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SSSukant SoniFollow27 Aug 2024, 07:34 am
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कानपुर के कल्याणपुर में दीपावली स्नेह मिलन समारोह का भव्य आयोजन

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर कल्याणपुर में दीपावली स्नेह मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कल्याणपुर विधानसभा को परिवार मानकर आयोजन, आयोजक का कहा कि उन्होंने पूरे क्षेत्र को अपना परिवार माना है और परिवार के सदस्य के रूप में लगातार विभिन्न त्योहारों पर कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। पुरानी सनातन परंपरा की तर्ज पर कम्युनिटी सेंटर, आवास विकास में लोगों ने एक साथ मिलकर झांकियां देखीं, भजन सुने और आतिशबाजी का आनंद लिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों और क्षेत्रवासियों का स्वागत करते हुए दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं。
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श्रावस्ती में त्योहारों को लेकर पुलिस अलर्ट

SANTOSH KUMARSANTOSH KUMARFollow13m ago
Bhinga, Uttar Pradesh:यूपी के श्रावस्ती जिले में धनतेरस और दीपावली के त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए श्रावस्ती पुलिस अलर्ट मोड पर है। एसपी राहुल भाटी ने भिनगा में, जबकि एएसपी चंद्रकेश सिंह ने सिरसिया कस्बे में पुलिस बल के साथ पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों का भ्रमण कर व्यापारियों एवं आमजन से संवाद किया। त्योहारों के मद्देनजर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही पुलिसकर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती, नियमित गश्त और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की है।
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रीवा के पटाखा गोदाम: लाइसेंसिंग के बाद देर रात जांच, सवाल उठे

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा। रीवा शहर के चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत मैदानी में स्थित पटाखा गोदामों पर प्रशासन की टीम ने अचानक दबिश देकर जांच की। दरअसल, जिन स्थानों पर पटाखों का भंडारण किया जा रहा है, वहां घनी आबादी बसी हुई है। ऐसे में रिहायशी इलाके के बीच पटाखा गोदामों का संचालन सुरक्षा व्यवस्था और नियमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। बताया जा रहा है कि इसी आधार पर कलेक्टर ने पहले इन गोदामों के लाइसेंस देने से इनकार करते हुए लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। इसके बाद व्यापारियों ने कलेक्टर के फैसले के खिलाफ कमिश्नर के समक्ष अपील प्रस्तुत की और अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि उनके गोदाम निर्धारित नियमों के तहत संचालित हो रहे हैं तथा उन्हें लाइसेंस दिया जाना चाहिए। व्यापारियों की दलील सुनने के बाद कमिश्नर स्तर से उन्हें लाइसेंस देने की अनुमति मिल गई। गौरतलब है कि बीते दिनों पटाखा व्यापारी कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर लाइसेंस निरस्त होने की जानकारी दे चुके थे। व्यापारियों का कहना था कि यदि लाइसेंस नहीं मिला तो इस बार रीवा में दिवाली के दौरान आतिशबाजी और पटाखों की बिक्री प्रभावित होगी। इसके बाद 2 नवंबर को कमिश्नर स्तर से गोदाम खोलने की अनुमति मिलने की बात सामने आई और इसके ठीक दो दिन बाद प्रशासन की टीम अचानक देर रात गोदामों की जांच करने पहुंच गई। इस दौरान एसडीएम ने बताया कि टीम केवल जांच करने आई थी। निरीक्षण में कुछ कमियां मिली हैं, जिन्हें दूर करने के निर्देश व्यापारियों को दिए गए हैं। साथ ही हिदायत दी गई है कि भविष्य में ऐसी कमियां दोबारा न हों और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। लेकिन इस पूरी कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक व्यवस्था पर खड़ा हो रहा है कि जब कलेक्टर ने रिहायशी इलाके और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के आधार पर लाइसेंस निरस्त किया था, तो आखिर कमिश्नर ने किस आधार और किन परिस्थितियों में दोबारा लाइसेंस की अनुमति दे दी. क्या लाइसेंस देने से पहले मौके की स्थिति और आबादी की सघनता का दोबारा परीक्षण किया गया था. क्या व्यापारियों को अनुमति देने से पहले सुरक्षा के सभी मानकों की पुष्टि की गई. घनी आबादी के बीच पटाखों का भंडारण किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। ऐसे में केवल कमियां बताकर हिदायत देना पर्याप्त है या जिम्मेदार अधिकारियों को इस पूरे मामले में जवाबदेही भी तय करनी चाहिए. फिलहाल मैदानी के पटाखा गोदामों की जांच के बाद प्रशासनिक फैसलों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ सरायछोला में पुलिस-वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई

