icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
461771
Reetesh SahuReetesh SahuFollow28 Sept 2024, 02:27 pm

मातापुरा वार्ड में नवरात्रि की तैयारियों के लिए पार्षद का सीएमओ को आवेदन

Sohagpur, Madhya Pradesh:

मातापुरा वार्ड के पार्षद भास्कर मांझी ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को आवेदन देकर नवरात्रि से पूर्व खेड़ापति मंदिर के मुख्य मार्गों की मरम्मत, साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था और अवरुद्ध मार्गों को सुचारु करने की मांग की है। उन्होंने उल्लेख किया कि 3 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू हो रही है, बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह 4 बजे से रात तक पूजा अर्चना करने मंदिर पहुंचते हैं। पार्षद ने अनुरोध किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नालियों की नियमित सफाई और सड़क किनारे पेड़ों की डालियों को हटाना आवश्यक है।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

जालौन के बीसीएच मिशन परिसर पर बुलडोजर: 7.26 एकड़ भूमि पालिका के कब्जे में

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के बीसीएच मिशन परिसर पर बुलडोजर: 7.26 एकड़ भूमि पालिका के कब्जे में जालौन के उरई में जिला परिषद के पास स्थित बीसीएच मिशन के बड़े परिसर पर नगर पालिका परिषद उरई ने मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से कब्जे की कार्रवाई की। करीब 7.26 एकड़ भूमि में फैले इस परिसर को नगर पालिका ने अपने नियंत्रण में ले लिया। कार्रवाई नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील के नेतृत्व में की गई। नगर पालिका अधिकारियों के मुताबिक, उक्त भूमि की लीज वर्ष 2014 में ही समाप्त हो चुकी थी। इसके बाद लीज का नवीनीकरण नहीं कराया गया, लेकिन परिसर का लंबे समय से उपयोग जारी था। मामला काफी समय से लंबित था। पालिका ने लीज समाप्त होने के बाद भूमि पर अपने अधिकार का हवाला देते हुए नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई। कार्रवाई के पहले परिसर में रह रहे किरायेदारों को नोटिस जारी कर जगह खाली करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद मंगलवार को टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण करने के बाद बुलडोजर की मदद से खाली कराने की कार्रवाई पूरी की। कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। ऐतिहासिक और चर्चित बीसीएच मिशन परिसर पर हुई इस कार्रवाई की पूरे शहर में दिनभर चर्चा रही।
0
0
Report
Advertisement

सरयू की तेज धारा बराबंकी: दूरसंचार केंद्र ढह, कटान से गांवों में बड़ा खतरा

Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- बाराबंकी में सरयू का रौद्र रूप, भरभराकर नदी में समा गया दूरसंचार केंद्र, हनुमान मंदिर पर भी कटान का खतरा बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में सरयू नदी ने मंगलवार को रौद्र रूप दिखाया। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ के साथ कटान का खतरा भी गंभीर होता जा रहा है। मंगलवार सुबह आठ बजे सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। बाढ़ का पानी आसपास के करीब 60 गांवों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। हेतमापुर, सुंदरनगर, जमका, खुज्जी, ललपुरवा, कोडरी, बाबापुरवा, केदारीपुर, बेलहरी, मदरहा और डिहुवा समेत कई गांवों में आवागमन प्रभावित हुआ है। हेतमापुर में सरयू की तेज धारा ने बंद पड़े दूरसंचार केंद्र के भवन को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में भवन भरभराकर नदी में समा गया। इस घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। नदी लगातार कटान करते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है। हेतमापुर का हनुमान मंदिर भी कटान की जद में आ गया है। मंदिर परिसर में लगा सरकारी हैंडपंप नदी की धारा की ओर लटक गया है। वहीं, पास स्थित रघुराई के मकान का आधा हिस्सा नदी में समा चुका है। कई अन्य मकान भी कटान के मुहाने पर हैं। कटान का खतरा बढ़ने के बाद ग्रामीण अपने घरों को खुद तोड़कर ईंट, लकड़ी और दूसरे सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। सुंदरनगर के बाढ़ पीड़ित तटबंध पर डेरा डालकर रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक सरयू की तेज धारा और भंवर के कारण जमीन तेजी से कट रही है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर बोल्डर और पत्थर डालकर ही कटान को रोका जा सकता है। हेतमापुर से लेकर सरयू पुल के नीचे तक कई जगह कटान जारी है। कटान की सूचना मिलने पर एसडीएम रामनगर आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल सिंह हेतमापुर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत और बचाव कार्य की जानकारी ली। तहसीलदार विपुल सिंह ने बताया कि सरयू की तेज धारा के सामने कटानरोधी बचाव कार्य चुनौती बना हुआ है। प्रशासन प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के साथ नदी के जलस्तर और कटान की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। प्रशासन के अनुसार बाढ़ पीड़ितों के लिए सुबह और शाम एक-एक हजार लंच पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, सरयू का बढ़ता जलस्तर और तेजी से हो रहा कटान ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। नदी की धारा लगातार आबादी की ओर बढ़ रही है, जिससे आने वाले समय में खतरा और बढ़ने की आशंका है।
0
0
Report

