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Raju Sursingh RathodRaju Sursingh RathodFollow17 Sept 2024, 01:44 am

बुरहानपुर में ईद मिलादुन्नबी पर भव्य जुलूस निकला, मुस्लिम समुदाय ने उत्साह के साथ मनाया

Ambada Ryt, Madhya Pradesh:

बुरहानपुर जिले में मुस्लिम समाज ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर ईद मिलादुन्नबी का पर्व धूमधाम से मनाया। शहर में भव्य जुलूस निकाला गया, जो लोहार मंडी रोड स्थित जामिया अशरफिया मदरसे से शुरू हुआ। जुलूस में शामिल लोग झंडे लेकर नारे लगाते और दुरूद शरीफ पढ़ते हुए चल रहे थे। जुलूस ने मोमिनपुरा, शिवकुमार सिंह बिल्डिंग, हरीरपुरा, शनवारा पीपल गली, बस स्टैंड, आदर्श लॉज, जय स्तंभ चौराहा, फूल चौक, अंडा बाजार, बैरी मैदान और इकबाल चौक से होते हुए हिंदुस्तानी मस्जिद के पास समाप्त हुआ। 

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J&K में 37 शहीद परिवारों को नियुक्ति पत्र, 370 हटने के बाद उम्मीद साफ

Chaka, LG मनोज सिन्हा ने आतंकी हमलों में मारे गए लोगों के 37 परिजनों को नियुक्ति पत्र सौंपे; कहा कि आर्टिकल 370 हटने से आतंकी इकोसिस्टम खत्म हुआ। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा मारे गए नागरिकों के 37 परिजनों (NoKs) को बुधवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने इस मौके को याद करने, न्याय और राष्ट्रीय संकल्प का क्षण बताया। सिन्हा ने शहीदों और उनके परिवारों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनके साथ खड़ा होना बहुत सम्मान की बात है। उन्होंने कहा, "आतंकवादियों द्वारा मारे गए निर्दोष नागरिकों को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। मैं उन परिवारों को सलाम करता हूं जो दशकों के दुख और इंतजार के बाद अब नियुक्ति पत्र पा रहे हैं, जिससे उन्हें सम्मान और आजीविका मिलेगी।" उन्होंने कहा कि बरसों तक आतंकी हमलों के शिकार परिवारों के दर्द पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। आतंकवाद ने घर उजाड़ दिए और भविष्य अनिश्चित कर दिया; उनके दुख को आंकड़ों में नहीं मापा जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये नियुक्ति पत्र सिर्फ नौकरी के कागजात नहीं हैं, बल्कि सामाजिक न्याय, पहचान और देश के उस वादे के प्रतीक हैं कि न तो शहीदों को भुलाया जाएगा और न ही उनके परिवारों को अकेला छोड़ा जाएगा। ये परिवार नए प्रशासनिक आदेश के लाभार्थियों में शामिल हैं। दशकों से अटके मामलों का आखिरकार समाधान हो गया है। हालांकि कोई नौकरी या मुआवजा किसी अपने की जगह नहीं ले सकता, लेकिन ये पत्र भरोसा दिलाते हैं कि देश उनके साथ खड़ा है और उनकी ज़िंदगी को फिर से बनाने और सम्मान बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। आतंकी हमलों के शिकार परिवारों को अब समय पर, मानवीय और लगातार न्याय मिल रहा है। आज का दिन यह साफ संदेश देता है कि आतंकवाद एक दृढ़ संकल्प वाले देश को हरा नहीं सकता। LG मनोज सिन्हा ने कहा, "ऐसे कई परिवार थे जो आतंकी हिंसा का शिकार हुए, और उनके रिश्तेदार यहां कानून के तहत सरकारी नौकरी पाने का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। लेकिन इसमें काफी समय लग गया। अब ऐसे लोगों की पहचान करने और पीड़ितों के सभी करीबी परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी देने की कोशिशें की जा रही हैं। इसी क्रम में आज काफी लोगों को नौकरियां दी गई हैं, और मुझे लगता है कि माननीय प्रधानमंत्री ने उन्हें सम्मान के साथ जीने का मौका दिया है।" आर्टिकल 370 को हटाने का जिक्र करते हुए LG ने कहा, "और मैं समझता हूं कि आज का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भेदभावपूर्ण व्यवस्था को खत्म करने में आज का दिन बहुत ऐतिहासिक महत्व रखता है." कई दशकों से, आतंकी हमलों के शिकार आम नागरिकों, सुरक्षा कर्मियों और हिंसा से प्रभावित परिवारों को अपने अपनों को खोने के गहरे दुख के साथ-साथ भारी आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ा। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों के आश्रितों को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपने की पहल का मकसद इन लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का समाधान करना है। नियुक्ति पत्र पाने वाले हर पीड़ित ने LG का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि आखिरकार हमें इंसाफ मिल ही गया। फायदे उठाने वाले जुनैद मलिक ने कहा, "मेरे पिता, जो एक पुलिसकर्मी थे और गांदरबल जिले में SPO के पद पर तैनात थे, उन पर आतंकियों ने हमला किया और वे वहीं शहीद हो गए। उस समय मैं सिर्फ़ दो साल का था; तब से हमने कितनी मुश्किलें और उतार-चढ़ाव देखे हैं, यह मैं ही जानता हूँ। मैंने अपनी माँ से भी कहा था कि मेरे पिता ने देश के लिए कुर्बानी दी, अपनी जान दे दी, लेकिन उनकी कुर्बानी पूरी तरह बेकार चली गई। लेकिन मेरी माँ मुझसे कहती थीं कि एक दिन कोई न कोई ज़रूर आएगा जो हमें इंसाफ़ दिलाएगा। 5 अगस्त 2025 की तारीख़ मैं अपनी पूरी ज़िंदगी में कभी नहीं भूलूँगा, क्योंकि आज हमें नौकरी मिली है। आज मैं यहाँ खुशी-ख़ुशी आया हूँ; हमारे माननीय LG साहब हमारे साथ वैसे ही खड़े रहे जैसे परिवार का कोई सदस्य खड़ा होता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी साहब और माननीय LG साहब का बहुत-बहुत धन्यवाद।" आतंकवाद के एक और पीड़ित मनन ने कहा, "मेरे भाई 2018 में आतंकियों के हाथों शहीद हो गए थे। सर, 2018 के बाद हमारे परिवार को बहुत संघर्ष करना पड़ा। मेरे पिता बीमार पड़ गए, उन्हें पेट का कैंसर था, हमने बहुत मुश्किलें झेलीं, लेकिन 5 अगस्त की यह तारीख़ हम कभी नहीं भूलेंगे जब आपने हमें नौकरी देकर फिर से संभलने का मौका दिया। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, सर।" केंद्र शासित प्रदेश में आए बड़े बदलावों की बात करते हुए, उपराज्यपाल ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को हटाने को एक निर्णायक मोड़ बताया। वह दिन एक संवैधानिक सुधार और नई शुरुआत का प्रतीक था। भेदभावपूर्ण बाधाएं हटाई गईं, पहले के कानूनों के तहत परेशान लोगों को समान अधिकार दिए गए, और 'एक देश, एक झंडा, एक संविधान' के सिद्धांत को पूरी तरह से लागू किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, हाशिए पर रहने वाले समूहों, आदिवासियों, PoK और छंब से विस्थापित लोगों और शरणार्थियों को पूरी नागरिकता, वोट देने का अधिकार और संपत्ति के मालिकाना हक मिले। किसानों, कारीगरों और युवाओं को नए मौके मिले हैं, जबकि यूनिवर्सिटी और रिसर्च सेंटर अगली पीढ़ी को ग्लोबल कॉम्पिटिशन के लिए तैयार कर रहे हैं। सिन्हा ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35A के तहत बेखौफ चल रहे आतंकी इकोसिस्टम को काफी हद तक खत्म कर दिया गया है। कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है, समान अधिकार बहाल हुए हैं, और ऐसे मौके बनाए गए हैं जिनसे परिवार आत्मविश्वास के साथ अपनी जिंदगी फिर से शुरू कर सकें। पड़ोसी देशों और आतंकी नेटवर्क की समाज को बांटने और डर फैलाने की कोशिशों को नाकाम कर दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवा पीढ़ी डर-मुक्त भविष्य की हकदार है—और ऐसा ही भविष्य मौजूदा नेतृत्व में बनाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से इस दिन को बेहतर भविष्य की ओर एक निर्णायक मोड़ के तौर पर याद रखने को कहा। 2019 में भेदभाव के बादल छंट गए, जिससे सामाजिक न्याय और सबके साथ विकास (समावेशी विकास) के एक नए दौर की शुरुआत हुई। आज जम्मू-कश्मीर नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है, और चहुंमुखी विकास शांति और खुशहाली ला रहा है।
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NGT directs strict action by forest department in Khole Hanumanji Ropeway case