Morena, Madhya Pradesh:मूरेना चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ सरायछोला थाना पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की है। अभियान के दौरान बाबा देवपुरी मंदिर के आसपास अवैध रूप से भंडारित करीब 50 ट्रॉली रेत को जेसीबी की मदद से मिट्टी में मिलाकर नष्ट कर दिया गया। नष्ट की गई रेत की कीमत करीब 1 लाख 10 हजार रुपये बताई गई है। इतना ही नहीं, रेत माफियाओं के अवैध परिवहन के रास्तों को भी जेसीबी से गड्ढे खुदवाकर बंद कराया गया, ताकि इन रास्तों से रेत का अवैध कारोबार नहीं हो सके। कार्रवाई में पुलिस और वन विभाग के 24 अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि चंबल नदी क्षेत्र में अवैध उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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हरदा हत्याकांड और भ्रष्टाचार: कमल पटेल पर आरोपों की राजनीति तेज

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या मामले को लेकर हरदा की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पूर्व कृषिमंत्री कमल पटेल द्वारा हरदा विधायक और विधायक प्रतिनिधि पर हत्या में संलिप्तता तथा भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के बाद आज कांग्रेस ने पलटवार किया। विधायक डॉ. आरके दोगने और विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर कमल पटेल पर बहुचर्चित दुर्गेश जाट हत्याकांड में संलिप्तता के आरोप लगाए। साथ ही कमल पटेल की कथित बेनामी संपत्ति और भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग भी उठाई। दरअसल, खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या के मामले में हरदा जिले के निवासी कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल का नाम सामने आने के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बीते दिन पूर्व कृषिमंत्री कमल पटेल ने प्रेसवार्ता कर हरदा विधायक डॉ. आरके दोगने और हरदा जनपद पंचायत में विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल पर एक आदिवासी डंपर चालक की हत्या में संलिप्तता और जनपद पंचायत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इन आरोपों के जवाब में आज विधायक डॉ. आरके दोगने और विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल ने संयुक्त प्रेसवार्ता की। दोनों ने कमल पटेल द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूर्व कृषिमंत्री पर ही गंभीर सवाल खड़े किए। कांग्रेस नेताओं ने कमल पटेल पर बहुचर्चित दुर्गेश जाट हत्याकांड में संलिप्तता के आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग की। वहीं उन्होंने कमल पटेल पर विधायक और मंत्री रहते हुए भ्रष्टाचार के जरिए अकूत संपत्ति अर्जित करने का आरोप भी लगाया। प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वर्ष 1993 से पहले इंदौर में फुल्की और कचौड़ी का ठेला लगाने से लेकर वर्ष 2026 तक कमल पटेल द्वारा कथित तौर पर अर्जित की गई करोड़ों की संपत्ति की जांच होनी चाहिए। उन्होंने संपत्ति के स्रोतों और बेनामी संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। फिलहाल, दिलीप पुरी हत्याकांड से शुरू हुई यह राजनीतिक बयानबाजी अब एक-दूसरे पर हत्या और भ्रष्टाचार के आरोपों तक पहुंच गई है। दोनों पक्षों के आरोपों की सच्चाई जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी。
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नामांकन खारिज से खफा प्रत्याशी पानी की टंकी पर चढ़ा, नीचे उतरने से इनकार

खंडार विधानसभा क्षेत्र के फलौदी ग्राम पंचायत में सरपंच पद के दावेदार शंकर लाल मीणा ने नामांकन खारिज होने से आक्रोशित होकर पानी की टंकी पर चढ़ गए और नामांकन स्वीकार करने अथवा चुनाव स्थगित करने की मांग पर अड़ गए। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे। घटना की सूचना मिलने पर चौथ का बरवाड़ा तहसीलदार नीरज सिंह, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक कर्मी मौके पर पहुंचे; गांव के लोग भी मौके पर आकर जमा हो गए। प्रशासनिक अधिकारी टंकी पर चढ़े शंकर लाल मीणा से समझाइश कर उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटे हैं।
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राजस्थान हाई कोर्ट ने अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं के कदम लागू करवाने को कहा

