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Satish Kumar AhirwarSatish Kumar AhirwarFollow18 Aug 2024, 04:17 am
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मुबारक बंद में सरकारी ज़मीन पर अवैध निर्माण पर बुलडोजर की धमकी, आठ दिन का अल्टीमेटम

Sambhal, Uttar Pradesh:संभल। मुबारक बंद गांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जेदारों पर योगी के बुलडोजर का खौफ। सरकारी जमीन पर बनाए गए मस्जिद, मदरसे और दुकानों के अवैध निर्माण पर मुस्लिम रात के अंधेरे में खुद चला रहे है हथौड़ा। मुबारक बंद गांव में साढ़े तीन बीघा सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाई गई मस्जिद/मदरसा और दुकानों के अवैध निर्माण पर हथौड़ा चला कर खुद तोड़ रहे मुस्लिम। तहसील प्रशासन ने कब्जाई गई सरकारी जमीन की पैमाइश अवैध निर्माण की वीडियो ग्राफी करा कर अवैध निर्माण को हटाने के लिए 8 दिन का अल्टीमेटम दिया था। सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाई गई मस्जिद/मदरसे और दुकानों के अवैध निर्माण को न हटाने पर जल्द हो सकता है बुलडोजर एक्शन। असमोली थाना इलाके के मुबारक बंद गांव का मामला।
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वाराणसी कैंट SOG-2 ने 4 गिरफ्तार; 30 हजार नकद और 5 टचस्क्रीन मोबाइल बरामद

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Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी की कैंट पुलिस और SOG-2 की संयुक्त टीम ने 4 सट्टेबाजों को किया गिरफ्तार. • ​ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत पुलिस को मिली बड़ी सफलता. • अर्दली बाजार से हुई गिरफ्तारी. • ​सट्टेबाजों के पास से 30 हजार कैश और 5 टच स्क्रीन मोबाइल बरामद. • गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान संजय राय, मृनाल सिंह, अभिषेक सिंह और विश्वजीत सिंह के रूप में हुई. • ​टैगोर टाउन, अर्दली बाजार में छापेमारी कर पुलिस ने सट्टेबाजों को रंगे हाथ पकड़ा। • ​थाना कैंट में जुआ अधिनियम में केस दर्ज. • ​आईपीएल सीजन के दौरान पुलिस की सट्टेबाजों पर पैनी नजर, जांच जारी.
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RIMS से राजस्थान में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं, मुख्य सचिव ने तेज़ी के निर्देश दिए

Jaipur, Rajasthan:आज मुख्य सचिव V. श्रीनिवास ने RUHS अस्पताल का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने AIIMS की तर्ज़ पर विकसित हो रहे RIMS प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि RIMS बनने से प्रदेश को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और SMS अस्पताल का बढ़ता दबाव भी कम होगा। उन्होंने साप्ताहिक और मासिक लक्ष्य तय कर मिशन मोड में काम करने, सभी स्वीकृतियां जल्द लेने और अस्पताल को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने पर जोर दिया। दौरे के दौरान OPD, IPD और ICU का निरीक्षण कर मरीजों और परिजनों से भी फीडबैक लिया बैठक में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री बाबूलाल गोयल, कृषि आयुक्त श्री नरेश गोयल, मुख्य सचिव कार्यालय में विशेषाधिकारी गरिमा नरूला, आरयूएचएस के कुलगुरू डॉ. प्रमोद येवले, सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, आरयूएचएस के प्रधानाचार्य डॉ. विनोद जोशी, अधीक्षक डॉ. अनिल गुप्ता, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के अधीक्षक डॉ. संदीप जसूजा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बाइट- वि श्रीनिवास, मुख्य सचिव, राजस्थान
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उदयपुर: धानमंडी पुलिस ने थार जीप से अवैध शराब जप्त कर हिरासत में लिया

