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Mohammad WasimMohammad WasimFollow14 Sept 2024, 11:02 am
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राजस्थान हाईकोर्ट ने तलाक पूर्व डिक्री रद्द कर दंपती के विवाह को बहाल कर दिया

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में तलाक की पूर्व डिक्री को रद्द करते हुए पति-पत्नी का विवाह बहाल कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जब पति-पत्नी स्वयं अपने मतभेद समाप्त कर वैवाहिक जीवन फिर से शुरू करने के लिए सहमत हों, तो कानून के तहत जहां संभव हो, न्यायालय को उनके मेल-मिलाप का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। न्यायाधीश उमाशंकर व्यास और न्यायाधीश समीर जैन की खंडपीठ ने हनुमानगढ़ निवासी महिला की अपील पर आदेश सुनाया। मामले में फैमिली कोर्ट, हनुमानगढ़ ने 30 नवंबर 2024 को पति अमित की ओर से हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1)(ia) के तहत दायर तलाक याचिका स्वीकार करते हुए 23 अक्टूबर 2015 को हुए विवाह को समाप्त कर दिया था। Appell की सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में उपस्थित हुए। मामले को 29 जनवरी 2026 को मध्यस्थता केंद्र भेजा गया था, लेकिन वहां समझौता नहीं हो सका। बाद में हाईकोर्ट की कार्यवाही के दौरान आपसी बातचीत और कोर्ट के प्रयासों से पति-पत्नी के बीच समझौता हो गया। दोनों ने स्वेच्छा से अपने मतभेद खत्म कर फिर से साथ रहने की इच्छा जताई। खंडपीठ ने विशेष रूप से दंपती की नाबालिग बेटी के भविष्य और उसके माता-पिता दोनों का स्नेह, देखभाल और भावनात्मक सुरक्षा मिलने को महत्वपूर्ण माना। कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवाद को केवल कानूनी दावों तक सीमित नहीं देखा जा सकता, क्योंकि इससे परिवार और मानवीय संबंध भी जुड़े होते हैं। कोर्ट ने 30 नवंबर 2024 की तलाक डिक्री को रद्द करते हुए 23 अक्टूबर 2015 को हुआ विवाह बहाल कर दिया। आदेश में कहा गया कि विवाह ऐसे बहाल माना जाएगा, जैसे तलाक की डिक्री बीच में आई ही नहीं थी। दोनों पक्षों को भविष्य के मतभेद आपसी संवाद, धैर्य और समझदारी से सुलझाने की अपेक्षा जताई गई。
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राजस्थान हाईकोर्ट ने राजपरिवार संपत्तियों के विभाजन मामले में ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राजपरिवार से जुड़ी संपत्तियों के विभाजन के विवाद में ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए दायर रिट याचिका खारिज कर दी। जस्टिस फरजंद अली बेंच ने स्पष्ट किया कि वादपत्र में संशोधन की अनुमति देने का मतलब संशोधित दावे को स्वीकार करना नहीं है। संपत्तियों के स्वामित्व और अधिकार से जुड़े विवाद का निर्णय ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगा। मामला महाराज दिलीप सिंह की ओर से दायर एसबी सिविल रिट याचिका से संबंधित था। याचिका में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश संख्या-5, जोधपुर मेट्रोपॉलिटन के 28 सितंबर 2013 के आदेश को चुनौती दी गई थी। ट्रायल कोर्ट ने सिविल ओरिजिनल सूट संख्या 4/2013 में वादी राजेंद्र सिंह को आदेश VI नियम 17 सीपीसी के तहत वादपत्र में संशोधन की अनुमति दी थी। विवाद स्वर्गीय महाराज देवी सिंह की संपत्तियों से जुड़ा है। इनमें रेजीडेंसी रोड स्थित ‘सरदार गेस्ट हाउस’ तथा पाली जिले के डूडी गांव की कृषि भूमि शामिल है। मूल वाद में