icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
477001
PSPradeep SharmaFollow24 Jul 2024, 07:56 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

टोंक में नई कलेक्टर टीना डाबी का पदभार, शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर

Tonk, Rajasthan:टोंक में नई कलेक्टर की एंट्री: टीना डाबी ने संभाला कार्यभार, शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर एंकर ..टीना डाबी ने टोंक जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विधिवत पदभार ग्रहण किया। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामरतन शोकरिया एवं निवाई उपखंड अधिकारी पूजा मीणा सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। पदभार ग्रहण करने के बाद कलेक्टर टीना डाबी ने स्पष्ट किया कि संपर्क पोर्टल पर आने वाली आमजन की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सभी योजनाओं को आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि टीम भावना के साथ कार्य करते हुए टोंक जिले के समग्र विकास पर फोकस किया जाएगा, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और जिले को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया जा सके。
0
0
Report
Advertisement

महाकाल मंदिर में सतत जलाभिषेक की परंपरा तीन माह तक जारी

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में आज से भगवान महाकाल पर सतत जलाभिषेक की परंपरा शुरू हो गई है। यह जलधारा 29 जून तक लगातार जारी रहेगी। मंदिर में 11 मिट्टी के कलशों के माध्यम से “गलंतिका” स्थापित की गई है, जिससे भगवान महाकाल पर निरंतर जल अर्पित किया जा रहा है। इन कलशों में गंगा नदी, यमुना नदी, नर्मदा नदी, गोदावरी नदी, कावेरी नदी, सरस्वती नदी, सिंधु नदी, सरयू नदी, क्षिप्रा नदी और गण्डकी नदी सहित पवित्र नदियों का स्मरण कर जल स्थापित किया गया है। यह जलाभिषेक प्रतिदिन सुबह भस्म आरती के बाद शुरू होकर शाम की पूजा तक चलता रहेगा। इस वर्ष ज्येष्ठ माह में अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) होने के कारण यह परंपरा एक महीने अतिरिक्त चलेगी, यानी कुल तीन माह तक बाबा महाकाल पर शीतल जलधारा अर्पित की जाएगी। श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ ले रहे हैं。
0
0
Report

जीतू पटवारी का विपक्षी भाजपा पर निशाना: विधानसभा में सदस्यता मामले पर बयान

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल पीसीसी चीफ जीतू पटवारी की प्रेस कॉन्फ्रेंस: रात भर विधानसभा चली और राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द कर दी गई। विधानसभा मुख्य सचिव से मुलाकात की थी, उनसे बात करने की कोशिश की तो वो भाग गए। राजेंद्र भारती को बड़ी अदालत जाने के लिए 60 दिन का समय दिया गया है; राजेंद्र भारती के पास संविधान के अनुसार समय है। विधानसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था पर दबाव बनाया। नरोत्तम मिश्रा पर पेड न्यूज का मामला इसी विधानसभा में है, लेकिन निर्णय आज तक आया नहीं। BJP प्रदेश में आलोकतंत्र का कैंसर बन गई है—जीतू पटवारी। किसान कल्याण के लिए 50 फीसदी राशि खर्च नहीं की है। युद्ध के कारण किसानों के गेहूं खरीदी नहीं करने का बहाना बना रहे हैं। रात को हजारों किसानो की ओला-पाला से फसल खत्म हो गई। बारदानों की कमी है MP में। मंडियों में कांग्रेस करेगी प्रदर्शन। विधानसभा में एंट्री BJP के बयान पर पलटवार। मैंने अनैतिक काम नहीं किया। मेरा अधिकार है विधानसभा। खुला होने पर वहां जाने के लिए दीर्घा में जाने के लिए पास की आवश्यकता पड़ती है। मेरा अधिकार है, मैं भी पूर्व सदस्य रहा चुका। राज्यसभा चुनाव भी फैक्टर है। राज्यसभा में एक सांसद कांग्रेस का जाएगा। नया भारत बनाना चाहती है BJP। वोट की कीमत नहीं है इस सरकार में। बाइट..जीतू पटवारी, PCC चीफ..
0
0
Report

