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KDKailash dubeyFollow8 May 2025, 01:19 pm

Damoh - दिल्ली से आ रही गोंडवाना एक्सप्रेस की बोगी में मिला शव, पहचान होने पर परिजनों को दी सूचना

Damoh, Madhya Pradesh:दमोह रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह गोंडवाना एक्सप्रेस की बोगी में एक व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। युवक की जेब से मिले मोबाइल के नंबरों पर फोन लगाकर मृतक की शिनाख्त दमोह के तारादेही थाना क्षेत्र के रूप में हुई। मृतक दिल्ली में मजदूरी करता था। जानकारी देते हुए जीआरपी के प्रधान आरक्षक कैलाश कुमार रघुवंशी ने बताया गुरुवार सुबह निजामुद्दीन से जबलपुर जाने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस जब दमोह स्टेशन पहुंची। तब उनके पास सूचना आई कि ट्रेन की एक बोगी में अज्ञात व्यक्ति अचैत अवस्था में पड़ा है।
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सीएम सम्राट चौधरी के सासाराम दौरे की सुरक्षा चाक चौबंद, प्रोटोकॉल के अनुसार

Sasaram, Bihar: खबर सासाराम से है। जहां कल सीएम सम्राट चौधरी सासाराम आ रहे हैं। जिसको लेकर व्यापक तैयारी की गई है। वैसे में सुरक्षा के चक चौबंद व्यवस्था किया गया है। रोहतास के एसपी मिस्टर राज ने बताया कि जो भी प्रोटोकॉल है। उसके अनुसार सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारी व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं। कार्यक्रम स्थल की आज से ही सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। रोहतास के एसपी ने बताया कि की निवेदन किया गया है कि जो भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। वह समय से पूर्व ही अपना स्थान ग्रहण कर ले, ताकि व्यवस्थित तरीके से कार्यक्रम संचालित हो। बता दे की सासाराम में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया है। साथ युवा संवाद का भी कार्यक्रम है। बाईट -- मिस्टर राज (एसपी) रोहतास।
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एनडीए के भीतर बगावत: सारण शिक्षक सीट पर स्वतंत्र प्रत्याशी

Chapra, Bihar:ANCHOR: क्या एनडीए में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है? या है गठबंधन में गांठ, ये सवाल इसलिए उठ रहा है, क्योंकि आज छपरा में जो राजनीतिक नजारा देखने को मिला, उसके बाद एनडीए के भीतर सब कुछ ठीक-ठाक है, यह कहना मुश्किल नजर आ रहा है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपाध्यक्ष रामपुकार सिंह ने आज party के स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। खास बात यह रही कि उनके नामांकन के दौरान राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माधव आनंद, दिनारा के विधायक आलोक कुमार और विधायक रामेश्वर महतो समेत बड़ी संख्या में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चार विधायकों में से तीन विधायकों की एकजुट मौजूदगी ने इस पूरे घटनाक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। नामांकन सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माधव आनंद ने साफ कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव पार्टी के नाम पर नहीं, बल्कि प्रत्याशी के व्यक्तित्व और कार्यकर्ताओं के सम्मान के मुद्दे पर होता है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही थी, जिसके विरोध में वे कार्यकर्ताओं के साथ खड़े हैं। वहीं विधायक रामेश्वर महतो ने कहा कि एनडीए में सब कुछ ठीक है। लेकिन कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए चार में से तीन विधायक एक साथ आए हैं और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने अपना स्वतंत्र प्रत्याशी मैदान में उतारा है। उन्होंने रामपुकार सिंह की जीत सुनिश्चित होने का दावा किया। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ने भी कहा कि उनकी पार्टी एनडीए के साथ पूरी मजबूती से जुड़ी हुई है, लेकिन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में कार्यकर्ताओं को तवज्जो नहीं मिलने के कारण यह फैसला लेना पड़ा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस फैसले का बिहार की एनडीए सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा और पार्टी सरकार के साथ पूरी तरह खड़ी है। लेकिन सवाल यही है कि अगर एनडीए में सब कुछ ठीक-ठाक है, तो फिर एनडीए के एक प्रमुख घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चार में से तीन विधायक अपने ही गठबंधन के आधिकारिक समीकरण से अलग जाकर स्वतंत्र प्रत्याशी के समर्थन में क्यों खड़े हैं? बिहार में एनडीए के पांच घटक दलों में शामिल राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायकों के इस बागी तेवर का इस चुनाव पर कितना असर पड़ेगा, यह तो आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन इतना जरूर है कि सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव ने एनडीए के भीतर की सियासी खींचतान को सामने ला दिया है। एनडीए में सब कुछ ठीक है या फिर सब कुछ ठीक होने का दावा ही किया जा रहा है? BYTE TO BYTE माधव आनंद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेता रालोमो बिहार विधानसभा रामेश्वर महतो बिधायक इत्यादि।
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जमीन कब्जे के आरोप: ग्रामीण परिवार प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई और सुरक्षा की मांग