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के धानमंडी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने देहली गेट चौराहे पर चेकिंग के दौरान थार गाड़ी से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब को जब्त किया। गाड़ी के आगे और पीछे अलग-अलग राज्यों के नंबर प्लेट लगी हुए थी। पुलिस ने वाहन और शराब को जब्त कर चालक को हिरासत में लिया। दरअसल धानमंडी थाना पुलिस ने देर रात देहली गेट चौराहे पर चेकिंग के लिए नाकाबंदी ओर रखी थी। इस दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध थार जीप को रुकवाकर। जब उसकी तलाशी ली उसमे विभिन्न ब्रांड की शराब रखी हुई थी। वाहन के आगे लगी नंबर प्लेट पर राजसमंद आरटीओ का नंबर दर्ज था, जबकि पीछे लगी नंबर प्लेट पर गुजरात राज्य का नंबर लिखा हुआ था। वाहन पर डबल नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे पुलिस की जांच से बचा जा सके। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वाहन और उसमें भरी अवैध शराब को जब्त कर लिया। साथ ही आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया।
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कानपुर में मच्छरों के खिलाफ जनता का सामूहिक विरोध, फॉगिंग बंदी पर आंदोलन तेज

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से तंग आकर जनता ने सड़क पर उतरकर किया अनोखा विरोध प्रदर्शन नगर निगम की कार्यप्रणाली से नाराज जनता ने सामूहिक रूप से मच्छर चालीसा का पाठ किया क्षेत्रीय लोगों का आरोप— शाम होते ही शुरू हो जाता है मच्छरों का आतंक, घरों में बैठना हुआ दुश्वार जनता का आरोप है कि कागजों पर स्मार्ट सिटी, लेकिन जमीनी हकीकत में बीमारियों का खतरा सपा नेता सुनील यादव के नेतृत्व में जुटे लोगों ने नियमित फॉगिंग न होने को लेकर नगर निगम के खिलाफ जमकर की नारेबाजी सब्जी मंडी और रिहायशी इलाकों में गंदगी और मच्छरों के झुंड से संक्रामक रोगों के फैलने की बनी आशंका जनता की चेतावनी— फॉगिंग और सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा किदवई नगर थानाक्षेत्र का मामला
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बलरामपुर के मेमोरियल अस्पताल में 13 माह की प्रियांशी की मौत, परिजनों ने लापरवाही का आरोप

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर के मेमोरियल अस्पताल में मासूम की मौत,13 माह की प्रियांशी की मौत ने तोड़ा परिवार, मां बार-बार हो रही बेहोश “अगर डॉक्टर समय पर देख लेते, तो मेरी बेटी आज जिंदा होती…” — यह कहते-कहते संतोष शुक्ला की आवाज भर्रा जाती है। आंखों में आंसू और गोद में खालीपन… 13 माह की मासूम प्रियांशी अब इस दुनिया में नहीं रही, लेकिन पीछे छोड़ गई है सवालों का ऐसा दर्द, जो पूरे परिवार को तोड़ गया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले संतोष शुक्ला अपनी नन्ही बेटी को 1 अप्रैल को जिला मेमोरियल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बच्ची को तेज बुखार था, जो बार-बार आ रहा था। पिता को उम्मीद थी कि अस्पताल में इलाज मिलेगा और उनकी बेटी ठीक होकर घर लौटेगी। लेकिन तीन दिन बाद वही अस्पताल उनकी दुनिया उजाड़ देगा, यह उन्होंने कभी नहीं सोचा था। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने बच्ची को भर्ती तो कर लिया, लेकिन इसके बाद लापरवाही का सिलसिला शुरू हो गया। पिता का आरोप है कि दूसरे दिन कोई डॉक्टर देखने तक नहीं आया, जबकि बच्ची की हालत बिगड़ती जा रही थी। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सिर्फ दिलासा मिलता रहा—“मौसम का असर है, ठीक हो जाएगी।” तीसरे दिन सुबह जब डॉक्टर पहुंचे, तब तक प्रियांशी की सांसें जवाब देने लगी थीं। आनन-फानन में ऑक्सीजन और इलाज शुरू हुआ, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कुछ ही पलों में मासूम ने दम तोड़ दिया। अस्पताल के बाहर वह दृश्य दिल दहला देने वाला था। मां रुक्मणी अपनी बेटी को सीने से लगाकर बार-बार बेहोश हो रही थीं। परिवार के लोग उन्हें संभाल रहे थे, लेकिन हर बार होश में आते ही उनका एक ही सवाल होता—“मेरी बच्ची को क्या हो गया…?” पिता का दर्द गुस्से में बदल चुका है। उनका कहना है कि अगर समय पर इलाज मिलता, तो उनकी बेटी बच सकती थी। उन्होंने चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है。
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हुड्डा को ED एजेएल मामले में क्लीनचिट, CBI के बाद अब अदालत ने आरोप मुक्त किया