न्याय न मिलने पर विषाक्त पदार्थ खाने की कोशिश: आगरा में बड़ा मामला

Agra, Uttar Pradesh:न्याय नहीं मिलने पर पीड़ित व्यक्ति ने खाया संदिग्ध पदार्थ विषाक्त कई बार गुहार लगाने के बाद पीड़ित ने आत्महत्या के उद्देश्य से विषाक्त न्याय नहीं मिलने की स्थिति में वीडियो वायरल कर आत्महत्या की दी थी धमकी, पीड़ित का आरोप दबंगों ने प्रशासन की मिली भगत से पैतृक जमीन कब्जाने लगवाए झूठे मुकदमे आरोप दबंगों ने एकजुट होकर पूर्व में किया था पीड़ित पर जानलेवा हमला पैर से हुआ विकलांग संदिग्ध विषाक्त खाने से पहले पीड़ित ने वीडियो प्रसारित कर लगाए गंभीर आरोप जहर खाकर आत्महत्या की सूचना पर दौड़ी पुलिस, ए ambulances द्वारा अस्पताल में कराया भर्ती इलाज जारी पुलिस ने प्रशासन के उच्च अधिकारियों से बात कर पीड़ित को दिया आश्वासन थाना पिनाहट क्षेत्र के द्वितीय नहर पंप हाउस के पास का मामला。
0
0
Report
Advertisement

मैनपुरी के खौफनाक सड़क हादसे में तीन की मौत, CM ने लिया संज्ञान

Mainpuri, Uttar Pradesh:स्लग - दर्दनाक सड़क हादसे में तीन की मौत, मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान (update) किशनी थाना क्षेत्र के किशनी कुसमरा मार्ग पर मोरम से भरे डंपर ने बाइक सवारों को कुचल दिया जिसमें तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, घटना इतनी भिभत्स थी कि हादसे के बाद सड़क पर पड़े शवों को सड़क से गुजरने वाले अन्य वाहन कुचलते और रौंदते रहे। तीनों मृतक कन्नौज जिले के छिबरामऊ के रहने वाले बताए जा रहे हैं और किशनी के जटपुरा में अपने रिश्तेदार के यहां शादी मैं शामिल होकर वापस जा रहे थे। पुलिस ने मृतक के जेब में मिले ड्राइविंग लाइसेंस से मृतको की पहचान की और परिवारिजनों को घटना की जानकारी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है और परिवार के प्रति शोक संवेदना प्रकट कर अधिकारियों को निर्देशित किया है।
0
0
Report
Advertisement

फिरोजाबाद: शिकायत के बावजूद दो माह से भटक रहा प्रार्थी, समयबद्ध निस्तारण पर उठे सवाल