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के रूराजैतिया गांव निवासी परिवार ने जमीन को लेकर कुछ लोगों पर परेशान करने, धमकाने और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी समीर को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है。 शिकायतकर्ता के मुताबिक, उनका परिवार करीब पांच दशक से गांव में निवास कर रहा है। आरोप है कि लगभग 50 वर्ष पूर्व गांव के जिम्मेदार लोगों की ओर से परिवार को रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद परिवार ने वहां कच्चे-पक्के मकान बनाकर अपना आशियाना तैयार किया और तभी से वहीं रह रहा है। परिवार का दावा है कि मौके पर सड़क, नाली और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा परिवार के कुछ सदस्यों को सरकारी आवास योजना का लाभ भी मिल चुका है। इसके बावजूद कुछ लोग जमीन को लेकर परिवार पर दबाव बना रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया जाता है और गाली-गलौज कर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। परिवार ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, नियमानुसार कार्रवाई करने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। अब शिकायत पर प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।
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Muzaffarpur में बदमाश ने किया चाकू से हमला, घायल दो युवकों की हालत गंभीर

Muzaffarpur, Bihar: muzaffarpur me बेखौफ़ बदमाश ने चाकू से युवक का गला रेता, बचाने गये दोस्त पर भी चाकू से किया हमला, घायल की हालत गंभीर, इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती मुजफ्फरपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ बेखौफ़ बदमाश ने दो युवकों पर चाकू से हमला कर दिया, बदमाश ने एक युवक का चाकू से गला रेत दिया, जबकि बचाने गये दूसरे युवक पर भी चाकू से वार कर घायल कर दिया. फिलहाल घायल युवक की हालत नाजुक है. घटना मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र के मछही गाँव की है. घटना को लेकर बताया जा रहा है कि मछही गाँव के भंडारी पोखर के नजदीक दिबांग राज और मुन्ना आ रहा था, तभी गाँव के ही बदमाश नीतीश उर्फ़ बम ने दोनों को रोका और दिबांग के गर्दन पर चाकू से वार कर दिया, जब मुन्ना ने रोका तो आरोपी बदमाश नीतीश उर्फ़ बम ने उसके ऊपर भी चाकू से हमला कर दिया. दिबांग के गले पर गहरा जख्म हो गया, दोनों घायल किसी तरह वहां से भागते हुए आए और फिर परिजनों ने उन्हें मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल मे भर्ती कराया. जहाँ दिबांग की हालत नाजुक बनी हुई है. घटना के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है, वहीं गाँव मे दहशत का माहौल है. घायल युवक के पिता ने बताया कि आरोपी बदमाश नीतीश उर्फ़ बम गाँव का बदमाश लड़का है, उसने मेरे बेटे के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर गाली दी और चाकू से गला रेत दिया. बताया जा रहा है कि आरोपी युवक बदमाश नीतीश उर्फ़ बम ने पिछले साल गाँव के ही एक युवक का गला रेत दिया था, वहीं अब दुबारा उसने उसी तरह की घटना को अंजाम दिया है. वहीं पूरे मामले को लेकर डीएसपी पूर्वी -2 मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मछही मे गाँव के ही एक युवक द्वारा दो युवको पर चाकूबाजी की गई है, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. बाइट - रुपेश पासवान, घायल युवक के पिता बाइट - रामनंदन पासवान, घायल युवक के दादा बाइट - मनोज कुमार सिंह, डीएसपी, पूर्वी-2 *इनपुट - मणितोष कुमार*
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टोंक में एक दिवसीय एरिया डोमिनेशन में 407 गिरफ्तार, शराब-जुआ समेत भारी कार्रवाई

