Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Damoh470661

दमोह जिला जेल में बंद भाइयों को बहनों ने बांधी राखी

Aug 20, 2024 10:04:48
Damoh, Madhya Pradesh

दमोह जिला जेल में रक्षाबंधन के दिन बहनों ने अपने बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। इस मौके पर बहनों की आंखों में आंसू थे, और जेल में बंद पिता को अपने बच्चों को देखकर भावुकता महसूस हुई। जेल प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की थीं और पांच बहनों को जेल में प्रवेश की अनुमति दी। बहनों ने भाइयों को गले लगाकर वादा लिया कि भविष्य में ऐसा कोई काम नहीं करेंगे कि उन्हें राखी बांधने जेल आना पड़े।

0
comment0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
RKRupesh Kumar
Feb 02, 2026 06:49:30
Betul, Madhya Pradesh:छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव से एक सनसनीखेज़ मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत और रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। यहां बदनामी के डर ने ससुराल पक्ष को अंधा कर दिया कि उन्होंने अपनी ही बहू और उसके परिवार को खत्म करने की खौफनाक साजिश रच डाली। पुलिस के मुताबिक बहू खुशबू कथूरिया से जुड़ी कथित बदनामी को लेकर ससुर झाड़ू कसार, देवर शुभम कसार और ननद शिवानी कसार ने मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोपियों ने महंगी मिठाई में घोड़ों को खिलाई जाने वाली ज़हरीली दवा सोमल मिलाया और धोखे से यह मिठाई खुशबू के मायके पक्ष को खिला दी। अत्यधिक मात्रा में आर्सेनिक मिली इस जहरीली मिठाई को खाने से बहु खुशबू सहित तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। शुरुआत में मामला संदिग्ध बना रहा, लेकिन पुलिस की गहन जांच और खाद्य एवं औषधि विभाग की रिपोर्ट ने पूरे सच से पर्दा उठा दिया। रिपोर्ट में मिठाई में आर्सेनिक की अत्यधिक मात्रा पाए जाने की पुष्टि हुई। सबूतों के आधार पर पुलिस ने ससुर, देवर और ननद को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। इस अंधे हत्याकांड का खुलासा पूरे 24 दिन बाद हो सका। पुलिस के अनुसार खुशबू कथूरिया का विवाह एक वर्ष पहले जुन्नारदेव के थावड़ीकला में हुआ था। वह एक माह पहले ससुराल से मायके आ गई थी और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगा रही थी। खुशबू ने अपने ससुर पर छेड़छाड़ जैसे संगीन आरोप भी लगाए थे। इन्हीं आरोपों और बदनामी के डर से ससुराल पक्ष ने यह खौफनाक कदम उठाया। ज़हर मिली मिठाई खुशबू के पिता के चाय के ठेले पर रख दी गई थी, जहां से यह मौत का कारण बनी। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की जांच जारी है। जुन्नारदेव की इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
0
comment0
Report
DSDurag singh Rajpurohit
Feb 02, 2026 06:49:14
Barmer, Rajasthan:बाड़मेर | 2018 में मौत, 2026 में हमला , मृतका पर दर्ज FIR ने मचाया हड़कंप बाड़मेर जिले के चौहटन क्षेत्र अंतर्गत धनाऊ थाना एक ऐसे मामले को लेकर चर्चा में है, जिसने पुलिस प्रक्रिया और प्राथमिक जांच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव आलमसर में दो पक्षों के बीच जमीनी विवाद के दौरान लाठियां चलने की घटना के बाद जो FIR दर्ज की गई, उसमें वर्ष 2018 में मृत महिला को ही 2026 में हुए हमले का आरोपी बना दिया गया। FIR में दौली देवी पत्नी दूदाराम जाट का नाम लाठियों से हमला करने वाले आरोपियों