icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

SC ने जोजरी नदी किनारे 100 मीटर क्षेत्र में निर्माण पर रोक लगा दी

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में जोजरी नदी को लेकर SC का आदेश। नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का निर्माण या विकास कार्य करने पर रोक। नदी की मौजूदा बाढ़ सीमा से दोनों तरफ 500 मीटर तक ऐसे किसी उद्योग/ गतिविधि की अनुमति नहीं होगी, जिस से नदी में प्रदूषण, गंदगी या पर्यावरण को कोई दूसरा नुकसान होने की संभावना हो। कोर्ट ने कहा कि नदी और उसके आसपास के पर्यावरण को काफी नुकसान हुआ है। इसलिए जब तक वैज्ञानिक तरीके से नदी की High Flood Line (बाढ़ सीमा) और जरूरी Ecological Buffer Zone (पर्यावरण सुरक्षा क्षेत्र) तय नहीं हो जाता। तब तक यह अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी।
0
0
Report
Advertisement

तीस्ता नदी में विशाल बोयाल मछली पकड़ी, बाजार में भारी भीड़

Jalpaiguri, West Bengal:জলপাইগুড়ি তিস্তা করলার সংযোগস্থল নদী থেকে বিশালাকার বোয়াল মাছ । বাজারে যেতেই হইচই। বহু মানুষ ভিড় জমাচ্ছেন ছবি তুলছেন। তিস্তার জলে বিশাল আকৃতির বুয়াল মাছ ।মাছ দেখতেই অসংখ্য মানুষের ভিড়। সকালটা আর পাঁচটা দিনের মতোই শুরু হলেও তিস্তা-করলার মোহনায় ধরা পড়ল বিশাল আকৃতির বোয়াল। সোমবার সাতসকালে জলপাইগুড়ি শহরের জুবিলী পার্ক থেকে আট কিলোমিটার দূরে কাদোবাড়ি এলাকায় জেলেদের ফাঁস জালে ধরা পড়ে ১০ কেজিরও বেশি ওজনের মাছটি। বাজারে নিয়ে আসতেই সেটিকে ঘিরে মানুষের কৌতূহল তৈরি হয়। কেউ ছবি তুলছেন, কেউ আবার সেলফি তুলতে ব্যস্ত। স্থানীয়দের দাবি, তিস্তার বোয়ালের স্বাদ একসময় ছিল অত্যন্ত জনপ্রিয়। এমনকি জলপাইগুড়ির রাজবাড়ির দুর্গাপুজোর ভোগেও এই মাছ ব্যবহারের কথা শোনা যায়। দীর্ঘদিন পর বাজারে এত বড় বোয়াল আসায় প্রায় পাঁচ হাজার টাকারও বেশি দামে মাছটি বিক্রি হয়। ক্রেতা হরেন রায় জানান, কেজিপ্রতি ৫০০-৬০০ টাকা কেজি দরে মাছটি বিক্রি করবেন। এদিন বাজারে মাছ আনতেই লোকের কেনাকাটা শুরু হয়ে যায়.
0
0
Report