Tonk, Rajasthan:टोंक। पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के नेतृत्व में टोंक पुलिस ने एक दिवसीय एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत जिलेभर में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में आरोपियों को गिरफ्तार किया। अभियान के दौरान 351 पुलिसकर्मियों की 97 टीमों ने जिले में 363 स्थानों पर दबिश दी। कार्रवाई में लोकल एवं स्पेशन एक्ट के तहत 35 प्रकरण दर्ज कर 45 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 384 पव्वे देशी-अंग्रेजी शराब, 17 बोतल बीयर और 10 लीटर हथकड़ शराब जब्त की। वहीं जुआ गतिविधियों पर कार्रवाई करते हुए 44,490 रुपये की जुआ राशि जब्त कर 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अभियान के दौरान हार्डकोर अपराधियों, सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों और मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा स्थाई वारंटी, उद्घोषित अपराधी, ईनामी अपराधी और फायर आर्म्स से जुड़े मामलों में 22 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जघन्य अपराधों में भी कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। वहीं धारा 170 बीएनएसएस के तहत 243 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, एक दिवसीय एरिया डोमिनेशन अभियान में कुल 407 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया।
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चौमूं-गोविंदगढ़ पंचायत चुनाव के पहले चरण की तैयारी तेज, 25 अक्टूबर मतदान

Jaipur, Rajasthan:चौमूं जयपुर पंचायत चुनावों को लेकर प्रशासन भी हुआ अलर्ट चौमूं SDM अजीत सिंह राठौड़ ने ली बैठक तहसीलदार विजयपाल विश्नोई,डिप्टी शिवा शर्मा चौमूं,सामोद, कालाडेरा, सामोद थानाधिकारी बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों के साथ हुई विस्तारपूर्वक चर्चा पहले चरण में होने हैं चौमूं ,गोविंदगढ़ पंचायत समिति के चुनाव 25 अक्टूबर को प्रथम चरण में होंगे चुनाव एंकर-पंचायत चुनावों को लेकर चौमूं प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनावों के मद्देनजर चौमूं SDM अजीत सिंह राठौड़ ने अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में तहसीलदार डॉ. विजयपाल विश्नोई, डिप्टी शिवा शर्मा सहित चौमूं, सामोद और कालाडेरा थानों के थानाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान चुनाव को लेकर प्रशासनिक एवं पुलिस स्तर पर की जाने वाली तैयारियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। अधिकारियों ने चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने तथा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने को लेकर मंथन किया। प्रशासन की ओर से चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने पर जोर दिया गया। गौरतलब है कि पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में चौमूं और गोविंदगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र में चुनाव होने हैं। प्रथम चरण का मतदान 25 अक्टूबर को प्रस्तावित है। बाइट अजीत सिंह राठौड़,SDM चौमूं
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राजस्थान में पर्यटन बढ़ाने के साथ रोप-वे सुरक्षा और सिंगल विंडो क्लियरेंस पर जोर

