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Raju Sursingh RathodRaju Sursingh RathodFollow12 Oct 2024, 06:42 pm
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बुराड़ी शक्ति एनक्लेव झील के पानी के ओवरफ्लो से घरों को खतरा, बड़े हादसे की आशंका

New Delhi, Delhi:बुराड़ी झील बनी मुसीबत: हो सकता है सत्य निकेतन जैसा बड़ा हादसा। उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी की शक्ति एनक्लेव झील कभी खूबसूरती की पहचान थी, लेकिन अब खतरे का सबब बनती जा रही है। ओवरफ्लो पानी बहुमंजिला इमारतों की नींव तक पहुंच रहा है और स्थानीय लोग सत्य निकेतन जैसी बड़ी घटना का डर जता रहे हैं। तस्वीरें दिखाती हैं कि शक्ति एनक्लेव की झील खतरे की घंटी बजा रही है। झील में पानी बढ़ने से ओवरफ्लो आसपास के मकानों और बहुमंजिला इमारतों की तरफ पहुंच रहा है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि इससे इमारतों की नींव पर खतरा है। झील के चारों ओर काफी घर रहे हैं। अगर पानी इसी तरह बढ़ता रहा, तो बड़ा हादसा संभव है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि आसपास की बहुमंजिला इमारतों से निकलने वाली सीवरेज पानी झील में मिल रहा है, इसलिए जलस्तर बढ़ रहा है और पानी अब रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर रहा है। जो कभी सुंदर माना गया झील अब घरों के लिए खतरा बन चुकी है। झील के आसपास सुरक्षा के बजाय सुरक्षा दीवार कम है; वाहन चालक लापरवाही से जान गंवा सकते हैं। लोग दावा करते हैं कि रोज झील के आसपास हादसे होते हैं और यहां दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय आरडब्ल्यूए कहते हैं कि झील के सौंदर्यीकरण और रखरखाव को लेकर DDA को पत्राचार किया गया, पर ठोस समाधान नहीं निकला। फिलहाल झील ओवरफ्लो पानी रिहायशी मकानों तक पहुंच रहा है। समय रहते समाधान न हुआ तो बहुमंजिला इमारतों की नींव प्रभावित हो सकती है; सत्य निकेतन जैसी घटना के बाद भी अगर सबक नहीं लिया गया, तो शक्ति एनक्लेव की यह झील खतरे की तस्वीर बन सकती है।
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यमुनानगर के नर्सरी में 1 वर्षीय सिद्धांत डूबकर मौत; परिवार शोक में

Yamuna Nagar, Haryana:एंकर : यमुनानगर के प्रताप नगर क्षेत्र के गांव अराईयांवाला में दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां नर्सरी परिसर में खेल रहा एक वर्षीय मासूम पानी से भरे करीब तीन फीट गहरे गड्ढे में गिर गया। काफी देर तक बच्चे के दिखाई नहीं देने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में मासूम पानी में डूबा मिला। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान एक वर्षीय सिद्धांत पुत्र शिव के रूप में हुई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। वीओ : तस्वीरें उस दर्दनाक हादसे की हैं, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मामला गांव अराईयांवाला का है, जहां उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला शिव अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ नर्सरी परिसर में रहता है और वहीं काम करता है। मृतक सिद्धांत तीन बच्चों में सबसे छोटा था। वीओ : मृतक के पिता शिव ने बताया कि वीरवार शाम करीब चार बजे वह नर्सरी में काम कर रहा था, जबकि उसकी पत्नी कपड़े धो रही थी। इसी दौरान सिद्धांत खेलते-खेलते नर्सरी परिसर में बने पानी से भरे गड्ढे के पास पहुंच गया। खेलते समय अचानक वह करीब तीन फीट गहरे गड्ढे में गिर गया। बाइट : मासूम का पिता वीओ : काफी देर तक जब सिद्धांत दिखाई नहीं दिया तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान वह पानी के गड्ढे में डूबा मिला। पिता बच्चे को कपड़े में लपेटकर गोद में उठाकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है。 बाइट : निर्मल सिंह, जांच अधिकारी
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घनसाली-केदारनाथ मार्ग चौड़ाईकरण शुरू, यात्रियों को राहत; धाम दूरी घटेगी