इन संपत्तियों को महाराज देवी सिंह की व्यक्तिगत संपत्ति बताते हुए विभाजन में हिस्सा मांगा गया था। संशोधन के जरिए दावा किया गया कि संपत्तियां संयुक्त हिंदू परिवार की थीं और महाराज देवी सिंह के नाम पट्टा उपयोग एवं उपभोग के लिए था। हाईकोर्ट ने कहा कि संशोधन से पक्षकार, संपत्तियां और मांगी गई विभाजन की राहत नहीं बदली है। इसलिए इसे मुकदमे की मूल प्रकृति में बदलाव नहीं माना जा सकता। पूर्व की कार्यवाही, रेस जुडिकाटा, लिमिटेशन, नॉन-जॉइनर और आंशिक विभाजन जैसी आपत्तियों पर ट्रायल के दौरान निर्णय किया जा सकता है। कोर्ट ने प्रतिवादियों को संशोधित वादपत्र के जवाब में लिखित बयान दाखिल करने की स्वतंत्रता दी और ट्रायल कोर्ट को सभी मुद्दों पर स्वतंत्र रूप से निर्णय करने का निर्देश दिया।
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कोटा के DSP गिरिराज गर्ग हार्ट अटैक से निधन, पुलिस महकमे में शोक

Kota, Rajasthan:कोटा से पुलिस महकमे के लिए दुखद खबर सामने आई है... डीएसपी गिरिराज गर्ग की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वे कोटा में अपनी ड्यूटी के सिलसिले में सरकारी क्वार्टर में अकेले रह रहे थे। बताया जा रहा है कि बुधवार शाम करीब 7 बजे क्वार्टर पर बैठे हुए अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और घबराहट होने लगी। उन्होंने तुरंत अपने साथियों को इसकी जानकारी दी। साथी पुलिसकर्मी उन्हें कोटा के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद गुरुवार सुबह करीब 4 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। डीएसपी गिरिराज गर्ग भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ के रहने वाले थे। इसी साल मार्च में जयपुर के एक निजी अस्पताल में हार्ट ब्लॉकेज के बाद उनका स्टेंट डाला गया था। इसके बाद अगस्त में उन्होंने 14वीं आरएसी में जॉइन किया था और फिलहाल अपनी कंपनी के साथ कोटा में तैनात थे।गिरिराज गर्ग की करीब चार साल की सर्विस अभी बाकी थी। अचानक हुई मौत की खबर से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही आरएसी के अधिकारी और जवानों के साथ दादाबाड़ी थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची। फिलहाल पुलिस और विभागीय अधिकारी आगे की प्रक्रिया में जुटे हैं।
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जोधपुर-जैसलमेर हाईवे पर EVM से भरी गाड़ी पलटी, कोई घायल नहीं

Jodhpur, Rajasthan:बालेसर जोधपुर-जैसलमेर नेशनल हाईवे 125 पर 38 मील के पास एक सड़क हादसा हो गया। आगामी पंचायती राज चुनावों के लिए जैसलमेर से पाली जा रही ईवीएम (EVM) मशीनों से भरी दो गाड़ियों में से एक अचानक सड़क पर गाय आ जाने से असंतुलित होकर पलट गई। हादसे की आवाज सुनकर ग्रामीण हाईवे पर जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई; चालक पूरी तरह सुरक्षित है, जबकि एक पुलिस हेडकांस्टेबल को मामूली चोटें आई हैं। मामला चुनाव और ईवीएम जैसी संवेदनशील सामग्री से जुड़ा होने के कारण बालेसर एसडीएम सुमन राठौड़ तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने तुरंत क्रेन बुलाकर क्षतिग्रस्त गाड़ी को सीधा करवाया। इसके बाद सभी ईवीएम मशीनों को सुरक्षित रूप से दूसरी गाड़ी में शिफ्ट करवाकर पाली के लिए रवाना कर दिया गया।
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मेरठ के आसमान में पहली बार तिरंगा, सूर्यकिरण टीम 19–20 सितंबर मोहिउद्दीनपुर में प्रदर्शन