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बाढ़ पीड़ितों की मदद की, पुलों की मांग तेज

Barh, Bihar:पूर्णिया सांसद पप्पू यादव आज बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए बख्तियारपुर दियारा पहुंचे। वे अपनी टीम के साथ नाव पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में घूमे और बाढ़ पीड़ितों की मदद की। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से स्थानीय प्रशासन से मिल रही सहायता के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से पूछा कि अभी तक कोई स्थानीय जनप्रतिनिधि उनसे मिलने पहुंचा। बाढ़ पीड़ितों का जवाब सुनकर वे काफी नाराज दिखे। उन्होंने बख्तियारपुर दियारा में रूपस महाजी, काला दियारा, चिरैया दियारा और हरदास बीघा सभी बाढ़ प्रभावित पंचायतों का दौरा किया। दियारा का संपर्क बाढ़ में कुछ महीनों तक शहर से कट जाता है। इस दौरान वे गंगा की तेज धारा में एकमात्र नाव से ही बख्तियारपुर आते जाते हैं। पप्पू यादव कई जगह बाढ़ के पानी में उतरकर बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को सुनते दिखे। उन्होंने बाढ़ पीड़ित महिलाओं को नोटों के बंडल से निकालकर पांच पांच सौ रुपए देकर मदद भी की। बाढ़ पीड़ित लोग अपने सांसद रविशंकर प्रसाद से काफी नाराज दिखे। ग्रामीणों ने कहा कि उनके कई बार आश्वासन देने के बाद भी आज तक बख्तियारपुर दियारा के लोगों को पक्का पुल नहीं मिला है। बारिश में पीपा पुल भी हटाने से लोग अपने घरों की छत पर कैद होकर रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी तो गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को होती है, जो उचित इलाज नहीं मिलने पर दम तोड़ देती हैं।
0
0
Report
Advertisement

