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KDKailash dubeyFollow8 May 2025, 01:19 pm

Damoh - दिल्ली से आ रही गोंडवाना एक्सप्रेस की बोगी में मिला शव, पहचान होने पर परिजनों को दी सूचना

Damoh, Madhya Pradesh:दमोह रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह गोंडवाना एक्सप्रेस की बोगी में एक व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। युवक की जेब से मिले मोबाइल के नंबरों पर फोन लगाकर मृतक की शिनाख्त दमोह के तारादेही थाना क्षेत्र के रूप में हुई। मृतक दिल्ली में मजदूरी करता था। जानकारी देते हुए जीआरपी के प्रधान आरक्षक कैलाश कुमार रघुवंशी ने बताया गुरुवार सुबह निजामुद्दीन से जबलपुर जाने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस जब दमोह स्टेशन पहुंची। तब उनके पास सूचना आई कि ट्रेन की एक बोगी में अज्ञात व्यक्ति अचैत अवस्था में पड़ा है।
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बरनाला में महान जरनैल जस्सा सिंह रामगढ़िया की प्रतिमा का उद्घाटन—उद्योगों में नई उम्मीद

Barnala, Bathinda, Punjab:बरनाला में महान जरनैल जस्सा सिंह रामगढ़िया की प्रतिमा स्थापित स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और MP मीत हयेर ने किया उद्घाटन पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और क्षेत्रीय सांसद गुरमीत सिंह मीत हायर द्वारा आज बरनाला-हंडियाया रोड पर सिख कौम के महान जरनैल महाराजा जस्सा सिंह रामगढ़िया की आदमकद प्रतिमा का उद्घाटन किया गया। महाराजा जस्सा सिंह रामगढ़िया की बात की जाए, तो उनका जन्म 5 मई 1723 ईस्वी को हुआ था। उनके दादा हरदास सिंह जी ने श्री गुरु गोविंद सिंह जी से अमृत छकने के उपरांत मुगल हुकूमत के साथ हुई जंग के दौरान और पिता भगवान सिंह ने नादिर शाह के साथ हुई लड़ाई के दौरान शहादत प्राप्त की थी। श्री अमृतसर साहिब में अपनी निगरानी में तैयार करवाए गए 'किला राम रौणी' से बने शब्द 'रामगढ़िया' के बाद आपको 'रामगढ़िया सरदार' का तखल्लुस (उपाधि) मिला था। उनके द्वारा बड़ी शहादतें दी गईं, जिसके लिए आज भी उन्हें याद किया जा रहा है, बेअदबी के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सख्त कानून लाया गया है, जिसके तहत दोषियों को अब उम्रकैद तक की सजा हो सकेगी। उन्होंने बताया कि अकाल तख्त साहिब से उन्हें तलब किया गया है और जत्थेदार के आदेशानुसार वह कल 8 मई को नंगे पैर अमृतसर के जत्थेदार से मिलने जाएंगे। इस अवसर पर आयोजित प्रभावशाली समारोह के दौरान उद्योगपतियों और क्षेत्रवासियों के बड़े जनसमूह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने ऐतिहासिक विरासत के महत्व पर जोर दिया। समारोह में बरनाला के उद्योग को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी विशेष उल्लेख किया गया। Visual byte details……महान जरनैल जस्सा सिंह रामगढ़िया की स्थापित प्रतिमा के अलग-अलग शॉट और इसका उद्घाटन करने के अलग-अलग शॉट, स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और एमपी गुरमीत सिंह मीत हेयर के अलग-अलग शॉट और स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और एमपी गुरमीत सिंह मीत हेयर की बाइट। V/o - इस अवसर पर संबोधित करते हुए स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि किसी भी कौम की असली पूंजी उसका गौरवमयी इतिहास होता है। उन्होंने कहा कि जिस कौम का इतिहास जितना विशाल होता है, उसकी आने वाली पीढ़ियां उतनी ही समृद्ध और स्वाभिमानी होती हैं। उन्होंने महाराजा जस्सा सिंह रामगढ़िया, बाबा बघेल सिंह और जस्सा सिंह आहलूवालिया जैसे महान जरनैल के योगदान को याद करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने दिल्ली फतह करके सिख कौम का परचम लहराया था। स्पीकर संधवां ने अमृतसर स्थित 'रामगढ़िया बुंगे' की जर्जर हालत पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वह जल्द ही वहां का दौरा करेंगे और सरकार द्वारा इसके रखरखाव के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। बेअदबी के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सख्त कानून लाया गया है, जिसके तहत दोषियों को अब उम्रकैद तक की सजा हो सकेगी। उन्होंने बताया कि अकाल तख्त साहिब से उन्हें तलब किया गया है और जत्थेदार के आदेशानुसार वह कल 8 मई को नंगे पैर अमृतसर के जत्थेदार से मिलने जाएंगे। Byte - कुलतार सिंह संधवां (स्पीकर, विधानसभा) V/o - सांसद गुरमीत सिंह मीत हयेर ने इस अवसर पर खुशी साझा करते हुए कहा कि यह प्रतिमा पिछले 13 वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बरनाला आज कृषि मशीनरी (Agriculture Implements) का हब बन चुका है। मीत हयेर ने कहा, बरनाला किसी बात में पीछे नहीं है; यहां के उद्यमी भाइयों के कारण आज हम कृषि उपकरण आयात करने के बजाय पूरी दुनिया में निर्यात कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने संसद में भी बरनाला की नामी कंपनियों जैसे स्टैंडर्ड, बलकार और सुपर-स्टैंडर्ड का नाम लेकर विशेष पैकेज की मांग की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि क्षेत्र में 20 एकड़ के करीब जमीन उपलब्ध होती है, तो यहां नया 'फोकल प्वाइंट' स्थापित करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ताकि उद्योग को और बढ़ावा मिल सके। राज्य में हाल ही में हुई विस्फोटक घटनाओं के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में स्पीकर संधवां ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि जब चुनाव नजदीक आते हैं, तो राज्य का माहौल खराब करने की कोशिशें शुरू हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इन मामलों पर पैनी नजर रख रहे हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मौके पर हंडियाया और बरनाला के उद्योगपतियों, रामगढ़िया सभा के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नेताओं ने शिरकत की। इस समागम ने जहां धार्मिक और ऐतिहासिक भावनाओं को ताजा किया, वहीं क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए नई उम्मीदें भी जगाईं। Byte - गुरमीत सिंह मीत हयेर (सांसद)
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चंपावत घटना: कांग्रेस ने पुतला फूंका, धामी सरकार से इस्तीफे की मांग