Ashwani SharmaAshwani SharmaFollow5m ago
Firozabad, Uttar Pradesh:**फिरोजाबाद: शिकायत के बावजूद दो माह से भटक रहा प्रार्थी, समयबद्ध निस्तारण पर उठे सवाल** फिरोजाबाद। सदर तहसील की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। प्रार्थी विशाल वर्मा द्वारा 29 जनवरी 2026 को उप जिलाधिकारी सदर सत्येंद्र कुमार को सौंपे गए शिकायत पत्र का दो माह से अधिक समय बीतने के बावजूद निस्तारण नहीं हो सका है। प्रार्थी का आरोप है कि वह लगातार तहसील के चक्कर काट रहा है, लेकिन हर बार उसे केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। विशाल वर्मा के अनुसार आवेदन करने से पूर्व उसने संबंधित लेखपाल ज्योति वर्मा से आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी ली थी। किराए के मकान में निवास करने के कारण उसे सलाह दी गई कि यदि उसके नाम क्षेत्र में कोई भूमि है तो बैनामा संलग्न कर आवेदन कर दे, जिससे कार्य पूरा हो जाएगा। प्रार्थी ने बताया कि उसने निर्देशानुसार बैनामा, आधार कार्ड, प्रमाण पत्र व फोटो सहित सभी दस्तावेज संलग्न कर आवेदन किया, लेकिन विभागीय प्रक्रिया के दौरान बिना किसी जांच के उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद से वह लगातार समाधान के लिए भटक रहा है। **समयबद्ध निस्तारण पर उठे सवाल** प्रदेश सरकार द्वारा शिकायतों के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इस प्रकरण में दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। इससे फरियादियों का भरोसा कमजोर होना स्वाभाविक है। **सरकारी मंशा पर असर** एक ओर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शासन प्रशासन को जवाबदेह और प्रभावी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ अधिकारियों की कार्यशैली इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। प्रार्थी ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और अपने प्रकरण के शीघ्र निस्तारण की मांग की है।* फिरोजाबाद। सदर तहसील की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। प्रार्थी विशाल वर्मा द्वारा 29 जनवरी 2026 को उप जिलाधिकारी सदर सत्येंद्र कुमार को सौंपे गए शिकायत पत्र का दो माह से अधिक समय बीतने के बावजूद निस्तारण नहीं हो सका है। प्रार्थी का आरोप है कि वह लगातार तहसील के चक्कर काट रहा है, लेकिन हर बार उसे केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। विशाल वर्मा के अनुसार आवेदन करने से पूर्व उसने संबंधित लेखपाल ज्योति वर्मा से आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी ली थी। किराए के मकान में निवास करने के कारण उसे सलाह दी गई कि यदि उसके नाम क्षेत्र में कोई भूमि है तो बैनामा संलग्न कर आवेदन कर दे, जिससे कार्य पूरा हो जाएगा। प्रार्थी ने बताया कि उसने निर्देशानुसार बैनामा, आधार कार्ड, प्रमाण पत्र व फोटो सहित सभी दस्तावेज संलग्न कर आवेदन किया, लेकिन विभागीय प्रक्रिया के दौरान बिना किसी जांच के उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद से वह लगातार समाधान के लिए भटक रहा है। **समयबद्ध निस्तारण पर उठे सवाल** प्रदेश सरकार द्वारा शिकायतों के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इस प्रकरण में दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। इससे फरियादियों का भरोसा कमजोर होना स्वाभाविक है। **सरकारी मंशा पर असर** एक ओर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शासन प्रशासन को जवाबदेह और प्रभावी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ अधिकारियों की कार्यशैली इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। प्रार्थी ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के
0
0
Report

कानपुर में महंगी कॉपी-किताबों से अभिभावकों का बजट बिगड़ा

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर कॉपी किताबों को लेकर जी न्यूज का रियल्टी चेक महंगी किताबों से अभिभावक परेशान अभिभावकों ने कहा घर का बिगड़ गया बजट अभिभावकों का कहना है कि 35 हजार की तनख्वाह में 10 हजार की किताबें,उसके बाद फीस, कैसे चलेगा परिवार कानपुर के कल्याणपुर स्थित गार्डेनिया पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक परेशान नजर आए। अभिभावकों का कहना था कि इतनी कम तनख्वाह में बच्चों को कैसे पढ़ा पाएंगे। 10 से 15 हजार के बीच कॉपी किताबें मिल रही हैं ऊपर से फीस की बढ़ोतरी का बोझ है, अभिभावकों ने कहा कि कक्षा 4 की किताब का बिल 10 से 11 हजार रुपए बन रहा है वहीं नाइंथ और हाई स्कूल की किताब 10 से 15 हजार के बीच में बिल बन रहा है। जी मीडिया ने जब अभिभावकों से बात की तो तमाम अभिभावक जी मीडिया की कैमरे पर स्कूलों की सच्चाई बयां करते हुए नजर आए। वही स्कूल वालों ने स्कूल से अलग हटकर एक गेस्ट हाउस को किराए पर लेकर बुक स्टॉल सजा रखा है; नर्सीर्ट की किताबों के अलावा तमाम प्राइवेट पब्लिकेशन की बुक लगा रखी हैं जो महंगे दामों में बिक रही हैं जिससे अभिभावक परेशान नजर आए। वही जब बुक स्टॉल संचालक से बात करने की कोशिश की तो बुक स्टॉल संचालक कैमरे के सामने कुछ भी नहीं बोला。
0
0
Report
Advertisement

