icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
461223
Shashank MishraShashank MishraFollow27 Sept 2024, 09:26 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

सरकारी सस्ता गल्ला दुकान का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, स्टॉक पंजिका पर जताई नाराजगी

ASAmit SinghFollow3m ago
Deoria, Uttar Pradesh:जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार को मेहरौना स्थित सरकारी सस्ता गल्ला दुकान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टॉक पंजिका, खाद्यान्न वितरण व्यवस्था तथा इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन की जांच कर उपभोक्ताओं से भी सीधे बातचीत की। निरीक्षण के दौरान स्टॉक पंजिका अद्यतन न मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और कोटेदार को निर्देश दिया कि स्टॉक पंजिका नियमित रूप से अद्यतन रखी जाए। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित मात्रा एवं तय समय पर किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने दुकान पर उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन की भी जांच कराई। उन्होंने गेहूं के एक बोरे का वजन कराकर सत्यापन कराया, जिसमें वजन सही पाया गया। निरीक्षण के दौरान मौजूद लाभार्थियों से खाद्यान्न वितरण व्यवस्था के बारे में जानकारी ली गई। उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें निर्धारित मात्रा में और समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कोटेदार को निर्देशित किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए।
0
0
Report

SMS अस्पताल में ताले से 11 मरीजों की किडनी ट्रांसप्लांट फाइलें एक महीना से बंद

Jaipur, Rajasthan:जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज की सुपर स्पेशलिटी बिल्डिंग के एक कमरा नंबर 518 पर लगे ताले ने करीब 11 मरीजों के किडनी ट्रांसप्लांٹ को एक महीने तक टाल दिया। SMS मेडिकल कॉलेज के नेफ्रोलॉजी यूनिट-2 के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ धनंजय अग्रवाल के रिटायर होने के एक महीने बाद भी ट्रांसप्लांट से जुड़ी 11 मरीजों की फाइलें उनके पुराने कार्यालय में ही बंद हो गई और कमरे पर ताला लगे होने से मरीजों के ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया करीब एक महीने से आगे नहीं बढ़ सकी। सभी मरीजों का मेडिकल वेरिफिकेशन और आवश्यक जांच पूरी हो चुकी थी। केवल फाइलों के आगे बढ़ने का इंतजार है, लेकिन विभागीय समन्वय की कमी के कारण मरीजों को बार-बार डायलिसिस कराना पड़ रहा है। प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे मरीज और उनके परिजन अस्पताल के पास धर्मशाला के कमरों में महीनों से अपनी बारी का इंतजार करके काट रहे है। राजस्था­न के बांसवाड़ा जिले की एक महिला मरीज जिनकी दोनों किडनी खराब है, इनके पति इनके लिए किडनी डोनेट करेंगे... 48 वर्षीय महिला मरीज और उनके पति धर्मशाला में रहकर किडनी ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे है। जिनका हर दूसरे दिन डायलिसिस होता है, लेकिन डॉक्टरों के पास एक ही रटा रटाया जवाब है कि फाइल कमरे में बंद है। पूरे मामले पर एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यूनिट टू के डॉक्टर जैसे ही रिटायर हुए उसके बाद ये सारा मामला जानकारी में आया लेकिन ताला लगे होना जैसा सच नहीं है, चाबी नेन्फ्रो डिपार्टमेंट के पास ही है और मरीजों का ट्रीटमेंट प्रोसेस में है दूसरे यूनिट इंचार्ज केसेज संभाल रहे है। ये मामला सिर्फ 11 फाइलों का नहीं, बल्कि सरकारी अस्पतालों में प्रशासनिक समन्वय और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। जब पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद मरीज केवल फाइलों के बंद होने से इलाज से वंचित रह जाएं, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है। हालांकि राजस्थान में एक सच ये भी है कि सरकारी क्षेत्र में नेन्फ्रोलोजिस्ट विशेषज्ञयों की संख्या बेहद कम है। कृपया मरीजों के नाम और पहचान न दिखाई जाए। डोनर और रिसीवर सामने नहीं आते...
0
0
Report
Advertisement

उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मदरसे भी बोर्ड के अंतर्गत

Dehradun, Uttarakhand:उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है ..... 1 जुलाई 2026 से राज्य का मदरसा बोर्ड पूरी तरह खत्म हो जाएगा। अब मदरसों समेत सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी नए बने 'उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण' यानी यूसेम के पास होगी। देखिए ये स्पेशल रिपोर्ट *ग्राफिक्स (क्या बदलेगा)* *मदरसा बोर्ड खत्म*: 1 जुलाई 2026 से उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद का अस्तित्व खत्म। 452 पंजीकृत मदरसे अब यूसेम के दायरे में आएंगे。 *एक छतरी के नीचे सभी*: अब सिर्फ मदरसे नहीं, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के स्कूल भी यूसेम देखेगा। मकसद - शिक्षा में एकरूपता और गुणवत्ता。 *मुख्यधारा से जुड़ाव*: सभी मदरसों को अब उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेनी होगी। सिलेबस में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, कंप्यूटर जैसे आधुनिक विषय अनिवार्य。 *निगरानी सख्त*: बंद और विवादित 30 मदरसों के लिए रिसीवर नियुक्त होंगे। भूमि रिकॉर्ड, वित्तीय स्थिति, स्टाफ योग्यता सबकी जांच होगी। मान्यता के नियम तोड़े तो मान्यता रद्द भी हो सकती है। *यूसेम का ढांचा*: अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी, रुड़की BSM PG कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर। कुल 11 सदस्यीय प्राधिकरण, जिसमें सभी अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्व। उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन इसलिए किया गया है ताकि अल्पसंख्यक बच्चों को मुख्यधारा की बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। सभी संस्थाओं को एक अंब्रेला के तहत उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से जोड़ा जाएगा। सरकार का तर्क है कि इससे मदरसा छात्रों को आगे पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा और रोजगार में दिक्कत नहीं होगी। प्रमाणपत्र भी अब राज्य बोर्ड का मिलेगा। उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के चेयरमैन के भाषणों में कहा गया कि कुछ अल्पसंख्यक समुदायों को जोड़ने का काम किया गया है ताकि सभी को समान अवसर मिलें .. ताकि हमारे बच्चे बेहतर शिक्षा ग्रहण कर सकें। कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि यह उत्तराखंड की अल्पसंख्यक शिक्षा में बड़ा बदलाब है और कक्षा 1 से 8 तक का सिलेबस लागू होगा। सभी मदरसों में उत्तराखंड शिक्षा का अनुमन्य पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी की सरकार ने जो ऐतिहासिक कदम उठाया है उससे उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जहां पर अल्पसंख्यक समुदाय के सभी वर्ग एक जैसी शिक्षा ग्रहण करते नजर आयेंगे। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव ने कहा कि जिन मदरसों के मानक पूरे नहीं होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। अभी तक 456 मदरसों ने आवेदन किया है और केंद्र की तरफ से एक यूनिक ID दे दी गई है। अभी नई नियमावली बनकर क्रियान्वयन की तैयारी है। कुल मिलाकर उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा का नया अध्याय शुरू हो रहा है। 1 जुलाई के बाद मदरसे भी 'सामान्य स्कूलों' की तरह यूबीएसईबी के नियमों पर चलेंगे। सवाल यह है कि क्या यह बदलाव शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाएगा या परंपरा व आधुनिकता के बीच नई बहस छेड़ेगा।
0
0
Report

तिन्दवारा में बुजुर्ग की हत्या: मामा और रोशनी गिरफ्तार

Banda, Uttar Pradesh:थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम तिंदवारा में बुजुर्ग व्यक्ति सत्यचंद को डंडे से पीटकर घायल कर दिया गया था, जिसकी इलाज کے दौरान मृत्यु हो गयी। मृतक के भाई चिन्तामणि की तहरीर पर थाना कोतवाली नगर में अभियोग पंजीकृत किया गया और अभियुक्तों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया। घटना के अनावरण हेतु पुलिस एवं फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मौके से प्राप्त साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ एवं अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर मृतक के साथ रहने वाली महिला के मामा रामविशाल तथा घटना की जानकारी होने के बावजूद पुलिस को गुमराह कर अभियुक्त मामा का सहयोग कर रही महिला रोशनी को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों से पूछताछ, जांच एवं विवेचना के क्रम में पाया गया कि अजगढ़, पन्ना मध्य प्रदेश की रहने वाली महिला रोशनी कुछ माह से बुजुर्ग व्यक्ति के साथ रह रही थी। रात्री के समय महिला के मामा रामविशाल द्वारा आपसी विवाद के चलते बुजुर्ग व्यक्ति पर डंडे से प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया, जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी। रोशनी ने पूरी घटना देखने के बाद भी मनगढ़ंत कहानी बताकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। मौके का निरीक्षण करते हुए पूर्व में ही घटना में प्रयुक्त डंडा बरामद कर लिया गया। पुलिस द्वारा दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया है। बाइट - शिवराज एडिशनल एसपी
0
0
Report
Advertisement