Panchkula, Haryana:हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda को सेक्टर-1 स्थित ED (Enforcement Directorate) की विशेष अदालत ने एजेएल (Associated Journals Limited) मामले में आरोप मुक्त कर दिया है। इस फैसले से हुड्डा को बड़ी राहत मिली है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले Central Bureau of Investigation (CBI) की अदालत भी उन्हें इसी मामले में आरोप मुक्त कर चुकी है। अदालत के इस निर्णय के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस समर्थकों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है, वहीं इस फैसले को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। गौरतलब है कि एजेएल मामला काफी समय से चर्चा में रहा है, जिसमें कई बड़े नाम जुड़े थे। अब लगातार दो अदालतों से राहत मिलने के बाद हुड्डा की कानूनी स्थिति मजबूत होती नजर आ रही है।
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धनबाद जेल का औचक निरीक्षण: IG मंडल ने सुरक्षा कड़ी निगरानी के निर्देश दिए

Dhanbad, Jharkhand:एंकर जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने आज धनबाद मंडल कारा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों को मिलने वाली सुविधाओं तथा जेल मैन्युअल के पालन की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के क्रम में आईजी ने जेल परिसर के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की। उन्होंने जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया कि सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजी सुदर्शन मंडल ने कैदियों को दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली और सुनिश्चित करने को कहा कि सभी व्यवस्थाएं जेल मैन्युअल के अनुसार संचालित हों। साथ ही उन्होंने मुलाकात व्यवस्था को सुचारू रखने और कैदियों के परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इस पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, खान-पान व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी समीक्षा की। अंत में उन्होंने जेल प्रशासन को सभी निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा, ताकि जेल में व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
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जयपुर RTओ प्रथम में वीआईपी नंबर आवंटन घोटाला, ऑक्शन के बिना 13 नंबर आवंटित

Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - राजकोष में चपत, अफसरों की मिलीभगत! - जयपुर RTO प्रथम कार्यालय में हुआ खेल - गुपचुप आवंटन के लिए आधी रात में आवेदन - 0001 नम्बर के साथ 12 अन्य नम्बर आवंटित - सीरीज की आम सूचना 31 मार्च को प्रकाशित हुई - जबकि नम्बर आवंटन के आवेदन 27 मार्च से लिए परिवहन विभाग के जयपुर स्थित प्रादेशिक परिवहन कार्यालय प्रथम में मिलीभगत से वीआईपी नम्बर आवंटन का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ आमजन को बगैर सूचना दिए ही गुपचुप तरीके से एक दर्जन से अधिक वीआईपी नम्बर आवंटित कर दिए गए। कैसे हुआ यह घोटाला, किसकी रही मिलीभगत, यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 जयपुर आरटीओ प्रथम कार्यालय में 7 सीटर वाहनों के लिए हाल ही में खोली गई वाहन पंजीयन की नई सीरीज चर्चा में है। परिवहन विभाग ने पिछले दिनों नई सीरीज RJ14UV में वाहनों का पंजीयन करना शुरू किया है। आमतौर पर कोई भी नई सीरीज खोलने से पहले परिवहन विभाग द्वारा समाचार पत्रों में या विभागीय पोर्टल पर सूचना प्रकाशित की जाती है। इस सीरीज के खोलने की आम सूचना 31 मार्च को प्रकाशित की गई। लेकिन बड़ी बात यह है कि परिवहन विभाग ने इस सीरीज में नम्बर आवंटित करने के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया 27 मार्च से ही शुरू कर दी थी। 27 से 29 मार्च तक एक दर्जन से अधिक आवेदनों पर बगैर किसी ऑक्शन प्रक्रिया के ही नम्बर आवंटित कर दिए गए। इस सीरीज के सबसे महत्वपूर्ण 0001 नम्बर को केवल बेस प्राइस पर बिना बिडिंग प्रक्रिया के ही आवंटित कर दिया गया। इसके साथ-साथ एक दर्जन अन्य नम्बरों का भी आवंटन बगैर बिडिंग प्रक्रिया के ही कर दिया गया। सालभर पहले जयपुर आरटीओ प्रथम कार्यालय में ही 7 डिजिट नम्बरों की सीरीज का घोटाला भी उजागर हुआ था। आधी रात में लगाई गई थी 0001 नम्बर आवंटन के लिए फाइल - जयपुर RTO प्रथम में वीआईपी नम्बरों का घोटाला! - बिना बिडिंग प्रक्रिया के 13 नम्बर किए गए आवंटित - RJ14UV0001 के लिए 27 मार्च रात 12:02 बजे हुआ आवेदन - इसी सीरीज के 12 अन्य नम्बरों के लिए भी 27 से 29 मार्च तक आवेदन लिए - 30 मार्च को इन सभी आवेदकों को नम्बर हो गए अलॉट - एक भी नम्बर पर नहीं हुई बिडिंग की प्रक्रिया - वीआईपी नम्बर 0001 को 7 लाख 7 हजार रुपए में किया गया आवंटित - जबकि इससे पहले 0001 नम्बर बिकता रहा है 31 लाख तक में - सीरीज के नम्बर 0014, 0171, 0300, 0621, 1004, 1122, 2020, - 2414, 2828, 5858, 8001, 8100 भी बगैर बिडिंग आवंटित - ज्यादातर नम्बरों के लिए बेस प्राइस के 44 हजार रुपए ही लिए गए वीओ- 2 परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी नई नंबर सीरीज को जारी करने से पहले उसका सार्वजनिक नोटिस देना आवश्यक होता है, ताकि इच्छुक लोग बोली प्रक्रिया में भाग ले सकें। जिससे कि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। प्रतिस्पर्धा होने की वजह से विभाग को राजस्व भी प्राप्त हो सके。 31 लाख तक में बिक चुके वीआईपी नम्बर - आरटीओ में नई सीरीज खुलने पर वीआईपी नंबर लेने की रहती है कतार - एक से अधिक आवेदन आने पर किया जाता है ऑक्शन - RJ14UV0001 बेस प्राइस 7 लाख 7 हजार रुपए में आवंटित हुआ - जबकि इससे पहले वर्ष 2018 में RJ45CG0001 नंबर 16 लाख में बिका - वर्ष 2025 में RJ60CM0001 नंबर 31 लाख में बिका - जब 0001 नंबर का बेस प्राइस मात्र 1 लाख रुपए होता था - तब भी 5-5 लाख रुपए तक में बिके हैं 0001 नम्बर वीओ- 3 इस पूरे मामले में डीटीओ रमेश मीना ने कहा कि सीरीज की सूचना प्रकाशित करने का कार्य उनका नहीं है, यह कार्य एडमिन को करना होता है। इसलिए देरी से सूचना प्रकाशन के लिए वे उत्तरदायी नहीं हैं। आपको बता दें कि परिवहन विभाग ने करीब 7 साल पहले वीआईपी नंबरों की बेस प्राइस में बढ़ोतरी की थी। तब हर साल करीब 2 करोड़ रुपए का राजस्व वीआईपी नंबरों से प्राप्त होता था। बेस प्राइस बढ़ने की वजह से यह राजस्व अब बढ़कर करीब 20 करोड रुपए हो गया है। लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से वीआईपी नंबर बिना ऑक्शन के आवंटित किए जा रहे हैं। इस वजह से विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है। - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर
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