में दर्ज है, जबकि दस्तावेजों और स्थानीय जानकारी के अनुसार उनकी मृत्यु आठ साल पहले (2018) हो चुकी है। यानी जिस व्यक्ति का अस्तित्व ही नहीं, उसी के नाम पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस तथ्य की पुष्टि खुद धनाऊ थाना SHO दीप सिंह ने की है। SHO ने स्वीकार किया कि मृतका के नाम पर FIR दर्ज हुई है, हालांकि उनका कहना है “प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है, जांच जारी है।” अब सवाल सीधा है FIR दर्ज करते समय आधारभूत सत्यापन क्यों नहीं हुआ? क्या यह लापरवाही है या जानबूझकर की गई चूक? क्या किसी को बचाने या किसी को फंसाने की साजिश है? मामला सिर्फ एक FIR का नहीं, बल्कि न्याय प्रक्रिया की विश्वसनीयता का है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है, तो यह प्रकरण संबंधित पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग करता है。 फिलहाल, सबकी निगाहें जांच पर टिकी हैं क्या मृतका को “कागजों में ज़िंदा” रखने वालों पर कार्रवाई होगी, या यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा? मृतका के रिश्तेदार तो कह रहे है कि मुकदमा स्वीकार लेकिन हमारी मृत रिश्तेदार को लाकर तो दो। सबसे बड़ा सवाल इन गंभीर धाराओं में 2018 में मृत महिला दौली देवी को, 2026 में हमला करने वाली आरोपी बना दिया गया यानी: ग़भीर हिंसा ,जातीय अपराध , जानलेवा धाराएं और आरोपी ऐसा व्यक्ति…जो 8 साल पहले मर चुका है FIR में दर्ज धाराएं व आरोप धारा 189(2) BNS 2023 डराने-धमकाने और दबाव बनाकर हमला करने का आरोप धारा 329(4) BNS 2023 लाठियों से गंभीर मारपीट का आरोप धारा 115(2) BNS 2023 जानबूझकर चोट पहुंचाने का आरोप धारा 3(1)(r) SC/ST Act सार्वजनिक रूप से अपमान करने का आरोप धारा 3(1)(s) SC/ST Act जातिसूचक गाली-गलौच का आरोप धारा 3(2)(va) SC/ST Act SC/ST व्यक्ति के खिलाफ अपराध करने का आरोप बाइट: परिजन
0
comment0
Report
CSCharan Singh
Feb 02, 2026 06:48:40
New Delhi, Delhi:द्वारका जिला पुलिस ने नशा तस्करी में लिप्त अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए डाबरी इलाके में एक ड्रग माफिया के अवैध निर्माण को ध्वस्त करवा दिया। यह कार्रवाई डाबरी थाना पुलिस द्वारा नगर निगम के सहयोग से की गई। पुलिस के अनुसार जेजे कॉलोनी, बिंदापुर स्थित पॉकेट-4 के मकान नंबर B-101 में किया गया निर्माण अवैध था, जो नशा और अवैध शराब तस्करी में संलिप्त आरोपित अल्का नागिया का बताया गया। सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण को जमींदोज कर दिया। आरोपित अल्का पर एक्साइज और NDPS एक्ट के तहत 28 से अधिक मामले दर्ज हैं। उसके पति और बच्चों पर भी नशा तस्करी व अन्य आपराधिक मामलों में कई मुकदमे दर्ज हैं।
0
comment0
Report
ACAshish Chauhan
Feb 02, 2026 06:46:56
Jaipur, Rajasthan:पेयजल बिलिंग प्रणाली सवालों में: ना वक्त पर बिल मिले-ना जमा हुए, नतीजा 818 करोड बकाया आशीष चौहान, जयपुर-राज्य में पेयजल बिलिंग प्रणाली सवालों के घेरे में है. ना बिल वक्त पर बंटे, ना राजस्व की वसूली हो पा रही. दो साल से करोड़ों का बकाया है. ऐसे में फील्ड इंजीनियर्स और संबंधित कंपनियां पर सवालिया निशान खड़े हो रहे है. ब जल के बकाया,कैसे वसूली होगी राजस्व की? राजस्थान में पानी की बिलिंग प्रणाली पूरी तरह से चरमरा गई है. क्यों कि ना तो वक्त पर उपभोक्ताओं तक बिल पहुंच पा रहे और ना ही उपभोक्ता वक्त पर बिल जमा करा रहे. जिस कारण दो साल से 818 करोड के पानी के बिलों का बकाया हो गया. 