New Tehri, Uttarakhand:Tehri घनसाली- केदारनाथ रोड का जल्द होगा चौड़ीकरण。 टिहरी के सीमांत घनसाली विधानसभा में घनसाली- केदारनाथ यात्रा रूट का जल्द चौड़ीकरण किया जाएगा जिसको लेकर इन दिनों सर्वे का काम किया जा रहा है,केदारनाथ आपदा के दौरान इसी रूट से यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया था और ये केदारनाथ यात्रा का पुराना रूट भी है जिसके विस्तारीकरण की लंबे समय से मांग की जा रही थी,घनसाली विधायक का कहना है कि इसके सर्वे की कार्रवाई की जा रही है और इस रूट के चौड़ीकरण से यात्रियों को काफी राहत मिलने के साथ ही ये केदारनाथ धाम की दूरी को भी कम करता है।
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बाघ के अचानक हमले से घायल किसान, गांव में दहशत फैल गई

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।वन विकास निगम क्षेत्र के ग्राम दवनपुर में खेत में खाद छिड़कने गए एक ग्रामीण पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। हमले में ग्रामीण के चेहरे, हाथ और पैर में चोटें आई हैं। ग्रामीण ने हिम्मत दिखाते हुए लोहे के घमेला से बाघ का मुकाबला किया, जिसके बाद बाघ मौके से भाग गया। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार दवनपुर निवासी संजू मरकाम अपने खेत में खाद छिड़कने गया था। इसी दौरana में खेत की मेड़ पर बैठे बाघ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बाघ के हमले से संजू के चेहरे, हाथ और पैर में चोटें आईं। हमले के दौरान संजू ने हिम्मत नहीं हारी और अपने पास मौजूद लोहे के घमेला से बाघ पर वार कर दिया। ग्रामीण के प्रतिरोध के बाद बाघ वहां से भाग गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के सूचना मिलते ही वन विकास निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल संजू मरकाम को अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया है। घटना के बाद वन विकास निगम और वन विभाग की टीम ने दवनपुर सहित आसपास के इलाकों में बाघ की तलाश शुरू कर दी है। टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है। वहीं ग्रामीणों को सतर्क रहने और फिलहाल खेत तथा जंगल की ओर अकेले नहीं जाने की सलाह दी गई है। घटना के बाद ग्रामीणों में बाघ को लेकर भय का माहौल बना हुआ है।
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श्योपुर की शराब दुकानों में MRP से अधिक कीमत वसूली के आरोप

Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर एंकर - शहर की शराब दुकानों को लेकर ग्राहकों में नाराजगी सामने आ रही है। आरोप है कि कई शराब दुकानों पर निर्धारित MRP से अधिक कीमत में शराब की बिक्री की जा रही है। अलग-अलग ब्रांड की बोतलों पर ग्राहकों से तय कीमत से ज्यादा राशि वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्राहकों का आरोप है कि शराब दुकानों पर रेट लिस्ट चस्पा नहीं है जिससे शराब की वास्तविक कीमत की जानकारी नहीं मिल पाती। दुकानदार द्वारा बताए गए दाम पर ही शराब खरीदने को मजबूर होना पड़ता है。 नियमों की अनदेखी या विभाग की चुप्पी? शराब बिक्री को लेकर निर्धारित मूल्य और नियमों का पालन कराना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद यदि दुकानों पर MRP से अधिक कीमत वसूली जा रही है तो यह गंभीर मामला है। सवाल उठ रहा है कि क्या आबकारी विभाग को दुकानों पर हो रही कथित मनमानी की जानकारी नहीं है, या फिर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही? ग्राहकों का कहना है कि शराब दुकानों पर रेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होना चाहिए, ताकि खरीदार को बोतल की वास्तविक कीमत पता रहे और उससे अतिरिक्त राशि की वसूली न हो। विभाग कार्यवाही की बात तो कहता है लेकिन धरातल पर कार्यवाही दिखती नहीं है
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हाई कोर्ट ने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के कारण बर्खास्तगी रद्द कर बहाली दी