Jaipur, Rajasthan:खोले के हनुमान जी रोपवे अतिक्रमण पर एनजीटी सख्त, वन विभाग को दिए कार्रवाई के निर्देश जयपुर-खोले के हनुमान मंदिर रोपवे परियोजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। राष्ट्रीय हरित अधिगरण यानी एनजीटी ने वन भूमि पर कथित अतिक्रमण और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के मामले में सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने वन विभाग को अतिक्रमण हटाने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और दो सप्ताह में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने सख्त, अब होगी कार्रवाई- एनजीटी की केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ ने जयपुर के खोले के हनुमान मंदिर में रोपवे परियोजना से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए वन विभाग और संयुक्त समिति की रिपोर्ट का संज्ञान लिया। अधिकरण ने कहा कि प्रथम दृष्टया रोपवे का अपर स्टेशन, लोअर स्टेशन और रोपवे कॉरिडोर परियोजना के लिए स्वीकृत वन भूमि के बजाय आरक्षित वन क्षेत्र में बने प्रतीत होते हैं। सहायक वन संरक्षक की रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। इनमें बिना अनुमति रेस्तरां, फिश स्पा और बॉडी मसाज पार्लर का संचालन, खुले में आग जलाकर भोजन बनाना, प्लास्टिक कचरे का अनुचित निस्तारण, अनधिकृत लाइटिंग और पर्यावरण एवं सुरक्षा मंजूरी के बिना जिपलाइन साइकिल राइड चलाना शामिल है। रोक इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा था। जानिए रोपवे फर्म का कैसे चला अनियमित्तताओं का खुला खेल- 1. रोपवे के अपर स्टेशन पर स्थाई निर्माण कर अवैध रेस्टोरेंट का संचालन किया. 2. गर्म पेय पदार्थ, खाद्य पदार्थ नियम विरूद्ध प्लास्टिक के कपों में बेची जा रही थी. 3. रोपवे के लिए 0.8735 हेक्टेयर वन भूमि को डायवर्टेड किया, लेकिन इससे ज्यादा वन क्षेत्र उपयोग में लिया. 4. 360 डिग्री पर साइकिल चलाने जैसा खुला खेल खेला जा रहा था. 5. प्लास्टिक पैक सामान, पानी की बोतले महंगी दरों पर बेची जा रही थी. 6. अपर स्टेशन पर व्यावसायिक दुकाने बनाने के लिए भवन निर्माण सामग्री मिली. 7. प्लास्टिक कचरा जंगल में उडता, गिरता पाया गया। एनजीटी ने नाराजगी जताई- एनजीटी ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि मामला एक साल से अधिक समय से लंबित होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अधिकरण ने राजस्थान के प्रधान मुख्य वन संरक्षक यानी पीसीसीएफ को पूरे मामले की व्यक्तिगत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी भी रिकॉर्ड पर ली गई। एनजीटी ने वन विभाग को निर्देश दिया है कि आवंटित भूमि से बाहर स्थित वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पीसीसीएफ या उनके अधिकृत सीसीएफ स्तर के अधिकारी को दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र के साथ एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त 2026 को होगी। अब नजर वन विभाग की कार्रवाई पर- जयपुर रोपवे परियोजना पर एनजीटी की सख्ती के बाद अब सबकी नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है। देखना होगा कि दो सप्ताह में पेश होने वाली एक्शन टेकन रिपोर्ट में क्या कदम उठाए जाते हैं, क्या कार्रवाई होती है।
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एनजीटी ने खोले के हनुमान रोपवे अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए

Jaipur, Rajasthan:खोले के हनुमान जी रोपवे अतिक्रमण पर एनजीटी सख्त,वन विभाग को दिए कार्रवाई के निर्देश जयपुर-खोलेके हनुमान मंदिर रोपवे परियोजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी ने वन भूमि पर कथित अतिक्रमण और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के मामले में सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने वन विभाग को अतिक्रमण हटाने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और दो सप्ताह में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं。 एनजीटी ने सख्त,अब होगी कार्रवाई- एनजीटी की केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ ने जयपुर के खोले के हनुमान मंदिर में रोपवे परियोजना से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए वन विभाग और संयुक्त समिति की रिपोर्ट का संज्ञान लिया। अधिकरण ने कहा कि प्रथम दृष्टया रोपवे का अपर स्टेशन, लोअर स्टेशन और रोपवे कॉरिडोर परियोजना के लिए स्वीकृत वन भूमि के बजाय आरक्षित वन क्षेत्र में बने प्रतीत होते हैं। सहायक वन संरक्षक की रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। इनमें बिना अनुमति रेस्तरां, फिश स्पा और बॉडी मसाज पार्लर का संचालन, खुले में आग जलाकर भोजन बनाना, प्लास्टिक कचरे का अनुचित निस्तारण, अनधिकृत लाइटिंग और पर्यावरण एवं सुरक्षा मंजूरी के बिना जिपलाइन साइकिल राइड चलाना शामिल है। रोक इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित किया गया था। जानिए रोपवे फर्म का कैसे चला अनियमित्तताओं का खुला खेल- 1.रोपवे के अपर स्टेशन पर स्थाई निर्माण कर अवैध रेस्टोरेंट का संचालन किया. 2.गर्म पेय पदार्थ,खाद्य पदार्थ नियम विरूद्ध प्लास्टिक के कपों में बेची जा रही थी. 3.रोपवे के लिए 0.8735 हेक्टेयर वन भूमि को डायवर्टेड किया,लेकिन इससे ज्यादा वन क्षेत्र उपयोग में लिया. 4.360 डिग्री पर साइकिल चलाने जैसा खुला खेल खेला जा रहा था. 5. प्लास्टिक पैक सामान,पानी की बोतले महंगी दरों पर बेची जा रही थी. 6.अपर स्टेशन पर व्यावसायिक दुकाने बनाने के लिए भवन निर्माण सामग्री मिली. 7.प्लास्टिक कचरा जंगल में उडता,गिरता पाया गया. एनजीटी ने नाराजगी जताई- एनजीटी ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि मामला एक साल से अधिक समय से लंबित होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अधिकरण ने राजस्थान के प्रधान मुख्य वन संरक्षक यानी पीसीसीएफ को पूरे मामले की व्यक्तिगत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी भी रिकॉर्ड पर ली गई। एनजीटी ने वन विभाग को निर्देश दिया है कि आवंटित भूमि से बाहर स्थित वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पीसीसीएफ या उनके अधिकृत सीसीएफ स्तर के अधिकारी को दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र के साथ एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त 2026 को होगी। अब नजर वन विभाग की कार्रवाई पर - जयपुर रोपवे परियोजना पर एनजीटी की सख्ती के बाद अब सबकी नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है। देखना होगा कि दो सप्ताह में पेश होने वाली एक्शन टेकन रिपोर्ट में क्या कदम उठाए जाते हैं, क्या कार्रवाई होती है。 नोट—इस खबर की फीड 2 सी में स्लग से भेजी गई है.एनजीटी के फाइल शाट्स लगाए।
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ग्रामीणों के विरोध के बाद शिविर शुरू, स्कूल के बाहर कीचड़ समस्या का हल