बस्ती में पति की गोली से मौत: पत्नी गिरफ्तार, आत्महत्या लिए उकसाने का मामला

Basti, Uttar Pradesh:लोकेशन बस्ती\nबस्ती में एक गोली की गूंज ने पूरे गांव को हिला दिया. कमरा बंद था, सिर में गोली लगी थी और पत्नी ने चीख-चीखकर कहा पति ने खुद को गोली मार ली लेकिन जब पुलिस ने इस मौत की परतें खोलीं तो कहानी में मोड़ आया. पहले हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन सीसीटीवी, पोस्टमार्टम और गवाहों के बयानों ने पुलिस को दूसरी कहानी तक पहुंचा दिया. आरोप है कि पत्नी की प्रताड़ना और दबाव से परेशान होकर रामबहाल ने खुद को गोली मार ली और अब पुलिस ने पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है. बस्ती में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई अधेड़ की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. 3 सितंबर को रामबहाल यादव की गोली लगने से मौत हुई थी. शुरुआत में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिजनों की तहरीर पर पत्नी समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ. हालांकि जांच आगे बढ़ी तो हत्या के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई. पुलिस ने मामले में हत्या की धारा हटाकर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मुकदमा तरमीम किया और मृतक की दूसरी पत्नी इन्द्रावती को गिरफ्तार कर लिया. पूरा मामला छावनी थाना क्षेत्र के बबुरहवा गांव का है. 3 सितंबर की शाम करीब पौने सात बजे अचानक रामबहाल के घर की तरफ से गोली चलने जैसी तेज आवाज सुनाई दी. आवाज के कुछ ही देर बाद रामबहाल की पत्नी इन्द्रावती रोती-बिलखती हुई घर से बाहर आई और लोगों को बताया कि उसके पति ने खुद को गोली मार ली. आसपास के लोग कमरे में पहुंचे तो रामबहाल खून से लथपथ मिले. उन्हें तत्काल CHC हर्रैया ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. शुरुआत में मामला आत्महत्या का माना गया, लेकिन 5 सितंबर को मृतक के परिजन की तहरीर पर पत्नी इन्द्रावती, उसके पहले पति के बेटे सर्वेश और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया. इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया. CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर का बयान, फील्ड यूनिट की जांच, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और स्वतंत्र गवाहों के बयान खंगाले गए. पुलिस के मुताबिक जांच में हत्या के बजाय आत्महत्या की बात सामने आई.\nपुलिस के अनुसार रामबहाल शराब का सेवन करते थे और घरेलू परिस्थितियों को लेकर परेशान रहते थे. आरोप है कि पत्नी इन्द्रावती जमीन बेचने, जेवर गिरवी रखने और बच्चों के भविष्य को लेकर रामबहाल पर लगातार दबाव बनाती थी. पुलिस का दावा है कि इसी मानसिक तनाव और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर रामबहाल ने खुद को गोली मार ली. पुलिस के मुताबिक घटना के बाद इन्द्रावती ने डर की वजह से तमंचे को छिपा दिया था. पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 315 बोर का अवैध तमंचा और एक फायरशुदा खोखा कारतूस बरामद किया है. फिलहाल पुलिस ने हत्या की धारा 103(1) BNS को हटाकर मामले को धारा 108 BNS यानी आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण में तरमीम किया है. मृतक की दूसरी पत्नी इन्द्रावती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.\nबाइट बृजेश सिंह, सीओ
0
0
Report

उड़ीसा से पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा 113 किलोग्राम गांजा बरामद, तस्कर गिरफ्तार

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर बहरागोड़ा: उड़ीसा से पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा 113 किलो गांजा बरामद, तस्कर गिरफ्तार पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 113 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उड़ीसा की ओर से एक सफेद रंग की टाटा CURVV कार, रजिस्ट्रेशन नंबर OD33AZ-5723, में भारी मात्रा में गांजा लेकर कुछ तस्कर बहरागोड़ा की ओर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही वरीय पुलिस पदाधिकारी के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने बहरागोड़ा के कालिंयाडिंगा चौक के पास बैरिकेडिंग लगाकर वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान उड़ीसा की ओर से आ रही संदिग्ध टाटा CURVV कार को पुलिस ने रोक लिया। प्रतिनियुक्त राजपत्रित पदाधिकारी की मौजूदगी में एनडीपीएस अधिनियम के तहत वाहन की विधिवत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार की डिक्की से 113 पैकेट गांजा बरामद किया गया। प्रत्येक पैकेट का वजन करीब एक किलोग्राम था। इस तरह कुल 113 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। पुलिस ने कार के साथ दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1,500 रुपये नकद भी बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने 27 वर्षीय पिन्कन स्वैन, निवासी पुरी, उड़ीसा को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह के रूप में गांजा तस्करी करता है। गिरोह उड़ीसा के भुवनेश्वर क्षेत्र से गांजा लेकर पश्चिम बंगाल के खड़गपुर समेत अन्य स्थानों पर बिक्री के लिए पहुंचाता था। पुलिस अब फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है और इस तस्करी नेटवर्क के अन्य संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है। मामले में बहरागोड़ा थाना कांड संख्या 53/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता और एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में मुसाबनी के पुलिस उपाधीक्षक रोहित कुमार रजवार के नेतृत्व में बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा समेत पुलिस पदाधिकारी और जवानों की टीम शामिल रही。
0
0
Report
Advertisement