2024 का 307 करोड,2025 का 511 करोड के बिलों का भुगतान नहीं हो पाया. इन आकंडों के बाद फील्ड इंजीनियर और जिम्मेदार कंपनी सवालों के घेरे में है. PHED मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने इंजीनियर्स वसूली के लिए सख्त हिदायत दी है. इसके साथ साथ 6 महीने में पानी में बिल पहुंच रहे,ऐसे में उपभोक्ता कैसे पानी के बिल जमा करवाए? देरी से आने वाले बिलों पर भी पैनल्टी क्यों लगाई जा रही. उपभोक्ताओं को राहत दे, बिलों से पैनल्टी को हटाए जाए. 2 साल के पानी के बिलों का लेखा-जोखा- साल राजस्व प्राप्ति बकाया 2024 554 करोड 307 करोड 2025 426 करोड 511 करोड 50 प्रतिशत ही वसूली हुई- दो साल से 1800 करोड में से सिर्फ 980 करोड की ही Wसूली हो पाई,जिसमें 2024 में 554 करोड और 2025 में 426 करोड की ही राजस्व की प्राप्ति हुई है.जयपुर में सबसे ज्यादा 322 करोड के बिल बकाया चले है.जिसमें से सबसे ज्यादा जयपुर नार्थ 2 में 68 करोड और सबसे कम साउथ 1 में 27 करोड बकाया है.जयपुर में नॉर्थ सर्किल की जिम्मेदारी सुरेंद्र राठौड के पास है. उनके एरिए में 186 करोड का बकाया चल रहा है. जबकि जयपुर साउथ का काम अनिल शर्मा देख रहे है. उनके क्षेत्र में 135 करोड बकाया है.
0
comment0
Report
JKJitendra Kanwar
Feb 02, 2026 06:46:45
Chhattisgarh:सरकार की किसान-हितैषी नीतियों और सख्त प्रशासनिक निगरानी का असर जांजगीर-चांपा जिले में साफ तौर पर देखने को मिला है। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य पूरी तरह पारदर्शी, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ है। सरकारी निर्देशों के तहत 31 जनवरी तक जिले के 129 धान खरीदी केंद्रों में 1 लाख 17 हजार 751 किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचा। इस दौरान कुल 6 लाख 9 हजार 686 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है, जिसके एवज में किसानों को 189 करोड़ 2 लाख 84 हजार 600 रुपये की राशि का भुगतान किया गया। जिले के लगभग 94 प्रतिशत किसानों की सहभागिता सरकार पर किसानों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। वहीं दूसरी ओर, सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण और मिलिंग पर भी बड़ी कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने परिवहन एवं भंडारण में अनियमितताओं को लेकर 109 प्रकरण दर्ज किए, जिनमें 4,096.80 क्विंटल धान जब्त किया गया। इसके अलावा 10 बड़े वाहनों को जब्त किया गया और 5 मिलों पर भी प्रकरण बनाकर धान जप्त किया गया है। कुल मिलाकर, मिलों और अवैध भंडारण के मामलों को मिलाकर 114 प्रकरणों में 1 लाख 33 हजार 398 क्विंटल धान जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 41 करोड़ 35 लाख 35 हजार 40 रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई पूरे प्रदेश में जांजगीर-चांपा जिले की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
0
comment0
Report
HSHITESH SHARMA
Feb 02, 2026 06:46:15