Almora, Uttarakhand:चंपावत घटना पर कांग्रेस का प्रदर्शन, धामी सरकार का पुतला फूंका चंपावत में नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। गांधी पार्क के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धामी सरकार का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आने से प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि पहाड़ में इस तरह की घटनाएं उत्तराखंड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण हैं और प्रदेश में महिलाएं व बेटियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, लेकिन जमीन पर हालात अलग दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और राजनीतिक संरक्षण की जांच की मांग की है। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस्तीफे की मांग भी उठाई है
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देवबंद का नाम देववृंद रखने और मंदिर को तीर्थ क्षेत्र घोषित करने की मांग

Noida, Uttar Pradesh:देवबंद का नाम 'देववृंद' करने और सिद्धपीठ माँ बाला सुंदरी मंदिर को 'तीर्थ क्षेत्र' घोषित करने की उठी मांग राज्य मंत्री जसवंत सैनी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगामी 7 मई के देवबंद आगमन को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह है। इस ऐतिहासिक अवसर पर बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास.tyagi ने प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री श्री जसवंत सैनी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को संबोधित एक महत्वपूर्ण मांग पत्र प्रेषित किया है। इस ज्ञापन में देववृंद की पौराणिक अस्मिता की पुनर्स्थापना और क्षेत्र के आध्यात्मिक विकास से जुड़ी दो प्रमुख मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया गया है। ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के इस स्वर्ण काल में देवबंद को उसकी वास्तविक पहचान मिलना समय की मांग है। जिसमे कहा कि इतिहास और स्थानीय साक्ष्यों के अनुसार इस पावन भूमि का मूल नाम 'देववृंद' है, जो कालांतर में अपभ्रंश होकर देवबंद बन गया। जिस प्रकार वर्तमान सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों को उनके गौरवशाली पौराणिक नाम वापस लौटाए हैं, उसी श्रृंखला में देवबंद का नाम बदलकर 'देववृंद' किया जाना न केवल इस क्षेत्र की ऐतिहासिक गरिमा को पुनर्स्थापित करेगा, बल्कि सनातन संस्कृति के प्रति समर्पित जन-जन की भावनाओं का सम्मान भी होगा। ज्ञापन में दूसरी प्रमुख मांग क्षेत्र की अगाध श्रद्धा के केंद्र सिद्धपीठ त्रिपुर माँ श्री बाला सुंदरी देवी मंदिर के सर्वांगीण विकास की रखी गई है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का आधार होने के बावजूद सुविधाओं के अभाव में इस दिव्य स्थल को वह स्थान प्राप्त नहीं हो सका है जिसका यह हकदार है। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की है कि मंदिर परिसर का भव्य जीर्णोद्धार कराया जाए और इसे विधिवत 'तीर्थ क्षेत्र' घोषित किया जाए। इस निर्णय से यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को उच्च स्तरीय मूलभूत सुविधाएं प्राप्त होंगी और धार्मिक पर्यटन के माध्यम से इस पावन भूमि की गरिमा विश्व पटल पर अंकित होगी। इस अवसर पर बजरंग दल पूर्व प्रांत बलोपासना प्रमुख कपिल मोहड़ा व पूर्व ब्लाक प्रमुख अनिल सिंह पुंडीर भी उपस्थित रहे। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री जी इस यात्रा के दौरान इन महत्वपूर्ण विषयों पर ऐतिहासिक निर्णय लेकर क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नया स्वरूप प्रदान करेंगे.
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जालौन में खेत पर आम के पेड़ से युवक की आत्महत्या, परिजनों में कोहराम

