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Rajendra MalviyaRajendra MalviyaFollow22 Aug 2024, 09:53 am

नर्मदापुरम में नगर पालिका सीएमओ ने किया अतिक्रमण का निरीक्षण, व्यापारियों को दी सख्त हिदायत

Narmadapuram, Madhya Pradesh:

नर्मदापुरम शहर में आज शाम नगर पालिका सीएमओ ने सतरास्ते से लेकर इंदिरा चौक तक सड़कों पर व्यापारियों द्वारा किए गए अतिक्रमण का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यापारियों को फटकार लगाते हुए तुरंत सड़क किनारे रखे अपने सामान को हटाने के निर्देश दिए। राखी के त्योहार के चलते व्यापारियों ने सड़क पर सामान फैलाकर अतिक्रमण कर रखा था, जिससे आम जनता को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सीएमओ ने सतरास्ते से लेकर इतवारा बाजार तक निरीक्षण कर सभी व्यापारियों को सख्त निर्देश दिए।

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रामगढ़ के सूर्य मंदिर पोखरे में जिउतिया के दौरान 11 वर्षीय विशाल कुमार की मौत

Khajuria Khurd, Bihar:कैमूर- सूर्य मंदिर पोखरे में डूबने से 11 वर्षीय किशोर विशाल कुमार की मौत जिउतिया पर्व पर मां संग नहाने गया था बालक, घर न लौटने पर पोखर किनारे मिले कपड़े, क्षेत्र में पसरा मातम。 रामगढ़ नगर पंचायत स्थित सूर्य मंदिर पोखरे में जिउतिया (जीवितपुत्रिका) पर्व के स्नान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। पोखरे में डूबने से 11 वर्षीय किशोर विशाल कुमार की अकाल मौत हो गई। इस दुखद घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और त्यौहार की खुशियाँ मातम में बदल गईं。 मृतक के पिता रमेश राम ने बताया कि विशाल अपनी मां के साथ पोखरे पर नहाने गया था। दोनों अलग-अलग स्थान पर स्नान कर रहे थे। स्नान के बाद जब मां और अन्य परिजन घर पहुंचे, तब विशाल के न लौटने पर अनहोनी की आशंका हुई。 परिजन तुरंत खोजबीन करते हुए पोखरे के पास पहुंचे, जहाँ किनारे विशाल की साइकिल और कपड़े रखे मिले। पानी में काफी तलाश के बाद उसे अचेत अवस्था में बाहर निकाला गया। परिजन और स्थानीय ग्रामीण उसे तत्काल रेफरल अस्पताल ले गए, जहाँ ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर संजय ने जांच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया。 सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। जिउतिया के पावन अवसर पर हुई इस हृदयविदारक घटना से पूरे रामगढ़ क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
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मंडला में तेंदूपत्ता बोनस वितरण विरोध पर कांग्रेस ने प्रशासन को अपमान का आरोप

Mandla, Madhya Pradesh:0410ZMP_MANDLA_BREKING_R ब्रेकिंग न्यूज़ मंडला - सीएम के कार्यक्रम का विरोध तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम के प्रोटोकॉल को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रशासनिक कार्यक्रम में अपने विधायकों को न शामिल करने पर आपत्ति मंडला में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में कल तेंदूपत्ता संग्राहकों के बोनस वितरण कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने शासन-प्रशासन पर अपने विधायकों के अपमान का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि कार्यक्रम के प्रोटोकॉल में जिले के दोनों कांग्रेस विधायकों नारायण सिंह पट्टा और चैनसिंह वरकड़े का नाम शामिल नहीं किया गया। इसके विरोध में कांग्रेस ने आज सुबह 11 बजे जिला कांग्रेस कार्यालय में बैठक बुलाई है। बैठक के बाद विरोध की रणनीति तय की जाएगी । लेकिन जानकारी है कि कांग्रेस कल काले झंडे दिखाकर विरोध करने जैसे किसी प्रदर्शन का प्रयास करेगी । जंहा जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अशोक मर्सकोले ने कल विरोध करने की पुष्टि की है वंही प्रशासन भी इस मसले को लेकर सतर्क है
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छतरपुर में दंपती पर फायरिंग, CCTV में दो व्यक्ति पाए गए