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर हाई कोर्ट ने सरकारी सेवा में पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को छिपाने के मामले में अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा है कि कई साल पुराने आपराधिक मामलों की जानकारी वेरिफिकेशन फॉर्म में नहीं देने मात्र से किसी कर्मचारी की सेवा समाप्ति स्वतः वैध नहीं हो जाती। मामले में कोर्ट ने बर्खास्तगी का आदेश रद्द करते हुए कर्मचारी को सेवा में बहाल करने کا निर्देश दिया है।मामला हीरा प्रसाद यादव की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता के खिलाफ वर्ष 1994 में दो आपराधिक मामले दर्ज हुए थे। उस समय उनकी उम्र करीब 17 साल थी और वे कक्षा 11वीं में पढ़ रहे थे। दोनों मामलों में बाद में उन्हें अदालत से बरी कर दिया गया। करीब दो दशक बाद, वर्ष 2018 में हीरा प्रसाद यादव का चयन सहायक प्राध्यापक के पद पर हुआ। उन्होंने एम.कॉम., एम.फिल. और पीएचडी. जैसी उच्च शिक्षा हासिल की और छह साल से अधिक समय तक सरकारी सेवा भी की। बाद में चरित्र सत्यापन के दौरान वर्ष 1994 के मामले सामने आए। विभाग ने आरोप लगाया कि यादव ने वेरिफिकेशन फॉर्म और शपथ पत्र में इनकी जानकारी नहीं दी थी और इसी आधार पर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई।हाई कोर्ट ने कहा कि कर्मचारी की कम उम्र, अपराध की प्रकृति और गंभीरता, मामलों की पुरानापन, बरी होने का कारण, नियुक्ति के बाद का व्यवहार, सेवा रिकॉर्ड और संबंधित पद की जिम्मेदारियों को ध्यान में रखना जरूरी है। केवल मामले को नैतिक अधमता से जोड़ देना बर्खास्तगी के लिए पर्याप्त नहीं है।कोर्ट ने पाया कि बर्खास्तगी के आदेश में इन महत्वपूर्ण पहलुओं पर समग्र विचार नहीं किया गया। लिहाजा 17 फरवरी 2025 का बर्खास्तगी आदेश रद्द कर दिया गया और हीरा प्रसाद यादव को तत्काल सेवा में बहाल करने का निर्देश दिया गया। उन्हें सेवा की निरंतरता और वरिष्ठता का लाभ मिलेगा, लेकिन नौकरी से बाहर रहने की अवधि का बकाया वेतन नहीं मिलेगा。
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सकंद गांव के ग्रामीणों ने सड़क खुद काटकर सरकार को आईना दिखाया

Karnaprayag, Uttarakhand:कहते है पहाड़ की महिलाएं कुछ ठान ले और यहाँ के पुरुषों का पुरुषार्थ जाग जाय तब कुछ भी असम्भव नही है । ये चन्द लाइनें कर्णप्रयाग ब्लाक के सकंड गांव के लोगो पर फिट बैठती है। जब गांव तक सड़क नही पहुची तो ग्रामीणों ने खुद ही सड़क काटनी शुरू दे दी और पहले ही दिन 20 मीटर लम्बी और 4 मीटर चौड़ी सड़क काटकर धामी सरकार को आइना दिखा दिया । बीओ 1 / देश की आजादी के कई दशकों के बाद और उत्तराखंड राज्य स्थापना के 26 वर्षों बाद भी पहाड़ी अंचलो में रहने वाले लोग आज भी मीलों पैदल चलकर अपने गांव पहुचना पड़ता है । सरकारों के झूठे आश्वासन और प्रशाशन के नियमो के बीच कई वर्षों से फंसी सकंद गांव के सड़क की फाइल आज तक क्लियर नही हुई तो सकंद गांव के ग्रामीणों का सब्र का बांध टूटा तो ग्रामीणों ने पूजा अर्चना कर खुद ही सड़क काटने का काम शुरू किया । और पहले ही दिन 20 मीटर सडक काटकर सरकारो को आइना दिखा दिया । ग्रामीणों ने कहा कि विधायक और प्रशाशन के चक्कर काटकर थक चुके है। जिसके बाद ग्रामीण खुद ही सड़क को काटने लगे । अब कर्णप्रयाग विधानसभा के सकंद गांव के ग्रामीणों की यह पहल चर्चा का विषय बन गयी है । विभागीय अधिकारी भी अब कैमरे पर कुछ भी कहने से बच रहे है ।
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पूर्व सैनिक उपनल समान वेतन के लिए मुख्यमंत्री से मिलने को तैयार

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:उपनल कर्मियों के समान कार्य समान वेतन से पूर्व सैनिकों को वञ्चित रखा गया है; पूर्व सैनिकों में आक्रोश है। उत्तरकाशी जनपद में पूर्व सैनिक मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए एक ज्ञापन भाजपा जिला अध्यक्ष को सौंपना चाहते हैं। पूर्व सैनिकों का कहना है कि उत्तराखंड में 22 हजार उपनल कर्मियों में 2000 पूर्व सैनिक भी हैं जो विभिन्न सरकारी विभागों में सुरक्षा कर्मी के रूप में कार्य कर रहे हैं, लेकिन उपनल कर्मियों के समान वेतन और समान कार्य के बावजूद पूर्व सैनिकों को वेतन के मामले में वञ्चित रखा गया है। अगर यह नहीं बदला गया तो समस्त पूर्व सैनिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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48 घंटे की मॉस्को कस्टडी के बाद कानपुर लौटा इंजीनियर चंदन गुप्ता