जयपुर के मावठा सरोवर में SDRF की मॉक ड्रिल, मानसून तैयारी मिली नजर

Jaipur, Rajasthan:राजधानी जयपुर की पर्यटन नगरी आमेर का प्रसिद्ध मावठा सरोवर उस समय सुर्खियों के केंद्र में आ गया जब स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम अचानक भारी उपकरणों और गोताखोरों के साथ सरोवर पर पहुंची देखते ही देखते पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई सरोवर में बोटिंग कर रहे पर्यटकों के बीच दहशत का माहौल बन गया और कई लोग तुरंत नावों से उतरकर किनारे की ओर पहुंचे कुछ ही मिनटों में मावठा सरोवर का शांत वातावरण आपातकालीन गतिविधियों में बदल गया वही SDRF के जवान लाइफ जैकेट रेस्क्यू रोप और अन्य आधुनिक उपकरणों के साथ पानी में उतरे और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया इस दौरान सरोवर के चारों ओर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक जमा हो गए हर किसी के मन में यही सवाल था—क्या कोई बड़ा हादसा हो गया है 2 गोताखोरों की तेजी से बढ़ी हलचल पर्यटक सहमे: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही SDRF के गोताखोर पानी में उतरे बोटिंग कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया कई पर्यटकों ने अपनी नावें तुरंत वापस किनारे की ओर मोड़ दीं जबकि कुछ लोग घबराहट में बिना पूरी जानकारी के ही नाव से उतर गए वही लोगों के चेहरों पर चिंता साफ झलक रही थी कुछ पर्यटक अपने परिवार के सदस्यों को फोन कर स्थिति की जानकारी देने लगे वहीं कई लोग वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर लाइव अपडेट साझा करते नजर आए 3 मौके पर जुटी भीड़ हर नजर SDRF पर टिकी: घटना की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्रों से भी लोग सरोवर की ओर दौड़ पड़े कुछ ही देर में वहां मेले जैसा माहौल बन गया स्थानीय दुकानदार गाइड और पर्यटक सभी SDRF की गतिविधियों को टकटकी लगाकर देखते रहे कई लोगों ने इसे वास्तविक रेस्क्यू ऑपरेशन समझ लिया और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं—कहीं कोई डूब तो नहीं गया क्या कोई दुर्घटना हुई है 4 सस्पेंस खत्म—निकली मॉक ड्रिल: लगभग आधे घंटे तक चले इस सघन सर्च ऑपरेशन के बाद SDRF अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की बताया गया कि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं बल्कि आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए की गई मॉक ड्रिल थी इस ड्रिल का उद्देश्य संभावित जल दुर्घटनाओं डूबने की घटनाओं और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करना था 5 सब-इंस्पेक्टर रवि कुमार के नेतृत्व में अभ्यास SDRF टीम के सब-इंस्पेक्टर रवि कुमार के निर्देशन में पूरी मॉक ड्रिल को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया गोताखोरों ने पानी में उतरकर सर्च पैटर्न का अभ्यास किया वहीं रेस्क्यू टीम ने पीड़ित को सुरक्षित बाहर निकालने और प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया ड्रिल के दौरान समय प्रबंधन टीम कोऑर्डिनेशन और उपकरणों के उपयोग पर विशेष फोकस रखा गया 6 पर्यटन स्थल होने से बढ़ी जिम्मेदारी वरिष्ठ टूरिस्ट गाइड महेश कुमार शर्मा ने बताया कि मावठा सरोवर आमेर किले के ठीक नीचे स्थित है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं बोटिंग इस स्थल का प्रमुख आकर्षण है जिससे यहां हमेशा भीड़ बनी रहती है वही ऐसे में मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने और फिसलन जैसी स्थितियों के कारण हादसों की आशंका भी बढ़ जाती है SDRF द्वारा इस तरह की मॉक ड्रिल को सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है 7 स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस मॉक ड्रिल की जानकारी सामने आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने SDRF की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी तैयारियां समय की जरूरत हैं उनका कहना है कि अगर किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई हो तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं 8 कौतूहल के साथ सीख भी छोड़ गई ड्रिल—हालांकि शुरुआत में इस पूरी कार्रवाई ने लोगों को चौंका दिया लेकिन अंत में यह मॉक ड्रिल जागरूकता और सुरक्षा का संदेश देकर गई पर्यटकों ने भी SDRF टीम के कार्यों की सराहना की और कहा कि इस तरह के अभ्यास से प्रशासन की तैयारियों पर भरोसा बढ़ता है
0
0
Report