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के शाहजहांपुर गांव में 20 वर्षीय युवक राकेश कुशवाहा ने खेत पर आम के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, राकेश कुशवाहा पुत्र निवासी ग्राम शाहजहांपुर, कोतवाली कालपी, मानसिक रूप से परेशान रहता था। वह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था और घर की आर्थिक जिम्मेदारियों को निभा रहा था। बताया जा रहा है कि बुधवार देर शाम राकेश घर से खेत की ओर गया था। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान खेत में आम के पेड़ पर रस्सी के फंदे से उसका शव लटका मिला। यह दृश्य देखकर परिजनों के होश उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कालपी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वही राकेश काफी समय से मानसिक तनाव में था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है। बाइट:- महेन्द्र सिंह--मृतक का पिता
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बारिश के साथ पड़ी ओलों की मार, खेत हुए गीले, बुवाई होगी लेट

Ajay GargAjay GargFollow5m ago
Bugrasi, Uttar Pradesh:बुगरासी क्षेत्र में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। गुरुवार को दोपहर बाद आई तेज बारिश के साथ ओलों की छाल ने खेतों की स्थिति बिगाड़ दी। जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर खेती-किसानी पर इसका नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में पानी भर गया है और मिट्टी पूरी तरह से गीली हो गई है। इससे किसानों की बुवाई की तैयारियों पर ब्रेक लग गया है। कई किसानों ने पहले ही पलेवा कर लिया था और बुवाई के लिए खेत तैयार कर रहे थे, लेकिन इस अचानक मौसम बदलाव ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि अब खेतों के सूखने में कम से कम 3 से 5 दिन का समय लगेगा, जिसके बाद ही बुवाई संभव हो पाएगी। इससे फसल की टाइमिंग प्रभावित हो सकती है और उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है। खासकर बाजरा, ज्वार और सब्जियों की बुवाई करने वाले किसान ज्यादा चिंतित नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ओलों के कारण कुछ जगहों पर पहले से खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह है कि ओलावृष्टि ज्यादा देर तक नहीं हुई, जिससे बड़े नुकसान से बचाव हो गया। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो इस तरह के मौसम में किसानों को जल्दबाजी में बुवाई नहीं करनी चाहिए। खेत की नमी सामान्य होने के बाद ही बुवाई करना बेहतर रहेगा, ताकि बीज अंकुरण सही तरीके से हो सके। फिलहाल मौसम साफ होने के संकेत हैं, लेकिन किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं, ताकि मौसम स्थिर रहे और वे अपनी खेती का काम समय पर पूरा कर सकें।
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देवबंद के देववृंद नाम की पुनर्स्थापना और मंदिर को तीर्थ क्षेत्र घोषित करने पर जोर