Dholpur, Rajasthan:बाड़ी। उपखंड की ग्राम पंचायत सिंगोरई में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए उसका बहिष्कार कर दिया। समस्याओं से परेशान ग्रामीणों ने स्कूली बच्चों के साथ अटल सेवा केंद्र पर हंगामा किया इस विरोध प्रदर्शन के बाद बाड़ी तहसीलदार जगवीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से समझाइश की,जिसके बाद शिविर को दोबारा शुरू किया जा सका। ग्रामीण युवा रामेश्वर मीणा ने बताया कि वे पिछले तीन साल से गांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मुख्य गेट के बाहर जमा पानी और चारदीवारी के चारों ओर रास्ते में कीचड़ से परेशान हैं। स्कूल आने वाले छात्र और स्टाफ भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा, गांव की पुलिया से बटेश्वर कला और बटेश्वर खुर्द को जाने वाला मुख्य रास्ता दलदल में बदल गया है, जिससे पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इन समस्याओं को लेकर बाड़ी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार सहित गांव में लगने वाले शिविरों में लगातार शिकायतें और ज्ञापन दिए गए हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसी कारण आज स्कूली बच्चों के साथ शिविर का विरोध और बहिष्कार किया गया। पूर्व सरपंच केदार मीणा ने जानकारी दी कि ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के बाद तहसीलदार जगवीर सिंह ने शिविर में पहुंचकर ग्रामीणों से बात की और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया इसके बाद शिविर शुरू कराया गया है। इस घटना के बाद कंचनपुर पुलिस भी सिंगोरई गांव पहुंची है और मामले की जांच कर रही है
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ओंकारेश्वर में डूबने लगीं मुंबई की दो युवतियाँ, नाविकों ने बचाया

Khandwa, Madhya Pradesh:ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के घाट पर स्नान के दौरान बड़ा हादसा टल गया। मुंबई से आई दो युवतियाँ स्नान करते समय पैर फिसलने से गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। मौके पर मौजूद नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ओंकारेश्वर में सावन के चलते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी बीच मुंबई से आई दो युवतियां नर्मदा घाट पर स्नान कर रही थीं। अचानक पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। वहां मौजूद नाविक मुकेश वर्मा और उनके साथियों ने तुरंत नदी में छलांग लगाकर दोनों युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। घाटों पर पानी पर बिछी काई जमने से पैर फिसलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। घाटों पर स्नान के दौरान SDRF की टीम के सदस्य और नाविक मौके पर मौजूद रहते हैं लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। श्रद्धालु भी कई बार सुरक्षित स्थान से दूर जाकर पानी में स्नान करते हैं। यही कारण है कि आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही है。
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झारखंड: मतदाता सूची के प्रारूप का जारीकरण, अंतिम सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची का प्रारूप आज जारी कर दिया गया है। निर्वाचन आयोग के मुताबिक राज्य के कुल 2 करोड़ 64 लाख 63 हजार 236 मतदाताओं में से 2 करोड़ 21 लाख 1 हजार 249 गणना फॉर्म जमा और डिजिटाइज किए गए हैं। जिन पात्र मतदाताओं का नाम प्रारूप सूची में नहीं है, वे 5 अगस्त से 4 सितंबर तक फॉर्म-6 और घोषणा पत्र के साथ आवेदन कर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। प्रारूप मतदाता सूची ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराई गई है। मतदाता ECINET ऐप, Voters Portal और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर अपना नाम देख सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता का नाम विधिसम्मत प्रक्रिया, नोटिस और सुनवाई के बिना अंतिम सूची से नहीं हटाया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
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कटनी में आहते फिर शुरू: सार्वजनिक स्थानों पर शराब नियंत्रण पर गम्भीर बहस