मेरठ के आसमान में पहली बार तिरंगे के रंग बिखरने वाले हैं। 19 और 20 सितंबर को भारतीय वायुसेना की विश्व प्रसिद्ध सूर्य किरण एरोबैटिक टीम मोहिउद्दीनपुर में एयर शो करेगी. परतापुर क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में होने वाले इस ऐतिहासिक एयर शो में नौ हॉक एमके-132 विमान एक साथ उड़ान भरेंगे. विमानों द्वारा लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैनूवर जैसे रोमांचक करतब दिखाए जाएंगे। बेहद कम दूरी पर विमानों की सटीक टाइमिंग और सामंजस्यपूर्ण उड़ान दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण होगी. प्रशासन ने दर्शकों के लिए खुले पंडाल, प्रवेश मार्ग, खान-पान और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि एयर शो के लिए सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
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कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर जवानों ने आशीर्वाद का दीप जलाकर सेवा संकल्प अभियान का शुभारम्भ

Vijayapura, Karnataka:कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर जवानों ने जलाया आशीर्वाद का दीप सेवा संकल्प अभियान के तहत पुलिस थानों और सुरक्षा शिविरों में भी हुआ दीप प्रज्वलन बीजापुर- जिला पुलिस बीजापुर द्वारा गुरुवार को सेवा, समर्पण एवं जनकल्याण की भावना को लेकर “सेवा संकल्प अभियान जन सेवा ही प्रभु सेवा” की शुरुआत की गई। अभियान के प्रथम दिन कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर आशीर्वाद का दीप प्रज्वलित किया गया। पुलिस के मुताबिक, कर्रेगुट्टा क्षेत्र में सीआरपीएफ, कोबरा और डीआरजी के जवानों द्वारा संचालित संयुक्त अभियानों में प्रदर्शित साहस और कर्तव्यनिष्ठा के सम्मान में दीप प्रज्वलित किया गया। इसे आंतरिक सुरक्षा और शांति के लिए कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे जवानों के त्याग एवं समर्पण के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया गया। अभियान के तहत जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पुलिस लाइन, यातायात कार्यालय सहित जिले के सभी पुलिस थानों एवं चौकियों तथा सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के शिविरों में भी अधिकारियों एवं जवानों ने दीप प्रज्वलित किए। विभिन्न स्थानों पर रंगोली और दीप सजाकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस विभाग ने बताया कि अभियान के माध्यम से जवानों के त्याग और समर्पण के साथ जनसेवा, शांति और सुरक्षित समाज के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं भी प्रेषित की गईं।
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गुरुग्राम के ऑटो में यमराज की सवारी, नियम ध्वस्त

Gurugram, Haryana:गुरुरुग्राम में ऑटो में "यमराज की सवारी" सवारियों का सफर या यमराज के दरबार की टिकट? गुरुग्राम में ऑटो बना डबल डेकर सवारी गाड़ी ऑटो के अंदर, पीछे और ऊपर ठूस-ठूस कर भरी सवारी देखने से लग रहा है कि यह खिलाड़ी है जो खेल कर वापस सोहना जा रहे हैं एक ऑटो में दो दर्जन से ज्यादा खिलाड़ी, ऊपर-नीचे हर तरफ खिलाड़ी गुरुग्राम- सोहना एलिवेटेड फ्लाईओवर पर रात के अंधेरे में ट्रैफिक नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहा ऑटो इस एलिवेटेड फ्लाईओवर पर ऑटो की एंट्री पर भी है प्रतिबंध खास बात यह कि ऑटो के आगे और पीछे नहीं थी कोई नंबर प्लेट चंद मिनटों के सफर में यमराज को दिया न्योता!
