हैं इसका कोई हिसाब नहीं है। अमित शाह का बयान 2027 में बीजेपी की सरकार बनी तो यूसीसी लागू होगा जिस पर बोले रामजीलाल सुमन धीरेन्द्र शास्त्री कथा वाचकों की स्थिति के बारे में आप लोग भली भांति जानते है वो बीजेपी का प्रचार प्रसार कर रहे है।
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उत्तराखंड: सेल्फ रिस्पेक्ट पर अड़े सुबोध उनियाल, माफी मांगने पर भी इस्तीफे की बात

Dehradun, Uttarakhand:उत्तराखंड सरकार में वन मंत्री सुबोध उनियाल और गायक दलेर मेहंदी का विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने माफी मांगने वाले बयान पर कहा कि मैं इस्तीफा देना पसंद करूंगा। उन्होंने कहा कि जीवन में सबसे जरूरी सेल्फ रिस्पेक्ट है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल एक कार्यक्रम में पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि माफी मांगने के सवाल ही नहीं है। अगर आलाकमान मुझे माफी मांगने के लिए बोलेंगे, तब भी मैं इस्तीफा देना पसंद करूंगा, लेकिन आत्मसम्मान से समझौता नहीं करूंगा। उन्होंने आगे कहा कि जीवन में सबसे जरूरी सेल्फ रिस्पेक्ट है। 2 तारिख को कार्यक्रम में दिय़ा था बयान . सोशल मीडिया पर बयान हो रहा है वायरल
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टीईटी-2022 के अंक राउंड ऑफ नियम पर हाई कोर्ट का फैसला: गरिमा का आवेदन खारिज

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। हाई कोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी-2022 में अंकों को राउंड ऑफ कर पात्रता देने की मांग को खारिज कर दिया है। मुंगेली जिले की अभ्यर्थी गरिमा को परीक्षा में 89.907 अंक मिले थे, जबकि सामान्य वर्ग के लिए 150 में से 90 अंक हासिल करना अनिवार्य था। महज 0.093 अंक कम होने के कारण वह निर्धारित पात्रता से बाहर हो गई थी। अभ्यर्थी ने अपने अंकों को राउंड ऑफ कर 90 अंक मानने के साथ ही एक विवादित प्रश्न का अंक देने की मांग की थी। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के नियमों में अंकों को पूर्णांक में बदलने का कोई प्रावधान नहीं है। केवल न्यूनतम पात्रता से मामूली अंतर होने के आधार पर निर्धारित नियमों में छूट नहीं दी जा सकती। पूरा मामला टीईटी-2022 के प्रश्न क्रमांक 145 से जुड़ा है। इस प्रश्न में पूछा गया था कि दुनिया का पहला व्यावसायिक कंप्यूटर कौन सा था। विकल्पों में मैनियाक, एनियाक, यूनीवैक और एडसैक शामिल थे। व्यापमं की प्रारंभिक उत्तर कुंजी में यूनीवैक को सही उत्तर माना गया था, लेकिन अंतिम उत्तर कुंजी में बदलाव करते हुए एनियाक को सही घोषित कर दिया गया। गरिमा ने यूनीवैक विकल्प चुना था, जिसके कारण उसे इस प्रश्न का अंक नहीं मिला। अभ्यर्थी ने सीबीएसई की पाठ्यपुस्तक, इग्नू की अध्ययन सामग्री और अन्य संदर्भ पुस्तकों का हवाला देते हुए अंतिम उत्तर कुंजी पर सवाल उठाया था। उसने एक अंक देने और परिणाम दोबारा घोषित करने की मांग की थी। वहीं व्यापमं की ओर से बताया गया कि आपत्तियों पर विचार और विषय विशेषज्ञों की राय के बाद अंतिम उत्तर कुंजी जारी की गई थी। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तरों की शुद्धता निर्धारित करना विषय विशेषज्ञों का काम है और सामान्य परिस्थितियों में अदालत विशेषज्ञों के निर्णय की जगह अपना आकलन नहीं रख सकती। प्रारंभिक उत्तर कुंजी में किसी विकल्प को सही बताया जाना अभ्यर्थी को यह अधिकार नहीं देता कि अंतिम उत्तर कुंजी में भी वही विकल्प रखा जाए। अदालत को अंतिम उत्तर कुंजी में ऐसी कोई स्पष्ट गलती नहीं मिली, जिसके आधार पर हस्तक्षेप किया जा सके। गरिमा ने एक दूसरे मामले में 59.7 प्रतिशत अंकों को 60 प्रतिशत मानकर प्रवेश देने के आदेश का हवाला भी दिया, लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह मामला नाबालिग बच्चे के प्रवेश से जुड़े विशेष तथ्यों पर आधारित था। उसे हर प्रतियोगी परीक्षा में राउंड ऑफ लागू करने का सामान्य नियम नहीं माना जा सकता। हालांकि, याचिका खारिज होने के बावजूद गरिमा भविष्य की उन परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं में शामिल हो सकती है, जिनके लिए वह निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र होगी।
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असम: पुलिस एनकाउंटर में घनकांत गोगोई की मौत, होटल बिलास इन शूटिंग के मुख्य आरोपी का अंत

Guwahati, Assam:असम: पुलिस एनकाउंटर में घनकांत गोगोई की मौत, होटल बिलास इन शूटिंग केस का था मुख्य आरोपी असम के शिवसागर में बुधवार तड़के पुलिस एनकाउंटर में घनकांत गोगोई की मौत हो गई। वह गुवाहाटी के होटल बिलास इन में हुई गोलीबारी की घटना का मुख्य आरोपी था। पुलिस के मुताबिक, गुवाहाटी से शिवसागर लाए जाने के दौरान तड़के करीब 3:10 बजे फूलपनिचिगा इलाके में रोंगमोन ढाबा के पास यह घटना हुई। आरोप है कि घनकांत गोगोई ने पुलिस पर हमला किया और भागने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल शिवसागर के जॉयसागर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत अवस्था में पाया। इस घटना में शिवसागर टाउन थाने के सब-इंस्पेक्टर देबाशीष शर्मा भी घायल हुए हैं।
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रायसेन के सिलवानी में रतनजोत खाने से 17 बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती

Raisen, Madhya Pradesh:रायसेन जिले की सिलवानी तहसील के ग्राम पुदर सलैया में रतनजोत खाने से करीब 17 बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि स्कूल के पास लगे रतनजोत के पौधे को खाने के बाद बच्चों को पेट दर्द की शिकायत होने लगी। इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से 15 बच्चों को सिविल अस्पताल सिलवानी लाया गया, जहां सभी का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। वहीं, दो बच्चों का इलाज प्रतापगढ़ में जारी बताया जा रहा है। सिविल अस्पताल के डॉक्टर राहुल धाकड़ ने बताया कि फिलहाल अस्पताल में भर्ती सभी बच्चों की स्थिति ठीक है। बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। उपचार के बाद ही तय किया जाएगा कि किसी बच्चे को रेफर करने की जरूरत है या नहीं।
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