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Dewas455001

जामनेर नदी पार कर स्कूल जाते छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल

Aug 01, 2024 12:05:51
Dewas, Madhya Pradesh

खातेगांव के जियागांव और पुरानी गाँव के बीच बहने वाली जामनेर नदी को पार कर छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते हैं। तेज बारिश के बाद नदी में पानी बढ़ जाता है जिससे रपटे पर पैर फिसलने और बहने का डर रहता है। यूथ कांग्रेस नेता ने इस स्थिति को चिंताजनक बताते हुए प्रशासन से सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।

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KCKULDEEP CHAUHAN
Mar 06, 2026 14:17:14
Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत में रमजान के महीने में नमाज पढ़ने जा रहे लोगों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। कोतवाली क्षेत्र के एक बाजार में दो पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। बताया जा रहा है कि नमाज के लिए जा रहे लोगों के बीच किसी गलत कमेंट को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। विवाद के दौरान सपा नेता सफीक सलमानी और एडवोकेट अलीम अख्तर के बीच भरे बाजार में जमकर हाथापाई हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह दोनों पक्षों को अलग कराया, लेकिन इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है और तहरीर मिलने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना बागपत कोतवाली क्षेत्र की बताई गई है फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल के बाद कार्रवाई की बात कह रही है लेकिन जिस तरीके से मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है कहीं ना कहीं लोगों और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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NTNagendra Tripathi
Mar 06, 2026 14:16:47
Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में रफ्तार और लापरवाही का खौफनाक चेहरा सामने आया है जहां एक बेकाबू फॉर्च्यूनर ने होली की रात में दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। होली की देर रात शाहपुर थाना क्षेत्र के कौवाबाग-मोहद्दीपुर ओवरब्रिज पर रॉन्ग साइड से आ रही तेज रफ्तार ब्लैक फॉर्च्यूनर ने कई वाहनों को उड़ा दिया था। होली की देर रात को हुए इस भीषण सड़क हादसे में मौके पर ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज के MBBS छात्र रहे आकाश पांडेय