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गोंडा के परसपुर में विरोध प्रदर्शन पर मुकदमा; सरकारी कार्य बाधित

Gonda, Uttar Pradesh:परसपुर थाने में सपा नेत्री काजल निषाद और एसडीएम व थाना अध्यक्ष परसपुर को धमकी देने वाले राजा निषाद समेत 50-60 अज्ञात लोगों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, रोड जाम कर यातायात प्रभावित करने को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि 11 सितंबर को गोरखपुर से मृतक विनोद साहनी के घर रेक्सडिया पहुंचकर परिजनों को बरगलाकर शव को घर से दूर लेकर चचरी भौरीगंज मुख्य मार्ग पर विरोध प्रदर्शन किया गया। सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध हुआ जिससे जन सामान्य एवं यातायात का आवागमन बाधित रहा, एंबुलेंन भी फंसी रहीं। इस मुकदमे को 12 सितंबर की रात दर्ज किया गया और चार दिन से गोपनीय रखा गया ताकि विरोध न हो सके, पर चार दिन बाद एफआईआर कॉपी उपलब्ध हुई। उप निरीक्षक आकाशदीप ने बताया कि रेक्सडिया गांव के विनोद साहनी की मौत 10 सितंबर को KGMC में हुई थी; पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुँचा और 11 सितंबर को अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही थी। इसी बीच काजल निषाद, राजा निषाद और उनके 50-60 अज्ञात सहयोगियों ने मृतक के घर पहुंचकर शव उठाकर चचरी भौरीगंज मुख्य मार्ग पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया; सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया। राजा निषाद ने थाना अध्यक्ष को धमकी दी और SDM को भी हड़काने की बात कही। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ।
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कश्मीर में उलेमा एक मंच पर एकजुट, मस्जिदों से सामाजिक मुद्दों की चर्चा

Chaka, क Kashmir के लिए एक नई सुबह; आस्था के मंचों से बदलाव की ओर: क Kashmir के भविष्य को नया रूप देने के लिए अलग-अलग विचारधाराओं के इस्लामिक विद्वान एक साथ आए हैं। मस्जिदें, दरगाहें और मदरसे अब युवाओं को सही और गलत की पहचान कराकर एक नए कश्मीर की नींव रखने में मदद करेंगे। कश्मीर शांति और प्यार की अपनी पुरानी पहचान को फिर से हासिल कर रहा है। कभी सूफी और ऋषियों के भाईचारे और अहिंसा के संदेश के लिए मशहूर रही यह घाटी बाद में हिंसा, आतंकवाद, विरोध-प्रदर्शन और पत्थरबाजी का केंद्र बन गई थी, जिसे कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं और ISI ने बढ़ावा दिया था। इन बाहरी ताकतों पर आरोप था कि उन्होंने कट्टरपंथी इस्लामिक विद्वानों को प्रभावित करके युवा पीढ़ी को कट्टर बनाया और पूरे जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को हवा दी। दशकों तक इस इलाके ने लगातार हिंसा का सामना किया। अब एक बड़ा बदलाव हो रहा है। सभी विचारधाराओं और संप्रदायों के इस्लामिक विद्वान आने वाली पीढ़ियों को सही और गलत के बीच फर्क समझाने की जिम्मेदारी लेने के लिए एक साथ आए हैं। इस बदलाव के केंद्र जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की मस्जिदें, दरगाहें और मदरसे होंगे। कश्मीर घाटी की मस्जिदों में अब सिर्फ आस्था और धर्म के उपदेश ही नहीं गूंजेंगे। उनके मंचों से अब समाज की सबसे तकलीफदेह समस्याओं पर भी बात होगी। हर शुक्रवार को होने वाले उपदेशों में युवाओं में ड्रग्स की लत, आत्महत्या और डिप्रेशन के बढ़ते मामलों और पर्यावरण को हो रहे नुकसान जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा होगी। यह अहम निर्णय जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रमुख धार्मिक नेताओं की एक अहम बैठक में लिया गया है। खास बात यह है कि दशकों बाद शिया और सुन्नी नेता एक मंच पर एकजुट हुए। इस बैठक की अध्यक्षता