शेखपुरा कार्यालय लिपिक के 15 हजार रिश्वत मामले में विजिलेंस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया

Sheikhpura, Bihar:शेखपुरा से इस वक्त बड़ी खबर आ रही है जहां जिला परिवहन कार्यालय में तैनात निम्नवर्गीय लिपिक कुणाल कुमार को विजलेंस की टीम 15 हजार रुपया घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। विजलेंस की टीम ने पहले से रेकी कर यह करवाई किया। इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के वरीय पुलिस उपाधीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि शेखपुरा जिले के अरियरी थाना क्षेत्र के डीहा गांव निवासी राजू प्रसाद अपना ट्रैक्टर के ट्रांसफर कराए जाने को लेकर डीटीओ कार्यालय आया जिसके बाद उसका ट्रैक्टर का ट्रांसफर नहीं हो पा रहा था। जिसके बाद ऑफिस के निम्नवर्गीय लिपिक कुणाल कुमार द्वारा 15 हजार रुपया की मांग की ।जिसके बाद पीड़ित ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में संपर्क किया आज यह करवाई किया गया। निगरानी की टीम को मौके से पांच - पांच सौ रुपया के 30 नोट के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने की करवाई की जा रही है। निगरानी की इस करवाई से कर्मियों में हड़कंप है।
0
0
Report

धौलपुर के निकाय चुनाव के प्रथम चरण के लिए मतदान दल रवाना, 172 मतदान केंद्र

Dholpur, Rajasthan:धौलपुर: निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान दल रवाना, कल होगी वोटिंग धौलपुर में नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के प्रथम चरण के लिए मतदान दलों को रवाना कर दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीनिधि बीटी के निर्देशन में मंगलवार को बाड़ी रोड स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय धौलपुर से मतदान सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान दलों को शुभकामनाएं देते हुए निर्भीक, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान कराने के ध्येय के साथ रवाना किया। एसडीएम सुरेश चंद्र राव और सीओ सिटी प्रदीप नेहरा की निगरानी में सामग्री की जांच के बाद दलों को बूथों पर भेजा गया और चुनाव से जुड़े जरूरी निर्देश दिए गए। मौके पर जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान सहित सभी रिटर्निंग अधिकारी मौजूद रहे। पहले चरण में जिले की चार निकायों में कुल 172 मतदान केंद्रों पर बुधवार 9 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। जिसमें धौलपुर नगर परिषद में सबसे ज्यादा 101 बूथ, राजाखेड़ा नगरपालिका में 31 बूथ, मनियां और सैंपऊ नगरपालिका में 20-20 बूथ बनाए गए हैं। एसपी विकास सांगवान ने बताया कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं
0
0
Report

