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Mohammad WasimMohammad WasimFollow8 Oct 2024, 01:52 am
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RLJP प्रवक्ता संजय साराफ ने अमरनाथ यात्रा को श्रद्धा और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का प्रतीक बताया

Srinagar, Uttarakhand:Rashtriya Lok Janshakti Party (RLJP) National Spokesperson Sanjay Saraf warmly welcomed the annual Shri Amarnath Ji Yatra, describing it as a symbol of India's rich spiritual heritage, communal harmony, and peaceful coexistence. He appreciated the efforts of the civil administration, security forces, and volunteers for ensuring the smooth and safe conduct of the pilgrimage. Saraf said that the Amarnath Yatra reflects India's age-old tradition of religious tolerance, unity in diversity, and mutual respect among people of different faiths. He extended his best wishes to all pilgrims and prayed for a peaceful and successful Yatra. Taking a strong stand on national security, Saraf criticized political parties that advocate dialogue with Pakistan without addressing the issue of cross-border terrorism. He said that any meaningful engagement can only take place when Pakistan takes credible and visible steps to end terrorism and dismantle the terror infrastructure operating from its soil. Commenting on India-Pakistan relations, Saraf stated that lasting peace in the region can only be achieved through meaningful dialogue and diplomacy, but emphasized that terrorism and talks cannot go hand in hand. He asserted that Pakistan must first stop supporting terrorism before any constructive dialogue can move forward. Saraf reiterated that India's sovereignty, national security, and the safety of its citizens must remain the foremost priority, while expressing hope for lasting peace based on mutual trust, respect, and an end to violence.
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श्रीनगर एयरपोर्ट इस साल पूरी तरह बंद नहीं रहेगा; रनवे रखरखाव जारी

Srinagar, Uttarakhand:श्रीनगर एयरपोर्ट के अधिकारियों ने घोषणा की है कि इस साल एयरपोर्ट को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा। श्रीनगर, 4 जुलाई - श्रीनगर एयरपोर्ट के अधिकारियों ने कहा कि एयरपोर्ट का कामकाज सभी दिन सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक जारी रहेगा। हालांकि, रनवे के रखरखाव के लिए रात में इसे बंद करने का काम अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। सोमवार और मंगलवार को रनवे को पूरी तरह बंद करने के पहले प्रस्तावित NOTAM को वापस ले लिया गया है। एयरलाइंस से कहा गया है कि वे मौजूदा कामकाज के समय के अनुसार अपने शेड्यूल अपडेट करती रहें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट स्टेटस चेक कर लें और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें।
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अजमेर शरीफ: इमाम हुसैन के पैगाम पर उलेमाओं की नसीहत, समाज एकता का संदेश

Ajmer, Rajasthan:अजमेर शरीफ में ज़िक्रे शोहदाये कर्बला की मजलिस का अहतेमाम किया गया। दरगाह इलाक़ा के त्रिपोलिया गेट पर वाक्य हज़रत ताना शाह बाबा की दरगाह पर हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहो तआला अन्हो के 'सब्र का पैगाम,इंसानियत के नाम' प्रोग्राम हुआ । जिसमें मौजूदा हालातो को लेकर उलेमा इकराम ने शरीयत की रौशनी में आवाम को नसीहतें फ़रमाई । ज़िक्रे हज़रत इमाम हुसैन का आगाज़ तिलावते कुरआन पाक से हुआ और महफ़िल में अहलेबैत की शान में उम्दा कलाम पेश किए गए। हाफ़िज़ शकील अहमद की सदारत में मौलाना ज़ाकिर हुसैन ने ज़िक्रे शोहदाये कर्बला और हज़रत सैय्यदना जैनुल आबेदीन रदियल्लाहो तआला अन्हो की सीरत पर ख़िताब फरमाया। मौजूद अक़ीदतमंदान ने नारे तकबीर अल्लाह हु अकबर के साथ अहलेबैत के नारे बुलंद किये। जहा हाज़रिन ने ज़िक्रे कर्बला से 'हज़रत इमाम हुसैन का पैग़ाम, इंसानियत के नाम' पर अमल करने नसीहतें हासिल की। प्रोग्राम के इखत्ताम पर तमाम आशिके रसूलल्लाह ( सल्लल्लाहो अलैही वसल्लम ) ने अपने आका की बारगाह में सलातो सलाम पेश किया। वही आलमे इस्लाम की हिफ्ज़ों अमान बिल ख़ैर की दुआ भी की गई और अक़ीदत मंदो में नियाज़ के लंगर का अहतेमाम भी किया गया।
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नोएडा-यमुना एक्सप्रेस वे के लिए अहम बैठक, योजना तेज

