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डीआरएम मेड़ता रोड ने पांच घंटे के निरीक्षण में संरक्षा को प्राथमिकता दी

Jodhpur, Rajasthan:मेड़ता रोड में डीआरएम का पांच घंटے मेगा निरीक्षण,संरक्षा पर सीधा संवाद करीब 100 आवास होंगे आधुनिक,कमियों के मौके पर समाधान के निर्देश जोधपुर। मेड़ता रोड में मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने करीब पांच घंटे तक मेगा निरीक्षण किया। स्टेशन से लेकर डेमू-मेमू शेड और रेलवे कॉलोनी तक व्यवस्थाएं परखी। इस दौरान संरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देते हुए कर्मचारियों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को कई बिंदुओं पर मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए। उत्तर पश्चिम रेलवे के मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन पर संरक्षा संवाद में कर्मचारियों ने डीआरएम के समक्ष ट्रैक,सिग्नल व दूरसंचार,पॉइंट एवं क्रॉसिंग,लेवल क्रॉसिंग,कार्यस्थल की संरक्षा और संरक्षा उपकरणों से जुड़े मुद्दे उठाए। गिरधारी,हरिमोहन,तिलक प्रजापत, मुनीष कुमार,रूपचंद बैरवा, निम्बाराम और अभिमन्यु जोशी सहित कर्मचारियों ने अपने कार्यक्षेत्र की व्यावहारिक दिक्कतें बताईं。 इस दौरान डीआरएम त्रिपाठी ने कहा कि संरक्षा में छोटी कमी भी गंभीर हो सकती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कर्मचारियों की ओर से उठाए गए बिंदुओं का प्राथमिकता से निस्तारण करने और नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों से सजगता के साथ काम कर सुरक्षित रेल संचालन में योगदान देने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा से कार्य निष्पादन कर जोधपुर मंडल को भारतीय रेलवे का मॉडल मंडल बनाने का आव्हान किया। संरक्षा संवाद में वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी रामनिवास जाट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, निरीक्षक व बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। संचालन सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी सुनील कुमार चतुर्वेदी ने किया。 डेमू-मेमू शेड में तकनीकी जांच डीआरएम ने डेमू-मेमू शेड की विस्तार परियोजना की प्रगति देखी। कोचिंग स्टॉक का अनुरक्षण,मेंटेनेंस शेड्यूल,ब्रेकिंग सिस्टम,ट्रैक्शन व इलेक्ट्रिकल उपकरणों की जानकारी ली। वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर अमित स्वामी ने अनुरक्षण चक्र और तकनीकी संसाधनों के बारे में जानकारी दी। डीआरएम ने गुणवत्ता और संरक्षा मानकों से समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। शेड में उन्होंने पौधरोपण भी किया。 स्टेशन पुनर्विकास का काम देखा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मेड़ता रोड स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता देखी। डीआरएम ने कार्य में गति लाने और जल्द पूरा करने के निर्देश दिए,ताकि यात्रियों को सुविधाओं का लाभ जल्द मिल सके。 स्वास्थ्य केंद्र और कॉलोनी पर भी फोकस डीआरएम ने इस दौरान रेलवे स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी लेकर मरीजों को आवश्यक उपचार सहजता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सीताराम बुनकर ने व्यवस्थाओं की जानकारी दी。 इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलोनी में सड़क,रोशनी,पेयजल और ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। खाली रेलवे भूमि पर पार्क विकसित करने तथा करीब 100 रेलवे आवासों के आधुनिकीकरण के भी निर्देश दिए।
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अज्ञात वाहन से युवक की मौत, पहचान के बाद पोस्टमार्टम कर दिया गया

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले के धंबोला थाना क्षेत्र के सीमलवाड़ा तहसील के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से पैदल जा रहे युवक की मौत हो गई. मृतक की पहचान धरमपुरी निवासी 20 वर्षीय सुनील रोत के रूप में की गई. सूचना पर परिजन जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे. परिजनों ने बताया कि सुनील कल शाम को घर से पैदल निकला था जो वापस घर नहीं लौटा था. इधर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है. डूंगरपुर जिले के धंबोला थाने के एसआई अशोक कुमार ने बताया कि कल रात को सीमलवाड़ा तहसील के पास किसी अज्ञात वाहन ने पैदल जा रहे एक युवक को टक्कर मार दी थी. हादसे में युवक की मौत हो गई थी. इधर मृतक की पहचान धरमपुरी निवासी 20 वर्षीय सुनील रोत के रूप में की गई.
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हाई कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद ग्वालियर की सड़कों की गुणवत्ता पर सैंपलिंग