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के नारायणपुरा रोड पर शनिवार की रात एक दंपती पर खुलेआम कट्टे से फायरिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गनीमत रही कि गोली सीधे नहीं लगी, जिससे दंपती बाल-बाल बच गए।,जानकारी के अनुसार नारायणपुरा रोड निवासी तालिब सौदागर अपनी पत्नी खुशनुमा सौदागर के साथ बाजार से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे अपने घर के नजदीक पहुंचे, घात लगाए बदमाशों ने उन पर जान से मारने की नीयत से कट्टे से फायर कर दिया। गोली चलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई।,पीड़िता खुशनुमा सौदागर ने बताया कि फायर के दौरान पीछे से कोई गर्म छर्रे जैसी वस्तु आकर लगी, जिससे उनके कपड़े में छेद हो गया। अचानक हमले से दंपती दहशत में आ गए और शोर मचाते हुए जान बचाई। घटना के बाद आसपास के लोग भी घरों से बाहर निकल आए।,सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली थाना पुलिस पहुंची । पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में सफेद रंग की स्कूटी पर सवार दो संदिग्ध युवक दंपती का पीछा करते साफ नजर आ रहे हैं।,पीड़ित तालिब सौदागर ने पुलिस को बताया कि हमला अन्नी और टीपू करिया नाम के युवाओं ने किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
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फारबिसगंज में सड़क निर्माण पर ग्रामीणों ने भारी विरोध जताया

Forbesganj, Bihar:अररिया के फारबिसगंज विधानसभा क्षेत्र के झिरुआ पुरवारी में एक सड़क निर्माण में ग्रामीणों ने भारी धांधली का आरोप लगाते हुए अपना विरोध जताया। कुडवा लक्ष्मीपुर से मिर्जापुर सिमराहा सड़क मार्ग तक 2 करोड़ 80 लाख की लागत से 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण हो रहा है। सड़क से सटे ही दुलानीया धार बहती है । जिस जगह पर धार बहती है उस जगह सड़क की ऊंचाई नहीं होने से ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में ऊंचाई नहीं होने के कारण धार का पानी बढ़ने के साथ पानी सड़क पर भर जाएगा और आवागमन बंद हो जाएगा । ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों के लापरवाह रवैया के कारण सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल करते हुए जम कर मनमानी हो रही है जिसके कारण सड़क का निर्माण होने के बाद भी ग्रामीणों को आवागमन में कोई फायदा नहीं होगा। सड़क निर्माण में ऊंचाई का ध्यान नहीं रखे जाने के कारण ढलान पर तीखा मोड़ बन गया है जिससे दुर्घटना का खतरा रहेगा जिसको देखते हुए ग्रामीणों ने सड़क निर्माण सही तरीके से कराए जाने की मांग की है。
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चंपारण डाकुओं के आतंक से मुक्ति देने वाले विकास वैभव अब IG

Patna, Bihar:एक दौर में चंपारण की धरती जब डाकुओं के आतंक से त्राहि त्राहि कर रही थी तब उस इलाके में पदस्थापना हुई थी, आईपीएस अफसर विकास वैभव की जो की पुलिस कप्तान के तौर पर उस इलाके में पदस्थापित किए गए थे, लोगों की उम्मीद पर पूरी तरह से खड़ा उतारते हुए आईपीएस विकास वैभव ने उस इलाके को डाकुओं के आतंक से मुक्ति दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई आज विकास वैभव आरक्षी महानिरीक्षक बन चुके है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास वैभव पर विश्वास दिखाते हुए उन्हें गया जी जैसे अति संवेदनशील प्रमंडल का जिम्मा दिया विकास वैभव यहाँ जितना सामाजिक कार्य में जुड़े दिखते हैं उतना ही policeिंग को पीपुल्स फ्रेंडली और मजबूत बनाने में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में आईजी विकास वैभव जा पहुंचे छकरबंधा के उस थाने में जहां कभी बड़ी नक्सली घटना हुई थी इस थाने में जाने के लिए दुर्गम जंगली इलाकों को पार कर जाना होता है विकास वैभव थाने में तकरीबन 4 घंटे तक रुके आसपास के इलाकों का मुआयना किया थाने के बगल में ही सीमा सशस्त्र बल की तैनाती भी है ig विकास वैभव ने सीमा सशस्त्र बल के कैंप का भी निरीक्षण किया साथ ही थाने के लगभग सभी कर्मचारियों से मुलाकात की विकास वैभव के दौरे से पुलिस कर्मियों का हौसला काफी बढ़ा है तो वही पुलिस के प्रति लोगों का इकबाल भी मजबूत हुआ है। यह एक्सक्लूसिव तस्वीरें आप Zee मीडिया के माध्यम से देख रहे हैं किस पैनेपन के साथ आईजी विकास वैभव एक-एक चीज की मॉनिटरिंग कर रहे हैं
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मकेर में बाढ़ राहत सुस्त, लाखों नुकसान के बाद भी लोग छतों पर

