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Rupesh MansureRupesh MansureFollow25 Sept 2024, 08:58 am
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बाजरे MSP से नीचे बिक रहा, किसान भारी नुकसान; सरकार खरीद कब शुरू करेगी?

Bhiwani, Haryana:भिवानी -बाजरे की आवक शुरू -700 रुपए कम कीमत पर बेचने को किसान मजबूर -2900 MSP वाला बाजरा 2200 तक खरीद रहे भिवानी की अनाज मंडी में बाजरे की आवक शुरू हो गई है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में किसान मजबूरन करीब 700 रुपए प्रति क्विंटल के नुकसान में बाजरा बेचने को मजबूर हैं। जहां सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2900 रुपए निर्धारित किया था, वही बाजरा प्राइवेट में आढ़ती 2200 रुपए तक खरीद रहे हैं। अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान भूरू ने कहा कि बाजरा व अन्य खरीफ फसलें खरीदने के लिए तैयारियां पूरी हैं। दो-तीन दिन से बाजरे की आवक भी शुरू हो गई है और किसान बाजरा लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं। लेकिन बाजरे की अभी सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई है और ना ही खरीद को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी दी गई है। सरकार को बाजरे की खरीद 20 या 25 सितंबर से शुरू करनी चाहिए, क्योंकि आवक शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि किसान बाजरा लेकर आता है। लेकिन सरकार द्वारा खरीदा नहीं जा रहा। अभी यह स्पष्ट तक नहीं किया गया है कि कब बाजरे की सरकारी खरीद की जाएगी। मजबूरन किसान औने-पौने भाव में बाजरा बेचकर जाता है। किसान को 2150-2200 रुपए प्रति क्विंटल बाजरा बेचना पड़ रहा है। जबकि सरकार ने बाजरे का एमएसपी 2900 रुपए तय किया था और अब बाजरा एमएसपी से करीब 700 रुपए कम बिक रहा है। उन्होंने कहा कि बाजरे की सरकारी खरीद शुरू करनी चाहिए और एमएसपी मिले। गांव हेतमपुरा निवासी सोमबीर ने बताया कि वे 2 ट्रैक्टर-ट्रालियों में बाजरा लेकर अनाज मंडी में बेचने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने आढ़तियों से पता किया तो जानकारी मिली कि सरकार अभी खरीद कर नहीं रही है। अगर बाजरे को प्राइवेट में बेचते हैं तो भारी नुकसान होगा। घर पर भी नहीं रख सकते। आगली फसल की बिजाई करनी है, उसके लिए भी खर्च की आवश्यकता होती है। प्राइवेट में 2200-2300 रुपए प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। जबकि सरकार ने एमएसपी 2900 रुपए तय किया है। उन्होंने कहा कि इस बार बारिश भी कम हुई है। जिसके कारण पैदावार भी प्रभावित हुई है। बाजरे की फसल की पैदावार में 50 प्रतिशत तक की कमी आई है। एक तो पैदावार कम हुई है, ऊपर से भाव भी कम मिल रहा है, जिसके कारण काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा देना चाहिए।
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पानीपत शुगर मिल ने 94.61% दक्षता से देश में पहला स्थान पाया