आसनसोल में पंजीकरण नहीं वाले ऑटो-टोटो पर जुर्माने के नाम पर धांधली सामने

Asansol, West Bengal:রেজিস্ট্রেশনহীন অটো-টোটোর দাপট, জরিমানার নামে তোলাবাজির অভিযোগ—আসানসোলে পরিবহন ব্যবস্থায় প্রশ্নের পাহাড় আসানসোল: শিল্পাঞ্চল আসানসোলের পরিবহন ব্যবস্থাকে ঘিরে উঠছে একের পর এক গুরুতর অভিযোগ। শহরের বিভিন্ন প্রান্তে চলাচল করা অটো ও টোটোর বড় অংশেরই বৈধ কাগজপত্র নেই বলে অভিযোগ। কারও রেজিস্ট্রেশন নেই, আবার যেসব গাড়ির রেজিস্ট্রেশন রয়েছে, তার অনেকগুলিই ভিন রাজ্যের। এমনকি পশ্চিমবঙ্গের নম্বর থাকা বহু অটো-টোটোরও রেজিস্ট্রেশন বা প্রয়োজনীয় কাগজপত্রের মেয়াদ শেষ হয়ে গিয়েছে বলে অভিযোগ উঠছে। অভিযোগ, শহরজুড়ে বিপুল সংখ্যক অটো ও টোটো কার্যত বৈধ নথি ছাড়াই চলাচল করছে। অথচ এই পরিবহন ব্যবস্থার ওপর নির্ভরশীল হাজার হাজার সাধারণ যাত্রী থেকে ছাত্রছাত্রীরা। ফলে একদিকে যেমন যাত্রী নিরাপত্তা নিয়ে প্রশ্ন উঠছে, অন্যদিকে সরকারি রাজস্ব ও পরিবহন আইন কার্যকর করার ক্ষেত্রেও তৈরি হয়েছে বড় প্রশ্ন。 সবচেয়ে বেশি ক্ষোভের সৃষ্টি হয়েছে আসানসোল রেলওয়ে স্টেশন চত্বরকে ঘিরে। অটো বা টোটো যাত্রী ওঠানো-নামানোর জন্য স্টেশন এলাকায় দাঁড় করালে চালকদের কাছ থেকে ৫০০ থেকে ৭০০ টাকা পর্যন্ত জরিমানা নেওয়ার অভিযোগ উঠেছে। কখনও কখনও সেই অঙ্ক হাজার টাকাতেও পৌঁছে যায় বলে দাবি চালকদের। অভিযোগের আরও গুরুতর দিক হল, এই টাকা নেওয়ার ক্ষেত্রে অনেক সময় কোনও রসিদ দেওয়া হয় না। অটো ও টোটো চালকদের একাংশের অভিযোগ, স্টেশন চত্বরে যাত্রী ওঠানো-নামানোর জন্য পর্যাপ্ত নির্দিষ্ট পার্কিং বা স্ট্যান্ডের ব্যবস্থা নেই। ফলে বাধ্য হয়েই রাস্তার ধারে কিংবা যেখানে সামান্য জায়গা পাওয়া যায়, সেখানেই গাড়ি দাঁড় করিয়ে যাত্রী ওঠানো-নামাতে হয়। আর সেই পরিস্থিতির সুযোগ নিয়েই জরিমানার নামে টাকা আদায়ের একটি চক্র সক্রিয় রয়েছে বলে অভিযোগ তাঁদের। চালকদের প্রশ্ন, যদি নির্দিষ্ট পার্কিং বা যাত্রী ওঠানামার জায়গা না থাকে, তাহলে তাঁরা কোথায় দাঁড়াবেন? নিয়ম ভাঙলে প্রশাসন আইন অনুযায়ী ব্যবস্থা নিক, কিন্তু জরিমানা নেওয়া হলে তার যথাযথ রসিদ দেওয়া এবং পুরো প্রক্রিয়াকে স্বচ্ছ রাখার দাবিও উঠছে। অটো-টোটো চালকদের আরও দাবি, রাজ্যে রাজনৈতিক পালাবদলের পর শিল্পাঞ্চলের পরিবহন ব্যবস্থায় স্বচ্ছতা ও নিয়ম মেনে চলার প্রত্যাশা তৈরি হয়েছিল। কিন্তু বাস্তবে রেজিস্ট্রেশনহীন গাড়ি, ভিন রাজ্যের নম্বর, মেয়াদোত্তীর্ণ কাগজপত্র এবং জরিমানার নামে টাকা আদায়ের অভিযোগ সেই প্রত্যাশাকেই প্রশ্নের মুখে দাঁড় করিয়েছে। তবে অভিযোগগুলির সত্যতা যাচাই করে প্রশাসনের পক্ষ থেকে কী পদক্ষেপ নেওয়া হচ্ছে, তা এখনও স্পষ্ট নয়। রেজিস্ট্রেশনহীন ও বেআইনি কাগজপত্রে চলা অটো-টোটোর বিরুদ্ধে যেমন অভিযান প্রয়োজন, তেমনই জরিমানার নামে কোনো অনিয়ম বা বেআইনি টাকা আদায় হচ্ছে কি না, সেটিও তদন্ত করে দেখার দাবি উঠছে। একইসঙ্গে আসানসোল রেলওয়ে স্টেশন ও শহরের গুরুত্বপূর্ণ এলাকায় বৈধ অটো-টোটো পার্কিং ও যাত্রী ওঠানামার নির্দিষ্ট জায়গা তৈরির দাবিও জোরালো হচ্ছে。 আসানসোলের পরিবহন ব্যবস্থায় নিয়ম, স্বচ্ছতা এবং যাত্রী নিরাপত্তা নিশ্চিত করতে প্রশাসন শেষ পর্যন্ত কী পদক্ষেপ নেয়, এখন সেদিকে তাকিয়ে শিল্পাঞ্চলের মানুষ।
0
0
Report
Advertisement