Jaipur, Rajasthan:पर्यटन विभाग की समीक्षा में पर्यटन को बढ़ावा दिया कुमारी का जोर, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और रोप-वे सेफ्टी पर दिए निर्देश जयपुर-राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा पर सरकार का फोकस है. Tourism, कला-संस्कृति और पुरातत्व विभाग की समीक्षा बैठक में डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने कई अहम निर्देश दिए हैं. पर्यटन निवेश के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है. वहीं प्रदेश के धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर चल रहे रोप-वे में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. आमेर मास्टर प्लान से लेकर एडवेंचर टूरिज्म पॉलिसी और प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं की भी समीक्षा हुई… आमेर मास्टर प्लान पर विशेष चर्चा- उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पर्यटन भवन में पर्यटन, कला-संस्कृति और पुरातत्व विभाग की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में पर्यटन निवेश को सुगम बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था को और प्रभावी करने तथा प्रदेश के धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर संचालित रोप-वे में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। आमेर मास्टर प्लान के तहत केसर क्यारी से दिलाराम बाग तक प्रस्तावित समग्र विकास कार्यों पर चर्चा हुई। इसमें दुकानों, रिसेप्शन, पार्किंग, बैठने की सुविधाओं और कोबल स्टोन पाथवे के संरक्षण और जीर्णोद्धार से जुड़े कार्य शामिल हैं। परियों के बाग के सौंदर्यीकरण, पर्यटकों की सुविधा के लिए गोल्फ कार्ट संचालन पर भी चर्चा की गई। एडवेंचर टूरिज्म पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार बैठक में बताया गया कि नई एडवेंचर टूरिज्म पॉलिसी का प्रारंभिक ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। अन्य राज्यों की नीतियों का तुलनात्मक अध्ययन करने के साथ एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े संसाधनों की इन्वेंट्री तैयार की गई है। हितधारकों और जिला कलेक्टरों से फीडबैक लेने की प्रक्रिया भी जारी है। इसके अलावा बीकानेर अभिलेखागार में पब्लिक गैलरी, रविंद्र रंगमंच, JKK शिल्पग्राम के पुनर्निर्माण और विरासत म्यूजियम से जुड़े कार्यों पर चर्चा हुई। DoIT की ओर से तैयार OBMS पोर्टल का भी प्रस्तुतीकरण दिया गया। देश के प्रमुख शहरों में FICCI और FHTR के सहयोग से GITB विस्तार के तहत घरेलू रोड-शो आयोजित करने को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। तीन दिन की छुट्टियों में पर्यटन स्थलों पर दिखी भीड़- मीडिया से बातचीत में दिया कुमारी ने कहा कि बजट घोषणाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है और कई परियोजनाएं तैयार हैं, जिनका जल्द उद्घाटन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन दिन की छुट्टियों के दौरान पर्यटन स्थलों पर अच्छी भीड़ देखने को मिली है, जो पर्यटन सीजन के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। वैश्विक परिस्थितियों और बढ़े हुए एयर फेयर के बावजूद पर्यटक राजस्थान आ रहे हैं। सरकार की ओर से पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा, सफाई और सुविधाओं में सुधार किया गया है और उम्मीद है कि इस बार पिछले साल की तुलना में अधिक पर्यटक राजस्थान आएंगे।
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राजलक्ष्मी बैंक लोन घोटाले में पति-पत्नी गिरफ्तार, 8 साल से फरार

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में राजलक्ष्मी बैंक के बहुचर्चित लोन घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपए का लोन लेने के मामले में 8 साल से फरार चल रहे पति-पत्नी को गिरफ्तार किया गया है. दोनों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित था. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों लगातार ठिकाने बदल रहे थे, लेकिन तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र ने आखिरकार दोनों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. राजलक्ष्मी महिला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़े करोड़ों के कथित लोन घोटाले में वांटेड प्रकाश भारद्वाज और उसकी पत्नी निशा को पुलिस ने प्रताप नगर सांगानेर से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने दोनों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था. कहानी शुरू होती है साल 2018 से... माणकचौक थाने में 28 सितंबर 2018 को बैंक घोटाले का मामला दर्ज हुआ. आरोप था कि बैंक से जुड़े लोगों ने आपसी साजिश के तहत फर्जी पट्टों और विवादित संपत्तियों के दस्तावेजों को बैंक में गिरवी रखकर 13 लोन खाते स्वीकृत करवाए. आरोप है कि इस तरीके से करोड़ों रुपए की लोन राशि हड़पकर बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया. मामले में बैंक की पूर्व अध्यक्ष डॉ फिरोजा बानो सहित बैंक अधिकारी, ऋणी, वैल्युअर्स और एडवोकेट सहित 59 आरोपी नामजद थे. इस मामले में करीब दो करोड़ रुपए से ज्यादा का गबन करने तथा आरोपी दम्पति पर दस लाख रुपए से ज्यादा लोन का मामला है. राजलक्ष्मी बैंक घोटाला 2018 में FIR 59 नामजद आरोपी 13 लोन खाते फर्जी-विवादित संपत्तियों के दस्तावेज करोड़ों की लोन राशि का आरोप मामला गंभीर था... आरोपी लंबे समय से फरार थे... और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे. लेकिन माणकचौक पुलिस ने भी हार नहीं मानी. तकनीकी इंटेलिजेंस और मुखबिर तंत्र को एक साथ एक्टिव किया गया. पुलिस टीम ने सादा कपड़ों में आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी. एक के बाद एक संभावित ठिकानों को चिन्हित किया गया. लोकेशन की पुख्ता पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने दबिश दी और दोनों इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. राजलक्ष्मी बैंक घोटाले में पुलिस की कार्रवाई यहीं खत्म नहीं होती. अब गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए घोटाले में उनकी भूमिका और अन्य आरोपियों से जुड़े लिंक की जानकारी जुटाई जाएगी.
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जयपुर पंचायत चुनाव के लिए 57 वार्डों में 5 ARO नियुक्त, नामांकन स्थल तय