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा । यमुना पुस्ते पर बनने वाले नए एक्सप्रेस वे को लेकर नोएडा प्राधिकरण में अहम बैठक हुई बैठक में नोएडा प्राधिकरण, सिचाई विभाग, NHAI की सलाहकार समिति के सदस्य शामिल हुए DND से सेक्टर 150 तक बनाये जाने वाले नए एक्सप्रेस वे को लेकर की गई मीटिंग अब एक्सप्रेस वे के एलाइमेंट के किए नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण मिलकर करेंगे DND से सेक्टर यमुना एक्सप्रेस को जोड़ने के लिए यमुना पुस्ते पर एक्सप्रेस वे बनाने की योजना में तेजी बैठक में नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन के अधिकारियों ने अपने सुझाव दिए, दिल्ली वाराणसी हाई स्पीड रेल परियोजना में एक्सप्रेस वे के किनारे हाई स्पीड रेल स्टेशन प्रस्तावित है
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बीरभूम में सरकारी जमीन पर कोचिंग कैंप: ग्रामीणों का तीखा विरोध

Noida, Uttar Pradesh:बीरभूम में सरकारी जमीन पर कब्जा करके क्रिकेट कोचिंग कैंप चलाने के खिलाफ ग्रामीणों का विरोधयह घटना दुबराजपुर ब्लॉक के हेतमपुर ग्राम पंचायत के कोल्ड स्टोर इलाके की है। ग्रामीणों का आरोप है - पहले हम इस मैदान में खेलते थे। गोकुरुल, बाबूबेड़ा और कोल्ड स्टोर इलाके के लड़के इस मैदान में खेला करते थे। लेकिन तृणमूल के शासन में हमें डराकर नारायण दे नाम के एक व्यक्ति ने इस जगह को घेर लिया। हम कहीं शिकायत करने जाते तो धमकी दी जाती थी। इसलिए डर के मारे कुछ नहीं बोल पाए। लेकिन अब सरकार बदल गई है, इसलिए हम मुंह खोल पा रहे हैं。 दूसरी ओर, अनिल किशोर दे क्रिकेट कोचिंग कैंप के मालिक नारायण दे ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। हालांकि उन्होंने यह माना है कि यह कोचिंग कैंप सरकारी जमीन पर है। मौके पर दुबराजपुर थाने की पुलिस और केंद्रीय बल पहुंचे। उन्होंने आकर हालात काबू में किए। दुबराजपुर बीजेपी के 4 नंबर मंडल अध्यक्ष शंभूनाथ बनर्जी ने बताया कि लंबे समय से इस सरकारी जमीन पर कब्जा करके नारायण दे क्रिकेट कोचिंग कैंप चला रहे थे। बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि दुबराजपुर नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन पीयूष पांडे का हाथ उनके सिर पर था, इसलिए उन्होंने इस जगह पर कब्जा किया। यहां तक कि पूर्व चेयरमैन पीयूष पांडे ने खुद भी कई सरकारी जगहों पर कब्जा कर रखा है। सबका हिसाब होगा。 सवाल यह है कि किस तरह और किसकी शह पर सरकारी जमीन पर इस तरह एक कोचिंग कैंप बन गया और प्रशासन ने कुछ नहीं किया? या क्या सच में प्रशासन की तरफ से उन्हें यह कैंप चलाने के लिए लिखित में कुछ दिया गया है? अब देखना है कि घटना का रुख किस तरफ जाता है।
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सुरक्षा गाड़ियों के वितरण पर डीजीपी बनाम वित्त विभाग में तकरार