2.25 करोड़ के टेंडरों में देरी पर जलदाय विभाग में जांच कमेटी गठित

Jaipur, Rajasthan:जयपुर- जी मीडिया की खबर का दमदार असर हुआ है। जलदाय विभाग के जमवारामगढ़ डिवीजन में 2 करोड़ 25 लाख रुपये के तीन टेंडरों को लेकर उठे सवालों के बाद अब मामले की जांच शुरू हो गई है। क्वालिटी कंट्रोल विंग ने कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच में जुट गई है। जी मीडिया की खबर के बाद हलचल- हर हाल में जी मीडिया की खबर के बाद जलदाय विभाग में हलचल तेज हो गई है। जमवारामगढ़ टैंडर पारदर्शिता पर सवाल उठने के बाद सरकार ने जांच कमेटी का गठन कर दिया। टेंडर प्रक्रिया में देरी और eProc पोर्टल पर NIT अपलोड किए जाने को लेकर विभाग के क्वालिटी कंट्रोल विंग ने कमेटी गठित कर जांच शुरू की है।क्वालिटी कंट्रोल की जांच में यह सामने आया है कि करीब 75-75 लाख रुपये के तीनों NIT निर्धारित समय पर eProc पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए। टेंडर नोटिस के मुताबिक इन्हें 6 अगस्त को अपलोड किया जाना था, जबकि ये 14 और 15 अगस्त को अपलोड किए गए। इसी देरी को लेकर टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठे थे। QC ने माना, टेंडर अपलोड में हुई देरी- मामलो में क्वालिटी कंट्रोल की ओर से गठित कमेटी ने टेंडरों के अपलोड में देरी को लेकर जांच की है। QC के चीफ इंजीनियर प्रवीण आकोदिया ने कहा है कि मामले में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। यानी जांच के बाद जिम्मेदारी तय होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में जमवारामगढ़ डिवीजन के एक्सईएन नितेश मीणा की भूमिका भी जांच के दायरे में है। विभागीय स्तर पर उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की बात कही गई है। 6 अगस्त की जगह 14-15 अगस्त को अपलोड- तीनों NIT को 6 अगस्त को eProc पोर्टल पर अपलोड किया जाना था। लेकिन इन्हें करीब 12 दिन की देरी के बाद 14 और 15 अगस्त को अपलोड किया गया। खास बात यह रही कि अपलोडिंग की तारीखों के आसपास अवकाश होने के कारण टेंडर प्रक्रिया में बोलीदाताओं को उपलब्ध समय और प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हुए। टेंडर नोटिस के अनुसार अमानत राशि जमा कराने की अंतिम समय सीमा 17 अगस्त सुबह 10 बजे रखी गई थी। ऐसे में 14-15 अगस्त को टेंडर अपलोड होने के बाद बोलीदाताओं को मिले समय को लेकर भी सवाल उठाए गए। एक्सईएन ने FS नहीं मिलने को बताया वजह- मामले में एक्सईएन नितेश मीणा ने सफाई देते हुए कहा था कि Financial Sanction यानी FS नहीं मिलने के कारण टेंडर अपलोड करने में देरी हुई। उन्होंने यह भी कहा था कि टेंडर की तारीख बढ़ाई जाएगी, ताकि टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाले ठेकेदारों को पर्याप्त समय मिल सके।हालांकि, FS को लेकर भी जानकारों ने सवाल उठाए। उनका कहना है कि Financial Sanction की जरूरत मुख्य रूप से वर्क ऑर्डर जारी करने के समय होती है। ऐसे में FS उपलब्ध नहीं होने को NIT अपलोड में देरी का आधार बताए जाने को लेकर अब विभागीय जांच में स्थिति स्पष्ट होगी। अब_action पर नजर- करीब 2.25 करोड़ रुपये के तीन टेंडरों से जुड़े इस मामले में QC की कमेटी की जांच के बाद जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है। अब सवाल ये है कि जांच में नियमों के तहत संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल मामला विभागीय जांच के दायरे में है। नोट-इस खबर की फीड OFC से slg से भेजी गई है।
0
0
Report