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर की बदहाल सड़कों और सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर दायर जनहित याचिका के बाद हाई कोर्ट सख्त नजर आ रहा है。 हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब ग्वालियर शहर में अलग-अलग स्थानों पर सड़कों की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपलिंग की जा रही है। सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और उसकी गुणवत्ता को लेकर इन सैंपलों की जांच की जाएगी。 इसी बीच हाई कोर्ट के आदेश के बाद हो रही सड़क सैंपलिंग के दौरान Zee Media के संवाददाता ने मौके पर पहुंचकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की。 सैंपल किस तरह लिए जा रहे हैं, मौके पर क्या तस्वीर सामने आई और सड़क की गुणवत्ता को लेकर क्या स्थिति है—देखिए हमारी ये खास ग्राउंड रिपोर्ट。
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सागर शराब कांड: 11 से ज्यादा मौतों के बीच तीन अधिकारी निलंबित

Mandsaur, Madhya Pradesh:सागर शराब कांड मामले में 11 से ज्यादा लोगों की मौत मामले में 3 अधिकारी निलंबित किए गए हैं, अभी मिली जनकारी के अनुसार up से आई थी शराब, कुछ दुकाने भी सील की गई है, घायलों के इलाज और मृतक को मुआवज़े के लिए सरकार आवश्यक कार्रवाई कर रही है प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त एवं आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने यह जनकारी दी है जगदीश देवड़ा ने बताया कि शराब से मौत का आंकड़ा 10-12 के करीब हो गया है। लगभग अभी ऑथेंटिक जानकारी अभी मुझे लगता है कि लगातार संपर्क में हैं। करीब लगभग 11-12 लोगों की डेथ हुई है और तीन अधिकारियों को निलंबित किया है, एक को अटैच किया है और अभी जांच बराबर जारी है। जो भी जांच में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यूपी की बॉर्डर पर कहीं ना कहीं ऐसे सुराग मिले हैं कि मध्य प्रदेश और यूपी के बॉर्डर पर कोई इस प्रकार का काम करने वाले लोगों के बारे में जानकारी मिली है और इसीलिए हमने चूंकि ये सब जानकारियां कहीं ना कहीं थीं और विभाग के अधिकारियों ने भी कहीं लापरवाही की है तो इसलिए उनको तीन लोगों को, तीन अधिकारियों को निलंबित किया है और एक को अटैच किया है। सब हो रहा है, दुकानें सील भी की हैं। जो कार्रवाई होना चाहिए, वो पूरी कार्रवाई कर रहे हैं। अभी सारे अधिकारी जिला, अपने मध्य प्रदेश के आबकारी कमिश्नर वहां पर पहुंच गए हैं। मौके पर गए हैं, कलेक्टर, एसपी, कमिश्नर, वहां के हमारे सांसद, विधायक, सभी जनप्रतिनिधि पहुंचे हैं। मुझे जानकारी मिली है और जो भी होगा वो कार्रवाई पूरी करेंगे। उनका उपचार चल रहा है। वो सारी बात हम कर रहे हैं, गंभीरता से लेगी सरकार इसको। कांग्रेस के आरोप पर उन्होंने कहा: की सब अनर्गल बातें हैं। ये केवल बहकी-बहकी बातें करके मुझे लगता है कि इस प्रकार की बातें शोभा नहीं देती उनको। सरकार पूरी तरह से गंभीर और कार्रवाई कर रही है। बाइट जगदीश देवड़ा उपमुख्यमंत्री मध्यप्रदेश
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उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर पर सड़क चौड़ीकरण से आस्था बनाम विकास का संघर्ष