Durg, Chhattisgarh:एंकर-दुर्ग से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है जहां सोशल मीडिया पर रील बनाने को लेकर पति और पत्नी के बीच जबरदस्त विवाद हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि 02 बच्चो की माँ ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली दरअसल अंजलि साव जो की भिलाई के छावनी में अपने पति पप्पू साव और 2 बच्चो के साथ रहती थी अंजलि इंस्टाग्राम पर बहुत सक्रिय थी और हमेशा रील और वीडियो बनाया करती थी लेकिन उसका यह शौक उसके पति को पसंद नहीं था इसी बात को लेकर अंजलि और उसके पति पप्पू के बीच हमेशा विवाद होता रहता था अंजलि और उसके पति पप्पू साव के दो बच्चे भी है वही पप्पू साव एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है पप्पू अंजलि को हमेशा इंस्टाग्राम से अपना अकाउंट डिलीट करने के साथ-साथ रील बनाने से रोका और मना किया करता था जिसके कारण पिछले कुछ महीनो से दोनों के बीच लगातार मारपीट भी होती थी इसी बीच सुबह पप्पू सुबह अपने काम पर चले गया और बच्चे और ट्यूशन चले गए लेकिन जब वे वापस घर लौटे तो देखा कि उनकी मां अंजलि की लाश पंखे से लटक रही है जिसके बाद बच्चों ने फौरन इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी आसपास के लोगों ने छावनी पुलिस को इसकी सूचना दी मौके पर पुलिस पहुंची और उसके शव को नीचे उतार कर मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तो वहीं अब पुलिस उसके पति पप्पू साव से पूछताछ करने के साथ-साथ मोहल्ले के लोगों से भी पूछताछ कर रही है.
0
comment0
Report
SPSatya Prakash
Feb 02, 2026 06:46:03
0
comment0
Report
ACAshish Chauhan
Feb 02, 2026 06:45:54
Jaipur, Rajasthan:पेयजल बिलिंग प्रणाली सवालों में:ना वक्त पर बिल मिले-ना जमा हुए,नतीजा 818 करोड बकाया जयपुर-राज्य में पेयजल बिलिंग प्रणाली सवालों के घेरे में है.ना बिल वक्त पर बंटे,ना राजस्व की वसूली हो पा रही.दो साल से करोड़ों का बकाया है.ऐसे में फील्ड इंजीनियर्स और संबंधित कंपनियां पर सवालिया निशान खड़े हो रहे है.आखिरकार पानी के बिल जमा क्यों नहीं हो पा रहे है..देखे इस खास रिपोर्ट में! करोडो का बकाया,कैसे वसूली होगी राजस्व की? राजस्थान में पानी की बिलिंग प्रणाली पूरी तरह से चरमरा गई है.क्योंकि ना तो वक्त पर उपभोक्ताओं तक बिल पहुंच पा रहे और ना ही उपभोक्ता वक्त पर बिल जमा करा रहे.जिस कारण दो साल से 818 करोड के पानी के बिलों का बकाया हो गया.2024 का 307 करोड,2025 का 511 करोड के बिलों का भुगतान नहीं हो पाया.इन आकंडों के बाद फील्ड इंजीनियर और जिम्मेदार कंपनी सवालों के घेर में है.PHED मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने इंजीनियर्स वसूली के लिए सख्त हिदायत दी है.इसके साथ साथ 6 महीने में पानी में बिल पहुंच रहे,ऐसे में उपभोक्ता कैसे पानी के बिल जमा करवाए?देरी से आने वाले बिलों पर भी पैनल्टी क्यों लगाई जा रही.उपभोक्ताओं को राहत दे,बिलों से पैनल्टी को हटाए जाए. 2 साल के पानी के बिलों का लेखा-जोखा- साल राजस्व प्राप्ति बकाया 2024 554 करोड 307 करोड 2025 426 करोड 511 करोड 50 प्रतिशत ही वसूली हुई- दो साल से 1800 करोड में से सिर्फ 980 करोड की ही वसूली हो पाई,जिसमें 2024 में 554 करोड और 2025 में 426 करोड की ही राजस्व की प्राप्ति हुई है.जयपुर में सबसे ज्यादा 322 करोड के बिल बकाया चले है.जिसमें से सबसे ज्यादा जयपुर नार्थ 2 में 68 करोड और सबसे कम साउथ 1 में 27 करोड बकाया है.जयपुर में नॉर्थ सर्किल की जिम्मेदारी सुरेंद्र राठौड के पास है.उनके एरिए में 186 करोड का बकाया चल रहा है.जबकि जयपुर साउथका काम अनिल शर्मा देख रहे है.उनके क्षेत्र में 135 करोड बकाया है. इस खबर की फीड 2 सी में अटैच है。
0
comment0
Report
ADAbhijeet Dave
Feb 02, 2026 06:45:33