खूँटी के बाबा आम्रेश्वर धाम में श्रावण की सोमवारी पर लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी。 स्लग - बाबा आम्रेश्वर धाम में लाखों श्रद्धालु कर रहे हैं पूजा । आज पवित्र श्रावणी माह के अंतिम सोमवारी को आज लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करने झारखंड में भोलेनाथ की दूसरी बड़ी नगरी खूंटी जिले के बाबा आम्रेश्वर धाम पहुँचे हैं। सभी ओर बोल-बम की आवाज से गुंजायमान है। वहीं बाबा आम्रेश्वर धाम में पूजा करने के साथ लोग मेला का भी आनंद ले रहे हैं। वसु प्रबंधन समिति की देखरेख में लंगर का भी आयोजन किया गया है। जहाँ लोग पूड़ी बुंदिया सब्जी प्रसाद ले रहे हैं। आज पूजा करने उड़ीसा छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश बिहार बंगाल सहित अन्य प्रदेशों से लोग पहुंचे रहे हैं। वहीं पूरा धाम भक्तिमय हो गया है。
0
0
Report
Advertisement

2.25 करोड़ टेंडरों में देरी पर QC कमेटी ने जांच शुरू कर दी

Jaipur, Rajasthan:जयपुर- जी मीडिया की खबर का दमदार असर हुआ है। जलदाय विभाग के जमवारामगढ़ डिवीजन में 2 करोड़ 25 लाख रुपये के तीन टेंडरों को लेकर उठे सवालों के बाद अब मामले की जांच शुरू हो गई है। क्वालिटी कंट्रोल विंग ने कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच में जुट गई है। जी मीडिया की खबर के बाद हलचल- एक बार फिर से जी मीडिया के खबर के बाद जलदाय विभाग में हलचल तेज हो गई है। जमवारामगढ़ टेंडर पारदर्शिता पर सवाल उठने के बाद सरकार ने जांच कमेटी का गठन कर दिया। टेंडर प्रक्रिया में देरी और eProc पोर्टल पर NIT अपलोड किए जाने को लेकर विभाग के क्वालिटी कंट्रोल विंग ने कमेटी गठित कर जांच शुरू की है। QC ने माना, टेंडर अपलोड में देरी- मामले में क्वालिटी कंट्रोल की ओर से गठित कमेटी ने टेंडरों के अपलोड में देरी को लेकर जांच की है। QC के चीफ इंजीनियर प्रवीण आकोदिया ने कहा है कि मामले में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। यानी जांच के बाद जिम्मेदारी तय होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में जमवारामगढ़ डिवीजन के एक्सईएन नितेश मीणा की भूमिका भी जांच के दायरे में है। विभागीय स्तर पर उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की बात कही गई है। 6 अगस्त की जगह 14-15 अगस्त को अपलोड- तीनों NIT को 6 अगस्त को eProc पोर्टल पर अपलोड किया जाना था। लेकिन इन्हें करीब 12 दिन की देरी के बाद 14 और 15 अगस्त को अपलोड किया गया। खास बात यह रही कि अपलोडिंग की तारीखों के आसपास अवकाश होने के कारण टेंडर प्रक्रिया में बोलीदाताओं को उपलब्ध समय और प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हुए। टेंडर नोटिस के अनुसार अमानत राशि जमा कराने की अंतिम समय सीमा 17 अगस्त सुबह 10 बजे रखी गई थी। ऐसे में 14-15 अगस्त को टेंडर अपलोड होने के बाद बोलीदाताओं को मिले समय को लेकर भी सवाल उठाए गए। एक्सईएन ने FS नहीं मिलने को बताया वजह- मौके पर एक्सईएन नितेश मीणा ने कहा कि Financial Sanction यानी FS नहीं मिलने के कारण टेंडर अपलोड करने में देरी हुई। उन्होंने कहा था कि टेंडर की तारीख बढ़ाई जाएगी, ताकि ठेकेदारों को पर्याप्त समय मिल सके। FS को लेकर भी जानकारों ने सवाल उठाए। उनका कहना है कि Financial Sanction की जरूरत मुख्य रूप से वर्क ऑर्डर जारी करने के समय होती है। ऐसे में FS उपलब्ध नहीं होने को NIT अपलोड में देरी का आधार बनाए जाने को लेकर अब विभागीय जांच में स्थिति स्पष्ट होगी। अब कार्रवाई पर नजर- करीब 2.25 करोड़ रुपये के तीन टेंडरों से जुड़े इस मामले में QC की कमेटी की जांच के बाद जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है। अब सवाल ये है कि जांच में नियमों के तहत संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल मामला विभागीय जांच के दायरे में है।
0
0
Report