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन। शहर में इन दिनों एक प्राचीन मंदिर को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। मामला उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर का है, जहां सड़क चौड़ीकरण के चलते मंदिर और हनुमान जी की प्राचीन प्रतिमा को दूसरी जगह विस्थापित करने की कवायद चल रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि प्रतिमा को हटाने के लिए चार बार से ज्यादा प्रयास किए गए हैं, लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। अब पांचवीं बार प्रतिमा को हटाने की तैयारी की चर्चा है。 इसी के साथ स्थानीय लोगों के बीच एक अलग ही चर्चा भी जोर पकड़ रही है। लोग कह रहे हैं कि “शायद बाबा खुद यहां से जाना नहीं चाहते, इसलिए बार-बार प्रयास असफल हो रहे हैं।” हालांकि यह लोगों की आस्था और मान्यता से जुड़ी बात है, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है。 उज्जैन का 'एम्स' कहते हैं लोग स्थानीय लोगों के मुताबिक खड़े हनुमान मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि लंबे समय से यहां बड़ी संख्या में लोग अपनी परेशानियां लेकर पहुंचते हैं। इसी वजह से कुछ लोग इसे “उज्जैन का एम्स” तक कहते हैं। लोगों का कहना है कि यह मंदिर और यहां विराजमान हनुमान जी की प्रतिमा बेहद प्राचीन है और इससे शहर के लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। सड़क चौड़ीकरण के लिए होना है विस्थापन दरअसल शहर में कंठाल से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम प्रस्तावित है। इसी विकास कार्य की जद में खड़े हनुमान मंदिर का वर्तमान स्थान भी आ रहा है। प्रशासन की ओर से प्रतिमा को दूसरी जगह स्थापित करने की तैयारी की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार नई जगह पर प्रतिमा स्थापित करने के लिए खुदाई और अन्य तैयारियां भी की गईं। लेकिन प्रतिमा की संरचना और मंदिर की प्राचीनता को देखते हुए लोग इसके विस्थापन को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि मंदिर में पुरानी निर्माण तकनीक और चूना-मिट्टी का इस्तेमाल हुआ है। ऐसे में भारी मशीनों से प्रतिमा को हटाने पर उसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। पुरातत्व विभाग की जांच का भी दिया जा रहा हवाला स्थानीय लोगों ने बताया कि पुरातत्व विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर मंदिर और प्रतिमा की स्थिति का जायजा लिया था। लोगों का दावा है कि जांच के दौरान प्रतिमा को हटाने में नुकसान की आशंका जताई गई थी। इसी वजह से वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि किसी भी तरह की कार्रवाई करने से पहले विशेषज्ञों की राय और सुरक्षित तकनीक का इस्तेमाल किया जाए। विकास के विरोध में नहीं, विकल्प तलाशने की मांग मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि वे सड़क चौड़ीकरण या विकास कार्य के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि विकास भी हो और आस्था का केंद्र भी सुरक्षित रहे। इसके लिए आसपास की जमीन या दुकानों से अतिरिक्त जगह लेने, सड़क की डिजाइन में बदलाव करने अथवा फ्लाईओवर जैसे विकल्पों पर विचार करने की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप कर ऐसा रास्ता निकालने की अपील की है, जिससे सड़क चौड़ीकरण का काम भी आगे बढ़े और प्राचीन हनुमान मंदिर को नुकसान भी न पहुंचे। फिलहाल खड़े हनुमान मंदिर को लेकर प्रशासन की कार्रवाई और स्थानीय लोगों की आस्था के बीच मामला चर्चा में है। एक तरफ शहर के विकास के लिए सड़क चौड़ीकरण जरूरी बताया जा रहा है, तो दूसरी तरफ श्रद्धालु कह रहे हैं कि बाबा की प्राचीन प्रतिमा को हटाने के बजाय ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिसमें विकास के साथ आस्था भी सुरक्षित रहे।
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ब्रिक्स चीफ जस्टिस फोरम के प्रतिनिधिमंडल ने ताजमहल-आगरा किले का दीदार किया