Ajmer, Rajasthan:अजमेर विधानसभा अजमेर अभिजीत दवे केंद्रीय बजट को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के नारे को सार्थक करता है। उन्होंने कहा कि सरकार वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प को इसी बजट के माध्यम से धरातल पर उतारने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उपमुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट के प्रमुख अंशों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें किसान, युवा, महिला और गरीब को विकास की धुरी बनाया गया है। कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि, सिंचाई परियोजनाओं और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष फोकस किया गया है। उन्होंने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए बढ़ा हुआ आवंटन सड़कों, रेल, शहरी परिवहन और औद्योगिक विकास को नई गति देगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर sृजित होंगे। युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने वाले प्रावधान बजट को भविष्य उन्मुख बनाते हैं। महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए दिया कुमारी ने कहा कि महिला उद्यमिता, स्वयं सहायता समूहों, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को बजट में प्राथमिकता दी गई है। वहीं गरीब वर्ग के लिए आवास, स्वास्थ्य बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार से अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आर्थिक आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि “विकसित भारत @2047” के विज़न का स्पष्ट रोडमैप है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से राजस्थान सहित पूरे देश में विकास की रफ्तार और तेज होगी। उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट समावेशी विकास, मजबूत अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा। बाइट - दिया कुमारी, डिप्टी सीएम
0
comment0
Report
Feb 02, 2026 06:44:37
Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी जिले के रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र अंतर्गत कोतवाली दरियाबाद के बकसूपुर गांव में रविवार देर रात एक हादसा हो गया। गांव में स्थित एक छप्पर के बंगले में आग लगने से उसमें सो रहे करीब 40 वर्षीय व्यक्ति की जलकर मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान बलराम पुत्र स्वामी दीन के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बलराम प्रतिदिन की तरह रात में अपने छप्परनुमा बंगले में सो रहे थे। रात करीब 12 बजे अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि बलराम बाहर नहीं निकल सके और उनकी मृत्यु हो गई। जब तक आसपास के लोग आग पर काबू पाते, तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार उमेश द्विवेदी ने घटनास्थल का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। नायब तहसीलदार उमेश द्विवेदी ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने पीड़ित परिवार को शासन की ओर से नियमानुसार हर संभव आर्थिक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। बताया गया है कि मृतक बलराम छप्पर के नीचे सो रहे थे क्योंकि वहां जानवर बंधे हुए थे, जबकि उनका पूरा परिवार घर के भीतर सोया हुआ था। मृतक बलराम के परिवार में उनकी पत्नी रेनू देवी, दो नाबालिग पुत्र और एक पुत्री हैं।
0
comment0
Report
KSKartar Singh Rajput
Feb 02, 2026 06:37:38