की मौत हो गई उसी हादसे में घायल हुए एक अन्य स्कूटी सवार और शहर के जाने-माने नेत्र रोग विशेषज्ञ के भाई उमेश शर्मा की भी मौत हो गई है। इस तरह से इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर अब दो हो गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज में शोक की लहर है। मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों ने शांति पाठ कर अपने साथी को श्रद्धांजलि दी और आरोपी गोल्डेन साहनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उमेश शर्मा होली पर शाहपुर स्थित अपनी बहन के घर गए थे और रात लगभग साढ़े नौ बजे स्कूटी से वापस लौट रहे थे। वे कौवाबाग–मोहद्दीपुर ओवरब्रिज के पास पहुंचे तभी रॉन्ग साइड से आ रही तेज रफ्तार ब्लैक फॉर्च्यूनर ने उनकी स्कूटी को टक्कर दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उमेश शर्मा ओवरब्रिज की रेलिंग से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया जहां वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया लेकिन देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के MBBS तृतीय वर्ष के छात्र आकाश पांडेय की मौके पर मौत हो गई थी। उन्होंने होली के दिन अपने दोस्त के घर से खाना खाकर हॉस्टल लौट रहे थे। तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने उनकी स्कूटी को टक्कर दी, वह करीब 15 मीटर दूर रेलिंग से टकराकर लहूलुहान हो गए और लटक गए। हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज में गम का माहौल है। मेडिकल छात्र और इंटर्न कुछ समय के लिए ओपीD सेवा रोककर श्रद्धांजलि सभा में हिस्सा लेने लगे। आरोपी गोल्डेन साहनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। वीडियो में आरोपी पुलिस कस्टडी में भी बेखौफ अंदाज में चलता दिख रहा है। सोशल मीडिया पर उसका एक और वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक युवती पर छेड़खानी का आरोप लगता है। ऑनलाइन रिकॉर्ड के मुताबिक कार नंबर UP32LR0013 पर 35 चालान दर्ज हैं; 23 पेड चालक, 12 अनपेड; हालांकि पुलिस 27 चालान कह रहा है। होली के दिन हुआ यह हाद्सा अब दो परिवारों के लिए जख्म बन गया है।
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KSKartar Singh Rajput
Mar 06, 2026 14:15:15