Jaipur, Rajasthan:जयपुर।जयपुर में पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज। जयपुर जिला परिषद के 57 वार्डों के लिए 5 सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) संदेश नायक ने जारी किया आदेश। नामांकन से लेकर चुनाव प्रक्रिया तक संभालेंगे सहायक रिटर्निंग अधिकारी। वार्ड 1 से 10 की जिम्मेदारी मृणाल कुमार को दी गई। वार्ड 1 से 10 वार्ड तक के नामांकन रीको कार्यालय,सीकर रोड पर होंगे। वार्ड 11 से 14 और 51 से 57 के लिए बजरंग लाल स्वामी ARO नियुक्त। हवामहल-आमेर जोन जलेब चौक में होंगे वार्ड 11 से 14 और 51 से 57 के नामांकन। वार्ड 15 से 26 के लिए प्रीति चौहान को ARO किया नियुक्त। कार्यालय उपायुक्त नगर निगम, झोटवाडा जोन में होंगे वार्ड 15 से 26 के नामांकन。 वार्ड 27 से 37 के लिए राकेश कुमार को किया ARO नियुक्त। पंचायत समिति कार्यालय सांगानेर में होंगे वार्ड 27 से 37 के नामांकन। वार्ड 38 से 50 के लिए निशु कुमार अग्निहोत्री को किया ARO नियुक्त। कमरा नं0 45, कलक्ट्रेट, जयपुर में होंगे वार्ड 38 से 50 के नामांकन। अलग-अलग स्थानों पर होगी जिला परिषद प्रत्याशियों की नामांकन प्रक्रिया। सीकर रोड, झोटवाड़ा, हवामहल-आमेर जोन और सांगानेर में बनाए नामांकन स्थल। कलेक्ट्रेट परिसर में भी होगा जिला परिषद वार्डों के लिए नामांकन। रिटर्निंग अधिकारी के निर्देश में पूरी चुनाव प्रक्रिया कराएंगे अधिकारी।
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मोरहाबादी मैदान में पांच दिवसीय दिवाली मेले से झारखंड की कला-संस्कृति का नजारा

Ranchi, Jharkhand:रांची के मोरहाबादी मैदान में दिवाली की रौनक और खरीदारी के साथ झारखंड की कला-संस्कृति का रंग दिखने का रहा है।दरअसल झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन यानी जेसोवा की ओर से मोरहाबादी मैदान में पांच दिवसीय दिवाली मेले का आयोजन किया जा रहा है। 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक चलने वाले इस दीवाली मेले में अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के हस्तशिल्प, हैंडलूम, सजावटी सामान, दिवाली से जुड़े उत्पाद और घरेलू उपयोग की वस्तुओं के स्टॉल लोगों को आकर्षित करेंगे। त्योहार की खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को एक ही जगह पर अलग-अलग तरह के उत्पाद और पारंपरिक वस्तुएं मिलेंगी。 जेसोवा का यह आयोजन न सिर्फ दिवाली की खुशियों को बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि कारीगरों, महिला उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए एक बड़ा मंच भी उपलब्ध कराता है। पाँच दिनों तक चलने वाले इस मेले में रांचीवासियों के लिए खरीदारी, खान-पान और उत्सवी माहौल का खास अनुभव देखने को मिलेगा। दिवाली से पहले मोरहाबादी मैदान में सजने वाला यह मेला शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।
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ECI की स्वतंत्रता पर सवाल, नेहरू की गलती अब लोकतंत्र को भारी पड़ी