Morena, Madhya Pradesh:घर में घुसकर चोरी करते सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ चोर विरोध करने पर पीडि़त परिवार को दी जान से मारने की धमकी गुना। शहर की श्रीराम कॉलोनी में बीती रात चोरी की एक सनसन‍ीझ वारदात सामने आई है, जिसमें चोर चोरी करते हुए सीसीटीवी कैमरे में साफ नजर आ रहा है। पीड़ित रंजीत अहिरवार ने सिटी कोतवाली थाने में आवेदन देकर अपने ही पड़ोस में रहने वाले आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। नींद खुली तो भाग निकला आरोपी फरियादी रंजीत अहिरवार ने बताया कि गत रात करीब 2 बजे पड़ोस में रहने वाला संजीव अहिरवार उनके घर में घुस आया। आरोपी घर से कूलर और साइकिल चोरी करके ले जा रहा था, तभी रंजीत की नींद खुल गई। रंजीत को जागता देख आरोपी सामान छोडक़र मौके से भाग खड़ा हुआ। गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपी चोरी का प्रयास करते और भागते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट करने पर दी धमकी हैरानी की बात यह है कि जब पीडि़त सुबह रिपोर्ट दर्ज कराने थाने आ रहा था, तब आरोपी के साथियों ने उसे रास्ते में रोककर समझौता करने का दबाव बनाया। रिपोर्ट करने की बात कहने पर आरोपियों ने पीडि़त को जान से मारने की धमकी दी। पीडि़त ने पुलिस को बताया कि वह काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहता है और घर पर उसके वृद्ध पिता, पत्नी व बच्चे अकेले रहते हैं। ऐसे में आरोपियों द्वारा दी गई धमकी से पूरा परिवार डरा हुआ है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है。
0
comment0
Report
AKAshok Kumar1
Feb 02, 2026 06:36:48
Noida, Uttar Pradesh:राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), प्रधान पीठ, नई दिल्ली ने मूल आवेदन संख्या 718/2024 में यमुना नदी में देशी मछलियों की संख्या बढ़ाने और विदेशी प्रजातियों को नियंत्रित करने के लिए आदेश जारी किए हैं। यह आदेश suo motu के आधार पर जारी किया गया था, जिसमें यमुना नदी में देशी मछलियों में कमी और विदेशी मछलीयों की बढ़त का उल्लेख था。 मुख्य निष्कर्ष: ICAR-CIFRI, प्रयागराज द्वारा 2020–2024 में किए गए सर्वेक्षण में यमुना में 126 मछली प्रजातियाँ पाई गईं। देशी मछलियों की संख्या, जैसे कटला, रोहू, महासीर और ईल, घट रही है। विदेशी प्रजातियों, जैसे कॉमन कार्प, नाइल टिलापिया और थाई मंगुर की संख्या बढ़ी है, विशेषकर प्रदूषित क्षेत्रों में。 प्रदूषण, बाँध निर्माण, आवासीय बदलाव, अत्यधिक मछली पकड़ना और जलवायु परिवर्तन मुख्य कारण हैं。 दिए गए दिशा-निर्देश: राज्य सरकारें (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश) ICAR-CIFRI की सिफारिशों को लागू करें。 CPCB, NMCG और DJB अपशिष्ट मानकों को लागू करें और मछलियों के लिए उपयुक्त जल गुणवत्ता सुनिश्चित करें。 MoEF&CC और केंद्रीय जल आयोग नदी में न्यूनतम जल प्रवाह बनाए रखें, बाधाओं को हटाएं और मछली प्रवास को सुनिश्चित करें。 मछली पालन विभाग देशी मछलियों के बच्चे छोड़ें, हैचरीज़ स्थापित करें, मछली पालन नियंत्रित करें और विदेशी प्रजातियों का पालन निषिद्ध करें。 अनुसंधान और जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करें ताकि विदेशी प्रजातियों द्वारा पारिस्थिकी को नुकसान न पहुंचे। उद्देश्य: NGT ने यमुना की पारिस्थिकी स्वास्थ्य की बहाली, देशी जैव विविधता की सुरक्षा और सतत मछली आबादी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है。
0
comment0
Report
Advertisement
Back to top