Morena, Madhya Pradesh:मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई और कीमतों को लेकर लोगों के मन में चिंता बढ़ती जा रही है। लोगों को अंदेशा है कि अगर युद्ध लंबा चला या हालात और बिगड़े, तो कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है, जिसका सीधा असर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर देखने को मिल सकता है। इसी आशंका के चलते कई जगहों पर लोग अभी से पेट्रोल और डीजल का स्टॉक करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पेट्रोल पंपों पर कुछ जगहों पर गाड़ियों की लंबी कतारें भी देखने को मिल रही हैं। लोग अपने वाहनों के टैंक फुल करवा रहे हैं, ताकि अगर आने वाले दिनों में कीमतें बढ़ती हैं या सप्लाई प्रभावित होती है, तो उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि फिलहाल सरकार और तेल कंपनियों की ओर से सप्लाई में किसी तरह की कमी की बात सामने नहीं आई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। ऐसे में लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि मिडिल ईस्ट में चल रहा यह युद्ध आने वाले दिनों में भारत के तेल बाजार और आम लोगों की जेब पर कितना असर डालता है।
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SPSatya Prakash
Mar 06, 2026 14:07:08
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KKKRISNDEV KUMAR
Mar 06, 2026 14:06:47
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RKRupesh Kumar
Mar 06, 2026 14:06:39
Betul, Madhya Pradesh:छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा के सोनपुर गांव से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक मंदिर पर हरा झंडा फहराने और मंदिर के अंदर प्रतिमाओं पर हरे रंग का कपड़ा डालने की घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह जब ग्रामीण मंदिर के पास से गुजर रहे थे तो मंदिर के गेट पर लगा हरा झंडा देखकर रुक गए। जब अंदर जाकर देखा तो कुछ प्रतिमाओं के ऊपर भी हरा कपड़ा डाला हुआ था। यह नजारा देखते ही गांव में चर्चा और आक्रोश फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही अमरवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को तुरंत नियंत्रण में लिया। इस दौरान गांव में बड़ी संख्या में लोग भी जमा हो गए थे, लेकिन पुलिस ने समझाइश देकर स्थिति को शांत कर दिया। संभावित सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने लाइन बल के साथ आसपास के थानों की पुलिस को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल पुलिस मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि इस पूरी घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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VAVishnupriya Arora