Panipat, Haryana:पुरानी मिल से नई उड़ान तक पानीपत शुगर मिल ने देश में बनाई पहचान गन्ने से गौरव तक पानीपत शुगर मिल ने देश में रचा इतिहास चीनी के साथ इथेनॉल बायो CNG की तैयारी पानीपत शुगर मिल देश में नंबर 1 करीब 30 करोड़ की बिजली बिक्री पानीपत। पानीपत की नई शुगर मिल ने तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल कर हरियाणा और पानीपत का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित “National Sugar and Bio-Industry Conclave 2026” में पानीपत शुगर मिल को वर्ष 2025-26 के लिए बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी व केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर की मौजूदगी में पानीपत के उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ और शुगर मिल के एमडी नवदीप सिंह व सभी टेक्निकल कर्मचारियों के साथ यह पुरस्कार प्राप्त किया गया। उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ ने बताया कि तकनीकी दक्षता के मामले में पानीपत शुगर मिल ने 94.61 प्रतिशत दक्षता हासिल की है, जो देशभर में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि मिल जितनी अधिक दक्षता से काम करेगी, उतनी ही अधिक मात्रा में चीनी का उत्पादन होगा और इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। सहकारी चीनी मिलों का मूल उद्देश्य किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाना है। चार साल की मेहनत का परिणाम शुगर मिल के एमडी नवदीप सिंह ने बताया कि इस उपलब्धि के पीछे मिल के इंजीनियरों, केमिस्टों और कर्मचारियों की पिछले चार वर्षों की लगातार मेहनत है। उन्होंने बताया कि 17 मार्च 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नई शुगर मिल का उद्घाटन किया था। इसके बाद से मिल की तकनीकी दक्षता और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर लगातार काम किया गया। पिछले पेराई सीजन में पानीपत शुगर मिल ने करीब 62 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की और लगभग 6.5 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया। इस सीजन में मिल के पास करीब 80 लाख क्विंटल गन्ने की उपलब्धता बताई गई है। बिजली बेचकर करीब 30 करोड़ रुपये की आय नई मिल में को-जनरेशन प्लांट के माध्यम से बिजली का उत्पादन भी किया जा रहा है। एमडी के अनुसार, पिछले वर्ष करीब 30 करोड़ रुपये की बिजली बेची गई। चीनी के अलावा शीरा (मोलासेस) सहित अन्य उप-उत्पादों से भी मिल को आय हो रही है। उन्होंने बताया कि 1956 में स्थापित पुरानी पानीपत शुगर मिल समय के साथ पुरानी हो गई थी और उसकी क्षमता सीमित थी। किसानों की बढ़ती जरूरत और क्षेत्र में उपलब्ध गन्ने को देखते हुए नई आधुनिक मिल की स्थापना की गई। अब इथेनॉल और बायो-CNG की तैयारी उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सहकारी चीनी मिलों को चीनी के साथ-साथ इथेनॉल और कंप्रेस्ड बायोगैस (बायो-CNG) के उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ने का सुझाव दिया है। पानीपत शुगर मिल भी इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा और पंजाब में पराली एक बड़ी समस्या है। पराली और मोलासेस जैसे संसाधनों का उपयोग कर बायो-CNG तैयार करने से किसानों को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है और पर्यावरण प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। हजारों मिलों के बीच हासिल की उपलब्धि एमडी नवदीप सिंह के अनुसार, देशभर की सहकारी चीनी मिलों के बीच आयोजित इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मिलों ने भाग लिया। तकनीकी दक्षता के आंकड़ों के आधार पर पानीपत शुगर मिल ने 94.61 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान हासिल किया। डॉ. हरीश वशिष्ठ ने इस उपलब्धि के लिए एमडी, इंजीनियरों, अधिकारियों, कर्मचारियों और पूरी तकनीकी टीम को बधाई दी। उन्होंने किसानों से सरकार की एफपीओ और सहकारी योजनाओं से जुड़कर उनका लाभ उठाने की अपील भी की। बाइट डॉ हरीश वशिष्ठ उपायुक्त बाइट नवदीप सिंह एमडी शुगर मिल
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हांसी में शहीद राव तुलाराम की प्रतिमा का अनावरण, भुलाया नहीं जाएगा बलिदान

Hansi, Haryana:हांसी हांसी पहुंचे केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, बोले- शहीदों को किसी भी सूरत में भूलने नहीं देंगे आरती राव के सीएम बनने के सवाल पर बोले राव इंद्रजीत दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर बोले- किसी और दिन पूछ लेना अच्छे से जवाब दूंगा हांसी। शहीदी दिवस के अवसर पर बुधवार को हांसी में अमर शहीद राव तुलाराम की प्रतिमा का अनावरण किया गया। दिल्ली रोड टी-पॉइंट पर नवनिर्मित शहीद राव तुलाराम चौक पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। कार्यक्रम का आयोजन मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन राजपाल यादव की ओर से किया गया। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और भिवानी-महेंद्रगढ़ सांसद धर्मवीर सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। पत्रकारों से बातचीत में राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आज गौरव का दिन है। शहीदों की धरती हांसी में अमर शहीद राव तुलाराम के नाम पर चौक बनाया गया और उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि देश अपने शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि राव तुलाराम ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया था। उनके संघर्ष और बलिदान से आज की पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने अहीरवाल समाज से एकजुट रहने का आह्वान भी किया।। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शहीदों को किसी भी सूरत में भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और राव तुलाराम समेत अन्य स्वतंत्रता सेनानियों का जिक्र करते हुए कहा कि अंग्रेजी शासन के दौरान कई वीरों के योगदान को इतिहास में पीछे करने के प्रयास हुए, लेकिन आजादी के बाद उनके बलिदान को सामने लाने का काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के समर्थन में मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर पिछले दिनों लगे नारों पर पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री से सवाल किया। इस पर राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आरती राव पहली बार विधायक बनी हैं और पहली बार पार्टी ने उन्हें मंत्री की जिम्मेदारी दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का चयन पार्टी नेतृत्व करता है। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व जो निर्णय करेगा, उसे सभी को स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में क्या होगा, इसके लिए पार्टी के निर्णय का इंतजार करना होगा। केंद्रीय मंत्री से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को लेकर दिए गए बयान पर भी सवाल किया गया। दीपेंद्र हुड्डा ने मुख्यमंत्री को लेकर कई आरोप लगाए थे। इस पर राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि इस सवाल का जवाब किसी और दिन पूछा जाए। उन्होंने इस सवाल पर विस्तार से प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
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चुनाव आयोग के खिलाफ महाभियोग की मांग तेज, कांग्रेस-समर्थन बढ़ा

New Delhi, Delhi:चुनाव आयोग के ऊपर महाभियोग लाना चाहिए तीन आदमी है दो की सहमति नहीं है एक की दादागिरी चल रही है तो ऐसे में मैं सबसे आवन करूंगा कि चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाना चाहिए अगले सत्र में हमें मुद्दे को उठाएंगे मैं सबसे अपील करना चाहता हूं कि ऐसे चुनाव आयुक्त को तुरंत हटाया जाए कांग्रेस का कुनबा लगातार बढ़ रहा है 2027 चुनाव में इसका एहसास हो जाएगा मैं कोई आप नहीं लग रहा किसी पर मैं तो वह बात कर रहा हूं जो इस वक्त जमीन पर है समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच चल रहे हैं आरोप प्रत्यारोप पर बोले इमरान मसूद मैं कोई आप नहीं लग रहा हूं मेरी सलाह है मानेंगे तो ठीक है नहीं मानेंगे तो भूखेंगे अगर गठबंधन नहीं करेंगे तो बंगाल बनने के लिए तैयार रही है सीनियर काठावर नेता अमीर आलमपुर सांसद मंत्री आज हमारे साथ जुड़े हैं ऐसे बहुत बड़े नेता हमारे साथ लगातार जोड़ रहे हैं यह सिलसिला चलता चल रहा है यह पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश की हवा को पलट कर रख देंगे राहुल गांधी ने माहौल बना दिया है हम उसको जैन-जन्म तक लेकर जाने की कोशिश कर रहे हैं। कैरेना से पूर्व सांसद अमीर आलम अपने बेटे विधायक और सैकड़ो कार्यकर्ताओं के साथ आज कांग्रेस का हाथ थाम लिया है मेरा कांग्रेस ज्वाइन करने के पीछे की वजह है कांग्रेस का नेतृत्व और उनकी नीतियां जो अभी रही है उसे मैं प्रभावित होकर कांग्रेस के साथ आया हूं चुनाव में एक माहौल बनता है और वह माहौल बन चुका है मैं समझता हूं कि 300 सिम इस बार उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की आने वाली है जो माहौल बना है राहुल गांधी के द्वारा
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नरेश मीणा को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत, टोंक जेल से रिहाई

Tonk, Rajasthan:टोंक नरेश मीणा टोंक जेल से रिहा, हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत नरेश मीणा को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बुधवार को टोंक जेल से रिहा कर दिया गया। हाईकोर्ट ने 22 सितंबर को नरेश मीणा की जमानत याचिका मंजूर की थी। नरेश मीणा करीब 50 दिनों तक जेल में रहे। जमानत मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें जेल से बाहर लाया गया। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार जमानत के दौरान नरेश मीणा को संबंधित थाने में हर महीने के पहले सप्ताह में उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके साथ ही अदालत ने जमानत अवधि में किसी अन्य अपराध में शामिल नहीं होने सहित अन्य शर्तें भी लगाई हैं। क्या है मामला? मामला 13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में हुई घटना से जुड़ा है। मतदान के दौरान तत्कालीन एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मारने का आरोप नरेश मीणा पर लगा था। घटना के बाद समरावता और आसपास के क्षेत्र में हिंसा, आगजनी और पथराव की घटनाएं हुई थीं। इसके बाद पुलिस ने नरेश मीणा को गिरफ्तार किया था। इस मामले में नरेश मीणा को पहले भी हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन जुलाई 2026 में विशेष अदालत द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद उन्हें दोबारा न्यायिक हिरासत में जाना पड़ा। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया, जहां से अब उन्हें फिर सशर्त जमानत मिली है।
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बूंदी में पंचायती राज के आरक्षण की लॉटरी; आठ पंचायत समितियों के पद तय