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि प्रदेश के अस्पतालों की बुनियादी सुविधाओं को पूरा करने के लिए किए गए उपाय मात्र प्रशासनिक आश्वासनों तक सीमित न रहें, बल्कि इसे ठोस और प्रभावी रूप से लागू किया जाए। सीजे संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने यह आदेश असीम सिमलोट की ओर से दायर जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि मामले में राज्य सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई को देखते हुए अब इन जनहित याचिका को बंद किया जा रहा है, लेकिन इसमें शामिल मुद्दे के महत्व को देखते हुए राज्य सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह शेष कमियों को दूर करने के लिए निरंतर गंभीर व ठोस कोशिश करते रहेंगे। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि अस्पतालों में बुनियादी सुविधा और मानकों की पालना नहीं की जा रही है। इसके तहत भारतीय स्वास्थ्य मानक बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स और फायर सुरक्षा मापदंड शामिल हैं। याचिका में कहा गया कि CA G की साल 2024 की रिपोर्ट में भी इस संबंध में स्पष्ट कमियां बताई गई हैं, लेकिन फिर भी राज्य सरकार की ओर से मामले में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा। इसके चलते सरकारी दवाओं के सेवन से मौत और अस्पताल में आग लगने की घटनाएं हुईं। इसके अलावा अस्पतालों में चिकित्सीय लापरवाही के पीड़ितों के लिए एक समान मुआवजा नीति नहीं होने से प्रभावितों के साथ असमान व्यवहार होता है। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने स्वयं SMS अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया था जिसमें टूटी छत सहित अन्य मूलभूत कमियां मिलीं। जिससे साबित है कि अस्पताल में सुरक्षा मानकों सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को पूरा नहीं किया जा रहा है। जिसके जवाब में राज्य सरकार की ओर से मामले में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी गई। जिससे संतुष्ट होते हुए खंडपीठ ने जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया है।
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राजस्थान हाईकोर्ट: 10 साल से अधिक सेवा पशु चिकित्सा अधिकारी नियमित; विभाग की अपील खारिज

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने पशुपालन विभाग द्वारा दायर एक विशेष अपील को खारिज करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों ने शुरुआती नियुक्तियों में तकनीकी या प्रक्रियागत कमियों के बावजूद 10 साल या उससे अधिक की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, वे नियमितीकरण के हकदार हैं। मामला डॉ. रमाकांत सोनी और अन्य पशु चिकित्सा अधिकारियों से जुड़ा है, जिन्हें वर्ष 2013 में विज्ञापित पदों के तहत चयन प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्त किया गया था। हालांकि, विभाग ने लगभग तीन साल बाद उनकी सेवाएं अचानक समाप्त कर दी थीं। इसके खिलाफ कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिकाए पेश की, जहां से उन्हें राहत मिली और वे लगातार अपनी सेवाएं देते रहे। एकल पीठ ने 28 नवंबर 2025 को याचिका को स्वीकार करते हुए उनकी सेवाएं नियमित करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार की ओर से अपील में तर्क दिया गया कि चूंकि ये नियुक्तियां 'उमा देवी' मामले के दिशा-निर्देशों के तहत नियमित नहीं थीं और कर्मचारी अदालती आदेशों के सहारे सेवा में बने रहे, इसलिए वे नियमितीकरण के पात्र नहीं हैं। वरिष्ठ न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर और न्यायाधीश चंद्र शेखर शर्मा की खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों जैसे 'जग्गो बनाम भारत संघ' और 'विनोद कुमार' मामला का हवाला देते हुए सरकार के तर्कों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि केवल 'अस्थायी' या 'तदर्थ' जैसे शुरुआती शब्दों के आधार पर लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के अधिकारों को छीना नहीं जा सकता। कोर्ट ने माना कि बार-बार सेवाएं समाप्त करना कर्मचारियों को नियमितीकरण के लाभ से वंचित करने का एक तरीका मात्र है। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने देशनोक नगर पालिका के निलंबन पर रोक लगाई

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस कुलदीप माथुर की बेंच ने लिडिंग फायर मेन के निलम्बन आदेश पर रोक लगाते हुए स्वायत्त शासन विभाग व अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका देशनोक बीकानेर को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। अधिवक्ता प्रमेन्द्र बोहरा ने बताया कि याचिकाकर्ता सुरेन्द्रसिंह जो वर्तमान में नगर पालिका देशनोक में लिडिंग फायर मैन के पद पर कार्यरत है। उसकी नियुक्ति मंडल देशनोक के द्वारा दिनांक 25 फरवरी 2014 को हुई थी। दो साल के परिवीक्षाकाल के बाद स्थाई किया गया। 05 जुलाई 2019 के आदेश से टिण्डल के पद पर पदोन्नति प्रदान की गयी। पदोन्नति तथा उसकी नियुक्ति नगर पालिका के आमसभा में प्रस्ताव पारित होने के पश्चात ही की गयी थी। अधिशाषी अधिकारी देशनोक ने 23 सितम्बर 2026 के आदेश से उसको राजस्थान असैनिक सेवा नियम 1958 के नियम 13 के तहत निलम्बित कर दिया। अधिवक्ता बोहरा ने कहा कि याची का निलम्बन असक्षम अधिकारी द्वारा किया गया है। कोर्ट ने निलम्बन आदेश पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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धौलपुर में पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस अलर्ट, मतदान केंद्रों पर सुरक्षा अभियान तेज