वन कर्मियों को संसाधन मिलेंगे: डूंगरपुर में रेस्क्यू किट और बाइक्स से सुरक्षा बढ़ेगी

Dungarpur, Rajasthan:हेडलाइन: अब संसाधनों से लैस होंगे वनकर्मी, वन्यजीव रेस्क्यू और गश्त के लिए विभाग ने उपलब्ध कराए वन्यजीव रेस्क्यू किट और बाइक्स एंकर इंट्रो: डूंगरपुर जिले में वन्यजीव संरक्षण और वन क्षेत्रों की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। लंबे समय से संसाधनों की कमी का सामना कर रहे वनकर्मियों को अब विभाग की ओर से सशक्त किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले की सभी 6 रेंजों के लिए वन्यजीव रेस्क्यू किट और वन क्षेत्रों में गश्त के लिए 11 नई बाइक्स उपलब्ध कराई गई हैं। वनकार्मिको को आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने से वन्यजीवों और आमजन को राहत मिलेगी। बॉडी: डूंगरपुर जिले में अक्सर आबादी क्षेत्रों में पैंथर, जरख या अन्य वन्यजीवों के आने पर वनकर्मियों को संसाधनों के अभाव में रेस्क्यू करने में भारी मशक्कत करनी पड़ती थी। कई बार मांग करने के बाद भी संसाधन उपलब्ध नहीं हो रहे थे, लेकिन आईएफएस मोहित गुप्ता के डूंगरपुर जिले के उपवन संरक्षक का पद संभालने के बाद उन्होंने वनकार्मिको को आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने के प्रयास शुरू किये। इसके परिणामस्वरूप केम्पा स्कीम में डूंगरपुर वन मंडल को वन्यजीव रेस्क्यू किट व बाइक्स मिली हैं। डूंगरपुर वन विभाग के एसीएफ गौतम मीणा ने बताया कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए 6 रेंजों में रेस्क्यू किटों का वितरण कर दिया गया है। इस किट में मगरमच्छों को पकड़ने के लिए जाल, पैंथर (तेंदुए) के लिए विशेष पिंजरे और घायल वन्यजीवों के उपचार के लिए आवश्यक उपकरण शामिल हैं। इन संसाधनों के आने से वन विभाग अब वन्यजीव रेस्क्यू कार्यों को और भी बेहतर ढंग से करने में सक्षम हो गया है। दुर्गम रास्तों पर अब बाइक से होगी पैनी नजर: डूंगरपुर वन विभाग के एसीएफ गौतम मीणा ने बताया कि रेस्क्यू किटों के अलावा वन क्षेत्रों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए विभाग ने 11 नई बाइक्स बेड़े में शामिल की हैं। घने जंगलों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर जहां चार पहिया वाहन नहीं पहुंच पाते थे, वहां अब वनकर्मी इन बाइक्स के जरिए आसानी से पहुंच सकेंगे। समय पर गश्त होने से जंगल में होने वाली अवैध कटाई और शिकार जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा। खासतौर पर गर्मी के मौसम में वनों में लगने वाली आग की सूचना मिलते ही कर्मचारी कम समय में मौके पर पहुँच सकेंगे। उन्होंने बताया कि वन कर्मिको को वन्यजीव रेस्क्यू किट का वितरण तो कर दिया गया है, वहीं बाइक्स का रजिस्ट्रेशन करवाकर सभी रेंज को जल्द ही सौंप दी जाएगी। बाइट: गौतम मीणा, एसीएफ, डूंगरपुर वन विभाग के इस कदम से वन्यजीव संरक्षण और वन क्षेत्र की सुरक्षा में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। संसाधनों की इस बढ़ोतरी से जिले के वनकर्मियों में उत्साह है, क्योंकि इससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और फील्ड में आने वाली चुनौतियों का वे बेहतर ढंग से सामना कर पाएंगे। इसके साथ वनकर्मियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने से वन्यजीवों और आमजन को राहत मिलेगी। अखिलेश शर्मा जी मीडिया डूंगरपुर
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top