CEC को मिली छूट लोकतंत्र के लिए खतरनाक; EC की आज़ादी पर नेहरू की गलती आज भारत को भारी पड़ रही है: विपक्ष के नेताओं ने चुनाव आयोग की आलोचना की कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और AICC महासचिव गुलाम अहमद मीर ने सोमवार को भारत के चुनाव आयोग (ECI) में कथित पक्षपात की कड़ी आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को दी गई छूट ने भारतीय लोकतंत्र की नींव को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने वोट चोरी, पर्दे के पीछे से सरकार बनाने, राजनीतिक खरीद-फरोख्त और चुनाव चिह्न हड़पने जैसे बड़े आरोपों को सीधे तौर पर जवाबदेही की इस कमी से जोड़ा। इस मुद्दे पर बोलते हुए मीर ने कहा: "अगर निष्पक्ष चुनाव कराने हैं, तो लोकतंत्र में कुछ ऐसी संस्थाएं हैं - खासकर भारत में - जिन्हें आज़ादी के साथ स्थापित किया गया था ताकि लोकतंत्र का असली मतलब लोगों तक पहुँचे। हालाँकि, उन्हें आज़ादी देने के साथ-साथ कुछ शर्तें और जवाबदेही भी तय की गई थीं। भले ही उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने का संवैधानिक अधिकार था, लेकिन जवाबदेही सबसे अहम थी। "हाल ही में, दो-तीन साल पहले, नरेंद्र मोदी सरकार ने मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त को जिस तरह से छूट दी - यह साफ तौर पर कहते हुए कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कोई सवाल नहीं उठाया जाएगा और उन्हें किसी कानूनी दायरे में नहीं लाया जाएगा - वह देश के लिए खतरनाक है। इसीलिए आज पूरा भारत वोट चोरी, पर्दे के पीछे से सरकारें गिराने, सांसदों और विधायकों की खरीद-फरोख्त, राजनीतिक दलों को तोड़ने और पार्टी के चुनाव चिह्न हड़पने के आरोपों पर सवाल उठा रहा है। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि नरेंद्र मोदी ने मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त को छूट दी है। "इसी वजह से, लाखों-करोड़ों युवा और पढ़े-लिखे लोग आज सड़कों पर हैं, और देश भर की विपक्षी पार्टियां भारत के 1,100 से 1,200 जिलों में संयुक्त विरोध प्रदर्शन करने के लिए एकजुट हुई हैं। इसके बाद राज्य स्तर पर रैलियां होंगी, और आखिरकार, बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव आयुक्त को निशाना बनाते हुए अभियान चलाया जाएगा। मुद्दा सिर्फ चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नहीं है; असली सवाल यह है कि उनसे यह सब कौन करवा रहा है और वे किसके इशारे पर काम कर रहे हैं। इस मामले की जांच ज़रूरी है, जो एक मुख्य मांग और सवाल दोनों है।" मीर की ये बातें CEC ज्ञान कुमार के नेतृत्व में ECI के खिलाफ विपक्ष के बड़े अभियान के बीच आई हैं। 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल अधिनियम, 2023' के तहत, कोई भी अदालत मौजूदा या पूर्व CEC या चुनाव आयुक्त के खिलाफ उनके आधिकारिक कर्तव्यों के पालन में किए गए कार्यों के लिए दीवानी या आपराधिक कार्यवाही नहीं कर सकती है। विपक्षी नेताओं ने इसे बार-बार "जीवन भर की पूरी कानूनी छूट" बताया है और इसे मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से जोड़ा है, जिसमें स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया, मतदाताओं के नाम हटाना और फॉर्म 6 जैसे फॉर्म में बदलाव शामिल हैं। चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर चिंता जताते हुए, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने श्रीनगर में 'हल्ला बोल' मीडिया कॉन्क्लेव में कहा कि ECI को पूरी तरह से स्वतंत्र न बनाना भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की एक ऐतिहासिक गलती थी। अब्दुल्ला ने कहा, "नेहरू प्रशासन की सबसे बड़ी गलती चुनाव आयोग को पूरी तरह से स्वतंत्र न बनाना थी। आज हम उसी का खामियाजा भुगत रहे हैं।" "अगर चुनाव आयोग स्वतंत्र होता, तो आज हम इस स्थिति में नहीं होते।" उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार पर पक्षपाती नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया को बदलने का आरोप लगाया। तीन सदस्यीय चयन समिति में अब प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और विपक्ष के नेता शामिल होते हैं, जिससे सरकार को पहले से ही बहुमत मिल जाता है। अब्दुल्ला ने कहा, "मोदी साहब ने सरकार से दो और विपक्ष से एक सदस्य नियुक्त किया। वे चुनाव आयुक्त का चयन करेंगे। मुझे बताइए, जब बहुमत एक तरफ हो, तो विपक्ष का नेता क्या करेगा? फैसला बहुमत का ही होगा।" उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के कारण "उनके कार्यालय में सचिव के तौर पर काम करने वाले व्यक्ति" को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर नियुक्त किया जा सका, और दावा किया कि वह अधिकारी "खुले तौर पर BJP और संघ के लिए काम कर रहा था।" अब्दुल्ला ने SIR प्रक्रियाओं के दौरान मतदाताओं के नाम हटाने की कथित घटनाओं की भी आलोचना की और कहा कि जब संविधान वोट देने के अधिकार की गारंटी देता है, तो किसी को भी किसी भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों समेत कुछ खास लोगों को निशाना बनाया गया और बताया कि कपिल सिब्बल जैसी जानी-मानी हस्तियों के नाम भी हटा दिए गए थे। उन्होंने कहा, "हर कोई जानता था कि चुनाव आयोग क्या कर रहा था... जब उन्होंने लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए, तो कहा कि वे अगले चुनाव में इसकी जांच करेंगे।" NC प्रमुख ने कहा कि "बदलाव की हवा" बहने लगी है और लोग मुंबई और दिल्ली जैसी जगहों पर विरोध-प्रदर्शन करके "हिम्मत" दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, "बदलाव तो आएगा ही, चाहे मैं जिंदा रहूं या मर जाऊं... भारत मरा नहीं है; भारत जिंदा है।" विपक्षी पार्टियों ने सैकड़ों जिलों में मिलकर विरोध-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। साथ ही, राज्य-स्तर पर रैलियां करने और चुनाव आयोग के खिलाफ बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय स्तर पर लोगों को एकजुट करने की योजना भी बनाई है। वे चुनाव आयोग के कामकाज की गहन जांच, हटाए गए वोटरों के नाम वापस जोड़ने और संस्था की जवाबदेही बढ़ाने की मांग लगातार कर रहे हैं। खालिद हुसैन सुभाष चंद्रा ज़ी मीडिया कश्मीर।
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आदिवासियों के धर्मांतरण-ORP टिके पर बड़ा षडयंत्र: जनगणना से राजनीति बदलेगी