अनूपपुर के सरकारी स्कूल में पानी की बदइंतजामी, चार बोर के बावजूद छात्र प्यासे

Anuppur, Madhya Pradesh:अनूपपुर जिले के कुशियारा शासकीय प्राथमिक विद्यालय में शासन की लचर व्यवस्था के कारण छात्र पानी के लिए परेशान हैं। यहाँ चार बोर लगाए गए हैं लेकिन पानी पीने के लिए तीन हैंडपम्प फेल हो चुके हैं और चौथा हैंडपम्प प्रदूषित मिट्टीय पानी उगल रहा है। छात्र कहते हैं कि घर से लाया गया पानी भी ख़त्म हो जाता है और उन्हें कई घंटे स्कूल में रहना पड़ता है, जिससे उनकी प्यास बनी रहती है। रसोइया भी पानी के लिए दूर गाँवों में जाना पड़ता है। प्रधान अध्यापिका ने लिखित और मौखिक रूप से अधिकारियों को कई बार सूचित किया है, पर स्थिति वही है।
0
0
Report

केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद लोहागढ़ किले पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ी

Noida, Uttar Pradesh:पुणे में हुए चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस के बाद ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में टूरिस्ट की भीड़ काफी बढ़ गई है। लोहागढ़, जो हमेशा से अपने इतिहास, नेचर और ट्रेकिंग के लिए जाना जाता रहा है, अब इस मर्डर की वजह से चर्चा का विषय बन रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई टूरिस्ट न सिर्फ किला देखने आ रहे हैं, बल्कि उस जगह को भी देखने आ रहे हैं जहाँ से केतन को कथित तौर पर नीचे धकेला गया था। स्थानीय वेंडर्स का कहना है कि हाल के दिनों में टूरिस्ट की संख्या बढ़ी है। मानसून में अपनी खूबसूरत खूबसूरती के लिए मशहूर लोहागढ़ किला इस समय एक अलग वजह से चर्चा में है। केतन अग्रवाल मर्डर केस के बाद, देश भर से कई लोग इस किले में पहुंच रहे हैं। हालांकि कुछ टूरिस्ट ऐतिहासिक इमारत को देखने आ रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोग कहते हैं कि कई लोग कथित घटना वाली जगह को देखने के लिए उत्सुक हैं। इस जगह के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, और इसने चर्चा शुरू कर दी है।
0
0
Report
Advertisement

नशे में दूल्हे को ठुकराने वाली मुस्कान प्रधान अब परिवार परामर्श केंद्र जिम्मेदारी संभालेंगी

Taga, Chhattisgarh:जांजगीर-चांपा जिले की कोसमंदा निवासी मुस्कान प्रधान, जिन्होंने नशे में धुत दूल्हे से शादी करने से इनकार कर पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई थी, अब समाज सेवा की नई जिम्मेदारी निभाएंगी। पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय के निर्देश पर मुस्कान प्रधान को परिवार परामर्श केंद्र का परामर्शदात्री सदस्य नियुक्त किया गया है। आज उन्होंने जांजगीर स्थित परिवार परामर्श केंद्र पहुंचकर अपना कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, बढ़ते पारिवारिक विवादों को देखते हुए और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क एवं प्रभावी परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुस्कान की नियुक्ति की गई है। परिवार परामर्श केंद्र में वे अन्य सदस्यों के साथ मिलकर पारिवारिक मामलों के समाधान में अपनी भूमिका निभाएंगी। गौरतलब है कि हाल ही में चांपा थाना क्षेत्र के कोसमंदा गांव में मुस्कान ने शराब के नशे में पहुंचे दूल्हे से शादी करने से इनकार कर आत्मसम्मान की मिसाल पेश की थी। उनके इस साहसिक फैसले की पूरे जिले में सराहना हुई थी। इसके बाद एसपी विजय पांडेय ने उन्हें सम्मानित भी किया था। अब पुलिस विभाग ने उनके साहस और सामाजिक सोच को देखते हुए उन्हें परिवार परामर्श केंद्र की जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि वे अपने अनुभव और समझ से जरूरतमंद परिवारों की मदद कर सकें।
0
0
Report