दिल्ली हाईकोर्ट ने ऋषभ बैसोया के भारत आने के लिए RCN-LOC सीमित निलंबन दिया

Noida, Uttar Pradesh:13000 करोड़ के ड्रग्स के मामले में अब पिता के बाद बेटे की बारी....बेटे ने की विदेश से आने की तैयारी*\n*हाल ही में दुबई से डिपोर्ट किए गए वीरेंद्र बसोया का बेटा भी भारत आने वाला है*\n\n*पिता के डिपोर्ट होने के बाद अब वो खुद भारत आना चाहता है*\n\n*लंदन में रह रहे ड्रग्स केस के आरोपी ऋषभ बैसोया को भारत आने की दिल्ली हाईकोर्ट ने दी इजाजत*\n\n*रेड कॉर्नर नोटिस और LOC सिर्फ यात्रा तक निलंबित करने के आदेश दिए*\n\n*ऋषभ की अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिए*\n\n*लन्दन से दिल्ली आकर जांच में सहयोग करेगा ऋषभ बसोया*\n\n दिल्ली हाईकोर्ट ने ड्रग्स से जुड़े एक मामले में आरोपी ऋषभ बैसोया को ब्रिटेन से भारत लौटने की अनुमति देने के लिए उसके खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस यानी RCN और लुक आउट सर्कुलर यानी LOC को सीमित तौर पर निलंबित करने का आदेश दिया है\n\nकोर्ट ने साफ किया है कि यह राहत सिर्फ इसलिए दी जा रही है ताकि ऋषभ बैसोया भारत आ सके। इसका मतलब यह नहीं है कि उसके खिलाफ चल रही जांच या कानूनी कार्रवाई खत्म हो गई है। भारत पहुंचते ही जांच एजेंसी को उसे पूछताछ करने या कानून के मुताबिक गिरफ्तार करने की पूरी आजादी होगी। यह आदेश दिल्ली हाईकोर्ट ने 19 अगस्त 2026 को दिया।\n\nमामला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में 2024 में दर्ज FIR से जुड़ा है। इस FIR में NDPS एक्ट की धारा 8, 20, 21, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक इस केस में बड़ी मात्रा में कोकीन, मेफेड्रोन और गांजा बरामद किया गया था और जांच के दौरान एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल से जुड़े होने की बात सामने आई थी।दिल्ली पुलिस का का आरोप है कि ऋषभ बैसोया इस कथित साजिश से जुड़ा हुआ था और उसने एक सह-आरोपी को एक गाड़ी दी थी, जिससे बाद में कोकीन बरामद हुई।\n\nअर्जी में कहा गया कि ऋषभ बैसोया भारतीय नागरिक है और उसके पास भारतीय पासपोर्ट है। वह साल 2022 से ब्रिटेन में रह रहा है और वहां University of West London से LL.B. (Hons.) की पढ़ाई कर रहा था। वह जून से सितंबर 2024 के बीच छुट्टियों में भारत आया था और इसके बाद दोबारा लंदन लौट गया था। जांच एजेंसी के मुताबिक इसके बाद वह जांच में शामिल होने के लिए भारत नहीं आया और विदेश में ही रहा।\n\nजांच में शामिल नहीं होने के बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी। दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने 7 जनवरी 2025 को उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। इसके बाद 19 मई 2025 को उसे घोषित अपराधी यानी Proclaimed Offender घोषित कर दिया गया। इसके बाद जांच एजेंसी के अनुरोध पर इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ 2025 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया\n\nऋषभ बैसोया ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इस रेड कॉर्नर नोटिस को निलंबित या रद्द करने की मांग की थी। उसकी तरफ से कहा गया कि वह भारत वापस आना चाहता है, ट्रायल कोर्ट के सामने सरेंडर करना चाहता है और जांच एजेंसी के सामने जांच में शामिल होना चाहता है। उसका दावा था कि उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है और उसके खिलाफ अपराध से जोड़ने वाला कोई स्वतंत्र और ठोस सबूत नहीं है।