Bhopal, Madhya Pradesh:डेमोग्राफी चेंज की बड़ी साजिश,आदिवासियों को अन्य धर्म में दर्ज कराने के लिए लालच,ट्राइबल रिसर्च सें터 की जाँच में खुलाशा,छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत देश भर में आदिवासियों को हिन्दू धर्म छोड़ ORS का जनगणना में टिक करवाने का प्लान,ट्रबल कमिशनर का दावा डेमोग्राफी चेंज कर पोलिटिकल डेमोग्राफी करने का षड्यंत्र मुख्य जनगणना से पहले देश भर समेत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के जनजाति अंचलों में आदिवासियों को अन्य धर्म में दर्ज करने के लिए खेला जा रहा खेल.... डेमोग्राफी चेंज और धर्मांतरण का नया मॉडल आया सामने सरकारी संस्था ट्राइबल रिसर्च इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट में .... आदिवासियों को अन्य धर्म में दर्ज करने के लिए लालच .... 5 माह बाद होने वाली मुख्य जनगणना से पहले मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के जनजाति अंचलों मैं सैकड़ो NGO आदिवासियों को नानाप्रकार के प्रलोभन के जरिये आदिवासियों को मतांतरण कर जनगणना में हिन्दू धर्म से लग करवा कर ORS (Other Religions and Persuasions) टिक करने के लिए तैयारी करवा चुके है खुलाश TRI यानि सरकारी संस्था ट्राइबल रिसर्च इंट्यूट और रायपुर स्थित रिसर्च संसार सेंटर फॉर स्टडी ऑन हॉलिस्टिक डेवलपमेंट की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जनजातीय समाज के लोगों को जनगणना में धर्म के कॉलम में हिंदू के बजाय और ORP दर्ज करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, रिपोर्ट में से मध्य भारत के जनजातीय समाज को हिंदू समाज से अलग करने की सुनियोजित कोशिश बताया है,दावा है की देश भर में सैकड़ो से अधिक संगठन गोपनीय रूप से इसमें लगे हैं इसके लिए अलग-अलग तरह के लालच आप दिए जा रहे हैं इसमें विदेशी मूल की मिशनरी संस्थाओं की भूमिका बताई गई है .... सरकार की संस्था TRI (ट्राइबल रिसर्च इंस्ट्यूट) के कमिशनर लक्षमण मरकम ने जो खुलाशे किये वो चौकाने वाले है उन्होंने कहा बताया ज़ी न्यूज़ की धर्मांतरण और डेमोग्राफी चेंज का खेल खेला जा रहा है,उन्होंने कहा की केंद्र ने डेमोग्राफी पर जस्टिस नावलेकर की कमेटी बनाई जिसके निर्देश पर सामने आया की सबसे ज्यादा ट्राइबल को टारगेट रहा है,जाँच में सामने आया की देश में सीधे धर्मांतरण करने पाबन्दी है तो पहले कन्वर्शन गैंग भोले भाले लोगो को हिन्दू देवी देवताओ को कमतर दिखाती है भोले भाले आदिवासियों के बीच जबकि ईशु को बेहतर प्लांट तरीके से .... इलाज शिक्षा का लोभ दिया जाता है इसके बाद आदिवासियों को जनगणना में हिंन्दू धर्म छोड़ ORP कॉलम में टिक करवाकर इसके बाद फंडिंग के जरिये इन्हे अपने धर्म में प्रवेश कराया जाता है ऐसे ही डेमोग्राफी चेंज हुई है। रिपोर्ट में ORP आबादी में वृद्धि को केवल धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं माना है इसमें मध्य भारत में गोंडवाना लैंड और मालवाने बाढ़ क्षेत्र को मिलाकर अलग भील प्रदेश बनाने की मांग को भी जनसंख्या बदलाव से जोड़ा गया है TRI कमिशनर ने कहा की धर्मांतरण का टू स्टेप फार्मूला जनजातीय समाज में प्रचार करना कि आदिवासी हिंदू नहीं और उन्हें गोंडी धर्म कोड सारण कोड अथवा ORP श्रेणी में दर्ज करने के लिए प्रेरित करना स्टेप 2 मुख्य धारा से अलग पहचान स्थापित होने के बाद उन्हें ईसाई धर्म में परिवर्तित करने की प्रक्रिया! अब तक हुई जनगणना में देखिये कितने लोगो ने धर्म छोड़ ORP कॉलम में टिक किया 1951 जनगणना लगभग 18 लोगो ने ORP 1961 की जनगणना 16 लाख लोगों ने (ORP) 1971 की जनगणना 21 लाख (ORP) 1981 जनगणना 27 लाख (ORP) 1991 जनगणना में 32 लाख (ORP) 2001 जनगणना में 65 लाख (ORP) 2011 जनगणना में 79 लाख (ORP) आंकड़े बताते है की 79 लाख ORP में से सरना (झारखंड)लिखने वाले 42 लाख,9 लाख पश्चिम बंगाल संथाल ओर सरना लिखने वाले,ओडिशा 4.7 लाख सरना,एमपी 5.9 लाख गौंड,सीजी 4.9लाख गौड़,महाराष्ट में 1.7 लाख गौड़ लक्षमण मरकाम ने कहा हमारी रिसर्च के हिसाब से आगामी जनगणना में 79 लाख ORP आबादी कम से कम 4 गुना तक ORP कॉलम टिक करेगी फिर यही आगे चलकर डेमोग्राफी चेंज और पोलिटिकल डेमोग्राफी चेंज करेंगे क्यूंकि इस खेल में पोलिटिकल सपोर्ट भी है।
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खलासपुर के ग्रामीण: जल गया ट्रांसफार्मर, डीएम को ज्ञापन देकर बदलाव की मांग