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर मॉस्को में 48 घंटे की पुलिस कस्टडी के बाद घर लौटे इंजीनियर चंदन, बताई आपबीती वीडियो बनाने पर पुलिस ने बांधे हाथ, लगाया फर्जी आरोप कोर्ट से मिली रिहाई, अब कभी रूस न जाने का फैसला मॉस्को पुलिस की कस्टडी में 48 घंटे तक रहने के बाद कानपुर के इंजीनियर चंदन गुप्ता सुरक्षित भारत लौट आए हैं। पीड़ित चंदन गुप्ता ने बताया कि वे भारत से आए अपने एक सहकर्मी को डॉलर से रूबल एक्सचेंज कराने में मदद करने गए थे। इसके बाद वे लोग मॉस्को के प्रसिद्ध क्रैमलिन और रेड स्क्वायर इलाके में टहलने लगे। जब वे घर लौटने के लिए मेट्रो स्टेशन के अंदर जा रहे थे, तभी उनके साथी ने बाहर म्यूजिक बजा रहे बच्चों का मोबाइल से एक छोटा सा वीडियो बनाने की कोशिश की। इसी दौरान रूसी पुलिसकर्मियों ने अचानक दोनों को पकड़ लिया, उनके हाथ आपस में बांध दिए और धक्का देते हुए गाड़ी में बैठाकर करीब सवा घंटे दूर बासमानी पुलिस स्टेशन ले गए, जहाँ उनके मोबाइल और दस्तावेज जब्त कर लिए गए। बाद में रूसी पुलिस ने उन पर शराब के नशे में एम्बुलेंस का शीशा तोड़ने का फर्जी और मनगढ़ंत आरोप लगा दिया। इस पर चंदन की पत्नी स्नेहा गुप्ता ने रूसी पुलिस के दावों को सिरे से खारिज करते हुए एम्बुलेंस टूटने की लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट पेश करने की बात कही है। स्नेहा ने आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन में उनके साथ बदसलूकी कर भगा दिया गया, भारतीय दूतावास से कोई सहयोग नहीं मिला और आर्थिक संकट व युद्ध से जूझ रहा रूसी तंत्र अब भारतीयों को फर्जी मामलों में फंसाकर निशाना बना रहा है, जहाँ पुलिस स्टेशन के अंदर पर्स से 5 से 10 हजार रुबल तक निकाल लिए जाते हैं। दूतावास से निराशा मिलने के बाद स्नेहा द्वारा वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लगाई गई गुहार और कंपनी द्वारा नियुक्त वकीलों की पैरवी के बाद मामला स्थानीय अदालत पहुँचा। कोर्ट के जज द्वारा मामले की सच्चाई समझे जाने के बाद चंदन को बासमानी पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया। सुरक्षित कानपुर पहुँचने के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।
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दमोह की बस्तियों में जलभराव फैल, बारिश ने गृहस्थी बर्बाद कर दी

Damoh, Madhya Pradesh:जलभराव ने बिगाड़े निचली बस्तियों के हालात.. एंकर/ दमोह में शहरी इलाकों में भी बारिश के कहर की वजह से जनजीवन खासा प्रभावित हुआ है और निचली बस्तियों में जलभराव के हालात बने हुए है और इस भराव को खत्म करने के लिए भी कोशिशें की जा रही है। दरअसल दमोह शहर के सुभाष कालोनी वसुंधरा प्रेम नगर और कृषि उपज मंडी क्षेत्र में सालों से बरसात परेशानी बनी हुई है, तेज बारिश होते ही इन इलाकों में पानी भर जाता है और सालों से लोग इस समस्या से जूझ रहे है। आलम ये है कि यदि रात में तेज बारिश हो जाए तो सुबह तक लोगों को घरों में कैद होना पड़ता है और फिर बीते दो सालों से यहां गलियों में नाव चलानी पड़ती है और प्रशासन लोगों को रेस्क्यू करता है। इस बार फिर ये इलाके पानी पानी हो गए है और पानी ने लोगों की गृहस्थी बर्बाद कर दी है। कालोनी इलाके में घरों में पानी भर गया और लोगों के खाने पीने की सारी चीजें बर्बाद हो गई घरों में रखा सामान खराब हुआ तो बड़ी तादात में लोगों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों की माने तो हर साल ये समस्या होती है लेकिन सिर्फ बरसात के दिनों में स्थानीय प्रशासन सक्रिय रहता है बाकी दिनों में कोई ध्यान नहीं देता और हर साल ये परेशानिया यहां होती है।
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