Dholpur, Rajasthan:पंचायतीराज चुनाव को लेकर धौलपुर पुलिस अलर्ट, गांव-गांव किया फ्लैग मार्च धौलपुर। जिले में पंचायत राज चुनाव के पहले चरण को लेकर पुलिस पूरी तरह ALERT मोड पर है। 5 नवंबर को धौलपुर, बाड़ी और सैंपऊ पंचायत समितियों में होने वाले सरपंच और वार्ड पंच चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस ने व्यापक बंदोबस्त किए हैं। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में जिले भर के ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा पैदल फ्लैग मार्च कर मतदाताओं को सुरक्षा का भरोसा दिलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और एडीएफ बाड़ी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रवण कुमार झोरड़ के सुपरविजन में सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमें गांव-गांव पहुंच रही हैं। पुलिस जवानों ने गांवों की गलियों, चौपालों और बाजारों में पैदल गश्त कर लोगों से संवाद किया। इस दौरान लोगों को समझाया गया कि वे बिना किसी डर, दबाव या लालच के अपने मताधिकार का प्रयोग करें। पुलिस का उद्देश्य मतदाताओं में विश्वास पैदा करना है ताकि मतदान प्रतिशत बढ़े और चुनाव शांतिपूर्ण रहे। पुलिस टीमों द्वारा विशेष रूप से संवेदनशील मतदान केंद्रों और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मतदान केंद्रों और उसके आसपास के इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान गड़बड़ी फैलाने, मतदाताओं को धमकाने या शराब, पैसे बांटने जैसे कृत्यों में लिप्त पाए जाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों पर पुलिस की पैनी नजर है और उनके खिलाफ पहले से ही निरोधात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने आमजन से अपील की है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन, अफवाह या दबाव में न आएं। मतदान के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें। यदि कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि, अवैध शराब, नकदी वितरण या चुनावी गड़बड़ी दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। पुलिस ने बताया कि चुनाव के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रत्येक मतदान केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। मोबाइल पार्टियां लगातार क्षेत्र में भ्रमण करती रहेंगी। धौलपुर पुलिस निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान के लिए प्रतिबद्ध है बाइट 1 विकास सांगवान एसपी धौलपुर
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जौनपुर में डीआईजी वैभव कृष्ण का पैदल मार्च, त्योहारों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी

Jaunpur, Uttar Pradesh:त्योहारों को लेकर अलर्ट मोड में पुलिस, डीआईजी वैभव कृष्ण ने जौनपुर में किया पैदल मार्च बाजारों में पहुंचकर व्यापारियों से लिया सुरक्षा का फीडबैक, पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के दिए निर्देश जौनपुर। आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जौनपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में बुधवार को डीआईजी वैभव कृष्ण ने पुलिस अधिकारियों और भारी पुलिस बल के साथ नगर क्षेत्र में पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। डीआईजी के नेतृत्व में निकला यह मार्च सद्भावना पुल से शुरू होकर चहारसू चौराहा, हनुमान घाट सहित शहर के प्रमुख मार्गों और व्यस्त बाजारों से होकर गुजरा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बाजारों में पहुंचकर स्वर्णकारों समेत विभिन्न व्यापारियों से सीधा संवाद किया। उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं, समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। पैदल मार्च में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डॉ. यशवीर सिंह, एसपी सिटी अनंत चंद्रशेखर, सीओ सिटी सम्यक चौधरी समेत विभिन्न थानों के प्रभारी और पुलिसकर्मी शामिल रहे। इस अवसर पर डीआईजी वैभव कृष्ण ने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। असामाजिक तत्वों और आपराधिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों को पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने तथा संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों की इस कवायद का उद्देश्य आम नागरिकों और व्यापारियों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना है। भारी पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों में हुए पैदल मार्च से पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाईट वैभव कृष्ण डीआईजी
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