Chapra, Bihar:सारण के मकेर प्रखंड में बाढ़ का पानी भले ही धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन दर्जनों गांवों के लोगों की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं। पानी घटने के बाद कुछ लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, खासकर उन परिवारों को जिनके मकान ऊंचे स्थानों पर हैं। लेकिन बड़ी संख्या में लोग आज भी अपने घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं या फिर सड़क किनारे प्लास्टिक का टेंट लगाकर जिंदगी गुजार रहे हैं। Zee Media की टीम जब मकेर प्रखंड की फुलवरिया पंचायत के सहर गांव पहुंची, तो यहां बाढ़ की तबाही का मंजर साफ नजर आया। गांव में नहर का बांध टूटने के बाद नहर के दोनों तरफ की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई लोगों के घर पानी में धंस गए हैं, तो कई मकान पूरी तरह बिखर चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अपने घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राहत के नाम पर अब तक सिर्फ एक बार सूखा राशन मिला है। उनका कहना है कि इस समय उन्हें सिर्फ राशन ही नहीं, बल्कि इलाज, जरूरी सामान और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आर्थिक मदद की भी जरूरत है। बाइट — बाढ़ पीड़ित कई ग्रामीणों का दर्द यह भी है कि इतनी बड़ी तबाही के बाद भी उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। लोगों का कहना है कि बाढ़ में उनका घर, सामान और खेती-बाड़ी सब बर्बाद हो गया और उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है。 मकेर प्रखंड की करीब आठ पंचायतों में फसलें बर्बाद होने से किसानों के सामने एक और बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि आने वाले दिनों में खाद्यान्न और रोजगार का संकट बढ़ सकता है। हालांकि, पिछले दिनों की तुलना में जलस्तर में करीब एक-दो फीट की गिरावट जरूर दर्ज की गई है। पानी घटने के बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी धीरे-धीरे अपने संसाधन समेटने की तैयारी में हैं। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से कम पानी में चलने वाली नावों की व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि पानी कम होने के बावजूद जिन इलाकों में सड़क संपर्क बहाल नहीं हुआ है, वहां लोगों तक राहत और जरूरी सामान पहुंचाया जा सके। लेकिन सहर गांव के ग्रामीणों के लिए संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। पानी भले घट रहा हो, लेकिन टूटे घर, बर्बाद फसल और उजड़ी जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने की चुनौती उनके सामने खड़ी है। फुलवरिया पंचायत के सहर गांव में जल कैदी बने लोगों से बातचीत की हमारे संवाददाता राकेश कुमार सिंह ने।
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बाढ़ घटने से राहत पहुंची; संक्रमण का खतरा अभी भी बना रहा

Chapra, Bihar:बाढ़ का पानी घटा, संक्रमण का खतरा बढ़ा; राहत में सामाजिक संगठनों ने बढ़ाया हाथ सारण में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब संक्रमण और महामारी का खतरा बढ़ने लगा है। गांवों में आवागमन अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका है। प्रशासन के मुताबिक कई इलाकों में स्थिति सामान्य होने में एक से दो सप्ताह तक का समय लग सकता है। मकेर के फुलवरिया समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब सरकारी राहत के साथ सामाजिक संगठनों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। कई संगठनों और समाजसेवियों की ओर से बाढ़ पीड़ितों के बीच फल-फ्रूट, पका हुआ भोजन, सूखा राशन और अन्य राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। पानी कम होने के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मोटरबोट के संचालन में भी कई जगह परेशानी सामने आ रही है। पानी की गहराई कम होने के कारण बड़ी मोटरबोट चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में प्रभावित गांवों तक पहुंचने के लिए हल्की नावों की व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। फुलवरिया में राहत सामग्री लेकर पहुंचे सामाजिक संगठनों के लोगों ने कहा कि बाढ़ के इस संकट में पीड़ित परिवारों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी कम होने के बावजूद उनकी मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। गांवों में गंदगी, जलजमाव और आवागमन की समस्या बनी हुई है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। स्थानीय विधायक कृष्ण कुमार मंटू सिंह उर्फ मंटू सिंह ने राहत कार्य में सामाजिक संगठनों के आगे आने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन लगातार बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं और सामाजिक संगठनों के सहयोग से यह अभियान और मजबूत हो रहा है। वहीं बिहार स्वर्ण आयोग के अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि बाढ़ के निर्माण और तटबंध से जुड़ी लापरवाही की शिकायतें मिल रही हैं। इन शिकायतों की जांच कराई जाएगी और यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक संगठनों की सक्रियता से बाढ़ पीड़ितों को कुछ राहत जरूर मिल रही है, लेकिन पानी उतरने के बाद गांवों में बीमारी और संक्रमण से निपटना प्रशासन के लिए अगली बड़ी चुनौती होगी। देखिए, बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटे सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने क्या कहा।
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छपरा के खेल भवन में बाढ़ राहत का बड़ा केंद्र, 30 हजार से अधिक पैकेट भेजे गए