घर में चोर घुसे: धौलपुर के जगरिया पुरा में नकद-जेवरात चोरी

Dholpur, Rajasthan:धौलपुर जिले के सैंपऊ थाना क्षेत्र के जगरिया पुरा गांव में चोरी की वारदात सामने आई है। चोरों ने एक घर में सेंध लगाकर नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए। घटना के बाद पीड़ित परिवार परेशान है। ग्रामीण सुनील दुबे ने बताया कि जगरिया पुरा गांव निवासी अशोक शर्मा के घर में चोरी हुई है। चोर दीवार में रास्ता बनाकर घर के अंदर घुसे और घर का सारा सामान फैला दिया। चोर घर से 8700 रुपए नकद, दो जोड़ी चांदी की पायल, दो सोने की अंगूठियां और एक मंगलसूत्र चुरा कर ले गए। परिवार को जब चोरी का पता चला तो उन्होंने तुरंत सैंपऊ थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार ने पुलिस से जल्द चोरी का खुलासा कर सामान वापस दिलाने और चोरों को गिरफ्तार करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस चोरों की तलाश में जुटी है और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगालने की बात कह रही है。
0
0
Report
Advertisement

कोटा इंजीनियर ने बनाया हनुमंता एक्सो-1, सैनिकों का वजन कम करेगा

Sonipat, Haryana:भारतीय सैनिकों का बोझ होगा हल्का! कोटा के इंजीनियर गौरव राय की टीम भारतीय जवानों के लिए ‘हनुमंता एक्सो-1’ ह्यूमन एक्सोसूट तैयार कर रही है. यह बिना बैटरी और बिजली के भारी सामान का दबाव कम करता है. टीम ने 80 किलो तक वजन संभालने की क्षमता हासिल की है और अब इसके एडवांस वर्जन पर काम कर रहे हैं. राजस्थान के कोटा के इंजीनियर गौरव राय की टीम भारतीय जवानों के लिए ऐसा ह्यूमन एक्सोसूट तैयार कर रही है, जो भारी सैन्य सामान उठाकर चलने के दौरान शरीर पर पड़ने वाले बोझ और दबाव को कम करने में मदद करेगा. इस तकनीक को ‘हनुमंता एक्सो-1’ नाम दिया गया है. यह अभी अपने एडवांस वर्जन तक पहुंच चुका है और इसका मकसद खासतौर पर उन सैनिकों की परेशानी कम करना है, जो रेगिस्तान, बर्फीले इलाकों, पहाड़ों और जंगलों जैसे कठिन क्षेत्रों में लंबे समय तक भारी सामान लेकर चलते हैं. यह सूट फिलहाल बिना बिजली और बैटरी के काम करने वाला उपकरण है. टीम ने अभी तक करीब 80 किलो वजन संभालने की क्षमता हासिल कर ली है और आगे इसे और बेहतर बनाने पर काम चल रहा है. ह्यूमन एक्सोसूट को आसान भाषा में शरीर के बाहर पहने जाने वाला ऐसा ढांचा समझ सकतें हैं, जो भारी सामान उठाते समय शरीर का साथ देता है. सैनिक जब लंबे समय तक हथियार, बैग और दूसरे जरूरी सामान लेकर चलते हैं तो इसका असर उनके कंधों, पीठ, कमर, कूल्हों और पैरों पर पड़ता है. इंजीनियर गौरव राय के मुताबिक, सैनिकों के सामने सिर्फ एक तरह का वजन नहीं होता. एक स्थिति में them को पीठ पर बैग लेकर चलना होता है, जबकि दूसरी स्थिति में जमीन से कोई भारी सामान उठाना पड़ता है. दोनों परिस्थितियों में शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर दबाव पड़ता है. इसी दबाव को कम करने के लिए अलग-अलग तरह के एक्सोसूट तैयार کیے जा रहे हैं. भारतीय जवानों को कई बार 60 किलो या उससे ज्यादा वजन लेकर भी लंबे समय तक चलना पड़ सकता है. खासकर कठिन इलाकों में यह काम और मुश्किल हो जाता है. लंबे समय तक ऐसा करने से कंधों और पीठ पर दबाव बढ़ता है. घुटनों और कमर में दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. गौरव बताते हैं कि जब कोई सैनिक बुलेटप्रूफ जैकेट और भारी सामान के साथ चलता है तो वजन का असर केवल कंधों तक सीमित नहीं रहता. रीढ़ की हड्डी और शरीर के निचले हिस्से पर भी इसका दबाव पड़ता है. इसलिए ऐसा ढांचा जरूरी है जो पूरे शरीर के साथ काम करे और वजन के असर को कम कर सके. ‘हनुमंता एक्सो-1’ एक पैसिव एक्सोसूट है. यानी इसे चलाने के लिए मोटर, बैटरी या बिजली की जरूरत नहीं पड़ती. यह पूरी तरह यांत्रिक तरीके से काम करता है. गौरव के अनुसार, इस उपकरण में डेल्टा स्प्रिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है. इसे