Mar 06, 2026 14:05:56
Noida, Uttar Pradesh:
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SGSANJEEV GIRI
Mar 06, 2026 14:05:51
Latehar, Jharkhand:एंकर : - लातेहार बिपुल गुप्ता ने रचा इतिहास यूपीएससी में 103वीं रैंक के साथ बने आइएएस, चटकपुर में दीवाली जैसा माहौल प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती, इसे सच कर दिखाया है । प्रखंड अंतर्गत छोटे से गांव चटकपुर के होनहार पुत्र बिपुल गुप्ता ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा के ताजा परिणाम में बिपुल गुप्ता ने देशभर में 103वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। जैसे ही सफलता की खबर गांव पहुंची, चटकपुर और आसपास के इलाकों में लोगों ने मिठाइयां बांटकर और पटाखे फोड़कर खुशियां मनाईं। संघर्ष, धैर्य और निरंतर प्रयास की मिसाल बिपुल गुप्ता की सफलता का सफर संघर्ष, धैर्य और निरंतर प्रयास की प्रेरक कहानी है। यह उनका तीसरा प्रयास था, जिसमें उन्होंने अपने आईएएस बनने के सपने को साकार किया। पिछले वर्ष भी उन्होंने यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन 368वीं रैंक आने के कारण वे आईएएस सेवा से कुछ अंकों से चूक गए थे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत जारी रखी। उसी वर्ष उन्होंने भारतीय वन सेवा की परीक्षा में पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्तमान में वे वन सेवा अधिकारी के रूप में कार्यरत थे, लेकिन उनका अंतिम लक्ष्य प्रशासनिक सेवा के माध्यम से सीधे समाज और लोगों की सेवा करना था। इसी संकल्प और मेहनत के बल पर उन्होंने पुनः यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार 103वीं रैंक हासिल कर अपने सपने को साकार कर दिखाया । बिपुल गुप्ता एक शिक्षित और अनुशासित परिवार से आते हैं, जिन्होंने उनकी सफलता की मजबूत नींव रखी। उनके पिता पवन कुमार गुप्ता एक इंजीनियर हैं और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम (विजाग) स्थित एक औद्योगिक प्लांट में कार्यरत हैं। उनकी माता डॉ. दीपा गुप्ता एक प्रोफेसर होने के साथ-साथ प्रतिष्ठित कवयित्री भी हैं। छोटा बीपीसीएल मे कार्यरत है। बिपुल ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा और 10वीं-12वीं की पढ़ाई विशाखापत्तनम से पूरी की। इसके बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी मद्रास (चेन्नई) से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। उनके छोटे भाई भी वर्तमान में चेन्नई से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। बिपुल