Chapra, Bihar:छपरा में बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच जिला प्रशासन दिन-रात राहत सामग्री पहुंचाने के लिए लगा है. छपरा मुख्यालय स्थित खेल भवन बाढ़ राहत के लिए सूखा फूड पैकेट तैयार करने का बड़ा सेंटर बना हुआ है. यहां 24 घंटे पैकेट बनाए जा रहे हैं ताकि प्रभावित इलाकों में अधिक से अधिक लोगों तक राहत सामग्री पहुंचे. आपदा विभाग के प्रभारी एडीएम प्रमोद कुमार पांडे के नेतृत्व में खेल भवन में फूड पैकेट तैयार करने का कार्य निरंतर गति से चल रहा है. यहां जीविका दीदियां, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, विकास मित्र, डीलर्स और ट्रेनी कांस्टेबल समेत बड़ी संख्या में कर्मी दिन-रात पैकेजिंग में जुटे हैं. राहत पैकेट में चूड़ा, गुड़, चना, नमक जैसी खाद्य सामग्री के साथ माचिस और मोमबत्ती जैसी जरूरी चीजें भी पैक की जा रही हैं. पैकेटों को बाढ़ प्रभावित प्रखंडों और गांवों में भेजा जा रहा है. जिला प्रशासन के मुताबिक अब तक 30 हजार से अधिक सूखा फूड पैकेट बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाए जा चुके हैं. जरूरत के अनुसार नए पैकेट बनाने का काम जारी है. खेल भवन में पैकेजिंग रोकने के लिए अलग-अलग टीमों के जरिए काम चला रहा है. सारण के अलावा वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीवान और आरा आदि जिलों से भी राहत सामग्री आ रही है ताकि पैकेट तैयार करने और वितरण की प्रक्रिया जारी रहे. प्रशासन का पूरा जोर है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री की कमी न हो. खेल भवन से पैकेट तैयार कर वितरण की पूरी व्यवस्था संचालित है. बाढ़ के बीच घरों में फंसे और राहत शिविरों में रहने वालों के लिए यह सूखा फूड पैकेट तत्काल भोजन और जरूरी सामान का सहारा बने हैं.
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परसा परसागढ़ में विवाद के बाद चाकूबाजी: चार घायल, तीन की मौत

Chapra, Bihar:सारण के एकमा थाना क्षेत्र के परसा परसागढ़ गांव में आपसी विवाद के बाद चाकूबाजी की घटना सामने आई है। घटना में चार लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें से तीन लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि एक घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों की पहचान छपरा काशी बाजार निवासी अंकुर पटेल उर्फ धोनी, जिरतपुर पचुआ निवासी मुकेश कुमार और रमेश यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों को गंभीर हालत में इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, घटना में घायल विवेक कुमार की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे पटना रेफर किए जाने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि किसी विवाद को लेकर मामला शुरू हुआ और देखते ही देखते चाकूबाजी की घटना हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल घटना के वास्तविक कारण और चाकूबाजी की पूरी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घटना से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसे में घटना से जुड़ी अन्य जानकारियों और मौतों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। एकमा अंचल के डीएसपी प्रेमचन्द्र सिंह ने दूरभाष पर बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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आबादी के बीच मगरमच्छ मिलने से मची अफरा-तफरी, ग्रामीणों ने जाल डालकर पकड़ा

Umesh TrivediUmesh TrivediFollow6h ago
Netua Grameen, Uttar Pradesh:उन्नाव। शुक्लागंज क्षेत्र के चम्पापुरवा स्थित कान्हा गौशाला के पास नेतुआ गांव में आबादी के बीच मगरमच्छ दिखाई देने से हड़कंप मच गया। मगरमच्छ को देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। रात करीब 10 बजे ग्रामीणों ने घटना की सूचना 112 पुलिस और वन विभाग को दी। बताया जा रहा है कि किसान भूरे लाल अपने खेत की रखवाली करने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें मगरमच्छ पड़ा दिखाई दिया। उन्होंने इसकी जानकारी आसपास के ग्रामीणों को दी, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने जाल डालकर मगरमच्छ को पकड़ लिया और रस्सी से उसका मुंह बांध दिया। सूचना मिलने के बाद 112 पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को अपने कब्जे में ले लिया। वन विभाग की ओर से नीलू यादव और प्यारे लाल तिवारी मौके पर मौजूद रहे। वहीं एसडीओ संतोष पारंपरिया समेत विभागीय स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई संभाली। आबादी के बीच मगरमच्छ मिलने के बाद आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मगरमच्छ दिखाई देने से बड़ा हादसा टल गया।
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