इस तरह समझ सकते हैं कि पीठ पर रखा वजन सीधे शरीर पर दबाव डालने के बजाय जूतों के रास्ते जमीन की तरफ भेजा जाता है. गौरव ने इसे बिजली की अर्थिंग से समझाया. यानी सैनिक की पीठ पर जो वजन है, उसका कुछ हिस्सा शरीर पर टिके रहने के बजाय इस ढांचे के जरिए जमीन की तरफ चला जाता है. इससे शरीर पर पड़ने वाला दबाव कम होता है. यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है. एक्सोसूट पहनने का मतलब यह नहीं है कि जवान को वजन बिल्कुल महसूस नहीं होगा या वह सुपरहीरो की तरह कई गुना ज्यादा ताकतवर हो जाएगा. गौरव साफ कहते हैं कि यह कोई मोटर वाला सूट नहीं है. यह पैसिव तकनीक पर काम करता है और शरीर पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है. थकान पूरी तरह खत्म नहीं होगी, लेकिन शरीर पर पड़ने वाला खिंचाव और दर्द कम किया जा सकता है. अगर कोई व्यक्ति एक्सोसूट के बिना 10 किलोमीटर चलता या दौड़ता है तो उसके शरीर पर काफी दबाव पड़ सकता है. एक्सोसूट पहनने के बाद दूरी वही रहेगी, लेकिन शरीर के उन हिस्सों पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है, जहां आमतौर पर ज्यादा दर्द या खिंचाव महसूस होता है. गौरव के मुताबिक एक्सोसूट मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं. एक पैसिव एक्सोसूट और दूसरा एक्टिव एक्सोसूट. पैसिव एक्सोसूट में किसी मोटर या बैटरी की जरूरत नहीं होती और इसकी क्षमता करीब 80 किलो तक हो सकती है. दूसरी तरफ एक्टिव एक्सोसूट में बैटरी, मोटर और दूसरे उपकरण लगाए जाते हैं. इसकी क्षमता 100 से 150 किलो के बीच तक ले जाने पर काम किया जा रहा है. गौरव की टीम ने फिलहाल 80 किलो वजन की क्षमता हासिल कर ली है. अब उनका ध्यान इसे और आगे बढ़ाने पर है. साथ ही सेना की मौजूदा जरूरतों के हिसाब से भी इस तकनीक को बेहतर करने की कोशिश की जा रही है. गौरव बताते हैं कि इसके लिए इंजीनियरिंग में इस्तेमाल होने वाली ‘वजन कम करने’ की तकनीक अपनाई गई. इसमें यह देखा जाता है कि डिजाइन के किन हिस्सों में वजन कम किया जा सकता है और किन हिस्सों में मजबूती बनाए रखना जरूरी है. इसे कार के उदाहरण से समझा जा सकता है. कार के कुछ हिस्से ऐसे होते हैं, जिनकी मजबूती से समझौता नहीं किया जा सकता. वहीं बाहरी हिस्सों में डिजाइन और इस्तेमाल होने वाली सामग्री को जरूरत के हिसाब से बदला जा सकता है. इसी तरह एक्सोसूट में भी जरूरी हिस्सों की मजबूती बरकरार रखते हुए दूसरे हिस्सों का वजन कम किया गया. इस उपकरण को बनाने का विचार कहां से आया? इस तकनीक के पीछे गौरव के लिए एक व्यक्तिगत वजह भी रही. उनके पिता सेना में अधिकारी रह चुके हैं. लंबे समय तक भारी बैग लेकर गश्त करने के कारण उन्हें आज भी घुटने और पीठ में दर्द की समस्या रहती है. गौरव ने सैनिकों की इस परेशानी को करीब से देखा. इसी से उनके मन में यह विचार आया कि ऐसा उपकरण बनाया जाए, जो भारी सामान उठाते समय जवानों के शरीर पर पड़ने वाले दबाव को कम कर सके. इसके बाद इस पर काम शुरू किया गया. साल 2023 में एआईसी आईआईटी दिल्ली के सोनीपत कैंपस में इसके निर्माण का काम शुरू हुआ. धीरे-धीरे डिजाइन में बदलाव किए गए और इसे हल्का तथा ज्यादा उपयोगी बनाने पर काम हुआ. क्या भारतीय सेना ने इसका ट्रायल कर लिया है? इस सवाल पर गौरव ने स्पष्ट किया कि अभी इसे भारतीय सेना का अंतिम रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला उपकरण नहीं माना जा सकता. इसके लॉजिस्टिक वर्जन के लिए सप्लाई की जा रही है और टीम अभी ट्रायल, टेस्टिंग और इसमें जरूरी सुधार के दौर में है. यानी अभी इस तकनीक का विकास पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. अलग-अलग परिस्थितियों में इसे जांचने और जरूरत के हिसाब से इसमें बदलाव करने का काम चल रहा है. इसके बाद आगे के चरण में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा. अब एक्टिव एक्सोसूट पर भी काम करनाचाहिए.
0
0
Report