Jaipur, Rajasthan:बूंदी । नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद अब जिले में पंचायती राज चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को जिला मुख्यालय पर जिला परिषद वार्ड, पंचायत समिति सदस्यों और प्रधान पदों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की गई। प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, संभावित दावेदारों और अन्य लोगों की मौजूदगी रही。 जिला परिषद के कुल 27 वार्डों में आरक्षण तय किया गया। इनमें वार्ड नंबर 20 OBC सामान्य के लिए आरक्षित हुआ। SC वर्ग के लिए वार्ड 7, 9, 19, 26 और 27 तथा ST वर्ग के लिए वार्ड 1, 4, 6, 12, 14, 17 और 24 आरक्षित किए गए। इसके अलावा सामान्य वर्ग में महिला और सामान्य श्रेणी के वार्डों का भी निर्धारण किया गया。 जिले में अब कुल आठ पंचायत समितियां हैं। इनमें दबलाना, लाखेरी और खटकड़ नई पंचायत समितियां हैं। आठों पंचायत समितियों के प्रधान पदों का आरक्षण भी तय हुआ। तालेड़ा, हिंडोली और खटकड़ में प्रधान पद सामान्य महिला, नैनवां में सामान्य, बूंदी में OBC सामान्य, पाटन में SC महिला, दबलाना में SC सामान्य और लाखेरी में ST सामान्य के लिए आरक्षित किया गया。 आरक्षण प्रक्रिया के दौरान पर्चियां निकालने के लिए स्कूली छात्र-छात्राओं की मदद ली गई और पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने कहा कि पारदर्शिता के साथ आरक्षण प्रक्रिया पूरी की गई है。 अधिसूचना जारी होने के बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी。
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मध्य प्रदेश में यूपीआई MDR विरोध: दुकानदारों ने मशीनों पर काला कपड़ा डाल दिया

Morena, Madhya Pradesh:यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाए जाने के विरोध में आज मध्य प्रदेश में दुकानदारों ने ‘यूपीआई डे’ मनाया। विरोध के तौर पर कई दुकानदारों ने अपनी यूपीआई मशीनों और क्यूआर कोड पर काला कपड़ा डाल दिया और यूपीआई से भुगतान स्वीकार नहीं किया। दरअसल, यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर लगाए जाने की चर्चा के विरोध में व्यापारियों ने आज विरोध का यह तरीका अपनाया। दुकानदारों का कहना है कि यूपीआई आज छोटे-बड़े कारोबार में भुगतान का एक अहम माध्यम बन चुका है। ऐसे में इस पर किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। इसी के चलते आज कई दुकानों पर यूपीआई मशीन और क्यूआर कोड को काले कपड़े से ढककर विरोध दर्ज कराया गया। कुछ दुकानदारों ने ग्राहकों से यूपीआई की जगह नकद भुगतान करने की अपील भी की। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के बजाय अगर उस पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो इसका सीधा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ सकता है। फिलहाल, व्यापारियों के इस विरोध के बीच सवाल यही है कि यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर को लेकर सरकार और व्यापारिक संगठनों के बीच आगे क्या रुख सामने आता है।
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रायपुर: तीन अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच की घोषणा; अरुण साव का बड़ा बयान

Begun, Rajasthan:रायपुर उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बयान.. शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में महिला टीम के तीन अंतरराष्ट्रीय मैच होंगे- रायपुर में लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच हो रहे हैं, IPL और T20 के बाद अब महिला क्रिकेट मैच भी होंगे.. छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह गर्व की बात, हमारी बेटियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेल रही हैं.. सड़कों को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव का बयान- इस बार बारिश बहुत तेज और भारी हुई, स्वाभाविक रूप से कई जगह सड़कें खराब हुईं.. विभाग की ओर से लगातार गड्ढों को भरने का काम किया जा रहा है.. बारिश बंद होते ही नई सड़कों का काम शुरू होगा, आने वाले समय में सड़कों को लेकर किसी को असुविधा नहीं होगी.. कांग्रेस ने 5 साल में सड़कों पर काम किया होता तो आज ऐसी स्थिति नहीं होती.. हमारी सरकार बनने के बाद लगातार सड़कों का निर्माण और सुधार किया जा रहा है. धमतरी में 300 लोगों के प्रार्थना सभा के लिए आवेदन मसले पर कहा- धर्मांतरण को लेकर हमारी सरकार ने कठोर कानून बनाया है.. धर्मांतरण की किसी भी गतिविधि में संलिप्त पाए जाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी..
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23 सितम्बर को सूर्य विषुव पर, दिन-रात बराबर; आगे दक्षिण की ओर बढ़ेंगे दिन