Agra, Uttar Pradesh:ब्रिक्स चीफ जस्टिस फोरम में शामिल होने भारत आए विदेशी न्यायिक मेहमानों ने रविवार को मोहब्बत की नगरी आगरा का रुख किया। ब्रिक्स सहभागी देशों के मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों का 65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ताजमहल और आगरा किला पहुंचा।विदेशी मेहमानों ने दोनों ऐतिहासिक स्मारकों की खूबसूरती और स्थापत्य कला को करीब से देखा।भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय ब्रिक्स चीफ जस्टिस फोरम में शामिल होने आए न्यायिक मेहमान रविवार को आगरा पहुंचे।65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले ताजमहल का दीदार किया। सफेद संगमरमर से बनी इस ऐतिहासिक इमारत की नक्काशी और स्थापत्य कला ने विदेशी मेहमानों का ध्यान खींचा।गाइड ने प्रतिनिधिमंडल को ताजमहल के इतिहास और इसकी विरासत से जुड़ी अहम जानकारियां दीं।इसके बाद न्यायिक अधिकारियों ने आगरा किला का भी भ्रमण किया।आगरा किले की भव्यता, स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व के बारे में मेहमानों को विस्तार से जानकारी दी गई।विदेशी न्यायिक मेहमानों ने दोनों स्मारकों को लेकर खास दिलचस्पी दिखाई और यादगार तस्वीरें भी कैमरे में कैद कीं।ब्रिक्स देशों के वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों का आगरा दौरा भारत की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराने वाला खास मौका रहा
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मूरतगंज दधिकांदो मेले में बवाल: दो गुटों के बीच मारपीट के वीडियो वायरल

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:मूरतगंज दधिकांदो मेले में बवाल कौशांबी जिले के मूरतगंज दधिकांदो मेले से मारपीट और हंगामे के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में दो गुटों के बीच जमकर मारपीट और चप्पलें चलती नजर आ रही हैं। एक युवक को कई लोग मिलकर पीटते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, डीजे के स्पीकर से गाली-गलौज किए जाने का भी दावा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने मेले में ऐसी किसी घटना से इनकार किया है। तस्वीरें संदीपनघाट थाना क्षेत्र के मूरतगंज दधिकांदो मेले की बताई जा रही हैं, जहां सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में जमकर बवाल दिखाई दे रहा है। एक वीडियो में दो पक्षों के बीच चप्पलें चलती नजर आ रही हैं, तो दूसरे वीडियो में कई लोग एक युवक की पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, डीजे के स्पीकर से गाली-गलौज किए जाने का वीडियो भी वायरल है। मारपीट और हुड़दंग के कई वीडियो सामने आने के बाद मेले में हड़कंप मचने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संदीपनघाट पुलिस ने मेले में ऐसी किसी घटना से इनकार किया है। लेकिन ये वीडियो फेसबुक और स्टाग्राम पर जमकर viral हो रही है। इस पर लोग तरह तरह के कमेंट भी कर रहे है। पुलिस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच कर रही है। पुलिस जांच के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी।
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सागर के नकली शराब मामले में सीएम की सख्ती, 3 अधिकारी निलंबित

Bhopal, Madhya Pradesh:सागर नकली शराब मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे सख्त निर्देश, 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से हुईं मौतें घटना से संबंधित किसी दोषी को नहीं छोड़ेंगे प्रदेश के मुखिया सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावितों से मिले वरिष्ठ अधिकारी भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। सीएम डॉ. यादव ने दिखाई थी सख्ती घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की थी और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के मद्देनजर सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया था。 बाइट- दीपक कुमार सक्सेना, आबकारी आयुक्त मध्यप्रदेश
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जयपुर के 100 स्कूलों में विज्ञान क्लब से वैज्ञानिक सोच और रुचि बढ़ेगी

Jaipur, Rajasthan:जयपुर विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से जयपुर जिले के 100 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान क्लब स्थापित किए जाएंगे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से इन विज्ञान क्लबों की स्थापना की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), माध्यमिक शिक्षा, जयपुर की ओर से सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं,, जारी निर्देशों में कहा गया है कि संबंधित अधिकारी अपने अधीनस्थ विद्यालयों के संस्था प्रधानों को विज्ञान क्लब की स्थापना के लिए विद्यालयों का पंजीकरण निर्धारित गूगल फॉर्म के माध्यम से करवाने के लिए निर्देशित करें। विभाग ने इस कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं,,, विज्ञान क्लबों का उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने के साथ-साथ उन्हें वैज्ञानिक सोच और समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान के लिए प्रेरित करना है। क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मक प्रयोगों के जरिए विज्ञान को समझने और सीखने का अवसर मिलेगा। साथ ही अनुभवी वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का मंच भी उपलब्ध कराया जाएगा।विज्ञान क्लब की स्थापना के लिए ऐसे विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां विज्ञान प्रयोगशाला उपलब्ध हो, विज्ञान विषय पढ़ाया जाता हो और विज्ञान शिक्षक विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से आगे जाकर विज्ञान संबंधी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने में रुचि रखते हों। राजकीय विद्यालयों के साथ विवेकानंद मॉडल विद्यालय और पीएम श्री विद्यालयों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। क्लब के संचालन के लिए विद्यालय के प्राचार्य या प्रधानाध्यापक संरक्षक होंगे।
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CM Saini unveils development package worth 78 crore in Bavani Kheda