नूंह में 13 एकड़ अवैध कॉलोनियों पर पीला पंजा, ध्वस्त की गई संरचनाएं

Nuh, Haryana:Story :- नूंह में 13 एकड़ में बनी तीन अवैध कॉलोनियों पर चला पीला पंजा घासेड़ा, पल्ला और नूंह के राजस्व क्षेत्रों में की गई कार्रवाई, सड़क नेटवर्क और डीपीसी समेत कई निर्माण ध्वस्त जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग की टीम ने मंगलवार को नूंह के शहरी क्षेत्र और नियंत्रित क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 13 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही तीन अनधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई घासेड़ा, पल्ला और नूंह के राजस्व क्षेत्रों में की गई। इस दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा। डीटीपी नूंह की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पहली कार्रवाई घसेड़ा के राजस्व क्षेत्र में करीब छह एकड़ में विकसित की जा रही अनधिकृत कॉलोनी में की गई। यहां प्री-कास्ट बाउंड्री वॉल, कंक्रीट से बनाए गए सड़क नेटवर्क और चार डीपीसी को ध्वस्त किया गया। इसके बाद नूंह के राजस्व क्षेत्र में करीब पांच एकड़ में विकसित की जा रही दूसरी अनधिकृत कॉलोनी पर कार्रवाई की गई। यहां आठ डीपीसी, एक डीलर रूम और मिट्टी से बनाए गए सड़क नेटवर्क को जेसीबी की मदद से ध्वस्त किया गया। इसी क्रम में पल्ला के राजस्व क्षेत्र में करीब दो एकड़ में विकसित की जा रही तीसरी अनधिकृत कॉलोनी में भी तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। यहां चार बाउंड्री वॉल को ध्वस्त किया गया। डीटीपी विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई नूंह के शहरी क्षेत्र और नियंत्रित क्षेत्र में अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ अभियान के तहत की गई है। कार्रवाई के दौरान नूंह सिटी थाना और सदर थाना पुलिस का सहयोग लिया गया।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top