की सफलता की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव चटकपुर में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके दादा जयप्रकाश गुप्ता और दादी यशोदा देवी की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजन लक्ष्मी प्रसाद, संदीप गुप्ता, शत्रुध्न प्रसाद और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और पटाखे फोड़कर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया। बिपुल के माता-पिता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके बेटे ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि साबित करती है कि छोटे गांवों के बच्चों में भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की क्षमता होती है। बिपुल गुप्ता की यह उपलब्धि लातेहार जिले समेत पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी सफलता ने यह संदेश दिया है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। चटकपुर के इस होनहार बेटे ने आज न केवल अपने गांव और जिले का, बल्कि पूरे राज्य का नाम देशभर में रोशन कर दिया है।
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ANAJAY NATH
Mar 06, 2026 14:05:34
Sambalpur, Odisha:ବିଜେପି السيرକାର ର ନୂଆ SOP ଆସିବା ପରେ ବର୍ଜ୍ୟ ପାଉଁଶ ପ୍ରଦୂଷଣ ପଶ୍ଚିମ ଓଡ଼ିଶାକୁ ପରିବେଶගତ ସଙ୍କଟ ଅଞ୍ଚଳରେ ପରିଣତ କରୁଛି ବୋଲି ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି ପୂର୍ବତନ ମନ୍ତ୍ରୀ ତଥା ସମ୍ବଲପୁର ଜିଲ୍ଲା ବିଜେଡି ସଭାପତି ଇଂ ରୋହିତ ପୂଜାରୀ। ଆଜି ଆହୁତ ସାମ୍ବାଦିକ ସମ୍ମିଳନୀ ରେ ଇଂ ପୂଜାରୀ କହିଛନ୍ତି ଯେ ଓଡ଼ିଶାରେ ରହିଥିବା ତାପଜ ବିଦ୍ୟୁତ୍ କେନ୍ଦ୍ରଗୁଡ଼ିକ ର ମୋଟ ବିଜୁଳି ଉତ୍ପାଦନ କ୍ଷମତା ପ୍ରାୟ ୧୧,୫୦୦ ରୁ ୧୨,୦୦୦ ମେଗାୱାଟ୍, ଯାହା ମଧ୍ୟରୁ ପ୍ରାୟ ୭୦-୭୫% (ପ୍ରାୟ ୮,୮୦୦ ରୁ ୯,୦୦୦ ମେଗାୱାଟ୍) ଝାରସୁଗୁଡ଼ା, ସମ୍ବଲପୁର ଏବଂ ସୁନ୍ଦରଗଡ଼ ଜିଲ୍ଲାରେ ଅବସ୍ଥିତ। ତଥାପି, ଓଡ଼ିଶାର ପ୍ରକୃତ ବିଦ୍ୟୁତ୍ ଆବଶ୍ୟକତା ହେଉଛି କେବଳ ୬,୬୦୦ ରୁ ୭,୦୦୦ ମେଗାୱାଟ୍, ଯାହା ଏତେ ପରିମାଣର ଅତିରିକ୍ତ ବିଦ୍ୟୁତ୍ ଉତ୍ପାଦନର ଆବଶ୍ୟକତା ଉପରେ ଗମ୍ଭୀର ପ୍ରଶ୍ନ ସୃଷ୍ଟି କରୁଛି। ଏହି ਤୀନੋଟି ଜିଲ୍ଲାରେ ତାପଜ ବିଦ୍ୟୁତ କେନ୍ଦ୍ରଗୁଡ଼ିକରେ ପ୍ରତିବର୍ଷ ପ୍ରାୟ ୧୪ ਤੋਂ ୧୬ ନିୟୁତ ଟନ୍ ବର୍ଜ୍ୟ ପାଁଶ ବାହାରୁଛି। ସେ ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି ଯେ ସରକାରଙ୍କ ପାଖରେ ବର୍ତ୍ତମାନ ନିର୍ଦ୍ଧାରିତ ମାନକ କାର୍ଯ୍ୟ ପ୍ରଣାଳୀ (SOP) ଅନୁଯାୟୀ ଏତେ ପରିମାଣର ପାଉଁଶ ନିଷ୍କାସନ ପାଇଁ ପର୍ଯ୍ୟାପ୍ତ ଜମି କିମ୍ବା ଭିତ୍ତିଭୂମି ନାହିଁ। ସେ ଆହୁରି ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି ଯେ ବର୍ତ୍ତମାନର ବ୍ୟବସ୍ଥା ପରୋକ୍ଷ ଭାବରେ ପାଉଁଶ ମାଫିଆ ମାନଙ୍କୁ ଲାଭ ଦେଉଛି, ଯେଉଁମାନେ SOP ବ୍ୟବସ୍ଥାର ଅପବ୍ୟବହାର କରୁଛନ୍ତି। ଅନେକ କ୍ଷେତ୍ରରେ, ଗୋଟିଏ ନିର୍ଦ୍ଦିଷ୍ଟ ସ୍ଥାନ ପାଇଁ ଅନୁମତି ମିଳିଥାଏ, କିନ୍ତୁ କୃଷି ଜମି, ଜଙ୍ଗଲ ଜମି, ପୋଖରୀ, ନଦୀ, ଆବାସିକ ଅଞ୍ଚଳ ଏବଂ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ପରିବେଶ ଗତ ସମ୍ବେଦନଶୀଳ ସ୍ଥାନ ସମେତ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ସ୍ଥାନରେ ପାଉଁଶ ବେଆଇନ ଭାବରେ ପକାଯାଉଛି। ଏହା ସହ ହୀରାକୁଦ ଜଳଭଣ୍ଡାର ଏବଂ ବିଭିନ୍ନ ନଦୀ ମାନଙ୍କର ଯାହାକି ପ୍ରତିବନ୍ଧିତ କ୍ଷେତ୍ର, ସେଠାରେ ମଧ୍ୟ ବେଆଇନ ଭାବରେ ଆସ୍ ଡମ୍ପିଁଙ୍କ ପକାଯାଉଛି ଏହି ତାପଜ ବିଦ୍ୟୁତ କେନ୍ଦ୍ର ଗୁଡ଼ିକ। ସେଥିପାଇଁ ରୋହିତ ଦାବି କରିଛନ୍ତି ଯେ କଠୋର ଉତ୍ତର ଦାୟିତ୍ୱ ସ୍ଥିର ନହେବା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଏହି ସମସ୍ୟାର ସମାଧାନ କରାଯାଇପାରିବ ନାହିଁ, Абଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି କର୍ତ୍ତୃପକ୍ଷ, ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ଏବଂ ସରକାରୀ ଦଳର ନେତାମାନେ ଏଭଳି ଅନୈତିକ କାର୍ଯ୍ୟ ଜାରି ରହୁଥିବାରୁ ସାମୂହିକ ଭାବରେ ଦାୟୀ।ଜରୁରୀ ସଂଶୋଧନମୂଳକ ପଦକ୍ଷେପ ଦାବି କରି, ସେ କହିଛନ୍ତି ଯେ ବର୍ଜ୍ୟ ପାଉଁଶ ନିଷ୍କାସନ ପାଇଁ ବର୍ତ୍ତମାନର SOP କୁ ତୁରନ୍ତ ବାତିଲ କରାଯିବା ଉଚିତ, ଏବଂ ସରକାର ବୈଜ୍ଞାନିକ ପାଉଁଶ ପରିଚାଳନା ପାଇଁ ଏକ ବ୍ୟାପକ ଏବଂ ସ୍ୱଚ୍ଛ ରୋଡମ୍ୟାପ୍ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରାଯାଉ।ରାଜ୍ୟର ବିଜୁଳି ଆବଶ୍ୟକତା ଏହାର ଉତ୍ପାଦନ କ୍ଷମତା ଠାରୁ ଯଥେଷ୍ଟ କମ୍ ଥିବାବେଳେ ତାପଜ ବିଦ୍ୟୁତ ଉତ୍ପାଦନକୁ ବୃଦ୍ଧି କରିବା ଜାରି ରଖିବାର ଯୁକ୍ତି ଉପରେ ମଧ୍ୟ ସେ ପ୍ରଶ୍ନ ଉଠାଇଛନ୍ତି।ଯେତେବେଳେ ଓଡ଼ିଶାର ଆବଶ୍ୟକତା କେବଳ ପ୍ରାୟ ୬,୦୦୦-୭,୦୦୦ ମେଗାୱାଟ, ଆମେ ଆମର ପରିବେଶ ଏବଂ ଜନସାଧ୍ୟକୁ ବାଜି ଲଗାଇ କାହିଁକି ଅତିରିକ୍ତ ବିଦ୍ୟୁତ୍ ଉତ୍ପାଦନ ଜାରି ରଖିବା?ଏହାସହ ଓଡ଼ିଶାରୁ ବିଜୁଳି ନେଇ ତାମିଲନାଡୁ ୧୦୦ Yunuṭ, ଦିଲ୍ଲୀ ୨୦୰ୟୁନିଟ୍ , ପଞ୍ଜାବ ୩୪୦unit, ବର୍ତ୍ତମାନ ବିହାର ମଧ୍ୟ ୧୨୫ unit, ବିଜୁଳି ମାଗଣା ଏବଂ ସବସିଡି ରେ ନିଜର ଜନସାଧାରଣଙ୍କୁ ବିଜୁଳି ପ୍ରଦାନ କରିପାରୁଥିବା ବେଳେ ଓଡ଼ିଶାର ଜନସାଧାରଣ ଏହି ତାପଜ ବିଦ୍ୟୁତ ପ୍ରକଳ୍ପ ମାନଙ୍କ ଦ୍ଵାରା ପ୍ରଭାବିତ ହେଉଥିବା ସତ୍ତେ, ଓଡ଼ିଶାରେ ଆବଶ୍ୟକତା ଠାରୁ ଅଧିକ ଉତ୍ପାଦନ ହେଉଥିବା ବେଳେ କାହିଁକି ସବସଡି କିମ୍ବା ମାଗଣା ବିଜୁଳି ପାଇବାରୁ ଓଡ଼ିଶାର ଜନସାଧାରଣ ବଞ୍ଚିତ ହେଉଛନ୍ତି ରୋହିତ । ଇଂ ପୂଜାରୀ ଏହା ମଧ୍ୟ ଦର୍ଶାଇଛନ୍ତି ଯେ ବିଶ୍ୱର ଉଷ୍ମତା ଏବଂ ପରିବେଶ ପହୁଳ ଭାବରେ ପ୍ରଭାବିତ ହେଉଥିବାରୁ, ଜାତି ସଂଘ ସଂଗ ର ସମସ୍ତ ଦେଶ ମାନଙ୍କୁ ନିର୍ଦ୍ଦେଶିକା ଜାରି କରି କହିଛନ୍ତି ଯେ ତାପଜ ବିଦ୍ୟୁତ୍ କେନ୍ଦ୍ର ଗୁଡିକୁ ବନ୍ଦ କରାଯାଉ। ଆମେରିକା ଏବଂ ୟୁକେ ଭଳି ଅନେକ ବିକଶିତ ଦେଶ ନିଜର ତାପଜ ବିଦ୍ୟୁତ୍ କେନ୍ଦ୍ରଗୁଡ଼ିକୁ ବନ୍ଦ କରି ସ୍ୱଚ୍ଛ ଶକ୍ତି ଉତ୍ସ ଆଡକୁ ମୁହାଁଇଛନ୍ତି। ଅନ୍ୟପକ୍ଷେ, ପଶ୍ଚିମ ଓଡ଼ିଶା ପ୍ରଦୂଷଣକାରୀ ତାପଜ ଶିଳ୍ପର ଏକ କେନ୍ଦ୍ରରେ ପରିଣତ ହେଉଛି।