Noida, Uttar Pradesh:देवबंद का नाम 'देववृंद' करने और सिद्धपीठ माँ बाला सुंदरी मंदिर को 'तीर्थ क्षेत्र' घोषित करने की उठी मांग राजय मंत्री जसवंत सैनी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगामी 7 मई के देवबंद आगमन को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह है। इस ऐतिहासिक अवसर पर बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री श्री जसवंत सैनी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को संबोधित एक महत्वपूर्ण मांग पत्र प्रेषित किया है। इस ज्ञापन में देववृंद की पौराणिक अस्मिता की पुनर्स्थापना और क्षेत्र के आध्यात्मिक विकास से जुड़ी दो प्रमुख मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया गया है। ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के इस स्वर्ण काल में देवबंद को उसकी वास्तविक पहचान मिलना समय की मांग है। जिसमे कहा कि इतिहास और स्थानीय साक्ष्यों के अनुसार इस पावन भूमि का मूल नाम 'देववृंद' है, जो कालांतर में अपभ्रंश होकर देवबंद बन गया। जिस प्रकार वर्तमान सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों को उनके गौरवशाली पौराणिक नाम वापस लौटाए हैं, उसी श्रृंखला में देवबंद का नाम बदलकर 'देववृंद' किया जाना न केवल इस क्षेत्र की ऐतिहासिक गरिमा को पुनर्स्थापित करेगा, बल्कि सनातन संस्कृति के प्रति सरंपित जन-जन की भावनाओं का सम्मान भी होगा। ज्ञापन में दूसरी प्रमुख मांग क्षेत्र की अगाध श्रद्धा के केंद्र सिद्धपीठ त्रिपुर माँ श्री बाला सुंदरी देवी मंदिर के सर्वांगीण विकास की रखी गई है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का आधार होने के बावजूद सुविधाओं के अभाव में इस दिव्य स्थल को वह स्थान प्राप्त नहीं हो सका है जिसका यह हकदार है। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की है कि मंदिर परिसर का भव्य जीर्णोद्धार कराया जाए और इसे विधिवत 'तीर्थ क्षेत्र' घोषित किया जाए। इस निर्णय से यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को उच्च स्तरीय मूलभूत सुविधाएं प्राप्त होंगी और धार्मिक पर्यटन के माध्यम से इस पावन भूमि की गरिमा विश्व पटल पर अंकित होगी। इस अवसर पर बजरंग दल पूर्व प्रांत बलोपासना प्रमुख कपिल मोहड़ा व पूर्व ब्लाक प्रमुख अनिल सिंह पुंडीर भी उपस्थित रहे। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री जी इस यात्रा के दौरान इन महत्वपूर्ण विषयों पर ऐतिहासिक निर्णय लेकर क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नया स्वरूप प्रदान करेंगे।
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चमोली में चारधाम यात्रा के लिए पुलिस अलर्ट, भूस्खलन से सुरक्षा जारी

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:रिपोर्ट पुष्कर चौधरी चमोली/ उत्तराखंड चमोली जनपद में मौसम के अचानक बदलते मिजाज को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. खासकर चारधाम यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चमोली पुलिस द्वारा अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत पंवार ने बताया कि खराब मौसम और संभावित भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए जनपद सीमा से लेकर बद्रीनाथ धाम तक संवेदनशील एवं भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई है. यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर चेतावनी एवं सूचना संबंधी साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों को भूस्खलन जोन और जोखिम वाले क्षेत्रों की सही जानकारी मिल सके. चारधाम यात्रा मार्ग पर 25 पुलिस बाइक लगातार संचालित की जा रही हैं, जिनमें करीब 50 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं. ये जवान पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार गश्त कर यात्रियों की गतिविधियों और यातायात व्यवस्था पर नजर बनाए रखेंगे. साथ ही हर पल की स्थिति की जानकारी वायरलेस सेट के माध्यम से पुलिस कंट्रोल रूम और एसपी कार्यालय तक पहुंचाई जाएगी. पुलिस प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि मौसम संबंधी एडवाइजरी का पालन करें, अनावश्यक जोखिम न लें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित यात्रा करें. बाइट सुरजीत पंवार एसपी चमोली
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जी हेल्पलाइन ने 18 महीने बाद अवधेश की वृद्धावस्था पेंशन मंजूर कराई