\n\nखास बात यह है कि 5 अगस्त 2026 को ऋषभ बैसोया ने खुद कोर्ट के सामने कहा था कि वह भारत आने को तैयार है, लेकिन इसके लिए उसे संबंधित अधिकारियों से अनुमति चाहिए। कोर्ट ने इसके बाद केंद्र और जांच एजेंसियों से इस मामले में जवाब मांगा था।\n\nहालांकि राज्य की तरफ से इस मांग का विरोध किया गया। सरकारी वकील ने कहा कि RCN या LOC को सिर्फ भारत आने के लिए चुनिंदा तरीके से निलंबित नहीं किया जा सकता। राज्य की दलील थी कि अगर रेड कॉर्नर नोटिस पूरी तरह निलंबित कर दिया गया तो अंतरराष्ट्रीय अलर्ट हट जाएगा और आरोपी भारत आने के बजाय किसी दूसरे देश में भी जा सकता है। CBI ने भी, जो भारत और इंटरपोल के बीच समन्वय करने वाली एजेंसी है, अपने 16 जुलाई 2026 के जवाब में RCN को अस्थायी तौर पर निलंबित करने और दुबई स्थित भारतीय दूतावास में सीधे सरेंडर करने की सिफारिश नहीं की थी।\n\nकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बीच का रास्ता निकाला। कोर्ट ने माना कि राज्य की यह चिंता पूरी तरह नजरअंदाज नहीं की जा सकती कि RCN में राहत मिलने के बाद आरोपी किसी दूसरे देश की तरफ निकल सकता है। लेकिन कोर्ट ने यह भी देखा कि आरोपी ने भारत लौटकर जांच एजेंसी और अदालत के सामने पेश होने की इच्छा जताई है। इसलिए कोर्ट ने ऐसी व्यवस्था बनाई जिसमें वह भारत तो लौट सके, लेकिन उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी पूरी तरह सुरक्षित रहे।\n\nदिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि ऋषभ बैसोया के खिलाफ जारी RCN और LOC को सिर्फ उतनी ही सीमा तक निलंबित रखा जाएगा, जितनी जरूरत उसे भारत आने और देश में प्रवेश करने के लिए होगी। यह निलंबन किसी दूसरे मकसद के लिए नहीं होगा। यानी रेड कॉर्नर नोटिस या LOC को पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है, बल्कि सिर्फ भारत लौटने के रास्ते में आने वाली बाधा को सीमित समय और सीमित उद्देश्य के लिए हटाया गया है।\n\nकोर्ट ने ऋषभ बैसोया को आदेश दिया कि वह सात दिनों के भीतर अपनी पूरी यात्रा की जानकारी संबंधित अथॉरिटी को दे, जिसमें वह किस रास्ते से भारत आएगा और उसकी भारतReach होने की जानकारी शामिल होगी। यह जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करेगी ताकि RCN और LOC के सीमित निलंबन के आधार पर उसे भारत में प्रवेश करने दिया जा सके।\n\nलेकिन यहां सबसे अहम बात यह है कि भारत पहुंचते ही ऋषभ बैसोया को गिरफ्तार किए जाने या उससे पूछताछ किए जाने का रास्ता खुला रहेगा। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि जांच एजेंसी और दिल्ली पुलिस कानून के मुताबिक भारत पहुंचने पर उसे पूछताछ या गिरफ्तार कर सकती है। यानी कोर्ट ने उसे कोई गिरफ्तारी से सुरक्षा या मामले में क्लीन चिट नहीं दी है।\n\nऋषभ बैसोया ने कोर्ट के सामने यह भी भरोसा दिया है कि अगर उसे भारत आने की अनुमति मिलती है तो वह अदालत की अनुमति के बिना भारत से बाहर नहीं जाएगा। उसने यह भी कहा कि वह अपनी यात्रा की पूरी जानकारी जांच एजेंसी को पहले से देगा और जांच में सहयोग करेगा। कोर्ट ने उसके इस आश्वासन को आदेश का हिस्सा बना दिया है।\n\nकोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ऋषभ बैसोया अपने दिए हुए आश्वासन का उल्लंघन करता है या कोर्ट को दी गई यात्रा की जानकारी के मुताबिक भारत नहीं आता है, तो उसके लिए दी गई यह सीमित राहत बिना किसी और आदेश के खत्म हो जाएगी। इसके बाद संबंधित एजेंसियां कानून के मुताबिक उसकी मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठा सकती हैं।\n\nप्रमोद शर्मा, ज़ी मीडिया, दिल्ली
0
0
Report