घाटी के मुख्य धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने 'मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलेमा' (MMU) के बैनर तले की। मीरवाइज उमर फारूक ने युवाओं में खुद को नुकसान पहुंचाने और मानसिक परेशानी के बढ़ते मामलों और बिगड़ते सामाजिक माहौल का जिक्र किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन समस्याओं को सिर्फ सरकार या कभी-कभार होने वाले सेमिनार पर नहीं छोड़ा जा सकता; समाज को इनका सामना करने के लिए लगातार मिलकर काम करना होगा। उन्होंने साफ कहा कि मस्जिदों और उनके मंचों की पहुंच और प्रभाव बहुत खास है। धार्मिक नेताओं का यह कर्तव्य है कि वे इस ताकत का इस्तेमाल रचनात्मक कामों के लिए करें। MMU के फ्रेमवर्क के तहत, घाटी की सभी मस्जिदों में हर शुक्रवार को किसी एक खास सामाजिक मुद्दे पर बात की जाएगी। इसका मकसद परिवारों को शुरुआती चेतावनी के संकेतों को पहचानने में मदद करना, काउंसलिंग से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करना और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है। इसके अलावा, पूरे जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में किसी एक बड़े सामाजिक मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महीने में एक बार संयुक्त उपदेश (खुतबा) आयोजित किए जाएंगे। इमामों और उलेमाओं ने बार-बार कहा है कि इस्लाम या “जिहाद” के नाम पर सांप्रदायिकता, आतंकवाद या हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है, और असली इस्लामिक शिक्षाएँ शांति, जीवन की पवित्रता, प्रेम, दया और मिल-जुलकर रहने पर ज़ोर देती हैं। मौलाना सैयद मुदस्सिर गिलानी ने कहा, मैं आपके मीडिया के जरिए यह बात कहना चाहता हूँ क्योंकि आप सही खबरें दिखाते हैं और दूसरे मीडिया स्रोत भी; अब लोगों के सामने यह बात आ गई है कि क Kashmir के उलेमा (विद्वान) शांति-पसंद हैं, शांति की शिक्षा देते हैं, और शांति व भाईचारे का पाठ पढ़ाते हैं। और अल्हम्दुलिल्लाह, अगर हाल ही में ऐसा कदम उठाया गया है - यानी शिया और सुन्नी का एक साथ आना तो ऐसी कॉन्फ्रेंस पहले भी हुई हैं, और ऐसी कॉन्फ्रेंसेस आगे भी होती रहेंगी क्योंकि यहाँ हज़ारों ऐसे संस्थान हैं जो ऐसी कॉन्फ्रेंसेस आयोजित करते हैं। लेकिन हाल ही में हुई कॉन्फ्रेंस क Kashmir के भविष्य के लिए बहुत अच्छी थी। ऐसी कॉन्फ्रेंसेस होनी चाहिए ताकि लोग शांति और सुकून का संदेश फैलाएँ। पूरे कश्मीर को मस्जिद से उम्मीद है कि वहाँ से पूरे देश को ऐसा मार्गदर्शन मिले, ऐसा रास्ता मिले, जिससे देश एकजुट हो सके। लेकिन मैं इसमें यह भी जोड़ना चाहूंगा कि हमें सूफीवाद को बढ़ावा देना चाहिए; सूफीवाद को लोकप्रिय बनाया जाना चाहिए। MMU के नए फ्रेमवर्क के तहत, घाटी की सभी मस्जिदों में हर शुक्रवार को किसी एक खास सामाजिक मुद्दे पर बात की जाएगी। इसका मकसद परिवारों को शुरुआती चेतावनी के संकेतों को पहचानने में मदद करना, काउंसलिंग से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करना और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है। इसके अलावा, पूरे जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में किसी एक बड़े सामाजिक मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महीने में एक बार संयुक्त उपदेश (खुत्बा) आयोजित किए जाएंगे। इमामों और इस्लामिक विद्वानों ने, खासकर भारत और क Kashmir के संदर्भ में, बार-बार कहा है कि इस्लाम या “जिहाद” के नाम पर सांप्रदायिकता, आतंकवाद या हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है, और असली इस्लामिक शिक्षाएँ शांति, जीवन की पवित्रता, प्रेम, दया और मिल-जुलकर रहने पर ज़ोर देती हैं।
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