पटना में शोभा अहोटकर की विदाई: बिहार गृह रक्षा वाहिनी में बदलाव की भूमिका

Danapur, Bihar:पटना: आज सेवानिवृत्ति हुई बिहार गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन विभाग की महानिदेशक सह महासमादेष्टा शोभा अहोटकर, मौके पर विभाग के आला अधिकारी थे मौजूद। पटना जिले के बिहटा के आनंदपुर गांव स्थित केंद्रीय गृह रक्षा वाहिनी सह बिहार गृह रक्षा वाहिनी के मुख्यालय में मंगलवार को बिहार गृह रक्षा वाहिनी सह अग्निशमन विभाग के महानिदेशक सह महासमादेष्टा शोभा अहोटकर की विदाई समारोह का आयोजन किया गया है। विदाई समारोह में आईजी सुनील नायक, के अलावा विभाग के तमाम अधिकारी मौजूद थे। जहाँ सबसे पहले आईजी सुनील नायक ने शोभा अहोटकर को पुष्प देकर सम्मानित और स्वागत किया। उसके बाद अंतिम बार महानिदेशक सह महासमादेष्टा शोभा अहोटकर ने जवानों के परेड की सलामी भी ली। बतादे कि पिछले 6 सालों से शोभा अहोटकर बिहार गृह रक्षा वाहिनी सह अग्निशमन विभाग के महानिदेशक सह महासमादेष्टा के पद पर कार्यरत थी जो अब पद से सेवानिवृृत्त हो रही है विभाग के तरफ से विदाई समारोह का आयोजन किया गया है। शोभा अहोटकर ने अपने कार्यकाल में विभाग में कई बड़े बदलाव किए सबसे बड़ा बदलाव बिहार गृह रक्षा वाहिनी के जवानों को आर्मी के तर्ज पर ट्रेनिंग देना और उन्हें मजबूत बनाना इसके अलावा विभाग को डिजिटल तरीके से आगे बढ़ने का कार्य अपने कार्यकाल में सुबह उठकरने किया। इसके अलावा अग्निशमन विभाग को भी पहले से काफी बेहतर बनाने का काम अपने कार्यकाल में किया है। 1990 बैच की आईपीएस शोभा अहोटकर मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली है और अपने सर्विस में कई बड़ी उपलब्धियां प्राप्त की है इसके अलावा अपराधियों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई भी की है बतादे कि 2020 में शोभा अहोटकर बिहार गृह रक्षा वाहिनी सह अग्निशमन विभाग की महानिदेशक सह महासमादेष्टा के रूप में चुनी गई थी।
0
0
Report
Advertisement

चित्तौड़गढ़: गाडरी समाज ने रतनलाल गाडरी की जल्द बरामदी के लिए स्पीडी जांच की मांग

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ - चित्तौड़गढ़ में गाडरी समाज ने लापता रतनलाल गाडरी की शीघ्र बरामदगी की मांग को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। समाज के बड़ी संख्या में पदाधिकारी एसपी कार्यालय पहुंचे तथा मामले की उच्च अधिकारियों से जांच कराने की मांग की। परिजनों के अनुसार 28 जून की शाम रतनलाल गाडरी खेत पर कुएं की ओर गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। तलाश के दौरान उनका मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल अलग-अलग स्थानों पर मिले। परिजनों ने चंदेरिया थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है। गाडरी समाज ने मामले में त्वरित और निष्पक्ष जांच कर रतनलाल की जल्द बरामदगी सुनिश्चित करने की मांग की है。
0
0
Report

ACB ने 6 हजार रिश्वत के साथ कांस्टेबल रज्जाक मोहम्मद को गिरफ्तार किया

Jaipur, Rajasthan:6 हजार की राशि के साथ कांस्टेबल ट्रेप, acb कर रही है पूछताछ भीलवाड़ा एसीबी की प्रथम टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोतवाली थाने में तैनात कांस्टेबल रज्जाक मोहम्मद को 6 की राशि के साथ गिरफ्तार किया। एसीबी डिवाई एसपी पारसमल पंवार ने बताया कि एक परिवादी ने शिकायत दर्ज करवाई, कोतवाली थाने उसके खिलाफ एक मामला दर्ज है, उसमें राहत देने के नाम पर कांस्टेबल रज्जाक मोहम्मद 20 हजार की मांग कर रहा है, 15 हजार में सौदा तय हुआ, परिवादी से कांस्टेबल ने 5 हजार पूर्व में ही ले लिया। बार बार पैसे मांगने पर एसीबी को शिकायत दी। एसीबी ने आज परिवादी से जूस सेंटर पर 6 हजार की राशि लेते कांस्टेबल रज्जाक मोहम्मद को पकड़ा, एसीबी ने कांस्टेबल को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top