Ranchi, Jharkhand:सुरक्षा वापस करने के पीछे कारण है शुरुआत में मेरे पास तीन गाड़ियां थी हम उग्रवाद क्षेत्र से आते हैं, अगर एक गाड़ी में 6 जवान रहेंगे और कभी मोर्चा संभालने की जरूरत आई तो पता चला हमारे जवानों पर ही प्रहार हो गया सुरक्षा को लेकर पुलिस ने जो मापदंड तैयार किया है वह पुराना मापदंड है आज की तारीख में उन्हें बदलाव करने की जरूरत है व्यवहारिक है कि एक गाड़ी में चार जवान बैठे और यह उनकी सुरक्षा के लिए है, वित्त मंत्री की सुरक्षा पर कोई सवाल नहीं है आज की तारीख में हमारे पास 16 गार्ड है और तीन गाड़ियों में उन्हें ठोस कर बैठना सुरक्षा के दृष्टिकोण से उचित नहीं शुरू में चार गाड़ियां थी लेकिन पुलिस ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के डीएसपी ने पत्र लिखा था एक गाड़ी वापस करने के लिए जिस के बाद मैने डीजीपी को एक पत्र लिखा कि हमें चार गाड़ियों की आवश्यकता है लेकिन कोई जवाब नहीं आया इसी बीच वित्त विभाग के संयुक्त सचिव पंकज सिंह ने हमारे प्राइवेट सेक्रेटरी को एक गाड़ी वापस लौटने को लेकर पत्र लिखा गया एलॉटमेंट ऑर्डर है उसमें वित्त मंत्री के नाम से है, जिसका स्वामित्व पुलिस डिपार्टमेंट का है ना कि फाइनेंस डिपार्टमेंट का पुलिस महानिदेशक के साथ हो रहे पत्राचार में कोई जवाब नहीं आता है वित्त विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी को पत्र लिखने का कोई औचित्व नहीं था जिन चीजों से जॉइंट सेक्रेटरी का कोई लेना देना नहीं है उसे पर वह ओवरएक्ट कर रहे हैं....वित्त मंत्री टीज करने की दृष्टिकोण से या फिर शर्मिंदा करने की नीयत से यह पत्र जॉइंट सेक्रेटरी की तरफ से लिखा गया डीजीपी अखबार को क्लेरिफिकेशन देते हैं लेकिन मंत्री को जवाब देने का अचित होने ही समझते आखिर इसमें क्या इगो था डीजीपी का, हमें जवाब मिलता तो हम गाड़ी वापस कर देते हैं हमें अगर सुरक्षा मिली है तो हमने नहीं मांगा है बल्कि नियम के तहत मुझे मिला है अगर गाड़ियों की संख्या घटानी है जवानों को भी काम कर दिया जाए डीजीपी को इगो में यह लगता है कि वह राज्य के मंत्री को पत्र क्यों लिखा तो इसका कोई जवाब नहीं इस पूरे प्रकरण में सरकार कहीं भी इंवॉल्व नहीं है ना ही मुख्यमंत्री कोई भी मंत्री सरकार है और वह सक्षम है ऐसे अधिकारियों को सिखाने में, मेरा लिखा हुआ पत्र जो वायरल हुआ किसने किया यह जांच का विषय है क्योंकि मेरे कार्यालय से यह निम्न स्तर का काम नहीं होगा, मुझे लगेगा कि मीडिया के सामने आना चाहिए तो मैं दृढ़ता के साथ सामने आऊंगा पेपर लीक नहीं करूंगा विपक्ष इसी उम्मीद में रहता है की कहां मौका मिले और वह अटैक करें उनका मंसूबाह कभी सफल नहीं होगा डीजीपी को लेकर मेरे मन में जो जिज्ञासा है वह उन्हें दूर करना होगा, मैंने अखबार में देखा कि उन्होंने जवाब दिया है यही चीज वह पत्र के माध्यम से मुझे जवाब दे सकती थी, यह तय है कि उनके नजर में मंत्री का कोई स्थान नहीं डीजीपी हेडक्वार्टर में बैठी रहती हैं उन्हें सुरक्षा का कुछ पता नहीं होगा क्योंकि झारखंड अलग-अलग ज्योग्राफी में बना है यहां पर क्रिमिनल और नक्सलियों का अलग इतिहास है हर क्षेत्र में सुरक्षा का दृष्टिकोण अलग होना चाहिए। जो नक्सल प्रभावित इलाकों के जन्म प्रतिनिधि हैं उनके सुरक्षा कापैमाना अलग होना चाहिए क्या डीजीपी कभी बूढ़ा पहाड़ सारंडा के जंगल गई हैं अपने जवानों को देखने के लिए। मुख्यमंत्री उस संगीन क्षेत्र में पहुंच गए लेकिन डीजीपी नहीं पहुंची । उग्रवाद नियंत्रित क्षेत्र की जरूरत है। सुरक्षा की बात करने के लिए डीजीपी के पास कोई नैतिक अधिकार नहीं है,क्योंकि पुलिस वैन से निकाल कर किसी को मारा जाता हो, उसे पर समीक्षा होनी चाहिए मुझे कोई सुरक्षा की जरूरत नहीं है मैं जब मंत्री नहीं था तब भी सुदृढ़ क्षेत्र में जाता था इतनी छोटी बात को मुख्यमंत्री से शेयर करने की जरूरत नहीं, एक मंत्री छोटी बातों को लेकर मुख्यमंत्री के पास जाए ऐसी नौबत नहीं आनी चाहिए और ना ही आने दिया जाएगा अगर किसी अधिकारी की सोच गलत है तो हम काफी हैं उस सोच को सीधा करने के लिए,ह्म इतने लाचार नहीं हैं। एक तरफ पुलिस डिपार्टमेंट का कहना है कि हमने कोई पत्र नहीं लिखा तो जॉइंट सेक्रेटरी कि बिनाह पर पत्र लिख रहे हैं, अपने अधिकार का नकारात्मक प्रयोग करते हुए मंत्री को पत्र लिख देते हैं। जॉइंट सेक्रेटरी कि भारी चूक है।
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