Bhiwani, Haryana:बवानीखेड़ा में CM सैनी ने खोला घोषणाओं का पिटारा, 78 करोड़ की 7 विकास परियोजनाओं की सौगात बवानीखेड़ा को मिला बड़ा तोहफा! 50 करोड़ से बढ़ेगा नागरिक अस्पताल, 15 करोड़ का बनेगा स्टेडियम 2028 के बाद बवानीखेड़ा बनेगा उपमंडल! CM सैनी का बड़ा ऐलान सड़कों का कायाकल्प! 55 करोड़ से 47 सड़कों की स्पेशल रिपेयर, 25 KM कच्चे रास्ते होंगे पक्के किसानों के लिए पानी सबसे बड़ी जीवनरेखा, नहरों के जीर्णोद्धार से बदलेगी तस्वीर: किरण चौधरी CM की रैली पर बोलीं किरण चौधरी- बवानीखेड़ा के लिए विकास का पिटारा खुला, बड़ी-बड़ी घोषणाएं हुईं ट्रेड डील पर किरण चौधरी का विपक्ष पर हमला- किसानों को भ्रमित करने की हो रही कोशिश रेवाड़ी खेड़ा में 16.5 करोड़ का 33 KV सब-स्टेशन, खरक में जल्द बनेगा महिला कॉलेज कांग्रेस के 609 करोड़ बनाम BJP सरकार के 1446 करोड़! बवानीखेड़ा के विकास पर CM सैनी का बड़ा दावा बवानीखेड़ा में विकास की रफ्तार होगी तेज! अस्पताल, स्टेडियम, सड़क, बिजली और पानी पर करोड़ों का ऐलान 2028 तक परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बवानीखेड़ा को उपमंडल का दर्जा दिया जाएगा कुल मिलाकर बवानीखेड़ा की विकास संकल्प रैली में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करीब 78 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दीं, क्षेत्रवासियों को बड़ी घोषणाएं कीं। क्षेत्र के गांवों में पानी, नहरों के जीर्णोद्धार और कृषि सुविधाओं पर भी जोर रहा। किरण चौधरी ने कहा कि पानी زندگیरेखा है और नहरों के जीर्णोद्धार से किसानों को सीधे फायदा होगा। विपक्ष के ट्रेड डील सवालों पर उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से समझौता नहीं होगा और एमएसपी, पानी, बिजली और सिंचाई सुविधाओं का उल्लेख किया गया।
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जमुई की सड़क पर विशाल आम का पेड़ गिरा, ऑटो चालक घायल, राहत कारवां जारी