Sheikhpura, Bihar:पिछले एक महीना से बिजली आपूर्ति बंद रहने से नाराज ग्रामीणों ने शेखपुरा समाहरणालय पहुंच डीएम को ज्ञापन सौंप जला ट्रांसफार्मर बदलने की मांग किया है।दरअसल शेखपुरा जिले के सदर प्रखंड के गव्य पंचायत के खलासपुर गाँव में पिछले एक माह से गांव का ट्रांसफार्म जल गया है।जिसके बाद ग्रामीणों के प्रयास के बाद बिजली विभाग ने जैसे ही नया ट्रांसफार्म लेकर पहुंचता तो गांव के ही बदमश लोगो ने अपने निजी जमीन पर ट्रांसफार्मर लगा होने की बात कहकर बिजली मिस्त्री को जला ट्रांसफार्मर बदलने नहीं दिया जिसके बाद से आज तक गांव में अंधेरा छा गया हैं।ट्रांसफार्मर जला रहने के कारण ग्रामीणों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने कहा कि ट्रांसफार्म जल होने के कारण नलजल के साथ पानी की बड़ी समस्या है जबकि उसी ट्रांसफार्मर से खेती का निजी नलकूप बंद है जिसके कारण पानी की समस्या के साथ धान की फसल जल कर बर्बाद हो रहा है।ग्रामीणों ने डीएम को आवेदन सौंप जल्द जला ट्रांसफार्मर बदलने की दिशा में करवाई की मांग कही है。
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