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली में जी हेल्पलाइन एक बार फिर जनता के लिए सहारा बनी है, दरअसल 62 साल के एक बुजुर्ग सरकारी महक में की चक्कर लगाकर परेशान था लेकिन 18 महीना के बाद भी उसकी वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल पा रही थी अधिकारियों के चक्कर लगा लगा के परेशान होकर अवधेश शर्मा नाम के वृद्ध आखिर जी हेल्पलाइन की शरण में आए और उसके बाद अधिकारियों ने उनकी सुनवाई की जिससे नामुमकिन से लगने वाली पेंशन अब अवधेश को मिलने का आश्वासन मिला है वीओ 01 बरेली के चंदौसी ग्राम के रहने वाले अवधेश उम्र के इस पड़ाव पर ना तो कोई काम कर सकते हैं और ना ही वह अब कहीं जाकर नौकरी कर सकते हैं उनके जीवन यापन के लिए सरकार द्वारा जारी की गई वृद्धावस्था पेंशन अब उनके लिए एकमात्र सहारा था लिहाजा उन्होंने इसके लिए अप्लाई किया अप्लाई करने के बाद उनको लग रहा था कि उनके बुढ़ापे की सहारा वृद्धावस्था पेंशन बनेगी लेकिन उसके सपने उसे वक्त चकनाचूर हो गए जब लगभग 18 माह का समय बीत जाने के बाद भी उसकी पेंशन मिलना शुरू नहीं हुई लिहाजा वह जी मीडिया के जी हेल्पलाइन की शरण में आया और जब हमारी टीम अधिकारियों के पास पहुंची तो वह पहले जहां अवधेश जी को पहले भगा दिया जाता था वहां जाकर सुनवाई हुई अब अधिकारी अब पूरे मामले में लीपा पोती करने लगे थे लेकिन जी मीडिया के कैमरे के आगे उनकी लापरवाही साफ दिखाई दे रही थी लिहाजा कैमरे के सामने उन्होंने अपनी गलती को मानकर अवधेश जी का पेंशन को अप्रूव कराया इतना ही नहीं जी मीडिया के कैमरे के आगे उन्होंने कहा कि एक महीने के अंदर इनकी वृद्धावस्था पेंशन इनके खाते में आ जाएगी वृद्ध अवधेश डेढ़ साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा था लेकिन उसके बाद भी उसकी सुनवाई नहीं हो रही थी और जब उसकी उसकी वृद्धावस्था पेंशन मिलने की आप नजर आई तो उसने जी मीडिया की टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया बाइट ....1 अवधेश , पेंशन के।लिए ओरेशन वृद्ध बाइट ....2 अवधेश , पेंशन के।लिए ओरेशन वृद्ध वाक थ्रू विकास भवन के सामने से वॉक थ्रू फाइनल बाइट सुधांशु, समाज कल्याण अधिकारी
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बंगाल हिंसा पर झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी तेज, मणिपुर की राह पर तंज

Ranchi, Jharkhand:पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे के बाद हो रहे हिंसा पर झारखंड में भी राजनीतिक बयानबाजी जारी है। झारखंड बीजेपी प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी ने कहा, बंगाल की राजनीति हमेशा से रक्तरंजीत राजनीति में लोग ज्यादा संलिप्त रहते हैं। जहां भी वामपंथी विचार के लोग रहे हैं रक्त के साथ क्रांति उनका रहा है। बंगाल में लंबे समय तक वामपंथी सरकार थी और हिंसा वहां मूल रहा । सत्ता का हस्तांतरण हुआ टीएमसी आई पर सिर्फ सत्ता का ही परिवर्तन था , विचारों या कार्यशैली का कोई बदलाव नहीं था , टीएमसी शासन में जो महाजंगल राज रहा अब जैसे ही सत्ता बदली ,बेवजह ममता दीदी हराने के बाद भी इस्तीफा देने के बजाय कैसे वैधानिक संकट पैदा करें , उनके कार्यकर्ता को भड़का कर जिस तरह की घटना करवा रही हैं, बंद होना चाहिए। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा, बंगाल को अंततः ये लोग मणिपुर बना कर मानेंगे, पृष्ठभूमी लगता है तैयार हो चुकी है, जो हिंसा का दौर चल रहा ,लगता है बहुत जल्द मणिपुर की राह पर बंगाल चल पड़ेगा। जिस तरह खुलेआम गुंडा गर्दी और आतंक का राज दिखा । पांच सौ से ज्यादा कार्यालय जला दिए गए। पार्टी विथ डिफरेंस क्या डिफरेंस है। लोकतंत्र में ऐसा नहीं होना चाहिए, जिसमें वोट दिया, जिसने वोट नहीं दिया चुनाव खत्म हो गया ,पूरे सूबे में आपकी सरकार फिर चुन चुन कर लोगों को टारगेट करना , हिंसा करना क्या दर्शाता है। कांग्रेस प्रदेश महासचिव ने कहा, लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं , हिंसा करने वाले कोई भी हों, सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बात सरकार की नहीं कानून व्यवस्था की है, जिस तरह से बीजेपी और गृह मंत्री ने जो संबोधन किया था उकसाने वाला बयान दिया था। कांग्रेस किसी भी हिंसा की निंदा करती है।
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