Jamui, Bihar:बजराही के पास सड़क पर गिरा विशाल आम का पेड़, ऑटो समेत चालक दबा, मचा हाहाकार, दो से ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चालक सकुशल बाहर, सदर अस्पताल में भर्ती जमुई: खैरा-गरही मुख्य मार्ग पर बजराही गांव के समीप रविवार की दोपहर करीब 1:30 बजे एक विशाल आम का पेड़ अचानक जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर गया। इसी दौरान सड़क से गुजर रहा एक ऑटो पेड़ की चपेट में आ गया और चालक ऑटो समेत पेड़ के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण जुट गए। 'जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई' की कहावत उस समय चरितार्थ होती नजर आई, जब विशाल पेड़ के नीचे करीब दो से ढाई घंटे तक दबे रहने के बावजूद चालक को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। हालांकि वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया है और उसका इलाज जमुई सदर अस्पताल में चल रहा है। पेड़ के नीचे दबे चालक को निकालने के लिए ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही गरही थाना प्रभारी बिपिन चंद्र पालटा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से पेड़ हटाने का प्रयास किया। तीन जेसीबी भी मंगाई गई, लेकिन विशाल पेड़ इतना भारी था कि जेसीबी से भी उसे हटाना संभव नहीं हो सका। लिहाजा गरही थाना की पुलिस अपने स्तर से लगातार प्रयास करती नजर आई और चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखा। इस दौरान ग्रामीण भी चालक का हौसला बढ़ाते रहे। घटना की सूचना वन विभाग को भी दी गई। कुछ देर बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद पेड़ की मोटी डालियों को काटकर हटाने का काम शुरू किया गया। करीब दो से ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ और उसकी डालियों को काटकर चालक को बाहर निकाला गया। घायल चालक की पहचान खैरा थाना क्षेत्र के पिपराटांड़ गांव निवासी धर्मेंद्र यादव उर्फ बौधा के रूप में हुई है। उसे प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्रारंभिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए जमुई सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, ऑटो में सवार दो यात्रियों को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पेड़ गिरने के कारण खैरा-गरही मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर छोटी-बड़ी गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। पहले भी गिर चुकी थी पेड़ की डाल स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे खड़ा यह पुराना और विशाल पेड़ काफी समय से जर्जर हालत में था। पेड़ को हटाने के लिए कई बार वन विभाग को सूचना दी गई थी। इससे पहले भी इसकी एक बड़ी डाल सड़क पर गिर चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद विभाग ने पेड़ को हटाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की। लिहाजा रविवार को पेड़ जड़ से उखड़कर ऑटो पर जा गिरा और चालक उसकी चपेट में आ गया। बाइट:
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मां काली की डोली केदारनाथ की ओर, शिव-शक्ति के दिव्य मिलन के द्वितीय चरण शुरू

Routhiya, Uttarakhand:केदारनाथ धाम की ओर मां काली की डोली इन दिनों देवरा यात्रा पर है. 23 अगस्त से शुरू हुई द्वितीय चरण की यात्रा कई गांवों से होकर आगे बढ़ रही है. जगह-जगह श्रद्धालु मां की डोली का स्वागत कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं. अब यात्रा खड़िया गांव पहुंच चुकी है. इसके बाद जम्मू गांव में दिव्य स्नान और पूजन के बाद डोली गौरीकुंड होते हुए केदारनाथ धाम पहुंचेगी, जहां बाबा केदार और मां काली के दिव्य मिलन की परंपरा निभाई जाएगी. समिति के महामंत्री आचार्य सुरेशानंद गॉड ने बताया मां भगवती क Kali की यह द्वितीय चरण की यात्रा है. केदारनाथ धाम में भगवान शिव और शक्ति के दिव्य मिलन का खास महत्व है. श्रद्धालु इस पवित्र मिलन के साक्षी बनेंगे. यह यात्रा हमारी पुरानी धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. समिति के मुताबिक यह यात्रा 12 वर्षों की धार्मिक परंपरा से जुड़ी है. चार वर्षों तक मां भगवती की यात्रा अलग-अलग चरणों में होती है और पांचवें वर्ष कालीमठ में महायज्ञ का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. केदारनाथ धाम की यात्रा पूरी करने के बाद मां की डोली त्रियुगीनारायण होते हुए वापस लौटेगी. आगे भगवान बद्रीनाथ धाम की यात्रा और पंचगाई क्षेत्र की यात्रा के बाद त्रिवेणी स्नान तथा महायज्ञ की परंपरा पूरी होगी. इस पूरी यात्रा में पंचगाई मां भगवती कालीमठ समिति के अध्यक्ष लखपत सिंह राणा, महामंत्री आचार्य सुरेशनन्द गोंड, उपाध्यक्ष सुदर्शन राणा और ब्रह्मा के पद पर आनन्द मणि सेमवाल सहित समिति के लोग साथ चल रहे हैं. मां काली की डोली अब केदारनाथ धाम की ओर बढ़ रही है और श्रद्धालुओं को उस खास क्षण का इंतजार है, जब बाबा केदार और मां काली का दिव्य मिलन होगा.
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