se ସତର୍କ କରାଇ କହିଛନ୍ତି ଯେ ଏହି ଜିଲ୍ଲା ମାନଙ୍କରେ ତଥା ପଡୋଷୀ ଜିଲ୍ଲା ମାନଙ୍କରେ ରହୁଥିବା ଜନସାଧାରଣ ମାନେ ଏହି ବର୍ଜ୍ୟ ପାଉଁଶ ପ୍ରଦୂଷଣ ଯୋଗୁଁ ଅନେକ କଷ୍ଟ ପାଉଛନ୍ତି, ପାଉଁଶ କଣିକା ଘରେ ପ୍ରବେଶ କରି ଜନସାଧାରଣଙ୍କ ଦୈନନ୍ଦିନ ଜୀବନକୁ ପ୍ରଭାବିତ କରୁଛି। ଏହାର ଜିଲ୍ଲାଗୁଡ଼ିକରେ ଅବନତିଶୀଳ ବାୟୁ ଗୁଣବତ୍ତା ସୂଚକାଙ୍କ (AQI) ଏକ ଗୁରୁତର ଜନସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ଚିନ୍ତାର ବିଷୟ ପାଲଟିଛି, ବିଶେଷକରି ଛୋଟ ପିଲାମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଏବଂ ଏହାଦ୍ଵାରା ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରକାର ରୋଗରେ ମଧ୍ୟ ଆକ୍ରାନ୍ତ ହେଉଛନ୍ତି। ପୂର୍ବ ଵିଜେଡି ଶାସିତ ରାଜ୍ୟ ସରକାରଙ୍କ ପଦକ୍ଷେପକୁ ulଲ୍ଲେଖ କରି ইଂ ପୂଜାରୀ କହିଛନ୍ତି ଯେ ନବୀକରଣୀୟ ଶକ୍ତି ଉତ୍ସ ମାଧ୍ୟମରେ ପ୍ରାୟ ୧୦,୦୦୦ ମେଗାୱାଟ ବିଦ୍ୟୁତ୍ ଉତ୍ପାଦନ କରିବା ପାଇଁ ଏକ ରୋଡମ୍ୟାପ୍ ପୂର୍ବରୁ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରାଯାଇଥିଲା, ଯାହାକୁ ବର୍ତ୍ତମାନ ପ୍ରାଥମିକତା ଦିଆଯିବା ଉଚିତ। ସେ ସରକାରଙ୍କ ସମ୍ମୁଖରେ ନିମ୍ନଲିଖିତ ପ୍ରମୁଖ ଦାବିଗୁଡ଼ିକ ରଖିଥିଲେ|ବର୍ଜ୍ୟ ପାଉଁଶ ନିଷ୍କାସନ ପାଇଁ ବର୍ତ୍ତମାନର SOP କୁ ତୁରନ୍ତ ବାତିଲ କରାଯାଇ ଏକ ନୂତନ ବୈଜ୍ଞାନିକ ରୋଡ ମ୍ୟାପ୍ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରାଯାଉ।ତାପଜ ବିଦ୍ୟୁତ କେନ୍ଦ୍ର ମାନଙ୍କ ESP ଏବଂ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ଯେଉଁ ଯନ୍ତ୍ରପାତି ମାନ ରହିଛି ତାହା ଠିକ୍ ଭାବରେ ଚଳୁଛି ନା ନାହିଁ ତାକୁ କଡ଼ା ନଜର ରଖାଯାଉ।ଉପବ୍ୟବସ୍ଥା ପାଇଁ ଝାଡା କୌଣସି ବିଦ୍ୟମାନ ତାପଜ ବିଦ୍ୟୁତ କେନ୍ଦ୍ରର ସମ୍ପ୍ରସାରଣ ପାଇଁ କୌଣସି ଅନୁମତି ଦିଆଯିବା ଉଚିତ ନୁହେଁ।ଏହି ଅଞ୍ଚଳରେ କୌଣସି ନୂତନ ତାପଜ ବିଦ୍ୟୁତ କେନ୍ଦ୍ରକୁ ଅନୁମୋଦନ କରାଯିବା କଷ୍ଟ ନୁହେଁ।ନିର୍ମାଣଧୀନ NLC ତାପଜ ବିଦ୍ୟୁତ ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ତୁରନ୍ତ ବନ୍ଦ କରାଯିବା ଉଚିତ।ବିଦ୍ୟମାନ ତାପଜ ବିଦ୍ୟୁତ କେନ୍ଦ୍ରଗୁଡ଼ିକୁ ଧୀରେ ଧୀରେ ବନ୍ଦ କରିବା ଏବଂ ନବୀକରଣୀୟ ଶକ୍ତି ଆଡକୁ ସ୍ଥାନାନ୍ତର କରିବା ପାଇଁ ଏକ ପର୍ଯ୍ୟାୟବଦ୍ଧ ଯୋଜନା ପ୍ରସ୍ତୁତ କରାଯିବା ଉଚିତ।ଇଂ ପୂଜାରୀ ଚେତାବନୀ ଦେଇ କହିଛନ୍ତି ଯେ ଯଦି ବର୍ତ୍ତମାନ ନିର୍ଣ୍ଣାୟକ ପଦକ୍ଷେପ ଗ୍ରହଣ କରାନଯାଏ, ତେବେ ଭବିଷ୍ୟତରେ ପରିବେଶର ଅପୂରଣୀୟ କ୍ଷତି ଏବଂ ଭୟଙ୍କର ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ସଙ୍କଟ ଦେଖାଦେବ, ଯାହାର ମୂଲ୍ୟ ଜନସାଧାରଣଙ୍କୁ ଭୋଗିବାକୁ ପଡ଼ିବ। ଯଦି ଏଭଳି ଅବସ୍ଥା ଜାରି ରହେ, ତେବେ ଭବିଷ୍ୟତରେ ଏହି ଜିଲ୍ଲାଗୁଡ଼ିକର ଜନସାଧାରଣ ସୁରକ୍ଷିତ ଭାବରେ ବଞ୍ଚିପାରିବେ ନାହିଁ। ବହୁତ ବିଳମ୍ବ ହେବା ପୂର୍ବରୁ ସରକାର ଙ୍କୁ ଉଚିତ ପଦକ୍ଷେପ ନେବାକୁ ପଡିବ ବୋଲି କହିଛନ୍ତି ରୋହିତ । Bite - ରୋହିତ ପୂଜାରୀ,ପୂର୍ବତନ ମନ୍ତ୍ରୀ ତଥା ସଭାପତି ସମ୍ବଲପୁର ଜିଲ୍ଲା ବିଜେଡି
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