Katni, Madhya Pradesh:स शराब सुरा प्रेमियों के लिए फिर खोले अहाते- जनसुनवाई में समाजसेवी की अनोखी मांग एंकर - कटनी की मंगलवार जनसुनवाई में एक ऐसा आवेदन सामने आया जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। समाजसेवी अजय सरावगी ने सरकार से जिले में शराब दुकानों के साथ फिर से 'आहते' शुरू करने की मांग की है। उनका तर्क है कि आहते बंद होने के बाद लोग सार्वजनिक स्थानों जैसे खेल मैदान खुले जगहों पर शराब पी रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 1.VO- समाजसेवी अजय सरावगी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में e आवेदन सौंपकर कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शराब दुकानों के आहते बंद किए जाने के बाद शराब पीने वाले लोग सड़क किनारे, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बैठकर शराब का सेवन कर रहे हैं।यहीं नही सुनसान राहों गलियों मोहल्लों में पीने वाले बैठक बनाए है, इससे शहर का माहौल प्रभावित हो रहा है और महिलाओं सहित आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। 2.Vo- अजय सरावगी का कहना है कि यदि शराब दुकानों के साथ फिर से आहते शुरू किए जाएं तो शराब का सेवन एक निर्धारित स्थान पर होगा। इससे सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने की घटनाएं कम होंगी और शहर की कानून व्यवस्था भी बेहतर बनी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को शराब बिक्री से बड़ा राजस्व मिलता है, वहीं सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों पर कार्रवाई और जुर्माने से भी राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में शराब पीने वालों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। उनका मानना है कि इस व्यवस्था पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। फिलहाल यह मांग जनसुनवाई के माध्यम से सरकार तक पहुंचा दी गई है। अब देखना होगा कि प्रदेश सरकार और प्रशासन इस सुझाव पर क्या फैसला लेते हैं। क्या कटनी समेत प्रदेश में फिर से शराब दुकानों के साथ आहते शुरू होंगे, या मौजूदा व्यवस्था ही जारी रहेगी—इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। बाईट -अजय सरावगी समाजसेवी कटनी बाईट -अभिनय विश्वकर्मा पुलिस अधीक्षक कटनी
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चित्तौड़गढ़ में 31 करोड़ के आरयूआईडीपी प्रोजेक्ट्स पर हितधारकों के साथ संवाद

Begun, Rajasthan:#चित्तौड़गढ़ - एंकर - चित्तौड़गढ़ शहर में राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना यानी आरयूआईडीपी के पंचम चरण के तहत प्रस्तावित 31 करोड़ 1 लाख रुपये की विकास परियोजनाओं को लेकर हितधारकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला परिषद के डीआरडीए सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों से सुझाव लिए गए। आरयूआईडीपी अधिकारियों ने बताया कि एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से शहर में अपशिष्ट जल प्रबंधन, ड्रेनेज, बाढ़ प्रबंधन, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, विरासत संरक्षण और पर्यटन विकास से जुड़े कार्य किए जाएंगे। संवाद के दौरान प्राप्त सुझावों को परियोजनाओं में शामिल करने का आश्वासन भी अधिकारियों ने दिया।
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अपनी पार्टी का क Kashmir राज्यhood बहाली और डोमिसाइल गारंटी पर संवाद का आह्वान

Aram Pora, Ganderbal, Today, on August 5, 2026, we meet to recall this day in 2019. It was on this day that the constitutional guarantees under Articles 370 and 35A were revoked, and our statehood—an important part of our identity—was taken away. This decision of the Union Government was made against the wishes, aspirations, and sentiments of the people of Jammu and Kashmir. Therefore, this day will always be remembered as the day on which our constitutional rights were taken away. Apni Party will be always working for the restoration of all those rights which have been taken away. ​(2) Apni Party believes that there is a need to initiate meaningful dialogue between the Centre and the people of Jammu and Kashmir so that the gap between the people of Jammu and Kashmir and the rest of the country can be bridged, leading to lasting and sustainable peace in Jammu and Kashmir. ​(3) We urge the Centre to restore the statehood of Jammu and Kashmir, as has been promised by the Hon\'ble Prime Minister and the Hon\'ble Home Minister. ​(4) Since Apni Party ensured that the Centre accepted the exclusive rights of the people of Jammu and Kashmir over land and jobs during the party leadership\'s talks with the Centre, the domicile law was eventually established. However, Apni Party urges the Centre to provide a constitutional guarantee for this domicile law and domicile right should accrue after 50 years instead of 15 years.
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