Ujjain, Madhya Pradesh:आज 23 सितंबर को दिन-रात होंगे बराबर, दक्षिण की ओर बढ़ेगा सूर्य जीवाजी वेधशाला में यंत्रों के जरिए देखी गई खगोलीय घटना, now धीरे-धीरे छोटे होंगे day आज 23 सितंबर को सूर्य विषुवत रेखा के ऊपर है। इस वजह से आज दिन और रात लगभग बराबर होते हैं। अब सूर्य धीरे-धीरे दक्षिण की ओर बढ़ेगा, जिससे उत्तरी गोलार्ध में दिन छोटे और रातें बड़ी होने लगेंगी। उज्जैन की जीवाजी वेधशाला में इस खगोलीय घटना को यंत्रों के जरिए देखा गया। वेधशाला के अधीक्षक आरपी गुप्त ने बताया कि 23 सितंबर को सूर्य विषुवत रेखा यानी भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर लंबवत रहता है। इसी वजह से इस दिन दुनिया के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात की अवधि लगभग बराबर रहती है। पृथ्वी सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करती है, जिसके कारण हमें सूर्य की स्थिति सालभर कर्क रेखा से मकर रेखा के बीच बदलती हुई दिखाई देती है। साल में दो बार—21 मार्च और 23 सितंबर के आसपास—सूर्य विषुवत रेखा के ऊपर आता है। 23 सितंबर के बाद सूर्य धीरे-धीरे दक्षिणी गोलार्ध की ओर बढ़ेगा। इसका असर उत्तरी गोलार्ध पर भी दिखाई देगा। यहां दिन धीरे-धीरे छोटे और रातें लंबी होने लगेंगी। सूर्य की किरणों की तीव्रता में भी कमी आएगी और मौसम धीरे-धीरे ठंडा होने लगेगा। यह बदलाव 22 दिसंबर तक जारी रहेगा। 22 दिसंबर को सूर्य मकर रेखा के ऊपर होगा और उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे छोटा दिन और सबसे लंबी रात होगी। जीवाजी वेधशाला में इस खगोलीय घटना को विशेष यंत्रों के माध्यम से देखा और समझा गया। खास बात यह है कि विषुव के समय भूमध्य रेखा पर दोपहर के समय सूर्य लगभग सिर के ठीक ऊपर दिखाई देता है, जिससे वहां उस समय परछाई बेहद छोटी हो जाती है। बाइट -वेधशाला के अधीक्षक आरपी गुप्त
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बेमेतरा के स्कूलों की जर्जर हालत के बीच त्रैमासिक परीक्षाएं जारी: जलभराव और खराब सुविधाएं चिंता का विषय

Bemetara, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावे संदिग्ध नजर आ रहे हैं, क्योंकि ग्राम बैजी की शासकीय प्राथमिक शाला और लोलेसरा के हाई स्कूल में भवन, किचन शेड और शौचालय की स्थिति बेहद जर्जर है. कमजोर दीवारें, झड़ता प्लास्टर और बारिश में टपकती छत के बीच बच्चों की पढ़ाई जारी है. बारिश के दौरान स्कूल परिसर और खेल मैदान में जलभराव रहता है, जिसके कारण बच्चों को कीचड़ और पानी के बीच से होकर स्कूल आना पड़ता है. ऐसे में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठते हैं. स्कूल के किचन शेड और शौचालय भी खराब हैं; रसोइयों के अनुसार बारिश में छत से पानी टपकने की समस्या थी, जिसे रिपेयरिंग कर कुछ समय के लिए ठीक किया गया है. त्रैमासिक परीक्षाएं अभी चल रही थीं, और कक्षा आठवीं तक के बच्चों को ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न लिखकर परीक्षा कराई जा रही थी, जिसे मौजूदा शैक्षणिक व्यवस्था और संसाधनों की तस्वीर के तौर पर देखा जा रहा है. कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने बताया कि जिले में बालिका शौचालयों की स्वीकृति जारी है और वीबीजी रामजी योजना के तहत कन्वर्जेंस के माध्यम से कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं. जनपद आरईएस और बीईओ के संयुक्त सर्वे के अनुसार अति जर्जर, भवनविहीन और अतिरिक्त कक्षों की जरूरत वाले स्कूल चिन्हित किए गए हैं, जिनके लिए बजट प्रस्ताव तैयार हो रहे हैं और स्वीकृति मिलते ही आगे कदम उठाए जाएंगे.
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