शिक्षकों के अनशन से सत्ता पर कांग्रेस का दबाव बढ़ा

Bhopal, Madhya Pradesh:शिक्षकों के आंदोलन पर गरमाई सियासत पूर्व मंत्री कांग्रेस नेता पीसी शर्मा का बयान - मध्यप्रदेश में शिक्षकों, विद्यार्थियों की बुरी हालत है नरेंद्र राजपूत लगातार अन्न जल का त्याग किये हुए हैं सरकार ने अबतक संज्ञान नहीं लिया है अल्फा, जेन जी भी समर्थन कर रहे हैं सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए नरेंद्र राजपूत का अनशन तुड़वाना चाहिए अगर सरकार जल्द नहीं मानेगी तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी स्कूलों में कृष्ण जन्माष्टमी का आदेश, कांग्रेस ने कसा तंज भगवान श्री कृष्ण का जन्म वो भाजपा क्या मनाएगी जो कंस का काम कर रही है भाजपा को अपनी हार दिख रही है दतिया चुनाव भाजपा हार गई, राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट हार गए ओरछा में भाजपा की बैठक पर बोली कांग्रेस राम मंदिर में चंदा चोरी हुई , उसका क्या हुआ यह सरकार को पहले बताना चाहिए ओरछा में , अयोध्या में भी चोरी घटनाएं हुईं इनमें कोई हक नहीं है कि ओरछा में कोई भी कार्यक्रम करें
0
0
Report
Advertisement

गाजियाबाद में बारिश के बाद जलभराव से यातायात बाधित, ऑटो पलटा

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद में हुई बारिश के बाद शहर की कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। कई स्थानों पर करीब एक फीट तक पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देने से हादसे का खतरा भी बढ़ गया। इसी दौरान सड़क पर पानी के बीच से गुजर रहा एक ऑटो गड्ढे में फंस गया। संतुलन बिगड़ने के बाद ऑटो सड़क पर ही पलट गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। गनीमत रही कि हादसे में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते। इससे दोपहिया और तीन पहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता है। लोगों ने जलभराव वाले स्थानों पर पानी की निकासी के साथ-साथ सड़क के गड्ढों को भरवाने की मांग की है। बारिश के बाद कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित रहा। वाहन चालक पानी से होकर गुजरने को मजबूर नजर आए। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है.
0
0
Report

बेतिया में बोलेरो की चपेट में दो युवक, एक की मौत, प्रदर्शन जारी

Bettiah, Bihar:बेतिया से खबर है जहां सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई एक युवक घायल हो गया आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया है घटना मझौलिया के रामपुरवा चौक की है तेज रफ्तार से आ रही बोलोरो ने बाइक पर सवार दो युवकों को रौंद दिया घटनास्थल पर एक युवक मौत हो गई दूसरा घायल हो गया मृत युवक का नाम मासूम अंसारी बताया जा रहा है आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया बोलोरो चालक की गिरफ्तारी की मांग की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेज दिया है घायल को अस्पताल भेजा गया पुलिस ने स्थानीय लोगो को समझा बुझाकर सड़क जाम हटाया
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top